सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और क्यों?...


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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate,RTI Activist , Motivational Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तो यह बड़ी अच्छी बात है कि आप दोनों में से चोरी करना चाहते हो और अगर लाइफ को अपलोड करना है तो प्राइवेट जॉब बहुत अच्छी है और गवर्नमेंट सिक्योरिटी हो जाती है आजकल वह भी उतना नहीं बचा यदि अपने आपको अपलोड करना है तो प्राइवेट में जाओ बिजनेस करो इतना सब कुछ है

sabse pehle toh yah badi achi baat hai ki aap dono me se chori karna chahte ho aur agar life ko upload karna hai toh private job bahut achi hai aur government Security ho jaati hai aajkal vaah bhi utana nahi bacha yadi apne aapko upload karna hai toh private me jao business karo itna sab kuch hai

सबसे पहले तो यह बड़ी अच्छी बात है कि आप दोनों में से चोरी करना चाहते हो और अगर लाइफ को अपल

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक जमाना ऐसा था कि जो सरकारी नौकरी थी उसको हम हमेशा बेहतर मानते थे प्राइवेट नौकरी कम काम है लेकिन आज की तारीख में जो प्राइवेट नौकरियां है उसमें आपके पास इतने बढ़िया ऑप्शन सा है जो कि सरकारी नौकरी है या प्राइवेट नौकरी में कौन सी नौकरी कर रहे हैं यह मैटर करता है क्योंकि प्राइवेट नौकरी में छोटी नौकरियां भी है बड़ी नौकरी आती है आपको अगर आप इंजीनियर है तो आप की शुरुआत हो सकता है कि आपकी ₹400000 महीने से ऊपर हो सकता है आप की शुरुआत 10000000 रुपए की सालाना तनखा से हो तो प्राइवेट नौकरियों के अंदर बराबर का स्तर नहीं है कौन सी प्राइवेट नौकरी है यह बहुत मटेरियल है जहां तक सरकारी नौकरियों का सवाल है सरकारी नौकरियों के अंदर जो सैलरी हैं वह शिक्षा है उसमें कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है और नौकरी के दौरान भी उसमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होती है और सरकारी जो सैलरी से बेसिक उसमें 3% और साली पड़ती है चाहे आप ज्यादा काम करें चाहे कम काम करें तो सरकारी नौकरियां तो जहां पर फ्रोजन है वह बेकार प्राइवेट सेक्टर की नौकरी Super जरूर बेहतर हैं लेकिन जो बेस्ट प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां हैं उनसे बेहतर नहीं है ऐसा मेरा मानना है

ek jamana aisa tha ki jo sarkari naukri thi usko hum hamesha behtar maante the private naukri kam kaam hai lekin aaj ki tarikh mein jo private naukriyan hai usme aapke paas itne badhiya option sa hai jo ki sarkari naukri hai ya private naukri mein kaun si naukri kar rahe hain yah matter karta hai kyonki private naukri mein choti naukriyan bhi hai badi naukri aati hai aapko agar aap engineer hai toh aap ki shuruat ho sakta hai ki aapki Rs mahine se upar ho sakta hai aap ki shuruat 10000000 rupaye ki salana tankha se ho toh private naukriyon ke andar barabar ka sthar nahi hai kaun si private naukri hai yah bahut material hai jaha tak sarkari naukriyon ka sawaal hai sarkari naukriyon ke andar jo salary hain vaah shiksha hai usme koi bahut zyada fark nahi padta hai aur naukri ke dauran bhi usme bahut zyada badhotari nahi hoti hai aur sarkari jo salary se basic usme 3 aur saali padti hai chahen aap zyada kaam kare chahen kam kaam kare toh sarkari naukriyan toh jaha par frozen hai vaah bekar private sector ki naukri Super zaroor behtar hain lekin jo best private sector mein naukriyan hain unse behtar nahi hai aisa mera manana hai

एक जमाना ऐसा था कि जो सरकारी नौकरी थी उसको हम हमेशा बेहतर मानते थे प्राइवेट नौकरी कम काम ह

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Gopalkrishna Vishwanath

Retired Engineer

1:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह कोई नहीं कह सकता किसी के लिए सरकारी नौकरी अच्छी है तो इसी के लिए प्राइवेट नौकरी और ऐसे भी लोग हैं जिनके लिए नौकरी करना ही गलत है मामला सरकारी प्राइवेट नहीं है काम क्या है क्या आप उसे खुश हैं आप क्या चाहते हैं पैसा या जॉब सिक्योरिटी और प्रतिष्ठा क्या आप वह काम करना चाहती हैं या आप मजबूरी से उस काम को कर रहे हैं एक भूत समझकर और बर्दाश्त कर रहे हैं मेरी कहानी सुनिए 28 साल तक मैंने एक सरकारी संस्थान के लिए काम किया 26 साल तक मैं खुश और संतुष्ट था तनख्वाह न कम न ज्यादा मेरा निर्वाह हो जाता था फिर ढाई साल तक प्राइवेट नौकरी की तनख्वाह दुगनी थी और 2 साल तक में उसी से काम किया किसी कारण व नौकरी छोड़नी पड़ी मुझे आखिर 10 साल तक मैंने अपनी खुद की कंपनी चलाई 9 साल तक सब ठीक-ठाक चल रहा था और आखरी साल में मुसीबत में फंस गया और मुझे मेरा उद्देश्य है कि आप काम से मतलब रखी है जहां आप खुश हैं वही काम कीजिए चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट

yah koi nahi keh sakta kisi ke liye sarkari naukri achi hai toh isi ke liye private naukri aur aise bhi log hain jinke liye naukri karna hi galat hai maamla sarkari private nahi hai kaam kya hai kya aap use khush hain aap kya chahte hain paisa ya job Security aur prathishtha kya aap vaah kaam karna chahti hain ya aap majburi se us kaam ko kar rahe hain ek bhoot samajhkar aur bardaasht kar rahe hain meri kahani suniye 28 saal tak maine ek sarkari sansthan ke liye kaam kiya 26 saal tak main khush aur santusht tha tankhvaah na kam na zyada mera nirvah ho jata tha phir dhai saal tak private naukri ki tankhvaah dugni thi aur 2 saal tak mein usi se kaam kiya kisi karan va naukri chhodni padi mujhe aakhir 10 saal tak maine apni khud ki company chalai 9 saal tak sab theek thak chal raha tha aur aakhri saal mein musibat mein fans gaya aur mujhe mera uddeshya hai ki aap kaam se matlab rakhi hai jaha aap khush hain wahi kaam kijiye chahen vaah sarkari ho ya private

यह कोई नहीं कह सकता किसी के लिए सरकारी नौकरी अच्छी है तो इसी के लिए प्राइवेट नौकरी और ऐसे

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

1:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों के अपने प्लस और माइनस पॉइंट सरकारी नौकरी है वह एक लिमिटेड टाइम पर होता है उसको ओवरटाइम कम होता है टेंशन होता है मेरे को तकलीफ होती है तू जो है उसमें सबको निकाल नहीं सकते हैं आपकी ट्रांसफर होते हैं तो वह एक सेफ जगह है लेकिन क्या है कि फिर वह उसमें आप एक कप एक रिश्ता होता जब चले आते रहते हैं शायद आपको बोर हो जाए लेकिन आप उसे निकल नहीं सकते कुछ नया ट्राई नहीं कर सकते आपको उसी में रहना है तो वह एक सिक्स पैक का हो जाता है जहां तक प्राइवेट नौकरी का सवाल है अगर आपको पसंद नहीं है तो आप छोड़ सकते हैं कुछ साल तक ब्रेक ले सकते हैं उसके बाद कर सकते हैं उसमें आपको इनसिक्योरिटी अटेवा पेंशन नहीं आता है अगर बॉस को पसंद है तो आप ऑफिस निकाल सकता है वह बोनस के प्रॉब्लम से पेंशन नहीं आता ठीक नहीं होती आपको अलग से प्लान लेना पड़ता है प्राइवेट आ जाओ और वहां पर क्या है कि प्राइवेट नौकरी में ओवर टाइम रहता है उसका शुद्ध टेंशन रहता है प्रेशर रहता है और छोटे भी बुलाते हैं तू ज्यादा स्कोर प्राइवेट नौकरी में रहता है और ऐसा भी होता है कि प्रमोशन वगैरह जो होता है वह अगर काम अच्छा होता है तो मिल भी जाता है तो तरक्की जो होती है वह शायद आधा फास्ट प्राइवेट नौकरी में होती है कंप्यूटर गवर्नमेंट की नौकरी लेकिन सेफ्टी long-term बेनिफिट्स फॉर गवर्मेंट की नौकरी में रहती है तो अगर आप ऐसे इंसान हैं जिनको एक स्टेबल एनवायरनमेंट चाहिए कुछ बेनिफिट्स चाहिए कुछ प्राइवेट टीचर ट्रेनिंग के बारे में सोच रहे हैं तो डेफिनटली आपके लिए एक कतार में नौकरी ही सही रहेगा

dono ke apne plus aur minus point sarkari naukri hai vaah ek limited time par hota hai usko overtime kam hota hai tension hota hai mere ko takleef hoti hai tu jo hai usme sabko nikaal nahi sakte hai aapki transfer hote hai toh vaah ek safe jagah hai lekin kya hai ki phir vaah usme aap ek cup ek rishta hota jab chale aate rehte hai shayad aapko bore ho jaaye lekin aap use nikal nahi sakte kuch naya try nahi kar sakte aapko usi mein rehna hai toh vaah ek six pack ka ho jata hai jaha tak private naukri ka sawaal hai agar aapko pasand nahi hai toh aap chod sakte hai kuch saal tak break le sakte hai uske baad kar sakte hai usme aapko inasikyoriti ateva pension nahi aata hai agar boss ko pasand hai toh aap office nikaal sakta hai vaah bonus ke problem se pension nahi aata theek nahi hoti aapko alag se plan lena padta hai private aa jao aur wahan par kya hai ki private naukri mein over time rehta hai uska shudh tension rehta hai pressure rehta hai aur chote bhi bulate hai tu zyada score private naukri mein rehta hai aur aisa bhi hota hai ki promotion vagera jo hota hai vaah agar kaam accha hota hai toh mil bhi jata hai toh tarakki jo hoti hai vaah shayad aadha fast private naukri mein hoti hai computer government ki naukri lekin safety long term benefits for government ki naukri mein rehti hai toh agar aap aise insaan hai jinako ek stable environment chahiye kuch benefits chahiye kuch private teacher training ke bare mein soch rahe hai toh definatali aapke liye ek katar mein naukri hi sahi rahega

दोनों के अपने प्लस और माइनस पॉइंट सरकारी नौकरी है वह एक लिमिटेड टाइम पर होता है उसको ओवरटा

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Rashmi Marathe- Lokapure

Keynote Speaker | Trainer

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी या प्राइवेट नौकरी कौन सी बेहतर है और मैं कहूंगी दोनों भी नहीं अगर आप वह नौकरी करने में खुश नहीं है आया आपको खुशी नहीं मिल रही है तो मैं तो यही चला दूंगी आप वही नौकरी कीजिए या वही काम कीजिए और नौकरी करें बिजनेस करे जो करना चाहे आपकी मन की मर्जी के मुताबिक हो आपकी खुशी की सबसे हो सरकारी और प्राइवेट नौकरी हर एक के अपने अपने फायदे हैं शान हैं तो यह मायने नहीं रखता कि आप कहां काम कर रहे हैं जरूर रखता है कि आप क्या काम कर रहे हैं और क्या आप वह काम करना पसंद कर रहे हैं अगर आप उस काम में खुश नहीं तो आप चाहे प्राइवेट नौकरी करें आपसे सरकारी नौकरी करे कहीं भी आप पैसे कमाने पाएंगे ना इज्जत कमा पाएंगे और ना आप खुद खुश रहेंगे तो खुद को किस चीज में करियर करना है क्या काम करना पसंद करते हैं यह पहले समझ ले सरकारी नौकरी के अपने अपने उसूल होते हैं अपने अपने काम करने का तरीका होता है प्राइवेट नौकरी में अपना काम करने का तरीका हमें बचपन से सिखाया जाता है कि सरकारी नौकरी ले लो टेंशन मिलेगी या 9 से 5 की नौकरी होती है और अच्छा होता है कुछ लोग कहते हैं कि प्राइवेट नौकरी कर लिया करो उसने ज्यादा पैसे तो काफी अच्छा पैसा होता है आप बाहर परदेस जा सकते हैं मुंह सभा व्यक्ति नहीं कर सकता है तब तक खुश नहीं रह सकता जब तक वह उसके पसंद का काम नहीं कर रहा है तो मैं तो यही कहूंगी कि सरकारी नौकरी हो या प्राइवेट नौकरी है वही बेहतर है जो आपके पसंद का काम है जो आपको खुश रखे जिसने आपका मन लगा रहे उसी में आप उच्चतम शिखर प्राप्त कर सकते हैं आप बेहतर काम कर सकते हैं

sarkari ya private naukri kaun si behtar hai aur main kahungi dono bhi nahi agar aap vaah naukri karne mein khush nahi hai aaya aapko khushi nahi mil rahi hai toh main toh yahi chala dungi aap wahi naukri kijiye ya wahi kaam kijiye aur naukri kare business kare jo karna chahen aapki man ki marji ke mutabik ho aapki khushi ki sabse ho sarkari aur private naukri har ek ke apne apne fayde shan hain toh yah maayne nahi rakhta ki aap kahaan kaam kar rahe hain zaroor rakhta hai ki aap kya kaam kar rahe hain aur kya aap vaah kaam karna pasand kar rahe hain agar aap us kaam mein khush nahi toh aap chahen private naukri kare aapse sarkari naukri kare kahin bhi aap paise kamane payenge na izzat kama payenge aur na aap khud khush rahenge toh khud ko kis cheez mein career karna hai kya kaam karna pasand karte hain yah pehle samajh le sarkari naukri ke apne apne usul hote hain apne apne kaam karne ka tarika hota hai private naukri mein apna kaam karne ka tarika hamein bachpan se sikhaya jata hai ki sarkari naukri le lo tension milegi ya 9 se 5 ki naukri hoti hai aur accha hota hai kuch log kehte hain ki private naukri kar liya karo usne zyada paise toh kaafi accha paisa hota hai aap bahar pardes ja sakte hain mooh sabha vyakti nahi kar sakta hai tab tak khush nahi reh sakta jab tak vaah uske pasand ka kaam nahi kar raha hai toh main toh yahi kahungi ki sarkari naukri ho ya private naukri hai wahi behtar hai jo aapke pasand ka kaam hai jo aapko khush rakhe jisne aapka man laga rahe usi mein aap ucchatam shikhar prapt kar sakte hain aap behtar kaam kar sakte hain

सरकारी या प्राइवेट नौकरी कौन सी बेहतर है और मैं कहूंगी दोनों भी नहीं अगर आप वह नौकरी करने

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साकेत कुमार

Senior Software Developer

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विच इस तरह की जो बातें हैं वो हमेशा स्पष्ट नहीं होती है आप इसे ऐसे समझें कि किसी के लिए उजला शर्ट अच्छा सस्ता है किसी को लालसोट अच्छा चलता है जिस तरह से आप अपने पसंद के कपड़े पहनते हैं उसी तरीके से लोग अपने हिसाब से जीवन का हर पल भी करते हैं यह पूरी की पूरी एक चॉइस है एक पूरा का पूरा एक जो है आप का चुनाव है कि आप सरकारी काम करना चाहते हैं कि प्राइवेट काम करना चाहते हैं दोनों के अपना दोनों के अपने नुकसान भी हैं भारत में गलत अवधारणा है किताब पहले सरकारी जॉब अप्लाई करते हैं सरकारी जॉब नहीं होता है तो प्राइवेट करने लगती है बहुत गलत धारणा है मुझे लग जा मैंने पूरी जिंदगी में सरकारी जॉब कभी अप्लाई नहीं किया है ना इस जिंदगी में किया है ना अगले जिंदगी में करूंगा क्योंकि मेरी जॉब भावना सरकारी जॉब की वह वैसी नहीं है जो कि मुझे सरकारी जॉब क्यों पूछ करें मैं सरकारी जॉब को ज्यादातर सरकारी जॉब को करप्शन का अड्डा मानता हूं खाली टाइम पास करने का एक जवाब मानता हूं मेरे जैसा आदमी 1 दिन में 10 घंटे काम ना करें तो उसे अच्छी नींद भी नहीं आएगी मेरे जैसे आदमी के लिए पर सरकारी जॉब बना नहीं है हमें यह नहीं कहता कि कोई सरकारी जॉब ऐसे नहीं है जहां पर काम नहीं होता बिल्कुल होता है लेकिन कम होते मैसेज पोस्ट और मुझे उत्तरा के रोल में इंटरेस्ट भी नहीं है तो आप क्यों नहीं कर सकते कि कौन सा जॉब अच्छा होता है जिसको ज्यादा पैसे चाहिए जज की ज्यादा महत्वाकांक्षा है उस पर जो मर जाना चाहिए प्राइवेट जॉब ज्यादा तय करती है बाथरूम कौन सी लोगों के लिए होती है

which is tarah ki jo batein hain vo hamesha spasht nahi hoti hai aap ise aise samajhe ki kisi ke liye ujalaa shirt accha sasta hai kisi ko lalsot accha chalta hai jis tarah se aap apne pasand ke kapde pehente hain usi tarike se log apne hisab se jeevan ka har pal bhi karte hain yah puri ki puri ek choice hai ek pura ka pura ek jo hai aap ka chunav hai ki aap sarkari kaam karna chahte hain ki private kaam karna chahte hain dono ke apna dono ke apne nuksan bhi hain bharat mein galat avdharna hai kitab pehle sarkari job apply karte hain sarkari job nahi hota hai toh private karne lagti hai bahut galat dharana hai mujhe lag ja maine puri zindagi mein sarkari job kabhi apply nahi kiya hai na is zindagi mein kiya hai na agle zindagi mein karunga kyonki meri job bhavna sarkari job ki vaah vaisi nahi hai jo ki mujhe sarkari job kyon puch kare main sarkari job ko jyadatar sarkari job ko corruption ka adda manata hoon khaali time paas karne ka ek jawab manata hoon mere jaisa aadmi 1 din mein 10 ghante kaam na kare toh use achi neend bhi nahi aayegi mere jaise aadmi ke liye par sarkari job bana nahi hai hamein yah nahi kahata ki koi sarkari job aise nahi hai jaha par kaam nahi hota bilkul hota hai lekin kam hote massage post aur mujhe uttara ke roll mein interest bhi nahi hai toh aap kyon nahi kar sakte ki kaun sa job accha hota hai jisko zyada paise chahiye judge ki zyada mahatwakanksha hai us par jo mar jana chahiye private job zyada tay karti hai bathroom kaun si logo ke liye hoti hai

विच इस तरह की जो बातें हैं वो हमेशा स्पष्ट नहीं होती है आप इसे ऐसे समझें कि किसी के लिए

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Vikas Singh

Political Analyst

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सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी में कौनसा बेटर है नौकरी देखिए दोनों अपने जगह बेटर है सरकारी नौकरी में क्या होता है कि शुरुआत में पैसा अधिक मिलता है और प्राइवेट नौकरी में आप जब जॉब ज्वाइन करते हो शुरू में पैसा आपको कब मिलता है सपोज करिए आपने इंजीनियरिंग किया हुआ है तो हो सकता है आपका स्टार्टिंग 10 12000 टो 15000 से 20000 से हो लेकिन वह 20 हजार से स्टार्टिंग जो होता है उसका अंत कहीं और होता है वह डेढ़ लाख दो लाख तीन लाख 400004 लाख तक जाता है लेकिन सरकारी नौकरी में क्या होता है कि 30 40 हजार पचास हजार से स्टार्टिंग होती है अगर 50 हजार से स्टार्टिंग होती है तो वह जाते जाते 6065 पर खत्म हो जाता है यही अंतर है सरकारी नौकरी शुरू में पैसा अधिक देती है प्राइवेट नौकरी में कम पैसा मिलता है प्राइवेट नौकरी नौकरी में ग्रोथ काफी अधिक होता है सरकारी नौकरी में ग्रोथ कम होता है धन्यवाद

sarkari naukri aur private naukri mein kaunsa better hai naukri dekhiye dono apne jagah better hai sarkari naukri mein kya hota hai ki shuruat mein paisa adhik milta hai aur private naukri mein aap jab job join karte ho shuru mein paisa aapko kab milta hai suppose kariye aapne Engineering kiya hua hai toh ho sakta hai aapka starting 10 12000 toe 15000 se 20000 se ho lekin vaah 20 hazaar se starting jo hota hai uska ant kahin aur hota hai vaah dedh lakh do lakh teen lakh 400004 lakh tak jata hai lekin sarkari naukri mein kya hota hai ki 30 40 hazaar pachaas hazaar se starting hoti hai agar 50 hazaar se starting hoti hai toh vaah jaate jaate 6065 par khatam ho jata hai yahi antar hai sarkari naukri shuru mein paisa adhik deti hai private naukri mein kam paisa milta hai private naukri naukri mein growth kaafi adhik hota hai sarkari naukri mein growth kam hota hai dhanyavad

सरकारी नौकरी और प्राइवेट नौकरी में कौनसा बेटर है नौकरी देखिए दोनों अपने जगह बेटर है सरकारी

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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सरकारी नौकरी भी बेहतर है और प्राइवेट नौकरी भी रहता है किंतु दोनों की परिस्थितियां अलग अलग है जवाब का लिंग किस सन में इतनी टॉप होते हैं कि आपका सिलेक्शन सरकारी नौकरी में हो जाता है उसमें सरकारी नौकरी करता है किंतु जवाब सरकारी नौकरी में सिलेक्शन नहीं हो पाते हैं तो प्राइवेट नौकरी मजबूरी का नाम है अपना व्यवसाय कर लेते तो यह तो बहुत उत्तम बात है किंतु यदि अपना व्यवसाय नहीं कर पाते हैं तो प्राइवेट नौकरी करते हैं मेरे विचार से दोनों में संतोष सबसे बड़ी चीज है अब तक संतोष नहीं है तब तक तो सरकारी नौकरी बेकार है और प्राइवेट नौकरी बेकार है जब संतोष हो गया वह सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी अच्छी है प्राइवेट नौकरी में भी आप देखते हो कि कई बार इतना अधिक अच्छा कमाते हैं लोग कि सरकारी नौकरी में जितना नहीं मिल पाता उससे अच्छा कमा लेते हैं

sarkari naukri bhi behtar hai aur private naukri bhi rehta hai kintu dono ki paristhiyaann alag alag hai jawab ka ling kis san mein itni top hote hain ki aapka selection sarkari naukri mein ho jata hai usme sarkari naukri karta hai kintu jawab sarkari naukri mein selection nahi ho paate hain toh private naukri majburi ka naam hai apna vyavasaya kar lete toh yah toh bahut uttam baat hai kintu yadi apna vyavasaya nahi kar paate hain toh private naukri karte hain mere vichar se dono mein santosh sabse badi cheez hai ab tak santosh nahi hai tab tak toh sarkari naukri bekar hai aur private naukri bekar hai jab santosh ho gaya vaah sarkari naukri private naukri achi hai private naukri mein bhi aap dekhte ho ki kai baar itna adhik accha kamate hain log ki sarkari naukri mein jitna nahi mil pata usse accha kama lete hain

सरकारी नौकरी भी बेहतर है और प्राइवेट नौकरी भी रहता है किंतु दोनों की परिस्थितियां अलग अलग

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Vishal Patil

FOUNDER & DIRECTOR - BRAIN SOLUTIONS

0:41

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गवर्नमेंट जॉब इज बेटर टो सी पलकों में मिल रहा है लेकिन प्राइवेट पर आपकी याद आती है प्राइवेट जॉब में आपको अपने हिसाब से ग्रुप में मिलता है और आप जहां चाचा जी आप क्या करती है आप जॉब

government job is better toe si palakon mein mil raha hai lekin private par aapki yaad aati hai private job mein aapko apne hisab se group mein milta hai aur aap jaha chacha ji aap kya karti hai aap job

गवर्नमेंट जॉब इज बेटर टो सी पलकों में मिल रहा है लेकिन प्राइवेट पर आपकी याद आती है प्राइवे

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देखिए job.in प्राइवेट जॉब B.ED गवर्नमेंट जॉब इन रिलायंस होता है आराम से कर सकते हैं या स्टेटस वाला काम होता है बैटर सुंदर करता हूं तो आपको ऐसी जगह पर दो ₹200000 कमा सकते हो अपडेट करते मिलते फोटो लगा लोगे आपका आज लग रहा होगा कि भविष्य के लिए मैं आऊंगा आपको अपने क्वालिटी फुंटरू करने का मौका नहीं मिलेगा आपको आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलेगा और गवर्नमेंट जॉब में नेताओं का की मां-बाप को लगता है कि मेरा बच्चा गवर्नमेंट जॉब में जा कर यह साबित कर सकता हूं तू छोड़ के और भी आगे बढ़ने की कोशिश करोगे

dekhie job.in private job B.ED government in reliance hota hai aaram se kar sakte hain ya status vala kaam hota hai better sundar karta hoon toh aapko aisi jagah par do Rs kama sakte ho update karte milte photo laga loge aapka aaj lag raha hoga ki bhavishya ke liye main aaunga aapko apne quality funtaru karne ka mauka nahi milega aapko aage badhne ka mauka nahi milega aur government mein netaon ka ki maa baap ko lagta hai ki mera baccha government mein ja kar yeh saabit kar sakta hoon tu chod ke aur bhi aage badhne ki koshish karoge

देखिए job.in प्राइवेट जॉब B.ED गवर्नमेंट जॉब इन रिलायंस होता है आराम से कर सकते हैं या स्ट

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Rahul Kumar Prajapati

Director, ACME Study Point

0:52
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हमारे को जवाब देने वाला बनना चाहिए आप टाइप करने वाला समय छोड़ देना चाहिए जॉब क्रिएट करेंगे तो ज्यादा बैटर होगा जैसे मैं अभी तक मुझे लगता है कि मैं सरकारी नौकरी कैसा सैलेरी पाता हूं और अपना एक्सपीरियंस और अपना काम अंधेरे में क्या गोरमेंट जॉब में कितना अमाउंट मिलना है मुझे चलते रहना है तो वह मुझे मेरे साथ तो वह मुझे करना रहता तो मैं निकट स्टमक इन सब चीजों के लिए कहानी में जाऊं कॉलेज में बढ़ाओ

hamare ko jawab dene vala banana chahiye aap type karne vala samay chod dena chahiye job create karenge toh zyada better hoga jaise main abhi tak mujhe lagta hai ki main sarkari naukri kaisa salary pata hoon aur apna experience aur apna kaam andhere mein kya garment job mein kitna amount milna hai mujhe chalte rehna hai toh wah mujhe mere saath toh wah mujhe karna rehta toh main nikat stomach in sab chijon ke liye kahani mein jaaun college mein badhao

हमारे को जवाब देने वाला बनना चाहिए आप टाइप करने वाला समय छोड़ देना चाहिए जॉब क्रिएट करेंगे

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HIMANSHU SINGH

Educator And Career Guidance For Student

1:38
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देखी आजकल जो हम देख रहे हैं पर पूरे भारतवर्ष में 3 परसेंटेज सरकारी नौकरी और 10% जो है आपके प्राइवेट नौकरियां लेकिन हम प्राइवेट नौकरी परिदृश्य जोर नहीं देते हैं क्योंकि हमें जो है आदतन पड़ गई है एक नाकाम करने की और प्राइवेट की नौकरी में हमें अधिकतर काम करना पड़ता है और उसका पैसे भी थोड़े कम मिलते हैं बॉस के लिए प्राइवेट नौकरी है जहां पैसे भी अच्छे खासे मिलते हैं और काम भी करना पड़ता है लेकिन सरकारी में हम एक्सएक्ससीएक्स क्योरिटी होती है कि हमें कोई नौकरी से हटा सकता लेकिन बस इसी सिक्योरिटी के कारण सरकारी नौकरियों की तैयारियों में पदों की नस सूख जाते हैं और अगर कोई एवरेज एनुअल रेस्टोरेंट होता है तो वह जो अपना एक्सपीरियंस कमा सकता है जो प्राइवेट नौकरी करते हैं वह भी वह गवा देता अपना साल और सरकारी नौकरी के चक्कर में प्राइवेट के लायक भी नहीं रह पाता है तो मेरे हिसाब से दोनों ही बेहतर है बस सत्याग्रह के अंदर टीका पर बैठी है सरकारी नौकरी लेने की तबीयत सरकारी क्षेत्र में जाइए आप अपना देख लीजिए कि मेरा स्थल कहां है अगर में सरकारी नौकरी पा सकता हूं नहीं पा सकता हूं कि मैं मेरे अंदर की मेहनत करने की क्षमता है या नहीं है अगर मेहनत करने की क्षमता है तभी क्षेत्र में आगे चाहिए क्योंकि इस कंपटीशन एक लाइन है उसमें अगर निकाल निकालने वाला है तो 1 साल में भी निकाल सकता और नहीं निकालना इटानगर तो तीन-चार साल भी नहीं काफी समय लगता है कंपटीशन सिलाई में तो समझिए आपके लिए क्या बेहतर होगा उम्मीद करता हूं मेरे आपसे सहमत हो तो लाइक जरूर कीजिएगा धन्यवाद

dekhi aajkal jo hum dekh rahe hain par poore bharatvarsh mein 3 percentage sarkari naukri aur 10 jo hai aapke private naukriyan lekin hum private naukri paridrishya jor nahi dete hain kyonki hamein jo hai adatan pad gayi hai ek nakam karne ki aur private ki naukri mein hamein adhiktar kaam karna padta hai aur uska paise bhi thode kam milte hain boss ke liye private naukri hai jaha paise bhi acche khase milte hain aur kaam bhi karna padta hai lekin sarkari mein hum XXCX kyoriti hoti hai ki hamein koi naukri se hata sakta lekin bus isi Security ke karan sarkari naukriyon ki taiyariyon mein padon ki nas sukh jaate hain aur agar koi average annual restaurant hota hai toh vaah jo apna experience kama sakta hai jo private naukri karte hain vaah bhi vaah gawa deta apna saal aur sarkari naukri ke chakkar mein private ke layak bhi nahi reh pata hai toh mere hisab se dono hi behtar hai bus satyagrah ke andar tika par baithi hai sarkari naukri lene ki tabiyat sarkari kshetra mein jaiye aap apna dekh lijiye ki mera sthal kahaan hai agar mein sarkari naukri paa sakta hoon nahi paa sakta hoon ki main mere andar ki mehnat karne ki kshamta hai ya nahi hai agar mehnat karne ki kshamta hai tabhi kshetra mein aage chahiye kyonki is competition ek line hai usme agar nikaal nikalne vala hai toh 1 saal mein bhi nikaal sakta aur nahi nikalna itanagar toh teen char saal bhi nahi kaafi samay lagta hai competition silai mein toh samjhiye aapke liye kya behtar hoga ummid karta hoon mere aapse sahmat ho toh like zaroor kijiega dhanyavad

देखी आजकल जो हम देख रहे हैं पर पूरे भारतवर्ष में 3 परसेंटेज सरकारी नौकरी और 10% जो है आपके

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fighter

Counselor & Coach

3:35
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सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है वाक्यों बहुत बढ़िया सवाल प्राइवेट नौकरी में गलती से अपनी स्पीड पकड़ लिया तो कोई आंटी नहीं है कोई सीमा ही नहीं है कोई दायरा ही नहीं है पत्नी कहां से कहां तक यह सरकारी नौकरी में पॉसिबल नहीं है यदि उनके बड़े लिमिटेशंस होते हैं हां यह जरूर है यह का पिक्चर दो किसी की नजर में आते हैं जो खुद बहुत बड़ा सरकारी नौकर होता है या खुद बहुत बड़ा पॉलिटिशन हो आपको आगे लेकर जाता है रोज साहब ठीक है क्या करना चाहिए उसका फिल्म चाहिए जिसमें कोई रूल नहीं है यह करो यह बस इसी के एक हद तक दोनों समान है कुछ गलत नहीं है परिषद के बाद प्राइवेट में पैसा ज्यादा है रुतबा कम है सरकारी नौकरी से और पावर भी कम है पर सरकारी में ज्यादा है तो पोजीशन दोनों का बराबर है यह एक तरफ से प्राइवेट वाले भी मोरालेस बराबर प्राइवेट नौकरी मिलना ज्यादा साथ और प्राइवेट नाचते हैं शुरू में ही पहले दिन से ही चलना बाकियों से वासियों के मुकाबले में बस आपके पास अगर यह चार चीजें हो रिजर्वेशन में अच्छे नंबर जिसकी वजह से आप अच्छे कोई आपने पीजी किया है या प्रोफेशनल कुछ किया है और यह दोनों आपने बहुत अच्छी संस्था से करिए नाम ही संस्था प्रचलित और आखरी बार आपको अंग्रेजी अच्छे गीत चार बातें जवाब मिला लेते ना तो प्राइवेट नौकरी आपको छलांग बर्बादी है एकदम ठीक है ना और बताइए मुझे क्या करना चाहिए आप हो जी अगर यह चार बातें हैं आप के पास प्राइवेट नौकरी में जाना चाहिए हिंदी मीडियम में सरकार बहुत प्रोत्साहन करती है हिंदी मीडियम कोई नहीं तमिलनाडु में हमको ठीक है ना प्रसाद तो आप मीडियम से हैं आप प्लीज सरकारी नौकरी प्राइवेट में मीडियम एक ही है आपको अच्छा लगे वह इंग्लिश

sarkari naukri ya private naukri kaun sa behtar hai vaakyon bahut badhiya sawaal private naukri mein galti se apni speed pakad liya toh koi aunty nahi hai koi seema hi nahi hai koi dayara hi nahi hai patni kahan se kahan tak yah sarkari naukri mein possible nahi hai yadi unke bade Limitations hote hain haan yah zaroor hai yah ka picture do kisi ki nazar mein aate hain jo khud bahut bada sarkari naukar hota hai ya khud bahut bada politician ho aapko aage lekar jata hai roj saheb theek hai kya karna chahiye uska film chahiye jisme koi rule nahi hai yah karo yah bus isi ke ek had tak dono saman hai kuch galat nahi hai parishad ke baad private mein paisa zyada hai rutbaa kam hai sarkari naukri se aur power bhi kam hai par sarkari mein zyada hai toh position dono ka barabar hai yah ek taraf se private waale bhi morales barabar private naukri milna zyada saath aur private naachte hain shuru mein hi pehle din se hi chalna baakiyon se vasiyo ke muqable mein bus aapke paas agar yah char cheezen ho reservation mein acche number jiski wajah se aap acche koi aapne PG kiya hai ya professional kuch kiya hai aur yah dono aapne bahut achi sanstha se kariye naam hi sanstha prachalit aur aakhri baar aapko angrezi acche geet char batein jawab mila lete na toh private naukri aapko chalang barbadi hai ekdam theek hai na aur bataiye mujhe kya karna chahiye aap ho ji agar yah char batein hain aap ke paas private naukri mein jana chahiye hindi medium mein sarkar bahut protsahan karti hai hindi medium koi nahi tamil nadu mein hamko theek hai na prasad toh aap medium se hain aap please sarkari naukri private mein medium ek hi hai aapko accha lage vaah english

सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है वाक्यों बहुत बढ़िया सवाल प्राइवेट नौकरी में

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Vipin Gaur

Musician | Teacher

1:43
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देखिए जहां तक भारत का सवाल है वहां सरकारी नौकरी के मामले में उल्टी मामला है तो मैं तो अभी से आप हो हंसी में ले जाया वास्तविकता में लेकिन अगर आप गहराई से नजर डालेंगे तो बात नहीं है सरकारी नौकरी जिनका शरीर ठीक से मतलब प्रति में ना हो और जो बहुत कम काम करके ज्यादा पैसे रनिंग करना चाहते हो तो सरकारी नौकरी सबसे बढ़िया सा गाना शुरू में यानी स्टार्टिंग में थोड़ी मेहनत कर लीजिएगा भारत का लुलिया बन चुका है बना हुआ है काफी समय सभी कर्मचारी उसी में चल रहे हैं उसी स्थिति में है और जिसके बॉडी में वह तेजी हो यानी पूर्ति में हो जो और जो मेहनत करना चाहता हूं देश के लिए कुछ करना चाहता हो वह उसके लिए प्राइवेट नौकरी सही है हालांकि ईमानदारी से काम करने वाले सरकारी नौकरी में भी ईमानदारी से काम करते इमानदारी से काम करने का मतलब है कि अपने दर्द को ठीक करने का समय पर पहुंचे और अपना काम ठीक से करें और ऐसे लोग मात्र सरकारी नौकरी में आप अगर नजर डालें तो केवल 10 परसेंट ही मिलेंगे तो आप खुद चयन करना कि आपको क्या करना है सरकारी या प्राइवेट आपका दिन शुभ हो

dekhiye jaha tak bharat ka sawaal hai wahan sarkari naukri ke mamle mein ulti maamla hai toh main toh abhi se aap ho hansi mein le jaya vastavikta mein lekin agar aap gehrai se nazar daalenge toh baat nahi hai sarkari naukri jinka sharir theek se matlab prati mein na ho aur jo bahut kam kaam karke zyada paise running karna chahte ho toh sarkari naukri sabse badhiya sa gaana shuru mein yani starting mein thodi mehnat kar lijiega bharat ka luliya ban chuka hai bana hua hai kaafi samay sabhi karmchari usi mein chal rahe hain usi sthiti mein hai aur jiske body mein vaah teji ho yani purti mein ho jo aur jo mehnat karna chahta hoon desh ke liye kuch karna chahta ho vaah uske liye private naukri sahi hai halaki imaandaari se kaam karne waale sarkari naukri mein bhi imaandaari se kaam karte imaandari se kaam karne ka matlab hai ki apne dard ko theek karne ka samay par pahuche aur apna kaam theek se kare aur aise log matra sarkari naukri mein aap agar nazar Daalein toh keval 10 percent hi milenge toh aap khud chayan karna ki aapko kya karna hai sarkari ya private aapka din shubha ho

देखिए जहां तक भारत का सवाल है वहां सरकारी नौकरी के मामले में उल्टी मामला है तो मैं तो अभी

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

2:03
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सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी में अंतर यह है कि सरकारी नौकरी लग जाती है वह परमेंट होती है जब तक जिंदा रहते हैं तो फिर चलती रहती है अब प्राइवेट नौकरी का ही है कि दिमाग खराब हो गया माफ कर दे जरा सा प्लस पर कहना नहीं माना जरा सा अपने उस पर थोड़ा सा काम में डिलीट कर दिया छुट्टी कर देगा आपकी इसलिए गवर्नमेंट जॉब जो है जो अच्छी रहती है इसलिए करते हैं कि ड्यूटी रहती है सो लेते रहती है प्राइवेट में जॉब में छुट्टियां कब होती है या नहीं होती है और सरकारी जॉब में सूरते हैं प्राइवेट वाले का कप्तानी आपको छुट्टी देगा सरकारी में 9:00 बज गए हैं 5:30 बजे छुट्टी हो जाएगी आपकी कुछ जरूरी काम है तो कभी-कभी रुकना पड़ता है प्राइवेट वालों तो सारे काम ही शाम को निकाल कर देगा आपको जवाब का छुट्टी का टाइम होगा तो काम निकाल कर देगा तब क्या करोगे के लिए है जिससे लड़कियों के लिए है और इस समय सारे डिपार्टमेंट्स में हर डिपार्टमेंट बहुत जॉब नहीं कर रही है सही करो नेट पर देखो हजारों की तादाद में जॉब है तो आप उस पर ट्राई करो कहीं ना फिर सफलता मिलेगी आपको कोई भी डिपार्टमेंट हो गवर्नमेंट जॉब कर रही है उसे खाली हो रही है ट्राई करो ऑल द बेस्ट

sarkari naukri private naukri mein antar yah hai ki sarkari naukri lag jaati hai vaah parment hoti hai jab tak zinda rehte hain toh phir chalti rehti hai ab private naukri ka hi hai ki dimag kharab ho gaya maaf kar de zara sa plus par kehna nahi mana zara sa apne us par thoda sa kaam mein delete kar diya chhutti kar dega aapki isliye government jo hai jo achi rehti hai isliye karte hain ki duty rehti hai so lete rehti hai private mein job mein chhutiyan kab hoti hai ya nahi hoti hai aur sarkari job mein surte hain private waale ka kaptani aapko chhutti dega sarkari mein 9 00 baj gaye hain 5 30 baje chhutti ho jayegi aapki kuch zaroori kaam hai toh kabhi kabhi rukna padta hai private walon toh saare kaam hi shaam ko nikaal kar dega aapko jawab ka chhutti ka time hoga toh kaam nikaal kar dega tab kya karoge ke liye hai jisse ladkiyon ke liye hai aur is samay saare departments mein har department bahut job nahi kar rahi hai sahi karo net par dekho hazaro ki tadad mein job hai toh aap us par try karo kahin na phir safalta milegi aapko koi bhi department ho government kar rahi hai use khaali ho rahi hai try karo all the best

सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी में अंतर यह है कि सरकारी नौकरी लग जाती है वह परमेंट होती है जब

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नौकरी प्राइवेट भी बेहतर है नौकरी गवर्नमेंट की भी बेहतर है अगर आप ऐसा सोचते हैं कि गवर्नमेंट की नौकरी करने से ही आपको सारी जिंदगी में एक अच्छा जीवन मिलेगा तो ऐसा नहीं है कि अच्छा करते लोग प्राइवेट में भी अच्छा काम करते हैं

naukri private bhi behtar hai naukri government ki bhi behtar hai agar aap aisa sochte hain ki government ki naukri karne se hi aapko saree zindagi mein ek accha jeevan milega toh aisa nahi hai ki accha karte log private mein bhi accha kaam karte hain

नौकरी प्राइवेट भी बेहतर है नौकरी गवर्नमेंट की भी बेहतर है अगर आप ऐसा सोचते हैं कि गवर्नमें

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Jai Prakash Pandey

Hindi Literature & Rural Banking

8:51
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मेरा नाम विजय प्रकाश पांडे है मैंने 2 डिग्री कॉलेज जबलपुर सेट किया हुआ है और मैंने जो भी संगठन ने एक बड़े अच्छे भेज रहे हमें 90000 महिलाओं के बीच में माइक्रो फाइनेंस ग्रुप गए और उसके तनु और उसकी बड़ी अच्छी-अच्छी रिजल्ट आए और लोगों ने माना ओर से बहुत-बहुत और जिंदगी बिजनेस फंड गया और 2 फीट का एक एक्सीडेंट हुआ इसके बाद मैं डायरेक्टर हुआ रूम एंप्लॉयमेंट ट्रेंनिंग कॉलेज उमरिया डिस्ट्रिक्ट में आज मेरे एक दोपहर रेंज संतुलन भी प्रकाशित हो चुका है यह कहानी और काफी रूचि है पिछले 30 साल से आकाशवाणी पर मेरे फ्रेंड कहानी प्रकाशित होते रहे हैं और आगे देखें गांव में जो प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में जैन मंदिर के पैदा हुई और वे लगातार है जो रिपोर्ट इलाके गरीब बच्चे गरीब लोगों के बीच में जाकर में और उसी के तहत में कितना एक्सपीरियंस शेयर कर रहा हूं मैं इंटरनेट कमरिया में खुला और उस समय उसको लक्ष्मी जवाई जिला रिबूट इलाके में दूरदराज के जंगली इलाके में जो गांव में हुए हैं वहां के युवा युवतियों को डॉट यूके के अनुसार ना भटके हैं इसके तहत जो 18 साल से 43 साल के बीच के लड़के लड़कियों को बीच में गांव में जाकर उसके अंदर की प्रतिभा खोज करते थे अब लगा के अंदर से बहुत दूर नहीं है बहुत गरीब है उतारे मजबूरियों का उनके अंदर का अंदर के अंदर जो पति को छुट्टी थी उसको उनके सामने दिखता है कि देखो आपसे मिलकर करें कि अच्छे लोगों को बुलाकर उनसे के अंदर जो भी प्रतिभा छुपी थी उसको बाहर निकालने की कोशिश करते थे और उसके बाद 25 दिन के बाद जिस 21 तारीख से बांद्रा गांव के लोगों को तैयार तो सारे लड़के की शादी अंबे ड्राइविंग का कुछ दिन तक ड्राइविंग कोर्स कराया उस दौरान के अंदर सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट और हार्ड स्टूडेंट एंड लाइफ़स्टाइल पर हम लोग बहुत काम किया और हमें बहुत अच्छे इंसान बनते जा रहे थे मैंने के अंदर टाटा किया और पंजाब में ड्राइवरी की नौकरी दी थी या कुछ लोगों को फ्री रहते हैं उनको छोटी गाड़ी की जांच करके मुंबई से चला रहे हैं और मैं वहां यह दिए गए और मैं मुझे जो ₹10 प्रतिमा लक्ष्मण के चक्कर में फस के बर्बाद होने की दिशा में चूत में चूत उन्होंने ऐलान किया कि आगे आने वाली पीढ़ियों को भाजपा को मिला उनको अच्छा व्यवहार करना है कैसे करना है समाज के बीच में उसकी उसकी ट्रेडिंग मिली और इंसान के रूप हमारी जाते रहे थे नूर था 3 साल में करीब 4 बच्चों को शामिल लोग कहीं अच्छी-अच्छी जोड़ों में कोई सरकारी नौकरी तो है कोई अपना खुद का व्यवसाय कर रहा है कोई अच्छे मिलते हैं मिलते हैं पैरों में गिर जाते हैं उमरिया मध्य प्रदेश में चारों शुक्ला व्यवहार को सुबह की परिधि में जो काम करते हैं उनके भी ट्रेनिंग पर क्यों एंप्लॉयमेंट से लगाया और मछली पालन दिखाइए से कोर्स किए जिसमें हंड्रेड परसेंट लोग अपना शरीर से गरीब बच्चों को रिपोर्ट इलाके के गरीब बच्चों के बीच में जाते उनके अंदर एक नई ऊर्जा का नया प्रकाश दिया और उनके सब लोगों के बीच में एक बहुत अच्छा इंसान बनने का जज्बा पैदा किया और अच्छे इंसान लाइफ

mera naam vijay prakash pandey hai maine 2 degree college jabalpur set kiya hua hai aur maine jo bhi sangathan ne ek bade acche bhej rahe hamein 90000 mahilaon ke beech mein micro finance group gaye aur uske tanu aur uski badi achi achi result aaye aur logo ne mana aur se bahut bahut aur zindagi business fund gaya aur 2 feet ka ek accident hua iske baad main director hua room employment training college Umaria district mein aaj mere ek dopahar range santulan bhi prakashit ho chuka hai yah kahani aur kaafi ruchi hai pichle 30 saal se aakashwani par mere friend kahani prakashit hote rahe hain aur aage dekhen gaon mein jo pratishthit patra patrikaon mein jain mandir ke paida hui aur ve lagatar hai jo report ilaake garib bacche garib logo ke beech mein jaakar mein aur usi ke tahat mein kitna experience share kar raha hoon main internet kamriya mein khula aur us samay usko laxmi javai jila ribut ilaake mein durdaraj ke jungli ilaake mein jo gaon mein hue hain wahan ke yuva yuvatiyon ko dot UK ke anusaar na bhatke hain iske tahat jo 18 saal se 43 saal ke beech ke ladke ladkiyon ko beech mein gaon mein jaakar uske andar ki pratibha khoj karte the ab laga ke andar se bahut dur nahi hai bahut garib hai utare majburiya ka unke andar ka andar ke andar jo pati ko chhutti thi usko unke saamne dikhta hai ki dekho aapse milkar kare ki acche logo ko bulakar unse ke andar jo bhi pratibha chhupee thi usko bahar nikalne ki koshish karte the aur uske baad 25 din ke baad jis 21 tarikh se bandra gaon ke logo ko taiyar toh saare ladke ki shadi ambe driving ka kuch din tak driving course raya us dauran ke andar soft skill development aur hard student and lifestyle par hum log bahut kaam kiya aur hamein bahut acche insaan bante ja rahe the maine ke andar tata kiya aur punjab mein drivery ki naukri di thi ya kuch logo ko free rehte hain unko choti gaadi ki jaanch karke mumbai se chala rahe hain aur main wahan yah diye gaye aur main mujhe jo Rs pratima lakshman ke chakkar mein fas ke barbad hone ki disha mein chut mein chut unhone elaan kiya ki aage aane wali peedhiyon ko bhajpa ko mila unko accha vyavhar karna hai kaise karna hai samaj ke beech mein uski uski trading mili aur insaan ke roop hamari jaate rahe the noor tha 3 saal mein kareeb 4 baccho ko shaamil log kahin achi achi jodo mein koi sarkari naukri toh hai koi apna khud ka vyavasaya kar raha hai koi acche milte hain milte hain pairon mein gir jaate hain Umaria madhya pradesh mein charo shukla vyavhar ko subah ki paridhi mein jo kaam karte hain unke bhi training par kyon employment se lagaya aur machli palan dikhaaiye se course kiye jisme hundred percent log apna sharir se garib baccho ko report ilaake ke garib baccho ke beech mein jaate unke andar ek nayi urja ka naya prakash diya aur unke sab logo ke beech mein ek bahut accha insaan banne ka jajba paida kiya aur acche insaan life

मेरा नाम विजय प्रकाश पांडे है मैंने 2 डिग्री कॉलेज जबलपुर सेट किया हुआ है और मैंने जो भी स

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Neeraj Shukla

Philosopher || Avid Reader.

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देखिए आपका जो प्रश्न है सरकारी नौकरियां प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और यह प्रश्न प्रत्येक व्यक्तियों पर भिन्न-भिन्न प्रकार से लागू होता है जैसे कि मैं कह सकता हूं अगर नौकरी में आप किसी के कर्मचारी और प्राइवेट नौकरी में आप एक बड़े तबके के कर्मचारी है तो प्राइवेट बेस्ट होगा और इसी प्रकार सरकारी नौकरी में अगर आप अच्छे पद पर हैं और प्राइवेट में भी आप अच्छे पद पर है तो सरकारी नौकरी कहीं ना कहीं प्राइवेट नौकरी उसे बेहतर होती है इन जालंधर में एमबीडी सिंह टाइप की प्राइवेट नौकरियां भी बेहतर होती है प्राइवेट नौकरियां कब बेहतर होती है जब आप अच्छे पढ़े-लिखे हो अच्छे पैकेजेस में काम कर रहे हो और किसी एमएनसी कंपनी में किसी अच्छी कंपनी में अच्छे प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हो और आपके पास एक जो आपकी कार्यशैली हो वह बहुत ही ज्यादा हौसला बाद हूं और आपके अंदर बहुत ज्यादा हौसला हो जुनून हो काम करने का और आप काम में अपना बहुत ज्यादा बेहतर देते हो तो बेहतर तो दोनों हो तुम सरकारी नौकरियां भी बेहतर है पर एक छोटा सा रे बिक्ले होता है गवर्नमेंट नौकरी में कि आपका बोलते बुढ़ापा बहुत ज्यादा सेफ हो जाता है गवर्नमेंट नौकरी के बाद जो पेंशन वगैरा मिलती है गवर्नमेंट की तरफ से रिलीव पैकेजेस जो मिलते हैं प्राइवेट नौकरी में कुछ उतना नहीं मिलता जितना कॉमेंट में मिलता है बस यही कुछ चीजें बाकी अगर आप बहुत ज्यादा जुझारू है तो आप प्राइवेट नौकरी आपके लिए सरकारी से बेहतर हो सकती है यह प्रश्न निर्भर करेगा उस व्यक्ति हर एक व्यक्ति पर भिन्न-भिन्न प्रकार से

dekhiye aapka jo prashna hai sarkari naukriyan private naukri kaun sa behtar hai aur yah prashna pratyek vyaktiyon par bhinn bhinn prakar se laagu hota hai jaise ki main keh sakta hoon agar naukri mein aap kisi ke karmchari aur private naukri mein aap ek bade tabke ke karmchari hai toh private best hoga aur isi prakar sarkari naukri mein agar aap acche pad par hain aur private mein bhi aap acche pad par hai toh sarkari naukri kahin na kahin private naukri use behtar hoti hai in jalandhar mein MBD Singh type ki private naukriyan bhi behtar hoti hai private naukriyan kab behtar hoti hai jab aap acche padhe likhe ho acche packages mein kaam kar rahe ho aur kisi mnc company mein kisi achi company mein acche project par kaam kar rahe ho aur aapke paas ek jo aapki karyashaili ho vaah bahut hi zyada hausla baad hoon aur aapke andar bahut zyada hausla ho junun ho kaam karne ka aur aap kaam mein apna bahut zyada behtar dete ho toh behtar toh dono ho tum sarkari naukriyan bhi behtar hai par ek chota sa ray bikle hota hai government naukri mein ki aapka bolte budhapa bahut zyada safe ho jata hai government naukri ke baad jo pension vagera milti hai government ki taraf se relieve packages jo milte hain private naukri mein kuch utana nahi milta jitna comment mein milta hai bus yahi kuch cheezen baki agar aap bahut zyada jujharu hai toh aap private naukri aapke liye sarkari se behtar ho sakti hai yah prashna nirbhar karega us vyakti har ek vyakti par bhinn bhinn prakar se

देखिए आपका जो प्रश्न है सरकारी नौकरियां प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और यह प्रश्न प्रत्य

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Grt2100

Youtube Par S T Motivation

0:27
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सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी में कौन सी वेदर भाई एक चीज आपको भी आपको कौन सी पसंद है तो आपके ऊपर डिपेंड करती है कि बेहतर कौन सी है गवर्नमेंट अपनी जगह है प्राइवेट अपनी जगह प्राइवेट में सेक्टर में ज्यादा पैसा है गवर्नमेंट में पैसा कम है अगर आपको ज्यादा पैसा कमाना है तो मैं जाओ अगर थोड़ी लाइफ 4G नहीं है तो गवर्नमेंट सेक्टर में आ जाओ आपके ऊपर डिपेंड करता है

sarkari naukri ya private naukri me kaun si Weather bhai ek cheez aapko bhi aapko kaun si pasand hai toh aapke upar depend karti hai ki behtar kaun si hai government apni jagah hai private apni jagah private me sector me zyada paisa hai government me paisa kam hai agar aapko zyada paisa kamana hai toh main jao agar thodi life 4G nahi hai toh government sector me aa jao aapke upar depend karta hai

सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी में कौन सी वेदर भाई एक चीज आपको भी आपको कौन सी पसंद है तो आ

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Pri

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों ही बेहतर है सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी में सरकारी नौकरी में भी बहुत चैप्टर बढ़ने के सफलता कैसे केरला इसे प्राइवेट में व्यक्ति रहता है पब्लिक अथॉरिटी रहता है प्राइवेट में ऐसा कई सकता है जहां एक बार अचीव कर लिए अपने इनको अब चले

dono hi behtar hai sarkari naukri private naukri me sarkari naukri me bhi bahut chapter badhne ke safalta kaise kerala ise private me vyakti rehta hai public authority rehta hai private me aisa kai sakta hai jaha ek baar achieve kar liye apne inko ab chale

दोनों ही बेहतर है सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी में सरकारी नौकरी में भी बहुत चैप्टर बढ़ने के

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आपका सवाल है सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सी बेहतर है और क्यों तो बहुत समय पहले थी यह प्रथा चलती आ रही है कि हमें तक सरकारी नौकरी कोई लोग तवज्जो देते आ रहे हैं लेकिन मेरा मानना यह है कि नौकरी चाहिए सरकारी हो या नौकरी पर आपकी प्राइवेट हो दोनों तरह में आप किसी कंपनी के या सरकार के नौकर ही होते हो उसके अंदर में रहकर काम करते हो क्योंकि वहां पर आप अपना दिमाग नहीं चला सकते हो वहां आपको उनके हिसाब से काम करना पड़ता है जो वह करवाना चाहते हैं लेकिन अगर बात क्यों नहीं जाए मेरे हिसाब से कि सरकारी नौकरी बेहतर है या प्राइवेट नौकरी बेहतर है तो इसमें कुछ पॉइंट्स है जो आपको समझने होंगे लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है लेकिन मेरा सोचना कुछ इस तरीके से है कि जब आप सरकारी नौकरी करते हो तो इसमें आपको कुछ टाइम लगता है तैयारी करने के लिए हो सकता है 2 साल 3 साल 4 साल के बाद आप तैयारी करके सरकारी नौकरी हासिल करो लेकिन प्राइवेट नौकरी में आपको इंटरव्यू पैक करना होता है उस से रिलेटेड आपको दक्षता हासिल करनी होती है कि हां जो मैं काम करने जा रहा हूं उसको सही तरीके से कर पाऊंगा तो आप नौकरी कर सकते हो वहीं पर अगर आप सरकारी नौकरी में हो तो आपको कुछ सालों बाद ही प्रमोशन मिलेगा यानी पद आपकी पदोन्नति जो है कुछ समय बाद ही होगी वह एक निश्चित समय होता है लेकिन अगर प्राइवेट जॉब की बात करें प्राइवेट नौकरी की बात करें तो उसमें क्या होता है कि आप अगर काम अच्छा कर रहे हो तो आपको पदोन्नति बहुत जल्दी मिल सकती है सरकारी नौकरी में इंक्रीमेंट बहुत कम होता है यानी कि एक निर्धारित समय होता है कि इतने दिनों में आपका इंक्रीमेंट होगा जबकि प्राइवेट नौकरी में इंक्रीमेंट आप उस कंपनी में रहकर भी बढ़ा सकते हो या कुछ जॉब कर उस जॉब को करते हुए आप अगली जॉब्स तलाश करते हो उसमें जाते हो तो वहां पर आपको इंक्रीमेंट करके मिलता है तो आप जो सरकारी नौकरी मान लो आप 45000 की या 35000 आप स्टार्ट करते हो पहले साल में तो वही नौकरी अगर कोई पर्सन प्राइवेट नौकरी कहीं पर कर रहा है तो वह 5 से 6 साल के अंदर 45000 50000 60000 भी कर सकता है क्योंकि वह प्राइवेट नौकरी में आगे बढ़ने के चांस ज्यादा होते हैं और सीखने के बीच आंसर ज्यादा होते हैं आज कंपैरिजन दो सरकारी नौकरी तो इसीलिए मेरा मानना यह है कि प्राइवेट नौकरी में बढ़ने के और सीखने के चांसेस बहुत ज्यादा होते हैं जबकि सरकारी नौकरी में लोग कम सीख पाते हैं

aapka sawaal hai sarkari naukri ya private naukri kaun si behtar hai aur kyon toh bahut samay pehle thi yah pratha chalti aa rahi hai ki hamein tak sarkari naukri koi log tavajjo dete aa rahe hain lekin mera manana yah hai ki naukri chahiye sarkari ho ya naukri par aapki private ho dono tarah me aap kisi company ke ya sarkar ke naukar hi hote ho uske andar me rahkar kaam karte ho kyonki wahan par aap apna dimag nahi chala sakte ho wahan aapko unke hisab se kaam karna padta hai jo vaah karwana chahte hain lekin agar baat kyon nahi jaaye mere hisab se ki sarkari naukri behtar hai ya private naukri behtar hai toh isme kuch points hai jo aapko samjhne honge logo ki rai alag alag ho sakti hai lekin mera sochna kuch is tarike se hai ki jab aap sarkari naukri karte ho toh isme aapko kuch time lagta hai taiyari karne ke liye ho sakta hai 2 saal 3 saal 4 saal ke baad aap taiyari karke sarkari naukri hasil karo lekin private naukri me aapko interview pack karna hota hai us se related aapko dakshata hasil karni hoti hai ki haan jo main kaam karne ja raha hoon usko sahi tarike se kar paunga toh aap naukri kar sakte ho wahi par agar aap sarkari naukri me ho toh aapko kuch salon baad hi promotion milega yani pad aapki padonnati jo hai kuch samay baad hi hogi vaah ek nishchit samay hota hai lekin agar private job ki baat kare private naukri ki baat kare toh usme kya hota hai ki aap agar kaam accha kar rahe ho toh aapko padonnati bahut jaldi mil sakti hai sarkari naukri me increment bahut kam hota hai yani ki ek nirdharit samay hota hai ki itne dino me aapka increment hoga jabki private naukri me increment aap us company me rahkar bhi badha sakte ho ya kuch job kar us job ko karte hue aap agli jobs talash karte ho usme jaate ho toh wahan par aapko increment karke milta hai toh aap jo sarkari naukri maan lo aap 45000 ki ya 35000 aap start karte ho pehle saal me toh wahi naukri agar koi person private naukri kahin par kar raha hai toh vaah 5 se 6 saal ke andar 45000 50000 60000 bhi kar sakta hai kyonki vaah private naukri me aage badhne ke chance zyada hote hain aur sikhne ke beech answer zyada hote hain aaj kampairijan do sarkari naukri toh isliye mera manana yah hai ki private naukri me badhne ke aur sikhne ke chances bahut zyada hote hain jabki sarkari naukri me log kam seekh paate hain

आपका सवाल है सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सी बेहतर है और क्यों तो बहुत समय पहले थी य

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देखे पर आप कासवाला सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और क्यों देकर पर मुझे इनमें से कोई भी बेहतर नहीं लगता आप तो सोएंगे क्यों क्योंकि इन सब ने हमें अपनी मर्जी का कोई काम करना नहीं पड़ेगा करने ही नहीं देंगे और हमेशा किसी के नीचे में काम करना पड़ेगा हमें खुद बॉस कभी बनने का लाइफ में कभी हम अपने आप को इतना नहीं कहते कि मुझे कोई पोस्ट कह रहा है आपको हमेशा किसी के सामने सिर झुकाना पड़ेगा तो अगर मेरे तो यही गुजारिश है कि आप इन तम नौकरी के पीछे छोड़ छोड़ दो छोड़ दो आप कोई बिजनेस करो जिससे आप खुद का बहुत मन सकते हो एक फोटो ही बहुत सही पर किसी की नौकरी मत करो ऐसा काम करो जिससे दो-चार लोग आपको साहब ताप जितेंदर का कुछ और होता है तो कभी किसी के नीचे कर काम करने की मन चाहे आप करके पानी जिंदगी

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देखे पर आप कासवाला सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और क्यों देकर पर मुझे इन

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देख लेना पी क्वेश्चन क्या है कि सरकारी नौकरियां प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और क्यों देखिए सरकारी नौकरी अपनी जगह है और जो प्राइवेट नौकरी है वह अपनी जगह देखी दोनों ही अपनी जगह अच्छी है दोनों ही बहस चाहने की एक चीज आपको माननी पड़ेगी जो आपको अच्छा लगता है आप उसमें जाइए देखिए आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आपको कौन सी पसंद है जी हम तो आपके ऊपर डिपेंड करती है क्या आप कौन सी में जाना चाहते हैं आप प्राइवेट में जाना चाहते हैं या सरकारी में जाना चाहते हैं लेकिन सरकारी में एक चीज है कि सरकारी में अगर आप रिटायर हो जाते हैं तो उसके बाद भी दी जाती है लेकिन प्राइवेट में ऐसा नहीं होता है प्राइवेट में कम भर्ती होता रहता है कि आपको आपके अंदर इतना टैलेंट है अब प्राइवेट नौकरी में उतना दिया जाता है लेकिन गवर्नमेंट में भी ऐसा ही है लेकिन कमेंट में सबको बराबर दिया जाता है लेकिन प्राइवेट में आपके अंदर का टैलेंट देखा जाता है कि आपके अंदर कितना टैलेंट है तो आपको उसके हिसाब से पैसा दिया जाता है अगर आपको ज्यादा पैसे कमाने है तो आपको प्राइवेट नौकरी करनी होगी लेकिन एक चीज आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आपको कौन सी पसंद है आपको दोस्ती पसंद आप उसमें जाइए आप यह मत देखिए कि इसमें ज्यादा पैसा है या उसमें कम है या वह इस तरह की है उस तरह की है आपको जो पसंद तो आप उसे जाइए

dekh lena p question kya hai ki sarkari naukriyan private naukri kaun sa behtar hai aur kyon dekhiye sarkari naukri apni jagah hai aur jo private naukri hai vaah apni jagah dekhi dono hi apni jagah achi hai dono hi bahas chahne ki ek cheez aapko maanani padegi jo aapko accha lagta hai aap usme jaiye dekhiye aapke upar depend karta hai ki aapko kaun si pasand hai ji hum toh aapke upar depend karti hai kya aap kaun si me jana chahte hain aap private me jana chahte hain ya sarkari me jana chahte hain lekin sarkari me ek cheez hai ki sarkari me agar aap retire ho jaate hain toh uske baad bhi di jaati hai lekin private me aisa nahi hota hai private me kam bharti hota rehta hai ki aapko aapke andar itna talent hai ab private naukri me utana diya jata hai lekin government me bhi aisa hi hai lekin comment me sabko barabar diya jata hai lekin private me aapke andar ka talent dekha jata hai ki aapke andar kitna talent hai toh aapko uske hisab se paisa diya jata hai agar aapko zyada paise kamane hai toh aapko private naukri karni hogi lekin ek cheez aapke upar depend karta hai ki aapko kaun si pasand hai aapko dosti pasand aap usme jaiye aap yah mat dekhiye ki isme zyada paisa hai ya usme kam hai ya vaah is tarah ki hai us tarah ki hai aapko jo pasand toh aap use jaiye

देख लेना पी क्वेश्चन क्या है कि सरकारी नौकरियां प्राइवेट नौकरी कौन सा बेहतर है और क्यों दे

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KRISHNA RAJPOOT

DEFENSE SERVICES | LIFE COACH

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देखिए नौकरी सरकारी हो या प्राइवेट दोनों ही जीविका चलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है लेकिन अगर बात करते की कौन सी बेहतर है तो मेरा मानना है कि सरकारी नौकरी ज्यादा बेहतर है क्योंकि उसके अंदर आपकी नौकरी की एक क्वालिटी होती है उसकी गारंटी होती है लेकिन प्राइवेट सेक्टर की बात करें तो उसमें नौकरी की कोई गारंटी नहीं होती आपका मालिक आप से कोई गलती होती तो वह बोल सकता है कि भाई कल से बताना कि आप की नौकरी खत्म हुई थी और युवा टर्मिनेटर की बार शायद सरकारी नौकरी में एक बार जितना जाना कठिन से कठिन उसे निकालना है अगर आप उसमें एक बार चले आते हो तो आप को निकालने के लिए बकायदा कानूनी प्रोसीजर लागू फॉलो करना होगा और आप भी इसके आगे जाकर कोर्ट में कार्रवाई कर सकते हो तुम मेरा मानना है कि जितना सरकारी नौकरी को पाना कठिन है उससे कठिन उस नौकरी से आपको निकालना होगा तो वह उस चीज को ध्यान में रखते हुए मैं तो यही मानता हूं सरकारी नौकरी ज्यादा बेहतर है

dekhiye naukri sarkari ho ya private dono hi jeevika chalane ke liye atyant mahatvapurna hai lekin agar baat karte ki kaun si behtar hai toh mera manana hai ki sarkari naukri zyada behtar hai kyonki uske andar aapki naukri ki ek quality hoti hai uski guarantee hoti hai lekin private sector ki baat kare toh usme naukri ki koi guarantee nahi hoti aapka malik aap se koi galti hoti toh vaah bol sakta hai ki bhai kal se bataana ki aap ki naukri khatam hui thi aur yuva terminator ki baar shayad sarkari naukri mein ek baar jitna jana kathin se kathin use nikalna hai agar aap usme ek baar chale aate ho toh aap ko nikalne ke liye bakayada kanooni procedure laagu follow karna hoga aur aap bhi iske aage jaakar court mein karyawahi kar sakte ho tum mera manana hai ki jitna sarkari naukri ko paana kathin hai usse kathin us naukri se aapko nikalna hoga toh vaah us cheez ko dhyan mein rakhte hue main toh yahi manata hoon sarkari naukri zyada behtar hai

देखिए नौकरी सरकारी हो या प्राइवेट दोनों ही जीविका चलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है लेकिन

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जनाब इस सवाल का जवाब दो तरीके से दिया जा सकता है दोनों नौकरियां चाय सरकारी हो चाय प्राइवेट हो दोनों ही अच्छी होती है डिपेंड करता है कि आपका आपकी उम्मीदें क्या है आपकी अपनी नौकरी से अगर आप अपनी जिंदगी को सपोर्ट करना चाहते हैं को सीखना चाहते हैं सिखाना चाहते हैं बहुत कुछ गेम करना चाहते हैं तो फिर आप ली प्राइवेट नौकरी रहता है अगर आप अपनी जिंदगी को एक कुर्सी तक सीमित रखना चाहते हैं काम करना नहीं चाहते हैं बैठे-बिठाए शैली लेना चाहते हैं ढेर सारी फैसेलिटीज ना चाहते हैं चाहते हैं कि जिंदगी सिक्योर है जो भी 40 50 हजार सैलरी है उसमें मेरी लाइफ चलती रहे तो क्या के लिए प्राइवेट जॉब बढ़िया है यह मैंने अपने ख्यालात है हो सकता है कि मैं गलत भी हो सकता हूं खैर अपना जवाब कैसा लगा कमेंट के माध्यम से जरूर बताइएगा आप मुझे सब्सक्राइब करना चाहे तो आप मुझे इंस्टाग्राम पर फॉलो कर सकते हैं मैंने प्यार कहां पर दे रखी

janab is sawaal ka jawab do tarike se diya ja sakta hai dono naukriyan chai sarkari ho chai private ho dono hi achi hoti hai depend karta hai ki aapka aapki ummeeden kya hai aapki apni naukri se agar aap apni zindagi ko support karna chahte hain ko sikhna chahte hain sikhaana chahte hain bahut kuch game karna chahte hain toh phir aap li private naukri rehta hai agar aap apni zindagi ko ek kursi tak simit rakhna chahte hain kaam karna nahi chahte hain baithe bithaye shaili lena chahte hain dher saree faiselitij na chahte hain chahte hain ki zindagi secure hai jo bhi 40 50 hazaar salary hai usme meri life chalti rahe toh kya ke liye private job badhiya hai yah maine apne khyalat hai ho sakta hai ki main galat bhi ho sakta hoon khair apna jawab kaisa laga comment ke madhyam se zaroor bataiega aap mujhe subscribe karna chahen toh aap mujhe instagram par follow kar sakte hain maine pyar kahaan par de rakhi

जनाब इस सवाल का जवाब दो तरीके से दिया जा सकता है दोनों नौकरियां चाय सरकारी हो चाय प्राइवेट

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gaurav singh

studying

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सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सी बेहतर है और क्यों देखें दोस्तों सरकारी और प्राइवेट नौकरी दोनों नौकरियां ही अच्छी है लेकिन मैं इसे हमें बहन नौकरी चेंज करनी चाहिए जिसमें हम दो रोटी अपनी इज्जत से काम आ सके जिससे अपना नाम ऊंचा कर सके अपने परिवार अपने वंश अपने कुल का नाम ऊंचा कर सके दो रोटी तो एक अधिकारी भी खा लेता लेकिन बात आती है इज्जत तौर-तरीके कि यदि हमें बेहतर तरीके और इज्जत सरकारी नौकरियां मिलती तो सरकारी नौकरी अच्छी है और यदि हमें वह इज्जत और तौर तरीके प्राइवेट नौकरी मिलते तो प्राइवेट नौकरी अच्छी है आगे आपने ना कर लीजिए आपको कौन सी नौकरी अच्छी लगती है

sarkari naukri ya private naukri kaun si behtar hai aur kyon dekhen doston sarkari aur private naukri dono naukriyan hi achi hai lekin main ise hamein behen naukri change karni chahiye jisme hum do roti apni izzat se kaam aa sake jisse apna naam uncha kar sake apne parivar apne vansh apne kul ka naam uncha kar sake do roti toh ek adhikari bhi kha leta lekin baat aati hai izzat taur tarike ki yadi hamein behtar tarike aur izzat sarkari naukriyan milti toh sarkari naukri achi hai aur yadi hamein vaah izzat aur taur tarike private naukri milte toh private naukri achi hai aage aapne na kar lijiye aapko kaun si naukri achi lagti hai

सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी कौन सी बेहतर है और क्यों देखें दोस्तों सरकारी और प्राइवेट न

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Raju Singh

IT professional

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है बड़ी देखिए जो सवाल है इसके लिए आपको मानसिक स्तर से क्या सोचते हैं यह सबसे बड़ी बात है लेकिन इसमें डिफरेंस में बताना चाहूंगा सरकारी नौकरी जो होता है वह हर किसी के लिए सिक्योर लाइफ लेकर आता है उसमें क्या होता है कि आप अपने पूरे परिवार को सिक्योर कर लेते हैं उसमें आप इतना पैसा कमा लेते हैं कि आप के जितने भी बच्चे हैं उनकी परवरिश कर सके उनकी शादी उदी कर सके फिर उनके लिए घर भी बनवा सके अपने बच्चों के लिए एक सिक्योर लाइफ से ज्यादा सरकारी नौकरी प्राइवेट नौकरी होती है कोई धारा नहीं होता है आप देख लीजिए प्राइवेट नौकरी में बहुत सारी बड़ी-बड़ी आर्गेनाइजेशन से जो अपने आप जितने भी होते हैं जो एक रेट के भाई हैं और आप जैसे एडमिनिस्ट्रेटिव के हैं और बड़े-बड़े जो पोस्ट होते हैं उनको देख लीजिए एकता पैकेज देती है कि आदमी अपनी तो हर जरूरत है जो चाहता है वह हर साल चाहे तो कार खरीद सकता है वह हर साल चाहे तू ही जमीन ले सकता है या अपना घर बना सकता है इसमें क्यों होता है कि प्राइवेट नौकरी का कोई धर्म नहीं होता है इसमें आप जितनी मेहनत करेंगे जितनी लगन का से काम करेंगे और सबसे बड़ी बात होती है प्राइवेट नौकरी में स्मार्टफोन मल्टीपल वर्क होने चाहिए जिसमें आप हर तरीके से अपनी कंपनी की जो रिक्वायरमेंट होती है उसे आप पूरा करें अपना डिपॉट सुनते तो उसमें कंपनी भी आपको बेहतर पैकेज देती हो और बेहतर एक पल भी देती है जहां पर आप जॉब कर सके इन्वायरमेंट होता है तो प्राइवेट और सरकारी नौकरी में यही है कि सरकारी नौकरी करके भी आप खुश रह सकते हैं लाइफ सिक्योर कर सकते हैं अपनी फैमिली को चला सकते हैं प्राइवेट नौकरी मेरा बढ़ सकता है और आप इसमें अगर मेहनत करें तो खुद की कंपनी में खड़ी कर सकते हैं और बहुत ज्यादा अधिक धनी धनी हो सकते हैं धन्यवाद

hai badi dekhiye jo sawaal hai iske liye aapko mansik sthar se kya sochte hain yah sabse badi baat hai lekin isme difference mein bataana chahunga sarkari naukri jo hota hai vaah har kisi ke liye secure life lekar aata hai usme kya hota hai ki aap apne poore parivar ko secure kar lete hain usme aap itna paisa kama lete hain ki aap ke jitne bhi bacche hain unki parvarish kar sake unki shadi udi kar sake phir unke liye ghar bhi banwa sake apne baccho ke liye ek secure life se zyada sarkari naukri private naukri hoti hai koi dhara nahi hota hai aap dekh lijiye private naukri mein bahut saree badi badi organisation se jo apne aap jitne bhi hote hain jo ek rate ke bhai hain aur aap jaise administrative ke hain aur bade bade jo post hote hain unko dekh lijiye ekta package deti hai ki aadmi apni toh har zarurat hai jo chahta hai vaah har saal chahen toh car kharid sakta hai vaah har saal chahen tu hi jameen le sakta hai ya apna ghar bana sakta hai isme kyon hota hai ki private naukri ka koi dharm nahi hota hai isme aap jitni mehnat karenge jitni lagan ka se kaam karenge aur sabse badi baat hoti hai private naukri mein smartphone multiple work hone chahiye jisme aap har tarike se apni company ki jo requirement hoti hai use aap pura kare apna dipat sunte toh usme company bhi aapko behtar package deti ho aur behtar ek pal bhi deti hai jaha par aap job kar sake environment hota hai toh private aur sarkari naukri mein yahi hai ki sarkari naukri karke bhi aap khush reh sakte hain life secure kar sakte hain apni family ko chala sakte hain private naukri mera badh sakta hai aur aap isme agar mehnat kare toh khud ki company mein khadi kar sakte hain aur bahut zyada adhik dhani dhani ho sakte hain dhanyavad

है बड़ी देखिए जो सवाल है इसके लिए आपको मानसिक स्तर से क्या सोचते हैं यह सबसे बड़ी बात है ल

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Prakhar Srivastava

IAS Aspirant

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए कुल मिलाकर देखें तो हम जब नौकरी का आकलन करते हैं तो निश्चित रूप से सबसे पहले हम देखते हैं कि उसमें इनकम कितनी है पैसा कितना है तो आप अगर सरकारी नौकरी माली के 20000 की कर रहा है और आपको प्राइवेट नौकरी मिल जाए 40,000 की तो निश्चित रूप से आप प्राइवेट नौकरी को ही ज्वाइन करना चाहेंगे दूसरी बात आती काम करने की यह समय देने की तो हम सब जानते हैं कि प्राइवेट वाले थोड़ा काम ज्यादा कर आते हैं जबकि सरकारी में एक टाइम फिक्स होता है उतने ही घंटे आपको काम करने पड़ते हैं और उसका पैसा आपको मैं तंग इन प्राइवेट में आप अपने बॉस के अंडर में होते हैं और वह कंपनी का मालिक की आवाज जो भी है वह आपसे जब चाहे तब आपको बुला सकता है आपसे कोई भी काम करा सकता है और अब बहुत ज्यादा ओवर लोड हो जाता है कई बार और प्राइवेट कामों में तीसरी चीज है कि सरकारी में सुविधाएं ज्यादा होती ऑर्रा प्राइवेट में कम होती है फॉर एग्जांपल छुट्टियों की गरम बात करें तो सरकारी में सारी गैंगस्टर छुट्टियां होती है लेकिन कई बार प्राइवेट सेक्टर में अगर आप है तो हो सकता है आप क्रिसमस की छुट्टी ना मिले कई जगह वाकई पर संडे को भी काम करा देते हैं बिजी रख देते हैं कई बार ऐसा होता है कि कई सारे त्योहारों पर छुट्टी नहीं करते प्राइवेट वाले हैं ना तो उनकी अपनी मनमर्जी भी कई बार आप ही हो जाती है जो सरकारी नियम है उन पर तो तीसरी चीज तो छुट्टियों के लिए करके तो ऐसे कई सारे डिफरेंस हैं पर सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि आपको कौन सी नौकरी पसंद है अगर आप प्राइवेट में अपनी नौकरी से खुश है तो वही आपकी बेहतर के लिए सही है क्योंकि जीवन में खुश रहना बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण बजाय इसके कि प्राइवेट नौकरी है सरकारी अगर आप खुश हैं संतुष्ट हैं तो आपके लिए प्राइवेट नौकरी भी बेहतर हो सकती है और सरकारी नौकरी भी शुक्रिया

dekhiye kul milakar dekhen toh hum jab naukri ka aakalan karte hai toh nishchit roop se sabse pehle hum dekhte hai ki usme income kitni hai paisa kitna hai toh aap agar sarkari naukri maali ke 20000 ki kar raha hai aur aapko private naukri mil jaaye 40 000 ki toh nishchit roop se aap private naukri ko hi join karna chahenge dusri baat aati kaam karne ki yah samay dene ki toh hum sab jante hai ki private waale thoda kaam zyada kar aate hai jabki sarkari mein ek time fix hota hai utne hi ghante aapko kaam karne padte hai aur uska paisa aapko main tang in private mein aap apne boss ke under mein hote hai aur vaah company ka malik ki awaaz jo bhi hai vaah aapse jab chahen tab aapko bula sakta hai aapse koi bhi kaam kara sakta hai aur ab bahut zyada over load ho jata hai kai baar aur private kaamo mein teesri cheez hai ki sarkari mein suvidhaen zyada hoti arra private mein kam hoti hai for example chhuttiyon ki garam baat kare toh sarkari mein saree gangster chhutiyan hoti hai lekin kai baar private sector mein agar aap hai toh ho sakta hai aap Christmas ki chhutti na mile kai jagah vaakai par sunday ko bhi kaam kara dete hai busy rakh dete hai kai baar aisa hota hai ki kai saare tyoharon par chhutti nahi karte private waale hai na toh unki apni manmarzi bhi kai baar aap hi ho jaati hai jo sarkari niyam hai un par toh teesri cheez toh chhuttiyon ke liye karke toh aise kai saare difference hai par sabse bada aur sabse mahatvapurna cheez yah hai ki aapko kaun si naukri pasand hai agar aap private mein apni naukri se khush hai toh wahi aapki behtar ke liye sahi hai kyonki jeevan mein khush rehna bahut zyada mahatvapurna bajay iske ki private naukri hai sarkari agar aap khush hai santusht hai toh aapke liye private naukri bhi behtar ho sakti hai aur sarkari naukri bhi shukriya

देखिए कुल मिलाकर देखें तो हम जब नौकरी का आकलन करते हैं तो निश्चित रूप से सबसे पहले हम देखत

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सरकारी नौकरी सबसे अच्छी नौकरी है क्योंकि वह गवर्नमेंट जॉब होता है और प्राइवेट नौकरी वह तो प्राइवेट दुकानों की तरह होता है जो पैसे लेते हैं और पढ़ाते पैसे लेते हो बढ़ाते सरकारी सरकारी नौकरी में दो बच्चों पर फुल दबाव डाला जाता है जहां तक हो सके वहां तक पूरा पूरा पढ़ाया जाता है और प्राइवेट स्कूलों में तो से कुछ नहीं होता है जिसे पैसे उससे पैसे देते हैं बच्चों को अच्छे से पढ़ लेते तो फिर जी पढ़ाती नहीं है इसलिए तुम अखियां तो ठीक नहीं है तो ठीक पड़ेगी तो ठीक नहीं तो ठीक और सरकारी स्कूल में नहीं पैसे पैसे करते नहीं होता है फिर भी बच्चे पढ़ने वाले बहुत सारे पढ़ते भी है और जिनके मां बाप को लगता है कि प्राइवेट स्कूल सबसे बेस्ट स्कूल है वह अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं वर्णन माता तू सरकारी स्कूल भी बहुत अच्छी स्कूल है पढ़ने वाले बच्चों के लिए सरकारी प्राइवेट नहीं करता है अगर पढ़ना चाहे तो सरकारी भेजिए और पढ़ना चाहिए पर सरकारी सबसे ज्यादा अच्छी है और पढ़ने वाले के लिए प्राइवेट प्राइवेट पढ़ लो फिर सरकारी करो बराबर सबसे अच्छी सरकार

sarkari naukri sabse achi naukri hai kyonki vaah government job hota hai aur private naukri vaah toh private dukaano ki tarah hota hai jo paise lete hain aur padhate paise lete ho badhate sarkari sarkari naukri me do baccho par full dabaav dala jata hai jaha tak ho sake wahan tak pura pura padhaya jata hai aur private schoolon me toh se kuch nahi hota hai jise paise usse paise dete hain baccho ko acche se padh lete toh phir ji padhati nahi hai isliye tum akhiyan toh theek nahi hai toh theek padegi toh theek nahi toh theek aur sarkari school me nahi paise paise karte nahi hota hai phir bhi bacche padhne waale bahut saare padhte bhi hai aur jinke maa baap ko lagta hai ki private school sabse best school hai vaah apne baccho ko private school me padhate hain varnan mata tu sarkari school bhi bahut achi school hai padhne waale baccho ke liye sarkari private nahi karta hai agar padhna chahen toh sarkari bhejiye aur padhna chahiye par sarkari sabse zyada achi hai aur padhne waale ke liye private private padh lo phir sarkari karo barabar sabse achi sarkar

सरकारी नौकरी सबसे अच्छी नौकरी है क्योंकि वह गवर्नमेंट जॉब होता है और प्राइवेट नौकरी वह तो

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