क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखने के लिए मारना पिटना सही है?...


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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

2:28
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है लेकिन मारपीट जो है वह एक्सट्रीमली ऑप्शन है जो हमारे स्टेशन और ना काबिलियत को दिखाता है जो बात हम बात करके कर सकते हैं जिसको हम कहते हैं भाई कम्युनिकेटिंग अगर आप बातों से अपने बच्चों को समझा सकते हैं एग्जांपल आपकी जो अब इस तरह जी रहे हैं उसको दर्शा सकते हैं तो दलित बेस्टवे लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि मां-बाप जो होते हैं वह बीमार होते हैं उनके खुद के प्रॉब्लम सोते हैं फाइनेंस यूज होते हैं आपस के रिश्ते अच्छे नहीं होते जो भी रिश्ता उनके वजह से और जब गुस्सा और जो दुख और जो डर रहता है उसके कारण वह बच्चों को मार पीट देते हैं लेकिन हम सर कि काफी बाबा बाद में दे फिर वेरी बैड धीरे पेंट क्यों ने क्यों हाथ उठाया और कुछ मां-बाप जो सेल्फिश होते हैं जो व्हाट वी कॉल द मैसेंजर जो मारपीट करके बच्चों को बड़ा करते हैं कई लोग तो क्रश करते हैं खून भी निकलता इतना पीटता है कि बच्चा जो है वह एकदम किसी कुछ बोलने के लायक नहीं रहता और मेंटली बहुत डिस्टर्ब होता है बच्चा तो दो तरह के होते हैं एक होते हैं जो जनवरी फ्रस्ट्रेटेड हैं और जो मारते पीटते हैं और एक जो है और कुछ जानते नहीं और मारपीट करी बच्चों को बड़ा करते हैं तो मेरे हिसाब से जो मामा पहले दर्द में आते हैं जो पोस्टेड हैं उन्हें काउंसलिंग देना चाहिए और अपनी लाइफ की प्रॉब्लम्स है उससे बाहर रहना चाहिए ताकि यह जो वायलेंस है जो मारपीट है यह जैकसन है कि दुख है इसे बाहर आ जा सके और अपने फैमिली लाइफ को सुधार सके आतंकवाद ओनली बे आउट मेडिकेशन बिग स्टोन थेरेपी से लिखा गया है कि इन लोगों को रास्ते पर ले कर आना मुश्किल होता है बल्कि अपने सिवा कुछ और देख नहीं पाते ऐसे में चाहिए बच्चा बहुत छोटा हो तो कोई और हो तो संभाल ले द फैमिली जो सेल्फिश है उससे दूर रखें कोई और बच्चे को पहले तो अच्छा है फरार मेरे कहना चाहूंगी कि मारना पीटना इंजेक्शन है जिसको हमें नहीं करना चाहिए उससे और बिगड़ती है लेकिन थोड़ा बहुत लिख स्केल से लेकर हाथों में मारना दर्द के डिफरेंट शेड्स ओके लेकिन मारना पीटना है यह बहुत गलत है इससे मामला और बिगड़ जाता है प्लीज कनेक्ट ऑन कविता पानी M.Com

aapka sawaal hai ki chote baccho ko sahi raah dikhane ke liye marna pitana sahi hai lekin maar peet jo hai vaah eksatrimali option hai jo hamare station aur na kabiliyat ko dikhaata hai jo baat hum baat karke kar sakte hain jisko hum kehte hain bhai communicating agar aap baaton se apne baccho ko samjha sakte hain example aapki jo ab is tarah ji rahe hain usko darsha sakte hain toh dalit bestway lekin kabhi kabhi aisa hota hai ki maa baap jo hote hain vaah bimar hote hain unke khud ke problem sote hain finance use hote hain aapas ke rishte acche nahi hote jo bhi rishta unke wajah se aur jab gussa aur jo dukh aur jo dar rehta hai uske karan vaah baccho ko maar peat dete hain lekin hum sir ki kaafi baba baad mein de phir very bad dhire paint kyon ne kyon hath uthaya aur kuch maa baap jo selfish hote hain jo what va call the messenger jo maar peet karke baccho ko bada karte hain kai log toh crush karte hain khoon bhi nikalta itna peetta hai ki baccha jo hai vaah ekdam kisi kuch bolne ke layak nahi rehta aur mentally bahut disturb hota hai baccha toh do tarah ke hote hain ek hote hain jo january frustrated hain aur jo marte pitate hain aur ek jo hai aur kuch jante nahi aur maar peet kari baccho ko bada karte hain toh mere hisab se jo mama pehle dard mein aate hain jo posted hain unhe kaunsaling dena chahiye aur apni life ki problems hai usse bahar rehna chahiye taki yah jo violence hai jo maar peet hai yah jackson hai ki dukh hai ise bahar aa ja sake aur apne family life ko sudhaar sake aatankwad only be out medication big stone therapy se likha gaya hai ki in logo ko raste par le kar aana mushkil hota hai balki apne siva kuch aur dekh nahi paate aise mein chahiye baccha bahut chota ho toh koi aur ho toh sambhaal le the family jo selfish hai usse dur rakhen koi aur bacche ko pehle toh accha hai farar mere kehna chahungi ki marna pitana injection hai jisko hamein nahi karna chahiye usse aur bigadati hai lekin thoda bahut likh scale se lekar hathon mein marna dard ke different shades ok lekin marna pitana hai yah bahut galat hai isse maamla aur bigad jata hai please connect on kavita paani M Com

आपका सवाल है कि छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है लेकिन मारपीट जो ह

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है नहीं छोटे बच्चे को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही नहीं है अगर वह ज्यादा मस्ती करता है तो इकट्ठा पास एक गुट के दुश्मनों की तरह मारना पीटना सही नहीं है

kya chote baccho ko sahi raah dikhane ke liye marna pitana sahi hai nahi chote bacche ko sahi raah dikhane ke liye marna pitana sahi nahi hai agar vaah zyada masti karta hai toh ikattha paas ek gut ke dushmano ki tarah marna pitana sahi nahi hai

क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है नहीं छोटे बच्चे को सही राह दि

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Greeshma Nataraj

Psychology Counseling, Life Coach, NLP, Cognitive Behavioral Therapist, Motivational Speaker, Handwriting Signature Analyst.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुड आफ्टरनून बच्चों को अगर कुछ समझाना है या सही राह दिखानी है जरूरी नहीं है मारपीट करना चाहिए बच्चे बच्चे होते हैं बच्चे मस्ती करेंगे मजाक करेंगे शैतानियां करेंगे आप और हम नहीं कर सकते कि हम अब उम्र में बड़े हो चुके हैं तो उनकी नादानियां उनकी कहानियों को देखें उनको डांट फटकार यह गा नहीं लेकिन हो सके तो थोड़ा सा आपका वॉइस मॉडल एट करके थोड़ा सा वॉइस कॉल करके आप उनको कंट्रोल कर सकते हो अगर बच्चों के साथ आपका एक अच्छा कनेक्शन हो जाए तो आपके विचारों से भी आप अपने बच्चों को कंट्रोल कर सकते हो और इसके लिए आपको सिर्फ यह करना है कि आपको आपके बच्चों की आंखों में आंखें डाल कर उनसे बात करनी चाहिए वह यह समझना चाहिए कि मम्मा या पापा का बूढ़ा भी खराब है और उनको सिर्फ आपके वॉइस से वह बात पता चलनी चाहिए आपके टोन से उनको यह पता करनी चाहिए कि मम्मी पापा नाराज है गुस्से में है आपको हाथ उठाने की बच्चों के ऊपर कोई जरूरत नहीं पड़नी चाहिए और आपको अगर कुछ बच्चों को सिखाना है तो वह कहानी के रूप से सिखाइए गायक कुछ छोटे छोटे से गेम के मूड में दिखाइएगा बच्चे बहुत समझदार होते हैं और उनमें ग्रास्पिंग पावर बहुत अच्छी होती है तो वह चीज को बहुत जल्दी पकड़ लेते हैं तो आज चाइल्ड काउंसलर में यही कहूंगी कि बच्चों को मारपीट ना करिएगा और अपने गुस्से पर काबू रखिएगा अपने अपने ऊपर संयम रखिएगा देखो बच्चों का हक है मस्ती करना बच्चों की आंखें शरारती करना सवाल जवाब करना लेकिन हम उन्हें कैसे कंट्रोल करते हैं यह तरीका हमें सीखना चाहिए आपको अच्छी बातें सिखानी है वह एक कथा के रूप में उनको सिखाइए एक नाटक के रूप में सिखाइए खेलते खेलते सिखाइए और देखिए बच्चे समझ जाएंगे तो आए हो मैंने आपको क्लियर कर दिया है आप को बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करना है धन्यवाद

good afternoon baccho ko agar kuch samajhana hai ya sahi raah dikhaani hai zaroori nahi hai maar peet karna chahiye bacche bacche hote hain bacche masti karenge mazak karenge shaitaniyan karenge aap aur hum nahi kar sakte ki hum ab umr mein bade ho chuke hain toh unki nadaniyan unki kahaniya ko dekhen unko dant fatkar yah jayega nahi lekin ho sake toh thoda sa aapka voice model ate karke thoda sa voice call karke aap unko control kar sakte ho agar baccho ke saath aapka ek accha connection ho jaaye toh aapke vicharon se bhi aap apne baccho ko control kar sakte ho aur iske liye aapko sirf yah karna hai ki aapko aapke baccho ki aankho mein aankhen daal kar unse baat karni chahiye vaah yah samajhna chahiye ki mumma ya papa ka budha bhi kharab hai aur unko sirf aapke voice se vaah baat pata chalni chahiye aapke tone se unko yah pata karni chahiye ki mummy papa naaraj hai gusse mein hai aapko hath uthane ki baccho ke upar koi zarurat nahi padni chahiye aur aapko agar kuch baccho ko sikhaana hai toh vaah kahani ke roop se sikhaiye gayak kuch chote chhote se game ke mood mein dikhaiega bacche bahut samajhdar hote hain aur unmen grasping power bahut achi hoti hai toh vaah cheez ko bahut jaldi pakad lete hain toh aaj child counselor mein yahi kahungi ki baccho ko maar peet na kariega aur apne gusse par kabu rakhiega apne apne upar sanyam rakhiega dekho baccho ka haq hai masti karna baccho ki aankhen shararti karna sawaal jawab karna lekin hum unhe kaise control karte hain yah tarika hamein sikhna chahiye aapko achi batein sikhani hai vaah ek katha ke roop mein unko sikhaiye ek natak ke roop mein sikhaiye khelte khelte sikhaiye aur dekhiye bacche samajh jaenge toh aaye ho maine aapko clear kar diya hai aap ko baccho ke saath kaise vyavhar karna hai dhanyavad

गुड आफ्टरनून बच्चों को अगर कुछ समझाना है या सही राह दिखानी है जरूरी नहीं है मारपीट करना चा

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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छोटे बच्चों को कभी भी मानना पीता नहीं चाहिए डरना भी नहीं चाहिए उनकी हमेशा तारीफ करनी चाहिए जो वह पेट में बच्चा हो तब से उसकी तारीफ करनी चाहिए तो बच्चा जो है योग्य नागरिक बनता है धन्यवाद नमस्कार

chhote baccho ko kabhi bhi manana pita nahi chahiye darna bhi nahi chahiye unki hamesha tareef karni chahiye jo vaah pet mein baccha ho tab se uski tareef karni chahiye toh baccha jo hai yogya nagarik baata hai dhanyavad namaskar

छोटे बच्चों को कभी भी मानना पीता नहीं चाहिए डरना भी नहीं चाहिए उनकी हमेशा तारीफ करनी चाहिए

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है जी अब वह समय वह जमाना नहीं रहा कि पिताजी एक थप्पड़ मार के पूरे ब्रह्मांड का दर्शन करा देते थे क्योंकि आजकल समय बदल गया है आज कल की और आज की अलग हो गई है बच्चों को मारने पीटने से बच्चे ज्यादा कठोर हो जाते हैं इसलिए बच्चों को छोटे बच्चों को मारना पीटना नहीं चाहिए उन्हें समझाकर और परिणाम से अवगत कराना चाहिए ताकि बच्चे अपने आप सब कुछ आज के समय में सीख जाते हैं आजकल के बच्चे बहुत ज्यादा समझदार होते जा रहे हैं इसलिए मारने पीटने का जो कांसेप्ट है उसे आजकल बच्चों के ऊपर बिल्कुल नहीं करना चाहिए

kya chote baccho ko sahi raah dikhane ke liye marna pitana sahi hai ji ab vaah samay vaah jamana nahi raha ki pitaji ek thappad maar ke poore brahmaand ka darshan kara dete the kyonki aajkal samay badal gaya hai aaj kal ki aur aaj ki alag ho gayi hai baccho ko maarne peetane se bacche zyada kathor ho jaate hain isliye baccho ko chote baccho ko marna pitana nahi chahiye unhe samajhakar aur parinam se avgat krana chahiye taki bacche apne aap sab kuch aaj ke samay mein seekh jaate hain aajkal ke bacche bahut zyada samajhdar hote ja rahe hain isliye maarne peetane ka jo concept hai use aajkal baccho ke upar bilkul nahi karna chahiye

क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है जी अब वह समय वह जमाना नहीं रह

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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जीने छोटा बच्चा हो या बड़ा बच्चा किसी को भी मारने पीटने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए मैं बताऊं कैसे आती है क्योंकि आपको लगता है थोड़े समय बाद लड़की भाई यह तो मेरी बात ही नहीं सुना लेकिन बात नहीं सुनने की नौबत क्यों आती है क्यों क्योंकि वह बच्चा पैसा नहीं कर रहा जैसा आप चाहते हैं भाई आप चाहते होंगे कि बहुत सही तरीके से चीजें करें लेकिन वह वैसा करता नहीं है क्यों नहीं करता इसलिए नहीं करता क्योंकि उसकी आदत ही कुछ और होती जा रही है वह ऐसे क्यों हो रही है क्योंकि एक छोटा बच्चा जब तक बड़ा नहीं हो जाता और दवाई स्पीड से कहां से सीखता है कोचिंग से घर से सीखता है सबसे पहले सबसे पहले उसकी शिक्षा घर से शुरू होती आशा शिक्षा बुक किताब लेकर बढ़ाने वाली नहीं है वह पोएम वह किताबों और कहानियां पढ़ाने वाले शिक्षक एबीसीडी वाली शिक्षा नहीं है वह तो बाद में आती है शिक्षा दो से पहले शुरू हो जाती है आपको बता भी नहीं लगता कि वह क्या चीज है पिक कर रहा है हमसे और वह सीख रहा है एक छोटा बच्चा समझ लीजिए क्या होता है बताएं जैसे मान लीजिए खा लीजिए उसके दिमाग में भी कुछ भी नहीं है और वह जितनी भी चीज है उसके संपर्क में आती है उसे देखता रहता है सुनता रहता है महसूस करता है और उसे अपनी ब्लैंक सीडी पर लिखता चला जाता है कई बार और लिखता है फिर उसको बाद और उसको वो राइट कर देता है सॉरी राइट कर देता है वह देखता है कि घर में लोगों का आचरण कैसा व्यवहार कैसा है क्या सही है क्या नहीं है उसे उतना समझ नहीं आता लेकिन उसे कुछ दिखता है कि हां यह ऐसा हो रहा है किसी चीज को करने के लिए ऐसा करना चाहिए क्योंकि मेरे पिताजी ऐसे करते मेरी माता ऐसी करती हैं मेरे यार चाचा जी जो मेरे घर में रहते हैं वैसे करते हैं और मेरा बड़ा भाई ऐसा करता है तो वह चीज है नोट करने लगता है अच्छा आपको पता भी नहीं चलता गोवा किस तरीके से दुनिया को देखता है और अपने अंदर कैसे दुनिया को बना कर चला जाता है जब ऐसा हो रहा होता है और ऐड तो सबसे जरूरी क्या हो जब ऐसा होता है तो सबसे जरूरी क्या होता है वही होता है कि भाई जब आप मेरे से ही सीख रहा है तो यह इंपॉर्टेंट कि मेरा आचरण कैसा है मेरा व्यवहार कैसा है ताकि वह सारी चीजें सीखे जो सही है अगर मैं सही हूं तो जैसे निकली जब वह मेरे को कॉपी कर रहा है तो मतलब वह भी सही होगा तो मैं 90% सही हो तो हो सकता है वह 70% तो जरूर होगा लेकिन अब में मात्र 10% ही चीजें दिखा कर रहा हूं मेरा व्यवहार ठीक है तो वह क्या एक परसेंट भी से ठीक नहीं होगा और फिर आप एक से करेंगे उसको कि वह हंड्रेड परसेंट सही बर्ताव करे सही काम करें सही चीज से करें तो वह तो पॉसिबल नहीं है सोच कर देखें तो जब ऐसी नौबत आ जाती है फिर फिर आपको लगता है कि नहीं नहीं तो मेरी बात नहीं सुन रहे इसको तो मारो इसको तो पीता उसको तो यह करो उसको तो वह करो यह तो बिगड़ गया है लेकिन हम भूल जाते हैं कि एक बच्चा हमारा ही काफी हद तक प्रतिबिंब होता है क्योंकि वह ओरिजनेट हुआ है हमारे ही जिनसे वह संस्कार भले ही थोड़े बहुत पुराने लेकर आया है लेकिन काफी सारी चीजें उसको हमसे मिली है और मोस्ट इंपोर्टेंट हमसे चीजें मिलती चली जा रही हैं वह ज्ञान अर्जित करता है चला जा रहा है अब चाहे उसे आप ज्ञान के जीके लीजिए एक्सपीरियंस कैरीचे वह सब उसमें सम्मिलित होता चला जा रहा है तो हमें यह देखना है कि हम कैसे रहते हम कैसे बर्ताव करते हैं और उसके बाद उसे भी कंटिन्यू सिंह डाइट पर नहीं यह बचपन से करना चाहिए अच्छा अब अगर मान लीजिए वह बड़ा हो रहा है या जिस किसी भी उम्र का हो अब आपको लगता है वह मेरी बात नहीं सुन रहा तो क्या आप मारेंगे फिटिंग किया उसको समझा आएंगे उसे बुलाएंगे उसे मिटायेंगे उसे उसे सबसे पहले पूछना चाहिए कि मैं तुमने ऐसा क्यों किया यह ऐसा तुम क्यों करने की सोचते हो फिर उसकी राई सुनने के बाद आप अपनी राय बताएंगे अगर उसके मन में कुछ गलत चीजें हैं कुछ गलत अप्रोच है या चीज है तो उसको हमें ठीक करना होगा देने दिया और फिर गाड़ी को आगे ले जाना पड़ेगा अब सही राह दिखाने के लिए तो हर चीज की जा सकती है कहानियां के थ्रू कहानियों के तू बता सकते का वातावरण में लेकर में मोटी मोटी बात बोलूं तो एक ऐसा वातावरण से दिया जा सकता है घर में जहां पर वह जो भी कुछ सीखता है देखता है सुनता है समझता है और अनुशासन में वो रहता है उसे वह बहुत एक अच्छा व्यक्तित्व तैयार करता है उसके चरित्र का निर्माण होता है वहां पर अगर थोड़ा बहुत इधर उधर होता भी है और थोड़े से चार गुना बाहर से लेकर भी आते हैं तो क्योंकि आपके साथ घर में रहता है तो वह वह सारी चीजें सीखता है जो आप उसको घर में सिखाते हैं तो मुझे नहीं लगता कि मारपीट की जरूरत होनी चाहिए मुझे तो यह लगता है कि हम जैसा आचरण करते हैं हमसे वो क्या एक्सपीरियंस ले रहा है अगर हम उसको मैनेज करने तो बहुत अच्छा रहेगा साथ ही हमारा रिएक्शन कैसे होता है वह अगर कोई काम ऐसे करता है या कुछ नहीं करता वगैरा-वगैरा पर यह देखना बहुत जरूरी हो जाता है जोड़ी ने मारपीट का मारना पीटना से जानते ही होंगे वैसे भी विदेशों में बच्चों को मारते पीटते नहीं है जरा भी नहीं वह तो भारत में करते हैं सर और और ऐसा भी नहीं है कि आज भी करते हैं ठीक-ठाक ही करते हैं कोई बहुत तमीज है ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि भाई आप एकदम एक्सट्रीम में चले गए ऋणों की एकदम नहीं मानना या एकदम मानना है यह जो भी कुछ है मैं तो कहता हूं यह मारपीट वाली चीज बताइए प्यार से चीजों को समझाई जा सकती है और बच्चा जरूर फॉलो करेगा

jeene chota baccha ho ya bada baccha kisi ko bhi maarne peetane ki koi zarurat nahi honi chahiye main bataun kaise aati hai kyonki aapko lagta hai thode samay baad ladki bhai yah toh meri baat hi nahi suna lekin baat nahi sunne ki naubat kyon aati hai kyon kyonki vaah baccha paisa nahi kar raha jaisa aap chahte hain bhai aap chahte honge ki bahut sahi tarike se cheezen kare lekin vaah waisa karta nahi hai kyon nahi karta isliye nahi karta kyonki uski aadat hi kuch aur hoti ja rahi hai vaah aise kyon ho rahi hai kyonki ek chota baccha jab tak bada nahi ho jata aur dawai speed se kahaan se sikhata hai coaching se ghar se sikhata hai sabse pehle sabse pehle uski shiksha ghar se shuru hoti asha shiksha book kitab lekar badhane wali nahi hai vaah poem vaah kitabon aur kahaniya padhane waale shikshak ABCD wali shiksha nahi hai vaah toh baad mein aati hai shiksha do se pehle shuru ho jaati hai aapko bata bhi nahi lagta ki vaah kya cheez hai pic kar raha hai humse aur vaah seekh raha hai ek 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ke through kahaniya ke tu bata sakte ka vatavaran mein lekar mein moti moti baat bolu toh ek aisa vatavaran se diya ja sakta hai ghar mein jaha par vaah jo bhi kuch sikhata hai dekhta hai sunta hai samajhata hai aur anushasan mein vo rehta hai use vaah bahut ek accha vyaktitva taiyar karta hai uske charitra ka nirmaan hota hai wahan par agar thoda bahut idhar udhar hota bhi hai aur thode se char guna bahar se lekar bhi aate hain toh kyonki aapke saath ghar mein rehta hai toh vaah vaah saree cheezen sikhata hai jo aap usko ghar mein sikhaate hain toh mujhe nahi lagta ki maar peet ki zarurat honi chahiye mujhe toh yah lagta hai ki hum jaisa aacharan karte hain humse vo kya experience le raha hai agar hum usko manage karne toh bahut accha rahega saath hi hamara reaction kaise hota hai vaah agar koi kaam aise karta hai ya kuch nahi karta vagaira vagaira par yah dekhna bahut zaroori ho jata hai jodi ne maar peet ka marna pitana se jante hi honge waise bhi videshon mein baccho ko marte pitate nahi hai zara bhi nahi vaah toh bharat mein karte hain sir aur aur aisa bhi nahi hai ki aaj bhi karte hain theek thak hi karte hain koi bahut tamij hai aisa bhi nahi hona chahiye ki bhai aap ekdam extreme mein chale gaye rinon ki ekdam nahi manana ya ekdam manana hai yah jo bhi kuch hai toh kahata hoon yah maar peet wali cheez bataye pyar se chijon ko samjhai ja sakti hai aur baccha zaroor follow karega

जीने छोटा बच्चा हो या बड़ा बच्चा किसी को भी मारने पीटने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए मैं ब

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

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जी नहीं छोटे बच्चों को मारना पीटना बिल्कुल भी गलत है या जब सही गिरा अभी दिखाते हैं तो सही राह दिखाने का यही एक तरीका नहीं कि उसकी मारपीट के समझाने की इसके अलावा इस रास्ते को छोड़कर असंख्य रास्ते हैं अब आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप की सोच कैसी है यदि आप मनुवादी हैं यदि आप मारने के समर्थक हैं तो जाहिर सी बात अब बच्चे को मारपीट का सोचेंगे कोशिश करेंगे उसको समझाया मैं एक बात का प्रमाण देता हूं आपको साक्षी प्रस्तुत करता हूं कि जो भी मां-बाप जो भी गार्डन जो भी टीचर से जो भी इंसान बच्चों को मारपीट कर सभी सही भविष्य बताने की कोशिश करते निश्चित रूप में आज तक 99.99% वह लोग इस काम में असफल हुए हैं उनको असफलता हाथ लगी है जिन लोगों ने अपने विचार से अपनी सोच से अपने विवेक से अपनी समझ से अपने बच्चों को आगे समझाया है वह हंड्रेड परसेंट कभी कामयाब हुआ है तुम्हें पैसा कि मैं दे देगा जवाब आपको पसंद है निश्चित रूप से प्लीज मुझे कीजिएगा फॉलो लाइक शेयर कमेंट के रूप में रिप्लाई कर मुझे फॉलो करके मेरा हौसला अफजाई करते रहिए अपनी डफली अपना जीवन से संबंधित इसी तरीके से मस्से सवालों के सवाल थैंक यू

ji nahi chote baccho ko marna pitana bilkul bhi galat hai ya jab sahi gira abhi dikhate hain toh sahi raah dikhane ka yahi ek tarika nahi ki uski maar peet ke samjhane ki iske alava is raste ko chhodkar asankhya raste hain ab aapke upar nirbhar karta hai ki aap ki soch kaisi hai yadi aap manuvadi hain yadi aap maarne ke samarthak hain toh jaahir si baat ab bacche ko maar peet ka sochenge koshish karenge usko samjhaya main ek baat ka pramaan deta hoon aapko sakshi prastut karta hoon ki jo bhi maa baap jo bhi garden jo bhi teacher se jo bhi insaan baccho ko maar peet kar sabhi sahi bhavishya batane ki koshish karte nishchit roop mein aaj tak 99 99 vaah log is kaam mein asafal hue hain unko asafaltaa hath lagi hai jin logo ne apne vichar se apni soch se apne vivek se apni samajh se apne baccho ko aage samjhaya hai vaah hundred percent kabhi kamyab hua hai tumhe paisa ki main de dega jawab aapko pasand hai nishchit roop se please mujhe kijiega follow like share comment ke roop mein reply kar mujhe follow karke mera hausla afajai karte rahiye apni dafli apna jeevan se sambandhit isi tarike se masse sawalon ke sawaal thank you

जी नहीं छोटे बच्चों को मारना पीटना बिल्कुल भी गलत है या जब सही गिरा अभी दिखाते हैं तो सही

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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प्रशन है क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है दरअसल जो बच्चे समझदारी में होते हैं तो ने समझदारी से समझाया जा सकता है अगर मारते पीटते रहेंगे तो उसमें जो धर्म है का जो सिलेबस से वह आउट हो जाएगा तो वह बर्दाश्त से बाहर अपने आप को शांत कर देगा तो उस पर कोई असर नहीं जाएगा ना गाली कान्हा क्लोज करना मारने का पीटने का तो वह बिगड़ चुका होता है तो यह सावधानी से रखना चाहिए कि बच्चों को सही तरह रास्ते में समझाया और उसके अंदर इमानदारी का ज्ञान होना चाहिए सच बोलने का ज्ञान होना चाहिए और भी शुरू में आरंभिक 10th में उनको सही डिसिप्लिन के साथ सामान्य शब्दों के आचरण में उनको समझाने की कोशिश करना चाहिए लेकिन मारना पीटना देखना चाहिए कि धमकाना चाहिए कि ताकि उसको कुछ 34 ना पहुंचे अन्यथा तो गुस्से में ऐसा कुछ ना कुछ सोजा ताकि भविष्य में बहुत उसमें हानि रहती है तो इससे थोड़ा बचाव करना चाहिए मारने पीटने का देसी होता है कि वे सही आचरण में अपने जीवन को डाले और उस पर चले अगर वह ऐसा नहीं करता है तो हम बहुत सारी प्रयुक्त किया है उसका प्रयोग करना चाहिए और वॉच करते रहना चाहिए होने पर भी लगेगी हवे हमार परवाह छोरा है तो सावधानी से अपने आपको थोड़ा बदलाव में लाएंगे और दूसरी बात सब में होते कि स्वयं के अंदर भी ऐसा कर तब होना चाहिए कि ताकि उनको को मौका ना मिले कि वह जिस कारण से हमें मारा-पीटा टोका जा रहा है वही गलतियां हम भी करते हैं तो ऐसे में उनके अंदर कुछ न कुछ अतिक्रमण करने की विकल्प आती तो इसी चीज को है कि अपनी मर्यादा है छोटे बड़े का जब डिस्टेंस वह बनाकर रखना चाहिए इसी में लाभ हो सकता है धन्यवाद में जेपी योगी व्हो कलेक्ट्स की ओर से

prashn hai kya chote baccho ko sahi raah dikhane ke liye marna pitana sahi hai darasal jo bacche samajhdari me hote hain toh ne samajhdari se samjhaya ja sakta hai agar marte pitate rahenge toh usme jo dharm hai ka jo syllabus se vaah out ho jaega toh vaah bardaasht se bahar apne aap ko shaant kar dega toh us par koi asar nahi jaega na gaali kanha close karna maarne ka peetane ka toh vaah bigad chuka hota hai toh yah savdhani se rakhna chahiye ki baccho ko sahi tarah raste me samjhaya aur uske andar imaandari ka gyaan hona chahiye sach bolne ka gyaan hona chahiye aur bhi shuru me aarambhik 10th me unko sahi discipline ke saath samanya shabdon ke aacharan me unko samjhane ki koshish karna chahiye lekin marna pitana dekhna chahiye ki dhamakaana chahiye ki taki usko kuch 34 na pahuche anyatha toh gusse me aisa kuch na kuch souza taki bhavishya me bahut usme hani rehti hai toh isse thoda bachav karna chahiye maarne peetane ka desi hota hai ki ve sahi aacharan me apne jeevan ko dale aur us par chale agar vaah aisa nahi karta hai toh hum bahut saari prayukt kiya hai uska prayog karna chahiye aur watch karte rehna chahiye hone par bhi lagegi have hamar parvaah chhora hai toh savdhani se apne aapko thoda badlav me layenge aur dusri baat sab me hote ki swayam ke andar bhi aisa kar tab hona chahiye ki taki unko ko mauka na mile ki vaah jis karan se hamein mara pita toka ja raha hai wahi galtiya hum bhi karte hain toh aise me unke andar kuch na kuch atikraman karne ki vikalp aati toh isi cheez ko hai ki apni maryada hai chote bade ka jab distance vaah banakar rakhna chahiye isi me labh ho sakta hai dhanyavad me jp yogi vo collects ki aur se

प्रशन है क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना सही है दरअसल जो बच्चे समझदा

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

4:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना चाहिए डॉक्टर कुछ सही नहीं है सही राह दिखाने के लिए सही तरीके से बात कर ले बात नहीं करनी मारने से बच्चे जिद्दी हो जाते हैं छा जाते हैं हो सकता आप से नफरत करने लगे ज्यादा मारपीट कहानी मैनेजर से डर जो है ना को ज्यादा देर तक नहीं रहता और सही तो बिल्कुल नहीं करेंगे जो टाइम आपने मार्केट से करा लिया जो कुछ थोड़ी देर के लिए सही करेंगे फिर भूल जाएंगे फिर डर होगा फिर करने में तो उनके भेजो मैं नहीं बैठेगी तो सही मार दी है कि आप उसको मैं सही महत्व समझाइए अच्छे तरीके से प्रेम है उदाहरण देकर भाग्य से मैंने तो कभी अपने स्टूडेंट को नहीं मारा मैंने छुट्टी क्लास से लेकर बड़ी क्लासेस तक स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी सर में पढ़ाया कहीं भी अपने स्टूडेंट को मारने की बात जानता भी नहीं है पर मेरे स्टूडेंट्स ने हमेशा मिल सकती है अपने बच्चे को भी नहीं मारा बेटी मेरी है तो हम आते पीते तभी है जब हम अपनी पेशन क्लोज कर जाते हैं धर्य खो देते हैं यह हमें प्यार से कहना नहीं आता पॉजिटिवली कहना नहीं आता अगर बच्चे को मारेंगे यार डर दिखाएंगे तो झूठ बोलेगा झूठ बोलकर बचना चाहेगा साथ चाहते हैं झूठ बोलना सीखे बच्चे को मारना चाहते हो कि मैंने आपको उदाहरण दे दिया क्या जब मैं मना सकती हूं दिन हमारे बेटे बिना डांटे तो आप ही बना सकते हैं सवाल केवल आपकी पेशन चौधरिया क्या है और सवाल दूसरा सवाल है आपके अपने खुद अंदर वात्सल्य का कितना प्रेम है आपके अंदर कितना प्रेम होगा बच्चों के प्रति उतना ही आप धैर्य रख पाओगे जितनी आपकी समझ में भी उतनी ही समझ बच्चे ने पेपर जू मारने पीटने का मतलब है आप खुद कमजोर है अपनी कमजोरी छिपाने के लिए आप मारते हैं तुम्हारे पीछे हैं जी आपको भी सीखने की जरूरत है क्योंकि मैं यह कह रही हूं कि बच्चे प्रॉब्लम बच्चे नहीं होते यह मां-बाप और टीचर होते हैं जो भी प्रॉब्लम टीचर क्या प्रॉब्लम है बात होते हैं क्योंकि उन्हें बच्चों को इसलिए वह सोचते हैं कि मारपीट के ही काम चल जाएगा बच्चों को हैंडल करने की ट्रेनिंग होती है कैसे हैंडल करना आजकल बच्चे बादशाह तेरे बाप की मारपीट से नहीं डरने वाले पहले बच्चे डर जाते थे उनके स्टैंडर्ड पर आप खरा नहीं उतरती मारपीट बच्चे से आप कम से कम चार कदम आगे बच्चे कभी एहसास हो कि हमारे मां-बाप को सब कुछ पता है जब नहीं पता होगा तो फिर बच्चे आपका मजाक उड़ाएंगे मैं नहीं बन सकेंगे और आपके लिए रेस्पेक्ट कम हो जाएगी तो रिस्पेक्ट कम हो जाएगी तो मानेंगे कैसा का गाना

aapka prashna hai kya chote baccho ko sahi raah dikhane ke liye marna pitana chahiye doctor kuch sahi nahi hai sahi raah dikhane ke liye sahi tarike se baat kar le baat nahi karni maarne se bacche jiddi ho jaate hain cha jaate hain ho sakta aap se nafrat karne lage zyada maar peet kahani manager se dar jo hai na ko zyada der tak nahi rehta aur sahi toh bilkul nahi karenge jo time aapne market se kara liya jo kuch thodi der ke liye sahi karenge phir bhool jaenge phir dar hoga phir karne me toh unke bhejo main nahi baithegi toh sahi maar di hai ki aap usko main sahi mahatva samjhaiye acche tarike se prem hai udaharan dekar bhagya se maine toh kabhi apne student ko nahi mara maine chhutti class se lekar badi classes tak school college university sir me padhaya kahin bhi apne student ko maarne ki baat jaanta bhi nahi hai par mere students ne hamesha mil sakti hai apne bacche ko bhi nahi mara beti meri hai toh hum aate peete tabhi hai jab hum apni peshan close kar jaate hain dharya kho dete hain yah hamein pyar se kehna nahi aata positively kehna nahi aata agar bacche ko marenge yaar dar dikhayenge toh jhuth bolega jhuth bolkar bachna chahega saath chahte hain jhuth bolna sikhe bacche ko marna chahte ho ki maine aapko udaharan de diya kya jab main mana sakti hoon din hamare bete bina Dante toh aap hi bana sakte hain sawaal keval aapki peshan chaudhriya kya hai aur sawaal doosra sawaal hai aapke apne khud andar vatsalya ka kitna prem hai aapke andar kitna prem hoga baccho ke prati utana hi aap dhairya rakh paoge jitni aapki samajh me bhi utani hi samajh bacche ne paper zoo maarne peetane ka matlab hai aap khud kamjor hai apni kamzori chipane ke liye aap marte hain tumhare peeche hain ji aapko bhi sikhne ki zarurat hai kyonki main yah keh rahi hoon ki bacche problem bacche nahi hote yah maa baap aur teacher hote hain jo bhi problem teacher kya problem hai baat hote hain kyonki unhe baccho ko isliye vaah sochte hain ki maar peet ke hi kaam chal jaega baccho ko handle karne ki training hoti hai kaise handle karna aajkal bacche badshah tere baap ki maar peet se nahi darane waale pehle bacche dar jaate the unke standard par aap Khara nahi utarati maar peet bacche se aap kam se kam char kadam aage bacche kabhi ehsaas ho ki hamare maa baap ko sab kuch pata hai jab nahi pata hoga toh phir bacche aapka mazak udaenge main nahi ban sakenge aur aapke liye respect kam ho jayegi toh respect kam ho jayegi toh manenge kaisa ka gaana

आपका प्रश्न है क्या छोटे बच्चों को सही राह दिखाने के लिए मारना पीटना चाहिए डॉक्टर कुछ सही

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

2:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर छोटे बच्चों को मारने पीटने से वह सही राह पर आ जाते हैं या वह बन जाते जो हम चाहते हैं तो बहुत आसान था फिर तो आजकल हर बच्चे को चांटा मारा जाता और उसको बोला जाता कि यह कर लो वह कर लेता लेकिन ऐसा नहीं होता है एक देखिए इसके साइंटिफिक तरीका भी है उसको सोचने का जब भी हम छोटे बच्चे को मारने पीटने लगते हैं छोटे बच्चों को डराते हैं तो वह चीजें छुपाने लगता है जब आप इसकी अति कर देते हैं तो कुछ समय बाद ही होता है कि उसके दिमाग में यह फ्रीज में ही चीज़ चली जाती कि ऐसा करना गलत है और वह लाइट रहती है इससे क्या होता है बच्चे का उचित में विकास नहीं होता अगर वह कुछ और करना चाहता है जीवन में तो उसको स्पा से डर लगता है कि मेरी मम्मी पापा क्या कहेंगे तो अगर बच्चों को मारना पीटना ही अगर को सैया दिखाना है तो मुझे लगता है आप गलत है इस तरह की जो मानसिकता रखने वाले पेरेंट्स है उनको समझना चाहिए कि मारना पीटना नहीं उनको समझाने का तरीका होता है हर बच्चे को समझाने का तरीका होता है आप लोग कहते हैं कि कुछ बच्चे नहीं होते हैं शरारत करते हैं मानते नहीं हैं देखी उनको भी समझाने का तरीका होता है हर बच्चा एक जैसा नहीं होता बिल्कुल माना जा सकता है लेकिन उन को समझाने के तरीके भी एक जैसे नहीं हो सकते हर बच्चे को अगर आप एक ही तरीके समझाइए तो सकते हो ना समझे आप भी क्रिएटिव बनी आप ही ने समझाने की कोशिश कीजिए आप उनको अपनी फिल पर छोड़ दीजिए जरुरी नहीं कि हर बच्चन जी ने डॉक्टर को मारपीट के या आप उनको गलत आदत छुड़ाने के लिए केवल हमेशा दोषी दोषी बनाएं अगर आप उनको ज्यादा दोषी बनाएंगे दोष दूसरों से दूसरों को दिखाएंगे तो वह हमेशा हमको ऐसा लगा कि उन्होंने गलत काम किया है वही प्रॉब्लम है तो उनको बजाए की अच्छी राह पकड़ने के बुरिया पकड़ना आसान होगी क्योंकि वह सोचेंगे कि हम तो गलत काम पहले से ही कर रहे हैं तो ऐसे बच्चे जल्दी की नेकेड हो जाते हैं और यह मैं नहीं मेरा यह मानना है कि उनको मारपीट करके नहीं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और आप ही बताइए कि और क्या-क्या तरीके हैं जिससे बच्चों को सही राह दिखाई जा सकती है

agar chote baccho ko maarne peetane se vaah sahi raah par aa jaate hain ya vaah ban jaate jo hum chahte hain toh bahut aasaan tha phir toh aajkal har bacche ko chaanta mara jata aur usko bola jata ki yah kar lo vaah kar leta lekin aisa nahi hota hai ek dekhiye iske scientific tarika bhi hai usko sochne ka jab bhi hum chote bacche ko maarne peetane lagte hain chote baccho ko darate hain toh vaah cheezen chhupaane lagta hai jab aap iski ati kar dete hain toh kuch samay baad hi hota hai ki uske dimag mein yah freeze mein hi cheez chali jaati ki aisa karna galat hai aur vaah light rehti hai isse kya hota hai bacche ka uchit mein vikas nahi hota agar vaah kuch aur karna chahta hai jeevan mein toh usko spa se dar lagta hai ki meri mummy papa kya kahenge toh agar baccho ko marna pitana hi agar ko saiya dikhana hai toh mujhe lagta hai aap galat hai is tarah ki jo mansikta rakhne waale parents hai unko samajhna chahiye ki marna pitana nahi unko samjhane ka tarika hota hai har bacche ko samjhane ka tarika hota hai aap log kehte hain ki kuch bacche nahi hote hain shararat karte hain maante nahi hain dekhi unko bhi samjhane ka tarika hota hai har baccha ek jaisa nahi hota bilkul mana ja sakta hai lekin un ko samjhane ke tarike bhi ek jaise nahi ho sakte har bacche ko agar aap ek hi tarike samjhaiye toh sakte ho na samjhe aap bhi creative bani aap hi ne samjhane ki koshish kijiye aap unko apni fill par chod dijiye zaroori nahi ki har bachchan ji ne doctor ko maar peet ke ya aap unko galat aadat chudane ke liye keval hamesha doshi doshi banaye agar aap unko zyada doshi banayenge dosh dusro se dusro ko dikhayenge toh vaah hamesha hamko aisa laga ki unhone galat kaam kiya hai wahi problem hai toh unko bajaye ki achi raah pakadane ke buria pakadna aasaan hogi kyonki vaah sochenge ki hum toh galat kaam pehle se hi kar rahe hain toh aise bacche jaldi ki naked ho jaate hain aur yah main nahi mera yah manana hai ki unko maar peet karke nahi aapka bahut bahut dhanyavad aur aap hi bataye ki aur kya kya tarike hain jisse baccho ko sahi raah dikhai ja sakti hai

अगर छोटे बच्चों को मारने पीटने से वह सही राह पर आ जाते हैं या वह बन जाते जो हम चाहते हैं त

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Lokesh kesharwani

Psychologist & Philosopher (Life Coach), Counsellor Of Everything.

1:59
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किसी भी छोटे बच्चे को या फिर किसी भी व्यक्ति को अगर सही राह दिखाना है तो उसके लिए बहुत सारे तरीके होते हैं पहला तरीका होता है प्यार से पहले समझाना दूसरा तरीका होता है प्यार से समझाने के बाद उसे दो-तीन बार समझाओ आप उसे थोड़ा गुस्सा करती हो जब दंड देकर इंसान दंड देने के बावजूद भी चलता है लेकिन उसको कुत्ते ही ऐसा सोचना गलत कार्य करना कि बच्चा छोटा है तो उसको एहसास होने वाला नहीं है आप उसे प्यार भी तो नहीं सकते हैं प्यार में समझाने के बावजूद एक बार में दो बार तीन बार विचार बताइए और समझा उसको मना क्यों कर रहे हैं उसकी वजह भी आप उसको बताइए जैसे कि आप कहते हैं कि बेटा चौक मत खाओ अब आप क्या चौक मत खाओ लेकिन बेटा फिर भी चौक खा रहा है आप उसकी वजह को बताइए ठीक चौक खाने से क्या होता है क्या-क्या हो सकता है कौन-कौन सी बीमारी उत्पन्न हो सकती है जब आप इन सब की विस्तृत जानकारी उसको प्यार से वो दिन बैठा करते नहीं बताएंगे तब तक उतरने वाला नहीं है कोई भी बच्चा है उसके अंदर जाता है उसकी एक आदत हो गई है तो सबसे पहले आपको उसे उसको प्यार देना होगा उसको समझाना होगा उसको बताना होगा अगर बच्चा थोड़ा बड़ा है कभी उसको प्यार से ही उसके पास पैसा है उसको बताइए उसको प्रॉपर विस्तृत जानकारी दीजिए कि आप ऐसा करोगे तो ऐसा हो जाएगा और अगर आप मेरी बात मानोगे तो अब कैसा होगा जब आप इस तरह से जमा करने की बताइए तुमको मैंने एक बार समझा दिया कि ऐसा करने से 100 तक में समझ में नहीं आता है

kisi bhi chote bacche ko ya phir kisi bhi vyakti ko agar sahi raah dikhana hai toh uske liye bahut saare tarike hote hain pehla tarika hota hai pyar se pehle samajhana doosra tarika hota hai pyar se samjhane ke baad use do teen baar samjhao aap use thoda gussa karti ho jab dand dekar insaan dand dene ke bawajud bhi chalta hai lekin usko kutte hi aisa sochna galat karya karna ki baccha chota hai toh usko ehsaas hone vala nahi hai aap use pyar bhi toh nahi sakte hain pyar mein samjhane ke bawajud ek baar mein do baar teen baar vichar bataiye aur samjha usko mana kyon kar rahe hain uski wajah bhi aap usko bataiye jaise ki aap kehte hain ki beta chauk mat khao ab aap kya chauk mat khao lekin beta phir bhi chauk kha raha hai aap uski wajah ko bataiye theek chauk khane se kya hota hai kya kya ho sakta hai kaun kaun si bimari utpann ho sakti hai jab aap in sab ki vistrit jaankari usko pyar se vo din baitha karte nahi batayenge tab tak utarane vala nahi hai koi bhi baccha hai uske andar jata hai uski ek aadat ho gayi hai toh sabse pehle aapko use usko pyar dena hoga usko samajhana hoga usko bataana hoga agar baccha thoda bada hai kabhi usko pyar se hi uske paas paisa hai usko bataiye usko proper vistrit jaankari dijiye ki aap aisa karoge toh aisa ho jaega aur agar aap meri baat manoge toh ab kaisa hoga jab aap is tarah se jama karne ki bataiye tumko maine ek baar samjha diya ki aisa karne se 100 tak mein samajh mein nahi aata hai

किसी भी छोटे बच्चे को या फिर किसी भी व्यक्ति को अगर सही राह दिखाना है तो उसके लिए बहुत सार

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Rihan Shah

I want to become An IAS Officer (Love Realationship Full Experience)

0:14
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लेकिन मेरा मन नहीं तो छोटे बच्चों को सही रास्ता दिखाना है तो उसके सबसे पहले गाड़ी मिलती है उसके मां-बाप देते हैं सही रास्ता बताते हैं कि उसे की स्पीड में आना और अपने घर से अगर अच्छी शिक्षा मिलेगी तो लाइफ में बच्चा कभी मारने खाएगा

lekin mera man nahi toh chote baccho ko sahi rasta dikhana hai toh uske sabse pehle gaadi milti hai uske maa baap dete hain sahi rasta batatey hain ki use ki speed mein aana aur apne ghar se agar achi shiksha milegi toh life mein baccha kabhi maarne khaega

लेकिन मेरा मन नहीं तो छोटे बच्चों को सही रास्ता दिखाना है तो उसके सबसे पहले गाड़ी मिलती है

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बिल्कुल भी नहीं यह बहुत गलत चीज है आप जितना छोटे बच्चों को मारोगे ना दोगे उतना गलत राह पर जाएंगे क्योंकि उनके मन में उस चीज से डर बैठ जाएगा उधर बेटी का को कभी आपसे अपनी सोच अपने विचार अपने मन की बात कभी देखते नहीं

bilkul bhi nahi yah bahut galat cheez hai aap jitna chote baccho ko maroge na doge utana galat raah par jaenge kyonki unke man mein us cheez se dar baith jaega udhar beti ka ko kabhi aapse apni soch apne vichar apne man ki baat kabhi dekhte nahi

बिल्कुल भी नहीं यह बहुत गलत चीज है आप जितना छोटे बच्चों को मारोगे ना दोगे उतना गलत राह पर

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सबसे पहली बात तो यह है अगर बच्चे पर डिपेंड करता है अगर बच्चा पूरा रार है तो उसको तो कोई बता रहा था जो कविराज हरदोई से मारपीट से सुधारा जाता है हम तो प्यार से प्यार सुनाया जाता है उसको मारना पीटना नहीं है मारने से भी बच्चा बिगड़ जाता है जो बच्चा पैदा हुआ है उसके लिए तो हमें 155 से उसको संभालना चाहिए और राह दिखाने चाहिए और अच्छी शिक्षा देनी चाहिए दो ही बच्चे आगे प्राप्त कर सकते हैं थैंक यू बाय

sabse pehli baat toh yah hai agar bacche par depend karta hai agar baccha pura rara hai toh usko toh koi bata raha tha jo kaviraj hardoi se maar peet se sudhara jata hai hum toh pyar se pyar sunaya jata hai usko marna pitana nahi hai maarne se bhi baccha bigad jata hai jo baccha paida hua hai uske liye toh hamein 155 se usko sambhaalna chahiye aur raah dikhane chahiye aur achi shiksha deni chahiye do hi bacche aage prapt kar sakte hain thank you bye

सबसे पहली बात तो यह है अगर बच्चे पर डिपेंड करता है अगर बच्चा पूरा रार है तो उसको तो कोई बत

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