किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या ग़लत?...


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Akash Mishra

Yoga Expert | Author | Naturopathist | Acupressure Specialist |

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने किसी व्यक्ति के किसी धर्म जाति से शादी करना आधारभूत तरीके से हमारा जो है तो है वह मलेश्वर होना चाहिए और दूसरी कोई भी गलत नहीं है कुछ भी गलत नहीं है घर में किसी औरत जाति के लोगों से शादी करते हैं मैंने खुद जो है शादी की है मेरी पत्नी खुश है शादी से पहले दूसरी जाति धन्यवाद

apne kisi vyakti ke kisi dharm jati se shaadi karna adharbhut tarike se hamara jo hai toh hai vaah maleshwar hona chahiye aur dusri koi bhi galat nahi hai kuch bhi galat nahi hai ghar me kisi aurat jati ke logo se shaadi karte hain maine khud jo hai shaadi ki hai meri patni khush hai shaadi se pehle dusri jati dhanyavad

अपने किसी व्यक्ति के किसी धर्म जाति से शादी करना आधारभूत तरीके से हमारा जो है तो है वह मले

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International Yogi

spiritual Guru (Life Coach)

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल के समाज में यह सवाल बेमानी हो चुका है यह सवाल 50 साल पुराना था आज तो यह नॉर्मल चीज हो गई है लोग कर ही रहे हैं इसे कोई दिक्कत नहीं है धन्यवाद

aajkal ke samaj mein yah sawaal bemani ho chuka hai yah sawaal 50 saal purana tha aaj toh yah normal cheez ho gayi hai log kar hi rahe hain ise koi dikkat nahi hai dhanyavad

आजकल के समाज में यह सवाल बेमानी हो चुका है यह सवाल 50 साल पुराना था आज तो यह नॉर्मल चीज हो

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Ashok Clinic

Sexologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना चाहिए जल्दी देखिए आपके ऊपर आपको लगता है इंसान तो इंसान में कोई फर्क नहीं है ठीक है और आपके घर वाले दोनों के घर वाले महान है तो शादी कर लेनी चाहिए लेकिन यहां सामाजिक तौर पर बड़ी बाधाएं हैं और सामाजिक तौर पर चक्र पढ़ते हैं जातिवाद के ऊंच-नीच के पैसे के इन बातों का आता है जो करें अच्छा करें घरवालों से कंप्रोमाइज करके करें बॉडी तो जिस्म तो शरीर तो रो तो वही है सबकी चाहे किसी जाति कौन सी जाति है जिसके कोई रंग नहीं लगा हुआ कौन सी जाती है जिसके पास पैसा नहीं इसलिए यह फालतू की बातें हैं जो हमारे एशिया में ही ज्यादा चलती है

kisi dusre dharm ya jati ke vyakti se shadi karna chahiye jaldi dekhiye aapke upar aapko lagta hai insaan toh insaan mein koi fark nahi hai theek hai aur aapke ghar waale dono ke ghar waale mahaan hai toh shadi kar leni chahiye lekin yahan samajik taur par badi baadhayain hain aur samajik taur par chakra padhte hain jaatiwad ke unch neech ke paise ke in baaton ka aata hai jo kare accha kare gharwaalon se compromise karke kare body toh jism toh sharir toh ro toh wahi hai sabki chahen kisi jati kaun si jati hai jiske koi rang nahi laga hua kaun si jaati hai jiske paas paisa nahi isliye yah faltu ki batein hain jo hamare asia mein hi zyada chalti hai

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना चाहिए जल्दी देखिए आपके ऊपर आपको लगता है इं

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है किसी दूसरे धर्म के जाती है भक्ति से शादी करना चाहिए कि नहीं लेकिन गलत या सही की बातें यहां पर यह है कि आप जो है आपकी मैच्योरिटी कितनी है आप कितना किसी और को अपनी लाइफ में शामिल कर सकते हैं किसी और के तौर-तरीकों को ऑन कर हंस हंस खानपान कपड़े बात करने का तरीका उनकर रिचुअल्स जो होता है उनका जो पूजा करने का तरीका या फिर जावेद यार उनका जो हम बोलते हैं उसको आप कितना अप में शामिल कर सकते हैं वह ज्यादा इंपोर्टेंट क्वेश्चन या फिर ब्राह्मण और ब्राह्मण ओनली अबाउट आप किसी और के धर्म को और उससे संबंधित जो बातें हैं उसको अपना सकते हैं या नहीं शादी प्यार तो आप कर लेते हैं लेकिन बाद में आपको पता चलता है कि आप इटालियन है वह नॉन वेजिटेरियन है आपको साड़ी वाली लड़की पसंद है पर वह मिनी स्कर्ट पहनती है आपको शराब पसंद शराब पीते हैं तो यह सारी चीजें जो होती हैं नास्तिक है फिर पूजा करना नहीं करना यह जो भी चीजें होती हैं जिनको हम कहते हैं एडजस्टमेंट जो करना पड़ता है वह कंपैटिबिलिटी पर बहुत ही बड़ा उसका असर पड़ता है तभी शादी है जो है वह टिकते नहीं है रिश्ते टूट जाते हैं जो क्वालिटी और जो एक्टिविटीज है दूसरे धर्म की दो प्रजाति के उसको क्या आप अपना सकते हैं आपका क्या दूसरे पर्सन अपना सकता है कि बंटी अगर आप अपनाएंगे तो आप चाहेंगे आप कभी दूसरा अपना आफ व्हेयर थे ना आधा आप चलेंगे आधा वह चलेंगे वह खराब कर पाते हैं करवा पाते हैं बिजली तो तब ठीक है अगर नहीं कर पाते तो आगे जगह काफी प्रॉब्लम सा सकते हैं तो काउंसलिंग प्लीज कनेक्ट ऑन कविता पानी M.Com

aapka sawaal hai kisi dusre dharm ke jaati hai bhakti se shadi karna chahiye ki nahi lekin galat ya sahi ki batein yahan par yah hai ki aap jo hai aapki maturity kitni hai aap kitna kisi aur ko apni life mein shaamil kar sakte hai kisi aur ke taur trikon ko on kar hans hans khanpan kapde baat karne ka tarika unakar rituals jo hota hai unka jo puja karne ka tarika ya phir javed yaar unka jo hum bolte hai usko aap kitna up mein shaamil kar sakte hai vaah zyada important question ya phir brahman aur brahman only about aap kisi aur ke dharm ko aur usse sambandhit jo batein hai usko apna sakte hai ya nahi shadi pyar toh aap kar lete hai lekin baad mein aapko pata chalta hai ki aap italian hai vaah non vegetarian hai aapko saree wali ladki pasand hai par vaah mini skirt pahanti hai aapko sharab pasand sharab peete hai toh yah saree cheezen jo hoti hai nastik hai phir puja karna nahi karna yah jo bhi cheezen hoti hai jinako hum kehte hai adjustment jo karna padta hai vaah kampaitibiliti par bahut hi bada uska asar padta hai tabhi shadi hai jo hai vaah tikte nahi hai rishte toot jaate hai jo quality aur jo activities hai dusre dharm ki do prajati ke usko kya aap apna sakte hai aapka kya dusre person apna sakta hai ki bunty agar aap apanaenge toh aap chahenge aap kabhi doosra apna of veyar the na aadha aap chalenge aadha vaah chalenge vaah kharab kar paate hai karva paate hai bijli toh tab theek hai agar nahi kar paate toh aage jagah kaafi problem sa sakte hai toh kaunsaling please connect on kavita paani M Com

आपका सवाल है किसी दूसरे धर्म के जाती है भक्ति से शादी करना चाहिए कि नहीं लेकिन गलत या सही

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

2:24

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी जैसे कि आज की चर्चा का विषय है कि किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत था को बताना चाहेंगे यह डिपेंड करता है पर्सन टो पर्सन वैसे अगर जनरल बात करी जाए माली दूसरी जाति की हम बात करें तो कोई अगर ब्राह्मण जाति का है और वह अगर किसी खास में शादी करता है या कोई खास थे तो वैसे में शादी करता है यहां पर हर एक जाति के अपने अलग ट्रेडिशन सोते हुए कस्टम्स होता है तो दूसरे व्यक्ति को जो दूसरे परिवार में जाता है शादी हो कर दो उसको वहां के कस्टमर के कोडिंग अपने को डालना पड़ता है और हर बार थोड़ी सी दिक्कत है आती है क्योंकि हर एक एक अष्टम सर्ग हैं अगर आप अपनी ही जाति में करते हैं तो आपको पता होती है कि किस तरह से आप क्या कस्टम वह निभाएंगे क्योंकि आपने अपने परिवार में देखा होता है कि माफ की मां किस तरह से उस में कार्य करती हैं किसी फेस्टिवल पर यह आपके पिताजी क्या क्या कार्य करते हैं तो आप पता होती है जबकि दूसरी जाति में जवाब करते हैं तो आपको पता नहीं होता कि किस तरह से वहां पर कार्य होने हैं अब अगर बात करी जाए दूसरे धर्म में शादी होने की तो मान लीजिए हिंदू जाति का कोई व्यक्ति है उसने मुस्लिम में शादी कर लिया मुस्लिम इसाई में कर ली तो वहां पर तो पूरा पूरा डॉक्युमेशन हो रहा है पूरा कल्चर ही अलग हो रहा है जैसे पहले मैंने बताया जाती मैं तो होली मान लीजिए अगर वैसे बना रहे हैं तो ब्राह्मण ही बना रहे हैं कैसे बना रहे होली सब मना रे लेकिन होली मनाने के तरीके थोड़े बहुत ऊपर नीचे हो सकता है लेकिन यहां पर क्या है धर्म में कर रहे हैं तो शायद हिंदू होली मना रहे हैं लेकिन मुस्लिम तो ईद मनाएंगे तो यहां पर पूरा पूरा ट्रेडिशन ही चेंज हो जाता है पूरा कल्चर चिल्लाता है अब वह कांटेक्ट करने वाली बात होती है ड्रेस करने वाली बात होती है कितने अच्छे से आप एड्रेस कर सकते हो और आपकी जिस परिवार में शादी हुई है वह कितने अच्छे से आपको एड्रेस करने देते हैं और करवाते हैं तो उसी पर डिपेंड करता है आजकल तो वैसे भी एकल परिवार के प्रति ज्यादा हो गई है तब तो तेरा प्रॉब्लम नहीं होती लेकिन जहां पर पहले संयुक्त परिवार होते थे और सहयोग परिवारों में जाकर शादी करनी होती थी वही उनके साथ है ना होता था तो उनके साथ जो कंपैटिबिलिटी सोते थे वह बहुत ज्यादा होते थे धन्यवाद

vicky jaise ki aaj ki charcha ka vishay hai ki kisi dusre dharm ya jati ke vyakti se shadi karna sahi hai ya galat tha ko bataana chahenge yah depend karta hai person toe person waise agar general baat kari jaaye maali dusri jati ki hum baat kare toh koi agar brahman jati ka hai aur vaah agar kisi khaas mein shadi karta hai ya koi khaas the toh waise mein shadi karta hai yahan par har ek jati ke apne alag tradition sote hue customs hota hai toh dusre vyakti ko jo dusre parivar mein jata hai shadi ho kar do usko wahan ke customer ke coding apne ko dalna padta hai aur har baar thodi si dikkat hai aati hai kyonki har ek ek ashtam sarg hain agar aap apni hi jati mein karte hain toh aapko pata hoti hai ki kis tarah se aap kya custom vaah nibhaenge kyonki aapne apne parivar mein dekha hota hai ki maaf ki maa kis tarah se us mein karya karti hain kisi festival par yah aapke pitaji kya kya karya karte hain toh aap pata hoti hai jabki dusri jati mein jawab karte hain toh aapko pata nahi hota ki kis tarah se wahan par karya hone hain ab agar baat kari jaaye dusre dharm mein shadi hone ki toh maan lijiye hindu jati ka koi vyakti hai usne muslim mein shadi kar liya muslim isai mein kar li toh wahan par toh pura pura dakyumeshan ho raha hai pura culture hi alag ho raha hai jaise pehle maine bataya jaati main toh holi maan lijiye agar waise bana rahe hain toh brahman hi bana rahe hain kaise bana rahe holi sab mana ray lekin holi manane ke tarike thode bahut upar niche ho sakta hai lekin yahan par kya hai dharm mein kar rahe hain toh shayad hindu holi mana rahe hain lekin muslim toh eid manayenge toh yahan par pura pura tradition hi change ho jata hai pura culture chillaata hai ab vaah Contact karne wali baat hoti hai dress karne wali baat hoti hai kitne acche se aap address kar sakte ho aur aapki jis parivar mein shadi hui hai vaah kitne acche se aapko address karne dete hain aur karwaate hain toh usi par depend karta hai aajkal toh waise bhi ekal parivar ke prati zyada ho gayi hai tab toh tera problem nahi hoti lekin jaha par pehle sanyukt parivar hote the aur sahyog parivaron mein jaakar shadi karni hoti thi wahi unke saath hai na hota tha toh unke saath jo kampaitibiliti sote the vaah bahut zyada hote the dhanyavad

विकी जैसे कि आज की चर्चा का विषय है कि किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

2:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स देखिए अगर हम जाति की बात करें तो जाति से इतना कोई फर्क नहीं पड़ता अगर आप एक ही धर्म की दो अलग-अलग जातियों से शादी करते हैं तो लग लग जाती अगर शादी करती है तो कोई दिक्कत नहीं है कि जब डोली सॉन्ग के रहने का तरीका होता है वहीं जैसे ही होता है जो उनके रिचुअल्स होते हैं वह सब एक जैसे नहीं भी है तो शादी करने से पहले वह सारी बातें जान ले कि वह जहां इज्जत शामली से जुड़ने जा रहे हैं वह फैमिली कैसी है कैसे रिचार्ज को फॉलो करती है क्या हम उनके साथ एडजस्ट हो पाएंगे नहीं हो पाएंगे यह सारी चीजें को ध्यान में रख ले और उसके बाद डिसाइड करें कि शादी करनी चाहिए नहीं करनी चाहिए शादी देखिए एक-दो दिन का फैसला तो यहां अपने एक बार शादी कर ली तो फिर तो पूरी लाइफ गुजारिश गुजारनी पड़ती है तो फिर उसके बाद पछताने का टाइम होता के बाद अगर आप दूसरे कास्ट में शादी कर रहे हैं एक बार देख लीजिए कि आप उनकी फैमिली के साथ एडजस्ट कर सकते हैं कि नहीं कर सकते हैं अगर आप कर सकते हैं आपका जो हस्बैंड है या जो भाई है वह एडजस्ट पहले आपको कॉर्पोरेट करेंगे तो फिर से कर सकते कोई प्रॉब्लम नहीं और धर्म की बात तो धर्म में देखी धर्म में मैं आपको मना ही करूंगा क्योंकि जिंदगी जब हम दूसरे धर्मों में जाते हैं तो जो रिचुअल्स है जो भगवान है वह बिल्कुल चेंज हो जाता है हमारे पूरे रहने सहने का तरीका क्यों हो जाता है तो वह किसी भी इंसान के लिए सड़े नगर इतना चेंज है उसकी लाइफ में तो वह मोबाइल से बातें प्रॉब्लम तो करेगी ना तो दूसरे धर्म में शादी कर कर सकते हैं आप अगर आपका प्यार बहुत ही ज्यादा है आप नहीं रह सकते यहां पर आप अलग रह रहे हो फैमिली सो जाओ और शादी के बाद भी अलग रहेंगे तो कर सकते लेकिन अगर आपको फैमिली के साथ रहने तो आपको खुद को पूरी तरीके से बदलना पड़ेगा ना आप कस्टमर एक तरीके से खत्म हो जाएगा और आपको नया रूप लेना पर अब दूसरे धर्म में शादी करके अगर आप इन सारी चीजों के लिए तैयार है तो आप बिल्कुल दूसरे धर्म में शादी की थी लेकिन एक बार सोच कर आना क्योंकि शादी बार-बार नहीं कर सकते हो नहीं टूट सकती है बार-बार एक बार सोच लीजिए कि आप एडजस्ट कर सकते ही नहीं कर सकते अगर कर सकते हैं तो बिल्कुल कीजिए दूसरे धर्म में शादी

hello friends dekhiye agar hum jati ki baat kare toh jati se itna koi fark nahi padta agar aap ek hi dharm ki do alag alag jaatiyo se shadi karte hai toh lag lag jaati agar shadi karti hai toh koi dikkat nahi hai ki jab doli song ke rehne ka tarika hota hai wahi jaise hi hota hai jo unke rituals hote hai vaah sab ek jaise nahi bhi hai toh shadi karne se pehle vaah saree batein jaan le ki vaah jaha izzat shamili se judne ja rahe hai vaah family kaisi hai kaise recharge ko follow karti hai kya hum unke saath adjust ho payenge nahi ho payenge yah saree cheezen ko dhyan mein rakh le aur uske baad decide kare ki shadi karni chahiye nahi karni chahiye shadi dekhiye ek do din ka faisla toh yahan apne ek baar shadi kar li toh phir toh puri life gujarish gujarani padti hai toh phir uske baad pachtane ka time hota ke baad agar aap dusre caste mein shadi kar rahe hai ek baar dekh lijiye ki aap unki family ke saath adjust kar sakte hai ki nahi kar sakte hai agar aap kar sakte hai aapka jo husband hai ya jo bhai hai vaah adjust pehle aapko corporate karenge toh phir se kar sakte koi problem nahi aur dharm ki baat toh dharm mein dekhi dharm mein main aapko mana hi karunga kyonki zindagi jab hum dusre dharmon mein jaate hai toh jo rituals hai jo bhagwan hai vaah bilkul change ho jata hai hamare poore rehne sahane ka tarika kyon ho jata hai toh vaah kisi bhi insaan ke liye sade nagar itna change hai uski life mein toh vaah mobile se batein problem toh karegi na toh dusre dharm mein shadi kar kar sakte hai aap agar aapka pyar bahut hi zyada hai aap nahi reh sakte yahan par aap alag reh rahe ho family so jao aur shadi ke baad bhi alag rahenge toh kar sakte lekin agar aapko family ke saath rehne toh aapko khud ko puri tarike se badalna padega na aap customer ek tarike se khatam ho jaega aur aapko naya roop lena par ab dusre dharm mein shadi karke agar aap in saree chijon ke liye taiyar hai toh aap bilkul dusre dharm mein shadi ki thi lekin ek baar soch kar aana kyonki shadi baar baar nahi kar sakte ho nahi toot sakti hai baar baar ek baar soch lijiye ki aap adjust kar sakte hi nahi kar sakte agar kar sakte hai toh bilkul kijiye dusre dharm mein shadi

हेलो फ्रेंड्स देखिए अगर हम जाति की बात करें तो जाति से इतना कोई फर्क नहीं पड़ता अगर आप एक

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Shashikant Mani Tripathi

Yoga Expert | Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सही या गलत का निर्धारण आपके और आपके समाज के संस्कारों के आधार पर होता है जब किसी दूसरी जाति या धर्म के व्यक्ति के साथ आप विवाह करते हैं तो निश्चित तौर पर दोनों के संस्कार दोनों की परवरिश में थोड़ा फर्क होता है अगर आप आत्मीय रूप से इतने व्यस्त हैं कि आपका धर्म मानवता से जुड़ा हुआ है तो निश्चित ही और संस्कारों के आधार पर आने वाली विभिन्न पाओं को आप स्वीकार कर पाएंगे लेकिन अगर संस्कारों की मान्यता के आधार पर ही आप सही और गलत का फैसला करते हैं तो निश्चित ही आपको समस्या आने वाले हैं क्योंकि प्रकृति का भाव बन नहीं पाता जैसे आपने कहा कि किसी दूसरे धर्म या दूसरी जाति के व्यक्ति से तो यह कह कर के ही आपने उस एकता को चुनौती दे दी जिस एकता के लिए विवाह का बंधन स्वीकार किया जाए और विवाह में अगर एकत्र का भाव पैदा नहीं हुआ तो दोनों साथ रह कर के भी कभी एक साथ नहीं हो पाते और एक तू का भाव घर पैदा हुआ तो निश्चित ही इसी बाहों के लिए विवाह को संस्कार विवाह संस्कार को समाज में स्वीकार किया गया है

sahi ya galat ka nirdharan aapke aur aapke samaj ke sanskaron ke aadhar par hota hai jab kisi dusri jati ya dharm ke vyakti ke saath aap vivah karte hain toh nishchit taur par dono ke sanskar dono ki parvarish mein thoda fark hota hai agar aap atmiya roop se itne vyast hain ki aapka dharm manavta se juda hua hai toh nishchit hi aur sanskaron ke aadhar par aane wali vibhinn paon ko aap sweekar kar payenge lekin agar sanskaron ki manyata ke aadhar par hi aap sahi aur galat ka faisla karte hain toh nishchit hi aapko samasya aane waale hain kyonki prakriti ka bhav ban nahi pata jaise aapne kaha ki kisi dusre dharm ya dusri jati ke vyakti se toh yah keh kar ke hi aapne us ekta ko chunauti de di jis ekta ke liye vivah ka bandhan sweekar kiya jaaye aur vivah mein agar ekatarr ka bhav paida nahi hua toh dono saath reh kar ke bhi kabhi ek saath nahi ho paate aur ek tu ka bhav ghar paida hua toh nishchit hi isi baahon ke liye vivah ko sanskar vivah sanskar ko samaj mein sweekar kiya gaya hai

सही या गलत का निर्धारण आपके और आपके समाज के संस्कारों के आधार पर होता है जब किसी दूसरी जात

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति के साथ शादी करना सही है या गलत है आज के कल्चर के हिसाब से देखा जाए तो कोई दिक्कत नहीं है ठीक है कोई भी कभी भी कहीं भी किसी को भी साबित करता धर्म में जाति में अत्यंत लिया गया उसमें पिकनिक लीडर बना दिया मन की फैमिली की दोनों का ही काम है

kisi dusre dharm ya jati ke vyakti ke saath shadi karna sahi hai ya galat hai aaj ke culture ke hisab se dekha jaaye toh koi dikkat nahi hai theek hai koi bhi kabhi bhi kahin bhi kisi ko bhi saabit karta dharm mein jati mein atyant liya gaya usme picnic leader bana diya man ki family ki dono ka hi kaam hai

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति के साथ शादी करना सही है या गलत है आज के कल्चर के हिसाब

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत इस शादी नहीं हुआ जो है वह पर्सनल विचार होते हैं दो परिवारों के बीच 2 सामाजिक खत्म कर दो जाती पात्रों को जोड़ने का काम करती है तो जाकर शादी होती है तो विवा करते हैं उसको अब तक जितनी भी बात करते हैं अब तो हस्बैंड वाइफ जो है वह उनकी निश्चल अंडरस्टैंडिंग कितनी अच्छी है मां तू कितनी अच्छी है उसके ऊपर डिपेंड करता है इसी तरह से हम पल भर में विवाह जो है उसमें भी एक दूसरे के धर्म को मानते ना इज्जत देना दोनों धर्म को वह जरूर इसमें होना चाहिए लेकिन अंतत धर्मी विवाह में हिंदू और मुस्लिम के भी हो सकते हैं हिंदू और पश्चिम के भी हो सकते हैं और कोई भी विभिन्न बौद्ध धर्म के गुजराती पात्र मिलते हैं और विवाह करते हैं तो उन्हें आगे काफी तकलीफों का तो सामना नहीं करता लेकिन एक दूसरे के साथ एडजस्ट बहुत ही करना पड़ सकता है क्योंकि दिनभर मम्मी अलग-अलग तरह के रहन-सहन खान-पान और अलग-अलग तरह के जवाहर होते हैं तो वह उन्हें कपल के ऊपर डिपेंड करता है कि वह कैसे एडजस्ट कर पाएंगे इसलिए अगर पूरी तैयारी के साथ पूरी कोशिश कर और एक दूसरे को अधर्म को और जाति को मानदेय कर अगर हम फोन लगाते हैं तो उसमें कोई खराबी कि नहीं है और सुखी रह सकते हैं ऐसी बात नहीं है विवाह करने खाएगा तू होता है कि हम सुखी रहे हम अपना परिवार आगे बढ़ाएं और दो जग में यादव जाति विशेष को हम बताएं कि विभाग कर दो बंधन होता है वह अलग पर विश्वास सहकारिता सहकारिता और प्रेम के ऊपर होता है इसलिए 80 प्रेम विश्वास और अंडरस्टैंडिंग वही कोई भी जिला की न्यू होती है धन्यवाद

kisi dusre dharm ya jati ke vyakti se shadi karna sahi hai ya galat is shadi nahi hua jo hai vaah personal vichar hote hain do parivaron ke beech 2 samajik khatam kar do jaati patron ko jodne ka kaam karti hai toh jaakar shadi hoti hai toh viva karte hain usko ab tak jitni bhi baat karte hain ab toh husband wife jo hai vaah unki nishchal understanding kitni achi hai maa tu kitni achi hai uske upar depend karta hai isi tarah se hum pal bhar mein vivah jo hai usme bhi ek dusre ke dharm ko maante na izzat dena dono dharm ko vaah zaroor isme hona chahiye lekin antat dharami vivah mein hindu aur muslim ke bhi ho sakte hain hindu aur paschim ke bhi ho sakte hain aur koi bhi vibhinn Baudh dharm ke gujarati patra milte hain aur vivah karte hain toh unhe aage kaafi takaleephon ka toh samana nahi karta lekin ek dusre ke saath adjust bahut hi karna pad sakta hai kyonki dinbhar mummy alag alag tarah ke rahan sahan khan pan aur alag alag tarah ke jawahar hote hain toh vaah unhe couple ke upar depend karta hai ki vaah kaise adjust kar payenge isliye agar puri taiyari ke saath puri koshish kar aur ek dusre ko adharma ko aur jati ko manday kar agar hum phone lagate hain toh usme koi kharabi ki nahi hai aur sukhi reh sakte hain aisi baat nahi hai vivah karne khaega tu hota hai ki hum sukhi rahe hum apna parivar aage badhaye aur do jag mein yadav jati vishesh ko hum bataye ki vibhag kar do bandhan hota hai vaah alag par vishwas sahkarita sahkarita aur prem ke upar hota hai isliye 80 prem vishwas aur understanding wahi koi bhi jila ki new hoti hai dhanyavad

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत इस शादी नहीं हुआ जो है वह पर

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत में कोई गलत नहीं है बात चाहिए अगर दोनों एक दूसरे को चाहते हैं दोनों के परिवार एक-दूसरे को जाते हैं और विवाह शादी के लिए रजामंद एंटरकासना में किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं होती है और यह अच्छा भारत में कई लोगों ने इस प्रकार की शादी विवाह की है मेरे को चित्र नहीं बिस्तर में सफल जीवन जी रहे इसके लिए है कि दोनों को एक दूसरे के धर्म को मानना पड़ता हम दोनों परिवार किए जा सकते

kyonki dusre dharm ya jati ke vyakti se shadi karna sahi hai ya galat mein koi galat nahi hai baat chahiye agar dono ek dusre ko chahte hain dono ke parivar ek dusre ko jaate hain aur vivah shadi ke liye rajamand entarakasna mein kisi prakar ki koi apatti nahi hoti hai aur yah accha bharat mein kai logo ne is prakar ki shadi vivah ki hai mere ko chitra nahi bistar mein safal jeevan ji rahe iske liye hai ki dono ko ek dusre ke dharm ko manana padta hum dono parivar kiye ja sakte

क्योंकि दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत में कोई गलत नहीं है बात च

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

1:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है गलत है गलत वाली कोई बात नहीं है इंसान के तौर पर सब एक है यह हमने अब बना दिया है कि यह हमारी जाति का है या दूसरे धर्म का है क्या दूसरे धर्म वाले क्या अब कुछ अलग नहीं है हमसे खाली एक तरीका अलग अलग है कि अगर कोई इस ट्रेन से जा रहा है उसके इंतजार है पहुंचेंगे तो सब एक ही जगह मतलब तो आप यह वाली सोच ही गलत हो गई है कि हमारे धर्म का नहीं है यह हमारी जाति का नहीं है जब आज की जमाने में तो कम से कम चेहरों में तो मैं यह नहीं देख रही हूं कि कोई किसी से जाति विशेष से द्वेष रखे और शादी विवाह में कोई प्रॉब्लम आ रही है ऐसा कुछ नहीं है क्योंकि यहां तो ज्यादातर सब अपने मनपसंद से ही शादी करना चाहते हैं तो फिर वह कोई भी धर्म का हो और पढ़ाई कम से कम यह भेदभाव तो मिठाई देती है कि सिर्फ यह देखना है कि इंसानियत है कि नहीं सामने वाले में वह सबसे बड़ा धर्म है और किसी भी जाति का हो किसी भी धर्म का हो अगर मन में यह बात भी है तो इसको मन से निकाल कर और सब एक ही धर्म है और एक ही जाति के हैं उसमें धर्म में कोई भेदभाव नहीं है भगवान ने अगर इस धर्म का बनाया है तो उसको भी भगवान ने बनाया हमको भी बनाया है किसी से द्वेष नहीं रखे और यह जाति वाली और धर्म वाली बात को दिल से निकाल कर आराम से किसी से भी शादी करना सही है मेरे ख्याल से तो गलत नहीं है थैंक यू

aapka prashna hai ki kisi dusre dharm ya jati ke vyakti se shadi karna sahi hai galat hai galat wali koi baat nahi hai insaan ke taur par sab ek hai yah humne ab bana diya hai ki yah hamari jati ka hai ya dusre dharm ka hai kya dusre dharm waale kya ab kuch alag nahi hai humse khaali ek tarika alag alag hai ki agar koi is train se ja raha hai uske intejar hai pahunchenge toh sab ek hi jagah matlab toh aap yah wali soch hi galat ho gayi hai ki hamare dharm ka nahi hai yah hamari jati ka nahi hai jab aaj ki jamane mein toh kam se kam chehron mein toh main yah nahi dekh rahi hoon ki koi kisi se jati vishesh se dvesh rakhe aur shadi vivah mein koi problem aa rahi hai aisa kuch nahi hai kyonki yahan toh jyadatar sab apne manpasand se hi shadi karna chahte hain toh phir vaah koi bhi dharm ka ho aur padhai kam se kam yah bhedbhav toh mithai deti hai ki sirf yah dekhna hai ki insaniyat hai ki nahi saamne waale mein vaah sabse bada dharm hai aur kisi bhi jati ka ho kisi bhi dharm ka ho agar man mein yah baat bhi hai toh isko man se nikaal kar aur sab ek hi dharm hai aur ek hi jati ke hain usme dharm mein koi bhedbhav nahi hai bhagwan ne agar is dharm ka banaya hai toh usko bhi bhagwan ne banaya hamko bhi banaya hai kisi se dvesh nahi rakhe aur yah jati wali aur dharm wali baat ko dil se nikaal kar aaram se kisi se bhi shadi karna sahi hai mere khayal se toh galat nahi hai thank you

आपका प्रश्न है कि किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है गलत है गलत वाली क

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Prakhar Srivastava

IAS Aspirant

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देखिए यह जाति और धर्म यह सब इंसानों ने बनाए क्योंकि एक परिवर्तन की ओर जाते हैं आपने सुनाओ कि किसी ने अपना धर्म बदल लिया वह हिंदू सिख क्रिश्चियन बन गया इस्लाम में चला गया तो धर्म और जाति किसने बनाई इंसान ने बनाया तो शादी हम करते हैं तो एक इंसान से करते हैं उसकी कोई जाति नहीं होती और हिंदू कल्चर में या और भी कल्चर में तो यह भी रिवाज है कि जिस लड़की की शादी होती है उसका सरनेम हो जाता है तो उसके हस्बैंड का सरनेम यानी कि उसकी बीयर और एग्जाम खुली अगर आप गुप्ता है अरे एक कोई लड़की है जो शर्मा है उससे अगर आप शादी कर रहा है तो उसको शादी की बात करता हो लिखने लगती है या समाज का ढांचा है हमारा सामाजिक भाइयों कैसी है कि हम लड़कियों की जाति जो है पहले पति के पहले पिता के नाम से चलती है और पति के नाम से चलती है जाति और धर्म कुछ नहीं होता हम इंसानों नहीं चाहती हो का भी निर्माण किया है और धर्म का भी किया तो इंसान जब प्रकृति हमें बनाती है या भगवान के लीजिए एक इंसान के रूप में मनाते हैं भगवान ने इंसान जानवर पशु पक्षी पेड़ पौधे चीज बनाई है तो उसी तरह से हमें इंसान बनाया आप हमें इंसानों ने आपस में ना जाती धन बाटा यहां तक कि भगवान को भी बांट दिया अल्लाह गॉड और वाहेगुरु और भगवान और यीशु प्रभु जाने क्या क्या किसी दूसरे जाति या धर्म की बात नहीं आप अपनी मनपसंद ने पसंद से आपको जीवन बिताना है आपको जो भी पसंद है और आपको जो पसंद करते हो मुझसे शादी करना बिल्कुल सही चाहे वो किसी भी जाति क्यों किसी को थैंक यू सो मच

dekhiye yah jati aur dharm yah sab insano ne banaye kyonki ek parivartan ki aur jaate hain aapne sunao ki kisi ne apna dharm badal liya vaah hindu sikh Christian ban gaya islam mein chala gaya toh dharm aur jati kisne banai insaan ne banaya toh shadi hum karte hain toh ek insaan se karte hain uski koi jati nahi hoti aur hindu culture mein ya aur bhi culture mein toh yah bhi rivaaj hai ki jis ladki ki shadi hoti hai uska surname ho jata hai toh uske husband ka surname yani ki uski beer aur exam khuli agar aap gupta hai are ek koi ladki hai jo sharma hai usse agar aap shadi kar raha hai toh usko shadi ki baat karta ho likhne lagti hai ya samaj ka dhancha hai hamara samajik bhaiyo kaisi hai ki hum ladkiyon ki jati jo hai pehle pati ke pehle pita ke naam se chalti hai aur pati ke naam se chalti hai jati aur dharm kuch nahi hota hum insano nahi chahti ho ka bhi nirmaan kiya hai aur dharm ka bhi kiya toh insaan jab prakriti hamein banati hai ya bhagwan ke lijiye ek insaan ke roop mein manate hain bhagwan ne insaan janwar pashu pakshi ped paudhe cheez banai hai toh usi tarah se hamein insaan banaya aap hamein insano ne aapas mein na jaati dhan bata yahan tak ki bhagwan ko bhi baant diya allah god aur vaheguru aur bhagwan aur yeshu prabhu jaane kya kya kisi dusre jati ya dharm ki baat nahi aap apni manpasand ne pasand se aapko jeevan bitana hai aapko jo bhi pasand hai aur aapko jo pasand karte ho mujhse shadi karna bilkul sahi chahen vo kisi bhi jati kyon kisi ko thank you so match

देखिए यह जाति और धर्म यह सब इंसानों ने बनाए क्योंकि एक परिवर्तन की ओर जाते हैं आपने सुना

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Kesharram

Teacher

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किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत दोस्तों एक धर्म एक हो और यह शरीर देखो तो आप शादी कर सकते हो कोई दिक्कत नहीं है कहने का तात्पर्य यह है कि इंसान इस संसार के अंदर आकर के अलग-अलग जाति में बनता है अलग-अलग धर्मों के मंत्र लेकर के आया था और फिर हम लोगों ने उनका या आने के बाद में एक धमाकेदार स्वागत किया है और स्वागत करने के बाद भी उनको अलग-अलग जातियों के हिसाब से उसको बड़ी द्वारा तो इसलिए दोस्तों मैं आपको कहता हूं कि जाति धर्म से बंदर नहीं होते हैं क्योंकि जो दो मिलते हैं और परवरदिगार का आदेश हो तो कोई गलत बात नहीं है इसलिए दोस्तों इसमें किसी भी धर्म से जाति से शादी हो सकते हो अपना हमसफर सुन सकते हो और जीवन व्यतीत करें धन्यवाद

kisi dusre dharm ya jati ke vyakti se shadi karna sahi hai ya galat doston ek dharm ek ho aur yah sharir dekho toh aap shadi kar sakte ho koi dikkat nahi hai kehne ka tatparya yah hai ki insaan is sansar ke andar aakar ke alag alag jati mein banta hai alag alag dharmon ke mantra lekar ke aaya tha aur phir hum logo ne unka ya aane ke baad mein ek dhamakedar swaagat kiya hai aur swaagat karne ke baad bhi unko alag alag jaatiyo ke hisab se usko badi dwara toh isliye doston main aapko kahata hoon ki jati dharm se bandar nahi hote hain kyonki jo do milte hain aur paravaradigar ka aadesh ho toh koi galat baat nahi hai isliye doston isme kisi bhi dharm se jati se shadi ho sakte ho apna humsafar sun sakte ho aur jeevan vyatit kare dhanyavad

किसी दूसरे धर्म या जाति के व्यक्ति से शादी करना सही है या गलत दोस्तों एक धर्म एक हो और यह

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यह कहां लिखा हुआ है किसी दूसरे धर्म या दूसरी शादी तो दो इंसानों की विचारों का मिलन है अब आप दोनों के विचार मिलते हैं तो जिसमें धर्म और जाति को समझदारी से काम लेते हुए उन्हें अलग करके आप दोनों विवाह कर सकती

yah kahaan likha hua hai kisi dusre dharm ya dusri shadi toh do insano ki vicharon ka milan hai ab aap dono ke vichar milte hain toh jisme dharm aur jati ko samajhdari se kaam lete hue unhe alag karke aap dono vivah kar sakti

यह कहां लिखा हुआ है किसी दूसरे धर्म या दूसरी शादी तो दो इंसानों की विचारों का मिलन है अब आ

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किसी दूसरे धर्म और जाति की शादी करना सही है या गलत है तू लेके मेरे हिसाब से जहां तक मैं जानता हूं कि अपने जाति धर्म से रहता है क्योंकि दूसरे जाति धर्म में यदि मिलता है आपकी सोच आपकी सब कुछ मिलता है तो ठीक है लेकिन बहुत सारे मैंने देखा है कि वो लोग जो होते हैं अलग टाइप के जो दूसरे जाति के लोग होते हैं धर्म के वह मानते हैं कि उनके लिए जो मतलब मांसाहारी या बगैर बहुत सारी चीजें होती हैं बोलते हैं ईश्वर द्वारा बनाया गया है उनके लिए परमानेंट है को समझाने पर उन लोगों को मानते भी नहीं है इन्हें उनके लिए नहीं है तो ऐसे लोग शादी करना बिल्कुल मुझे जायज नहीं लगता है उनके एक्शन में झंझट हो जाएगी फिर तुम्हें लगता है कि बैठे हो कि आप किसी को भी अपने ही धर्म जाति में शादी करनी चाहिए बहुत ज्यादा उचित होगा जिन्हें को आसानी से गुजारने के लिए

kisi dusre dharm aur jati ki shadi karna sahi hai ya galat hai tu leke mere hisab se jaha tak main jaanta hoon ki apne jati dharm se rehta hai kyonki dusre jati dharm mein yadi milta hai aapki soch aapki sab kuch milta hai toh theek hai lekin bahut saare maine dekha hai ki vo log jo hote hain alag type ke jo dusre jati ke log hote hain dharm ke vaah maante hain ki unke liye jo matlab masahari ya bagair bahut saree cheezen hoti hain bolte hain ishwar dwara banaya gaya hai unke liye permanent hai ko samjhane par un logo ko maante bhi nahi hai inhen unke liye nahi hai toh aise log shadi karna bilkul mujhe jayaj nahi lagta hai unke action mein jhanjhat ho jayegi phir tumhe lagta hai ki baithe ho ki aap kisi ko bhi apne hi dharm jati mein shadi karni chahiye bahut zyada uchit hoga jinhen ko aasani se gujarne ke liye

किसी दूसरे धर्म और जाति की शादी करना सही है या गलत है तू लेके मेरे हिसाब से जहां तक मैं जा

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किसी दूसरे जाति भेद किसके शादी कीजिए कोई दिक्कत नहीं होता है हम इंसान एक ही होता है ठीक है कोई जात पात नहीं प्यार के बीच में प्यार एक बहुत खूबसूरत चीज होता है थैंक यू

kisi dusre jati bhed kiske shadi kijiye koi dikkat nahi hota hai hum insaan ek hi hota hai theek hai koi jaat pat nahi pyar ke beech mein pyar ek bahut khoobsurat cheez hota hai thank you

किसी दूसरे जाति भेद किसके शादी कीजिए कोई दिक्कत नहीं होता है हम इंसान एक ही होता है ठीक है

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