क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश में असुरक्षित महसूस करते हैं?...


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पंकज

IT Professional

5:32
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नहीं ऐसा नहीं है एक मानसिकता बनी है और मैं कहूंगा कि अभी नहीं बनी बल्कि आजादी के टाइम से ही है मानसिकता यह है कि मुसलमान ने भारत को कभी अपना ही नहीं उसके मन में एक अजीब सा बहरा हमेशा की जो से अंदर ही अंदर होता है उसे लगता है कि भारत का हिस्सा ही नहीं है और 18 में जाएंगे तो हम पाते हैं कि 22955 टी-शर्ट वह था जो मुस्लिमों का वोट था वह मशीन 1 गया था और मुस्लिम लोग लिखो देने का मतलब यह था कि मुस्लिम लीग का जो मांग थी अलग देश की उसको अपना समर्थन लेना यह सच है इसलिए खेत में एक्टिव 259 प्रतिशत जो वह 30 मई को गया था और मुस्लिम लीग ने उस चुनाव में 29 तारीख में जो हुआ था उसमें लगभग लगभग लगभग इसका सीधा सीधा अर्थ यह है कि जिन्होंने चुनाव में समर्थन किया था मुस्लिम लीग का समर्थन तो कर दिया लेकिन जब बंटवारा बटवारा हुआ और बंटवारे के बाद अपना घर बार छोड़कर जाने का नंबर आया तो उन्होंने क्या किया वह गेम खेलने गेम खेलने की एक तुम हो ने चुनाव में मुस्लिम लीग को सपोर्ट कर दिया और सपोर्ट करने के बाद उसका जो मांगते हो गई और दूसरी की थी कि वह खेल गेम खेल गए क्यों भेजी नहीं अब मुझे भावना होती है अगर आपने जो निजी तौर पर देखें तो उस तरह की अगर आप करोगे तो आपके मन में भावना चलेगी वही होगी कि मैंने क्या क्या है मनी ऋषिकेश की डेट की गद्दारी की है धोखा दिया है और इस भावना के साथ ही आपकी स्पीड है जी हां यही तो खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे तो भले ही आपको कितना भी कुछ कर लो अब तो क्या आप धोखा दे चुके तो आपको हमेशा लगेगा कि यह जो बंदा है यह आपको कभी ना कभी तो आप बदला लेगा हमारा है मन क्यों कहते यह देश हमारा भी है इसका मतलब फिराक बात करते हैं कि ऐसा क्यों है क्या हुआ मुस्लिम लीग ने जो का नेट फास्ट क्यों मांगा था इसका कारण क्या है भारत में अपना अधिकार जमाया था उस टाइम शुरू समझते थे कि यह जो भारत है यह मुगलों से संगठन के अंग्रेजी में लिया था और जाते हुए इस्लामिक लोग अंग्रेजी लोग सेवा की भावना के साथ मांगा था भारत इस्लामिक राष्ट्र बने लेकिन जब बात नहीं बनी तो ठीक है धन्यवाद

nahi aisa nahi hai ek mansikta bani hai aur main kahunga ki abhi nahi bani balki azadi ke time se hi hai mansikta yah hai ki musalman ne bharat ko kabhi apna hi nahi uske man me ek ajib sa behra hamesha ki jo se andar hi andar hota hai use lagta hai ki bharat ka hissa hi nahi hai aur 18 me jaenge toh hum paate hain ki 22955 T shirt vaah tha jo muslimo ka vote tha vaah machine 1 gaya tha aur muslim log likho dene ka matlab yah tha ki muslim league ka jo maang thi alag desh ki usko apna samarthan lena yah sach hai isliye khet me active 259 pratishat jo vaah 30 may ko gaya tha aur muslim league ne us chunav me 29 tarikh me jo hua tha usme lagbhag lagbhag lagbhag iska seedha seedha arth yah hai ki jinhone chunav me samarthan kiya tha muslim league ka samarthan toh kar diya lekin jab batwara batwara hua aur batware ke baad apna ghar baar chhodkar jaane ka number aaya toh unhone kya kiya vaah game khelne game khelne ki ek tum ho ne chunav me muslim league ko support kar diya aur support karne ke baad uska jo mangate ho gayi aur dusri ki thi ki vaah khel game khel gaye kyon bheji nahi ab mujhe bhavna hoti hai agar aapne jo niji taur par dekhen toh us tarah ki agar aap karoge toh aapke man me bhavna chalegi wahi hogi ki maine kya kya hai money rishikesh ki date ki gaddari ki hai dhokha diya hai aur is bhavna ke saath hi aapki speed hai ji haan yahi toh khud ko asurakshit mehsus karenge toh bhale hi aapko kitna bhi kuch kar lo ab toh kya aap dhokha de chuke toh aapko hamesha lagega ki yah jo banda hai yah aapko kabhi na kabhi toh aap badla lega hamara hai man kyon kehte yah desh hamara bhi hai iska matlab firak baat karte hain ki aisa kyon hai kya hua muslim league ne jo ka net fast kyon manga tha iska karan kya hai bharat me apna adhikaar Jamaya tha us time shuru samajhte the ki yah jo bharat hai yah mugalon se sangathan ke angrezi me liya tha aur jaate hue islamic log angrezi log seva ki bhavna ke saath manga tha bharat islamic rashtra bane lekin jab baat nahi bani toh theek hai dhanyavad

नहीं ऐसा नहीं है एक मानसिकता बनी है और मैं कहूंगा कि अभी नहीं बनी बल्कि आजादी के टाइम से ह

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

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हेलो फ्रेंड्स देखिए ऐसा बिल्कुल नहीं है कोई मुसलमानों से रुकती नहीं करते वह सुरक्षित अपील करते चलो कुछ गलत काम कर रहे पहले वह गलत काम करने से पहले नहीं सोचते थे कुछ आज उनको सोचना पड़ता है ना तो हम इसको और सुरक्षित सील करने को डरना क्या सकते हैं आप तो डरना तो चाहिए अगर कोई गलत काम कर रहे हो तो मैं आपको एग्जांपल देना चाहूंगा पहले गायों की तस्करी हो सरेआम होती थी न गवर्नमेंट टेंडर कितने लोग ध्यान देते थे लेकिन अब गायों की तस्करी बहुत हद तक कम हो गई है सिर्फ इसलिए क्योंकि लोग आ गए हो गए गवर्नमेंट अगर हो गया तो उनको छुप छुपा के डर के सारा काम करना पड़ता है तुम उसको और सुरक्षित का नाम नहीं दे सकते अगर मुसलमान शांति से रहे तो कोई गलत काम ना करें तो वह भी भारत के नागरिक हैं आराम से रह सकते हैं लेकिन पहले जितनी गुंडागर्दी से मुश्किल मुसलमानों की जितने मन की करते थे वह अब नहीं कर सकते इसका यह मतलब नहीं कि वह सुरक्षित नागर व कानून के दायरे में इसका यह मतलब नहीं हो सुरक्षित है तो ऐसा कुछ भी नहीं है कि मुसलमान जो सुरक्षित फील करता है सब बिल्कुल नहीं

hello friends dekhiye aisa bilkul nahi hai koi musalmanon se rukti nahi karte vaah surakshit appeal karte chalo kuch galat kaam kar rahe pehle vaah galat kaam karne se pehle nahi sochte the kuch aaj unko sochna padta hai na toh hum isko aur surakshit seal karne ko darna kya sakte hain aap toh darna toh chahiye agar koi galat kaam kar rahe ho toh main aapko example dena chahunga pehle gayon ki taskari ho sareaam hoti thi na government tender kitne log dhyan dete the lekin ab gayon ki taskari bahut had tak kam ho gayi hai sirf isliye kyonki log aa gaye ho gaye government agar ho gaya toh unko chup chupa ke dar ke saara kaam karna padta hai tum usko aur surakshit ka naam nahi de sakte agar muslim shanti se rahe toh koi galat kaam na kare toh vaah bhi bharat ke nagarik hain aaram se reh sakte hain lekin pehle jitni gundagardi se mushkil musalmanon ki jitne man ki karte the vaah ab nahi kar sakte iska yah matlab nahi ki vaah surakshit nagar va kanoon ke daayre mein iska yah matlab nahi ho surakshit hai toh aisa kuch bhi nahi hai ki muslim jo surakshit feel karta hai sab bilkul nahi

हेलो फ्रेंड्स देखिए ऐसा बिल्कुल नहीं है कोई मुसलमानों से रुकती नहीं करते वह सुरक्षित अपील

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

1:07
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मुसलमान न पहले असुरक्षित महसूस करते थे ना आज करते हैं बल्कि मुसलमान जो है हिंदुओं को असुरक्षित महसूस कराते रहते हैं वास्तविकता देश के मुसलमान कहीं भी असुरक्षित नहीं है अगर कोई हिंदू मुसलमानों के मोहल्ले में रह रहा है तो उसको कब उसका नुकसान कर देंगे उसको भी नहीं पता इलाहाबाद में एक कॉलोनी हैं जहां पर एक हिंदू एक मुसलमान का मकान था वह मुसलमान की दुकानें भी थी हिंदुओं की दुकानें थी यह 25 साल पहले 30 साल पहले की बात और आज वहां पर मुश्किल से एक या दो मकानों के बच्चे हैं बाकी सब मुसलमानों ने कभी हिंदुओं को बड़ी मुश्किल से वहां रहने देते हैं वह दबाव में रखते हैं जबकि हिंदुओं के मोहल्ले में मुसलमान बहुत आराम से रहते हैं वह कभी कोई कष्ट नहीं हो तो एकदम गलत प्रचार है धन्यवाद नमस्कार

musalman na pehle asurakshit mehsus karte the na aaj karte hain balki musalman jo hai hinduon ko asurakshit mehsus karate rehte hain vastavikta desh ke musalman kahin bhi asurakshit nahi hai agar koi hindu musalmanon ke mohalle mein reh raha hai toh usko kab uska nuksan kar denge usko bhi nahi pata allahabad mein ek colony hain jaha par ek hindu ek musalman ka makan tha vaah musalman ki dukanein bhi thi hinduon ki dukanein thi yah 25 saal pehle 30 saal pehle ki baat aur aaj wahan par mushkil se ek ya do makanon ke bacche hain baki sab musalmanon ne kabhi hinduon ko badi mushkil se wahan rehne dete hain vaah dabaav mein rakhte hain jabki hinduon ke mohalle mein musalman bahut aaram se rehte hain vaah kabhi koi kasht nahi ho toh ekdam galat prachar hai dhanyavad namaskar

मुसलमान न पहले असुरक्षित महसूस करते थे ना आज करते हैं बल्कि मुसलमान जो है हिंदुओं को असुरक

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

0:58
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जी हां 70% भारत के मुसलमान इस समय इस माहौल में और जैसा कि माहौल बनाया जा रहा है समाज में सामाजिक जहर घोला जा रहा है इस माहौल में रहकर के भारत के मुसलमान भारत में अपने आपको खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं इसको ज्यादा विश्व में बताने की जरूरत नहीं है कि हम लोग आए दिन देखते हैं कैसे मॉर्निंग क्यों होती है इस तरीके से कश्मीरी मुसलमानों को जो है बांध के बंद करके रखा गया है इस तरीके से आए दिन कभी गाय के नाम पर कभी पशु के नाम पर कभी धर्म के नाम पर कभी देशद्रोह के नाम पर कभी राजनीतिक मुद्दे के नाम पर कभी विकास के नाम से कभी किसी और बहाने मुसलमान को प्रताड़ित किया जा रहा है तो निश्चित रूप से जो है यह बहुत ही खराब माहौल है अभिमान हकीकत में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं अपनी जान को अपनी माल को इस माहौल में थैंक यू

ji haan 70 bharat ke musalman is samay is maahaul mein aur jaisa ki maahaul banaya ja raha hai samaj mein samajik zehar ghola ja raha hai is maahaul mein rahkar ke bharat ke musalman bharat mein apne aapko khud ko asurakshit mehsus kar rahe hain isko zyada vishwa mein batane ki zarurat nahi hai ki hum log aaye din dekhte hain kaise morning kyon hoti hai is tarike se kashmiri musalmanon ko jo hai bandh ke band karke rakha gaya hai is tarike se aaye din kabhi gaay ke naam par kabhi pashu ke naam par kabhi dharm ke naam par kabhi deshdroh ke naam par kabhi raajnitik mudde ke naam par kabhi vikas ke naam se kabhi kisi aur bahaane musalman ko pratarit kiya ja raha hai toh nishchit roop se jo hai yah bahut hi kharab maahaul hai abhimaan haqiqat mein asurakshit mehsus kar rahe hain apni jaan ko apni maal ko is maahaul mein thank you

जी हां 70% भारत के मुसलमान इस समय इस माहौल में और जैसा कि माहौल बनाया जा रहा है समाज में स

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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यह बहुत ही छात्र इसमें कहना चाहते हैं क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश में और सुरक्षित महसूस करते हैं नहीं मुझे मेरे काफी सारे दोस्तों यह भी काफी देर से यहां हमारा जन्म हुआ यह भी तो हम भी कुछ नहीं कर गुलरिया

yah bahut hi chatra isme kehna chahte kya aapko lagta hai ki bharat ke muslim ab desh mein aur surakshit mehsus karte hain nahi mujhe mere kaafi saare doston yah bhi kaafi der se yahan hamara janam hua yah bhi toh hum bhi kuch nahi kar gularia

यह बहुत ही छात्र इसमें कहना चाहते हैं क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश में और स

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:42
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क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश में असुरक्षित महसूस करते जी बिल्कुल नहीं लगता कि भारत के मुसलमान अब तक देश में असुरक्षित महसूस करते हैं ज्यादा सुरक्षित है और 17 की जो सुख-सुविधा के साधन है ओमिया कराए जा रहे वर्तमान हमारी मोदी सरकार उनका जानवी रख रही और भूतकाल कि अगर तुलना की जाए तो भारत में अब जो हिंदू मुस्लिम का जो कुछ शहरों में दंगा होता था वह भी अब नहीं होता है इसके अलावा जी बातों को हम कैसे कह सकते हैं जब वोटिंग जब होती चुनाव के घर में तो उसमें मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं शहर हैं विस्तार हैं उसमें मुसलमानों ने के द्वारा की गई वोटिंग पैटर्न से पता चलता है कि बाकी मुसलमान मोदी जी को बीजेपी को वोट देते हैं लेकिन हमारे कुछ बुद्धिजीवी बुद्धिजीवियों को कुछ कंपनी का आरोप लगा है उस बात को अगर हमें ना देखें लेकिन उसमें जो भी है हमारी टीम से बाहर हैं कि उन्हें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया है और बीजेपी की जुगाड़ मिंट है वह भारत के नागरिक के तौर पर भारतीय मुस्लिमों को देखती है और उनके लिए सब कुछ करने के लिए आम नागरिकों को हक देने के लिए वह प्रतिबद्ध है बहुत-बहुत शुभकामनाएं

kya aapko lagta hai ki bharat ke musalman ab desh mein asurakshit mehsus karte ji bilkul nahi lagta ki bharat ke musalman ab tak desh mein asurakshit mehsus karte hain zyada surakshit hai aur 17 ki jo sukh suvidha ke sadhan hai omiya karae ja rahe vartaman hamari modi sarkar unka janvi rakh rahi aur bhootkaal ki agar tulna ki jaaye toh bharat mein ab jo hindu muslim ka jo kuch shaharon mein danga hota tha vaah bhi ab nahi hota hai iske alava ji baaton ko hum kaise keh sakte hain jab voting jab hoti chunav ke ghar mein toh usme muslim bahulya kshetra hain shehar hain vistaar hain usme musalmanon ne ke dwara ki gayi voting pattern se pata chalta hai ki baki musalman modi ji ko bjp ko vote dete hain lekin hamare kuch buddhijeevi buddhijiviyon ko kuch company ka aarop laga hai us baat ko agar hamein na dekhen lekin usme jo bhi hai hamari team se bahar hain ki unhe vote bank ki tarah istemal kiya gaya hai aur bjp ki jugaad mint hai vaah bharat ke nagarik ke taur par bharatiya muslimo ko dekhti hai aur unke liye sab kuch karne ke liye aam nagriko ko haq dene ke liye vaah pratibaddh hai bahut bahut subhkamnaayain

क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश में असुरक्षित महसूस करते जी बिल्कुल नहीं लगता

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

3:08

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीने मेरा निजी राय यही है कि मैं ऐसा कुछ भी नहीं है हम आपको बताते हैं इसको आप कैसे देखा कीजिए समझे कि आप घर से निकलते और कहीं ना कहीं तो जाते होंगे ना आप मान लीजिए स्कूल जाते हैं कॉलेज जाते हैं और जाते हैं प्रोफेशन में जाते अपना बैलेंस चलाते हैं कहीं पर भी जाते होंगे घूमने जाते हैं इधर जाते हैं उधर जाते हैं दोस्तों के साथ जाते हैं कहीं पर भी चाहते हैं जहां आप जाते हैं वहां पर और यहां से लेकर जाने वाले जगह के बीच के रास्ते में क्या आपको कहीं ऐसा महसूस होता है जहां पर भी आप रुकते हैं कहीं ऐसा महसूस होता है कि मैं यहां आजकल भारत में जो मुसलमान लोग हैं वह सुरक्षित है महसूस करें मुझे तो नहीं लगता है मैंने तो कहीं नहीं देखा मुझे नहीं लगता कि ऐसी कोई बात है भाई अगर कहीं पर आपको कोई एक आर्टिकल मिल जाता है या सोशल मीडिया पर या टीवी पर किस एकाध जगह पर इंसिडेंट कुछ ऐसे होते हैं जिसको तूल दिया जाते हैं तो इससे लगते अरे पिक्चर दो बड़ी गंभीर है यह तो बहुत बड़ी पिक्चर है लेकिन अब इस हिसाब से मत देखिए डाटा जो आपके पास है वह बहुत सीमित है सोचिए कितने करोड़ मुसलमान है भारतवर्ष में सोचे कि वह कहां-कहां फैले हुए हैं फिर सोचिए कि क्या आपको सब के बारे में ऐसा पता है क्या सभी लोग ऐसे ही सोचते हैं आपको कितने करोड़ लोगों का इंफॉर्मेशन है कि वह असुरक्षित महसूस करते हैं या कितने सौ लोगों का आपके पास इंफॉर्मेशन करोड़ तो छोड़िए कि वह सुरक्षित है महसूस करते हैं जब आपके पास ऐसा कुछ है ही नहीं तो फिर आप एक आध अगर वीडियो आ गया यह काजल पोस्ट आ गई है का जब लंका गए एक आध न्यूज़ में आ गया रिपोर्ट तो उससे आप यह मत अंदाजा लगा दीजिए की पूरी पिक्चर कैसी है जी पूरी पिक्चर ऐसी नहीं होगी आप का जगह से एक आशीष पढ़कर आप अपने दिमाग में एक छवि बना लेते हैं वह शायद सही नहीं होता यही हम हमेशा गलत ही करते हैं इस टॉपिक में ही नहीं किसी भी चीज पर चाहे वह लड़के लड़की के बीच का कहानी होता है किस चीज की कोई भी एरिया कोई भी टॉपिक हो तो हमें इसको ऐसे नहीं देखना चाहिए हमें इसे प्रैक्टिकली देखना चाहिए कि वह सोच क्या है इंफॉर्मेशन क्या इसका विस्तार क्या है इसकी डेंसिटी क्या है वगैरह वगैरह थोड़ा तो उसका टाइम देखना चाहिए ना अगर आप में एक दो चीज देख कर अपना मत बना लिया या जज ने पास कर दिया तो वह बात तो सही नहीं है तो मेरे हिसाब से ऐसी कोई दिक्कत परेशानी है कोई बात सोच कर देखिए आपकी आप जहां पर भी रहते हैं आपके एरिया में क्या मुसलमान दिन में पांच बार नमाज नहीं पढ़ रहे उन्होंने बंद कर दिया है अगर असुरक्षित महसूस करता है तो क्या उन्होंने पढ़ना बंद कर दिया क्या उन्होंने ऑफिस या काम पर जाना बंद कर दिया है क्या उन्होंने अपना बिजनेस कारोबार दुकान बंद कर दिया है क्या ऐसा तो कहीं भी कुछ भी नहीं है सोच कर देखिए

jeene mera niji rai yahi hai ki main aisa kuch bhi nahi hai hum aapko batatey hai isko aap kaise dekha kijiye samjhe ki aap ghar se nikalte aur kahin na kahin toh jaate honge na aap maan lijiye school jaate hai college jaate hai aur jaate hai profession mein jaate apna balance chalte hai kahin par bhi jaate honge ghoomne jaate hai idhar jaate hai udhar jaate hai doston ke saath jaate hai kahin par bhi chahte hai jaha aap jaate hai wahan par aur yahan se lekar jaane waale jagah ke beech ke raste mein kya aapko kahin aisa mehsus hota hai jaha par bhi aap rukte hai kahin aisa mehsus hota hai ki main yahan aajkal bharat mein jo muslim log hai vaah surakshit hai mehsus kare mujhe toh nahi lagta hai maine toh kahin nahi dekha mujhe nahi lagta ki aisi koi baat hai bhai agar kahin par aapko koi ek article mil jata hai ya social media par ya TV par kis ekadh jagah par incident kuch aise hote hai jisko tool diya jaate hai toh isse lagte are picture do baadi gambhir hai yah toh bahut baadi picture hai lekin ab is hisab se mat dekhiye data jo aapke paas hai vaah bahut simit hai sochiye kitne crore muslim hai bharatvarsh mein soche ki vaah kahaan kahaan failen hue hai phir sochiye ki kya aapko sab ke bare mein aisa pata hai kya sabhi log aise hi sochte hai aapko kitne crore logo ka information hai ki vaah asurakshit mehsus karte hai ya kitne sau logo ka aapke paas information crore toh chodiye ki vaah surakshit hai mehsus karte hai jab aapke paas aisa kuch hai hi nahi toh phir aap ek adh agar video aa gaya yah kajal post aa gayi hai ka jab lanka gaye ek adh news mein aa gaya report toh usse aap yah mat andaja laga dijiye ki puri picture kaisi hai ji puri picture aisi nahi hogi aap ka jagah se ek aashish padhakar aap apne dimag mein ek chhavi bana lete hai vaah shayad sahi nahi hota yahi hum hamesha galat hi karte hai is topic mein hi nahi kisi bhi cheez par chahen vaah ladke ladki ke beech ka kahani hota hai kis cheez ki koi bhi area koi bhi topic ho toh hamein isko aise nahi dekhna chahiye hamein ise practically dekhna chahiye ki vaah soch kya hai information kya iska vistaar kya hai iski density kya hai vagera vagairah thoda toh uska time dekhna chahiye na agar aap mein ek do cheez dekh kar apna mat bana liya ya judge ne paas kar diya toh vaah baat toh sahi nahi hai toh mere hisab se aisi koi dikkat pareshani hai koi baat soch kar dekhiye aapki aap jaha par bhi rehte hai aapke area mein kya muslim din mein paanch baar namaz nahi padh rahe unhone band kar diya hai agar asurakshit mehsus karta hai toh kya unhone padhna band kar diya kya unhone office ya kaam par jana band kar diya hai kya unhone apna business karobaar dukaan band kar diya hai kya aisa toh kahin bhi kuch bhi nahi hai soch kar dekhiye

जीने मेरा निजी राय यही है कि मैं ऐसा कुछ भी नहीं है हम आपको बताते हैं इसको आप कैसे देखा की

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पाकिस्तान मिथुन की कृपा छत्तीसगढ़

pakistan mithun ki kripa chattisgarh

पाकिस्तान मिथुन की कृपा छत्तीसगढ़

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:32
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मुझे लगता है आप जो प्रश्न पूछ रहा है वही कैसा प्रश्न है जो केवल सोशल मीडिया पर ही पूछा जा सकता है और इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि चाहे कोई भी धर्म का इंसान हो आप बाहर निकल कर देखेंगे अपने फोन को ऑफ कीजिए घर पर रखकर जाइए बाहर टहलने निकलिए घूमने निकालिए आप पाएंगे कि आप के आस पास जो भी इंसान हैं आप उसका पहली बात तो शक्ल देखकर धर्म पता कर ही नहीं सकते उसके पहना वादे के साथ पता पता कर सकते हैं क्योंकि एक्सट्रैडिशन पहनावा बताया क्या हर एक घर में और अगर आप उससे पूछते आपसे बात करते हैं तो वह यही कहेगा कि उसे कोई दिक्कत नहीं है उसका जो हो रहा है अच्छा हो रहा है सबके साथ अच्छा हो रहा है क्योंकि आपके साथ भी अच्छा हो रहा है तो यह जो एक प्रश्न सोशल मीडिया पर चल गया है मुझे लगता है इसको रोकना चाहिए क्योंकि यह सोशल मीडिया पर आप कुछ पॉलीटिकल पार्टीज जो है वह भ्रम डालने का कार्य करती हैं अगर हम पॉलीटिकल पार्टीज के ब्रह्म को रोक सके जो जानबूझकर इस तरह के खिलाती है या जानबूझकर इस तरह के कार्य करती हैं ताकि आपस में हम लोग लड़े और तो इस तरह के काम करना बंद होने चाहिए और चाहे कोई भी धर्म हो चाहे कोई भी जाति का कोई भी समुदाय हो सभी सुरक्षित हैं और भारत सबसे बड़ा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इस देश में रहने वाले सभी संप्रदाय के लोग बहुत कुछ और दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षित है आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद आपके क्या विचार हैं कमेंट सेक्शन अवश्य बताएं

mujhe lagta hai aap jo prashna puch raha hai wahi kaisa prashna hai jo keval social media par hi poocha ja sakta hai aur iska vastavikta se koi lena dena nahi hai kyonki chahen koi bhi dharm ka insaan ho aap bahar nikal kar dekhenge apne phone ko of kijiye ghar par rakhakar jaiye bahar tahlane nikliye ghoomne nikaliye aap payenge ki aap ke aas paas jo bhi insaan hai aap uska pehli baat toh shakl dekhkar dharm pata kar hi nahi sakte uske pehna waade ke saath pata pata kar sakte hai kyonki eksatraidishan pahanava bataya kya har ek ghar mein aur agar aap usse poochhte aapse baat karte hai toh vaah yahi kahega ki use koi dikkat nahi hai uska jo ho raha hai accha ho raha hai sabke saath accha ho raha hai kyonki aapke saath bhi accha ho raha hai toh yah jo ek prashna social media par chal gaya hai mujhe lagta hai isko rokna chahiye kyonki yah social media par aap kuch political parties jo hai vaah bharam dalne ka karya karti hai agar hum political parties ke Brahma ko rok sake jo janbujhkar is tarah ke khilati hai ya janbujhkar is tarah ke karya karti hai taki aapas mein hum log lade aur toh is tarah ke kaam karna band hone chahiye aur chahen koi bhi dharm ho chahen koi bhi jati ka koi bhi samuday ho sabhi surakshit hai aur bharat sabse bada duniya ka sabse bada loktantrik desh hai aur is desh mein rehne waale sabhi sampraday ke log bahut kuch aur duniya mein sabse zyada surakshit hai aap sab ka bahut bahut dhanyavad aapke kya vichar hai comment section avashya batayen

मुझे लगता है आप जो प्रश्न पूछ रहा है वही कैसा प्रश्न है जो केवल सोशल मीडिया पर ही पूछा जा

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smart king

Student

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जैसे कि आपका क्वेश्चन से मैं देख पा रहा हूं क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश में असुरक्षित महसूस करें ऐसा कुछ नहीं है और फिर भी कुछ लोग होते हैं डर जाते हैं और कुछ लोग होते हैं जो डरा देते हैं इस तरह की बातें होती रहती है इस तरह की कोई दिक्कत नहीं है मुझे बात हो जाती थी सेक्टर महसूस करते हैं कि बहुत देर से आए हमारा मूल के रहने वाले हैं और इस मुझसे प्यार करते हैं और करते हैं और करते हैं और करते रहेंगे ऐसा कुछ नहीं है सबको

jaise ki aapka question se main dekh paa raha hoon kya aapko lagta hai ki bharat ke musalman ab desh me asurakshit mehsus kare aisa kuch nahi hai aur phir bhi kuch log hote hain dar jaate hain aur kuch log hote hain jo dara dete hain is tarah ki batein hoti rehti hai is tarah ki koi dikkat nahi hai mujhe baat ho jaati thi sector mehsus karte hain ki bahut der se aaye hamara mul ke rehne waale hain aur is mujhse pyar karte hain aur karte hain aur karte hain aur karte rahenge aisa kuch nahi hai sabko

जैसे कि आपका क्वेश्चन से मैं देख पा रहा हूं क्या आपको लगता है कि भारत के मुसलमान अब देश मे

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भारत के मुसलमान एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सब को देखते हैं और और हिंदू धर्म ऐसे लोग होते हैं जो कि शक की समस्या सुनते हैं और मोदी क्या मोदी जी क्या हैं एक हिंदू ही धर्म है ना सब की समस्या सुन रहे हैं वह अपनी राय दे रहे हैं और मुसलमान जो ऐसे हैं जो उनकी समस्या में जुटे हुए हैं और उनकी राय लेना चाहते हैं उनकी बात करने की स्टाइल और उनकी जो बोलते हैं टी रुक रुक के इतनी सावधानी से बोलते हैं और के मध्य अंतर को देखना चाहिए और शाबाशी देना चाहिए मोदी जी एक हिंदू धर्म है और मुसलमान को ही सहायता देना चाहते हैं और बढ़ते और सब जातियों को भी सहयोग देना चाहते हैं मैं ऐसा नहीं कर रहा हूं सिर्फ मुसलमान को ही सहयोग देना चाहते हैं बट सबको ही शब्द आना चाहते हैं बस मोदी जी को जीता दे रही है और अपना राय लेते रहिए मोदी जी की समीक्षा के लिए मोदी जी को ही जीता दे रही है धन्यवाद

bharat ke muslim ek aise vyakti hain jo sab ko dekhte hain aur aur hindu dharm aise log hote hain jo ki shak ki samasya sunte hain aur modi kya modi ji kya hain ek hindu hi dharm hai na sab ki samasya sun rahe hain vaah apni rai de rahe hain aur muslim jo aise hain jo unki samasya mein jute hue hain aur unki rai lena chahte hain unki baat karne ki style aur unki jo bolte hain T ruk ruk ke itni savdhani se bolte hain aur ke madhya antar ko dekhna chahiye aur shabashi dena chahiye modi ji ek hindu dharm hai aur muslim ko hi sahayta dena chahte hain aur badhte aur sab jaatiyo ko bhi sahyog dena chahte hain main aisa nahi kar raha hoon sirf muslim ko hi sahyog dena chahte hain but sabko hi shabd aana chahte hain bus modi ji ko jita de rahi hai aur apna rai lete rahiye modi ji ki samiksha ke liye modi ji ko hi jita de rahi hai dhanyavad

भारत के मुसलमान एक ऐसे व्यक्ति हैं जो सब को देखते हैं और और हिंदू धर्म ऐसे लोग होते हैं जो

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