पुरुषों पर अत्याचार के लिए कोई आवाज़ क्यूँ नहीं उठाता?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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पुरुषों पर अत्याचार के लिए कोई आवाज क्यों नहीं उठाता देविएट आज के युग का बहुत ही मतलब दो महत्वपूर्ण प्रश्न है कि जैसे अत्याचार करते थे महिलाओं पर अपने घर के जो उसके ऊपर अत्याचार तबसे से ऐसा हमने सुना था लेकिन आजकल उल्टा भी हो रहा है कि महिलाएं जो है उसके ऊपर अत्याचार करती हैं उनसे ताने देना काम करवाना बैक्रब होता है उसके बारे में किसी पुरुष के ऊपर तो कुछ ऐसी संस्थाएं हैं कि जो पुरुष उत्पीड़न संस्था ऐसी भी बड़े शहरों में विद्यमान है और उसमें वह मेंबरशिप ले लेते हैं पुरुष और मोर्चा निकालते हैं और महिलाओं के प्रति जो है पत्नी पीड़ित जो पुरुष समाज ऐसा भी कुछ उन्होंने संस्था बनाने का जो है इसलिए नहीं होता क्योंकि और संगठित और असंगठित है क्योंकि ऐसे बहुत कम किस से देखने में आते हैं सुनने में आते हैं कि किसी महिला ने किसी पुरुष के ऊपर अत्याचार किया यह बहुत ही मतलब सब परिवार में से अगर देखा जाए तो शायद इक्का-दुक्का 5 या 7 परिवार में ही ऐसा देखने को मिल सकता है इसलिए यह संख्या कम होने के कारण पुरुष पुरुषों द्वारा यह कोई ऐसा अत्याचार क्यों आवाज नहीं होती है और महिला सम्मान के लिए वह बात आती है कि वह महिलाओं को हम सम्मान के से उतरी दक्षिण की भावना हर एक पुरुष में होती है औरों स्त्रियों को मानते थे इज्जत देते हैं उनको ऐसा कर देते हैं इसलिए यह सब जो है कि आवाज नहीं उठना होता है धन्यवाद

purushon par atyachar ke liye koi awaaz kyon nahi uthaata deviet aaj ke yug ka bahut hi matlab do mahatvapurna prashna hai ki jaise atyachar karte the mahilaon par apne ghar ke jo uske upar atyachar tabse se aisa humne suna tha lekin aajkal ulta bhi ho raha hai ki mahilaye jo hai uske upar atyachar karti hai unse tane dena kaam karwana baikrab hota hai uske bare mein kisi purush ke upar toh kuch aisi sansthayen hai ki jo purush utpidan sanstha aisi bhi bade shaharon mein vidyaman hai aur usme vaah membership le lete hai purush aur morcha nikalate hai aur mahilaon ke prati jo hai patni peedit jo purush samaj aisa bhi kuch unhone sanstha banane ka jo hai isliye nahi hota kyonki aur sangathit aur asangathit hai kyonki aise bahut kam kis se dekhne mein aate hai sunne mein aate hai ki kisi mahila ne kisi purush ke upar atyachar kiya yah bahut hi matlab sab parivar mein se agar dekha jaaye toh shayad ikka dukka 5 ya 7 parivar mein hi aisa dekhne ko mil sakta hai isliye yah sankhya kam hone ke karan purush purushon dwara yah koi aisa atyachar kyon awaaz nahi hoti hai aur mahila sammaan ke liye vaah baat aati hai ki vaah mahilaon ko hum sammaan ke se utari dakshin ki bhavna har ek purush mein hoti hai auron sthreeyon ko maante the izzat dete hai unko aisa kar dete hai isliye yah sab jo hai ki awaaz nahi uthna hota hai dhanyavad

पुरुषों पर अत्याचार के लिए कोई आवाज क्यों नहीं उठाता देविएट आज के युग का बहुत ही मतलब दो

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