क्या मुंबई में आरे जंगल को काटने का निर्णय सही है या ग़लत? ...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या मुंबई में आरे जंगल को काटने का रहने सही या गलत लिखी यह निर्णय लेने के लिए जो वहां पर मेट्रो रेल सेवा जो हो रही है वह आरे कॉलोनी के जो जंगल है आरे के पास उसने घटना रेलवे लाइन के जो मेट्रो रेल बन गई उसमें बीच में आते होंगे इसलिए मैं उसको काटे जा रहे हैं अब मेट्रो भी चाहिए और रास्ते में अगर पेड़ आ रहे हैं तो वह भी नहीं काटना है तो यह दोनों बात कैसे हो सकती है क्या तो पेड़ जो आ रहे हैं वह कटेंगे और क्या तो मैं तो सेवा मां पर नहीं होगी इसलिए सरकार को यह कर सकती थी कि अब बहुत सारी ऐसी टेक्निक आ गई है कि पेड़ को जड़ से निकाल कर पहले पेट को ऊपर से थोड़ा थोड़ा छोटा करके और पेड़ को जड़ सहित निकालकर दूसरी जगह उसको प्रस्थापित कर दिया जाता है इससे जो पेड़ है वह कटते नहीं है लेकिन थोड़ी छोटे होकर वापिस वो दूसरी जगह विस्थापित होकर और फिर से फलने फूलने लगते हैं यह इसमें करने जैसी बात थी लेकिन वह नहीं हुई और पेडी काटे जा रहे हैं यह जो कि पेड़ उगने में सालों लग जाते हैं और बहुत ही प्रॉब्लम है जमीन में जलजमाव जो होता है वह भी इसी कारण होता है कि हमारे पास पेड़ नहीं है पानी को जमीन है वह मिट्टी से जुड़े होने के कारण पानी को रोकती है और बहुत फायदा होता है वर्षा को खींचती है 1 संपत्ति इसलिए जो मैंने बताया पहले उच्च तकनीक से अगर कर सकते थे तो करना चाहिए था लेकिन अब जो हो रहा है उसको रोकना भी अब मुश्किल है और सरकार से पेड़ कटाई कर रही है और बहुत ही विरोध और 144 की कलम भी लगानी पड़ी है 4 लोगों से ज्यादा इकट्ठा होने पर भी प्रतिबंध लगे हैं वहां पर तो चौकी करना पड़ा क्या करें अब जब भी इतने विरोध हो रहा है तो तू कटाई को रोक कर ही अगर टेक्निक से किया होता अभी भी कर सकते हैं अगर करें तो वेलकम करना चाहिए धन्यवाद

kya mumbai mein aarey jungle ko katne ka rehne sahi ya galat likhi yah nirnay lene ke liye jo wahan par metro rail seva jo ho rahi hai vaah aarey colony ke jo jungle hai aarey ke paas usne ghatna railway line ke jo metro rail ban gayi usme beech mein aate honge isliye main usko kaate ja rahe hai ab metro bhi chahiye aur raste mein agar ped aa rahe hai toh vaah bhi nahi kaatna hai toh yah dono baat kaise ho sakti hai kya toh ped jo aa rahe hai vaah katenge aur kya toh main toh seva maa par nahi hogi isliye sarkar ko yah kar sakti thi ki ab bahut saree aisi technique aa gayi hai ki ped ko jad se nikaal kar pehle pet ko upar se thoda thoda chota karke aur ped ko jad sahit nikalakar dusri jagah usko prasthapit kar diya jata hai isse jo ped hai vaah katate nahi hai lekin thodi chote hokar vaapas vo dusri jagah visthaapit hokar aur phir se falane phulne lagte hai yah isme karne jaisi baat thi lekin vaah nahi hui aur paddy kaate ja rahe hai yah jo ki ped ugne mein salon lag jaate hai aur bahut hi problem hai jameen mein jalajamav jo hota hai vaah bhi isi karan hota hai ki hamare paas ped nahi hai paani ko jameen hai vaah mitti se jude hone ke karan paani ko rokti hai aur bahut fayda hota hai varsha ko khichti hai 1 sampatti isliye jo maine bataya pehle ucch taknik se agar kar sakte the toh karna chahiye tha lekin ab jo ho raha hai usko rokna bhi ab mushkil hai aur sarkar se ped katai kar rahi hai aur bahut hi virodh aur 144 ki kalam bhi lagani padi hai 4 logo se zyada ikattha hone par bhi pratibandh lage hai wahan par toh chowki karna pada kya kare ab jab bhi itne virodh ho raha hai toh tu katai ko rok kar hi agar technique se kiya hota abhi bhi kar sakte hai agar kare toh welcome karna chahiye dhanyavad

क्या मुंबई में आरे जंगल को काटने का रहने सही या गलत लिखी यह निर्णय लेने के लिए जो वहां पर

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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देखिए पहले ही मुंबई की आबादी बहुत ज्यादा है इसके अलावा वहां पर पर्यूषण भी बहुत ज्यादा है उसी वजह से तो जब इतनी आबादी है तो उसकी उस आबादी में साफ हवा जो है उसकी मांग उतनी ही ज्यादा होगी और इस वजह से हवा पर पर बहुत ज्यादा दबाव है ट्यूशन बहुत ज्यादा है तो ऐसे में जंगल को काटना जो है वह लोगों को मारने जाता है क्योंकि जंगल पेड़ पौधे जैसे कि आप जानते हैं बहुत ज्यादा जरूरी हैं और अगर जो सरकार है वहां की कोशिश करेगी तो कोई ना कोई रास्ता ऐसा निकल ही आएगा जहां बिना जंगल कोकाटे जो है काम किया जा सके गुड लक

dekhiye pehle hi mumbai ki aabadi bahut zyada hai iske alava wahan par paryushan bhi bahut zyada hai usi wajah se toh jab itni aabadi hai toh uski us aabadi mein saaf hawa jo hai uski maang utani hi zyada hogi aur is wajah se hawa par par bahut zyada dabaav hai tuition bahut zyada hai toh aise mein jungle ko kaatna jo hai vaah logo ko maarne jata hai kyonki jungle ped paudhe jaise ki aap jante hai bahut zyada zaroori hai aur agar jo sarkar hai wahan ki koshish karegi toh koi na koi rasta aisa nikal hi aayega jaha bina jungle kokate jo hai kaam kiya ja sake good luck

देखिए पहले ही मुंबई की आबादी बहुत ज्यादा है इसके अलावा वहां पर पर्यूषण भी बहुत ज्यादा है उ

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Jeet Dholakia

Anchor and Media Professional

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देख इसमें ऐसा है कि मुंबई में जो आरे कॉलोनी है उसमें बहुत ही घना जंगल है काफी सारे पेड़ है अच्छे-अच्छे और मुंबई के लिए यह तो मुझे लगता है कि पेड़ होना बहुत से बहुत ही आवश्यक बस बिल्डिंग के देख रही है और वहां पर रहो चलने की जगह नहीं है रहने की जगह नहीं है तो ऐसे समय में अगर मुंबई में कहीं भी अच्छे-अच्छे पेड़ हो घना जंगल हो मेरे ख्याल से उसको नहीं काटना चाहिए और यह जो विकास के नाम पर यह सब बबलू बोल रहे हैं कि यहां से मेट्रो जाएगी यहां से वह जाएगा तो मेरे ख्याल से विकास के नाम पर हमें कुदरत को हानि नहीं पहुंचा नहीं चाहिए क्योंकि अगर मुंबई की बात करें और ना तो सिर्फ मुंबई पर कहीं भी अगर ऐसा घना जंगल है और अच्छे से पेड़ हैं तूने काटना नहीं चाहिए क्योंकि इसी कारण एक तरफ हम ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करते एक तरफ हम जलवायु परिवर्तन की बातें करते रहते हैं और दूसरी तरफ हम विकास के नाम पर लोगों कुछ विकास देना है और पाइए राजनीति पार्टी तो सारी विकास में के नाम पर ही वोट लाल मांगती रहती है और जो भी पक्ष होते वह एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते कि उन्होंने विकास के नाम पर यह दिया विकास के नाम पर वह दिया के जंगल को काटने की बात जो आई थी फिर वह मामला पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन और मामला पूरा हाई कोर्ट में गया और कोर्ट ने यार एकदम जंगल के जो पेड़ थे वह काटने से काटने पर रोक लगा दी थी कोर्ट का डिसीजन बहुत ही अच्छा रहा है क्योंकि एक तरफ हम कुदरत को बचाने की बात कर रहे हैं पेड़ को बचाने की बात कर रहे हैं और क्लाइमेट चेंज की बात करते हैं उसके विषय पर अलग-अलग जगह पर कॉन्फ्रेंसेस होती है और हमारे नेता लोग बार विदेश में जाकर कुदरती आज चीजो के ऊपर रोक कुदरत को कैसे संभाल सकते हैं उसकी बात करते हैं और दूसरी जगह देश में ही ऐसा चल रहा है तो मेरे ख्याल से आप मुंबई में आर्यन काटने का निर्णय था बाबू बहुत ही गलत था विकास के नाम पर कुदरत के साथ छेड़छाड़ करना बहुत ही खराब है और इसका हमने परिणाम केदारनाथ में देख लिया था कि केदारनाथ में ही क्या हुआ था कि लोगों ने और विकास के नाम पर सब कुछ वहां वहां पर कर दिया था और बेटे कंक्रीट का जंगल बना दिया था और तब जाकर कुदरत ने अपना रूप जब दिखाया तब पूरा केदारनाथ ध्वस्त हो गया था तो मेरे ख्याल से कुदरत के सामने आ विकास के नाम पर कुछ नहीं करना चाहिए जो है उसको उसी तरह रहना चाहिए उसके ऊपर कुछ हो सकता है क्या हमारे पास टेक्नोलॉजी है तो कुछ अलग हो सकता है क्या इसके बारे में सोचना चाहिए पर रख कुदरत के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए

dekh isme aisa hai ki mumbai mein jo aarey colony hai usme bahut hi ghana jungle hai kaafi saare ped hai acche acche aur mumbai ke liye yah toh mujhe lagta hai ki ped hona bahut se bahut hi aavashyak bus building ke dekh rahi hai aur wahan par raho chalne ki jagah nahi hai rehne ki jagah nahi hai toh aise samay mein agar mumbai mein kahin bhi acche acche ped ho ghana jungle ho mere khayal se usko nahi kaatna chahiye aur yah jo vikas ke naam par yah sab babaloo bol rahe hai ki yahan se metro jayegi yahan se vaah jaega toh mere khayal se vikas ke naam par hamein kudrat ko hani nahi pohcha nahi chahiye kyonki agar mumbai ki baat kare aur na toh sirf mumbai par kahin bhi agar aisa ghana jungle hai aur acche se ped hai tune kaatna nahi chahiye kyonki isi karan ek taraf hum global warming ki charcha karte ek taraf hum jalvayu parivartan ki batein karte rehte hai aur dusri taraf hum vikas ke naam par logo kuch vikas dena hai aur paiye raajneeti party toh saree vikas mein ke naam par hi vote laal mangati rehti hai aur jo bhi paksh hote vaah ek dusre ke upar aarop pratyarop lagate rehte ki unhone vikas ke naam par yah diya vikas ke naam par vaah diya ke jungle ko katne ki baat jo I thi phir vaah maamla public interest litigation aur maamla pura high court mein gaya aur court ne yaar ekdam jungle ke jo ped the vaah katne se katne par rok laga di thi court ka decision bahut hi accha raha hai kyonki ek taraf hum kudrat ko bachane ki baat kar rahe hai ped ko bachane ki baat kar rahe hai aur climate change ki baat karte hai uske vishay par alag alag jagah par kanfrenses hoti hai aur hamare neta log baar videsh mein jaakar kudarati aaj cheejo ke upar rok kudrat ko kaise sambhaal sakte hai uski baat karte hai aur dusri jagah desh mein hi aisa chal raha hai toh mere khayal se aap mumbai mein aryan katne ka nirnay tha babu bahut hi galat tha vikas ke naam par kudrat ke saath chedchad karna bahut hi kharab hai aur iska humne parinam kedarnath mein dekh liya tha ki kedarnath mein hi kya hua tha ki logo ne aur vikas ke naam par sab kuch wahan wahan par kar diya tha aur bete kankrit ka jungle bana diya tha aur tab jaakar kudrat ne apna roop jab dikhaya tab pura kedarnath dhwast ho gaya tha toh mere khayal se kudrat ke saamne aa vikas ke naam par kuch nahi karna chahiye jo hai usko usi tarah rehna chahiye uske upar kuch ho sakta hai kya hamare paas technology hai toh kuch alag ho sakta hai kya iske bare mein sochna chahiye par rakh kudrat ke saath chedchad nahi karni chahiye

देख इसमें ऐसा है कि मुंबई में जो आरे कॉलोनी है उसमें बहुत ही घना जंगल है काफी सारे पेड़ है

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Rajveer

Career Counselor

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पीके पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा गलत है क्योंकि हरे जंगल काटे जा रहे हैं इससे हमारे पार्टी के सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा वैश्वीकरण भूमंडलीकरण इस मंशा देखने को मिलेगी पिछले कुछ वर्षों से देखने में कहा है कि भारतीय जलवायु में परिवर्तन आ गया है सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे मानसून पर पड़ा है तो यह निर्णय है यह गलत है

pk paryavaran ke liye sabse zyada galat hai kyonki hare jungle kaate ja rahe hain isse hamare party ke sabse zyada prabhav padega vaishvikaran bhoomandalikaran is mansha dekhne ko milegi pichle kuch varshon se dekhne mein kaha hai ki bharatiya jalvayu mein parivartan aa gaya hai sabse zyada prabhav hamare monsoon par pada hai toh yah nirnay hai yah galat hai

पीके पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा गलत है क्योंकि हरे जंगल काटे जा रहे हैं इससे हमारे पार्टी

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

0:48
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एक तरफ तो आदमी विकास में चाहता है यह भी चाहता है कि सारी सुविधाएं को घर में मिल जाए और जब उस विकास में कोई कार्यात्मक कोई पेड़ काटे जा रहे हैं तो लोग तकलीफ भी होती है और जब यह मामला तो सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए किसी और के निर्णय को सही या गलत ठहराना ठीक नहीं है क्योंकि यह कांटा भी गया है तो हाईकोर्ट के निर्णय से काटा गया है तो हाईकोर्ट ने सोच-समझकर ही यह निर्णय दिया होगा अब देखते हैं सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय आता है जो भी होगा अच्छा ही होगा क्योंकि देश को विकास की भी जरूरत है और देश को पर्यावरण की भी जरूरत है तो दोनों का संतुलन जरूरी है धन्यवाद नमस्कार

ek taraf toh aadmi vikas mein chahta hai yah bhi chahta hai ki saree suvidhaen ko ghar mein mil jaaye aur jab us vikas mein koi karyatmak koi ped kaate ja rahe hain toh log takleef bhi hoti hai aur jab yah maamla toh supreme court mein hai isliye kisi aur ke nirnay ko sahi ya galat thahrana theek nahi hai kyonki yah kanta bhi gaya hai toh highcourt ke nirnay se kaata gaya hai toh highcourt ne soch samajhkar hi yah nirnay diya hoga ab dekhte hain supreme court ka kya nirnay aata hai jo bhi hoga accha hi hoga kyonki desh ko vikas ki bhi zarurat hai aur desh ko paryavaran ki bhi zarurat hai toh dono ka santulan zaroori hai dhanyavad namaskar

एक तरफ तो आदमी विकास में चाहता है यह भी चाहता है कि सारी सुविधाएं को घर में मिल जाए और जब

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मुंबई में आरे जंगल को काटने का लेजर रोकना बिल्कुल सही है हाईकोर्ट में वहां पर पूरी जंगल की कटाई को रोक दिया है और जो लड़कियों ने अपील की थी उस पर अपना नहीं सुनाया है अरे ब्रदर बच्चों को बेवजह बिल्कुल गलत हमारे जीवन दाता होते हैं उन्हें किसी प्रकार में कांटा नहीं जाना चाहिए जब तक कि बहुत आवश्यक नहीं हो

mumbai mein aarey jungle ko katne ka laser rokna bilkul sahi hai highcourt mein wahan par puri jungle ki katai ko rok diya hai aur jo ladkiyon ne appeal ki thi us par apna nahi sunaya hai are brother baccho ko bewajah bilkul galat hamare jeevan data hote hain unhe kisi prakar mein kanta nahi jana chahiye jab tak ki bahut aavashyak nahi ho

मुंबई में आरे जंगल को काटने का लेजर रोकना बिल्कुल सही है हाईकोर्ट में वहां पर पूरी जंगल की

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

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देखी जब भी कोई पेड़ है जंगल करता है तो इन्वायरमेंट के लिए काम करने वाले और पोरस के लिए काम करने वाले व्यक्तियों को दुख होता है क्योंकि पेड़ काटने से या जंगल काटने से हमेशा एक ही चीज का नुकसान होता है वह होता है प्रकृति का और अंततः आपका नुकसान होता है डेवलपमेंट के लिए जंगल को काटा जा रहा है आरे कॉलोनी है जहां पर बहुत सारी फारेस लगे हुए थे जिसके बीच में से एक कार का रास्ता भी पहले से निकाला जा चुका है अब मेट्रो के लिए वहां पर तो 1000 से ज्यादा पेड़ काटे जा रहे हैं अगर इसके जो निर्णय लिया गया है देने के साथ-साथ अगर यह भी कहा जाए कि उन पेड़ पौधों को काटने के बाद उनके जगह पर रिप्लेसमेंट किया जाएगा या उन पेड़ों को और लगा दिया जाएगा क्योंकि एक पेड़ को बड़े होने में काफी समय लगता है उसके काफी सारे गियर की जरूरत होती है तो या तो उसका रिप्लेसमेंट किया जाए या बहुत अधिक रूप से वृक्षारोपण किया जाए पौधारोपण किया जाए तो अगर यह सब किया जा सकता है तो ठीक है लेकिन ना दिखे पेड़ काटना तो गलत है अगर मेरी जगह से देखा जाए तो लेकिन सरकार का डेवलपमेंट के लिए कुछ सोच समझ कर फैसला लेती है और जब हाईकोर्ट ने भी कह दिया है कि वह जो रूट है मेट्रो का वह काफी इंपॉर्टेंट है सभी तरह की चीजों को देखते हुए तो मुझे लगता है कि उसको काटने के साथ-साथ आपको पेड़ों के बचाने की भी उसने कुछ चीजें हाई कोर्ट द्वारा जरूर अपने डिसीजन में कहीं जाएंगे तो इंतजार करते हैं देखते हैं क्या होता है बहुत-बहुत धन्यवाद और आप भी बताइए कि आपका क्या रिस्पांस यारी जंगल को काटने के लिए काटने को लेकर

dekhi jab bhi koi ped hai jungle karta hai toh environment ke liye kaam karne waale aur porous ke liye kaam karne waale vyaktiyon ko dukh hota hai kyonki ped katne se ya jungle katne se hamesha ek hi cheez ka nuksan hota hai vaah hota hai prakriti ka aur antatah aapka nuksan hota hai development ke liye jungle ko kaata ja raha hai aarey colony hai jaha par bahut saree fares lage hue the jiske beech mein se ek car ka rasta bhi pehle se nikaala ja chuka hai ab metro ke liye wahan par toh 1000 se zyada ped kaate ja rahe hai agar iske jo nirnay liya gaya hai dene ke saath saath agar yah bhi kaha jaaye ki un ped paudho ko katne ke baad unke jagah par replacement kiya jaega ya un pedon ko aur laga diya jaega kyonki ek ped ko bade hone mein kaafi samay lagta hai uske kaafi saare gear ki zarurat hoti hai toh ya toh uska replacement kiya jaaye ya bahut adhik roop se vriksharopan kiya jaaye paudharopan kiya jaaye toh agar yah sab kiya ja sakta hai toh theek hai lekin na dikhe ped kaatna toh galat hai agar meri jagah se dekha jaaye toh lekin sarkar ka development ke liye kuch soch samajh kar faisla leti hai aur jab highcourt ne bhi keh diya hai ki vaah jo root hai metro ka vaah kaafi important hai sabhi tarah ki chijon ko dekhte hue toh mujhe lagta hai ki usko katne ke saath saath aapko pedon ke bachane ki bhi usne kuch cheezen high court dwara zaroor apne decision mein kahin jaenge toh intejar karte hai dekhte hai kya hota hai bahut bahut dhanyavad aur aap bhi bataye ki aapka kya response yaari jungle ko katne ke liye katne ko lekar

देखी जब भी कोई पेड़ है जंगल करता है तो इन्वायरमेंट के लिए काम करने वाले और पोरस के लिए काम

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Kesharram

Teacher

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या मुंबई में आर्य जंगलों काटने का लेनी है सही है या गलत दोस्तों यह लेले बिल्कुल सही है क्योंकि दो बैल में जो जंगल है और उसका उपयोग हम नहीं ले रहे हैं तो उसको काटना चाहिए और उसमें थोड़ा परिवर्तन करके और उससे अधिक पेड़ हमारा तो आसपास का वातावरण बाल लगाने चाहिए जिससे हमें शुद्ध हवा और उपयोगी लकड़ी मिल सके जिसका हम अपने दैनिक जीवन में प्रयोग कर सकें तो आपको पता है कि जंगल में बहुत सारी लकड़ियों देती है और वह हमारे जीवन में हम उन लकड़ियों का प्रयोग उपयोग करते हैं तो उसी प्रकार से क्या है दोस्तों के जंगल के अगर वह वेस्ट में है उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है तो दोस्तों उस चीज को आप को पता है कि वहां के साथ सफाई करके वहां पर अब अपने आवास बना सकते हैं और दूसरी जगह पर हम ऐसा कार्य कर सकते हैं जिसकी वजह से हमें जो हमने नुकसान पहुंचा है वह शक्ति पुर की आपूर्ति हो सकती है धन्यवाद दोस्तों

kya mumbai mein arya jungalon katne ka leni hai sahi hai ya galat doston yah lele bilkul sahi hai kyonki do bail mein jo jungle hai aur uska upyog hum nahi le rahe hai toh usko kaatna chahiye aur usme thoda parivartan karke aur usse adhik ped hamara toh aaspass ka vatavaran baal lagane chahiye jisse hamein shudh hawa aur upyogi lakdi mil sake jiska hum apne dainik jeevan mein prayog kar sake toh aapko pata hai ki jungle mein bahut saree lakdiyon deti hai aur vaah hamare jeevan mein hum un lakdiyon ka prayog upyog karte hai toh usi prakar se kya hai doston ke jungle ke agar vaah west mein hai uska koi upyog nahi ho raha hai toh doston us cheez ko aap ko pata hai ki wahan ke saath safaai karke wahan par ab apne aawas bana sakte hai aur dusri jagah par hum aisa karya kar sakte hai jiski wajah se hamein jo humne nuksan pohcha hai vaah shakti pur ki aapurti ho sakti hai dhanyavad doston

क्या मुंबई में आर्य जंगलों काटने का लेनी है सही है या गलत दोस्तों यह लेले बिल्कुल सही है क

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