अगर दिवाली पर पटाखों की जगह कुछ और किया जा सकता तो वह क्या होता?...


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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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आपका सवाल है अगर दिवाली पर पटाखों की जगह कुछ और किया जा सकता तो बहुत क्या होता देखिए बच्चों को जितना पसंद पढ़ा कर जला ना उतना शायद बड़ों को धीरे-धीरे वह अट्रैक्शन कम होता जा रहा है तो नॉइस पोलूशन एंड डायमंड इतना खर्चा ज्यादा बढ़ गया पटाखों का कि 20 बार तो ऐसे ही निकल जाते हैं एक कमेटी का सावली के लिए आज कल आज कल अगर आप दो-तीन आइटम चलेंगे तोही 5000 हो जाता है 6 साल हो जाते हैं पोलूशन साउंड का होता है जो स्मेल से होता है टच नॉट गुड फॉर हेल्थ पर हमें यह करना चाहिए कि छोटे-छोटे सेलिब्रेशन कर सकते हैं पटाखों के बजाय अगर सिर्फ फ्लावर पॉट फुल सेटअप बॉक्स वगैरह हैं जो हम फुल चीते हैं जो कि फाउंडेशन का जो है उसको निकाल दें आप तो देखने में कलर सुगरा पड़ा के जैसे कि यू हैव अ फ्लावर पोट्स एंड फुलझड़ी देना सेलिब्रेट द फेस्टिवल द कलर ऑफ लाइट यू रिक्वायर चॉकलेट बम फटने से साउंड रिक्वायरमेंट लोग हैं जो एनिमल साउंड बहुत ही प्रॉब्लम है यह साउंड अलका पोलूशन तो इसको बंद कर सकते हैं और उन्हें चीज का यूज़ करें जिसे साउंड और कल का पोलूशन ना हो जो देखने में अच्छा लगे जो फ्रेंडली हो वह ऑन पॉकेट एंड एनीव्हेयर पर्सनल लाइफ आल्सो वह कर सकते हैं बैंड पार्टी रख सकते हैं पूजा रख सकते हैं आई डोंट बिलीव लिंग इन दिवाली लक्ष्मी आती है दुआ करते हैं अनबीलिबिंग सिंपल एंड ब्यूटीफुल सिंपल हो जो पॉकेट में ज्यादा हैवी ना हो लेकिन जो उतना ही लोगों को परिवार को करीब लेकर आए लेकिन साथ में मिलकर खाना बना सकते हैं लोग कम्युनिटी वहां पर एक लोग मिलकर खाना बनाते हैं और मिलकर परोस ते हैं खाते हैं और पूजा वगैरह करते हैं भजन करते हैं पार्टी भी करते हैं आई थिंक दैट विल कम बैक टू पटाखे एंड ड्रिंकिंग एंड अगेन प्ले हैं और रनिंग करते हैं कुछ तो झगड़ा मारपीट भी करते हैं बैलेंस भी करते हैं सिंगल कब पूरा जो एसेंट होता है वह पूरा खराब हो जाता है सिंपल एंड ब्यूटीफुल प्लीज कनेक्ट ऑन कविता पानी M.Com

aapka sawaal hai agar diwali par patakhon ki jagah kuch aur kiya ja sakta toh bahut kya hota dekhiye baccho ko jitna pasand padha kar jala na utana shayad badon ko dhire dhire vaah attraction kam hota ja raha hai toh noise pollution and diamond itna kharcha zyada badh gaya patakhon ka ki 20 baar toh aise hi nikal jaate hai ek committee ka saavali ke liye aaj kal aaj kal agar aap do teen item chalenge tohi 5000 ho jata hai 6 saal ho jaate hai pollution sound ka hota hai jo smell se hota hai touch not good for health par hamein yah karna chahiye ki chhote chhote celebration kar sakte hai patakhon ke bajay agar sirf flower pot full setup box vagera hai jo hum full cheete hai jo ki foundation ka jo hai usko nikaal de aap toh dekhne mein color sugara pada ke jaise ki you have a flower pots and fulajhadi dena celebrate the festival the color of light you require chocolate bomb fatne se sound requirement log hai jo animal sound bahut hi problem hai yah sound alka pollution toh isko band kar sakte hai aur unhe cheez ka use kare jise sound aur kal ka pollution na ho jo dekhne mein accha lage jo friendly ho vaah on pocket and anywhere personal life aalso vaah kar sakte hai band party rakh sakte hai puja rakh sakte hai I dont believe ling in diwali laxmi aati hai dua karte hai anabilibing simple and beautiful simple ho jo pocket mein zyada heavy na ho lekin jo utana hi logo ko parivar ko kareeb lekar aaye lekin saath mein milkar khana bana sakte hai log community wahan par ek log milkar khana banate hai aur milkar paros te hai khate hai aur puja vagera karte hai bhajan karte hai party bhi karte hai I think that will kam back to patakhe and drinking and again play hai aur running karte hai kuch toh jhadna maar peet bhi karte hai balance bhi karte hai singles kab pura jo assent hota hai vaah pura kharab ho jata hai simple and beautiful please connect on kavita paani M Com

आपका सवाल है अगर दिवाली पर पटाखों की जगह कुछ और किया जा सकता तो बहुत क्या होता देखिए बच्चो

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