क्या भगवान के नाम पर मंदिर बना कर व्यवसाय किया जा रहा है?...


user

Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

3:35
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महोदय आपने पूछा क्या भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है नहीं ऐसे भाव तो नहीं है क्योंकि हर आदमी के हर जगह पर अपने भाव मंदिर बनवाना हमारे प्राचीन सभ्यता हमारी संस्कृति है ईश्वर के प्रति धन्यवाद देने का एक माध्यम है मंदिर बनवाना पुराने समय में जब राजा आपके यहां संतान नहीं होती थी और संतान की प्राप्ति होने पर राजा संकल्प करते थे कि हम आपका एक भव्य मंदिर बनाएंगे जिसमें हजारों लाखों लोगों को अन्य दान होगा गरीबों की सेवा होगी तो मंदिर पहले सेवा का माध्यम हुआ करते थे तब से यह परंपरा चली आ रही है आज भी मंदिर जो है सेवा का माध्यम है मंदिर व्यवसाय नहीं है मंदिर आस्था का केंद्र बिंदु है और जितने भी बड़े बड़े मंदिर है क्योंकि वह बहुत बड़ी संख्या में भक्त आते हैं वह दान देते हैं तो वहां से बहुत से गरीबों का भला होता बहुत से ऐसे सामाजिक उत्थान के कार्य चलते हैं जो हमें प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देते लेकिन मंदिरों का उद्देश्य सिर्फ सेवा ही है क्योंकि भगवान कभी भी आपसे लेते नहीं हो भैया और संसारी आदमी को क्या दे पाएंगे भगवान के मंदिर पर जो चढ़ावा आता चाहती आती है वह लोगों की आस्था मन्नत पूरी होने पर उनकी अपनी शिक्षा से आता है कोई मंदिर वाली तो कहते नहीं है कि भैया इतना पैसा चलाओ इतना दान करो यह आदमी दान करना उसकी संस्कारों में है उसके व्यक्तित्व में है कि हमारे सनातन धर्म की एक बहुत गहरी संस्कृति आई है बहुत गहरा सत्चरित्र बलिदान करना हमारे यहां धर्म के चार चरण बताएं उन मतदान कलयुग में प्रमुख मंदिर जो है व्यवसाय के लिए नहीं बनाएगा मंदिर सेवा के लिए बनाए गए और सेवा ही हो रही है आज कोरोनावायरस के समय लगभग सभी मंदिर ट्रस्ट ओं ने अपना बहुत बड़ा योगदान दिया व्यवसाय कर रहे हो हजारों लाखों लोगों को ट्रस्ट कहां से आता है यह सब इस चढ़ाई का जो पैसा उसी का तो सदुपयोग हो रहा है गरीब कन्याओं के विवाह होते हैं साधु संतों की सेवाएं चलती है लंगर चलते हैं गुरुद्वारों में मंदिरों में भोजन चलते हैं यह सब कहां से हो रहा है धार्मिक आयोजन होते हैं सब कहां से होता है मंदिर के रखरखाव मंदिर के कर्मचारी पुजारी हजारों तरह के खर्च होते हैं कहां से आता है सब आम आदमी के चढ़ावा से जो आता है उसका बका दक पोस्ट बना हुआ है खर्चे का लेन-देन का हर चीज़ का हिसाब होता है मंदिर व्यवसाय के केंद्र नहीं मंदिर सेवा के केंद्र मंदिर धार्मिक आस्था का विषय है हमें इस तरह से नहीं सोचना चाहिए धन्यवाद

mahoday aapne poocha kya bhagwan ke naam par mandir banakar vyavasaya kiya ja raha hai nahi aise bhav toh nahi hai kyonki har aadmi ke har jagah par apne bhav mandir banwana hamare prachin sabhyata hamari sanskriti hai ishwar ke prati dhanyavad dene ka ek madhyam hai mandir banwana purane samay me jab raja aapke yahan santan nahi hoti thi aur santan ki prapti hone par raja sankalp karte the ki hum aapka ek bhavya mandir banayenge jisme hazaro laakhon logo ko anya daan hoga garibon ki seva hogi toh mandir pehle seva ka madhyam hua karte the tab se yah parampara chali aa rahi hai aaj bhi mandir jo hai seva ka madhyam hai mandir vyavasaya nahi hai mandir astha ka kendra bindu hai aur jitne bhi bade bade mandir hai kyonki vaah bahut badi sankhya me bhakt aate hain vaah daan dete hain toh wahan se bahut se garibon ka bhala hota bahut se aise samajik utthan ke karya chalte hain jo hamein pratyaksh roop se dikhai nahi dete lekin mandiro ka uddeshya sirf seva hi hai kyonki bhagwan kabhi bhi aapse lete nahi ho bhaiya aur SANSARI aadmi ko kya de payenge bhagwan ke mandir par jo chadhava aata chahti aati hai vaah logo ki astha mannat puri hone par unki apni shiksha se aata hai koi mandir wali toh kehte nahi hai ki bhaiya itna paisa chalao itna daan karo yah aadmi daan karna uski sanskaron me hai uske vyaktitva me hai ki hamare sanatan dharm ki ek bahut gehri sanskriti I hai bahut gehra satcharitra balidaan karna hamare yahan dharm ke char charan bataye un matdan kalyug me pramukh mandir jo hai vyavasaya ke liye nahi banayega mandir seva ke liye banaye gaye aur seva hi ho rahi hai aaj coronavirus ke samay lagbhag sabhi mandir trust on ne apna bahut bada yogdan diya vyavasaya kar rahe ho hazaro laakhon logo ko trust kaha se aata hai yah sab is chadhai ka jo paisa usi ka toh sadupyog ho raha hai garib kanyaon ke vivah hote hain sadhu santo ki sevayen chalti hai langar chalte hain gurudwaron me mandiro me bhojan chalte hain yah sab kaha se ho raha hai dharmik aayojan hote hain sab kaha se hota hai mandir ke rakharakhav mandir ke karmchari pujari hazaro tarah ke kharch hote hain kaha se aata hai sab aam aadmi ke chadhava se jo aata hai uska baka dak post bana hua hai kharche ka len then ka har cheez ka hisab hota hai mandir vyavasaya ke kendra nahi mandir seva ke kendra mandir dharmik astha ka vishay hai hamein is tarah se nahi sochna chahiye dhanyavad

महोदय आपने पूछा क्या भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है नहीं ऐसे भाव तो नह

Romanized Version
Likes  92  Dislikes    views  1126
WhatsApp_icon
10 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

0:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भगवान के नाम पर मंत्री बनाकर व्यवसाय नहीं किया जा रहा है आपका देखने का नजरिया गलत है या आप किसी आतंकवादियों के मानसिकता में आप फंसे हुए हैं धन्यवाद

koi bhagwan ke naam par mantri banakar vyavasaya nahi kiya ja raha hai aapka dekhne ka najariya galat hai ya aap kisi aatankwadion ke mansikta mein aap fanse hue hain dhanyavad

कोई भगवान के नाम पर मंत्री बनाकर व्यवसाय नहीं किया जा रहा है आपका देखने का नजरिया गलत है य

Romanized Version
Likes  21  Dislikes    views  550
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है जी हां भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है और इमली हर जगह हर पुलिस पर हर स्टेट में और मुसली हर कंट्री में जहां-जहां मंदिर खोले गए मस्जिद खोले गए चीज हो गई अब

kya bhagwan ke naam par mandir banakar vyavasaya kiya ja raha hai ji haan bhagwan ke naam par mandir banakar vyavasaya kiya ja raha hai aur imli har jagah har police par har state mein aur musali har country mein jahan jahan mandir khole gaye masjid khole gaye cheez ho gayi ab

क्या भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है जी हां भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर

Romanized Version
Likes  390  Dislikes    views  4440
WhatsApp_icon
user

Ashok Clinic

Sexologist

0:59
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है यह कुछ हद तक यह बात ठीक है सौ परसेंट तो नहीं है यह आस्था का विषय है इस गांव के मंदिर ना वीडियो तो भी भगवान का नाम लो भगवान को अच्छे काम करो अच्छे इंसान बन के रहो समाज का भला करो समाज के लिए अच्छा करो तो वह भी ठीक है लेकिन सभी मजा तो खराब नहीं है सभी मंदिरों में गंदा नहीं वह बात अलग है यह बहार पहचानते हैं अगर भगवान से रुपए मांगते हैं विजय चौहान भगवान के चरणों में हम फूल चढ़ाएं फूल माला पहना मान सम्मान करें और आशापुरी बनाए रखें जो हम चाहते हैं जो असली विषय होता है पर फिर भी स्तर पर जो लाल समक्ष लोग हैं व्यवसाय कर रहे हैं तो उनकी संविधान की भरी है जो करेंगे सो भरेंगे तो क्या वह अरदास

kya bhagwan ke naam par mandir banakar vyavasaya kiya ja raha hai yah kuch had tak yah baat theek hai sau percent toh nahi hai yah astha ka vishay hai is gaon ke mandir na video toh bhi bhagwan ka naam lo bhagwan ko acche kaam karo acche insaan ban ke raho samaj ka bhala karo samaj ke liye accha karo toh vaah bhi theek hai lekin sabhi maza toh kharab nahi hai sabhi mandiro mein ganda nahi vaah baat alag hai yah bahar pehchante hai agar bhagwan se rupaye mangate hai vijay Chauhan bhagwan ke charno mein hum fool chadhaen fool mala pehna maan sammaan kare aur ashapuri banaye rakhen jo hum chahte hai jo asli vishay hota hai par phir bhi sthar par jo laal samaksh log hai vyavasaya kar rahe hai toh unki samvidhan ki bhari hai jo karenge so bharenge toh kya vaah ardas

क्या भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है यह कुछ हद तक यह बात ठीक है सौ परसे

Romanized Version
Likes  337  Dislikes    views  4104
WhatsApp_icon
play
user

Dr.Pavan Mishra

Naturopath Doctor | Physician

0:44

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान के नाम पर मंदिर बना करके व्यवसाय किया जा रहा है कुछ लोग ऐसे हैं जो इसको थोड़ा बिजनेस के नजरिए से देख रहे हैं जबकि ऐसा होना नहीं चाहिए क्योंकि यह जो मंदिर वगैरह है यह तो सब धर्म का काम है और इसमें जो इसमें बिजनेस से रिलेटेड लोग उनको भी इसमें सहयोग देना चाहिए और ऐसा हो नहीं रहा है लोग मंदिर को अपना एक बिजनेस बनाने का व्यवसाय तो बना रहे धीरे-धीरे उचित नहीं है इसके जो प्रतिशत मात्रा है वह धीरे-धीरे बढ़ रहे पहले नहीं थी लेकिन अब धीरे-धीरे उस को इनक्रीस किया जा रहा है धन्यवाद

bhagwan ke naam par mandir bana karke vyavasaya kiya ja raha hai kuch log aise hai jo isko thoda business ke nazariye se dekh rahe hai jabki aisa hona nahi chahiye kyonki yah jo mandir vagera hai yah toh sab dharm ka kaam hai aur isme jo isme business se related log unko bhi isme sahyog dena chahiye aur aisa ho nahi raha hai log mandir ko apna ek business banane ka vyavasaya toh bana rahe dhire dhire uchit nahi hai iske jo pratishat matra hai vaah dhire dhire badh rahe pehle nahi thi lekin ab dhire dhire us ko increase kiya ja raha hai dhanyavad

भगवान के नाम पर मंदिर बना करके व्यवसाय किया जा रहा है कुछ लोग ऐसे हैं जो इसको थोड़ा बिजने

Romanized Version
Likes  126  Dislikes    views  1587
WhatsApp_icon
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भगवान के नाम पर मंदिर बना कर लो शायद किया जा रहा है देखिए पसंद नहीं कर सकते हैं सब मंदिरों में ऐसा हो रहा है कुछ मंदिरों में देखा जा रहा है गति को हम दूसरे घर से सोचें तो हमारे देश का बहुत बड़ा सोने का हिसाब भगवान को चलावे क्यों भक्त लोग हम भी लिख देते हैं चढ़ावा करते बहुत बड़ा धन जो है ऐसा वह मंदिर में हम के रूप में भगवान के चरणों में भर्ती स्तर से काफी मंदिरों में जो घटना हुआ है और गोल्ड चांदी कटा हुआ है उसका वशीकरण सिद्ध नहीं हो पा रहा है और बिल्कुल व्यस्त है कचोरी में पड़ा हुआ है मतलब इसको कहते हैं कि हमारे श्रद्धा और भक्ति और आस्था की वजह से कुछ मंदिरों में जो धन जमा हुआ है अगर उसका सदुपयोग किया जाए तो हमारे देश की जो अच्छा लगता है वह बहुत ही आगे बढ़ चुकी है अब मंदिरों को व्यापार कुछ और कुछ मंदिर जो हमसे बातें करते हैं हम श्रद्धा और आस्था की मंदिर भगवान शिव दर्शन लाभ लेते हैं और हमारी मनोकामना पूर्ण करने की भगवान से प्रार्थना करें इसलिए हम यह तो नहीं कह सकते कि सभी नंगी व्यापार कर रहे हैं लेकिन कुछ कुछ अभी ऐसा हो रहा है देखने आ रहा है और हम महसूस करते धन

kya bhagwan ke naam par mandir bana kar lo shayad kiya ja raha hai dekhiye pasand nahi kar sakte hain sab mandiro mein aisa ho raha hai kuch mandiro mein dekha ja raha hai gati ko hum dusre ghar se sochen toh hamare desh ka bahut bada sone ka hisab bhagwan ko chalave kyon bhakt log hum bhi likh dete hain chadhava karte bahut bada dhan jo hai aisa vaah mandir mein hum ke roop mein bhagwan ke charno mein bharti sthar se kaafi mandiro mein jo ghatna hua hai aur gold chaandi kata hua hai uska vashikaran siddh nahi ho paa raha hai aur bilkul vyast hai kachori mein pada hua hai matlab isko kehte hain ki hamare shraddha aur bhakti aur astha ki wajah se kuch mandiro mein jo dhan jama hua hai agar uska sadupyog kiya jaaye toh hamare desh ki jo accha lagta hai vaah bahut hi aage badh chuki hai ab mandiro ko vyapar kuch aur kuch mandir jo humse batein karte hain hum shraddha aur astha ki mandir bhagwan shiv darshan labh lete hain aur hamari manokamana purn karne ki bhagwan se prarthna kare isliye hum yah toh nahi keh sakte ki sabhi nangi vyapar kar rahe hain lekin kuch kuch abhi aisa ho raha hai dekhne aa raha hai aur hum mehsus karte dhan

क्या भगवान के नाम पर मंदिर बना कर लो शायद किया जा रहा है देखिए पसंद नहीं कर सकते हैं सब मं

Romanized Version
Likes  66  Dislikes    views  1316
WhatsApp_icon
user
2:38
Play

Likes  67  Dislikes    views  1333
WhatsApp_icon
user
0:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां दोस्तों आज भगवान के नाम पर मंदिर बना कर बिजनेस किया जा रहा है जितनी जितनी ज्यादा मंदिर है उसने ज्यादा उतने दर्द जितने ज्यादा भगवान उतने जाते मंदिर जितने जानेमन दे पैसे उतने ज्यादा इनकम साथ मंदिर में जाएं कहीं भी जाएं किसी और को छोड़कर बाकी हर सेक्टर में चाय को गॉड के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं और यह प्रेम है जो कि नहीं होना चाहिए बिजनेस किया जा रहा है भगवान कथा बिजनेस बन चुके हैं इस जमाने में

ji haan doston aaj bhagwan ke naam par mandir bana kar business kiya ja raha hai jitni jitni zyada mandir hai usne zyada utne dard jitne zyada bhagwan utne jaate mandir jitne jaaneman de paise utne zyada income saath mandir mein jayen kahin bhi jayen kisi aur ko chhodkar baki har sector mein chai ko god ke naam par paise liye ja rahe hain aur yah prem hai jo ki nahi hona chahiye business kiya ja raha hai bhagwan katha business ban chuke hain is jamane mein

जी हां दोस्तों आज भगवान के नाम पर मंदिर बना कर बिजनेस किया जा रहा है जितनी जितनी ज्यादा मं

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  141
WhatsApp_icon
user

Aditya Kapoor

Career Counsellor

1:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी यह क्वेश्चन के आंसर एकदम अब खुद ही आंसर देती हैं क्योंकि भगवान के नाम पर मंदिर बना जान दिया जा रहा है और उससे व्यापार वाला अब बड़े-बड़े जितने भी मंदिर है रामेश्वर मंदिर और भी जितने सारे भारत के उत्तर पश्चिम पूर्व में कितने मंदिर हैं वहां पर जाकर देख लीजिए पर चंदा के चढ़ावा कैसे चलो तरह तैयार रहते हैं सोना चांदी रुपया पैसे आते हैं और वहां पर लोग एक मतलब एक टैंकर की तरह बनाता है मतलब जब गड्ढा खोदकर किसे उसमें सब पैसा कटता है वो पैसा किसको जाता है पैसा उस मंदिर के जो मठाधीश होता है जो मुख होता है वह लेता है उस पैसे सुबह-सुबह ऐसी करते हैं मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है आप देखेंगे जी का मंदिर बड़े बड़े बन रहा है आजकल तो बाबा कह लीजिए पंडित के नीचे सब लोग अपने-अपने मंदिर को व्यवस्था है बना लीजिए हम तो करना नहीं है जो भी जाएगा ₹100 101 501 बाबा ले लीजिए बाबाजी चला दो पिक्चर चला दो तुम्हारी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी एक मजदूर ₹300 8 घंटे दिन में कुदाल भागता है तो कम आता है और बाबा लोग का क्या है मंदिर में क्या है घंटे में गए जिनमें ना वाला रहेगा तो लाखों रुपए गिर सकता है

ji yah question ke answer ekdam ab khud hi answer deti hain kyonki bhagwan ke naam par mandir bana jaan diya ja raha hai aur usse vyapar vala ab bade bade jitne bhi mandir hai rameshwar mandir aur bhi jitne saare bharat ke uttar paschim purv mein kitne mandir hain wahan par jaakar dekh lijiye par chanda ke chadhava kaise chalo tarah taiyar rehte hain sona chaandi rupya paise aate hain aur wahan par log ek matlab ek tanker ki tarah banata hai matlab jab gaddha khodakar kise usme sab paisa katata hai vo paisa kisko jata hai paisa us mandir ke jo mathadhish hota hai jo mukh hota hai vaah leta hai us paise subah subah aisi karte hain mandir banakar vyavasaya kiya ja raha hai aap dekhenge ji ka mandir bade bade ban raha hai aajkal toh baba keh lijiye pandit ke niche sab log apne apne mandir ko vyavastha hai bana lijiye hum toh karna nahi hai jo bhi jaega Rs 101 501 baba le lijiye babaji chala do picture chala do tumhari manokamana purn ho jayegi ek majdur Rs 8 ghante din mein kudaal bhagta hai toh kam aata hai aur baba log ka kya hai mandir mein kya hai ghante mein gaye jinmein na vala rahega toh laakhon rupaye gir sakta hai

जी यह क्वेश्चन के आंसर एकदम अब खुद ही आंसर देती हैं क्योंकि भगवान के नाम पर मंदिर बना जान

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  122
WhatsApp_icon
user

Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

1:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है जी हां बिल्कुल अब जो भगवान के मंदिर है वह एक दुकान की तरह हो गए हैं एक वेबसाइट ठिकाने हो गए हैं जहां पर लोग हैं पैसे कमाते हैं दान पात्र हैं वह गले हैं मैं लोग कैसे चढ़ाते हैं और अच्छी कमाई करते हैं वाकई में जो भारत का जो हिंदू धर्म में है बिल्कुल धंधे हो गया मंदिर एक दुकान की तरह हो गए हैं इसमें कोई शक नहीं है अब लोगों को लूटा जा रहे हैं और जो पुजारी वगैरह है वह इतने घटिया घटिया काम करते हैं जिनकी व्यक्ति कल्पना तक नहीं कर सकता है इतने नीच और क्रूर काम करता है तो यह सारे बिल्कुल मंदिर अंधे हो गए हैं उन्हें पैसे बिल्कुल मत चढ़ाओ क्योंकि भगवान को पैसे की आवश्यकता नहीं है कि भगवान ने जिस धरती को उत्पन्न किया जिसमें सबकुछ पैदा हो सकता है पैसा क्या चीज है उस भगवान को पैसे की आवश्यकता नहीं है कलारी को सर्व समर्थ है वह सर्वशक्तिमान है वह अनंत ब्रह्मांड का अधिपति है उसको पैसों की आवश्यकता कहां पड़ेगी यह तो एक छोटी सी धरती है जिसमें पैसा यह सब कुछ पैदा हुआ है बहुत आनंद बंधुओं का परम पिता है इसके अनुसार में करोड़ों धर्मांध स्थित है उसे पैसों की आवश्यकता नहीं है वह सर्वशक्तिमान है तो पैसे भेजे मंदिर में कभी नहीं चलाएं

bhagwan ke naam par mandir banakar vyavasaya kiya ja raha hai ji haan bilkul ab jo bhagwan ke mandir hai vaah ek dukaan ki tarah ho gaye hai ek website thikane ho gaye hai jaha par log hai paise kamate hai daan patra hai vaah gale hai log kaise chadhate hai aur achi kamai karte hai vaakai mein jo bharat ka jo hindu dharm mein hai bilkul dhande ho gaya mandir ek dukaan ki tarah ho gaye hai isme koi shak nahi hai ab logo ko loota ja rahe hai aur jo pujari vagera hai vaah itne ghatiya ghatiya kaam karte hai jinki vyakti kalpana tak nahi kar sakta hai itne neech aur krur kaam karta hai toh yah saare bilkul mandir andhe ho gaye hai unhe paise bilkul mat chadhao kyonki bhagwan ko paise ki avashyakta nahi hai ki bhagwan ne jis dharti ko utpann kiya jisme sabkuch paida ho sakta hai paisa kya cheez hai us bhagwan ko paise ki avashyakta nahi hai kalari ko surv samarth hai vaah sarvshaktimaan hai vaah anant brahmaand ka adhipati hai usko paison ki avashyakta kahaan padegi yah toh ek choti si dharti hai jisme paisa yah sab kuch paida hua hai bahut anand bandhuon ka param pita hai iske anusaar mein karodo dharmandh sthit hai use paison ki avashyakta nahi hai vaah sarvshaktimaan hai toh paise bheje mandir mein kabhi nahi chalaye

भगवान के नाम पर मंदिर बनाकर व्यवसाय किया जा रहा है जी हां बिल्कुल अब जो भगवान के मंदिर है

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  3
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!