क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा हैं? आपकी राय क्या है?...


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Brajesh Mishra

Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण इस देश को दीमक की तरह खा रहा है बिल्कुल सत्य कथन है यदि आरक्षण जैसी दीमक वाली बीमारी हमारे देश में ना लगी होती तो देश में उन्नति के और कई आयाम खुलते और हर व्यक्ति को प्रतिबंधित आ के माध्यम से अपनी प्रतिभा के बल पर किसी भी पद पर जाने के लिए किसी भी नौकरी में जाने के लिए किसी का मोहताज ना बनना पड़ता ना ही किसी की कृपा पर बनना पड़ता लेकिन प्रतिभाओं को कुचलने का और प्रतिभाओं के ऊपर कम प्रतिभा वाले या बिल्कुल अल्पज्ञ लोगों को सिर्फ जाति और धर्म के आधार पर आरक्षण के नाम पर उनको नौकरियां मिली और उनकी कई पीढ़ियां लगातार ऐसी ही है सरकारी नौकरियों का लाभ लेती रही है तो यह निश्चित तौर पर ढेर सारे ऐसे ऐसी प्रतिभाएं रही हैं जो 90% अंक पाकर के भी नौकरी में नहीं जा सके और वहीं पर 32 परसेंट और 33% मार्क्स लेकर के ढेर सारे लोग आईएस और इन इंजीनियरिंग और ढेर सारे बड़े दायित्व पर बैठे यह सिस्टम को खोखला करने का बहुत बड़ा घटिया एक प्रॉविजन किया गया था हमारे संविधान में अब भी समय है इस दीमक से मुक्ति पाने के लिए भारतीय हमारी संवैधानिक ढांचे में परिवर्तन करना पड़ेगा और अब आरक्षण से देश को मुक्ति देकर के प्रतिभा के बल पर लोगों को अपनी नौकरियों में या व्यवसाय में या किसी भी जगह पर अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए

aarakshan is desh ko dimak ki tarah kha raha hai bilkul satya kathan hai yadi aarakshan jaisi dimak wali bimari hamare desh me na lagi hoti toh desh me unnati ke aur kai aayam khulte aur har vyakti ko pratibandhit aa ke madhyam se apni pratibha ke bal par kisi bhi pad par jaane ke liye kisi bhi naukri me jaane ke liye kisi ka mohtaaz na banna padta na hi kisi ki kripa par banna padta lekin pratibhaon ko kuchalane ka aur pratibhaon ke upar kam pratibha waale ya bilkul alpagya logo ko sirf jati aur dharm ke aadhar par aarakshan ke naam par unko naukriyan mili aur unki kai peedhiyaan lagatar aisi hi hai sarkari naukriyon ka labh leti rahi hai toh yah nishchit taur par dher saare aise aisi pratibhayen rahi hain jo 90 ank pakar ke bhi naukri me nahi ja sake aur wahi par 32 percent aur 33 marks lekar ke dher saare log ias aur in Engineering aur dher saare bade dayitva par baithe yah system ko khokhla karne ka bahut bada ghatiya ek pravijan kiya gaya tha hamare samvidhan me ab bhi samay hai is dimak se mukti paane ke liye bharatiya hamari samvaidhanik dhanche me parivartan karna padega aur ab aarakshan se desh ko mukti dekar ke pratibha ke bal par logo ko apni naukriyon me ya vyavasaya me ya kisi bhi jagah par apni pratibha ke bal par aage badhne ka mauka diya jana chahiye

आरक्षण इस देश को दीमक की तरह खा रहा है बिल्कुल सत्य कथन है यदि आरक्षण जैसी दीमक वाली बीम

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Laxmikant Vyas

Politician

0:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण दीमक की तरह खारा ने दी मची है देश के विकास में अवरोध ही पूरी तरीके से आरक्षण जितना जल्दी सो भारत सरकार आरक्षण खत्म करें तभी देश का विकास संभव है आरक्षण इन्हें देश के विकास के लिए शिक्षा को महत्व देना चिकित्सा को महत्व देना और आरक्षण को खत्म करना यह तीन चीजें जिस दिन संभव हो जाएगी उस दिन भारत दुनिया का सबसे विकसित देश होगा

aarakshan dimak ki tarah khara ne di machi hai desh ke vikas me avarodh hi puri tarike se aarakshan jitna jaldi so bharat sarkar aarakshan khatam kare tabhi desh ka vikas sambhav hai aarakshan inhen desh ke vikas ke liye shiksha ko mahatva dena chikitsa ko mahatva dena aur aarakshan ko khatam karna yah teen cheezen jis din sambhav ho jayegi us din bharat duniya ka sabse viksit desh hoga

आरक्षण दीमक की तरह खारा ने दी मची है देश के विकास में अवरोध ही पूरी तरीके से आरक्षण जितना

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Yogesh Kumar

Politician

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण के विषय में मेरा यही कहना है कि आरक्षण से हालांकि कुछ प्रतिभाओं का को नुकसान होता है कि हमें जब हम सर्विस लेना चाहते हैं चाहे वह किसी विभाग की है वह कोई तो हम उसमें उस टाइम आने का आकलन करते हैं कि हमें जो सेवाएं दी जा रही हैं जो समय हमारे आसपास का जो प्रशासनिक हो वह बेहतर हो बहुत कुछ स्तर का हो नहीं आरक्षण से इस भावना को ठेस पहुंचती है हालांकि आरक्षण भी समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा में समान रूप से लाने में विकास में सामान्य सहयोग उनका अपेक्षित है और आरक्षण जी अभी दिया जा रहा है उसको देते रहना चाहिए क्योंकि जो सबको बराबरी का हक है और जो लोग बराबर में अपने स्ट्रगल कर रहे हैं उनको थोड़ा सा हम आगे बढ़ाकर संदेश समाज के मुख्यधारा में ला रहे हैं कोई अच्छी बात है

aarakshan ke vishay me mera yahi kehna hai ki aarakshan se halaki kuch pratibhaon ka ko nuksan hota hai ki hamein jab hum service lena chahte hain chahen vaah kisi vibhag ki hai vaah koi toh hum usme us time aane ka aakalan karte hain ki hamein jo sevayen di ja rahi hain jo samay hamare aaspass ka jo prashaasnik ho vaah behtar ho bahut kuch sthar ka ho nahi aarakshan se is bhavna ko thes pohchti hai halaki aarakshan bhi samaj ke vanchit varg ko mukhyadhara me saman roop se lane me vikas me samanya sahyog unka apekshit hai aur aarakshan ji abhi diya ja raha hai usko dete rehna chahiye kyonki jo sabko barabari ka haq hai aur jo log barabar me apne struggle kar rahe hain unko thoda sa hum aage badhakar sandesh samaj ke mukhyadhara me la rahe hain koi achi baat hai

आरक्षण के विषय में मेरा यही कहना है कि आरक्षण से हालांकि कुछ प्रतिभाओं का को नुकसान होता ह

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Charansingh

Politician/ Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण देश के लिए सामाजिक न्याय का एक हिस्सा है जब तक सामाजिक न्याय सोशल जस्टिस जिसे हम कहते हैं कि जब तक हम नहीं कर पाएंगे तब तक समानता देश के जो हमारे मूलभूत अधिकार और अधिकार हैं उसका हम हिफाजत की है ऐसा नहीं होगा और यह संवैधानिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है और संविधान ने दिया हुआ अधिकार है और आरक्षण से देश में आर्थिक विषमता दूर करने में मदद हो सकती हैं अब इसका समय कितना होना चाहिए इसके बारे में अलग से चर्चा होना जरूरी है यह बात अलग है कि आरक्षण दीमक नहीं है आरक्षण देश के लिए जरूरी

aarakshan desh ke liye samajik nyay ka ek hissa hai jab tak samajik nyay social justice jise hum kehte hain ki jab tak hum nahi kar payenge tab tak samanata desh ke jo hamare mulbhut adhikaar aur adhikaar hain uska hum hifajat ki hai aisa nahi hoga aur yah samvaidhanik prakriya ka ek hissa hai aur samvidhan ne diya hua adhikaar hai aur aarakshan se desh me aarthik vishamata dur karne me madad ho sakti hain ab iska samay kitna hona chahiye iske bare me alag se charcha hona zaroori hai yah baat alag hai ki aarakshan dimak nahi hai aarakshan desh ke liye zaroori

आरक्षण देश के लिए सामाजिक न्याय का एक हिस्सा है जब तक सामाजिक न्याय सोशल जस्टिस जिसे हम कह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण देश को दीमक की तरह नहीं खा रहा है देश की आवश्यकता है इसलिए आरक्षण देश में लागू है और अब तो पूरे देशवासियों को आरक्षण मिल रहा है इसलिए यह कहना गलत होगा कि आरक्षण देश को दीमक की तरह तारा

aarakshan desh ko dimak ki tarah nahi kha raha hai desh ki avashyakta hai isliye aarakshan desh mein laagu hai aur ab toh poore deshvasiyon ko aarakshan mil raha hai isliye yah kehna galat hoga ki aarakshan desh ko dimak ki tarah tara

आरक्षण देश को दीमक की तरह नहीं खा रहा है देश की आवश्यकता है इसलिए आरक्षण देश में लागू है औ

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है आपकी राय क्या है यह आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है हो सकता है इसकी वजह से देश बर्बाद हो जाएगा यह भी बंद हो सकता है और आउट ऑफ कंट्री वापस बोल देना अंग्रेज का शासक शासन दुबारा जाए बीपी हो सकता है

kya aarakshan desh ko dimak ki tarah kha raha hai aapki rai kya hai yah aarakshan desh ko dimak ki tarah kha raha hai ho sakta hai iski wajah se desh barbad ho jaega yah bhi band ho sakta hai aur out of country wapas bol dena angrej ka shasak shasan dubara jaaye BP ho sakta hai

क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है आपकी राय क्या है यह आरक्षण देश को दीमक की तरह खा

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Dharmendra Singh

Govt officer

1:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण देश को दीमक की तरह बिल्कुल नहीं खा रहा है यह लोगों की मानसिकता है इतने सालों से आरक्षण लागू है इससे देश के विकास में बाधा उत्पन्न है यह समय उत्पन्न हुई है समझ नहीं आ रहा लोग आरक्षण अच्छा चिल्लाते आरक्षण के आरक्षण का मामला है लोगों ने किया और आज भी ऐसे बहुत से लोग समाज के लोग हैं जिनको प्रेग्नेंट मिला ही नहीं है और लोग इसको गलत तरीके से पेश करते हैं मान लीजिए किसी छात्र को एडमिशन में आरक्षण मिलता है लेकिन पड़ता तो क्लास में सबके साथ एक जैसा है ना और परिचय पास भी होता है तो उसमें आरक्षण कहां गलत है यार ऐसा होता तो आप गलत हो जाता राजस्थान नहीं है और आज भी हमारे भारत की व्यवस्था में यदि आरक्षण लागू है तो आप सभी लोगों को आरक्षण मिल चुका है और सर्वाधिक आरक्षण का लाभ सामान्य वर्ग ले रहा है उसमें और सबसे ज्यादा इसका विरोध हनुमान बरगी का कर रहा है आरक्षण दीपक दिमाग खा रहा है सब लोग तो लाभ ले रहे हो अब दूसरे के लिए प्रेरित कर रहे हो सब लोग ज्वाइन ताजमहल का बंद कर दीजिए एक ही समाज के पीढ़ी दर पीढ़ी लोग जज बनने जा रहा है कौन सा ना तो ज्यादा नुकसान हो रहा है जो छुपा हुआ रखता है सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है

aarakshan desh ko dimak ki tarah bilkul nahi kha raha hai yah logo ki mansikta hai itne salon se aarakshan laagu hai isse desh ke vikas mein badha utpann hai yah samay utpann hui hai samajh nahi aa raha log aarakshan accha chillate aarakshan ke aarakshan ka maamla hai logo ne kiya aur aaj bhi aise bahut se log samaj ke log hain jinako pregnant mila hi nahi hai aur log isko galat tarike se pesh karte hain maan lijiye kisi chatra ko admission mein aarakshan milta hai lekin padta toh kashi mein sabke saath ek jaisa hai na aur parichay paas bhi hota hai toh usme aarakshan kahaan galat hai yaar aisa hota toh aap galat ho jata rajasthan nahi hai aur aaj bhi hamare bharat ki vyavastha mein yadi aarakshan laagu hai toh aap sabhi logo ko aarakshan mil chuka hai aur sarvadhik aarakshan ka labh samanya varg le raha hai usme aur sabse zyada iska virodh hanuman bargi ka kar raha hai aarakshan deepak dimag kha raha hai sab log toh labh le rahe ho ab dusre ke liye prerit kar rahe ho sab log join tajmahal ka band kar dijiye ek hi samaj ke peedhi dar peedhi log judge banne ja raha hai kaun sa na toh zyada nuksan ho raha hai jo chupa hua rakhta hai sarkar ko badnaam karne ki koshish ki ja rahi hai

आरक्षण देश को दीमक की तरह बिल्कुल नहीं खा रहा है यह लोगों की मानसिकता है इतने सालों से आरक

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Dr.Pavan Mishra

Naturopath Doctor | Physician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण देना अच्छी बात है लेकिन जहां पर तार्किक और आपके अंदर की जो क्षमता है उसकी बात आ जाए वहां पर आरक्षण का कोई योगदान नहीं होता है क्योंकि आरक्षण सिर्फ इतना होता है कि अगर आप किसी रीजन से कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो वहां पर आपको थोड़ा सहयोग देना लेकिन आपकी क्षमता को तो खुद ही आपको आगे बढ़ाना होगा और अगर आपके पास क्षमता ही नहीं है सिर्फ आपको सहयोग सहयोग दिया जाए तो वह क्षमता और डिक्रीज होने लग जाती है तो उतना ही सहयोग दिया जाए आरक्षण के रूप में जो आपकी क्षमता को प्रभावित ना करें और जहां क्षमता प्रभावित हो जाती हैं आपके काम करने की वहां पर फिर वह एक दीमक की तरह से ही काम करती हैं और जब ऐसा हो जाता है तो फिर आप आगे कुछ कर ही नहीं सकते धन्यवाद

aarakshan dena achi baat hai lekin jaha par tarkik aur aapke andar ki jo kshamta hai uski baat aa jaaye wahan par aarakshan ka koi yogdan nahi hota hai kyonki aarakshan sirf itna hota hai ki agar aap kisi reason se kuch nahi kar paa rahe hain toh wahan par aapko thoda sahyog dena lekin aapki kshamta ko toh khud hi aapko aage badhana hoga aur agar aapke paas kshamta hi nahi hai sirf aapko sahyog sahyog diya jaaye toh vaah kshamta aur dikrij hone lag jaati hai toh utana hi sahyog diya jaaye aarakshan ke roop mein jo aapki kshamta ko prabhavit na kare aur jaha kshamta prabhavit ho jaati hain aapke kaam karne ki wahan par phir vaah ek dimak ki tarah se hi kaam karti hain aur jab aisa ho jata hai toh phir aap aage kuch kar hi nahi sakte dhanyavad

आरक्षण देना अच्छी बात है लेकिन जहां पर तार्किक और आपके अंदर की जो क्षमता है उसकी बात आ जाए

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन कोई भी एक चीज एक एस्पेक्ट भारत की प्रगति को विकास को इकोनामिक डेवलपमेंट को अपने संस्थान दिन को नहीं रोक सकती है और उससे कुछ नहीं होता है सच बता दो अगर आप एक चीज को लेकर पकड़ के आगे जाएंगे आरक्षण जो है रिजर्वेशन सिस्टम जो है यह बहुत पहले शुरू किया गया था और इसकी बुनियाद रखी थी या उसमें शामिल हुए थे डॉक्टर भी अभी आर अंबेडकर जी उस समय उन्होंने यह बोला था और उन्होंने यह बताया था कि कुछ समय तक के लिए आरक्षण को रखने देना चाहिए उसके बाद इसको हटा देना चाहिए लेकिन हुआ क्या कि भाई वह कभी हटा ही नहीं वह कभी खत्म ही नहीं हो क्यों क्योंकि जितनी भी पॉलिटिशन साया पॉलीटिकल पार्टीज जाएगी उन्होंने इसी को मुद्दा बनाकर चुनाव प्रचार में प्रसार में अपने आप को फायदा दिलाने के लिए इस को ढाल बनाकर आगे बढ़ते चले गए इसको बंद करने के बारे में सोचा ही नहीं या इसको किस तरीके से अभी तक नहीं इसके बारे में सोचा ही नहीं आरक्षण उस तरह में अगर डॉक्टर अंबेडकर जी ने कहा था कि कुछ समय के लिए लागू करना है तो वह बिल्कुल सही कहा था मैं कभी भी इसके पक्ष में नहीं रहूंगा लेकिन हां यह बात सही है और मैं इसका इसके पक्ष में हूं हित में हूं कि अध्यक्ष ने की कुछ समय बाद अगर हटा देते या अभी भी अगर इस पर विचार करके हटा देना चाहिए कंप्लीट ही तो बहुत अच्छा रहेगा आज की तारीख में ऐसा नहीं है कि भाई आज जो आदर क्लासेस हैं उन्हीं को प्रॉब्लम हो रही है और हाइट और इसीलिए आरक्षण चलाना चाहिए वगैरा-वगैरा हम बात कर देगी यह दीमक की तरह देश को खा रहे तो ऐसा नहीं है खाली आरक्षण होने से या नहीं होने से कुछ नहीं होगा क्योंकि आरक्षण कहां पर होता है यह गवर्मेंट जॉब में होता है राइट अब कितनी गवर्मेंट जॉब हैं आप सोचें और वह कौन से वाले हैं जहां पर हम आरक्षण की बात करते हो क्या परसेंटेज है तो उससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता इंसान को याद एसकेआर डेवलपमेंट में या किसी भी तरीके से हां और क्योंकि अब क्या बहुत हमसे हमारी देश की आबादी हमेशा बढ़ती जा रही है उस बढ़ती हुई आबादी में चैलेंज एस कंपटीशन बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं उसने अगर आरक्षण हो और जो इनको एमपी 10th स्टूडेंट है या इंसान है उसको अगर जगह मिलती है तो वह शायद सही नहीं होगा और वह भी मिलती है अगर आरक्षण के बेसिस पर तो शायद आप सही नहीं होगा इसीलिए इस पर दोबारा से रिकंसीडरेशन की जरूरत है और जितना जल्दी हो सके इसे में देखना चाहिए किसको खाता नहीं करते हटाई दे

lekin koi bhi ek cheez ek espekt bharat ki pragati ko vikas ko economic development ko apne sansthan din ko nahi rok sakti hai aur usse kuch nahi hota hai sach bata do agar aap ek cheez ko lekar pakad ke aage jaenge aarakshan jo hai reservation system jo hai yah bahut pehle shuru kiya gaya tha aur iski buniyad rakhi thi ya usme shaamil hue the doctor bhi abhi R ambedkar ji us samay unhone yah bola tha aur unhone yah bataya tha ki kuch samay tak ke liye aarakshan ko rakhne dena chahiye uske baad isko hata dena chahiye lekin hua kya ki bhai vaah kabhi hata hi nahi vaah kabhi khatam hi nahi ho kyon kyonki jitni bhi politician saya political parties jayegi unhone isi ko mudda banakar chunav prachar mein prasaar mein apne aap ko fayda dilaane ke liye is ko dhal banakar aage badhte chale gaye isko band karne ke bare mein socha hi nahi ya isko kis tarike se abhi tak nahi iske bare mein socha hi nahi aarakshan us tarah mein agar doctor ambedkar ji ne kaha tha ki kuch samay ke liye laagu karna hai toh vaah bilkul sahi kaha tha main kabhi bhi iske paksh mein nahi rahunga lekin haan yah baat sahi hai aur main iska iske paksh mein hoon hit mein hoon ki adhyaksh ne ki kuch samay baad agar hata dete ya abhi bhi agar is par vichar karke hata dena chahiye complete hi toh bahut accha rahega aaj ki tarikh mein aisa nahi hai ki bhai aaj jo aadar classes hain unhi ko problem ho rahi hai aur height aur isliye aarakshan chalana chahiye vagaira vagaira hum baat kar degi yah dimak ki tarah desh ko kha rahe toh aisa nahi hai khaali aarakshan hone se ya nahi hone se kuch nahi hoga kyonki aarakshan kahaan par hota hai yah government mein hota hai right ab kitni government hain aap sochen aur vaah kaunsi waale hain jaha par hum aarakshan ki baat karte ho kya percentage hai toh usse koi khaas fark nahi padta insaan ko yaad SKR development mein ya kisi bhi tarike se haan aur kyonki ab kya bahut humse hamari desh ki aabadi hamesha badhti ja rahi hai us badhti hui aabadi mein challenge s competition bahut zyada badh gaye hain usne agar aarakshan ho aur jo inko mp 10th student hai ya insaan hai usko agar jagah milti hai toh vaah shayad sahi nahi hoga aur vaah bhi milti hai agar aarakshan ke basis par toh shayad aap sahi nahi hoga isliye is par dobara se rikansidreshan ki zarurat hai aur jitna jaldi ho sake ise mein dekhna chahiye kisko khaata nahi karte hatai de

लेकिन कोई भी एक चीज एक एस्पेक्ट भारत की प्रगति को विकास को इकोनामिक डेवलपमेंट को अपने संस्

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

8:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बिल्कुल जायज 10 नहीं आता है और वहां पर 1 लाइन और एक कोई छोटा जानवर पानी देने आता है और वहां पर जो शेर है उसे पानी नहीं पीना देता है वैसी स्थिति में व्यवस्था बनानी पड़ेगी उसको पानी पीने के लिए आरक्षण दिया जाए यहां पर को आरक्षण जाए लेकिन आप टाइगर को भी आरक्षण दे हाथी को भी आरक्षण गए दूसरे सत्संग जानवरों को भी आरक्षण दूसरे लाइन को भी आरक्षण की निश्चित रूप से यदि देश के आजादी के इतने वर्षों बाद ऐसा लगता है कि बहुत बड़ा वर्ग जो है जो अभी तक सक्षम नहीं हो पाया है तो इसमें सरकार की नाकामी और सरकार अपनी नाकामी को राजनीतिक आरक्षण के जरिए पूरा कर रही हैं उन से निकल भी नहीं पा रहे हैं और इसे एक तरह से राजनीतिक हथियार बना लिया गया अभी सामान्य वर्ग के लोगों के लिए भी लागू किया गया लोग हैं कि नहीं मिल रहा है स्टेप होना चाहिए देखना चाहता है उसको कोई सिखाने वाला मिल गया तो सिखाने वाले के उसे जरूरत नहीं पड़ती है वह चलाने लगता है अपना कार्य करने लगता है उसे इस काबिल बनाए रखें करता हूं कि एजुकेशनल स्टेशन के लिए आरक्षण हो वह भी पड़े उनके लिए सीखे हो सकता प्रतिनिधित्व उसके बाद नौकरी में प्रमोशन जाएंगे यही बात होगी को आरक्षित वर्ग के साथ में ले गया उसे इस काबिल बनाना ही नहीं चाहते हैं हम क्या सरकार और सरकार भी क्या कहें वोट की राजनीति सरकार भी परेशान है यदि वह एक फैसला ले एक ऐसा कोई नियम होना है तो तुरंत उसका प्रभाव देखने को मिलता है सड़कों पर आता जाता है वास्तव में जो भी नहीं चाहते हैं कि उनके समुदाय के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोग आरक्षण का लाभ उठाएं यदि वास्तव में अपने काम का अपने जाति कल्याण चार्ट खड़े होते अगला व्यक्ति बिल्कुल है और वह सशक्त नारी सशक्त लोग ही उठा रहे हो बिचारा तो बहुत पीछे हैं या उस तक इसकी पहुंच बंदिला आ रही है तो बहुत कम आ रही इसलिए मेरी समस्या बहुत ज्यादा व्यापक विचार और मंथन की जरूरत है और इसको राजनीतिक नजरिए से देखने से कुछ भी नहीं होगा इसके लिए एक मंथन तो होना ही चाहिए और फोटो भी सुप्रीम कोर्ट को भी इसे संज्ञान में लेना चाहिए यदि वास्तव देश की तरक्की चाहते हैं तो हमें इन चीजों से निकलकर के आना हुआ और आरक्षण भी ऐसे पदों के तो होना ही नहीं चाहिए जिससे डायरेक्टर भाव होता हो हम सभी चीजों में आरक्षण ना रखें तो ज्यादा बेहतर होगा आरक्षण का होना चाहिए इस तरह के लिए आरक्षण चल सकता है और कौन से पद हैं कौन सा ऐसा विभाग है कौन सी ऐसी नौकरियां हैं जिनमें आरक्षण बिल्कुल ही जाए नई राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है यह बिल्कुल गलत है तो आरक्षण के लोग हैं उन्हें खाना चाहिए सके कि नहीं यह जो कुछ कहा जा रहा है वह सही करना है 11:00 से बाहर निकल कर जाता है उनकी कोई संगठन की कोई तुम तीन बाहर निकल कर के आती है जो इसके लिए आवाज उठाती है यह लोगों को आरक्षण के दायरे से निकाला जाए जो वास्तव में इसके हकदार हैं धीरे धीरे धीरे समेटने की दिशा में भी आगे बढ़ा जाए ताकि वह संविधान में जो टाइम निर्धारित किया था या जो समीक्षा की बात है 30 तारीख को भूल गए और सिर्फ वोट की राजनीति में लग गई सारी पार्टियां सारी पार्टियां अपने विषय से भटक गई व्यापक फैसला लेने का साहस नहीं किया यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट भी ऐसे कई बार अहम फैसला बेताब नजर आया जिसको कई बार फैसला देने के बाद भी उसे अपने फैसले ही उलट नहीं पड़े इस तरह की बातें इसमें कोई दो राय नहीं है कि अभी आ रहा इसी तरह चलता रहा तो वास्तविकता में वास्तविक दक्षता और इसका खामियाजा उतना ही पड़ेगा

yah bilkul jayaj 10 nahi aata hai aur wahan par 1 line aur ek koi chota janwar paani dene aata hai aur wahan par jo sher hai use paani nahi peena deta hai vaisi sthiti mein vyavastha banani padegi usko paani peene ke liye aarakshan diya jaaye yahan par ko aarakshan jaaye lekin aap tiger ko bhi aarakshan de haathi ko bhi aarakshan gaye dusre satsang jaanvaro ko bhi aarakshan dusre line ko bhi aarakshan ki nishchit roop se yadi desh ke azadi ke itne varshon baad aisa lagta hai ki bahut bada varg jo hai jo abhi tak saksham nahi ho paya hai toh isme sarkar ki nakami aur sarkar apni nakami ko raajnitik aarakshan ke jariye pura kar rahi hain un se nikal bhi nahi paa rahe hain aur ise ek tarah se raajnitik hathiyar bana liya gaya abhi samanya varg ke logo ke liye bhi laagu kiya gaya log hain ki nahi mil raha hai step hona chahiye dekhna chahta hai usko koi sikhane vala mil gaya toh sikhane waale ke use zarurat nahi padti hai vaah chalane lagta hai apna karya karne lagta hai use is kaabil banaye rakhen karta hoon ki educational station ke liye aarakshan ho vaah bhi pade unke liye sikhe ho sakta pratinidhitva uske baad naukri mein promotion jaenge yahi baat hogi ko arakshit varg ke saath mein le gaya use is kaabil banana hi nahi chahte hain hum kya sarkar aur sarkar bhi kya kahein vote ki raajneeti sarkar bhi pareshan hai yadi vaah ek faisla le ek aisa koi niyam hona hai toh turant uska prabhav dekhne ko milta hai sadkon par aata jata hai vaastav mein jo bhi nahi chahte hain ki unke samuday ke sabse nichle payadan par khade log aarakshan ka labh uthaye yadi vaastav mein apne kaam ka apne jati kalyan chart khade hote agla vyakti bilkul hai aur vaah sashakt nari sashakt log hi utha rahe ho bichara toh bahut peeche hain ya us tak iski pohch bandila aa rahi hai toh bahut kam aa rahi isliye meri samasya bahut zyada vyapak vichar aur manthan ki zarurat hai aur isko raajnitik nazariye se dekhne se kuch bhi nahi hoga iske liye ek manthan toh hona hi chahiye aur photo bhi supreme court ko bhi ise sangyaan mein lena chahiye yadi vaastav desh ki tarakki chahte hain toh hamein in chijon se nikalkar ke aana hua aur aarakshan bhi aise padon ke toh hona hi nahi chahiye jisse director bhav hota ho hum sabhi chijon mein aarakshan na rakhen toh zyada behtar hoga aarakshan ka hona chahiye is tarah ke liye aarakshan chal sakta hai aur kaunsi pad hain kaun sa aisa vibhag hai kaun si aisi naukriyan hain jinmein aarakshan bilkul hi jaaye nayi raajnitik chashme se dekha ja raha hai yah bilkul galat hai toh aarakshan ke log hain unhe khana chahiye sake ki nahi yah jo kuch kaha ja raha hai vaah sahi karna hai 11 00 se bahar nikal kar jata hai unki koi sangathan ki koi tum teen bahar nikal kar ke aati hai jo iske liye awaaz uthaati hai yah logo ko aarakshan ke daayre se nikaala jaaye jo vaastav mein iske haqdaar hain dhire dhire dhire sametane ki disha mein bhi aage badha jaaye taki vaah samvidhan mein jo time nirdharit kiya tha ya jo samiksha ki baat hai 30 tarikh ko bhool gaye aur sirf vote ki raajneeti mein lag gayi saree partyian saree partyian apne vishay se bhatak gayi vyapak faisla lene ka saahas nahi kiya yahan tak ki supreme court bhi aise kai baar aham faisla betaab nazar aaya jisko kai baar faisla dene ke baad bhi use apne faisle hi ulat nahi pade is tarah ki batein isme koi do rai nahi hai ki abhi aa raha isi tarah chalta raha toh vastavikta mein vastavik dakshata aur iska khamiyaja utana hi padega

यह बिल्कुल जायज 10 नहीं आता है और वहां पर 1 लाइन और एक कोई छोटा जानवर पानी देने आता है और

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

4:23
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क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है आपकी राय क्या मेरी राय से जो आरक्षण दिया गया वह जातिगत रूप से किसी भी प्रॉपर कोई भी जाति में जन्म लेने की वजह से आरक्षण दिया गया चाहे उनकी आइक्यू कुछ भी हो अकेली बर्ड कुछ भी हो आर्थिक स्थिति कुछ भी हो लेकिन क्योंकि वह उससे प्रॉपर जाति में जन्म लिए हैं इसलिए उनको आरक्षण दिया इसलिए मेरा सवाल यह है कि दीमक की तरह आ रहा है यह कुछ महीनों में सही है क्योंकि किसी भी इंसान का जन्म किसी एक जाति में हुआ है और उसको अच्छा मिल रहा है उसकी योग्यता कुछ भी हो वह आरक्षण के हकदार कैसे हो क्योंकि आने वाले भविष्य में आरक्षण के तहत जो मेरिट लिस्ट में कम योग्यता वाले विद्यार्थी हैं उनको अगर आरक्षण देगी ऐसे डॉक्टर मिलेंगे ऐसे इंजीनियर मिलेंगे ऐसे वैसे कोई भी हमारे समक्ष आएंगे और वह हमारे सामने हमारा ही इलाज भी कर रहे होंगे हमारे देश के पुल और सड़क भी बना रहे होंगे लेकिन उनकी योग्यता पर सवालिया निशान जरूर खड़े होंगे क्योंकि जो भी इंसान है किसी एक कोई प्रॉपर जाति में पैदा हुआ है इसलिए आरक्षण का हकदार हो जाता है उस कुल में जन्म लेने से उसकी योग्यता सरकार तय करती है कि आरक्षण के तहत आता है लेकिन उसकी जो दिमाग की योग्यता है जो उसके अगेन मार्च है वह साबित नहीं कर सकते कि वह आरक्षण में आएगा और वह अपनी योग्यता आगे चलते साबित करेगा हर एक की आर्थिक स्थिति अलग हो सकती वर्तमान समय में जातिगत आरक्षण व्यवस्था की जगह अगर आर्थिक स्थिति कि अगर व्यवस्था को आरक्षित किया जाए तो हो सकता है कि हमारे देश को ज्यादा अच्छे और कर्मठ और भी ज्यादा योग्य हमारे देश के विद्यार्थियों को मौका मिले क्योंकि योग्यता जो है वह जाति से नहीं लेकिन अपनी योग्यता अपने दिमाग से आती है इस बात को हमें आगे चलकर सी करना ही पड़ेगा लेकिन हमारे वर्तमान समय के जो राजनेता है अपने अलग-अलग जातियों को अपनी वोट बैंक समझकर और आरक्षण का दुरुपयोग कर और उसी से हमारी जो देश की जो प्रगति है उसमें पाठक बनवा मेरे विचार हो सकता है कि उच्च आधुनिक हो लेकिन हमारे देश को अगर आगे बढ़ना है तो जातिगत आरक्षण व्यवस्था की जगह अगर आर्थिक वजह से कोई आरक्षण दिया जाए तो हमारा देश और भी ज्यादा तेज गति से प्रगति कर सकता बहुत-बहुत धन्यवाद शुभकामनाएं

kya aarakshan desh ko dimak ki tarah kha raha hai aapki rai kya meri rai se jo aarakshan diya gaya vaah jaatigat roop se kisi bhi proper koi bhi jati mein janam lene ki wajah se aarakshan diya gaya chahen unki IQ kuch bhi ho akeli bird kuch bhi ho aarthik sthiti kuch bhi ho lekin kyonki vaah usse proper jati mein janam liye hain isliye unko aarakshan diya isliye mera sawaal yah hai ki dimak ki tarah aa raha hai yah kuch mahinon mein sahi hai kyonki kisi bhi insaan ka janam kisi ek jati mein hua hai aur usko accha mil raha hai uski yogyata kuch bhi ho vaah aarakshan ke haqdaar kaise ho kyonki aane waale bhavishya mein aarakshan ke tahat jo merit list mein kam yogyata waale vidyarthi hain unko agar aarakshan degi aise doctor milenge aise engineer milenge aise waise koi bhi hamare samaksh aayenge aur vaah hamare saamne hamara hi ilaj bhi kar rahe honge hamare desh ke pool aur sadak bhi bana rahe honge lekin unki yogyata par savaliya nishaan zaroor khade honge kyonki jo bhi insaan hai kisi ek koi proper jati mein paida hua hai isliye aarakshan ka haqdaar ho jata hai us kul mein janam lene se uski yogyata sarkar tay karti hai ki aarakshan ke tahat aata hai lekin uski jo dimag ki yogyata hai jo uske again march hai vaah saabit nahi kar sakte ki vaah aarakshan mein aayega aur vaah apni yogyata aage chalte saabit karega har ek ki aarthik sthiti alag ho sakti vartaman samay mein jaatigat aarakshan vyavastha ki jagah agar aarthik sthiti ki agar vyavastha ko arakshit kiya jaaye toh ho sakta hai ki hamare desh ko zyada acche aur karmath aur bhi zyada yogya hamare desh ke vidyarthiyon ko mauka mile kyonki yogyata jo hai vaah jati se nahi lekin apni yogyata apne dimag se aati hai is baat ko hamein aage chalkar si karna hi padega lekin hamare vartaman samay ke jo raajneta hai apne alag alag jaatiyo ko apni vote bank samajhkar aur aarakshan ka durupyog kar aur usi se hamari jo desh ki jo pragati hai usme pathak banwa mere vichar ho sakta hai ki ucch aadhunik ho lekin hamare desh ko agar aage badhana hai toh jaatigat aarakshan vyavastha ki jagah agar aarthik wajah se koi aarakshan diya jaaye toh hamara desh aur bhi zyada tez gati se pragati kar sakta bahut bahut dhanyavad subhkamnaayain

क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है आपकी राय क्या मेरी राय से जो आरक्षण दिया गया वह ज

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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हमें इस बात का समर्थन करूंगा कि आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है इसको जातिगत ब्रह्मदत्त नहीं होना चाहिए आरक्षण आप भी चाहते हैं तो केवल आर्थिक भेज पर बनाएं एक निश्चित सीमा रेखा बनाएं इस सीमा के इस समय सीमा रेखा के अंतर्गत जो व्यक्ति आती तब किसी जाति के हैं चाहे वह किसी धर्म के हैं हम को आरक्षण दिया जाए और उस सीमा रेखा से ऊपर आता है उसकी उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी है मजबूत है उसी जाति का है किसी धर्म का है उसको आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए और आरक्षण के कारण से आरक्षण कम से कम बेस्ट पॉलिसी कुल पदों पर एडमिशन पदों पर को आरक्षण बिल्कुल नहीं होना चाहिए यह आरक्षण केवल आर्थिक विस्तार दिया जाए और वह भी पड़ गई और फोर्थ ग्रेड ऊपर के जितने भी लोग हैं जो एडमिशन के पद हैं उनको तो किसी भी हालात में आरक्षण लागू नहीं किया जाना चाहिए एमटीवी करना चाहिए कनेक्शन भेजना चाहिए जो बिल है पाली साइड है वह वापस जाएगा किसी जाति धर्म कांटा आर्थिक देशभक्तों रिजर्वेशन देख सकते हैं एक व्यक्ति को एक बार फिर उसके और आगे भी पूछा जा रहा है यह थोड़ा इनको डीपी विचार करना चाहिए आज से बहुत पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री के देवी सिंह जी मॉर्निंग बात तो बहुत पहले उठाया था जिस समय सीमा जी को प्रधानमंत्री बनाया गया था उस समय 20 जून को उठाया था चौधरी चरण सिंह का समर्थन किया था जहां देश में आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए जाति के प्रति नफरत नहीं होना चाहिए चावल की मानता हूं जाति और धर्म के संकीर्ण दायरे किस देश में एकता नहीं होने देते हैं इसलिए समझ जाती और धर्मा मिटा देने चाहिए हटा देनी चाहिए बल्कि उनके स्थान पर सिर्फ ओन्ली भारतीय रहना चाहिए किसी का नाम महेश चंद ने तो महेश चंद भारती शर्मा ब्रह्मा गुप्ता गुर्जर जाट आदि सब कुछ हटा देना चाहिए श्रम विभाग के लगाएंगे आप महेश चंद दिनेश चंद भारती रमेश चंद मारती है हम सिंह भारतीय भारतीय इस प्रकार भारतीय ही इस प्रकार कर दिया जाए कि कल देशभक्ति एवं राष्ट्रीयता ही सबसे बड़ी जाति धर्म मानी जाए और यह सब कुछ हटा दिए जाएं तो देश में एक तो सकती है छुआछूत जाएगी और पानी भी देश के कार्यकारी सभी मिलकर के संगठन के साथ सहयोग के साथ कर सकेंगे मैं इस बात का पक्षधर हूं

hamein is baat ka samarthan karunga ki aarakshan desh ko dimak ki tarah kha raha hai isko jaatigat brahmadatt nahi hona chahiye aarakshan aap bhi chahte hai toh keval aarthik bhej par banaye ek nishchit seema rekha banaye is seema ke is samay seema rekha ke antargat jo vyakti aati tab kisi jati ke hai chahen vaah kisi dharm ke hai hum ko aarakshan diya jaaye aur us seema rekha se upar aata hai uski uski aarthik sthiti achi hai majboot hai usi jati ka hai kisi dharm ka hai usko aarakshan nahi diya jana chahiye aur aarakshan ke karan se aarakshan kam se kam best policy kul padon par admission padon par ko aarakshan bilkul nahi hona chahiye yah aarakshan keval aarthik vistaar diya jaaye aur vaah bhi pad gayi aur fourth grade upar ke jitne bhi log hai jo admission ke pad hai unko toh kisi bhi haalaat mein aarakshan laagu nahi kiya jana chahiye MTV karna chahiye connection bhejna chahiye jo bill hai paali side hai vaah wapas jaega kisi jati dharm kanta aarthik deshabhakton reservation dekh sakte hai ek vyakti ko ek baar phir uske aur aage bhi poocha ja raha hai yah thoda inko dipi vichar karna chahiye aaj se bahut pehle haryana ke mukhyamantri ke devi Singh ji morning baat toh bahut pehle uthaya tha jis samay seema ji ko pradhanmantri banaya gaya tha us samay 20 june ko uthaya tha choudhary charan Singh ka samarthan kiya tha jaha desh mein aarthik aadhaar par aarakshan hona chahiye jati ke prati nafrat nahi hona chahiye chawal ki manata hoon jati aur dharm ke sankirn daayre kis desh mein ekta nahi hone dete hai isliye samajh jaati aur dharma mita dene chahiye hata deni chahiye balki unke sthan par sirf only bharatiya rehna chahiye kisi ka naam mahesh chand ne toh mahesh chand bharati sharma brahma gupta gurjar jaat aadi sab kuch hata dena chahiye shram vibhag ke lagayenge aap mahesh chand dinesh chand bharati ramesh chand marti hai hum Singh bharatiya bharatiya is prakar bharatiya hi is prakar kar diya jaaye ki kal deshbhakti evam rastriyata hi sabse baadi jati dharm maani jaaye aur yah sab kuch hata diye jaye toh desh mein ek toh sakti hai chuachut jayegi aur paani bhi desh ke kaaryakari sabhi milkar ke sangathan ke saath sahyog ke saath kar sakenge main is baat ka pakshadhar hoon

हमें इस बात का समर्थन करूंगा कि आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है इसको जातिगत ब्रह्मदत्त

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आरक्षण का फायदा उन लोगों के लिए है जिन्हें समाज में अभी तक 20 से मुकाम नहीं मिला हुआ है इसलिए आरक्षण देश के लिए फिलहाल तो बहुत ही जरूरी है क्योंकि इससे नीचे तबके के लोगों को उच्च पदों पर जाने में थोड़ा सहयोग मिलता है

aarakshan ka fayda un logo ke liye hai jinhen samaj mein abhi tak 20 se mukam nahi mila hua hai isliye aarakshan desh ke liye filhal toh bahut hi zaroori hai kyonki isse niche tabke ke logo ko ucch padon par jaane mein thoda sahyog milta hai

आरक्षण का फायदा उन लोगों के लिए है जिन्हें समाज में अभी तक 20 से मुकाम नहीं मिला हुआ है इस

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farzan khan

Politician

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मेरा मानना आरक्षण दीमक की तरह खा रही है क्योंकि आज के युग में जो आरक्षण आरक्षण योग्य आंसर का आरक्षण नहीं दे रही थी और चंगुल से आरक्षण मिले लेकिन सब लोग मुकेश अंबानी बनने की राह में जा रहे हैं और जो बिना आरक्षण के वह गरीबी की ओर जा रही मैं सरकार से चाहता हूं अगर उसे देवघर नगर नहीं है जिसके बस खाने नहीं है निशा झोपड़ी घर जो जमीन नहीं उसे आरक्षण देकर आप यह करें अब आरक्षण सब को मंदे एक जाति में को रईस रहता है कोई गरीब होता है तो अब जाति देखे ना देखे अब गरीबी और लाचारी देखकर आरक्षण दें कृपया करके क्योंकि जो जाति में 2010 जाति को आरक्षण जाति में ज्यादा करीब कस्टम आजकल ज्यादा ही करीब है आरक्षण मुक्त वाला देश में ज्यादा आरक्षण में ज्यादा रईस हो गए हैं

mera manana aarakshan dimak ki tarah kha rahi hai kyonki aaj ke yug me jo aarakshan aarakshan yogya answer ka aarakshan nahi de rahi thi aur changul se aarakshan mile lekin sab log mukesh ambani banne ki raah me ja rahe hain aur jo bina aarakshan ke vaah garibi ki aur ja rahi main sarkar se chahta hoon agar use devghar nagar nahi hai jiske bus khane nahi hai nisha jhopdi ghar jo jameen nahi use aarakshan dekar aap yah kare ab aarakshan sab ko mande ek jati me ko raees rehta hai koi garib hota hai toh ab jati dekhe na dekhe ab garibi aur lachari dekhkar aarakshan de kripya karke kyonki jo jati me 2010 jati ko aarakshan jati me zyada kareeb custom aajkal zyada hi kareeb hai aarakshan mukt vala desh me zyada aarakshan me zyada raees ho gaye hain

मेरा मानना आरक्षण दीमक की तरह खा रही है क्योंकि आज के युग में जो आरक्षण आरक्षण योग्य आंसर

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Jaynath

Politician

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आरक्षण दीमक की तरह नहीं बल्कि अजगर की तरह हाय आरक्षण उन्हीं को मिलता है जो बड़े लोग हैं गरीबों को आरक्षण कहां मिलता है इसलिए सिर्फ आरक्षण अमीरी और गरीबी का होना चाहिए जो अमीर है उसको 10 परसेंट बाकी जो गरीब है उसको 90 परसेंट आरक्षण मिलना चाहिए तीसरा कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए एसटीएससी होगा तो गरीबी होगा ओबीसी होगा तो गरीबी होगा सामान्य भी होगा तो गरीबी होगा तो उसको आरक्षण देने से फायदा क्या है करीब जो है उसको आरक्षण का कोई मतलब ही नहीं मिलता है गरीब आदमी आरक्षण सिर्फ अमीरों के लिए है आज के दौर में इसलिए आरक्षण खत्म होना चाहिए और आरक्षण सिर्फ गरीबों के लिए होना चाहिए चाहे वह किसी कास्ट का हो

aarakshan dimak ki tarah nahi balki azgar ki tarah hi aarakshan unhi ko milta hai jo bade log hain garibon ko aarakshan kaha milta hai isliye sirf aarakshan amiri aur garibi ka hona chahiye jo amir hai usko 10 percent baki jo garib hai usko 90 percent aarakshan milna chahiye teesra koi aarakshan nahi hona chahiye STSC hoga toh garibi hoga OBC hoga toh garibi hoga samanya bhi hoga toh garibi hoga toh usko aarakshan dene se fayda kya hai kareeb jo hai usko aarakshan ka koi matlab hi nahi milta hai garib aadmi aarakshan sirf amiron ke liye hai aaj ke daur me isliye aarakshan khatam hona chahiye aur aarakshan sirf garibon ke liye hona chahiye chahen vaah kisi caste ka ho

आरक्षण दीमक की तरह नहीं बल्कि अजगर की तरह हाय आरक्षण उन्हीं को मिलता है जो बड़े लोग हैं

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दिनेश कुमार

Social Activist/ Electronic And Domestic Appliances Maintenance And Repair

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Rs Rathore

Politician

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आप ट्यूशन है महोदय क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खड़ा दीमक की तरह खा रहा है मेरी राय क्या है आप ही कुछ आया है मेरी बिनती यही है कि प्रधानमंत्री जो थे भीमराव अंबेडकर जी विधानसभा से विधानसभा जो बनी हुई थी लोगों के कहने कहीं देश के लिए एक बड़ी चुनौती बढ़ सकती हैं ऐसा मत कर लेकिन अवैध करती हुई 10 साल के लिए ज्यादा तो नहीं मेरे घर भी वहां पर मान गए 10 साल के लिए 3 को आरक्षण दिया जाए ताकि के लोग हैं लेकिन आज यदि देखा जाए यही आरक्षण जो है उसमें 10 साल के लिए दे दिया गया लेकिन आज यदि देखा जाए तो वह आरक्षण जो है एक दशक से साथ होने जा रहा है तू इतनी सी कमी मानूंगा आरक्षण देश की कमजोरी है क्योंकि यहां पर एक शिक्षक बनता है वह भी आरक्षण की सहायता से क्या बनता है शिक्षक वार क्षण की सहायता से बनता है मैं कोई जाति का आलोचक नहीं हूं बल्कि मैं मैं उन सभी का लेकिन जो भारत के आलोचक हैं और भारत के विरोधी है इसकी देखो भाई द्वार क्शन ले रहे हैं उनके प्रति शर्म आनी चाहिए जो आरक्षण का झूम उठता है खत्म खत्म होता है विद्वान हो तो आप ही सोचो कि वह आकर जाकर

aap tuition hai mahoday kya aarakshan desh ko dimak ki tarah khada dimak ki tarah kha raha hai meri rai kya hai aap hi kuch aaya hai meri binti yahi hai ki pradhanmantri jo the bhimrao ambedkar ji vidhan sabha se vidhan sabha jo bani hui thi logo ke kehne kahin desh ke liye ek badi chunauti badh sakti hain aisa mat kar lekin awaidh karti hui 10 saal ke liye zyada toh nahi mere ghar bhi wahan par maan gaye 10 saal ke liye 3 ko aarakshan diya jaaye taki ke log hain lekin aaj yadi dekha jaaye yahi aarakshan jo hai usme 10 saal ke liye de diya gaya lekin aaj yadi dekha jaaye toh vaah aarakshan jo hai ek dashak se saath hone ja raha hai tu itni si kami manunga aarakshan desh ki kamzori hai kyonki yahan par ek shikshak banta hai vaah bhi aarakshan ki sahayta se kya banta hai shikshak war kshan ki sahayta se banta hai main koi jati ka aalochak nahi hoon balki main main un sabhi ka lekin jo bharat ke aalochak hain aur bharat ke virodhi hai iski dekho bhai dwar kshan le rahe hain unke prati sharm aani chahiye jo aarakshan ka jhoom uthata hai khatam khatam hota hai vidhwaan ho toh aap hi socho ki vaah aakar jaakar

आप ट्यूशन है महोदय क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खड़ा दीमक की तरह खा रहा है मेरी राय क्या

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शिवा बिल्कुल गलत है क्योंकि परस में कुछ सही हुई है क्योंकि आरक्षण केवल उन्हीं लोगों को मिल पा रहा है जो एक बार आगे बढ़ गए हैं इसके परिवार एक नौकरी करने लगे और आगे बढ़ते जा रहे हैं स्कूल में गरीब है उन्हें आरक्षण का फायदा अभी भी नहीं आ रहा है

shiva bilkul galat hai kyonki paras me kuch sahi hui hai kyonki aarakshan keval unhi logo ko mil paa raha hai jo ek baar aage badh gaye hain iske parivar ek naukri karne lage aur aage badhte ja rahe hain school me garib hai unhe aarakshan ka fayda abhi bhi nahi aa raha hai

शिवा बिल्कुल गलत है क्योंकि परस में कुछ सही हुई है क्योंकि आरक्षण केवल उन्हीं लोगों को मिल

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