आपके मन में पुलिस की क्या छवि है?...


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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate,RTI Activist , Motivational Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो के लिए आंसर अपने मन के अकॉर्डिंग होता है अगर हम यह करें सोशल दृष्टि से तो पुलिस की छवि कोई अच्छी नहीं है इंडिया में पहली बार दूसरी बात यदि अपना खुद का ले तो अच्छे ही लोग होते हैं ऐसा नहीं है कि पुलिस मैं पर्सनल अगर मेरी बात करो तो पुलिस की छवि मेरी नजर में खराब है नहीं मेरा एक्सपीरियंस अच्छा भी रहा है और भी लोग हैं मैं आपको भी यही कहूंगी अच्छे भी लोग हैं उन्हें बहुत सैक्रिफाइस करना पड़ता है पुलिस वालों को और आधार सैक्रिफाइस करके यदि कोई आदमी तो गलती कर दे तो उसे माफ किया जाता है पहली बार दूसरी बात हमारे उनके पास बहुत सारे संसाधन नहीं है पुराने ढर्रे पर चली आ रही है लोग अच्छे चाहते हैं लेकिन अकॉर्डिंग टू टाइम धीरे धीरे से जो होती है तो लात पैदा होती है आदमियों में दूसरी बात जो काम करने का तरीका है वह उनकी जो लो है ना जी वह भी उन्हें कौन फेल कर देती है कई बार तू कई चीजें हैं उसमें अच्छाई और बुराई जैसे हर डिपार्टमेंट में होती है वह पुलिस में भी है पुलिस इन सब से कोई ज्यादा अलग नहीं है

dekho ke liye answer apne man ke according hota hai agar hum yah kare social drishti se toh police ki chhavi koi achi nahi hai india me pehli baar dusri baat yadi apna khud ka le toh acche hi log hote hain aisa nahi hai ki police main personal agar meri baat karo toh police ki chhavi meri nazar me kharab hai nahi mera experience accha bhi raha hai aur bhi log hain main aapko bhi yahi kahungi acche bhi log hain unhe bahut sacrifice karna padta hai police walon ko aur aadhar sacrifice karke yadi koi aadmi toh galti kar de toh use maaf kiya jata hai pehli baar dusri baat hamare unke paas bahut saare sansadhan nahi hai purane dharre par chali aa rahi hai log acche chahte hain lekin according to time dhire dhire se jo hoti hai toh laat paida hoti hai adamiyo me dusri baat jo kaam karne ka tarika hai vaah unki jo lo hai na ji vaah bhi unhe kaun fail kar deti hai kai baar tu kai cheezen hain usme acchai aur burayi jaise har department me hoti hai vaah police me bhi hai police in sab se koi zyada alag nahi hai

देखो के लिए आंसर अपने मन के अकॉर्डिंग होता है अगर हम यह करें सोशल दृष्टि से तो पुलिस की छव

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Deepak Verma

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पुलिस की छवि ऐसी ऐसी कही तो बहुत ईमानदार होते हैं और कई बहुत लालची है जो पैसे के पीछे भागती है और कोई ऐसे ईमानदार है पूरे देश भक्ति गीत क्या करते हैं पूरी बनी चंदन सिंह

police ki chhavi aisi aisi kahi toh bahut imaandaar hote hain aur kai bahut lalchi hai jo paise ke peeche bhaagti hai aur koi aise imaandaar hai poore desh bhakti geet kya karte hain puri bani chandan Singh

पुलिस की छवि ऐसी ऐसी कही तो बहुत ईमानदार होते हैं और कई बहुत लालची है जो पैसे के पीछे भागत

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Mainpal Kashyap

Journalist

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पुलिस की बात करें तो पुलिस को पूरे देश की बात करें हर स्टेट में अलग अलग सिस्टम है पुलिस कई बार तो अपनी मन मर्जी चलाती है जो बेगुनाह है उनको गुनहगार साबित करते हैं तो कई स्त्री की घटनाएं भी नहीं होनी थी पुलिस ने जो अपनी ड्यूटी है वह जिम्मेदारी पर ही भारी बीमारी चाहिए और रही बात आम आदमी की बात है अगर आप पुलिस थाने में जाता है उसका सुननी चाहिए उसके दुकान में नहीं चाहिए उसके साथ अच्छे से पेश आना चाहिए ज्यादातर मैं आपको बताऊं तुझे तकरीबन खराब रहती है लेकिन पुलिस अधिकारियों ने अपने आप को सुधारना पड़ेगा और पब्लिक कन्वेंट और पब्लिक के लोग पब्लिक के साथ ही लोगे बताओ इनका देखनी है इसलिए पुलिस की नजर में

police ki baat kare toh police ko poore desh ki baat kare har state mein alag alag system hai police kai baar toh apni man marji chalati hai jo begunah hai unko gunahagar saabit karte hain toh kai stree ki ghatnaye bhi nahi honi thi police ne jo apni duty hai vaah jimmedari par hi bhari bimari chahiye aur rahi baat aam aadmi ki baat hai agar aap police thane mein jata hai uska sunnani chahiye uske dukaan mein nahi chahiye uske saath acche se pesh aana chahiye jyadatar main aapko bataun tujhe takareeban kharab rehti hai lekin police adhikaariyo ne apne aap ko sudharna padega aur public kanwent aur public ke log public ke saath hi loge batao inka dekhni hai isliye police ki nazar mein

पुलिस की बात करें तो पुलिस को पूरे देश की बात करें हर स्टेट में अलग अलग सिस्टम है पुलिस कई

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे मन में पुलिस के प्रति छवि खराब है क्योंकि पुलिस ओं को मैंने देखा हुआ है भ्रष्टाचार करते हुए खुलेआम भ्रष्टाचार करते हुए हम यह नहीं कह सकते हैं कि सभी लोग भ्रष्टाचारी विचारधारा के होते हैं लेकिन हां पुलिस विभाग भ्रष्टाचार से लिप्त है और गरीबों को प्रताड़ित करने में पीछे नहीं हटता है करने से तो अमीर आदमी अगर मिल जाए गाड़ी से फोर व्हीलर से जा रहा है अगर उसको रोकेंगे अगर वह पॉलीटिशियन है तो उनकी औकात नहीं है सालों के लिए वो कुछ बोल सके लेकिन हां अगर कोई आम आदमी मिल जाए गरीब व्यक्ति मिल जाए तो उसे पैसे लेते हैं 500 दे दो 1000 दे दो यार एक क्या सिस्टम है यार तुम गरीबों की मदद के लिए किसानों की मदद के लिए सबके मदद के लिए पुलिस विभाग में आए हो इंसाफ करने के लिए पुलिस विभाग में आए हो गलत तरीके से केस मुकदमा बनाकर किसी की जिंदगी खराब करवा कर देते हैं लोग और कोर्ट में मैटर चला जाता है तो 10 साल 20 साल में उसका उसका समाधान होता है उसके ऊपर जजमेंट आता है तो हमारे देश में न्यायिक व्यवस्था जो है यह बहुत खराब है इसके ऊपर भी प्रधानमंत्री जी को विचार करना चाहिए कि कोर्ट में जो मैटर गया उसमें क्या 18 साल के युवा है या 17 साल के युवा हैं जिन को गलत तरीके से फंसाया कर कोर्ट में मैटर भेज दिया गया और वह बेचारे तारीख पर तारीख देखते रहते हैं और उनका पड़ा कैरियर बर्बाद हो जाता है तो न्याय व्यवस्था को सुधारना होगा हमें हमारे देश के क्योंकि देर से जो न्याय मिलता है वह सबसे बड़ा अन्याय होता है तो पुलिस व्यवस्था को सुधारना होगा पुलिस लोगों से निवेदन करता हूं किसी भी आम आदमी को परेशान मत करिए सब का हेल्प करिए मदद करिए और कुछ अच्छा कार्य करिए धन्यवाद

hamare man mein police ke prati chhavi kharab hai kyonki police on ko maine dekha hua hai bhrashtachar karte hue khuleaam bhrashtachar karte hue hum yah nahi keh sakte hai ki sabhi log bhrashtachaari vichardhara ke hote hai lekin haan police vibhag bhrashtachar se lipt hai aur garibon ko pratarit karne mein peeche nahi hatata hai karne se toh amir aadmi agar mil jaaye gaadi se four wheeler se ja raha hai agar usko rokenge agar vaah politician hai toh unki aukat nahi hai salon ke liye vo kuch bol sake lekin haan agar koi aam aadmi mil jaaye garib vyakti mil jaaye toh use paise lete hai 500 de do 1000 de do yaar ek kya system hai yaar tum garibon ki madad ke liye kisano ki madad ke liye sabke madad ke liye police vibhag mein aaye ho insaaf karne ke liye police vibhag mein aaye ho galat tarike se case mukadma banakar kisi ki zindagi kharab karva kar dete hai log aur court mein matter chala jata hai toh 10 saal 20 saal mein uska uska samadhan hota hai uske upar judgement aata hai toh hamare desh mein nyayik vyavastha jo hai yah bahut kharab hai iske upar bhi pradhanmantri ji ko vichar karna chahiye ki court mein jo matter gaya usme kya 18 saal ke yuva hai ya 17 saal ke yuva hai jin ko galat tarike se fansaya kar court mein matter bhej diya gaya aur vaah bechaare tarikh par tarikh dekhte rehte hai aur unka pada carrier barbad ho jata hai toh nyay vyavastha ko sudharna hoga hamein hamare desh ke kyonki der se jo nyay milta hai vaah sabse bada anyay hota hai toh police vyavastha ko sudharna hoga police logo se nivedan karta hoon kisi bhi aam aadmi ko pareshan mat kariye sab ka help kariye madad kariye aur kuch accha karya kariye dhanyavad

हमारे मन में पुलिस के प्रति छवि खराब है क्योंकि पुलिस ओं को मैंने देखा हुआ है भ्रष्टाचार क

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Rahul kumar

Junior Volunteer

0:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर पुलिस की इमेज की बात करें तो सबसे पहले अगर पुलिस बोलती है जो इमेज जाता है किसी भी नाम वाले व्यक्ति के मन में मेरे मन में भी आता है जो कि एक तरफ के लोग जो कि लोगों की बातें नहीं सुनते हैं वैसे ही मैं जाता है एक ऐसी बात नहीं है हर जगह जो पुलिस डिपार्टमेंट है उसमें अलग-अलग तरीके के लोग हैं कुछ लोग अच्छा काम करते हैं आज उनको उनके काम से जाना जाता है अब वह घर की बात करें हर एक स्टेट में SSP है ऐसे इंस्पेक्टर हैं जो कि अपना काम बिल्कुल इमानदारी से करते हैं कुछ लोग काम करते हैं बस और कुछ लोग बिल्कुल भी काम नहीं करते जो करप्शन और जो इन सभी चीजों के बीच में फंस जाते हैं तो लोग उन्हीं को याद करते हैं जो बेहतर काम करते हैं तो इमेज जो है लोग इस काम से बनता है तो बिल्कुल बेहतर काम करेंगे पुलिस तो उनकी इमेज अच्छी रहेगी

agar police ki image ki baat kare toh sabse pehle agar police bolti hai jo image jata hai kisi bhi naam waale vyakti ke man mein mere man mein bhi aata hai jo ki ek taraf ke log jo ki logo ki batein nahi sunte hain waise hi main jata hai ek aisi baat nahi hai har jagah jo police department hai usme alag alag tarike ke log hain kuch log accha kaam karte hain aaj unko unke kaam se jana jata hai ab vaah ghar ki baat kare har ek state mein SSP hai aise inspector hain jo ki apna kaam bilkul imaandari se karte hain kuch log kaam karte hain bus aur kuch log bilkul bhi kaam nahi karte jo corruption aur jo in sabhi chijon ke beech mein fans jaate hain toh log unhi ko yaad karte hain jo behtar kaam karte hain toh image jo hai log is kaam se banta hai toh bilkul behtar kaam karenge police toh unki image achi rahegi

अगर पुलिस की इमेज की बात करें तो सबसे पहले अगर पुलिस बोलती है जो इमेज जाता है किसी भी नाम

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे मन में पुलिस के लिए कुछ ज्यादा अच्छी छवि नहीं है ऐसा नहीं है कि एक गंदी मछली तालाब को गंदा कर देती है यहां पर बहुत सारी गंदी मछलियां हैं

mere man mein police ke liye kuch zyada achi chhavi nahi hai aisa nahi hai ki ek gandi machli taalab ko ganda kar deti hai yahan par bahut saree gandi machhliyan hain

मेरे मन में पुलिस के लिए कुछ ज्यादा अच्छी छवि नहीं है ऐसा नहीं है कि एक गंदी मछली तालाब को

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