रामायण के कुछ चौंकाने वाले रहस्य क्या हैं?...


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रामायण में चौकाने वाले राष्ट्रीय कई है और उसे पढ़कर समझना बड़ा ही कठिन है इतना सरल नहीं है फिर भी रामायण में कई चीजें ऐसी आई है जिसे कि अगर हम पढ़े जाने समझे तो हमें पता चलेगा कि उस काल में सतयुग में ही रामायण लिखने वाले बाल्मिक तुलसीदास जी उन्होंने कलयुग के बारे में ऐसी बातें लिख दिया प्रतीत हो रही है उस काल में रामायण में भी कई ऐसे शब्द हिंदी के थे जो कि आज अंग्रेजी के शब्द के रूप में आते हैं सोने जाते हैं एक शब्द तुलसीकृत रामायण में आया है यूथ यूथ यूथ यूथ मतलब माई कहा जाता था युवाओं का लोगों का समूह ढूंढो और आज भी अंग्रेजी में यूथ यूथ युवाओं को कहा जाता है इसी प्रकार से रामायण काल में ही लिख दिया था ऐसा समय आएगा कि जब लोग एक दूसरे को मारेंगे काटेंगे और अंश को दाना चुगना पड़ेगा और कौवा मोती झुकेगा इस प्रकार की बातें उस समय नहीं कह दी गई थी विद्वानों के द्वारा जो कि आज सत्य प्रतीत हो रही है तो ऐसे हमारे धार्मिक ग्रंथों में आने वाली है

ramayana mein chaukane waale rashtriya kai hai aur use padhakar samajhna bada hi kathin hai itna saral nahi hai phir bhi ramayana mein kai cheezen aisi I hai jise ki agar hum padhe jaane samjhe toh hamein pata chalega ki us kaal mein satayug mein hi ramayana likhne waale balmik tulsidas ji unhone kalyug ke bare mein aisi batein likh diya pratit ho rahi hai us kaal mein ramayana mein bhi kai aise shabd hindi ke the jo ki aaj angrezi ke shabd ke roop mein aate hain sone jaate hain ek shabd tulasikrit ramayana mein aaya hai youth youth youth youth matlab my kaha jata tha yuvaon ka logo ka samuh dhundho aur aaj bhi angrezi mein youth youth yuvaon ko kaha jata hai isi prakar se ramayana kaal mein hi likh diya tha aisa samay aayega ki jab log ek dusre ko marenge katenge aur ansh ko dana chugna padega aur kauwa moti jhukega is prakar ki batein us samay nahi keh di gayi thi vidvaano ke dwara jo ki aaj satya pratit ho rahi hai toh aise hamare dharmik granthon mein aane wali hai

रामायण में चौकाने वाले राष्ट्रीय कई है और उसे पढ़कर समझना बड़ा ही कठिन है इतना सरल नहीं है

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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रामायण भारत का या गीता भारत की एक बे अमूल्य ग्रंथ है जो समस्त मानवता को शिक्षा देते हैं रामायण का 11 पात्र मानवता को एक संदेश देता है विश्व के समस्त मांगों को लागू करना चाहिए यदि रामायण के छात्रों की चृत सांकन करना चाहते हैं तो एक-एक कर चुका अब ले लीजिए जो बेमिसाल है जो मारा कुछ सीख देता है शिक्षा देता है लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि हम किसी भी अच्छाई को एक्सेप्ट करने को तैयार नहीं होते हैं और जिन चीजों के लिए यह धार्मिक ग्रंथ या धर्म या ईश्वर मना करता है उन समस्त चीजों को इस मानव ने इस स्वार्थी खुदगर्ज में धर्म की आड़ लेकर के अपना रखा है और धर्म को बदनाम करते हैं कि नहीं मैं पाखंडी मानता हूं कि नहीं मैं सांप्रदायिक मानता हूं कि नहीं मैं मानता का दुश्मन मानता हूं आप देखे राम के चरित्र में आपको सिखाया है कि कैसे अच्छे प्रशासक का रोल होता है राजा करोड़ होता है कैसे एक अच्छा पिता होता है कैसी आज्ञाकारी पुत्र होता है कैसा एक भाइयों को प्रेम करने वाला भाई का रोल होता है यह सब हमें राम के चरित्र से सीखना चाहिए राम ही संसार के महानतम महापुरुष हैं ईश्वर अवतार हैं जिन्होंने समस्त मानवता को सच्चाई के साथ जीने का संदेश दिया है इसलिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के लाते हैं किंतु दुर्भाग्य बाद का है पढ़ते समय लेकिन चरित्र में नहीं अपनाते हैं केवल उपदेश दूसरों को देने के लिए रह जाते हैं सच्चाई को कोई एक्सेप्ट नहीं करता है यह बड़ा दुर्भाग्य का विषय है यह मानव की खुदगर्जी है सारथी बने जाहिल बने हैं और लोग आरोप धर्मों पर लगाते हैं जबकि धार्मिक से धोना चाहिए मैं तो कहता हूं कि यह समस्त जो धर्म भारत में प्रचलित हैं या संसार में कुछ लेते हैं यह मानव को मानव तेरी लड़ने की शिक्षा देते हैं मानव को मानव का वध करने की शिक्षा देते हैं मानव को मानव का मर्डर शिक्षा देते हैं तो इन धर्मों का पालन नहीं करना चाहिए बल्कि हमें इंसानियत के धर्म का पालन करना चाहिए मानवता का धर्म का पालन करना चाहिए जियो और जीने दो रखना चाहिए और एक दूसरे को ही दूसरे मानव की सहायता सेवा करनी चाहिए यही मानव धर्म का सिद्धांत है यही ईश्वर चाहा है इस नहीं चाहता कि हम आपस में लड़े हम एक दूसरे से झगड़ा करें हम एक दूसरे को बंद करें हम एक दूसरे के बच्चों को अनाथ बनाएं यह किस धर्म की शिक्षा इस झूठे आडंबर ओं को त्यागना चाहिए सच्चाई यह है कि हम उसकी सब का गुणगान करें चाहे राम के रूप में करें चला के रूप में करें 10 को धक्का रूप में करें उसके बंदगी अदा करें उसके गुणों का दान करें उसका नाम स्मरण करें उसके अच्छे चरित्र को अपना और अपने जीवन को सफल बनाएं क्योंकि मानवता के लिए जीना ही सबसे बड़ा जिंदगी का उद्देश्य है लक्ष्य है मैथिलीशरण गुप्त ने बहुत पहले ही अच्छी बात कही है उस बात को हमेशा स्वीकारना चाहिए एक कविता के में दो आपको बुलाएंगे सुना रहा हूं विचार लो कि मृत्यु नंबर दूसरी दारु कभी मरो परंतु यू मरो की याद तो करें सभी उन्होंने कहा कि तुम इंसान हो इसलिए जब तुम्हारा जन्म हुआ तो मृत्यु तुम्हारी तभी निश्चित हो गई थी मुझसे तो हो नहीं है लेकिन मृत्यु कम से कम ऐसे ही तो हो कि लोग तुम्हारे जाने के बाद भी तुम्हें याद करें तो मैं स्मरण करते रहें प्रिया कुमारी यशोगान करती रहें यह मानवता के लिए दिया था यह मानवता के लिए मारा है ऐसे यशस्वी पुरुषों में अपना नाम लिखा हो कभी भी बहुत अच्छा का कवि ने कहा कबीरा जब हम पैदा हुए जग हंसे हम रोए और ऐसी करनी कर चलो हम हंसे जग रोए यह जब तुम्हारी बिट्टू करतब रोएगा जब तुम मान तकली कुछ करोगे इंसानियत के लिए कुछ करोगे क्योंकि तुम यदि तुम्हें जन्म लिया और केवल अपना ही खाया अपना ही रहा आपने मैं मेरी करते रहे राजनीतिक दलों की तरह 5050 वीडियो के लिए छल कपट झूठ अन्याय अधर्म को कर्मों के द्वारा बुराइयों के द्वारा धन कलेक्शन करते रहे तो तुम इसका मतलब तुमने एक व्यक्ति जन्म दुनिया में ऐसे लोग रोज मर जाते हैं करोड़ों मरते हैं हजारों मरते हैं लेकिन उनके नाम को कोई नहीं कहता है लेकिन जो मानवता के लिए कुछ करते हैं उनके नाम आते हैं आज भी जो भारत के अमर शहीद है उनके नाम को गाने वाले लोग करोड़ों ऐसे देशभक्त मिल जाएंगे जो हमेशा उनके नामों को गाते हैं स्मरण करते हैं आतिश मंडी बंद नहीं है नाम है बे जैसे चंद शेखर आजाद शहीद सरदार भगतसिंह खुदीराम बोस रामप्रसाद बिस्मिल अशफाक उल्ला खान ऐसी महान अमर शहीदों को जो असंख्य शहीद हैं उनके नाम को स्मरण कीजिए क्योंकि उन्होंने हमें स्वतंत्र कराया है हमारे लिए अपनी जान भी हमारे लिए कुर्बानी जी ऐसे ही महापुरुषों में भी एक नाम और आने वाला है तुम देख लेना युगों तक इस नाम को लोग आते रहेंगे हमारे माननीय प्रधानमंत्री हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी का जो आज समस्त मांगों को समस्त भारतवासियों को इसको रोना रोती महा विपत्ति से बचाने के लिए दिन-रात परिश्रम एक कर रहे हैं शायद हम तुम 24 घंटे सो लेते हैं लेकिन वह व्यक्ति 16 और 18 घंटे बर्थडे भारतीयों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है जूझ रहा है जिसने खाना छोड़ दिया है शायद नींद भी आप रूप से नहीं ले रहे हैं ऐसे महामानव को स्मरण करना चाहिए ऐसे महामानव यह माननीय एवं समस्त मानवता के लिए जन्म लेते हैं यह राम के रास्ते पर चल रहे हैं यह रामायण को इनका जीवन चरित्र चित्रण प्रस्तुत कर रहा है तो रामायण चाहिए हमको बहुत कुछ सीखना चाहिए यह मानवता के कारी है मानवता को परोपकार की प्रेरणा देता है

ramayana bharat ka ya geeta bharat ki ek be amuly granth hai jo samast manavta ko shiksha dete hain ramayana ka 11 patra manavta ko ek sandesh deta hai vishwa ke samast maangon ko laagu karna chahiye yadi ramayana ke chhatro ki chrit sankan karna chahte hain toh ek ek kar chuka ab le lijiye jo BEMISAL hai jo mara kuch seekh deta hai shiksha deta hai lekin durbhagya is baat ka hai ki hum kisi bhi acchai ko except karne ko taiyar nahi hote hain aur jin chijon ke liye yah dharmik granth ya dharm ya ishwar mana karta hai un samast chijon ko is manav ne is swaarthi khudagarj me dharm ki aad lekar ke apna rakha hai aur dharm ko badnaam karte hain ki nahi main pakhandi maanta hoon ki nahi main sampradayik maanta hoon ki nahi main maanta ka dushman maanta hoon aap dekhe ram ke charitra me aapko sikhaya hai ki kaise acche prashasak ka roll hota hai raja crore hota hai kaise ek accha pita hota hai kaisi aagyaakaaree putra hota hai kaisa ek bhaiyo ko prem karne vala bhai ka roll hota hai yah sab 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hamesha unke namon ko gaate hain smaran karte hain atish mandi band nahi hai naam hai be jaise chand shekhar azad shaheed sardar bhagatsinh khudiram bose ramprasad bismil ashfaq ulla khan aisi mahaan amar shaheedo ko jo asankhya shaheed hain unke naam ko smaran kijiye kyonki unhone hamein swatantra karaya hai hamare liye apni jaan bhi hamare liye kurbani ji aise hi mahapurushon me bhi ek naam aur aane vala hai tum dekh lena yugon tak is naam ko log aate rahenge hamare mananiya pradhanmantri hamare yashashvi pradhanmantri shriman narendra modi ji ka jo aaj samast maangon ko samast bharatvasiyon ko isko rona roti maha vipatti se bachane ke liye din raat parishram ek kar rahe hain shayad hum tum 24 ghante so lete hain lekin vaah vyakti 16 aur 18 ghante birthday bharatiyon ko bachane ke liye sangharsh kar raha hai joojh raha hai jisne khana chhod diya hai shayad neend bhi aap roop se nahi le rahe hain aise mahamanav ko smaran karna chahiye aise mahamanav yah mananiya evam samast manavta ke liye janam lete hain yah ram ke raste par chal rahe hain yah ramayana ko inka jeevan charitra chitran prastut kar raha hai toh ramayana chahiye hamko bahut kuch sikhna chahiye yah manavta ke kaari hai manavta ko paropkaar ki prerna deta hai

रामायण भारत का या गीता भारत की एक बे अमूल्य ग्रंथ है जो समस्त मानवता को शिक्षा देते हैं रा

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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देखिए मैं आपको आज रामायण आपका प्रश्न रामायण की कुछ चौंकाने वाले रहस्य क्या है तो मैं आपको आज रामायण की कुछ चौंकाने वाले देश होता रहा हूं मैं आपको बता रहा हूं कि राम के पास जो जो कुछ सैनी के शस्त्र अच्छी वाली का मन में बताया गया है कि विश्वामित्र बाल्मीकि रामायण के बालकांड की 27 में दर्द में विश्वामित्र ऋषि द्वारा राम को दीदार करने को भगवान विश्वामित्र कहते हैं हे राम में तुम्हें दंड दंड चक्र धर्म चक्र काल चक्र चक्र का अत्यंत भयंकर राम मैं तुम्हें इंद्र का बचराज शिव का त्रिशूल तथा ब्रह्मा जी का भ्रमण नामक अस्त्र भी देता हूं इसके साथ ही राम मैं तुम्हें एक ही तथा परम शिष्ट ब्रह्मास्मि प्रदान करता हूं नाम का अस्त्र दिया वियतनाम का अवसर दिया फिर भगवान राम को गंधर्व का प्रिय सम्मोहन अस्त्र दिया और राम को इस प्रकार की उन्होंने दिव्यास्त्र दिए धर्म पास दिया कल फास्ट दिया वह पैसे दिए शिव का विनाश एवं नारायण विद्या और सबसे बड़ी चीज जो कि वह राम को बल्ला और अति बला की प्राप्ति कर आई बला और अति बला भगवान ब्रह्मा की पुत्री आप इन को प्राप्त करने से भगवान राम इतनी शक्ति आ गई कि बाहुबल में रामचंद्र की समानता करने वाला ब्रह्मांड में कोई नहीं है इस प्रकार दुबे जी के बाद यह चौंकाने वाला जैसे मैं आपको बता रहा हूं बाल्मीकि रामायण के आधार पर

dekhiye main aapko aaj ramayana aapka prashna ramayana ki kuch chaunkane waale rahasya kya hai toh main aapko aaj ramayana ki kuch chaunkane waale desh hota raha hoon main aapko bata raha hoon ki ram ke paas jo jo kuch saini ke shastra achi wali ka man me bataya gaya hai ki vishwamitra balmiki ramayana ke baalkand ki 27 me dard me vishwamitra rishi dwara ram ko DIDAR karne ko bhagwan vishwamitra kehte hain hai ram me tumhe dand dand chakra dharm chakra kaal chakra chakra ka atyant bhayankar ram main tumhe indra ka bachraj shiv ka trishool tatha brahma ji ka bhraman namak astra bhi deta hoon iske saath hi ram main tumhe ek hi tatha param shisht brahmasmi pradan karta hoon naam ka astra diya vietnam ka avsar diya phir bhagwan ram ko gandharv ka priya sammohan astra diya aur ram ko is prakar ki unhone divyastra diye dharm paas diya kal fast diya vaah paise diye shiv ka vinash evam narayan vidya aur sabse badi cheez jo ki vaah ram ko balla aur ati bala ki prapti kar I bala aur ati bala bhagwan brahma ki putri aap in ko prapt karne se bhagwan ram itni shakti aa gayi ki bahubal me ramachandra ki samanata karne vala brahmaand me koi nahi hai is prakar dubey ji ke baad yah chaunkane vala jaise main aapko bata raha hoon balmiki ramayana ke aadhar par

देखिए मैं आपको आज रामायण आपका प्रश्न रामायण की कुछ चौंकाने वाले रहस्य क्या है तो मैं आपको

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Achary Dhruv sashtri

Achary and Youtuber

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बहुत सुंदर प्रश्न क्या भाई साहब ने चौंकाने से मतलब है कि रामायण के सारे प्रसंग धर्म को समझ में नहीं आया तुम सोच कर के चौक सकते हैं और यह समझ में आए तुम कहीं भी नहीं चौक सकता हूं रामायण के पहले ही बालकांड में एक श्लोक है यह माया बस बर्थ विश्वकर्म ब्रह्मा देवा चुनाव का मस्तक ए इसमें का शक्ल और जायका हेयर ब्रह्मा अगर व्यक्ति को अंधेरे में एक रस्सी दिख जाए तो लोग सांप समझ कर डर जाते हैं जब वह शांत नहीं है उसी प्रकार से रामायण के जो रहस्यम को समझ में आ जाए सब अच्छे हैं समझ में नहीं तो सबसे चौकाने वाला है एक चौंकाने वाला राज से आजकल बहुत प्रचार होता है मेरे हिसाब से कि भगवान दास जी ने किसी सुदूर को अवश्य करते देखकर भगवान राम जी ने मार दिया उसका प्रचार लोगों ने बहुत अपने अपने तरीके से किया अपने अपने फायदे के लिए किया तो जब पहली बार मैंने सुना तो मुझे भी थोड़ा सा आंसर हुआ मैं भी चौकी भगवान ऐसे कैसे कर सकते हैं लेकिन जब मैं इस तरीके का मैंने विस्तार से गहन अध्ययन किया और इस मर्म को मुझे पता चला कि यह भी चौकाने वाला कोई पसंद नहीं था क्योंकि जिस उधर को भगवान ने मारा था वह उल्टा ऊपर और नीचे सर करके अयोध्या के विध्वंस की कामना के साथ तपस्या कर रहा था और कोई भी राजा अगर उसकी जगह में कोई ब्राह्मण भी होता छतरी भी होता है वैसे भी होता तो भगवान उसके साथ दुर्व्यवहार करते जो उसके साथ के क्योंकि कोई भी राजा नहीं चाहेगा कुश्ती प्रजा उसके राज्य या उसके देश का मंगल की कामना कोई भी करें और जहां तक फिर मैंने विचार किया कि भगवान तो सुधर को कैसे मार सकते हैं भगवान ने शबरी को गले से लगाया शबरी को मां का दर्जा दिया निषाद को मित्र बना करके भाई का दर्जा दिया केवट को अपनाया भगवान तो सबको कॉल भी रुख अपनाने के लिए बंद कैसे कर सकते हैं और जुदा भी ऐसी कोई चोकने वाली बात नहीं है जो हमको समझ में ना आए वही तो अपने वाली बात है बस जो समझ में ना आए तो धैर्य पूर्वक उसका गहन अध्ययन करें अपने से बड़े बुजुर्ग जानकारों से पूछे तो कोई भी

bahut sundar prashna kya bhai saheb ne chaunkane se matlab hai ki ramayana ke saare prasang dharm ko samajh mein nahi aaya tum soch kar ke chauk sakte hain aur yah samajh mein aaye tum kahin bhi nahi chauk sakta hoon ramayana ke pehle hi baalkand mein ek shlok hai yah maya bus birth vishwakarm brahma deva chunav ka mastak a isme ka shakl aur jayaka hair brahma agar vyakti ko andhere mein ek rassi dikh jaaye toh log saap samajh kar dar jaate hain jab vaah shaant nahi hai usi prakar se ramayana ke jo rahasyam ko samajh mein aa jaaye sab acche hain samajh mein nahi toh sabse chaukane vala hai ek chaunkane vala raj se aajkal bahut prachar hota hai mere hisab se ki bhagwan das ji ne kisi sudoor ko avashya karte dekhkar bhagwan ram ji ne maar diya uska prachar logo ne bahut apne apne tarike se kiya apne apne fayde ke liye kiya toh jab pehli baar maine suna toh mujhe bhi thoda sa answer hua main bhi chowki bhagwan aise kaise kar sakte hain lekin jab main is tarike ka maine vistaar se gahan adhyayan kiya aur is marm ko mujhe pata chala ki yah bhi chaukane vala koi pasand nahi tha kyonki jis udhar ko bhagwan ne mara tha vaah ulta upar aur niche sir karke ayodhya ke vidhawanse ki kamna ke saath tapasya kar raha tha aur koi bhi raja agar uski jagah mein koi brahman bhi hota chatri bhi hota hai waise bhi hota toh bhagwan uske saath durvyavahar karte jo uske saath ke kyonki koi bhi raja nahi chahega kushti praja uske rajya ya uske desh ka mangal ki kamna koi bhi kare aur jaha tak phir maine vichar kiya ki bhagwan toh sudhar ko kaise maar sakte hain bhagwan ne shabri ko gale se lagaya shabri ko maa ka darja diya nishad ko mitra bana karke bhai ka darja diya kevat ko apnaya bhagwan toh sabko call bhi rukh apnane ke liye band kaise kar sakte hain aur juda bhi aisi koi chokne wali baat nahi hai jo hamko samajh mein na aaye wahi toh apne wali baat hai bus jo samajh mein na aaye toh dhairya purvak uska gahan adhyayan kare apne se bade bujurg jankaron se pooche toh koi bhi

बहुत सुंदर प्रश्न क्या भाई साहब ने चौंकाने से मतलब है कि रामायण के सारे प्रसंग धर्म को समझ

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