हनुमान ने अपना आकार क्यों नहीं बढ़ाया और लंका और भारत के बीच पुल बनाने के लिए लेट गए?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:36

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखेगा बाद ना तो हम लोग ने अपने दिमाग का कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल करते हैं और कई बार गलत इस्तेमाल करते हैं और दिमागी उलझन में फंसे रहते हैं कोई दिमाग मिल गया तो इसका मतलब यह थोड़ी ना है कि जो मैं सोचता हूं वो एकदम सही है भाई मैं तो पता नहीं क्या सोच लूं क्या करूं अब आपके सवाल है और सवाल में भी आपने थोड़ा तो रेस्पेक्ट आप दिखा सकते हैं आपने हनुमान लिकर हनुमान जी लिख देते क्या जाता है हां इतना तो बोल सकते ना हनुमान जी की तो बोल सकते हैं ना वाले हनुमान जी ने अपना कर क्यों नहीं बढ़ाया और लंका और भारत के बीच पुल बनाने के लिए गए जी देखिए ऐसा है कि हमको लगता है हम यहां पर बैठकर आज बड़े आसानी से अपना दिमाग लगाकर यह तर्क वितर्क किए यह कर सकते हैं लेकिन जब परिस्थिति होती है तो उस इंसान को पता होता है कि क्या सबसे सही रास्ता होता है और यहां पर वह इंसान कौन है पर यहां पर तो मैं भगवान की बात कर रहा हूं तो के बारे में क्वेश्चन करना या यह जानना या अपने दिमाग से बोलना आज ही अभी आपको लग रहा है कि हां यह कर लेते आपकी बात मान लेते वह पुल बना लेते आएंगे और लेट हो जाएंगे तो जब लेटे हुए तो भाई और प्लेटिनम उनकी लंबाई बढ़ जाएगी जो भारत और श्रीलंका के बीच का जो दूरी है वह दूरी के लिए उनको इतना लंबा होना पड़ेगा जब इतना लंबा होंगे तो फिर वह उतनी चोडाचूड़े भी तो हो जाएंगे उतरी चौड़ाई भी तो हो जाएगी उसकी तो फिर उसको कैसे मैनेज करेंगे और मतलब उनके ऊपर चढ़ने के लिए भी तो उसी डीसी होगा कुछ चाहिए होगा हिसाब किताब करना पड़ेगा तो चलिए यह भी एक बात है लेकिन मेरा कहने का मतलब यह है कि वह किसी भी चीज की अवहेलना कर देना या उसके ऊपर टिप्पणी कर देना बड़ा आसान है लेकिन जब परिस्थितियां आती हैं तो समझ नहीं आता है जब आप ही देख लीजिए अपने लाइफ में कई बार ऐसी परिस्थितियां होगी हमें पता ही नहीं होगा यार और हमने कुछ कर दिया होगा उस टाइम आप वह चीज करते हो जो आपको सही लगता है और बाद में जवाब देते हो कि तब आपको समझ आता है अरे यार इसकी जगह मैंने यह काम किया होता तो इसीलिए भाई हम अपना जीवन सवार ले अपने आप पर ध्यान ले ले वही बात है जो हो चुका है जो जैसा रहा है वह अपने आप में बहुत बढ़िया है हमें नहीं पता कि क्या बे सलूशन है लेकिन जो भी हुआ है मेरे हिसाब से बहुत बढ़िया हुआ है सब ठीक-ठाक है तो अपना दिमाग है ना जी थोड़ा कायदे से सलीके से सही जगह पर लगाए और आगे देखें

dekhega baad na toh hum log ne apne dimag ka kuch zyada hi istemal karte hain aur kai baar galat istemal karte hain aur dimagi uljhan mein fanse rehte hain koi dimag mil gaya toh iska matlab yah thodi na hai ki jo main sochta hoon vo ekdam sahi hai bhai main toh pata nahi kya soch loo kya karu ab aapke sawaal hai aur sawaal mein bhi aapne thoda toh respect aap dikha sakte hain aapne hanuman liquor hanuman ji likh dete kya jata hai haan itna toh bol sakte na hanuman ji ki toh bol sakte hain na waale hanuman ji ne apna kar kyon nahi badhaya aur lanka aur bharat ke beech pool banane ke liye gaye ji dekhiye aisa hai ki hamko lagta hai hum yahan par baithkar aaj bade aasani se apna dimag lagakar yah tark vitark kiye yah kar sakte hain lekin jab paristithi hoti hai toh us insaan ko pata hota hai ki kya sabse sahi rasta hota hai aur yahan par vaah insaan kaun hai par yahan par toh main bhagwan ki baat kar raha hoon toh ke bare mein question karna ya yah janana ya apne dimag se bolna aaj hi abhi aapko lag raha hai ki haan yah kar lete aapki baat maan lete vaah pool bana lete aayenge aur late ho jaenge toh jab lete hue toh bhai aur platinum unki lambai badh jayegi jo bharat aur sri lanka ke beech ka jo doori hai vaah doori ke liye unko itna lamba hona padega jab itna lamba honge toh phir vaah utani chodachude bhi toh ho jaenge utari chaudai bhi toh ho jayegi uski toh phir usko kaise manage karenge aur matlab unke upar chadhne ke liye bhi toh usi dc hoga kuch chahiye hoga hisab kitab karna padega toh chaliye yah bhi ek baat hai lekin mera kehne ka matlab yah hai ki vaah kisi bhi cheez ki avhelna kar dena ya uske upar tippani kar dena bada aasaan hai lekin jab paristhiyaann aati hain toh samajh nahi aata hai jab aap hi dekh lijiye apne life mein kai baar aisi paristhiyaann hogi hamein pata hi nahi hoga yaar aur humne kuch kar diya hoga us time aap vaah cheez karte ho jo aapko sahi lagta hai aur baad mein jawab dete ho ki tab aapko samajh aata hai are yaar iski jagah maine yah kaam kiya hota toh isliye bhai hum apna jeevan savar le apne aap par dhyan le le wahi baat hai jo ho chuka hai jo jaisa raha hai vaah apne aap mein bahut badhiya hai hamein nahi pata ki kya be salution hai lekin jo bhi hua hai mere hisab se bahut badhiya hua hai sab theek thak hai toh apna dimag hai na ji thoda kayade se salike se sahi jagah par lagaye aur aage dekhen

देखेगा बाद ना तो हम लोग ने अपने दिमाग का कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल करते हैं और कई बार गलत इस्

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