रामायण से लव और कुश के बारे में कुछ अज्ञात कहानियां क्या हैं?...


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Gayatri Shukla

Social Worker Director Of Smt Educational Society

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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पीटी रामचरितमानस में सात कांड है जबकि आप उसकी गीता प्रेस गोरखपुर की जो रामायण रामचरितमानस जो प्रकाशित है उसमें देखेंगे तो उसमें आप बोलो उसके बारे में ज्ञात हो सकता है उसमें प्रकांड हो इसमें लव कुश श्री राम की ओर स्तोत्र हैं जब रामचंद्र जी लंका से जीत कर के वापस आ गए अयोध्या में श्रीराम को वहां का राजा बना दिया गया किंतु उधर चंदा में उस समय की जनता में विभिन्न प्रकार की सीता के बारे में अफवाहें उड़ गई कि वह सीता जी जो कि 14 हो आप ही समय रावण किस वेद में रही थी और श्री राम जी ने पीछे युद्ध करके सीता जी को वापस लेकर के आए हैं तो इस प्रकार की अनर्गल बातें जनता में फैल गई थी श्री राम जब राज कर रहे थे आदर्श राजा थे उन्होंने गुप्त पिक्चर लगा रखी थी एक दिन एक गुप्तचर ने महसूस किया कि 12 1 और 12 वी का झगड़ा चल रहा था जो भी जबरदस्ती अपनी पत्नी को मारपीट करके बाहर निकाल रहा था घर से बाप और कह रहा था कि मैं राजाराम नहीं हूं जो तुम रात भर घर से गायब रही और मैं तुझे मेरे घर में रख लूं क्योंकि मुझे मेरा समाज के लोग जीने नहीं देंगे तो रात भर बिना मेरी अनुमति के कहां गायब रही राजाराम तो राजाराम है जो वह तो राजा हैं इसलिए वह तो रावण की कैद में रही सीता को रख सकते हैं उनसे कोई कुछ नहीं कर सकता लेकिन मैं तो दो भी हूं मैं तुझे मेरे घर में नहीं रख सकता हूं क्योंकि मेरे समाज में में क्या मूल्य के दिखाऊंगा आप रात भर कहां रही सारा दृश्य एक उनका पुत्र सुन रहा था जब गुप्तचर रात को श्री राम के पास पहुंचा श्रीराम ने पूछा कि मेरी पूजा का कैसा हाल ने कहा कि महाराज के दिमाग करते हैं आप मुझे हमें प्रदान करें तो मैं आपको यथार्थ सत्य बताओगे भी अगर प्रदान नहीं करें तो मैं आपको सत्य नहीं बता सकता जब श्रीराम ने कहा कि गुप्तचर हमेशा हमें ही होता है वह तो भेजो देखता है वही कहता है आपका ने सारी घटना बताई कि महाराज इस तरह से 2 महीने एक की 12 वीं की पत्नी ज्योति एक रात से ही गायब रही थी और जब दूसरे दिन भी का सेकंड में इस प्रकार से कह रहा था कि मैं कोई राजाराम नहीं हूं जो सीता कितने वर्षों तक कैद में रही रावण के पास और उन्होंने भारतीय सुरक्षित रख लिया जबकि मैं तो जो भी हूं मेरे समाज के लोग क्या कहेंगे तू रात भर कुछ के आश्रय में रही कौन के पास सही मैं तुझे नहीं रह सकता मैं तेरा पंथ श्री राम ने जब यह सुना उनके उदयपुर पर आघात लगा उन्हें बहुत दर्द हुआ भी जानते थे कि जगजननी सीता कलंक लगाना मींस बहुत बड़ा गुनाह है बहुत बड़ा अपराध है जगत जननी है आप दे सकती है लेकिन इस जगत की गुफाओं को कैसे मिटाएं संसार के लोगों को कैसे समझाएं कि तुम जिस जगत जननी पर आरोप लगा रहे हो व्हिस्की तो साक्षी आदमी लेबने सेम दी है कोई मानने वाला नहीं है परिणाम स्वरूप राम ने एक आदर्श राजा की तरह विचार करते हुए सीता का प्रचार करने का निश्चय कर लिया सीता जी उस समय प्रेग्नेंट थी और सीता जी को लक्ष्मण जी के द्वारा जंगल में दिया गया और वहां पर यह मैसेज बाल्मिक जी के आश्रम में अपने दिन व्यतीत करने लगी कुछ समय बाद वहां पर लव कुश का जन्म हुआ और बाल्मीकि नहीं उसकी शिक्षा लव कुश की शिक्षा दीक्षा ली और वहीं पर उनको रामायण का गायन सिखा दिया वहीं पर उन्होंने शस्त्र विद्या भी सीखी और शास्त्रों का अध्ययन किया जब श्रीराम ने 1 दिन अश्वमेघ यज्ञ करने की इच्छा व्यक्त की को श्री राम अयोध्या में थे और शत्रुघ्न आदि हनुमान जी आदि सब सेना को लेकर के अश्वमेध का घोड़ा लेकर घूम रहे थे चारों ओर लव कुश ने एक घोड़े को जाते हुए देखा और उन बच्चों ने घोड़े को बांध दिया सेनापति और अन्य लोगों ने समझाया कि बच्चों यह रोड़ा खेलने का नहीं है यह राजाराम का गुड़ा है जिस राज्य में से ही गुजर जाएगा उस राज्य में को उसके उनके अधीन माना जाएगा और यदि इस घोड़े को बांधना श्रीराम से शत्रुता मूल लेना और युद्ध करना है तो लव और कुश ने कहा कि कौन श्रीराम हमारे क्षेत्र से जुड़ी को हम नहीं जाने देंगे फोन में बांध दिया परिणाम स्वरूप शत्रुघ्न का और लव कुश का युद्ध हुआ लव और कुश ने शत्रुघ्न को पराजित कर दिया तब हनुमानजी ने यह बात महसूस ही यात्री के दो बालक छोटे छोटे नन्हे बच्चे हैं इनमें क्षमता और लास्ट में यह हुआ कि दोनों बालकों ने हनुमान जी को पान करके अपने आश्रम में ले आए वहां मां को दिखाने लगे कि मां हमने देखो क्या किया है यह घोड़ा लेकर आई थी हमारे क्षेत्र से जा रहे थे और हमने उस हजारा उनके घोड़े को पान दिया है हम उनके अधीन नहीं रह सकते हैं माने जब हनुमानजी को देखा सीता जी के हनुमान जी की पहचान नहीं हनुमान जी की सीमा को पहचान गए जगत जननी मेरी क्षमा करो मुझे एक जगत जननी मैं आपको प्रणाम करता हूं बंधन की हनुमान जी ने कब जगत जननी ने कहा बालको उन्हें छोड़ो यह परम महान बड़े पिता के सेवक हैं श्री हनुमान महाबली साली अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं अनुष्ठानों ज्ञानी राम सकल गुण निधान दंपति प्रवक्ता बाजा तम नमामि मनोजवम मारुत तुल्य वेगम जितेंद्रियम सनम ऐसे हनुमान होंगे उनको छोड़ो बच्चों बालको ने कहा मां इनको हम नमन तो कर सकते हैं क्योंकि यह हमारे लेकिन आप ही कहे कि पूरा दे देंगे परिणाम स्वरुप हनुमान जी ने भी उस वक्त ऊपर समझा जा कर के वहां से छूट करके वे श्री राम के पास कौन से और श्री राम को सूचना दे भगवान तो बालकों ने आप का घोड़ा बांध लिया है और वह इतने अजय योद्धा हैं उनको भी पराजित कर दिया और हम सब को पराजित कर दिया यह बात जब वहां पहुंची जब श्री राम को गोद हुआ अब क्या हुआ कि उसमें जैसे तैसे ही हो गया प्रिय युवा उस यज्ञ में बाल्मिक जी को तुम निमंत्रण पहुंचा तो वाल्मीकि ने रामायण उच्चतम आने के लिए वह दोनों लोगों को भी लेकर गए इस यज्ञ में जब लव कुश ने देखा पाकिस्तान परसों की यज्ञ में पति-पत्नी दोनों बैठते हैं तो वहां पर सीता जी के स्थान पर देख सोनू सीता जी की प्रतिमा बनाकर के राम के साथ में यज्ञ कराया जा रहा था लव और कुश नहीं किस तरह से रामायण सुनाई है लाइव वन दो करके देश पर गायन किया है उससे राजाराम बहुत प्रसन्न हुए इसके बारे में आप आना चाहें तो आप पढ़ें बहुत कुछ संस्कृत साहित्य में आपको इस बारे में पंडित को मिल जाएगा आपको बबूती की एक रचना है उत्तररामचरितम् आप उसे पढ़े हैं वह नाटक बहुत ही सुंदर है और उसमें आपको उसके बारे में भी मिलेगा राम की आंखों से गदगद आंसू बहने लगे उन्हे पश्चाताप होने लगा कर वाकई मैंने बहुत बड़ा न्याय सीता को बनाने के लिए वहां गए सीता को मना करके जब ला रहे थे तभी सीता मां ने कहा कि नहीं मैं तुम्हारी जरूरत लव और कुश समर्पित करती हूं मम्मी राजीने

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पीटी रामचरितमानस में सात कांड है जबकि आप उसकी गीता प्रेस गोरखपुर की जो रामायण रामचरितमानस

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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रामायण में लव और कुश के बारे में क्या कहा बहुत ही प्रचलित है कि राष्ट्रीय जो राम जी ने किया था और वह कूड़ा कहां पर हो खोला जाएगा और वह प्रदेश उनका हो जाए गायत्री यज्ञ जो श्री राम भगवान ने किया था और लव और कुश ने उनके घोड़े को बांधकर विरोध जो कार्य किया था अज्ञात कहानियों के बहुत ही चर्चित समाचार जो उस समय से वह माने जाएंगे और आज भी हमको लगता है कि लव बालक से वह श्रीराम के हित थे लेकिन उन्होंने अपने ही पिता के जो बूढ़े थे उनको बांधकर और अपने पिता के ऊपर ही विरोध किया गया था लेकिन उनको मालूम ही नहीं था यह उनके श्री राम भगवान पिता जनक पिता इसलिए जो बहुत ही इंटरेस्टिंग कही जाती है और हमको भी बहुत ही इंटरेस्टिंग लगता है

ramayana mein love aur kush ke bare mein kya kaha bahut hi prachalit hai ki rashtriya jo ram ji ne kiya tha aur vaah kooda kahaan par ho khola jaega aur vaah pradesh unka ho jaaye gayatri yagya jo shri ram bhagwan ne kiya tha aur love aur kush ne unke ghode ko bandhkar virodh jo karya kiya tha agyaat kahaniya ke bahut hi charchit samachar jo us samay se vaah maane jaenge aur aaj bhi hamko lagta hai ki love balak se vaah shriram ke hit the lekin unhone apne hi pita ke jo budhe the unko bandhkar aur apne pita ke upar hi virodh kiya gaya tha lekin unko maloom hi nahi tha yah unke shri ram bhagwan pita janak pita isliye jo bahut hi interesting kahi jaati hai aur hamko bhi bahut hi interesting lagta hai

रामायण में लव और कुश के बारे में क्या कहा बहुत ही प्रचलित है कि राष्ट्रीय जो राम जी ने कि

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गुस्सा का सवाल या रामायण से लव कुश के बारे में कुछ अज्ञात कहानी सुनाया क्या बताएं हम की राशि का जनक पुत्री थी जिनका विवाह राम से हुआ था शादी के कुछ ही दिनों के बाद उनका बनवास हुआ वह 14 वर्ष वनवास में अपना गुजर की जब वनवास गए थे तो कुछ ही दिनों के बाद उनका हरम हो गया था हरण के बाद ने लंका रखा गया जब चौथ लंका से जब वह राम उनको चुरा कर लाए उनका अग्नि परीक्षा हुई अग्नि परीक्षा के बाद उन्हें घर अयोध्या ले गए 14 वर्ष वनवास पूरा होने के बाद अयोध्या के बाद जब वह अयोध्या गए तब कुछ प्रभाव ने उन पर अपवाह उठाया रावण के साथ थी यह पवित्र है कि नहीं इसे कैसे माल में रखा जाए तो उनको अग्नि परीक्षा देने के लिए कहा गया ह नहीं आ नहीं तो घर से चले जाने के लिए कहा गया तो इसी भी बात पर राम बहुत सत्यवादी राजा थे उन्होंने प्रजा का मान रखते हुए सीता को एक मुनि आश्रम में छोरा वही मुनि आश्रम में लव कुश का जन्म हुआ था लव कुश दो भाई थे कुछ भरा था और लव छोटा वह दोनों को मुनि के कुर्तियों में ही पाली वह धीरे धीरे बढ़ा हुआ और दोनों का कहानी बहुत ही रोचक है

gussa ka sawaal ya ramayana se love kush ke bare me kuch agyaat kahani sunaya kya bataye hum ki rashi ka janak putri thi jinka vivah ram se hua tha shaadi ke kuch hi dino ke baad unka banvaas hua vaah 14 varsh vanvas me apna gujar ki jab vanvas gaye the toh kuch hi dino ke baad unka haram ho gaya tha haran ke baad ne lanka rakha gaya jab chauth lanka se jab vaah ram unko chura kar laye unka agni pariksha hui agni pariksha ke baad unhe ghar ayodhya le gaye 14 varsh vanvas pura hone ke baad ayodhya ke baad jab vaah ayodhya gaye tab kuch prabhav ne un par upwah uthaya ravan ke saath thi yah pavitra hai ki nahi ise kaise maal me rakha jaaye toh unko agni pariksha dene ke liye kaha gaya h nahi aa nahi toh ghar se chale jaane ke liye kaha gaya toh isi bhi baat par ram bahut satyawadi raja the unhone praja ka maan rakhte hue sita ko ek muni ashram me chhora wahi muni ashram me love kush ka janam hua tha love kush do bhai the kuch bhara tha aur love chota vaah dono ko muni ke kurtiyon me hi paali vaah dhire dhire badha hua aur dono ka kahani bahut hi rochak hai

गुस्सा का सवाल या रामायण से लव कुश के बारे में कुछ अज्ञात कहानी सुनाया क्या बताएं हम की रा

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