भगवान कृष्ण नग्न महिलाओं को क्यों देखते थे, उन्हें तंग करते थे, उन पर पत्थर फेंकते थे और नहाते समय उनके कपड़े लेकर भाग जाते थे?...


play
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:18

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं या आरोप लगा रहे हैं मनगढ़ंत बातें कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे थे कि नहीं अपितु के तो उन महिलाओं को सबक सिखाना चाहते थे मगर कभी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए या कुछ ऐसे दो बस स्टैंड प्रतिष्ठान करना चाहिए जिससे कि पानी पानी देव का भी अपमान ना हो और साथ में मर्यादा की बनी रहे और ऐसी परिस्थितियों जो कम पड़ जाए तो उसमें आपको जल्दी रोना पड़े इसलिए दे लीलाएं करते थे उनकी मानसिकता नहीं सरकारी के पीछे कुछ मानसिकता होती है मानसिकता के साथ किया हुआ कार्य अंधा होता है यदि किसी सुधार के लिए कोई कार्य किया जाता है तो उसके पीछे मानसिकता सुधार की मानसिकता है इसलिए वह कार्य उत्तम माना जाता है

nahi ya aarop laga rahe hain managdhant batein kar rahe hain aur janta ko bharmit karne ka prayas kar rahe the ki nahi apitu ke toh un mahilaon ko sabak sikhaana chahte the magar kabhi istemal nahi karna chahiye ya kuch aise do bus stand pratisthan karna chahiye jisse ki paani paani dev ka bhi apman na ho aur saath mein maryada ki bani rahe aur aisi paristhitiyon jo kam pad jaaye toh usme aapko jaldi rona pade isliye de lilaen karte the unki mansikta nahi sarkari ke peeche kuch mansikta hoti hai mansikta ke saath kiya hua karya andha hota hai yadi kisi sudhaar ke liye koi karya kiya jata hai toh uske peeche mansikta sudhaar ki mansikta hai isliye vaah karya uttam mana jata hai

नहीं या आरोप लगा रहे हैं मनगढ़ंत बातें कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे

Romanized Version
Likes  62  Dislikes    views  1234
WhatsApp_icon
2 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह भी एक बहुत गलत धारणाएं हैं किसी किसी लोगों में जो पूर्णतया ऐसी कोई कमी नहीं थी कि वह देखे वह महिलाएं पानी में नहाती थी और उनका ही कहना था कि पानी में नग्न होना सबसे आम है इसीलिए वह कपड़े लिए उन्होंने वह डाल बिछड़ गए डाल बिछड़ गए अब बाहर आके निकलो क्योंकि तुमने जो जल्दी उठ आप मान किया है वह तो आपको भोग नहीं पड़ेगा अब बाहर निकलो अपने कपड़े दो तब जाओ इसीलिए वो बाहर निकले थे तब वह कपड़े लिए थे तब से कोई मदद से कोई किसी को सिटीबुक एक जल है जल देवता भी है वह जल है वह भी देवता है ना तो आप उनको मतलब आप ऐसे नहीं नहा सकते कपड़ा शरीर को होना चाहिए स्त्री हो जाए पुरुषों से कपड़ा होना चाहिए तब आप नहा सकते हैं ऐसे नहीं जा सकते आप कभी नदिअद जाइए तो ऐसे नहीं ला सकते आप तो इसीलिए उन्होंने एक ही संदेश था जिसकी नेगेटिव कि हमें ऐसे नहीं जाना चाहिए हर चीज का प्रकृति का हर चीज का ध्यान रखते हुए सब का सम्मान करते हुए नहाना चाहिए और दूसरी बात कि संदेश दिया ताकि सभी बंधनों से मुक्त किया था कि अगर तुमको मेरे प्रेम में भगवान की भक्ति में पढ़कर मोचपुरा हर बंधन से जाति लिंग भेद अहंकार समय सबका भेज छोड़ करके तुमको आगे बढ़ और उन्होंने कहा इस परंपरा को आगे बढ़ना होगा तभी तुम आगे बढ़कर मोक्ष प्राप्त हो पाओगे इसीलिए यह भी काम किया था कई कारण थे हर चीज का एक ही मतलब नहीं निकाला दिमाग है आपसे अब कब के जवाब दे सकते हैं पूरी अपने मन से जो पूछे तो अब किसी का नेगेटिव होता है किसी का फौजी बताएं कि आप जैसी रही थी आज वही तो जो मन में होती है जिसकी धारणा है वह तो वैसे ही देखता है आप सोच सकते हैं कैसे उन उन्होंने तो कल्याण जब निवेदन में जबकि अपूर्ण हैं उनमें कोई कमी नहीं कहती है तुम पूरण परमात्मा तुम अंतर्यामी आप को सुकून है कोई कमी नहीं है कि वह अपॉइंटमेंट फर्क है

yah bhi ek bahut galat dharnae hain kisi kisi logo mein jo purnataya aisi koi kami nahi thi ki vaah dekhe vaah mahilaye paani mein nahati thi aur unka hi kehna tha ki paani mein nagna hona sabse aam hai isliye vaah kapde liye unhone vaah daal bichhad gaye daal bichhad gaye ab bahar aake niklo kyonki tumne jo jaldi uth aap maan kiya hai vaah toh aapko bhog nahi padega ab bahar niklo apne kapde do tab jao isliye vo bahar nikle the tab vaah kapde liye the tab se koi madad se koi kisi ko sitibuk ek jal hai jal devta bhi hai vaah jal hai vaah bhi devta hai na toh aap unko matlab aap aise nahi naha sakte kapda sharir ko hona chahiye stree ho jaaye purushon se kapda hona chahiye tab aap naha sakte hain aise nahi ja sakte aap kabhi nadiad jaiye toh aise nahi la sakte aap toh isliye unhone ek hi sandesh tha jiski Negative ki hamein aise nahi jana chahiye har cheez ka prakriti ka har cheez ka dhyan rakhte hue sab ka sammaan karte hue nahaana chahiye aur dusri baat ki sandesh diya taki sabhi bandhanon se mukt kiya tha ki agar tumko mere prem mein bhagwan ki bhakti mein padhakar mochpura har bandhan se jati ling bhed ahankar samay sabka bhej chod karke tumko aage badh aur unhone kaha is parampara ko aage badhana hoga tabhi tum aage badhkar moksha prapt ho paoge isliye yah bhi kaam kiya tha kai karan the har cheez ka ek hi matlab nahi nikaala dimag hai aapse ab kab ke jawab de sakte hain puri apne man se jo pooche toh ab kisi ka Negative hota hai kisi ka fauji bataye ki aap jaisi rahi thi aaj wahi toh jo man mein hoti hai jiski dharana hai vaah toh waise hi dekhta hai aap soch sakte hain kaise un unhone toh kalyan jab nivedan mein jabki apurn hain unmen koi kami nahi kehti hai tum puran paramatma tum antaryami aap ko sukoon hai koi kami nahi hai ki vaah appointment fark hai

यह भी एक बहुत गलत धारणाएं हैं किसी किसी लोगों में जो पूर्णतया ऐसी कोई कमी नहीं थी कि वह दे

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  258
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!