क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले (ध्यान करने वाले) लोग वाक़ई में हैं?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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हमारे मित्र हैं आप ही कहेंगे कि हमको क्यों नहीं दिखाते थे कभी आप मान जाएं कुंभ के मेले में खुद कुंभ मेलों में वहां ऐसी विभूतियां पदार्थी हैं जिनके दर्शन करने से अपने आपको हम लोग हमेशा ही मांगते हैं उनके चल सतीश बात इस हमार देते हैं कि उन्होंने कितनी भाषाएं की है कितने बीच रागिनी हैं तो कितने संसार से अलग है क्योंकि साधु की पहचानी है वह भी ताज होता है संसार में दो प्रकार के हैं एक तो साधु में एक्सवादो है यह जहां पर देखते हैं यह पिक मांगे हैं यह संसार से भागे हुए भी कायर पुरुष सदस्य हैं जो संसार की कठिनाइयों से पालन नहीं हो सामना नहीं कर पाती इसलिए संसार से भागकर की भीख मांगना एक्सेप्ट करते हैं यह भी इतना ही नहीं यह रागिनी है यह समस्त प्रकार के दुष्कर्म करते हैं शराब भी पीते हैं मांस खाते हैं अन्य दुष्कर्म में भी आपको व्यस्त मिल जाएंगे क्योंकि यह सराहनीय स्वादु है साधु नहीं है साधु तो वे लोग हैं जो तपस्या में भाग में गीत रानी वह संसार के लोगों से घृणा करते हैं और कहते हैं कि संताली लोगों के साथ में रहकर के राग उत्पन्न होते हैं ना मुनमुन कीचड़ है इसलिए इन लोगों से घृणा करते हैं इसलिए मिलना भी पसंद नहीं करते हैं क्योंकि बीपी त्यागी हैं इसलिए अपने आप में भजन करते हो मस्त रहते हैं

hamare mitra hain aap hi kahenge ki hamko kyon nahi dikhate the kabhi aap maan jayen kumbh ke mele me khud kumbh melo me wahan aisi vibhutiyan padarthi hain jinke darshan karne se apne aapko hum log hamesha hi mangate hain unke chal satish baat is hamar dete hain ki unhone kitni bhashayen ki hai kitne beech ragini hain toh kitne sansar se alag hai kyonki sadhu ki pahchani hai vaah bhi taj hota hai sansar me do prakar ke hain ek toh sadhu me eksavado hai yah jaha par dekhte hain yah pic mange hain yah sansar se bhaage hue bhi kayar purush sadasya hain jo sansar ki kathinaiyon se palan nahi ho samana nahi kar pati isliye sansar se bhagkar ki bhik maangna except karte hain yah bhi itna hi nahi yah ragini hai yah samast prakar ke dushkarm karte hain sharab bhi peete hain maas khate hain anya dushkarm me bhi aapko vyast mil jaenge kyonki yah sarahniya swadu hai sadhu nahi hai sadhu toh ve log hain jo tapasya me bhag me geet rani vaah sansar ke logo se ghrina karte hain aur kehte hain ki santali logo ke saath me rahkar ke raag utpann hote hain na munmun kichad hai isliye in logo se ghrina karte hain isliye milna bhi pasand nahi karte hain kyonki BP tyagi hain isliye apne aap me bhajan karte ho mast rehte hain

हमारे मित्र हैं आप ही कहेंगे कि हमको क्यों नहीं दिखाते थे कभी आप मान जाएं कुंभ के मेले में

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बिल्कुल जो हमारे महापुरुष हैं जिन जिन को अमरत्व प्राप्त है ऐसे लोग हिमालय में सदैव वास करते हैं और समय आने पर ही 19 अश्वत्थामा हुआ अभी भी हैं आल्हा ऊदल हैं तमाम इस तरह के महापुरुष पड़े हुए बहुत ही शक्तिशाली थे जो इस संसार में अपने-अपने काबिल नहीं समझते हैं इसलिए शब्दों को ध्यान मग्न पूजा में हिमालय में अगर आप जाएंगे

bilkul jo hamare mahapurush hain jin jin ko amaratwa prapt hai aise log himalaya me sadaiv was karte hain aur samay aane par hi 19 ashvatthaama hua abhi bhi hain aalha udal hain tamaam is tarah ke mahapurush pade hue bahut hi shaktishali the jo is sansar me apne apne kaabil nahi samajhte hain isliye shabdon ko dhyan magn puja me himalaya me agar aap jaenge

बिल्कुल जो हमारे महापुरुष हैं जिन जिन को अमरत्व प्राप्त है ऐसे लोग हिमालय में सदैव वास करत

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:29
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आपने कहा टाइट अच्छे की सैकड़ों वर्षों सीमा में रहने वाले लोग वाकई में है जो अपने आप को ध्यान में समर्पित कर चुके हैं और भगवान के शरण में विराजमान हो चुके हैं उनका इस लोक से कोई संबंध नहीं है उनकी आत्मिक रूप में शरीर भले ही उनका हिमालय में टक्कर रहा है लेकिन वह सिर्फ 1 वर्ष के रूप में आत्मा भगवान के चरणों में भगवान शिव के चरणों में संगठित हो चुकी है और यह सच है कि सैकड़ों वर्ष तपस्या करने वालों तपस्वी ऋषि मुनि आज भी भारत में हिमालय में विद्यमान ही उनका जीवन है लेकिन हां उनकी जीवन की तपस्या को भंग करने का अपराध कोई ना करें अन्यथा उन तपस्वी की तपस्या की भंग होने का क्या दुष्परिणाम हो सकता है कोई नहीं जानता मैं बार-बार कहता हूं कि जब धरती पर पाप बढ़ते हैं तो कोई अवतार लेता है ढिशूम अन्य पक्षियों में से ही कोई धरती पर अवतार ले चुका है

aapne kaha tight acche ki saikadon varshon seema me rehne waale log vaakai me hai jo apne aap ko dhyan me samarpit kar chuke hain aur bhagwan ke sharan me viraajamaan ho chuke hain unka is lok se koi sambandh nahi hai unki atmik roop me sharir bhale hi unka himalaya me takkar raha hai lekin vaah sirf 1 varsh ke roop me aatma bhagwan ke charno me bhagwan shiv ke charno me sangathit ho chuki hai aur yah sach hai ki saikadon varsh tapasya karne walon tapaswi rishi muni aaj bhi bharat me himalaya me vidyaman hi unka jeevan hai lekin haan unki jeevan ki tapasya ko bhang karne ka apradh koi na kare anyatha un tapaswi ki tapasya ki bhang hone ka kya dushparinaam ho sakta hai koi nahi jaanta main baar baar kahata hoon ki jab dharti par paap badhte hain toh koi avatar leta hai dhishum anya pakshiyo me se hi koi dharti par avatar le chuka hai

आपने कहा टाइट अच्छे की सैकड़ों वर्षों सीमा में रहने वाले लोग वाकई में है जो अपने आप को ध्य

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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राजस्थान से सैकड़ों वर्षों से नाले में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में सर जी यह तो है जरूर सच्चाई हिमालय पर्वत श्रृंखला काफी लंबी है बहुत लंबी हो कंचनजंगा जो कि हमें पश्चिम बंगाल सिक्किम तरफ देखने को मिलती है वहां विश्व नेपाल के तभी हमने व्यक्ति को मिलती प्रखंड में विदेश मंत्री और बहुत लंबी पर्वत श्रृंखला हिमालय की तलहटी में बहुत कम लोग जानते हैं तो खास करके उत्तराखंड जो बद्रीनाथ केदारनाथ धाम है वहां पर जानती जहां पर मोदी जी ने 3 साल तपस्या की थी वहां पर केदारनाथ बद्रीनाथ था वहां पर भी बहुत सारे तक 80 लोग रहते हैं और उन्हें ठंड सहन करने की एक तरह से जो गुरुद्वारा शक्ति प्रदान है इसके अलावा हिमाचल प्रदेश जो कि धर्मशाला और नवलगढ़ यहां पर भी बहुत साधु अपने साधना मिली रहते हैं इसके अलावा कश्मीर की जो पर्वत श्रृंखला हवेली हवेली के तरफ लद्दाख और जो गुलमर्ग वहां पर भी बहुत से सदस्य मिल सकते हैं अधिकतर योग साधना में लीन रहते हैं और उनके दर्शन बहुत मुश्किल से होता साधना होती है और यौगिक क्रियाओं के द्वारा अपने सभी ई-मेल से पावर और सहनशीलता को उच्चतम ऊंचाइयों तक ले जाते हैं और वहां पर जो वनस्पति होते हैं उन सब वनस्पतियों का सेवन करते हैं इस तरह से अपना शरीर को स्वस्थ रख पाते हैं और सलामी लेंगे बहुत-बहुत धन्यवाद

rajasthan se saikadon varshon se naale me rehne waale dhyan karne waale log vaakai me sir ji yah toh hai zaroor sacchai himalaya parvat shrinkhala kaafi lambi hai bahut lambi ho Kanchenjunga jo ki hamein paschim bengal Sikkim taraf dekhne ko milti hai wahan vishwa nepal ke tabhi humne vyakti ko milti prakhand me videsh mantri aur bahut lambi parvat shrinkhala himalaya ki talhati me bahut kam log jante hain toh khas karke uttarakhand jo badrinath kedarnath dhaam hai wahan par jaanti jaha par modi ji ne 3 saal tapasya ki thi wahan par kedarnath badrinath tha wahan par bhi bahut saare tak 80 log rehte hain aur unhe thand sahan karne ki ek tarah se jo gurudwara shakti pradan hai iske alava himachal pradesh jo ki dharmasala aur navalagadh yahan par bhi bahut sadhu apne sadhna mili rehte hain iske alava kashmir ki jo parvat shrinkhala haweli haweli ke taraf ladakh aur jo gulmarg wahan par bhi bahut se sadasya mil sakte hain adhiktar yog sadhna me Lean rehte hain aur unke darshan bahut mushkil se hota sadhna hoti hai aur yaugik kriyaon ke dwara apne sabhi E male se power aur sahansheelta ko ucchatam unchaiyon tak le jaate hain aur wahan par jo vanaspati hote hain un sab vanaspatiyon ka seven karte hain is tarah se apna sharir ko swasth rakh paate hain aur salaami lenge bahut bahut dhanyavad

राजस्थान से सैकड़ों वर्षों से नाले में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में सर जी यह तो

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Amit vishwakarma

Psychologist

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हां यह बात बिल्कुल सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में ध्यान करने वाले लोग आज भी जीवित है या फिर होंगे लेकिन इसका कोई अभी तक के ऐसा कोई ज्यादा पेमेंट नहीं मिला है कि यह लोग होंगे या नहीं होंगे एक संभावना जताई जा रही है क्या कि ऐसे लोगों को देखा गया है ऐसे लोग हैं कई अवशेष भी मिले हैं

haan yah baat bilkul sach hai ki saikadon varshon se himalaya me dhyan karne waale log aaj bhi jeevit hai ya phir honge lekin iska koi abhi tak ke aisa koi zyada payment nahi mila hai ki yah log honge ya nahi honge ek sambhavna jatai ja rahi hai kya ki aise logo ko dekha gaya hai aise log hain kai avshesh bhi mile hain

हां यह बात बिल्कुल सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में ध्यान करने वाले लोग आज भी जीवित ह

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Dr.Paramjit Singh

Health and Fitness Expert/ Lecturer In Physical Education/

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BK Vishal

Rajyoga Trainer

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हम बिल्कुल हो सकते हैं सैकड़ों वर्षों से लेकिन एक ही व्यक्ति नहीं होता जब एक व्यक्ति का उम्र पूरी होने तक करीब आती तू अपना उत्तराधिकारी किसी को बना करके उसको आगे की यात्रा जारी करता है और फिर दूसरा तीसरा पुनर्जन्म ले ले करके वह आते रहते हैं उसका मतलब यह नहीं कि कोई हजारों वर्षों से एक ही व्यक्ति बैठ करके कहीं तपस्या करता है हिमाचल में हिमालय में तपस्या करते हैं लोग एक की तपस्या पूर्ण होती है तो उसकी उत्तराधिकारी कहीं होते एक गुरु तपस्या करते तो उसके शिष्य साथ में होती है नहीं छोड़ेगा तो शिष्य उसकी जगह बैठकर तो कंटिन्यू करेंगे

hum bilkul ho sakte hain saikadon varshon se lekin ek hi vyakti nahi hota jab ek vyakti ka umar puri hone tak kareeb aati tu apna uttradhikari kisi ko bana karke usko aage ki yatra jaari karta hai aur phir doosra teesra punarjanm le le karke vaah aate rehte hain uska matlab yah nahi ki koi hazaro varshon se ek hi vyakti baith karke kahin tapasya karta hai himachal me himalaya me tapasya karte hain log ek ki tapasya purn hoti hai toh uski uttradhikari kahin hote ek guru tapasya karte toh uske shishya saath me hoti hai nahi chodega toh shishya uski jagah baithkar toh continue karenge

हम बिल्कुल हो सकते हैं सैकड़ों वर्षों से लेकिन एक ही व्यक्ति नहीं होता जब एक व्यक्ति का उम

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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देखिए मैं यह तो नहीं जानती सैकड़ों वर्ष होते लेकिन हम हिमालय पर बहुत सारे लोग हैं जो वहां रहकर ध्यान करते हैं और उनके पास उन्होंने वहां रहकर और छानकर की बहुत सारी जिसे हम कह सकते हैं मेंटल पावर दिमाग की शक्तियां जो है वह हासिल करें अगर आपकी बार आपको इसके बारे में और पढ़ना है तो जरूर आप ऑटो बायोग्राफी ऑफ योगी बाय योगा नंदा हिंदी में भी है और बहुत ही अच्छी किताब है गुड लक

dekhiye main yah toh nahi jaanti saikadon varsh hote lekin hum himalaya par bahut saare log hain jo wahan rahkar dhyan karte hain aur unke paas unhone wahan rahkar aur chanakar ki bahut saree jise hum keh sakte hain mental power dimag ki shaktiyan jo hai vaah hasil kare agar aapki baar aapko iske bare mein aur padhna hai toh zaroor aap auto Biography of yogi bye yoga nanda hindi mein bhi hai aur bahut hi achi kitab hai good luck

देखिए मैं यह तो नहीं जानती सैकड़ों वर्ष होते लेकिन हम हिमालय पर बहुत सारे लोग हैं जो वहां

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सैकड़ों वर्षों से हिमालय की गुफा में कई लोग योगी संत ज्ञान करने वाले केंद्रों में गुफाओं में आज भी है और वे समय-समय पर कुछ समय के लिए निकलते हैं

saikadon varshon se himalaya ki gufa mein kai log yogi sant gyaan karne waale kendron mein gufaon mein aaj bhi hai aur ve samay samay par kuch samay ke liye nikalte hain

सैकड़ों वर्षों से हिमालय की गुफा में कई लोग योगी संत ज्ञान करने वाले केंद्रों में गुफाओं म

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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क्या यह सच है करो वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में है देखा जाए तो है ही सही ओके जाता है बहुत सारे लोग हैं जो ध्यान करते और काफी वर्षों के बाद वह वापस आते हैं ओके 5 साल 10 साल 15 साल 30 साल पर देखा जाए तो कुछ भी नहीं होता मारना अच्छी बातें कुछ चीजों में नहीं माना अच्छी बात है लेकिन जो लगता है जो उसमें पॉजिटिव दे रहे हैं अच्छा फीलिंग हो रहा है नुकसान नहीं है तो उसमें माने कोई दिक्कत है

kya yah sach hai karo varshon se himalaya mein rehne waale dhyan karne waale log vaakai mein hai dekha jaaye toh hai hi sahi ok jata hai bahut saare log hain jo dhyan karte aur kaafi varshon ke baad vaah wapas aate hain ok 5 saal 10 saal 15 saal 30 saal par dekha jaaye toh kuch bhi nahi hota marna achi batein kuch chijon mein nahi mana achi baat hai lekin jo lagta hai jo usme positive de rahe hain accha feeling ho raha hai nuksan nahi hai toh usme maane koi dikkat hai

क्या यह सच है करो वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में है देखा जाए

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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यह सच है कि सैकड़ों परसों हिमालय में रहने वाला था कई जगहों पर है और ऊपर जाते हैं जो बहुत सी आई सी पहाड़ियां और गुफाएं हैं और आपको विश्वास नहीं करेंगे क्योंकि अभी प्रज्ञा ने वहां पर जब दौरा किया देखा तो वहां पर कुछ साधु-संत इस तरह से हैं और उनका इस तरह से माहौल है वहां पर और वह अपनी मंत्र विज्ञान से उस माहौल में इस तरह है कि आप वहां जाएंगे तो श्याम नजर आने लगता है कि उस मंत्र के माध्यम से वहां पर इसका प्रभाव पड़ता है और आज भी हिमालय की गोद में और उनके खिलाड़ियों को उनकी कविताओं में गुफाओं को साधु सन्यासी सैकड़ों हजारों साल जो कि वास्तव में कहीं न कहीं यह दर्शाता है कि लोग अपने बल पर हासिल कर सकते हैं

yah sach hai ki saikadon parso himalaya mein rehne vala tha kai jagaho par hai aur upar jaate hain jo bahut si I si pahaadiyan aur gufayen hain aur aapko vishwas nahi karenge kyonki abhi pragya ne wahan par jab daura kiya dekha toh wahan par kuch sadhu sant is tarah se hain aur unka is tarah se maahaul hai wahan par aur vaah apni mantra vigyan se us maahaul mein is tarah hai ki aap wahan jaenge toh shyam nazar aane lagta hai ki us mantra ke madhyam se wahan par iska prabhav padta hai aur aaj bhi himalaya ki god mein aur unke khiladiyon ko unki kavitao mein gufaon ko sadhu sanyaasi saikadon hazaro saal jo ki vaastav mein kahin na kahin yah darshata hai ki log apne bal par hasil kar sakte hain

यह सच है कि सैकड़ों परसों हिमालय में रहने वाला था कई जगहों पर है और ऊपर जाते हैं जो बहुत स

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Harish Chand

Social Worker

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क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में हैं तो आप कुछ जानकारी के अनुसार बता दूं कि बिल्कुल सत्य है कि हिमालय पर्वत की कंदरा में आज भी आपको योगी उस साधु ध्यान मुद्रा में मिल जाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं हो रही सकते हैं

kya yah sach hai ki saikadon varshon se himalaya mein rehne waale dhyan karne waale log vaakai mein hain toh aap kuch jaankari ke anusaar bata doon ki bilkul satya hai ki himalaya parvat ki kandara mein aaj bhi aapko yogi us sadhu dhyan mudra mein mil jaenge isme koi do rai nahi ho rahi sakte hain

क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में हैं त

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ऐसी कोई बात नहीं है यह सब अंधविश्वास है या अफवाह कह लीजिए क्योंकि कोई इतने साल तक के सैकड़ों साल तक कोई भी ही नहीं सकता है ईश्वर क्या हर धर्म में लिखा है 100 से 24 साल तक इंसान जिंदा रह सकता है लेकिन इस समय तो 6070 पर इंसान चला जा रहा है कि कैसे हो सकता कि कोई से कोर्स अब तक ध्यान लगाया है आशु ध्यान लगाएगा तो कहां लगाएगा इसके समकक्ष लगाएगा या नहीं मानेगा ऐसा नहीं होता है झूठा है और कोई प्रमाण मिला हो तो बताइए झूठी अफवाहें हैं कि नहीं सकता है

aisi koi baat nahi hai yah sab andhavishvas hai ya afavah keh lijiye kyonki koi itne saal tak ke saikadon saal tak koi bhi hi nahi sakta hai ishwar kya har dharm mein likha hai 100 se 24 saal tak insaan zinda reh sakta hai lekin is samay toh 6070 par insaan chala ja raha hai ki kaise ho sakta ki koi se course ab tak dhyan lagaya hai aashu dhyan lagaega toh kahaan lagaega iske samkaksh lagaega ya nahi manega aisa nahi hota hai jhutha hai aur koi pramaan mila ho toh bataye jhuthi afwayen hain ki nahi sakta hai

ऐसी कोई बात नहीं है यह सब अंधविश्वास है या अफवाह कह लीजिए क्योंकि कोई इतने साल तक के सैकड़

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जहां तक साइंस की बातें हैं तो साइंस से वर्तमान मनुष्य की आयु जो है वह 71 साल यानी कि 71 इयर्स निर्धारित किया गया है अभी के टाइम के अनुसार तो नॉर्मल इंसान इतना ही पता है लेकिन इनका जाए मैं मेडिटेशन और मैटर फिजिकल बातें तो वह चीजें हमारे साइंस से बाहर कि वह उन चीजों के पास जाकर हमारे साइंस को भी हार मानना पड़ता है क्योंकि हमारा साइंस जहां पर खत्म होता है और यह सारी चीज वहां से शुरू होते हैं तो यह तभी पता किया जा सकता है जब हम हिमालय की शेयर करें हिमालय को घूमे अभिजीत करें अच्छी तरह से उसके लिए अधिक मनी की आवश्यकता है मैं तो कभी नहीं गया हूं मैं लेकिन मेरे हिसाब से लगता है कि ऐसा नहीं होगा क्योंकि 100 साल से अधिक आदमी जी नहीं सकता तो फिर कैसे हो सकता है और अब बाद में हो भी सकता क्योंकि आप बात की कोई सीमा नहीं है

jahan tak science ki batein hain toh science se vartaman manushya ki aayu jo hai vaah 71 saal yani ki 71 years nirdharit kiya gaya hai abhi ke time ke anusaar toh normal insaan itna hi pata hai lekin inka jaaye main meditation aur matter physical batein toh vaah cheezen hamare science se bahar ki vaah un chijon ke paas jaakar hamare science ko bhi haar manana padta hai kyonki hamara science jaha par khatam hota hai aur yah saree cheez wahan se shuru hote hain toh yah tabhi pata kiya ja sakta hai jab hum himalaya ki share kare himalaya ko ghume abhijeet kare achi tarah se uske liye adhik money ki avashyakta hai toh kabhi nahi gaya hoon main lekin mere hisab se lagta hai ki aisa nahi hoga kyonki 100 saal se adhik aadmi ji nahi sakta toh phir kaise ho sakta hai aur ab baad mein ho bhi sakta kyonki aap baat ki koi seema nahi hai

जहां तक साइंस की बातें हैं तो साइंस से वर्तमान मनुष्य की आयु जो है वह 71 साल यानी कि 71 इय

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

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क्या सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले लोग वाकई में है इस अवसर नहीं है सब झूठ है हां इतना हो सकता है कि मनुष्य दी योग साधना करें व्यायाम करें प्राणायाम तू जीवन को दीर्घायु बना सकता है जितनी प्रभु ने एक भी है उम्र दिए उसे बढ़ावा कर सकता है तो यह है बाकी कई सब अपनी बुद्धि विवेक से सोचना चाहिए कि क्या सत्य क्या झूठ है क्या सच और झूठ में कितना अंतर है देखिए मैं तो यह कहना चाहूंगा कि सब झूठ है सच है जो हमारा दिमाग काम करें हमारी बुद्धि काम करें हमारा विवेक काम करें बस वही सच है धन्यवाद

kya sach hai ki saikadon varshon se himalaya mein rehne waale log vaakai mein hai is avsar nahi hai sab jhuth hai haan itna ho sakta hai ki manushya di yog sadhna kare vyayam kare pranayaam tu jeevan ko dirghayu bana sakta hai jitni prabhu ne ek bhi hai umr diye use badhawa kar sakta hai toh yah hai baki kai sab apni buddhi vivek se sochna chahiye ki kya satya kya jhuth hai kya sach aur jhuth mein kitna antar hai dekhiye main toh yah kehna chahunga ki sab jhuth hai sach hai jo hamara dimag kaam kare hamari buddhi kaam kare hamara vivek kaam kare bus wahi sach hai dhanyavad

क्या सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले लोग वाकई में है इस अवसर नहीं है सब झू

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