क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले (ध्यान करने वाले) लोग वाक़ई में हैं?...


user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे मित्र हैं आप ही कहेंगे कि हमको क्यों नहीं दिखाते थे कभी आप मान जाएं कुंभ के मेले में खुद कुंभ मेलों में वहां ऐसी विभूतियां पदार्थी हैं जिनके दर्शन करने से अपने आपको हम लोग हमेशा ही मांगते हैं उनके चल सतीश बात इस हमार देते हैं कि उन्होंने कितनी भाषाएं की है कितने बीच रागिनी हैं तो कितने संसार से अलग है क्योंकि साधु की पहचानी है वह भी ताज होता है संसार में दो प्रकार के हैं एक तो साधु में एक्सवादो है यह जहां पर देखते हैं यह पिक मांगे हैं यह संसार से भागे हुए भी कायर पुरुष सदस्य हैं जो संसार की कठिनाइयों से पालन नहीं हो सामना नहीं कर पाती इसलिए संसार से भागकर की भीख मांगना एक्सेप्ट करते हैं यह भी इतना ही नहीं यह रागिनी है यह समस्त प्रकार के दुष्कर्म करते हैं शराब भी पीते हैं मांस खाते हैं अन्य दुष्कर्म में भी आपको व्यस्त मिल जाएंगे क्योंकि यह सराहनीय स्वादु है साधु नहीं है साधु तो वे लोग हैं जो तपस्या में भाग में गीत रानी वह संसार के लोगों से घृणा करते हैं और कहते हैं कि संताली लोगों के साथ में रहकर के राग उत्पन्न होते हैं ना मुनमुन कीचड़ है इसलिए इन लोगों से घृणा करते हैं इसलिए मिलना भी पसंद नहीं करते हैं क्योंकि बीपी त्यागी हैं इसलिए अपने आप में भजन करते हो मस्त रहते हैं

hamare mitra hain aap hi kahenge ki hamko kyon nahi dikhate the kabhi aap maan jayen kumbh ke mele me khud kumbh melo me wahan aisi vibhutiyan padarthi hain jinke darshan karne se apne aapko hum log hamesha hi mangate hain unke chal satish baat is hamar dete hain ki unhone kitni bhashayen ki hai kitne beech ragini hain toh kitne sansar se alag hai kyonki sadhu ki pahchani hai vaah bhi taj hota hai sansar me do prakar ke hain ek toh sadhu me eksavado hai yah jaha par dekhte hain yah pic mange hain yah sansar se bhaage hue bhi kayar purush sadasya hain jo sansar ki kathinaiyon se palan nahi ho samana nahi kar pati isliye sansar se bhagkar ki bhik maangna except karte hain yah bhi itna hi nahi yah ragini hai yah samast prakar ke dushkarm karte hain sharab bhi peete hain maas khate hain anya dushkarm me bhi aapko vyast mil jaenge kyonki yah sarahniya swadu hai sadhu nahi hai sadhu toh ve log hain jo tapasya me bhag me geet rani vaah sansar ke logo se ghrina karte hain aur kehte hain ki santali logo ke saath me rahkar ke raag utpann hote hain na munmun kichad hai isliye in logo se ghrina karte hain isliye milna bhi pasand nahi karte hain kyonki BP tyagi hain isliye apne aap me bhajan karte ho mast rehte hain

हमारे मित्र हैं आप ही कहेंगे कि हमको क्यों नहीं दिखाते थे कभी आप मान जाएं कुंभ के मेले में

Romanized Version
Likes  372  Dislikes    views  5129
KooApp_icon
WhatsApp_icon
17 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!