क्या भारतीय धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि हिंदुओं को हमेशा अल्पसंख्यकों की मांगों से समझौता करना चाहिए?...


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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

0:24

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आजादी के बाद तुष्टिकरण की राजनीति के कारण दुर्भाग्यवश ऐसा ही चलता आया और बहुत सालों तक असंतुलन बना रहा लेकिन जब से मोदी सरकार आई है इसने सबका साथ सबका विकास और किसी का तुष्टिकरण नहीं की नीति अपनाई है और देश को विकास के पथ पर ले जा रहे हैं अब सामाजिक असंतुलन कम होता जा रहा है

azadi ke baad Tustikaran ki raajneeti ke karan durbhaagyavash aisa hi chalta aaya aur bahut salon tak asantulan bana raha lekin jab se modi sarkar I hai isne sabka saath sabka vikas aur kisi ka Tustikaran nahi ki niti apnai hai aur desh ko vikas ke path par le ja rahe hain ab samajik asantulan kam hota ja raha hai

आजादी के बाद तुष्टिकरण की राजनीति के कारण दुर्भाग्यवश ऐसा ही चलता आया और बहुत सालों तक असं

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:55
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क्या भारती धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि इन लोगों को हमेशा अल्पसंख्यकों के नियमों से समझौता करना चाहिए बिल्कुल नहीं पहले भारत की धर्मनिरपेक्षता का मतलब आप ध्यान करें कि भारत के धर्मनिरपेक्ष देश घोषित करने के बाद उसका मतलब यह है कि भारत में सभी धर्मों के लोग सभी संप्रदाय के लोग अपने धर्म को मानते हुए पालन करते हुए भारत में रह सकते हैं यह हुआ धर्मनिरपेक्षता उसमें जो है अल्पसंख्यकों की जो बात आती है तो सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय या जो बहुत ही पिछड़ी जातियां हैं उनको रिजर्वेशन खुद सरकार नहीं बढ़ावा देने के लिए दिया हुआ अब सरकार ने बहुत ही लिमिट में यह बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किए लेकिन अल्पसंख्यक की ऐसी कोई मांगी अभी तक जिससे हम को समझौता करना पड़े लेकिन धर्मनिरपेक्ष यही खूबसूरत लोग यहां पर आकर निवास करना चाहते हैं ताकि उन्हें अपने धर्म को मानने की छूट रहे और उनके ऊपर किसी तरह का दबाव ना करें धन्यवाद

kya bharati dharmanirapekshata ka matlab hai ki in logo ko hamesha alpsankhyako ke niyamon se samjhauta karna chahiye bilkul nahi pehle bharat ki dharmanirapekshata ka matlab aap dhyan kare ki bharat ke dharmanirapeksh desh ghoshit karne ke baad uska matlab yah hai ki bharat mein sabhi dharmon ke log sabhi sampraday ke log apne dharm ko maante hue palan karte hue bharat mein reh sakte hain yah hua dharmanirapekshata usme jo hai alpsankhyako ki jo baat aati hai toh sarkar ne alpsankhyak samuday ya jo bahut hi pichhadi jatiya hain unko reservation khud sarkar nahi badhawa dene ke liye diya hua ab sarkar ne bahut hi limit mein yah badhawa dene ke liye pravadhan kiye lekin alpsankhyak ki aisi koi maangi abhi tak jisse hum ko samjhauta karna pade lekin dharmanirapeksh yahi khoobsurat log yahan par aakar niwas karna chahte hain taki unhe apne dharm ko manne ki chhut rahe aur unke upar kisi tarah ka dabaav na kare dhanyavad

क्या भारती धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि इन लोगों को हमेशा अल्पसंख्यकों के नियमों से समझौता

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

2:14
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जैसा कि आप कह रहे हैं कि भारतीय धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि हिंदुओं को हमेशा अल्पसंख्यकों की मांगों से समझौता करना चाहिए बिल्कुल नहीं आपके मन में यह प्रश्न इसलिए उठा क्योंकि भारत में हिंदू धर्म के लोग ज्यादा रहते हैं और जो अन्य धर्म के लोग हैं वह कम है नहीं यह बिल्कुल नहीं लेकिन भारतीय धर्मनिरपेक्षता का सिद्धांत क्यों आया क्यों उठा इसे भारतीय धर्मनिरपेक्षता संविधान में लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी असल में यदि पूरे विश्व का इतिहास देखें तो हम धर्म के नाम पर पाते हैं बहुत सारे दंगे हुए बहुत सारी लड़ाइयां हुई कितने-कितने बर्बाद हो गए बहुत सारा नुकसान हुआ तो यह इसलिए हुआ क्योंकि जो बहुसंख्यक है जो बहुसंख्यक धर्म के लोग हैं वह चाहते हैं कि अल्पसंख्यक धर्म के मानने वाले लोगों पर राज किया जाए या यह सोचते हैं कि जो धर्म हमारा है हमारा ही करता है ऐसा इसलिए नहीं है भारतीय संविधान में धर्मनिरपेक्षता इस उद्देश्य से जोड़ा गया कि यदि यदि कोई अल्पसंख्यक है और वह अपना धर्म अपना बदलना चाहता है या अपने धर्म को मारना चाहता है तो इसका मतलब यह कि वह अपने धर्म की व्याख्या अपने तरीके से कर सकता है और वह किसी भी धर्म का अपमान नहीं कर सकता ना कोई व्यक्ति किसी के धर्म का उल्लंघन कर सकता है ना ही यह उस पर दबाव डाल सकता है कि तुम इस धर्म को इस तरीके से मानो और यही धर्म मानो असल में धर्मनिरपेक्षता का मतलब ही यही है कि किसी धर्म को अपने आप से अपने विचार से मारना वह उस धर्म को अपने विचारों से अपने मन से ज्यादा करना ना कि किसी दूसरे के खिलाफ से धन्यवाद

jaisa ki aap keh rahe hain ki bharatiya dharmanirapekshata ka matlab hai ki hinduon ko hamesha alpsankhyako ki maangon se samjhauta karna chahiye bilkul nahi aapke man mein yah prashna isliye utha kyonki bharat mein hindu dharm ke log zyada rehte hain aur jo anya dharm ke log hain vaah kam hai nahi yah bilkul nahi lekin bharatiya dharmanirapekshata ka siddhant kyon aaya kyon utha ise bharatiya dharmanirapekshata samvidhan mein laagu karne ki zarurat kyon padi asal mein yadi poore vishwa ka itihas dekhen toh hum dharm ke naam par paate hain bahut saare dange hue bahut saree ladaiyan hui kitne kitne barbad ho gaye bahut saara nuksan hua toh yah isliye hua kyonki jo bahusankhyak hai jo bahusankhyak dharm ke log hain vaah chahte hain ki alpsankhyak dharm ke manne waale logo par raj kiya jaaye ya yah sochte hain ki jo dharm hamara hai hamara hi karta hai aisa isliye nahi hai bharatiya samvidhan mein dharmanirapekshata is uddeshya se joda gaya ki yadi yadi koi alpsankhyak hai aur vaah apna dharm apna badalna chahta hai ya apne dharm ko marna chahta hai toh iska matlab yah ki vaah apne dharm ki vyakhya apne tarike se kar sakta hai aur vaah kisi bhi dharm ka apman nahi kar sakta na koi vyakti kisi ke dharm ka ullanghan kar sakta hai na hi yah us par dabaav daal sakta hai ki tum is dharm ko is tarike se maano aur yahi dharm maano asal mein dharmanirapekshata ka matlab hi yahi hai ki kisi dharm ko apne aap se apne vichar se marna vaah us dharm ko apne vicharon se apne man se zyada karna na ki kisi dusre ke khilaf se dhanyavad

जैसा कि आप कह रहे हैं कि भारतीय धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि हिंदुओं को हमेशा अल्पसंख्यकों

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:47
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भारतीय दंड संहिता का मतलब है कि ग्रुप में 4 श्रमिकों की मांगों से समझौता करना चाहिए और बच्ची का परिचय दिया धन्य चिता कायर कभी नहीं होता धन्य अपेक्षा का अर्थ होता कि सभी धर्म समान हम किसी भी ठंड के साथ भेदभाव नहीं करें कब मुस्लिम समुदाय ने या अल्पसंख्यक समुदाय ने या क्रिश्चियन समुदाय ने यह मांग रखी है कि हिंदू धर्म हमें यह हक दे दे या यह स्थान दे दे हमारे कुल संपत्ति दे दे कभी ऐसी कोई मांग किसी अल्पसंख्यक समुदाय ने नहीं रखी अल्पसंख्यक समुदाय की एक की बात रही है कि हम सब लोग मिलजुल कर रहे हैं सेक्टर 7 नहीं एक दूसरे को सम्मान की एक दूसरे की जिंदगी में इंटरफेयर ना करें और एक दूसरे को हम एक दूसरे के पूरक हैं अगर यह ठंड में बेचता की असली परिभाषाएं लेकिन संकीर्ण विचारधारा वाले लोग मनमानी परिभाषा ही कर लेते हैं और मनमानी विज्ञान को जन्मदिन थे जिसके बाद विवाद पैदा होता है और अल्पसंख्यक बहुसंख्यक में जो है मतभेद पैदा करके नफरत पैदा करती हूं जो कि गैरकानूनी और बिलकुल अमान्य सोच और समाचार

bharatiya dand sanhita ka matlab hai ki group me 4 shramiko ki maangon se samjhauta karna chahiye aur bachi ka parichay diya dhanya chita kayar kabhi nahi hota dhanya apeksha ka arth hota ki sabhi dharm saman hum kisi bhi thand ke saath bhedbhav nahi kare kab muslim samuday ne ya alpsankhyak samuday ne ya Christian samuday ne yah maang rakhi hai ki hindu dharm hamein yah haq de de ya yah sthan de de hamare kul sampatti de de kabhi aisi koi maang kisi alpsankhyak samuday ne nahi rakhi alpsankhyak samuday ki ek ki baat rahi hai ki hum sab log miljul kar rahe hain sector 7 nahi ek dusre ko sammaan ki ek dusre ki zindagi me intarafeyar na kare aur ek dusre ko hum ek dusre ke purak hain agar yah thand me bechta ki asli paribhashayen lekin sankirn vichardhara waale log manmani paribhasha hi kar lete hain aur manmani vigyan ko janamdin the jiske baad vivaad paida hota hai aur alpsankhyak bahusankhyak me jo hai matbhed paida karke nafrat paida karti hoon jo ki gairkanuni aur bilkul amanya soch aur samachar

भारतीय दंड संहिता का मतलब है कि ग्रुप में 4 श्रमिकों की मांगों से समझौता करना चाहिए और बच्

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Race academy maneesh

Competitive Exam Expert (Youtube- Race Academy Maneesh)https://www.youtube.com/channel/UCEwGqvTOdzZnbc70zgFiJYQ

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chivalry 9414672463

Farmer Author

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जय हिंद जय मां नहीं जी ऐसा कभी नहीं है धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि कोई धर्म भारत का राजकीय धर्म नहीं होगा इसमें कोई अल्पसंख्यक एवं कोई बोल शंकर के कोई भी धर्मावलंबियों यह तो उन लोगों को इसलिए उनको आज वर्तमान की जो वोट बैंक की राजनीति हो गई है इसलिए इसकी बातों को तूल दिया जाता है धर्मनिरपेक्षता का मतलब अल्पसंख्यक भूषण कौन से नहीं है वह तो है कि धर्म से कन्नी काट लेना जिसका कोई राजकीय धर्म नहीं हो सभी धर्मों को समान दृष्टि से देखे वह धर्मनिरपेक्ष जय भारत

jai hind jai maa nahi ji aisa kabhi nahi hai dharmanirapekshata ka matlab hai ki koi dharm bharat ka rajkiya dharm nahi hoga isme koi alpsankhyak evam koi bol shankar ke koi bhi dharmavalambiyon yah toh un logo ko isliye unko aaj vartaman ki jo vote bank ki raajneeti ho gayi hai isliye iski baaton ko tool diya jata hai dharmanirapekshata ka matlab alpsankhyak bhushan kaun se nahi hai vaah toh hai ki dharm se kanni kaat lena jiska koi rajkiya dharm nahi ho sabhi dharmon ko saman drishti se dekhe vaah dharmanirapeksh jai bharat

जय हिंद जय मां नहीं जी ऐसा कभी नहीं है धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि कोई धर्म भारत का राजकी

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भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है इसका अर्थ यह है कि भारत में रहने वाले सभी लोगों को धार्मिक स्वतंत्रता है वह किसी भी धर्म को अपना सकते हैं इसका अर्थ यह नहीं कि हिंदुओं को हमेशा अल्पसंख्यकों की की मांगों से संस्था करना चाहिए

bharat ek dharmanirapeksh rashtra hai iska arth yah hai ki bharat mein rehne waale sabhi logo ko dharmik swatantrata hai vaah kisi bhi dharm ko apna sakte hain iska arth yah nahi ki hinduon ko hamesha alpsankhyako ki ki maangon se sanstha karna chahiye

भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है इसका अर्थ यह है कि भारत में रहने वाले सभी लोगों को धार्मिक

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