क्यों भगवान विष्णु ने कई उद्देश्यों के लिए अवतार लिया था अगर वह सिर्फ सोचकर सब कुछ कर सकते है?...


user

Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

1:03
Play

Likes  180  Dislikes    views  4080
WhatsApp_icon
13 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
Likes  43  Dislikes    views  1085
WhatsApp_icon
user

Rajveer

Career Counselor

0:24
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक भगवान विष्णु का अवतार मानवता को संदेश देने के लिए था समय में भी बताया गया कि आदमी के जीवन में संकट कितने आते हैं लेकिन उनको अपने संकट से घबराना नहीं चाहिए वह अपनी मर्यादा के तहत रेक्सकं कर गए थे मानवता को संदेश दिया था भाईचारे की भावना पर काम किया था और धर्म की स्थापना के लिए सबसे ज्यादा काम किया था

ek bhagwan vishnu ka avatar manavta ko sandesh dene ke liye tha samay mein bhi bataya gaya ki aadmi ke jeevan mein sankat kitne aate hain lekin unko apne sankat se ghabrana nahi chahiye vaah apni maryada ke tahat reksakan kar gaye the manavta ko sandesh diya tha bhaichare ki bhavna par kaam kiya tha aur dharm ki sthapna ke liye sabse zyada kaam kiya tha

एक भगवान विष्णु का अवतार मानवता को संदेश देने के लिए था समय में भी बताया गया कि आदमी के जी

Romanized Version
Likes  125  Dislikes    views  1849
WhatsApp_icon
user
0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ईश्वर ने क्यों काटा था लेने के पीछे क्या कारण है या पौराणिक कथाएं पड़ी क्योंकि जिन जिन राक्षसों को दोहरा चार्य को मारने के लिए सुल्तान राक्षसों को वरदान प्राप्त था इसलिए भगवान का अवतार ले ले अन्यथा ईश्वर कुछ आता तो वह सब कुछ कर सकता था लेकिन अवतार लेने के पीछे उनकी मंशा होती है कुछ सोच होते थे उन लोगों को कुछ संदेश सिखाना होता था इसलिए भगवान ने विभिन्न अवतार लेकर मनुष्य मानव को खुशी के लिए उससे हमें सीखना चाहिए

ishwar ne kyon kaata tha lene ke peeche kya karan hai ya pouranik kathaen padi kyonki jin jin rakshason ko dohra charya ko maarne ke liye sultan rakshason ko vardaan prapt tha isliye bhagwan ka avatar le le anyatha ishwar kuch aata toh vaah sab kuch kar sakta tha lekin avatar lene ke peeche unki mansha hoti hai kuch soch hote the un logo ko kuch sandesh sikhaana hota tha isliye bhagwan ne vibhinn avatar lekar manushya manav ko khushi ke liye usse hamein sikhna chahiye

ईश्वर ने क्यों काटा था लेने के पीछे क्या कारण है या पौराणिक कथाएं पड़ी क्योंकि जिन जिन राक

Romanized Version
Likes  102  Dislikes    views  2038
WhatsApp_icon
user

Karan Janwa

Automobile Engineer

1:13
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी भी उद्देश्य की पूर्ति के लिए करता की आवश्यकता होती है बिना करता के कुछ भी करना संभव नहीं है भगवान ने गीता में गाय अगर मुंह पर भी भारी पड़ जाता है कि भगवान अवतार लेते हैं मत्स्य अवतार लिया था तो उनकी रक्षा बंधन के लिए था वैसे ही राम कृष्ण का अवतार के लिए अंखियों में सहार करने के लिए कैसे करता की आवश्यकता होती है बिना कर्तव्य कुछ भी कार्य संभव नहीं होता है इस वजह से करता भाव के कारण ईश्वर को जन्म लेना पड़ा फिर से विचार करने से कुछ नहीं होता है धर्म धर्म अधिक पर जाता है तो ईश्वर साक्षरता का रूप लेकर मनुष्य जीवन का उद्धार करते हैं धन्यवाद

kisi bhi uddeshya ki purti ke liye karta ki avashyakta hoti hai bina karta ke kuch bhi karna sambhav nahi hai bhagwan ne geeta mein gaay agar mooh par bhi bhari pad jata hai ki bhagwan avatar lete hain matsya avatar liya tha toh unki raksha bandhan ke liye tha waise hi ram krishna ka avatar ke liye ankhiyon mein sahar karne ke liye kaise karta ki avashyakta hoti hai bina kartavya kuch bhi karya sambhav nahi hota hai is wajah se karta bhav ke karan ishwar ko janam lena pada phir se vichar karne se kuch nahi hota hai dharm dharam adhik par jata hai toh ishwar saksharta ka roop lekar manushya jeevan ka uddhar karte hain dhanyavad

किसी भी उद्देश्य की पूर्ति के लिए करता की आवश्यकता होती है बिना करता के कुछ भी करना संभव न

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  245
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

9:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बेटा सब कुछ कर सकते थे लेकिन उन्होंने पानी कहां है अर्जुन मेडिकल करता हूं मेरी कर्मों से राइट नहीं हूं मैं आपने कभी नहीं देखा हो तो सारा जब महाभारत का युद्ध ब्लास्ट हो जाता है कि मैंने ही समस्त कर्मों को कहते हैं भगवान का सिर कटा हुआ और किस को मार दिया अफरा-तफरी और कृतिका एक गोविंद मयंक की बात कह दूंगा आपसे जो चाहते हैं अर्जुन ने मुलायम को मारा था वह तो 1 मार्च के बाद यही बात करूंगा सेना के सेनापति यदि तुम्हारे बाबा है इनकी में पराजित कर सकता है अभी तुम्हारे गुरु परशुराम की शाखाएं और अफसरों के अपन जाता है यह कृपाचार्य गुरुकुल के आचार्य एकदम आरोपी अश्वत्थामा और अर्जुन कैमरा से बोला हे गोविंद मुझे क्षमा करो मुझ पर युद्ध नहीं हो सकता मैं नहीं मार सकता इन महारथियों से मैं कैसे जी पाऊंगा मांग खाएंगे सबको विराट रूप दिखाया देख रहा था और आपने पूछा तो तुमने क्या देखा कुछ तो दिखा गोविंद कुमार अमित को और आप पति से आकाश तक आग निकल गई कौरव मुझे सामने दिखाई दे रहे हैं उनकी मौत आ चुकी है इनकी मृत्यु तू तो एक माध्यम है तेरे माध्यम से नहीं मारेंगे तो और माध्यम से मारेंगे पब्लिक के लिए मरेंगे इसलिए का भव्य मंदिर अमरेली उनकी इच्छाशक्ति के कुछ नहीं हो सकता बड़े-बड़े पक्षियों के छाले पड़ जाते हैं उनकी जोगमाया के चमक विश्वामित्र जैसा मुनि भी उनकी जोगमाया के समक्ष नतमस्तक हो जाते हैं जो चाहते हैं वही होता है लेकिन अपनों को कभी नहीं लेते हैं हमेशा अपने माध्यम गोविंद अपने ऊपर कभी नहीं लेते हैं सारा हिसाब चुकता अपना नाम अवश्य संभवामि युगे युगे जब-जब धर्म की हानि होगी अगर मरता जाएगा धर्म को मिटाने के लिए धर्म की स्थापना करने के लिए मैं अवतार लूंगा और सज्जनों की रक्षा करने के लिए और कुछ लोगों का विनाश करने के लिए अर्जुन धर्म की स्थापना करने के लिए हम को मिटाने के लिए क्या के अनुसार आज भक्तों को चुनाव करवाते हैं व्हाट्सएप को बोली मरवाते हैं लेकिन माध्यम खुद नहीं बनते कभी प्रेयर नहीं लेते गोविंद ने मारा है अपने अपने कामों से मारा जाता है ना मारता ना मार तारा अपने आप मर जाऊं तो 1 दिन की सेटिंग नहीं कर सकते हैं जिनके से संडास नहीं कर सकते हैं शक्तिशाली होता है लेकिन मेरे मित्र सारी मिल जाता है वह कभी अपने ऊपर नहीं लेते हैं कि गोविंद ने मारा होते हैं कर्मों ने मारा मैंने मारा मैंने तुझे कुछ भी नहीं किया तेरे कर्म ही मार डालेंगे रावण के कर्म जो थे उन्होंने मार डाला के कर्म में अपने आप मार डाला कभी आपने जीवन में कभी गांव को पढ़ लिया पूरा शिक्षा देने के लिए सीखने के लिए हैं उनकी करती है लेकिन आज का भूत मानव आपका पार्टी मानव आज तक यह लालची मानव की शिक्षा पर ध्यान नहीं देता है तुम देख लो पाप कर्मों में लोग लगे हुए हैं एक दूसरे के साथ छल कपट कर रहे धोखा दे रहे हैं और एक कर रहे हैं झूठ बोल रहे हैं हम टाइपिंग कर रहे हैं थोड़ी कर रहे हैं तुम्हारे हमारे कर्म तुम्हारे लिए भलाई के कार्य अपने आप को शिफ्ट कर देंगे रास्ता प्रशस्त कर देंगे तुम्हारे सत्कर्म तुम्हारी यश को फैला देंगे इसलिए उस गोविंदा की सब कुछ है बहुत कुछ कर सकते हैं लेकिन खाते नहीं है शक करता उनके कर्मों के अनुसार सब मांगों को मिलता है यही उनका ज्ञान है किसी को मिलना चाहिए चलना चाहिए जो सके बेईमानी छल कपट हम इससे जितना बन जाओगे उतना सुखी रहोगे मित्र करोगे पंडित पार्कों के परिणाम भुगतने पापा की कमी है

haan beta sab kuch kar sakte the lekin unhone paani kahaan hai arjun medical karta hoon meri karmon se right nahi hoon main aapne kabhi nahi dekha ho toh saara jab mahabharat ka yudh blast ho jata hai ki maine hi samast karmon ko kehte hai bhagwan ka sir kata hua aur kis ko maar diya afara tafri aur kritika ek govind mayank ki baat keh dunga aapse jo chahte hai arjun ne mulayam ko mara tha vaah toh 1 march ke baad yahi baat karunga sena ke senapati yadi tumhare baba hai inki mein parajit kar sakta hai abhi tumhare guru parshuram ki sakhayen aur afsaron ke apan jata hai yah kripacharya gurukul ke aacharya ekdam aaropi ashvatthaama aur arjun camera se bola hai govind mujhe kshama karo mujhse par yudh nahi ho sakta main nahi maar sakta in maharthiyon se main kaise ji paunga maang khayenge sabko virat roop dikhaya dekh raha tha aur aapne poocha toh tumne kya dekha kuch toh dikha govind kumar amit ko aur aap pati se akash tak aag nikal gayi kaurav mujhe saamne dikhai de rahe hai unki maut aa chuki hai inki mrityu tu toh ek madhyam hai tere madhyam se nahi marenge toh aur madhyam se marenge public ke liye marenge isliye ka bhavya mandir amreli unki ichchhaashakti ke kuch nahi ho sakta bade bade pakshiyo ke chhale pad jaate hai unki jogmaya ke chamak vishwamitra jaisa muni bhi unki jogmaya ke samaksh natamastak ho jaate hai jo chahte hai wahi hota hai lekin apnon ko kabhi nahi lete hai hamesha apne madhyam govind apne upar kabhi nahi lete hai saara hisab chukata apna naam avashya sambhavami yuge yuge jab jab dharm ki hani hogi agar marta jaega dharm ko mitne ke liye dharm ki sthapna karne ke liye main avatar lunga aur sajjanon ki raksha karne ke liye aur kuch logo ka vinash karne ke liye arjun dharm ki sthapna karne ke liye hum ko mitne ke liye kya ke anusaar aaj bhakton ko chunav karwaate hai whatsapp ko boli marvate hai lekin madhyam khud nahi bante kabhi prayer nahi lete govind ne mara hai apne apne kaamo se mara jata hai na maarta na maar tara apne aap mar jaaun toh 1 din ki setting nahi kar sakte hai jinke se sandas nahi kar sakte hai shaktishali hota hai lekin mere mitra saree mil jata hai vaah kabhi apne upar nahi lete hai ki govind ne mara hote hai karmon ne mara maine mara maine tujhe kuch bhi nahi kiya tere karm hi maar daalenge ravan ke karm jo the unhone maar dala ke karm mein apne aap maar dala kabhi aapne jeevan mein kabhi gaon ko padh liya pura shiksha dene ke liye sikhne ke liye hai unki karti hai lekin aaj ka bhoot manav aapka party manav aaj tak yah lalchi manav ki shiksha par dhyan nahi deta hai tum dekh lo paap karmon mein log lage hue hai ek dusre ke saath chhal kapat kar rahe dhokha de rahe hai aur ek kar rahe hai jhuth bol rahe hai hum typing kar rahe hai thodi kar rahe hai tumhare hamare karm tumhare liye bhalai ke karya apne aap ko shift kar denge rasta prashast kar denge tumhare satkarm tumhari yash ko faila denge isliye us govinda ki sab kuch hai bahut kuch kar sakte hai lekin khate nahi hai shak karta unke karmon ke anusaar sab maangon ko milta hai yahi unka gyaan hai kisi ko milna chahiye chalna chahiye jo sake baimani chhal kapat hum isse jitna ban jaoge utana sukhi rahoge mitra karoge pandit parkon ke parinam bhugatane papa ki kami hai

हां बेटा सब कुछ कर सकते थे लेकिन उन्होंने पानी कहां है अर्जुन मेडिकल करता हूं मेरी कर्मों

Romanized Version
Likes  63  Dislikes    views  1270
WhatsApp_icon
user

AmarDeep Mukul

मैं ब्लॉगर हूं और मेरी वाइफ ब्यूटीशियन है।

1:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान विष्णु ने इस धरती पर धर्म की स्थापना साधु जनों की रक्षा के लिए और तमाम प्राणियों को कर्म का संदेश देने के लिए धरती पर अवतार लिया था अगर वह सोच कर ही सब करते तो मानव को कर्म का संदेश नहीं दे सकते थे उन्होंने यहां आकर यह बताया कि मानव किस परिस्थिति में किस तरह से निर्वाह करें राम के रूप में उन्होंने आकर यहां लोगों को यह संदेश दिया कि एक आदर्श राजा एक आदर्श भाई एक आदर्श पुत्र और एक आदर्श व्यक्ति का क्या कर्तव्य अपने समाज के प्रति राष्ट्रपति और तमाम लोगों के प्रति अगर वह तारना लेते तो यह संदेश कैसे देते हैं क्या वह सिर्फ सोच कर दे सकते थे नहीं कृष्ण के रूप में उन्होंने आकर लोगों को सटे साथियों समाचार 18 के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए था इसका संदेश दिया अवधारणा लेते तो यह संदेश कैसे जाता अवतार का उद्देश्य सिर्फ सिर्फ यह बताना नहीं होता सोचकर ही सब कुछ करना नहीं होता अवतार लेने का उद्देश्य होता है मानव को उनका धर्म उनका मानव उचित कर्म क्या है यह भी बताना और यह बताना कैसे अवतार लेकर खुद वैसा कर्म करके इसलिए भगवान ने अवतार लेते हैं

bhagwan vishnu ne is dharti par dharm ki sthapna sadhu jano ki raksha ke liye aur tamaam praniyo ko karm ka sandesh dene ke liye dharti par avatar liya tha agar vaah soch kar hi sab karte toh manav ko karm ka sandesh nahi de sakte the unhone yahan aakar yah bataya ki manav kis paristhiti me kis tarah se nirvah kare ram ke roop me unhone aakar yahan logo ko yah sandesh diya ki ek adarsh raja ek adarsh bhai ek adarsh putra aur ek adarsh vyakti ka kya kartavya apne samaj ke prati rashtrapati aur tamaam logo ke prati agar vaah tarna lete toh yah sandesh kaise dete hain kya vaah sirf soch kar de sakte the nahi krishna ke roop me unhone aakar logo ko sate sathiyo samachar 18 ke saath kaisa vyavhar karna chahiye tha iska sandesh diya avdharna lete toh yah sandesh kaise jata avatar ka uddeshya sirf sirf yah batana nahi hota sochkar hi sab kuch karna nahi hota avatar lene ka uddeshya hota hai manav ko unka dharm unka manav uchit karm kya hai yah bhi batana aur yah batana kaise avatar lekar khud waisa karm karke isliye bhagwan ne avatar lete hain

भगवान विष्णु ने इस धरती पर धर्म की स्थापना साधु जनों की रक्षा के लिए और तमाम प्राणियों को

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  216
WhatsApp_icon
user
2:15
Play

Likes  55  Dislikes    views  1149
WhatsApp_icon
user
2:38
Play

Likes  3  Dislikes    views  136
WhatsApp_icon
user
1:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्यों भगवान विष्णु नहीं कहीं और दुश्मन के लिए अवतार लिया था वह अगर वह सिर्फ सोच समझ कर सकते हैं सबसे पहले यह बात फाइनल कर लीजिए कि भगवान विष्णु सोचकर यह सर नहीं कर सकती क्योंकि वह फाइनल कौन नहीं है हां हिंदू धर्म में विष्णु भगवान जी को ब्रह्म और शिव से ज्यादा दिखाती दी गई है मैं फाइनल को मना किया गया जबकि यह भी सत्य है कि शिव पुराण में शिव को फाइनल बार मना किया है वास्तव में यह तीनों तीन गुणों के स्वामी है और यह उत्पत्ति स्थिति और सहार इस तरह इस सृष्टि का बैलेंस बनाए रखते हैं यह कार्य इन्हें स्वयं आकर करना पड़ता है और किन-किन के ऊपर दुर्गा और भ्रम है यह सब इन से यह सब कर पाते हैं

kyon bhagwan vishnu nahi kahin aur dushman ke liye avatar liya tha vaah agar vaah sirf soch samajh kar sakte hain sabse pehle yah baat final kar lijiye ki bhagwan vishnu sochkar yah sir nahi kar sakti kyonki vaah final kaun nahi hai haan hindu dharm me vishnu bhagwan ji ko Brahma aur shiv se zyada dikhati di gayi hai main final ko mana kiya gaya jabki yah bhi satya hai ki shiv puran me shiv ko final baar mana kiya hai vaastav me yah tatvo teen gunon ke swami hai aur yah utpatti sthiti aur sahar is tarah is shrishti ka balance banaye rakhte hain yah karya inhen swayam aakar karna padta hai aur kin kin ke upar durga aur bharam hai yah sab in se yah sab kar paate hain

क्यों भगवान विष्णु नहीं कहीं और दुश्मन के लिए अवतार लिया था वह अगर वह सिर्फ सोच समझ कर सकत

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  85
WhatsApp_icon
user

सपना शर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता

0:48
Play

Likes  18  Dislikes    views  225
WhatsApp_icon
user
1:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका सवाल क्या भगवान विष्णु ने कई देशों के लिए अवतार लिया था और उसका सब कुछ कर सकते हैं तो उन्होंने अवतार क्यों लिया था विद्युत अनुसार भगवान विष्णु ने कई दशक के लिए अवतार लिया था क्योंकि उसमें और तारीख लिए लिए थे वह दोस्तों के नाश के लिए लिए चाहिए और दुष्ट जो असुर थे उनको वरदान मिलता था कि आप ऐसे नहीं मार सकते तो जिन्होंने वरदान दो वरदान देते थे भगवान गम्मा रखने के लिए भगवान विष्णु का अवतार लेना पड़ता था उनके वरदान के अनुसार चलना पता था कि भगवान भी नियमों के अनुसार बंधे हुए थे तो सारे नियम के अनुसार ही कर सकते थे इसलिए उनको अवतारी ना पड़ता था धन्यवाद

namaskar aapka sawaal kya bhagwan vishnu ne kai deshon ke liye avatar liya tha aur uska sab kuch kar sakte hain toh unhone avatar kyon liya tha vidyut anusaar bhagwan vishnu ne kai dashak ke liye avatar liya tha kyonki usme aur tarikh liye liye the vaah doston ke naash ke liye liye chahiye aur dusht jo asur the unko vardaan milta tha ki aap aise nahi maar sakte toh jinhone vardaan do vardaan dete the bhagwan gamma rakhne ke liye bhagwan vishnu ka avatar lena padta tha unke vardaan ke anusaar chalna pata tha ki bhagwan bhi niyamon ke anusaar bandhe hue the toh saare niyam ke anusaar hi kar sakte the isliye unko AVTARI na padta tha dhanyavad

नमस्कार आपका सवाल क्या भगवान विष्णु ने कई देशों के लिए अवतार लिया था और उसका सब कुछ कर सकत

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  133
WhatsApp_icon
play
user

Kumar

Social Worker

1:14

Likes  30  Dislikes    views  591
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!