नारद मुनि हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे आकर्षक पात्रों में से एक है। क्या आप हमें हिंदू पौराणिक कथाओं से नारद मुनि की कुछ दिलचस्प कहानियां बता सकते हैं?...


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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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नरेश जी हमारे कप पुराणिक पात्र हैं जो भगवान विष्णु के परम भक्त हैं तो मुझे कहानी याद आती है नरेश जी पर भगवान विष्णु के पास गए उन्होंने कहा कि भगवान आप इतनी सुंदर है और इतना ग्रुप हो तो मुझे अपना एक कोई सभी ग्रुप दे दीजिए ताकि मेरी भी शादी हो जाए तो भगवान विष्णु ने अपने ग्रुप पर दिया लेकिन जब लेकर लोगों की तो वह भगवान हरि के पास गए तो मैंने कहा कि उधर भी निकलता है बंदर को ही करते हैं लड़की पिक्चर और उन्होंने अपने मजाक उड़ाया आपने मेरे को बंदर का रूप दे दिया तो आपको भी अगले जन्म में इंसान कर देना पड़ेगा और आपकी मदत एकदम पूरी करेगा हिसाब के कारण भगवान विष्णु को राम का अवतार लेना पड़ा और उनकी मदद मदद एक बंदर नहीं की थी और मंदिर के हनुमान जी

naresh ji hamare cup puranik patra hain jo bhagwan vishnu ke param bhakt hain toh mujhe kahani yaad aati hai naresh ji par bhagwan vishnu ke paas gaye unhone kaha ki bhagwan aap itni sundar hai aur itna group ho toh mujhe apna ek koi sabhi group de dijiye taki meri bhi shadi ho jaaye toh bhagwan vishnu ne apne group par diya lekin jab lekar logo ki toh vaah bhagwan hari ke paas gaye toh maine kaha ki udhar bhi nikalta hai bandar ko hi karte hain ladki picture aur unhone apne mazak udaya aapne mere ko bandar ka roop de diya toh aapko bhi agle janam mein insaan kar dena padega aur aapki madat ekdam puri karega hisab ke karan bhagwan vishnu ko ram ka avatar lena pada aur unki madad madad ek bandar nahi ki thi aur mandir ke hanuman ji

नरेश जी हमारे कप पुराणिक पात्र हैं जो भगवान विष्णु के परम भक्त हैं तो मुझे कहानी याद आती ह

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नारद मुनि की कई हिंदू पौराणिक कथाओं के अंतर्गत आता है और वे आकर्षक का केंद्र नारद मुनि उस जमाने के पत्रकार थे एक लोक से दूसरे लोग में जाकर और समाचार लाते थे उसी लोग से भी आते थे और वे कई समाचारों का आदान-प्रदान या सेवा करने के लिए करते थे और साथ ही कई चीजें में जिनको भी सुधारना होती है या गलत सही कराना होता है वह काम भी से बड़ी चतुराई और महाभारत से करते थे और इसी तरह से उन्होंने एक बार जब कंस के पुत्र हुआ पहला तो कंस ने पहले पुत्र को मारने से मना कर दिया तब नारदजी ने सोचा कि अगर कल अपने पुत्रों की हत्या नहीं करेगा उसके पाप का राकेश पृथ्वी पर आए और उन्होंने बताया एक लोटस का फूल कमल का फूल दिखाया और उससे कहा गया कि नहीं और बताया कि इसमें आप हमको आगे से भी पीछे से भी कि नहीं था इसे भीगी नहीं भाई किधर से भी गुड़िया खेलने ने बताया कि कुछ भी हो सकता है इस प्रकार से कंस का दिमाग उन्होंने घुमा दिया और जब पंछी का दिमाग घुमा तो उसने पहले से लगातार आठ पुत्रों को मृत्यु के घाट उतारने की ठानी और सात पुत्रों को समझती हो गया लेकिन राष्ट्रपति के रूप में भगवान ने जब जन्म लिया तो भगवान तो रात अमरोहा से गोकुल चलेगा और वहां पर उन्होंने महामाया को भेज दिया और फिर को पता चला कि मां माया ने बताया कि आप तुम्हारा तो जन्म ले मारने वाला है वह कृष्ण जन्म ले चुका है इस प्रकार से ग्रसित धोखे में आ गया और उसके पाप का घड़ा भर गया और इसके कारण से फिर भगवान कृष्ण के हाथों उसका वध हुआ ऐसी नारद मुनि की कई कहानियां हैं जो कि उन्होंने संसार की सेवा के लिए और मानवता के कल्याण के लिए उन्होंने काली की और वे उस जमाने के पत्रकार के नाते

narad muni ki kai hindu pouranik kathao ke antargat aata hai aur ve aakarshak ka kendra narad muni us jamane ke patrakar the ek lok se dusre log mein jaakar aur samachar laate the usi log se bhi aate the aur ve kai samaachaaron ka aadaan pradan ya seva karne ke liye karte the aur saath hi kai cheezen mein jinako bhi sudharna hoti hai ya galat sahi krana hota hai vaah kaam bhi se badi chaturaai aur mahabharat se karte the aur isi tarah se unhone ek baar jab kans ke putra hua pehla toh kans ne pehle putra ko maarne se mana kar diya tab naradji ne socha ki agar kal apne putron ki hatya nahi karega uske paap ka rakesh prithvi par aaye aur unhone bataya ek lotus ka fool kamal ka fool dikhaya aur usse kaha gaya ki nahi aur bataya ki isme aap hamko aage se bhi peeche se bhi ki nahi tha ise bheegi nahi bhai kidhar se bhi gudiya khelne ne bataya ki kuch bhi ho sakta hai is prakar se kans ka dimag unhone ghuma diya aur jab panchhi ka dimag ghuma toh usne pehle se lagatar aath putron ko mrityu ke ghat utarane ki thani aur saat putron ko samajhti ho gaya lekin rashtrapati ke roop mein bhagwan ne jab janam liya toh bhagwan toh raat Amroha se gokul chalega aur wahan par unhone mahamaya ko bhej diya aur phir ko pata chala ki maa maya ne bataya ki aap tumhara toh janam le maarne vala hai vaah krishna janam le chuka hai is prakar se grasit dhokhe mein aa gaya aur uske paap ka ghada bhar gaya aur iske karan se phir bhagwan krishna ke hathon uska vadh hua aisi narad muni ki kai kahaniya hain jo ki unhone sansar ki seva ke liye aur manavta ke kalyan ke liye unhone kali ki aur ve us jamane ke patrakar ke naate

नारद मुनि की कई हिंदू पौराणिक कथाओं के अंतर्गत आता है और वे आकर्षक का केंद्र नारद मुनि उस

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम राम जी की आप ने प्रश्न किया है नारद मुनि हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे आकर्षक पात्रों में क्या आप हमें हिंदू पौराणिक कथाओं से नाखुश कहानियां बता सकती हो कि जो दूसरी चीजों की माता थी वह राजा वह जबकि पिता की जानकारी थी एक बार तुमने अपनी माता की गोद में जाने का प्रयास किया बल्कि अपनी माता के सामने अपने पिताजी को मिलाने का प्रयास किया तो उनकी माता ने उन्हें गोष्टी उतार दिया और कहा तुम फोन में बैठने की बात नहीं हो मेरा पुत्र इन की गोद में बैठ आएगा तुम्हें इनकी गुड में प्राप्त बैठने के लिए बहुत तपस्या करनी पड़ेगी तब नारद मुनि दो को मिलते हैं उनको कहते हैं कि तो माता पिता की गोद की भी तुम चिंता मत करो तुम्हें तुम्हें भगवान ही गोद में उठा सकता हूं फिर तुम भी हरिकिशन करोगी क्या करोगी जमकर तपस्या करोगे तो तुम्हें उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ उनके प्रोत्साहन से करते हैं भगवान विष्णु की और भगवान विष्णु कर उन्हें वरदान देती हैं दर्शन देते हैं और अधिकारी के रूप में सदा सदा के लिए अमर हो जाती लेकिन नारद मुनि का मुख्य कारण लोगों को आपस में लड़ाने का रहा है उन्होंने तेरे तेरे चीजों को बढ़ाएं किताब होती है कि वह भगवान राम की मित्र राशि के राजा के बरस की जा रही थी विश्वामित्र मुनि आ रही थी तो राजा जल्दबाजी में को नहीं देख पाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं विश्वामित्र की सोचते हैं कि क्या राजा ने मुझे दिखा नहीं यह जानबूझकर बीएफ जाती है नारद ऊपर से सब देखते हैं वह जाकर भर खाते हैं कहते हैं कि राजा ने राजा होने की दर में आपको अपनी पिक्चर की है विश्वामित्र ऋषि राम के पास जाते हैं और हमसे कहते हैं कि तुम मेरी शिष्य हो तो इसका मुझे सिर काट कर लाओ इसके बाद नारद काशी के राजा को समझाते हैं कि तुम हनुमान जी की शरण में चले जाओ हनुमान चालीसा करेंगे तो वह मकान जली की शरण में पहुंच जाते हैं काशी राजा राम भूमि लगते हैं काशी के राजा को तो नाराज राम को पाकर बताते हैं कि काशी के राजा को हनुमान जी ने श्याम जी है इस पर राम हनुमान का युद्ध होता है हनुमान जी हैं शर्मा केतु रामपुर देने को मना कर देते हैं दोनों में जो देता है राम भगवान राम से हनुमान जी की टीम में आप तो प्यार नहीं करूंगा लेकिन मैं आपके हाथों मरूंगा भी नहीं राम एकबाल मारती हनुमान जी पर कोई असर नहीं होता और हनुमान जी राम को पराजित कर देती हैं इस प्रकार यह कृष्ण के जन्म के समय कंस को सूचित करते हैं कि कृष्ण ने उनके यहां पर यहां असली कृष्ण पढ़ रहे हैं गणेश जी की कहानियां

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राम राम जी की आप ने प्रश्न किया है नारद मुनि हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे आकर्षक पात्रों म

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kanha

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नारद मुनि उस समय के एक व्हाट्सएप फेसबुक की तरह थे जो कि एक सूचना को दूसरी जगह पहुंचाते थे

narad muni us samay ke ek whatsapp facebook ki tarah the jo ki ek soochna ko dusri jagah pahunchate the

नारद मुनि उस समय के एक व्हाट्सएप फेसबुक की तरह थे जो कि एक सूचना को दूसरी जगह पहुंचाते थे

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