महाभारत की कौन सी घटना हमें जीवन के बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर करती है?...


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Shashi

Author, Spiritual Blogger

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महाभारत अपने आप एक बहुत बड़ी बात है लेकिन उसमें जो एक पसंद था जिसमें 18 दिन का युद्ध शुरू हो भगवान का प्रवचन कोई तरीका वो एक ऐसी नदी है जो आपको बताती है कि आप को कैसे जीवन में पहनना चाहिए आप यह एक बहुत बड़ी चीजों से निकली है मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि हम लोग तो गरीब रथ

mahabharat apne aap ek bahut badi baat hai lekin usmein jo ek pasand tha jisme 18 din ka yudh shuru ho bhagwan ka pravachan koi tarika vo ek aisi nadi hai jo aapko batati hai ki aap ko kaise jeevan mein pahanna chahiye aap yah ek bahut badi chijon se nikli hai meri sabse badi upalabdhi hum log toh garib rath

महाभारत अपने आप एक बहुत बड़ी बात है लेकिन उसमें जो एक पसंद था जिसमें 18 दिन का युद्ध शुरू

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Gayatri Shukla

Social Worker Director Of Smt Educational Society

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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महाभारत की ऐसी कौन सी घटना है जो आपको जीवन के लिए बारे में सोच के विवश नहीं करती अपनी पिक्चर नहीं देखनी है घटना को मानव को उन कमियों से उन गलतियों से दूर रहने की प्रेरणा देता है जिनके कारण से महाभारत के पार चंदन की हानि जी की बातों का मैं गहराई से सोचना चाहिए महाभारत के पात्र बहुत ही उपयोगी पूरे नहीं होंगे तो पढ़ाई का एहसास कैसे होगा तभी राव सभी राम राम बन जाते राकेश राम जी नहीं रहता ना राम जी की उपाधि लेकिन रावण के कारण से राम की पड़ चुकी है हमको महाभारत के पात्रों का से उन्हें नहीं दोहराने की गलतियों को नहीं करने की प्रेरणा प्राप्त होती है और अपने जीवन निर्माण करने की प्रेरणा प्राप्त होती हैं हम के माध्यम भाई बताएं जो 10 मार्च से हमेशा दूर रहे हैं क्योंकि कुमार

mahabharat ki aisi kaun si ghatna hai jo aapko jeevan ke liye bare me soch ke vivash nahi karti apni picture nahi dekhni hai ghatna ko manav ko un kamiyon se un galatiyon se dur rehne ki prerna deta hai jinke karan se mahabharat ke par chandan ki hani ji ki baaton ka main gehrai se sochna chahiye mahabharat ke patra bahut hi upyogi poore nahi honge toh padhai ka ehsaas kaise hoga tabhi rav sabhi ram ram ban jaate rakesh ram ji nahi rehta na ram ji ki upadhi lekin ravan ke karan se ram ki pad chuki hai hamko mahabharat ke patron ka se unhe nahi dohrane ki galatiyon ko nahi karne ki prerna prapt hoti hai aur apne jeevan nirmaan karne ki prerna prapt hoti hain hum ke madhyam bhai bataye jo 10 march se hamesha dur rahe hain kyonki kumar

महाभारत की ऐसी कौन सी घटना है जो आपको जीवन के लिए बारे में सोच के विवश नहीं करती अपनी पिक्

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Achary Dhruv sashtri

Achary and Youtuber

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महाभारत की यह घटना है जब विदुर जी धृतराष्ट्र को समझाते हैं कि कोई तुम्हारा जो पुत्र है वह अधर्म की मार्गो पर जा रहा है अलीगढ़ से राजा का धर्म है अपने प्रजा की रक्षा करना प्रजा का पालन करना परंतु पुत्र मोहम्मद धृतराष्ट्र अपने पुत्र को मना नहीं कर पाए अब्दुल्लाह धरने विदुर जी को निकाल दिया जबकि विदुर जी धर्म के स्वरूप थे और विदुर जी के जाते ही पूरे धृतराष्ट्र के जितने भी पुत्र थे जितनी भी सेना थे सबकुछ तहस-नहस हो गया सब बर्बाद हो गया जबकि पांडव पांच थे उनके पास 5 गांव भी नहीं था फिर भी पांडव सुरक्षित से पांडवों ने जो खोया था वह पा लिया और कौरवों के पास जो था वह खोजें इसमें बड़ी गहराई से सोचने वाली बात है कि बिधूरी जी धर्म के प्रत्येक अगर हम और आप कुछ अच्छे बुरे काम भी करते हैं और अगर साथ में धर्म है तो पुण्य और पाप जिस कम करते धर्म और अधर्म अगर एक बैलेंस है तो गाड़ी जीवन की धीरे धीरे चलती रहती है जाने अनजाने में कभी अच्छाई भी होती है कभी बुराई भी होती है लेकिन एकदम से अगर हमारे जीवन सब पुण्य निकल जाए तो निश्चित रूप से हमारे जीवन का पतन होना शुरू होता है और भागवत में किस लोग हैं चार निर्गत और कौरव नीलम दुबे जी के निकलते ही मानो कौरवों का पुण्य निकल गया हो और व्यक्ति के जीवन से मनुष्य के जीवन से जिस दिन पूर्व निकल जाता है पुण्य का अर्थ होता फास्टिंग एनर्जी जो मुझे परमात्मा से प्राप्त होती है धर्म के मार्ग पर चलने से प्राप्त होती है वह निकलते ही जीवन से जिस दिन वह निकल जाता है उस दिन से मनुष्य का पतन होना शुरू हो जाता है वही कर बुक शादी बहुत ही गहराई से समझने वाला प्रश्न जय श्री राम

mahabharat ki yah ghatna hai jab vidur ji Dhritarashtra ko smajhate hain ki koi tumhara jo putra hai vaah adharma ki margo par ja raha hai aligarh se raja ka dharam hai apne praja ki raksha karna praja ka palan karna parantu putra muhammad Dhritarashtra apne putra ko mana nahi kar paye Abdullah dharne vidur ji ko nikaal diya jabki vidur ji dharam ke swaroop the aur vidur ji ke jaate hi poore Dhritarashtra ke jitne bhi putra the jitni bhi sena the sabkuch tahas nahas ho gaya sab barbad ho gaya jabki pandav paanch the unke paas 5 gaon bhi nahi tha phir bhi pandav surakshit se pandavon ne jo khoya tha vaah paa liya aur kauravon ke paas jo tha vaah khojen isme badi gehrai se sochne waali baat hai ki bidhuri ji dharam ke pratyek agar hum aur aap kuch acche bure kaam bhi karte hain aur agar saath mein dharam hai toh punya aur paap jis kam karte dharam aur adharma agar ek balance hai toh gaadi jeevan ki dhire dhire chalti rehti hai jaane anjaane mein kabhi acchai bhi hoti hai kabhi burayi bhi hoti hai lekin ekdam se agar hamare jeevan sab punya nikal jaaye toh nishchit roop se hamare jeevan ka patan hona shuru hota hai aur bhagwat mein kis log hain char nirgat aur kaurav neelam dubey ji ke nikalte hi maano kauravon ka punya nikal gaya ho aur vyakti ke jeevan se manushya ke jeevan se jis din purv nikal jata hai punya ka arth hota fasting energy jo mujhe paramatma se prapt hoti hai dharam ke marg par chalne se prapt hoti hai vaah nikalte hi jeevan se jis din vaah nikal jata hai us din se manushya ka patan hona shuru ho jata hai wahi kar book shadi bahut hi gehrai se samjhne vala prashna jai shri ram

महाभारत की यह घटना है जब विदुर जी धृतराष्ट्र को समझाते हैं कि कोई तुम्हारा जो पुत्र है वह

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महाभारत की कई घटनाएं ऐसी है जो कि हमें जीवन के बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर करती है छोटी-छोटी चीजें छोटे-छोटे पुराणों की वजह से महाभारत का इतना बड़ा विशाल युद्ध हुआ और सबसे बड़ा यह है कि पुत्र मोह में कभी भी किसी भी मां-बाप को अंधा नहीं पड़ना चाहिए अगर पुत्र मोह में अंधे हैं तो निश्चित रूप से फिर आपका सारा राजपाट जा सकता है और आप अपने गलत पुत्रों को गलत लाइन पर चलाएं उन्हें सदमा गौरव राजा ने दृष्टि राज ने पुत्र मोह में रहते हुए अपने पुत्रों की बातों की और पांडवों की बातों को अनसुना किया कि उन्होंने भगवान कृष्ण के द्वारा सुझाए गए चीजों को भी अनसुना जिसके कारण से को रोका राज समाप्त हुआ खत्म हो गया और धर्म की राह पर चलने वाले सफलता प्राप्त हुई

mahabharat ki kai ghatnayen aisi hai jo ki hamein jeevan ke bare mein gehrai se sochne par majboor karti hai choti choti cheezen chhote chhote purano ki wajah se mahabharat ka itna bada vishal yudh hua aur sabse bada yah hai ki putra moh mein kabhi bhi kisi bhi maa baap ko andha nahi padhna chahiye agar putra moh mein andhe hain toh nishchit roop se phir aapka saara rajpat ja sakta hai aur aap apne galat putron ko galat line par chalaye unhe shadma gaurav raja ne drishti raj ne putra moh mein rehte hue apne putron ki baaton ki aur pandavon ki baaton ko anasuna kiya ki unhone bhagwan krishna ke dwara sujhaye gaye chijon ko bhi anasuna jiske karan se ko roka raj samapt hua khatam ho gaya aur dharam ki raah par chalne waale safalta prapt hui

महाभारत की कई घटनाएं ऐसी है जो कि हमें जीवन के बारे में गहराई से सोचने पर मजबूर करती है छो

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Yogaacharya Ashima

Yogacharya,Yoga Counselllor (Family,individual ,Children's Relationship,de-addition)meditation Facilitator,spiritual Soul

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नमस्ते मैं आशिमा आप मेरे आंसर को ध्यान से सुनिए गा आपको इसको सुनके बहुत सारी चीजें समझ में आएगी तो पहली बात जो महाभारत जो एक बहुत ही अच्छी और बहुत ही बड़ी एक गाथा है जो हम हम सब के लिए हमारे पूरे विश्व के लिए एक जीवन जीने का तरीका है और उसमें उसके तू जो है हम बहुत सारी अगर हम गीता का पाठ कथा बहुत सारी चीजें हमें समझ में आती हैं तो पहली बार तो राधा और कृष्ण का संयम बताया गया संगम बताया गया है महाभारत में राधा और कृष्ण का तो राधा और कृष्ण राधा और कृष्ण का कोई अलग अलग चीज नहीं है वह एक ही है जिसकी व शक्ति मतलब एक ही उसूल में एक ही आत्मा में वह दोनों विराजमान है एक पुरुष और एक जो फेमिनिन हम बोलते हैं एक मैच क्लीन और 1 साल में नहीं तो वह एक ही है जो पहले जो हमें बहुत अच्छी तरीके से समझनी चाहिए बात वह यह वाली है यह वहां बताया गया है बहुत ही अच्छे तरीके से एक इंसान में दोनों चीजें होती हैं कौन सी चीज ज्यादा एक्टिव है उसका फुर्सत तो उसका मस्त क्लीन एनर्जी ज्यादा एक्टिव सामने किस पर टिप्स पर एक इंसान में दोनों एक सुर में दोनों चीजें बराबर होती है ठीक है दूसरी बात जो श्री कृष्ण जी ने अर्जुन जी को महाभारत का युद्ध हुआ था जब वह प्रवचन दिए हैं जो 18 अध्याय 18 18 अध्याय हैं गीता गीता में जो तू ने प्रवचन दिए थे वह बहुत ही सुंदर जीवन की हर चीज बताई गई है और सबसे अच्छी बात कर्म और धर्म के बारे में बताया गया है वह वाले धर्म नहीं जो हम मानव मानव जाति ने जो बनाए हैं धर्म कर्म को अपने कर्म पर आपने कैसे फोकस करना और कैसे अपने कर्म करना है और बिना कुछ सोचे समझे आपको कर्म अपने आपको उस ईश्वर के प्रति समर्पित समर्पित करके आपने कैसे कर्म को करना है और हमारा कर्म ही हमारा धर्म है और कर्म ही हमारा धर्म होना चाहिए और जब हम हर चीज ईश्वर के प्रति समर्पण भाव रखते करते हैं तो वहीं कर्म हमारा असली कर्म योग कहलाता है और उस महाभारत के और आशिकी ने अर्जुन को प्रवचन दिए हैं उनके द्वारा आप ही देख सकते हो कि कैसे हम अधर्म पर धर्म की विजय होती है मतलब बुराई पर अच्छाई की विजय किस प्रकार होती है चाहे आपकी फैमिली है चाहे आपका कोई अपना है जब वह अधर्मी है जब उसमें बुराई कूट-कूट कर भरी है तो उसका नाश होना और उसका नाश करना निश्चित ही है तो उसमें आपको अपने आप में परेशान होने की मुंह में मुंह रखने की जरूरत नहीं है यह चीजें हमारे को अच्छा करने के लिए और जीवन को समझने के लिए अर्थात अपनी ओर जाने के लिए आत्मा मतलब सेल्फ रिलाइजेशन जिसको हम बोलते हैं आतम ज्ञान को पाने के लिए सब पता होना और इन सब प्रवचनों का अनुभव करना अपने आप में बहुत ही बड़ी बात है

namaste main ashima aap mere answer ko dhyan se suniye jaayega aapko isko sunake bahut saari cheezen samajh me aayegi toh pehli baat jo mahabharat jo ek bahut hi achi aur bahut hi badi ek gaatha hai jo hum hum sab ke liye hamare poore vishwa ke liye ek jeevan jeene ka tarika hai aur usme uske tu jo hai hum bahut saari agar hum geeta ka path katha bahut saari cheezen hamein samajh me aati hain toh pehli baar toh radha aur krishna ka sanyam bataya gaya sangam bataya gaya hai mahabharat me radha aur krishna ka toh radha aur krishna radha aur krishna ka koi alag alag cheez nahi hai vaah ek hi hai jiski va shakti matlab ek hi usul me ek hi aatma me vaah dono viraajamaan hai ek purush aur ek jo feminine hum bolte hain ek match clean aur 1 saal me nahi toh vaah ek hi hai jo pehle jo hamein bahut achi tarike se samajhni chahiye baat vaah yah wali hai yah wahan bataya gaya hai bahut hi acche tarike se ek insaan me dono cheezen hoti hain kaun si cheez zyada active hai uska phursat toh uska mast clean energy zyada active saamne kis par tips par ek insaan me dono ek sur me dono cheezen barabar hoti hai theek hai dusri baat jo shri krishna ji ne arjun ji ko mahabharat ka yudh hua tha jab vaah pravachan diye hain jo 18 adhyay 18 18 adhyay hain geeta geeta me jo tu ne pravachan diye the vaah bahut hi sundar jeevan ki har cheez batai gayi hai aur sabse achi baat karm aur dharm ke bare me bataya gaya hai vaah waale dharm nahi jo hum manav manav jati ne jo banaye hain dharm karm ko apne karm par aapne kaise focus karna aur kaise apne karm karna hai aur bina kuch soche samjhe aapko karm apne aapko us ishwar ke prati samarpit samarpit karke aapne kaise karm ko karna hai aur hamara karm hi hamara dharm hai aur karm hi hamara dharm hona chahiye aur jab hum har cheez ishwar ke prati samarpan bhav rakhte karte hain toh wahi karm hamara asli karm yog kehlata hai aur us mahabharat ke aur aashiqui ne arjun ko pravachan diye hain unke dwara aap hi dekh sakte ho ki kaise hum adharma par dharm ki vijay hoti hai matlab burayi par acchai ki vijay kis prakar hoti hai chahen aapki family hai chahen aapka koi apna hai jab vaah adharmee hai jab usme burayi kut kut kar bhari hai toh uska naash hona aur uska naash karna nishchit hi hai toh usme aapko apne aap me pareshan hone ki mooh me mooh rakhne ki zarurat nahi hai yah cheezen hamare ko accha karne ke liye aur jeevan ko samjhne ke liye arthat apni aur jaane ke liye aatma matlab self realisation jisko hum bolte hain atam gyaan ko paane ke liye sab pata hona aur in sab pravachanon ka anubhav karna apne aap me bahut hi badi baat hai

नमस्ते मैं आशिमा आप मेरे आंसर को ध्यान से सुनिए गा आपको इसको सुनके बहुत सारी चीजें समझ में

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम राम जी की आपका प्रश्न है महाभारत की कौन सी घटना हमें जीवन के बारे में गहराई की सूचना पर तो देखिए यूं तो महाभारत के बॉस की शिक्षाएं हैं लेकिन मैं महाभारत के दिन के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि महाभारत से में 3G के प्रमुख रूप से मिलती हैं एक तो यह है कि ईश्वर स्तुति और केवल व्यक्ति मिलता है उनको जब होता युद्ध के समय और वह धनवान रख देते हैं और कहते हैं कि मैं इनकी तो मेरे सब रिश्तेदार हैं मैसेज नहीं करूंगा तब कृष्ण भगवान समझाते हैं उन्हें अपना विराट दर्शन देते हैं और अपना मुंह खोल कर बताते हैं यह सब काल के मुख्य में समा चुके हो तुम तो केवल निमित्त मात्र दो व्यक्ति सोचता है मैं यह कर रहा हूं मैं वह कर रहा हूं लेकिन सब करता भगवान है तभी तो निमित्त मात्र है हम किसी की मिलती है नहीं होना चाहिए राष्ट्र मुंह में नहीं होते और न्याय के पथ पर चलते कृष्ण के परामर्श को मान लीजिए तो महाभारत का युद्ध नहीं होता इतना बड़ा विनाश नहीं होता उनके सुपुत्र जाती है कि धर्म से बढ़कर कुछ नहीं है धर्म की सदा जीत होती है दमकल अविनाश उपाय

ram ram ji ki aapka prashna hai mahabharat ki kaun si ghatna hamein jeevan ke bare me gehrai ki soochna par toh dekhiye yun toh mahabharat ke boss ki sikshayen hain lekin main mahabharat ke din ke baad is nishkarsh par pohcha hoon ki mahabharat se me 3G ke pramukh roop se milti hain ek toh yah hai ki ishwar stuti aur keval vyakti milta hai unko jab hota yudh ke samay aur vaah dhanwan rakh dete hain aur kehte hain ki main inki toh mere sab rishtedar hain massage nahi karunga tab krishna bhagwan smajhate hain unhe apna virat darshan dete hain aur apna mooh khol kar batatey hain yah sab kaal ke mukhya me sama chuke ho tum toh keval nimitt matra do vyakti sochta hai main yah kar raha hoon main vaah kar raha hoon lekin sab karta bhagwan hai tabhi toh nimitt matra hai hum kisi ki milti hai nahi hona chahiye rashtra mooh me nahi hote aur nyay ke path par chalte krishna ke paramarsh ko maan lijiye toh mahabharat ka yudh nahi hota itna bada vinash nahi hota unke suputr jaati hai ki dharm se badhkar kuch nahi hai dharm ki sada jeet hoti hai damkal avinash upay

राम राम जी की आपका प्रश्न है महाभारत की कौन सी घटना हमें जीवन के बारे में गहराई की सूचना प

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Bc Dhavan

Mlm & Teaching W.no 9024341370

0:23
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महाभारत की समय युद्ध के समय जब भगवान श्री कृष्ण के द्वारा भागवत गीता का उपदेश श्री अर्जुन को दिया जा रहा था वह घटना हमारे जीवन में कह राशि सोचने पर मजबूर करती है

mahabharat ki samay yudh ke samay jab bhagwan shri krishna ke dwara bhagwat geeta ka updesh shri arjun ko diya ja raha tha vaah ghatna hamare jeevan me keh rashi sochne par majboor karti hai

महाभारत की समय युद्ध के समय जब भगवान श्री कृष्ण के द्वारा भागवत गीता का उपदेश श्री अर्जुन

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Shyam

Student

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और उनका तो मुझे पता नहीं लेकिन महाभारत की द्रौपदी चीरहरण घटना मेरे जीवन पर बहुत ज्यादा प्रभाव डालती है और मुझे सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे भारतवर्ष में हर युग में नारी को पूछने की बात की जाती है और हर युग में से नंगानच आने का प्रयास भी किया जाता है कि हम हमारा देश नारियों के प्रति कभी सचेत नहीं होगा क्या उन्हें सिर्फ किताबों में ही सम्मान मिलेगा असली जीवन में कभी सम्मान नहीं मिलेगा

aur unka toh mujhe pata nahi lekin mahabharat ki draupadi cheerharan ghatna mere jeevan par bahut zyada prabhav daalti hai aur mujhe sochne par majboor karti hai ki hamare bharatvarsh me har yug me nari ko poochne ki baat ki jaati hai aur har yug me se nanganach aane ka prayas bhi kiya jata hai ki hum hamara desh nariyon ke prati kabhi sachet nahi hoga kya unhe sirf kitabon me hi sammaan milega asli jeevan me kabhi sammaan nahi milega

और उनका तो मुझे पता नहीं लेकिन महाभारत की द्रौपदी चीरहरण घटना मेरे जीवन पर बहुत ज्यादा प्र

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8947875395a

बिज़नस मेन

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महाभारत में ऐसी कौन सी घटना है जो जीवन में गहराई से सोचने को मजबूर करती है महाभारत में जब और कौरव और पांडवों ने जब जुआ खेला वह सोचने को मजबूर कर देती है कि जो एक ऐसी चीज है उसमें आदमी अपना दिमाग का संतुलन खो देता है जो आदमी को बर्बाद कर देता है उस जुए के कारण ही युधिष्ठिर जैसा धर्मात्मा और समझदार राजा ने भी अपनी पत्नी को दांव पर लगा दी तो इस घटना से हमें गहराई को सोचने को मजबूर करती है कि यह युवा एक दिन आपसे इसलिए युवा आदमी को अपनी जिंदगी में कभी नहीं खेलना चाहिए

mahabharat mein aisi kaun si ghatna hai jo jeevan mein gehrai se sochne ko majboor karti hai mahabharat mein jab aur kaurav aur pandavon ne jab jua khela vaah sochne ko majboor kar deti hai ki jo ek aisi cheez hai usmein aadmi apna dimag ka santulan kho deta hai jo aadmi ko barbad kar deta hai us jue ke karan hi yudhishthir jaisa dharmatma aur samajhdar raja ne bhi apni patni ko dav par laga di toh is ghatna se hamein gehrai ko sochne ko majboor karti hai ki yah yuva ek din aapse isliye yuva aadmi ko apni zindagi mein kabhi nahi khelna chahiye

महाभारत में ऐसी कौन सी घटना है जो जीवन में गहराई से सोचने को मजबूर करती है महाभारत में ज

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