क्या भारतीय धर्मनिरपेक्षता का मतलब है कि हिंदुओं को हमेशा अल्पसंख्यकों की मांगों से समझौता करना चाहिए?...


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Gayatri Shukla

Social Worker Director Of Smt Educational Society

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

2:47

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड शादी के सबसे बड़े तो आपका अल्पसंख्यकों का मतलब समझते हो ना पता होना चाहिए क्या होता है मैंने ब्रिटिश क्या होता है किसी भी जगह पर अगर किसी कम्युनिटी की पापुलेशन कम होती है तो मुंह से मैं नॉटी जाता है ना जैसे कश्मीर में कश्मीरी पंडित जाओ माइनॉरिटी राजस्थान मुस्लिम उसका मैं तो वह राजस्थान के माइनॉरिटी ऐसा नहीं है कि माइनॉरिटी दिन दूर नहीं हो सकते यह हिंदू हो सकते हैं कुछ जगह किस चीज के लोग कम है तो वह माइनॉरिटी होंगे तो भी तो हिंदू भाई हैं और ही अल्पसंख्यकों के मांगू की बात तो देखिए उनकी जो मांगे हैं वह सिर्फ रिजर्वेशन तक ही सीमित है उसके अलावा उनकी कोई मान जी नहीं हमारे कॉन्स्टिट्यूशन में जो रिजर्वेशन का प्रावधान है यह उन को आगे बढ़ाने के लिए है अगर आप शहर में रहते हैं तो आपको शायद लगता होगा कि रिजर्वेशन जो है वह बहुत गलत है लोग इसका फायदा उठाते हैं ना माइनॉरिटी इसको नहीं देना चाहिए उनके पास पैसा है फिर भी रिजर्वेशन का फायदा उठा रहे लेकिन यह बातें शहर तक अच्छी लगती है अगर आप गांव में जाएं आज भी जो छोटी कास्ट के लोग हैं जो एससी एसटी का मिलिट्री के लोग हैं उनको आगे बढ़ने के लिए बहुत ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ता है सड़क काफी ज्यादा स्ट्रगल करना पड़ता है मतलब वही हालत है जो आज से 50000 साल पहले थी आजादी के समय थी आज भी भारत के गांव की यही हालत है तो उनको आगे लाने के लिए रिजर्वेशन देना जरूरी है अब मैं मानता हूं कुछ लोग इसका गलत फायदा उठाते हैं लेकिन हम लोगों को ध्यान में रखकर उन लोगों के बारे में सोचना चाहिए जो अभी भी पिछड़े है ना हमें उन को आगे बढ़ाने के लिए सोचना चाहिए और अगर स्किन को आगे लाने के लिए नजरे रिजर्वेशन देना पड़े तो कोई बात नहीं है रिजर्वेशन कोई गलत चीज नहीं है उनके प्रशासन किस नहीं होती जलन को रिजर्वेशन दिया जाता है हमारे बस फैसिलिटी है तुम फैसिलिटी इसका यूज करेंगे उनके पास नहीं है इसलिए उनको रिजर्वेशन दिया जा रहा है और एक बार जब वह अपनी पूरी कम्युनिटी अपने पहुंचे तो हो सकता है रिजर्वेशन की चीजें बंद हो जाए उनकी मांगे बंद हो जाए तो बस जारी रखने की बात है कंपेयर कुछ लोगों पर इसका गलत फायदा उठा रहा है रिजर्वेशन का तो काफी लोगों को इससे फायदा भी मिल रहा है ना बस दिल बड़ा रखने की बात आरोप आपको बात समझ में आ गई होगी मैं क्या कहना चाह रहा हूं थैंक यू

hello friend shadi ke sabse bade toh aapka alpsankhyako ka matlab samajhte ho na pata hona chahiye kya hota hai maine british kya hota hai kisi bhi jagah par agar kisi community ki population kam hoti hai toh mooh se main naughty jata hai na jaise kashmir mein kashmiri pandit jao minority rajasthan muslim uska main toh vaah rajasthan ke minority aisa nahi hai ki minority din dur nahi ho sakte yah hindu ho sakte hain kuch jagah kis cheez ke log kam hai toh vaah minority honge toh bhi toh hindu bhai hain aur hi alpsankhyako ke maangu ki baat toh dekhiye unki jo mange hain vaah sirf reservation tak hi simit hai uske alava unki koi maan ji nahi hamare Constitution mein jo reservation ka pravadhan hai yah un ko aage badhane ke liye hai agar aap shehar mein rehte hain toh aapko shayad lagta hoga ki reservation jo hai vaah bahut galat hai log iska fayda uthate hain na minority isko nahi dena chahiye unke paas paisa hai phir bhi reservation ka fayda utha rahe lekin yah batein shehar tak achi lagti hai agar aap gaon mein jayen aaj bhi jo choti caste ke log hain jo SC ST ka miltary ke log hain unko aage badhne ke liye bahut zyada struggle karna padta hai sadak kaafi zyada struggle karna padta hai matlab wahi halat hai jo aaj se 50000 saal pehle thi azadi ke samay thi aaj bhi bharat ke gaon ki yahi halat hai toh unko aage lane ke liye reservation dena zaroori hai ab main manata hoon kuch log iska galat fayda uthate hain lekin hum logo ko dhyan mein rakhakar un logo ke bare mein sochna chahiye jo abhi bhi pichade hai na hamein un ko aage badhane ke liye sochna chahiye aur agar skin ko aage lane ke liye najare reservation dena pade toh koi baat nahi hai reservation koi galat cheez nahi hai unke prashasan kis nahi hoti jalan ko reservation diya jata hai hamare bus facility hai tum facility iska use karenge unke paas nahi hai isliye unko reservation diya ja raha hai aur ek baar jab vaah apni puri community apne pahuche toh ho sakta hai reservation ki cheezen band ho jaaye unki mange band ho jaaye toh bus jaari rakhne ki baat hai compare kuch logo par iska galat fayda utha raha hai reservation ka toh kaafi logo ko isse fayda bhi mil raha hai na bus dil bada rakhne ki baat aarop aapko baat samajh mein aa gayi hogi main kya kehna chah raha hoon thank you

हेलो फ्रेंड शादी के सबसे बड़े तो आपका अल्पसंख्यकों का मतलब समझते हो ना पता होना चाहिए क्या

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Susheel yadav

कृषि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धर्मनिरपेक्ष का अर्थ है कोई भी व्यक्ति कोई भी धर्म का पालन कर सकता है

dharmanirapeksh ka arth hai koi bhi vyakti koi bhi dharm ka palan kar sakta hai

धर्मनिरपेक्ष का अर्थ है कोई भी व्यक्ति कोई भी धर्म का पालन कर सकता है

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी नहीं धर्मनिरपेक्षता का अर्थ यह कतई नहीं है कि आप अल्पसंख्यकों के हितों के लिए किसी अन्य धर्म के अधिकारों पर ओवरलैपिंग करें उनके अधिकारों का हनन करें समझौता करें यह किसी भी सूरत में उचित नहीं है क्योंकि धर्मनिरपेक्षता शब्द मानव जाति के लिए प्रयोग में आता है और अधिकार और मूल्य मानव के हैं किस धर्म के नहीं इसीलिए चाहे इंसान अल्पसंख्यक समुदाय से हो या बहुसंख्यक इंसान इंसान ही रहता है उसे हमेशा इंसान की तरह व्यवहार करना चाहिए इसी क्रम में हिंदुओं को किसी के साथ चाहे अल्पसंख्यक हो जाए अपने साथी बहु संख्या को के साथ अपनी मांग और अधिकारों के तहत कभी समझौता नहीं करना चाहिए धन्यवाद

ji nahi dharmanirapekshata ka arth yah katai nahi hai ki aap alpsankhyako ke hiton ke liye kisi anya dharm ke adhikaaro par ovaralaiping kare unke adhikaaro ka hanan kare samjhauta kare yah kisi bhi surat mein uchit nahi hai kyonki dharmanirapekshata shabd manav jati ke liye prayog mein aata hai aur adhikaar aur mulya manav ke hain kis dharm ke nahi isliye chahen insaan alpsankhyak samuday se ho ya bahusankhyak insaan insaan hi rehta hai use hamesha insaan ki tarah vyavhar karna chahiye isi kram mein hinduon ko kisi ke saath chahen alpsankhyak ho jaaye apne sathi bahu sankhya ko ke saath apni maang aur adhikaaro ke tahat kabhi samjhauta nahi karna chahiye dhanyavad

जी नहीं धर्मनिरपेक्षता का अर्थ यह कतई नहीं है कि आप अल्पसंख्यकों के हितों के लिए किसी अन्

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