क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले (ध्यान करने वाले) लोग वाक़ई में हैं?...


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Harish Chand

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मेरे दोस्तों आप का सवाल है कि क्या सच में हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग हैं तो बिल्कुल हैं और वह आज भी तपस्या कर रहे हैं देवताओं का वास है हिमालय और देवताओं के प्राप्ति के लिए लोगों को प्रदर्शन करते आए हैं अनादिकाल से आते हैं अनादिकाल लेकिन आप और हम जैसे लोग तो चलोगे हम तपस्या वहां पर हम नहीं कर पाएंगे क्यों क्योंकि हमारे मन से नहीं हमारी हिंदी हमारी काबू में नहीं है आई धर्म की बात करते हैं 2 मिनट बाद काम की बात करना शुरू कर देंगे उसके बाद परनिंदा मेरे भाई तब ध्यान यह बड़े सहनशील संतोषी बैरागी यह लोग करते आए हैं हेलो करें जय सियाराम

namaskar mere doston aap ka sawaal hai ki kya sach me himalaya me rehne waale dhyan karne waale log hain toh bilkul hain aur vaah aaj bhi tapasya kar rahe hain devatao ka was hai himalaya aur devatao ke prapti ke liye logo ko pradarshan karte aaye hain anadikal se aate hain anadikal lekin aap aur hum jaise log toh chaloge hum tapasya wahan par hum nahi kar payenge kyon kyonki hamare man se nahi hamari hindi hamari kabu me nahi hai I dharm ki baat karte hain 2 minute baad kaam ki baat karna shuru kar denge uske baad parninda mere bhai tab dhyan yah bade sahanashil santosh bairagi yah log karte aaye hain hello kare jai siyaram

नमस्कार मेरे दोस्तों आप का सवाल है कि क्या सच में हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग

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बिल्कुल हिमालय में आई थी आपको आध्यात्मिक ओ साधु लोग मिल जाएंगे कभी जाकर के थोड़ा सा तीर्थ यात्रा भी कराई है तो देखिए आपको तरह तरह के लोग मिलेंगे जो माया मौत दिन दुनिया से दूर बिल्कुल भगवान मेरे लिए सर्दी लगती है उनको गर्मी लगती है केवल लोक कल्याण के लिए काम कर रहे हैं

bilkul himalaya me I thi aapko aadhyatmik O sadhu log mil jaenge kabhi jaakar ke thoda sa tirth yatra bhi karai hai toh dekhiye aapko tarah tarah ke log milenge jo maya maut din duniya se dur bilkul bhagwan mere liye sardi lagti hai unko garmi lagti hai keval lok kalyan ke liye kaam kar rahe hain

बिल्कुल हिमालय में आई थी आपको आध्यात्मिक ओ साधु लोग मिल जाएंगे कभी जाकर के थोड़ा सा तीर्थ

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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Ashok Clinic

Sexologist

0:41

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सच यह है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग बहुत ज्यादा लोग जन्म लेते हैं मृत्यु प्राप्त करके ऐसा चलता है लेकिन ऐसे लोग हैं जो भगवान को पाना चाहते हैं मुक्ति प्राप्त करना चाहते हैं खुश रहना चाहते हैं दुनिया से अलग रहना चाहते हैं वह उल्टी लड़के भी वहां माल्या में हरिद्वार के ऊपर ऐसे लोग हैं जो बिल्कुल ऐसी जिंदगी जीते हैं इन्हीं को ही सन्यासी बोला जाता है

sach yah hai ki saikadon varshon se himalaya mein rehne waale dhyan karne waale log bahut zyada log janam lete hain mrityu prapt karke aisa chalta hai lekin aise log hain jo bhagwan ko paana chahte hain mukti prapt karna chahte hain khush rehna chahte hain duniya se alag rehna chahte hain vaah ulti ladke bhi wahan malya mein haridwar ke upar aise log hain jo bilkul aisi zindagi jeete hain inhin ko hi sanyaasi bola jata hai

सच यह है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग बहुत ज्यादा लोग जन्

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या यह सच है कि रहने वाले ध्यान करने वाले लोग बाकी है और उनकी कहानियां सच होती है ठीक है जो वहां दफन हो जाता है

kya yah sach hai ki rehne waale dhyan karne waale log baki hai aur unki kahaniya sach hoti hai theek hai jo wahan dafan ho jata hai

क्या यह सच है कि रहने वाले ध्यान करने वाले लोग बाकी है और उनकी कहानियां सच होती है ठीक है

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले लोग वाकई है कि हमने ऐसी का तब देखे हैं और में जो ग्राफी चैनल पर हुई और कई जगहों पर यह है कि आज भी कुछ सुशांत है चालू है कुछ ऐसे हैं लोग जो हमारा धंधा करते हैं साधना करते हैं और वहां पर लोग रह रहे हैं

kya yah sach hai ki saikadon varshon se himalaya mein rehne waale log vaakai hai ki humne aisi ka tab dekhe hain aur mein jo graafi channel par hui aur kai jagaho par yah hai ki aaj bhi kuch sushant hai chaalu hai kuch aise hain log jo hamara dhandha karte hain sadhna karte hain aur wahan par log reh rahe hain

क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले लोग वाकई है कि हमने ऐसी का तब देखे

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Amit Arya

Youtuber - Motivation Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग वाकई में हैं तो वास्तव में सत्य है क्योंकि ध्यान एक ऐसी क्रिया है ध्यान के द्वारा व्यक्ति हर रूप से स्वस्थ रहता है और हर विकारों से मुक्त हो जाता है ध्यान के द्वारा व्यक्ति की भोजन की भी आवश्यकता समाप्त हो जाती उसकी शारीरिक जितनी क्रियाएं बस सब समाप्त हो जाती है क्योंकि ध्यान के द्वारा व्यक्ति को एक भारी शक्ति मिलती है ब्रह्मांड ध्यान के द्वारा व्यक्ति का जो केंद्र होता है वह बाहरी शक्तियों से हो जाता है ब्रह्मांड की शक्तियों से हो जाता है तो जो लोग ध्यान करते हैं और जो महापुरुष हैं वह हिमालय पर अब भी निवास करते हैं क्योंकि हमारा जो संसार हमारी जो श्रेष्ठ उनके गुणों के कारण ही टिकी हुई है अगर वह लोग नहीं होंगे तो धर्म भी नहीं रहेगा पृथ्वी पर और जब पृथ्वी पर धर्म नहीं रहेगा तो पृथ्वी पर प्रेम नहीं रहेगा क्योंकि संसार है उसका सार प्रेम है और जब प्रेम ही नष्ट हो जाएगा तो इस संसार नष्ट हो जाए तो वाकई में हिमालय पर बहुत सारे ऐसे बुद्धिजीवी और महान महापुरुष हैं जो अभी वहां पर निवास करते हैं ईश्वर भजन करते हैं ईश्वर का ध्यान करते हैं राधे राधे

aapka prashna hai kya yah sach hai ki saikadon varshon se himalaya mein rehne waale dhyan karne waale log vaakai mein hain toh vaastav mein satya hai kyonki dhyan ek aisi kriya hai dhyan ke dwara vyakti har roop se swasthya rehta hai aur har vikaron se mukt ho jata hai dhyan ke dwara vyakti ki bhojan ki bhi avashyakta samapt ho jaati uski sharirik jitni kriyaen bus sab samapt ho jaati hai kyonki dhyan ke dwara vyakti ko ek bhari shakti milti hai brahmaand dhyan ke dwara vyakti ka jo kendra hota hai vaah bahri shaktiyon se ho jata hai brahmaand ki shaktiyon se ho jata hai toh jo log dhyan karte hain aur jo mahapurush hain vaah himalaya par ab bhi niwas karte hain kyonki hamara jo sansar hamari jo shreshtha unke gunon ke karan hi tiki hui hai agar vaah log nahi honge toh dharm bhi nahi rahega prithvi par aur jab prithvi par dharm nahi rahega toh prithvi par prem nahi rahega kyonki sansar hai uska saar prem hai aur jab prem hi nasht ho jaega toh is sansar nasht ho jaaye toh vaakai mein himalaya par bahut saare aise buddhijeevi aur mahaan mahapurush hain jo abhi wahan par niwas karte hain ishwar bhajan karte hain ishwar ka dhyan karte hain radhe radhe

आपका प्रश्न है क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले ध्यान करने वाले लोग

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क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों में हिमालय में रहने वाले लोग वाकई में यह कहना मुश्किल है क्योंकि वाकई में वह लोग हैं जो हिमालय में साल भर पहले रहते थे यह एक मित्र है क्योंकि आज से पैसा नहीं है कि हिमालय तक नहीं पहुंच रहे हैं हिमालय में बहुत सारे लोग जा रहे हैं जहां पर उनका आज भी दर्शन नहीं हो रहा है वह कौन लोग कैसे रहते हैं यह एक मित्र है वहां में जो फैलाई जाती है हां यह भी हो सकता है कि वहां पर कितनी ठंड है कैसे संभव हिमालय लोग जीवित रहे

kya yah sach hai ki saikadon varshon me himalaya me rehne waale log vaakai me yah kehna mushkil hai kyonki vaakai me vaah log hain jo himalaya me saal bhar pehle rehte the yah ek mitra hai kyonki aaj se paisa nahi hai ki himalaya tak nahi pohch rahe hain himalaya me bahut saare log ja rahe hain jaha par unka aaj bhi darshan nahi ho raha hai vaah kaun log kaise rehte hain yah ek mitra hai wahan me jo failai jaati hai haan yah bhi ho sakta hai ki wahan par kitni thand hai kaise sambhav himalaya log jeevit rahe

क्या यह सच है कि सैकड़ों वर्षों में हिमालय में रहने वाले लोग वाकई में यह कहना मुश्किल है क

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Sonu.Singh

jaankaari.Lena

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले लोग अभी भी हिमालय पर्वत पर हैं आपको विश्वास नहीं है कल आप तैयारी कीजिए और हिमालय पर्वत पर निकलिए और वहां जाकर देखिए कि वाकई में लोग हैं अगर नहीं मिले तो आकर अब मेरे को बताइए जय हिंद जय भारत

ji haan yah sach hai ki saikadon varshon se himalaya mein rehne waale log abhi bhi himalaya parvat par hain aapko vishwas nahi hai kal aap taiyari kijiye aur himalaya parvat par nikliye aur wahan jaakar dekhiye ki vaakai mein log hain agar nahi mile toh aakar ab mere ko bataiye jai hind jai bharat

जी हां यह सच है कि सैकड़ों वर्षों से हिमालय में रहने वाले लोग अभी भी हिमालय पर्वत पर हैं आ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह सच है सैकड़ों वर्षों से हिमाचल में रहने वाले हम लगाने वाली वाकई में लगा कि बरसों से

ji haan yah sach hai saikadon varshon se himachal mein rehne waale hum lagane wali vaakai mein laga ki barson se

जी हां यह सच है सैकड़ों वर्षों से हिमाचल में रहने वाले हम लगाने वाली वाकई में लगा कि बरसों

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