राम और कृष्ण के बीच मूलभूत अंतर क्या हैं?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

4:49

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रामपुर डिस्टिक मूल रूप से तैयार है लेकिन इन अवतारों में थोड़ा अंतर राम अवतार लिया था मर्यादा स्थापित करने के लिए उन्होंने समाज में प्रभावी मर्यादा स्थापित किया एक अच्छे पिता का एक आदर्श पिता का क्या होता है यह रास्ते चरित्र का विकास भाई का एक आदर्श राजा का और एक आदर्श पति का क्या रोल होते हैं या उनकी नैतिकता होती है यह सब कुछ समय राम के चरित्र से दिखना चाहिए बढ़िया ओपन दा करें और मोमबत्ती भी है 12 कलाओं से था लेकिन आज समाज में पर चलाएं देख रहे हैं आप जो कल याद आए देख रहे हैं वह मात्र श्रीराम की पीओपी ऐसा क्लोज योरसेल्फ यू नथिंग मच यू लॉस्ट योर हेल्प यू समथिंग इज लॉस्ट लॉस्ट करैक्टर इन ची गोष्ट यदि हमारा धन खो गया है नष्ट हो गया है तो आपका कुछ नहीं बस दुआ है आपकी दबदबा देंगे फिर प्राप्त कर लेंगे यदि आपका स्वागत हो गया है तो कुछ खोया है वह अपने कर सकते हो गया है आपकी कमी आपके पास अपना कुछ भी देखिए अपने जीवन का सब कुछ खो दिया है यह भगवान राम की चर्चा की लड़की लड़कियों की तरफ गंदगी नहीं सीतापुर प्रेम करते थे और भगवती सीता देवी श्री राम क्या किया यह मां सीता का चरित्र राम का चरित्र चरित्र कौन से अवतार एंड ऑडियो में होली के फागुन में समझाया इस संसार में पेंशन सबसे बड़ी चीज है ट्रेन में ही सारा संसार समाया हुआ है ट्रेन से वह इतिहास व सचिव नीरज जी एक मशीन की तरह से आप सभी मित्रों किसने सिखाया योग प्रत्याशी सैमसंग जीवन बिताने की चढ़ा हुआ है जिंदगी का भरा हुआ था वो उस कमल की तरह चलता है ऊपर से छतरी नाम और निशान है कभी खुशी नहीं सकता उसको बोलो कि कुछ भी नहीं हो सकता है

rampur district mul roop se taiyar hai lekin in avataron mein thoda antar ram avatar liya tha maryada sthapit karne ke liye unhone samaj mein prabhavi maryada sthapit kiya ek acche pita ka ek adarsh pita ka kya hota hai yah raste charitra ka vikas bhai ka ek adarsh raja ka aur ek adarsh pati ka kya roll hote hain ya unki naitikta hoti hai yah sab kuch samay ram ke charitra se dikhana chahiye badhiya open the kare aur mombatti bhi hai 12 kalaon se tha lekin aaj samaj mein par chalaye dekh rahe hain aap jo kal yaad aaye dekh rahe hain vaah matra shriram ki POP aisa close yourself you nothing match you lost your help you something is lost lost character in chee gosht yadi hamara dhan kho gaya hai nasht ho gaya hai toh aapka kuch nahi bus dua hai aapki dabdaba denge phir prapt kar lenge yadi aapka swaagat ho gaya hai toh kuch khoya hai vaah apne kar sakte ho gaya hai aapki kami aapke paas apna kuch bhi dekhiye apne jeevan ka sab kuch kho diya hai yah bhagwan ram ki charcha ki ladki ladkiyon ki taraf gandagi nahi sitapur prem karte the aur bhagwati sita devi shri ram kya kiya yah maa sita ka charitra ram ka charitra charitra kaunsi avatar and audio mein holi ke phagun mein samjhaya is sansar mein pension sabse badi cheez hai train mein hi saara sansar samaya hua hai train se vaah itihas va sachiv Neeraj ji ek machine ki tarah se aap sabhi mitron kisne sikhaya yog pratyashi samsung jeevan bitane ki chadha hua hai zindagi ka bhara hua tha vo us kamal ki tarah chalta hai upar se chatri naam aur nishaan hai kabhi khushi nahi sakta usko bolo ki kuch bhi nahi ho sakta hai

रामपुर डिस्टिक मूल रूप से तैयार है लेकिन इन अवतारों में थोड़ा अंतर राम अवतार लिया था मर्या

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Niranjan kumar

Philosopher, Relationship advisor

2:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न पूछा है राम और उनके बीच मूलभूत अंतर क्या है तो आप जान लीजिए जहां तक मुझे जानकारी है राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है जबकि को लीलाधर कहा जाता है मर्यादा पुरुषोत्तम होता है जो अपने मर्यादा में ही रहता है अपनी मर्यादा को बचाए रखने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है और किसी को भी हो सकता है किसी भी दुख को झेल सकता है क्योंकि उसका मर्यादा है उसकी पहचान होती है मर्यादा उसका जीवन होता है राम अपने मर्यादा को बचाए रखने के लिए प्रत्येक जीवन के सीमा को पार किए हैं प्रत्येक सुख-सुविधा को त्याग दिए हैं मर्यादा अपना धर्म व्यक्तिगत धर्म राजधर्म अभी से भी पहले उसे बचाए रखने के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया है बहुत कुछ प्यार किया है लेकिन कुछ मर्यादित नहीं थे वह मर्यादा में रहना ही जानते उनमें सबसे बड़ी अच्छी थी क्यों धर्म का स्थापना के लिए किसी भी मर्यादा को तोड़ सकते थे किसी भी बच्चन को तोड़ सकते थे कोई भी चार्ज कर सकते थे तुम तो झूठ भी बोलना पड़ेगा तो झूठ बोल सकते थे उनको छल करना पड़े तो छलकता तुझे क्योंकि उनका कहना था कि धर्म के बचाने के लिए धर्म भी करना पड़े तो पाप नहीं है न कि राम के पास ऐसा कोई भी नीति नहीं था जो धर्म को बचाने के लिए अधर्म के रास्ता चुने और खा लो चुनावी तो अपनी मर्यादा में रहकर ही चुना राम और श्री कृष्ण में मूलभूत अंतर है मुझे आशा है कि मैं आपको प्रश्न का सही उत्तर दिया हूं अगर मेरा उतरकर सही है आप मेरे उत्तर को लाइक अवश्य करें नहीं चाहिए तो आप कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट कमेंट करें आपका लाइक और कमेंट कहां में इंतजार रहता है

apne prashna poocha hai ram aur unke beech mulbhut antar kya hai toh aap jaan lijiye jaha tak mujhe jaankari hai ram ko maryada purushottam kaha jata hai jabki ko liladhar kaha jata hai maryada purushottam hota hai jo apne maryada mein hi rehta hai apni maryada ko bachaye rakhne ke liye kisi bhi had tak ja sakta hai aur kisi ko bhi ho sakta hai kisi bhi dukh ko jhel sakta hai kyonki uska maryada hai uski pehchaan hoti hai maryada uska jeevan hota hai ram apne maryada ko bachaye rakhne ke liye pratyek jeevan ke seema ko par kiye hain pratyek sukh suvidha ko tyag diye hain maryada apna dharm vyaktigat dharm rajdharm abhi se bhi pehle use bachaye rakhne ke liye unhone bahut kuch kiya hai bahut kuch pyar kiya hai lekin kuch maryadit nahi the vaah maryada mein rehna hi jante unmen sabse badi achi thi kyon dharm ka sthapna ke liye kisi bhi maryada ko tod sakte the kisi bhi bachchan ko tod sakte the koi bhi charge kar sakte the tum toh jhuth bhi bolna padega toh jhuth bol sakte the unko chhal karna pade toh chhalakata tujhe kyonki unka kehna tha ki dharm ke bachane ke liye dharm bhi karna pade toh paap nahi hai na ki ram ke paas aisa koi bhi niti nahi tha jo dharm ko bachane ke liye adharma ke rasta chune aur kha lo chunavi toh apni maryada mein rahkar hi chuna ram aur shri krishna mein mulbhut antar hai mujhe asha hai ki main aapko prashna ka sahi uttar diya hoon agar mera utarakar sahi hai aap mere uttar ko like avashya kare nahi chahiye toh aap comment box mein jaakar comment comment kare aapka like aur comment kahaan mein intejar rehta hai

अपने प्रश्न पूछा है राम और उनके बीच मूलभूत अंतर क्या है तो आप जान लीजिए जहां तक मुझे जानका

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