महाभारत में नकुल और सहदेव का क्या योगदान है, क्योंकि वे कभी अर्जुन, भीम और युधिष्ठिर जितने चर्चित नहीं थे?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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यह पांचो पांडव चुके हैं खुद देवपुत्र हैं इंद्र स्वयं इंद्र के पुत्र हैं अर्जुन पवन देव के पत्ते भी और धर्मराज के पत्ते की लिस्ट और नकुल सहदेव अश्विनी कुमारों की तो दोनों पुत्र हैं क्योंकि इन्होंने यह तीनों बड़े थे और नकुल सहदेव छोटे थे लेकिन नकुल सहदेव में नकुल जो था वह विद्या का बहुत अच्छा जाता था एक उत्तम सारथी था और सहदेव तलवार कल आकर बहुत उच्च कोटि के तलवार वास्ते इन पांचों में अलग-अलग अपनी अपनी विशेषताएं के ज्ञाता थे भला चलाने में माहिर थे भीम चलाने में माहिर था वहां अर्जुन धनुष विद्या का कुशल ज्ञाता थे और जिज्ञासु से परिपूर्ण थे इन सब भाइयों में सर्वश्रेष्ठ बलशाली आयोजनों के ज्ञाता वस्त्रों की ज्ञाता अर्जुन थे और नकुल और सहदेव चले तलवार की बहुत अच्छी ज्ञाता थे और नकुल ज्योतिष विद्या के सारथी के गुणों से परिपूर्ण थे क्योंकि इन तीनों भाइयों ने ही ऊपर से युद्ध किए हैं और जो भी अधिकतर युधिष्ठिर तो एक तरह से धर्म का रूप रहे उनका युद्ध में इतना बड़ा स्थान नहीं रहा है बाकी यदि आप महाभारत के युद्ध को देखे हैं तो कौरवों के समस्त पुत्रों का अकेले पी ने मारा है अर्जुन ने भी पप्पू को नहीं मारा है नहीं आता है नाम नीम के ही नाम है सारे और सुशासन को जिस प्रगति के साथ मारा था उर्दू शासन की नीतियों का परिणाम था क्योंकि ऐसे कुकृत्य करने वालों के यही परिणाम होते हैं

yah paancho pandav chuke hain khud devaputra hain indra swayam indra ke putra hain arjun pawan dev ke patte bhi aur Dharamraj ke patte ki list aur nakul sahdev ashwini kumaron ki toh dono putra hain kyonki inhone yah tatvo bade the aur nakul sahdev chote the lekin nakul sahdev me nakul jo tha vaah vidya ka bahut accha jata tha ek uttam saarthi tha aur sahdev talwar kal aakar bahut ucch koti ke talwar vaaste in panchon me alag alag apni apni visheshtayen ke gyaata the bhala chalane me maahir the bhim chalane me maahir tha wahan arjun dhanush vidya ka kushal gyaata the aur jigyasu se paripurna the in sab bhaiyo me sarvashreshtha balshali ayojanon ke gyaata vastron ki gyaata arjun the aur nakul aur sahdev chale talwar ki bahut achi gyaata the aur nakul jyotish vidya ke saarthi ke gunon se paripurna the kyonki in tatvo bhaiyo ne hi upar se yudh kiye hain aur jo bhi adhiktar yudhishthir toh ek tarah se dharm ka roop rahe unka yudh me itna bada sthan nahi raha hai baki yadi aap mahabharat ke yudh ko dekhe hain toh kauravon ke samast putron ka akele p ne mara hai arjun ne bhi pappu ko nahi mara hai nahi aata hai naam neem ke hi naam hai saare aur sushashan ko jis pragati ke saath mara tha urdu shasan ki nitiyon ka parinam tha kyonki aise kukritya karne walon ke yahi parinam hote hain

यह पांचो पांडव चुके हैं खुद देवपुत्र हैं इंद्र स्वयं इंद्र के पुत्र हैं अर्जुन पवन देव के

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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महाभारत में नकुल और सहदेव का क्या योगदान है क्योंकि यह कभी अर्जुन भी मौजूद दृष्टि जितनी चर्चित नहीं देखी बहुत ही यह बातें प्रचलित नहीं है लेकिन महाभारत का अगर पूरी तरह से अभ्यास किया जाए तो नकुल और सहदेव जैसे उनके 1 गुण एक विद्या उनको आत्मसात थी वह यह थी कि वह भविष्य में होने वाली बातों का उनको तुरंत मालूम पड़ जाता था क्या होने वाला है वह को ज्ञात हो जाता था इसीलिए वह बहुत ही जाने लेकिन वह किसी को बता नहीं सकते थे यूं बंधे हुए थे अपने ज्ञान से इसलिए नकुल सहदेव का योगदान था

mahabharat mein nakul aur sahdev ka kya yogdan hai kyonki yah kabhi arjun bhi maujud drishti jitni charchit nahi dekhi bahut hi yah batein prachalit nahi hai lekin mahabharat ka agar puri tarah se abhyas kiya jaaye toh nakul aur sahdev jaise unke 1 gun ek vidya unko aatmsat thi vaah yah thi ki vaah bhavishya mein hone wali baaton ka unko turant maloom pad jata tha kya hone vala hai vaah ko gyaat ho jata tha isliye vaah bahut hi jaane lekin vaah kisi ko bata nahi sakte the yun bandhe hue the apne gyaan se isliye nakul sahdev ka yogdan tha

महाभारत में नकुल और सहदेव का क्या योगदान है क्योंकि यह कभी अर्जुन भी मौजूद दृष्टि जितनी चर

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Achary Dhruv sashtri

Achary and Youtuber

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बहुत सुंदर आपने प्रश्न कि आपकी जानकारी के लिए बता दूं यह नकुल और सहदेव शल्य चिकित्सा के आचार्य थे उनके पास ऐसे सप्तशती जो न किसी पांडव के पास देना कौरव के पास थी यह औषधियों के महान ज्ञाता थे और जितनी भी सेना पांडवों के तरफ से लड़ती थी रोज रात्रि को केवल औषधि लगा करके सबको नकुल सहदेव टीम कर देते थे और अंगराज कर्ण का भी प्राण नकुल और सहदेव ने बचाया था अपनी औषधि लगाकर कौन को सभी औषधियों का ज्ञान था इसलिए उनकी भूमिका महाभारत में सबसे ज्यादा थी जय श्री राम

bahut sundar aapne prashna ki aapki jaankari ke liye bata doon yah nakul aur sahdev shalya chikitsa ke aacharya the unke paas aise saptashatee jo na kisi pandav ke paas dena kaurav ke paas thi yah aushadhiyon ke mahaan gyaata the aur jitni bhi sena pandavon ke taraf se ladati thi roj ratri ko keval aushadhi laga karke sabko nakul sahdev team kar dete the aur angaraj karn ka bhi praan nakul aur sahdev ne bachaya tha apni aushadhi lagakar kaun ko sabhi aushadhiyon ka gyaan tha isliye unki bhumika mahabharat mein sabse zyada thi jai shri ram

बहुत सुंदर आपने प्रश्न कि आपकी जानकारी के लिए बता दूं यह नकुल और सहदेव शल्य चिकित्सा के आच

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नमस्कार आपका सवाल महाभारत में नकुल और सहदेव का क्या योगदान है कि वह कभी अर्जुन युद्ध महाभारत में जो महाभारत के अनुसार नकुल व सहदेव थे वह अश्विनी कुमार के धर्म पुत्र थे इसलिए उनको जन्म से ही वेद प्राप्त था तो किसी भी औरों का इलाज कर सकते थे यही उम्र में विशेष गुण था और ही योगदान था युद्ध के दौरान जितने भी सैनिक एवं था घायल हुए थे उनका उपचार करते थे और युद्ध भी करते थे ही में विशेष ज्ञान था जो सबसे अलग करता है धन्यवाद

namaskar aapka sawaal mahabharat mein nakul aur sahdev ka kya yogdan hai ki vaah kabhi arjun yudh mahabharat mein jo mahabharat ke anusaar nakul va sahdev the vaah ashwini kumar ke dharm putra the isliye unko janam se hi ved prapt tha toh kisi bhi auron ka ilaj kar sakte the yahi umr mein vishesh gun tha aur hi yogdan tha yudh ke dauran jitne bhi sainik evam tha ghayal hue the unka upchaar karte the aur yudh bhi karte the hi mein vishesh gyaan tha jo sabse alag karta hai dhanyavad

नमस्कार आपका सवाल महाभारत में नकुल और सहदेव का क्या योगदान है कि वह कभी अर्जुन युद्ध महाभा

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