हनुमान ने अपना आकार क्यों नहीं बढ़ाया और लंका और भारत के बीच पुल बनाने के लिए लेट गए?...


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देखिए क्या होता है भगवान की लीला से बड़ी ना कोई चीज नहीं होती भगवान श्री रामा धर्म की स्थापना करने और धर्म को जानते थे अच्छे से श्री हनुमान जी तो यह भी एक लीला की किया बलराम नाम पर विश्वास कीजिए और फिर पत्थर पुल पर डाल पर उसमें पानी में डाल कर देखिए पत्थर पुल बनाता है या नहीं बनाता है भगवान की सारी लीलाएं होती है इस पर हम कभी शक नहीं कर सकते और ना ही हम को करना चाहिए

dekhiye kya hota hai bhagwan ki leela se badi na koi cheez nahi hoti bhagwan shri rama dharm ki sthapna karne aur dharm ko jante the acche se shri hanuman ji toh yah bhi ek leela ki kiya balaram naam par vishwas kijiye aur phir patthar pool par daal par usme paani me daal kar dekhiye patthar pool banata hai ya nahi banata hai bhagwan ki saari lilaen hoti hai is par hum kabhi shak nahi kar sakte aur na hi hum ko karna chahiye

देखिए क्या होता है भगवान की लीला से बड़ी ना कोई चीज नहीं होती भगवान श्री रामा धर्म की स्था

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मूर्खतापूर्ण प्रश्न पूछे और धर्मवीर पत्थरों से फूल बन सकता था तो हनुमान जी की क्या आवश्यकता थी और जब हनुमान जी स्वयं शक्तिशाली थे और वे उड़कर लंका में जा सकते थे लेकिन तुम लोग मूर्ख मूर्ख के जैसे करते हो भगवान ने कोई भी चीज की है तो मनुष्य को कोई प्रेरणा और दिशा दिखाने के लिए क्या हो रहा है कि कठिन से कठिन समय में भी आदमी किस प्रकार से काम कर सकता है और आज जब राम सेतु बना का जूस के आधार पर देश दुनिया में कितने पुल बनाए जा सकने लगे को एक टेक्निक भगवान ने मनुष्य को दी और दिखाई लेकिन जो नास्तिक लोग होते हैं इस प्रकार के धर्म ग्रंथों और धार्मिक चीजों का मखौल उड़ाते और वही काम प्रश्न पूछने वाले देश लोगों के पास ले गया

murkhtapurn prashna pooche aur dharmveer pattharon se fool ban sakta tha toh hanuman ji ki kya avashyakta thi aur jab hanuman ji swayam shaktishali the aur ve udakar lanka mein ja sakte the lekin tum log murkh murkh ke jaise karte ho bhagwan ne koi bhi cheez ki hai toh manushya ko koi prerna aur disha dikhane ke liye kya ho raha hai ki kathin se kathin samay mein bhi aadmi kis prakar se kaam kar sakta hai aur aaj jab ram setu bana ka juice ke aadhaar par desh duniya mein kitne pool banaye ja sakne lage ko ek technique bhagwan ne manushya ko di aur dikhai lekin jo nastik log hote hai is prakar ke dharm granthon aur dharmik chijon ka makhaul udate aur wahi kaam prashna poochne waale desh logo ke paas le gaya

मूर्खतापूर्ण प्रश्न पूछे और धर्मवीर पत्थरों से फूल बन सकता था तो हनुमान जी की क्या आवश्यकत

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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कि हम भगवान को जिस तरह मानते हैं भगवान की पावर कॉमिक बुक्स की तरह ऐसे नहीं होती है अगर ऐसा होता तो भगवान राम सिर्फ एक तीर मार कर ही सारी लंका को और अयोध्या को खत्म कर देता है और हनुमान जी का कितना बड़ा होता है क्या था ऐसी कोई पावर नहीं है जो सच्चाई की बावत उन्होंने शॉर्टकट अपनाने के बजाय मेहनत का रास्ता बताया तो हनुमानजी उन्होंने कभी छोड़कर नहीं अपनाया हमेशा ही उन्होंने उनकी मेहनत का ही परिणाम था कि वह तू बना पाए

ki hum bhagwan ko jis tarah maante hain bhagwan ki power comic books ki tarah aise nahi hoti hai agar aisa hota toh bhagwan ram sirf ek teer maar kar hi saree lanka ko aur ayodhya ko khatam kar deta hai aur hanuman ji ka kitna bada hota hai kya tha aisi koi power nahi hai jo sacchai ki bavat unhone shortcut apnane ke bajay mehnat ka rasta bataya toh hanumanji unhone kabhi chhodkar nahi apnaya hamesha hi unhone unki mehnat ka hi parinam tha ki vaah tu bana paye

कि हम भगवान को जिस तरह मानते हैं भगवान की पावर कॉमिक बुक्स की तरह ऐसे नहीं होती है अगर ऐसा

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Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

1:00
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हर चीज की एक मर्यादा होती है जैसा कि आपका प्रश्न है हनुमान जी अपना आकार क्यों नहीं बढ़ाया और लंका और भारत के बीच पुल बनाने के लिए गेट गए होते तो ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि कोई भी कार्य अगर नियमानुसार किया जाए तो उसका परिणाम सुखद होगा और नियमानुसार नहीं किया जाए तो उसका परिणाम दुखद होने की संभावना बनी रहती है इसलिए भगवान तो आप जानते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम थे यह मर्यादा का उल्लंघन हो जाता अगर हनुमान जी चाहते तो सीता जी को जैसे गए थे उस समय भी वापस ला सकते थे लेकिन ऐसा उन्होंने नहीं किया क्योंकि कोई भी कार्य व नियम से होगा तो अच्छा होता है जय श्रीमन्नारायण

har cheez ki ek maryada hoti hai jaisa ki aapka prashna hai hanuman ji apna aakaar kyon nahi badhaya aur lanka aur bharat ke beech pool banane ke liye gate gaye hote toh aisa nahi ho sakta kyonki koi bhi karya agar niyamanusar kiya jaaye toh uska parinam sukhad hoga aur niyamanusar nahi kiya jaaye toh uska parinam dukhad hone ki sambhavna bani rehti hai isliye bhagwan toh aap jante hain maryada purushottam the yah maryada ka ullanghan ho jata agar hanuman ji chahte toh sita ji ko jaise gaye the us samay bhi wapas la sakte the lekin aisa unhone nahi kiya kyonki koi bhi karya va niyam se hoga toh accha hota hai jai shrimannarayan

हर चीज की एक मर्यादा होती है जैसा कि आपका प्रश्न है हनुमान जी अपना आकार क्यों नहीं बढ़ाया

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Shyambabu

Student

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सनातन धर्म एक प्राचीन धर्म है आपके प्रश्नों के अनुसार में बता दो जैसा आप ने प्रश्न किया हनुमान जी ने अपना आकार क्यों नहीं बढ़ाया और लंका और भारत के बीच पुल बंद कर क्यों नहीं लेट गए फिर आज के समय में जैसे सनातन धर्म होने का एक सबूत मांगते हैं तो उस समय क्या सबूत रहता कि वह लोग ऐसा किए थे इस आगे इस तरह गए थे इसीलिए एक रास्ता चुना गया जिसके आधार पर पुल बनाया गया वह साक्ष्य प्रमाण रहे ताकि यहां ऐसा हुआ था वास्तव में ठीक है आज के समय में सब को सबूत चाहिए और अगर अपने धर्म के अपने अच्छाई के बारे में अपने होने का प्रतीक प्रमाण किसी धर्म ने दिया है तो सनातन धरना दिया है और किसी धर्म ने आज तक कोई प्रमाण नहीं दिया है अपने होने का

sanatan dharm ek prachin dharm hai aapke prashnon ke anusaar me bata do jaisa aap ne prashna kiya hanuman ji ne apna aakaar kyon nahi badhaya aur lanka aur bharat ke beech pool band kar kyon nahi late gaye phir aaj ke samay me jaise sanatan dharm hone ka ek sabut mangate hain toh us samay kya sabut rehta ki vaah log aisa kiye the is aage is tarah gaye the isliye ek rasta chuna gaya jiske aadhar par pool banaya gaya vaah sakshya pramaan rahe taki yahan aisa hua tha vaastav me theek hai aaj ke samay me sab ko sabut chahiye aur agar apne dharm ke apne acchai ke bare me apne hone ka prateek pramaan kisi dharm ne diya hai toh sanatan dharna diya hai aur kisi dharm ne aaj tak koi pramaan nahi diya hai apne hone ka

सनातन धर्म एक प्राचीन धर्म है आपके प्रश्नों के अनुसार में बता दो जैसा आप ने प्रश्न किया हन

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