महाभारत के दौरान, अर्जुन के गांडीव के कुछ अज्ञात गुण क्या हैं?...


user

Pooja

Teacher

1:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अर्जुन जोगी महाभारत के महाभारत के प्रमुख पात्र हैं जब एवं आपको पता होगा उनके पास में खनन स्थल का नाम गांधीधाम गांडीव धनुष किसने दिया यह आपको पता नहीं होगा इसमें एक कहानी है एक बार अर्जुन और श्री कृष्ण यमुना तट पर बैठे हुए थे तो तब वहां अग्निदेव प्रकट हुआ अग्निदेव ने कहा कि मैं आंख खांडव वन को बस में करना चाहता हूं परंतु इंद्रदेव मुझे वहां काम करने नहीं दे रहे हैं क्योंकि वहां तक्षक नाग अपने परिवार के साथ रहता है इसलिए तो अर्जुन अर्जुन से प्रसन्न होकर अग्निदेव ने अर्जुन को गांडीव धनुष दिया था और एक वानर युक्त ध्वजा भी प्रदान की थी और उसके साथ एक रात भी किया था और यह श्री कृष्ण भगवान थे उनको अग्निदेव ने 1 दिन में चक्र में प्रदान किया था और एक आग्नेय अस्त्र में प्रदान किया था तभी जब अग्निदेव उस खांडव वन को जला रहे होते हैं तो वहां से तो ऊपर से इंद्रदेव आते हैं और वह उसको तो वह बारिश करने लगता है परंतु अर्जुन ने अपने गांडीव धनुष से भारी बारिश कुछ होता है वह बीच में ही रोक देता है इससे उसके बाद इनका युद्ध चलता है तो बाद में एक आकाशवाणी होती है कि आप श्री कृष्ण और अर्जुन से कभी नहीं जीत सकते क्योंकि यह नर और नारायण के अवतार है उसके बाद इंद्रदेव वहां से चले जाते हैं और गांडीव धनुष कहां से आए इसका मतलब है कि गांडीव धनुष अर्जुन को अग्निदेव ने प्रदान किया था

arjun jogi mahabharat ke mahabharat ke pramukh patra hain jab evam aapko pata hoga unke paas me khanan sthal ka naam GANDHIDHAM gandiv dhanush kisne diya yah aapko pata nahi hoga isme ek kahani hai ek baar arjun aur shri krishna yamuna tat par baithe hue the toh tab wahan agnidev prakat hua agnidev ne kaha ki main aankh khandav van ko bus me karna chahta hoon parantu indradev mujhe wahan kaam karne nahi de rahe hain kyonki wahan takshak nag apne parivar ke saath rehta hai isliye toh arjun arjun se prasann hokar agnidev ne arjun ko gandiv dhanush diya tha aur ek vanar yukt dhwaja bhi pradan ki thi aur uske saath ek raat bhi kiya tha aur yah shri krishna bhagwan the unko agnidev ne 1 din me chakra me pradan kiya tha aur ek agney astra me pradan kiya tha tabhi jab agnidev us khandav van ko jala rahe hote hain toh wahan se toh upar se indradev aate hain aur vaah usko toh vaah barish karne lagta hai parantu arjun ne apne gandiv dhanush se bhari barish kuch hota hai vaah beech me hi rok deta hai isse uske baad inka yudh chalta hai toh baad me ek aakashwani hoti hai ki aap shri krishna aur arjun se kabhi nahi jeet sakte kyonki yah nar aur narayan ke avatar hai uske baad indradev wahan se chale jaate hain aur gandiv dhanush kaha se aaye iska matlab hai ki gandiv dhanush arjun ko agnidev ne pradan kiya tha

अर्जुन जोगी महाभारत के महाभारत के प्रमुख पात्र हैं जब एवं आपको पता होगा उनके पास में खनन स

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  95
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

0:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महाभारत के दौरान अर्जुन के गांधी के कुछ अज्ञात गुण क्या है अग्नि को गांडीव धनुष प्रदान किया था और उसके आशीर्वाद वचन विधि से की और इस शुद्ध नुस्खे झनकारो झनकारो की थी वही इतनी तेज होती थी कि मालूम पड़ जाता था कि अर्जुन का गांडीव चल रहा है और उन्होंने महाभारत के युद्ध में 1 घंटे से और आशीर्वाद विशेष झंडू कुंडली से चला लेता

mahabharat ke dauran arjun ke gandhi ke kuch agyaat gun kya hai agni ko gandiv dhanush pradan kiya tha aur uske ashirvaad vachan vidhi se ki aur is shudh nuskhe jhankaro jhankaro ki thi wahi itni tez hoti thi ki maloom pad jata tha ki arjun ka gandiv chal raha hai aur unhone mahabharat ke yudh mein 1 ghante se aur ashirvaad vishesh jhandu kundali se chala leta

महाभारत के दौरान अर्जुन के गांधी के कुछ अज्ञात गुण क्या है अग्नि को गांडीव धनुष प्रदान कि

Romanized Version
Likes  58  Dislikes    views  1156
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गांधी धनुष की सबसे बड़ी तो अज्ञात यह है कि ना तो कोई भी शस्त्र से कटती नहीं कभी उसकी प्रत्यंचा कटती और अर्जुन जी को खांडव वन में इंद्रप्रस्थ के उपलक्ष में जब भगवान श्री कृष्ण अर्जुन जी के थे वहीं पर नाग देवता इनकी रक्षक के तो नाग देवता ने उनको प्रदान की थी

gandhi dhanush ki sabse badi toh agyaat yah hai ki na toh koi bhi shastra se katatii nahi kabhi uski pratyancha katatii aur arjun ji ko khandav van me indraprasth ke uplaksh me jab bhagwan shri krishna arjun ji ke the wahi par nag devta inki rakshak ke toh nag devta ne unko pradan ki thi

गांधी धनुष की सबसे बड़ी तो अज्ञात यह है कि ना तो कोई भी शस्त्र से कटती नहीं कभी उसकी प्रत्

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!