यह विश्वास करने में मैं कितना सही हूँ कि (हिंदू) पौराणिक कथा वास्तव में सिर्फ दार्शनिक कथा है यदि हां, तो क्या इसकी पूजा करना तर्कसंगत है?...


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नहीं पौराणिक कथा सिर्फ दार्शनिक कथा नहीं है पौराणिक कथाओं में बहुत सारी सत्यता है दर्शन अलग है पौराणिक कथाएं अलग है दर्शनशास्त्र से हमें कुछ सीखने को अलग रास्ते मिलते हैं और पौराणिक कथाओं से हमें अलग रास्ते मिलते हैं पौराणिक कथाओं में बहुत सारे जो कि जिन चीजों को हमने नहीं देखा है मैंने नहीं सुना है हमारे दादा पर बाजा भी नहीं देखे हैं उन चीजों का हमें ज्ञान होता है जिसको कि हमने ना सोना है न देखा है पौराणिक कथाओं के माध्यम से हम उस सुनते हैं उस स्थान को देखते हैं और उसके बारे में जानने की कोशिश भी करते हैं उसकी गहराइयों तक हम पहुंचते हैं और अनेक कथाएं कुछ किंबदंती हैं हैं और कुछ सत्य हैं तो किंग बनाती हो का कोई सत्य सत्य निकलता है कोई तथ्य सत्य नहीं होता लेकिन पौराणिक कथाओं में कुछ ऐसे कथाएं हैं जो सत्य हैं जो कि वेद शास्त्रों में वर्णित है ऐसी सारी कथाएं सत्य हैं और वह स्थान भी मौजूद हैं उनका पूरा लेखा-जोखा भी है

nahi pouranik katha sirf darshnik katha nahi hai pouranik kathao me bahut saari satyata hai darshan alag hai pouranik kathaen alag hai darshanashastra se hamein kuch sikhne ko alag raste milte hain aur pouranik kathao se hamein alag raste milte hain pouranik kathao me bahut saare jo ki jin chijon ko humne nahi dekha hai maine nahi suna hai hamare dada par baaja bhi nahi dekhe hain un chijon ka hamein gyaan hota hai jisko ki humne na sona hai na dekha hai pouranik kathao ke madhyam se hum us sunte hain us sthan ko dekhte hain aur uske bare me jaanne ki koshish bhi karte hain uski gaharaiyon tak hum pahunchate hain aur anek kathaen kuch kimbadanti hain hain aur kuch satya hain toh king banati ho ka koi satya satya nikalta hai koi tathya satya nahi hota lekin pouranik kathao me kuch aise kathaen hain jo satya hain jo ki ved shastron me varnit hai aisi saari kathaen satya hain aur vaah sthan bhi maujud hain unka pura lekha jokha bhi hai

नहीं पौराणिक कथा सिर्फ दार्शनिक कथा नहीं है पौराणिक कथाओं में बहुत सारी सत्यता है दर्शन अल

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पूजा एक विश्वास होता है और विश्वास का दूसरा नाम पूजा होता है और यदि हमें विश्वास है तो हम पूजा करें हमारी दीदी मानती है हमारा दिल उसी को कहता है तो हमारी पूजा है बाकी सब भावनाएं पूजा और भगवान के बीच विश्वास होता है यदि विश्वास तो कहते हैं विश्वास है तो पत्थर को इसलिए पूछते हैं कि इंसान विश्वास के काबिल नहीं हो तो यही बात है और पूजा करें या भगवान की बात करें तो भगवान एक विश्वास होता है यदि हमें विश्वास है कि भगवान है तो भगवान भगवान तो हर चीज जर्रे जर्रे जर्रे में भगवान और रही बात पुरानी कथा की पुरानी कथा मार्मिक और दार्शनिक कथा है अब क्योंकि इसमें जो भी चीजें हैं बहुत सारे ऐसे वर्ड सर दर्द आंसर बताए गए हैं जो साइंस के अनुसार गलत है क्योंकि वैसा होता भी नहीं हो सकता लेकिन फिर भी खत्म होता है वहां से यह सब चीज शुरू होता है तो इसलिए सही है और पूजा तो हमारी इच्छा पर डिपेंड करती है विश्वास है तो पूजा है नहीं है तो पत्थर है बस

puja ek vishwas hota hai aur vishwas ka doosra naam puja hota hai aur yadi hamein vishwas hai toh hum puja kare hamari didi maanati hai hamara dil usi ko kahata hai toh hamari puja hai baki sab bhaavnaye puja aur bhagwan ke beech vishwas hota hai yadi vishwas toh kehte hain vishwas hai toh patthar ko isliye poochhte hain ki insaan vishwas ke kaabil nahi ho toh yahi baat hai aur puja kare ya bhagwan ki baat kare toh bhagwan ek vishwas hota hai yadi hamein vishwas hai ki bhagwan hai toh bhagwan bhagwan toh har cheez jarre jarre jarre mein bhagwan aur rahi baat purani katha ki purani katha marmik aur darshnik katha hai ab kyonki isme jo bhi cheezen hain bahut saare aise word sir dard answer bataye gaye hain jo science ke anusaar galat hai kyonki waisa hota bhi nahi ho sakta lekin phir bhi khatam hota hai wahan se yah sab cheez shuru hota hai toh isliye sahi hai aur puja toh hamari iccha par depend karti hai vishwas hai toh puja hai nahi hai toh patthar hai bus

पूजा एक विश्वास होता है और विश्वास का दूसरा नाम पूजा होता है और यदि हमें विश्वास है तो हम

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