यदि रावण ने सीता का अपहरण करते समय उन्हें हाथ नहीं लगाया, और राम ने सीता पर संदेह किया, उन्हें चिता में जलाया, तो अच्छा आदमी कौन है?...


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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

2:28

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पहले राउंड रामायण के विषय में पढ़िए जानिए और कथा गोस्वामी जी तभी ऐसे प्रश्न का उत्तर जाई हो सकता है आध्यात्मिक रामायण में कथा आती है जब मारी सोने का व्रत बंद करके चला था उसके पहले भगवान राम ने सीता को अग्नि को समर्पित कर दिया था और उसकी छाया उसका पति भी ही मायावती सीता थी माया की सीता ने ही सोने के हिरण के विषय में भगवान राम से बोला था क्योंकि एक माही दूसरे माया की याचना कर सकती है और उसी माया के वशीभूत होकर भगवान राम मारी के पीछे यानी के सोने के मृत के पीछे दौड़े थे और उसका वध किया था उसी मायावी माली जी ने राम की आवाज में लक्ष्मण को पड़ा था और उसकी लक्ष्मण को मार्वी सीता ने राम को पास भेजा था वह मूवी सीता ही रावण ने प्रण की थी और जब अभिनेता का समाया उस मायावी सीता को भगवान ने अग्नि को सुपुर्द कर दिया उनकी अपनी पत्नी सीता थी उसे वापस ले लिया इसलिए रामायण का पूर्ण ज्ञान की जय और ऐसे प्रश्न पर ध्यान दीजिए मैं रावण के चरित्र पर कोई आशंका नहीं करता रावण भी एक विद्वान पंडित थे रावण का जो पुतला जलाते हैं यह भी एक हिंदू रीति का कलंक है यह नहीं जलाना चाहिए पंडित पर हमारे हिंदू धर्म में कुछ ऐसी कार्यप्रणाली चली आ रही है जिन्हें हम रोके भी तो नहीं रोक सकते

pehle round ramayana ke vishay mein padhiye janiye aur katha goswami ji tabhi aise prashna ka uttar jaii ho sakta hai aadhyatmik ramayana mein katha aati hai jab mari sone ka vrat band karke chala tha uske pehle bhagwan ram ne sita ko agni ko samarpit kar diya tha aur uski chhaya uska pati bhi hi mayawati sita thi maya ki sita ne hi sone ke hiran ke vishay mein bhagwan ram se bola tha kyonki ek maahi dusre maya ki yachana kar sakti hai aur usi maya ke vashibhut hokar bhagwan ram mari ke peeche yani ke sone ke mrit ke peeche daude the aur uska vadh kiya tha usi mayavi maali ji ne ram ki awaaz mein lakshman ko pada tha aur uski lakshman ko marvi sita ne ram ko paas bheja tha vaah movie sita hi ravan ne pran ki thi aur jab abhineta ka samaya us mayavi sita ko bhagwan ne agni ko supurd kar diya unki apni patni sita thi use wapas le liya isliye ramayana ka purn gyaan ki jai aur aise prashna par dhyan dijiye main ravan ke charitra par koi ashanka nahi karta ravan bhi ek vidhwaan pandit the ravan ka jo putalaa jalte hain yah bhi ek hindu riti ka kalank hai yah nahi jalaana chahiye pandit par hamare hindu dharm mein kuch aisi Karya Pranali chali aa rahi hai jinhen hum roke bhi toh nahi rok sakte

पहले राउंड रामायण के विषय में पढ़िए जानिए और कथा गोस्वामी जी तभी ऐसे प्रश्न का उत्तर जाई

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