आम आदमी हो या नेता, रेप की सज़ा सबके लिए एक ही होनी चाहिए- आपका क्या मानना है?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल मैं आपसे हंड्रेड परसेंट सहमत हूं इसकी सजा बहुत है कड़ी से कड़ी होनी चाहिए और इसमें कोई पक्षपात नहीं होना चाहिए इसका जो प्रोसेस है वह भी बहुत पास हो राजेश को वजन प्रायरिटी पर आश्रित करना चाहिए और साथ ही एक तो हो गया भाई आप ने कानून बना दिया लेकिन कानून बनाने के बाद आ गया लोगों को पता ही नहीं है लेकिन जरूरी नहीं हर इंसान को हर कानून के बारे में बताओ लेकिन यह सारे कुछ अपराध है जो कि जघन्य अपराध होते हैं इसके बारे में लोगों को बोलना बताना पब्लिकली इसको डालना बहुत जरूरी होता है क्यों क्योंकि तभी तो जाकर बुक ऑफ है जागेगा आज देखी आज है पूरे भारतवर्ष में और लोगों को चालान करने का डर होता है अगर वह हेलमेट नहीं बनता रॉन्ग साइड से टाइपिंग करता है तो उसको इधर आ गया है उसको समझ आ गया है आपको थोड़ा सा परिवर्तन दिखेगा इसी तरीके से अगर हमें इसकी भी बात करें और तो हर एक इंसान को यह पता होना चाहिए कि यह जगह अपराध है किसी के साथ भी किसी को भी ऐसा कोई कोशिश या बदसलूकी नहीं करना चाहिए उनकी रूह कांप जाए वह सोच भी ना सके ऐसा कुछ चीज करने के बारे में खाली एक कानून बनाने से नहीं होगा साथ में हमें यह भी देखना पड़ेगा कि हमारे इंडिया में चल क्या रहा है माहौल क्या है फैजाबाद हमारे टीवी चैनल पर क्या है हम जो जो चीजें सोशल मीडिया एक्सेस करते हैं हम मतलब जो भी इंसान एक्सेस करता है उसके दिमाग में उस माध्यम से क्या चीजें जा रही हैं वह भी तो इंपॉर्टेंट देना क्यों क्योंकि अगर वह देना तो उसके दिमाग में एक तरीके का प्रचार-प्रसार हो रहा है तो उसकी एक जो मानसिकता है वह 1 तरीके के बनने बनने शुरू हो जाती है और फिर क्या पता है वहीं किसी अपराध को जन्म देती है तो हमें स्कैंडल से नहीं कई एंगल से सोचना चाहिए कि हमारे संस्कारों का क्या हुआ क्या हमारी हम अपनी मर्यादा में हैं हर चीज जो भी कुछ किसी इंसान के संपर्क में आ रही है क्या वह अपनी मर्यादा में है क्या वह सही है भारत के बच्चों के लिए नागरिकों के लिए हर एक इंसान के लिए क्या वह सही है अगर नहीं है तो उसके आसपास इर्द-गिर्द भी कानून बनने चाहिए तब जाकर हम इतने बड़े जिसको और काफी हद तक काबू में करने काबू में करने में सक्षम और सफल हो पाएंगे

ji bilkul main aapse hundred percent sahmat hoon iski saza bahut hai kadi se kadi honi chahiye aur isme koi pakshapat nahi hona chahiye iska jo process hai vaah bhi bahut paas ho rajesh ko wajan prayariti par aashrit karna chahiye aur saath hi ek toh ho gaya bhai aap ne kanoon bana diya lekin kanoon banne baad aa gaya logo ko pata hi nahi hai lekin zaroori nahi har insaan ko har kanoon ke bare mein batao lekin yah saare kuch apradh hai jo ki jaghanya apradh hote hai iske bare mein logo ko bolna bataana publicly isko dalna bahut zaroori hota hai kyon kyonki tabhi toh jaakar book of hai jaagegaa aaj dekhi aaj hai poore bharatvarsh mein aur logo ko chalan karne ka dar hota hai agar vaah helmet nahi baata wrong side se typing karta hai toh usko idhar aa gaya hai usko samajh aa gaya hai aapko thoda sa parivartan dikhega isi tarike se agar hamein iski bhi baat kare aur toh har ek insaan ko yah pata hona chahiye ki yah jagah apradh hai kisi ke saath bhi kisi ko bhi aisa koi koshish ya badsaluki nahi karna chahiye unki ruh kamp jaaye vaah soch bhi na sake aisa kuch cheez karne ke bare mein khaali ek kanoon banane se nahi hoga saath mein hamein yah bhi dekhna padega ki hamare india mein chal kya raha hai maahaul kya hai faizabad hamare TV channel par kya hai hum jo jo cheezen social media access karte hai hum matlab jo bhi insaan access karta hai uske dimag mein us madhyam se kya cheezen ja rahi hai vaah bhi toh important dena kyon kyonki agar vaah dena toh uske dimag mein ek tarike ka prachar prasaar ho raha hai toh uski ek jo mansikta hai vaah 1 tarike ke banne banne shuru ho jaati hai aur phir kya pata hai wahi kisi apradh ko janam deti hai toh hamein scandal se nahi kai Angle se sochna chahiye ki hamare sanskaron ka kya hua kya hamari hum apni maryada mein hai har cheez jo bhi kuch kisi insaan ke sampark mein aa rahi hai kya vaah apni maryada mein hai kya vaah sahi hai bharat ke baccho ke liye nagriko ke liye har ek insaan ke liye kya vaah sahi hai agar nahi hai toh uske aaspass ird gird bhi kanoon banne chahiye tab jaakar hum itne bade jisko aur kaafi had tak kabu mein karne kabu mein karne mein saksham aur safal ho payenge

जी बिल्कुल मैं आपसे हंड्रेड परसेंट सहमत हूं इसकी सजा बहुत है कड़ी से कड़ी होनी चाहिए और इस

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