आम आदमी हो या नेता, रेप की सज़ा सबके लिए एक ही होनी चाहिए- आपका क्या मानना है?...


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Dr. Vikas Bhatheja

Psychologist

0:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे इस प्रश्न पर ही आश्चर्य है कि आम आदमी और नेता में क्या फर्क है यदि कोई रेप करता है तू सजा डेफिनेटली सभी के लिए होनी चाहिए कानून सबके लिए बराबर है हां नेता जो है अपने पावर के बेस पर मैनिपुलेशन कर सकते हैं लेकिन अब यही है कि यह मुद्दा जो है जागृति क्या हम लोग के जितने जागरूक होंगे जनता जितनी जागरूक होगी उतनी जगह ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और उसमें जो है कानून सबके लिए बराबर हो जाएगा

mujhe is prashna par hi aashcharya hai ki aam aadmi aur neta me kya fark hai yadi koi rape karta hai tu saza definetli sabhi ke liye honi chahiye kanoon sabke liye barabar hai haan neta jo hai apne power ke base par mainipuleshan kar sakte hain lekin ab yahi hai ki yah mudda jo hai jagriti kya hum log ke jitne jagruk honge janta jitni jagruk hogi utani jagah transparency badhegi aur usme jo hai kanoon sabke liye barabar ho jaega

मुझे इस प्रश्न पर ही आश्चर्य है कि आम आदमी और नेता में क्या फर्क है यदि कोई रेप करता है तू

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

0:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके पेट में आदमी हो या नेता क्योंकि नेताओं को आदर्श पेश करना आम आदमी की ज्यादा होनी चाहिए

aapke pet me aadmi ho ya neta kyonki netaon ko adarsh pesh karna aam aadmi ki zyada honi chahiye

आपके पेट में आदमी हो या नेता क्योंकि नेताओं को आदर्श पेश करना आम आदमी की ज्यादा होनी चाहि

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल मैं आपसे हंड्रेड परसेंट सहमत हूं इसकी सजा बहुत है कड़ी से कड़ी होनी चाहिए और इसमें कोई पक्षपात नहीं होना चाहिए इसका जो प्रोसेस है वह भी बहुत पास हो राजेश को वजन प्रायरिटी पर आश्रित करना चाहिए और साथ ही एक तो हो गया भाई आप ने कानून बना दिया लेकिन कानून बनाने के बाद आ गया लोगों को पता ही नहीं है लेकिन जरूरी नहीं हर इंसान को हर कानून के बारे में बताओ लेकिन यह सारे कुछ अपराध है जो कि जघन्य अपराध होते हैं इसके बारे में लोगों को बोलना बताना पब्लिकली इसको डालना बहुत जरूरी होता है क्यों क्योंकि तभी तो जाकर बुक ऑफ है जागेगा आज देखी आज है पूरे भारतवर्ष में और लोगों को चालान करने का डर होता है अगर वह हेलमेट नहीं बनता रॉन्ग साइड से टाइपिंग करता है तो उसको इधर आ गया है उसको समझ आ गया है आपको थोड़ा सा परिवर्तन दिखेगा इसी तरीके से अगर हमें इसकी भी बात करें और तो हर एक इंसान को यह पता होना चाहिए कि यह जगह अपराध है किसी के साथ भी किसी को भी ऐसा कोई कोशिश या बदसलूकी नहीं करना चाहिए उनकी रूह कांप जाए वह सोच भी ना सके ऐसा कुछ चीज करने के बारे में खाली एक कानून बनाने से नहीं होगा साथ में हमें यह भी देखना पड़ेगा कि हमारे इंडिया में चल क्या रहा है माहौल क्या है फैजाबाद हमारे टीवी चैनल पर क्या है हम जो जो चीजें सोशल मीडिया एक्सेस करते हैं हम मतलब जो भी इंसान एक्सेस करता है उसके दिमाग में उस माध्यम से क्या चीजें जा रही हैं वह भी तो इंपॉर्टेंट देना क्यों क्योंकि अगर वह देना तो उसके दिमाग में एक तरीके का प्रचार-प्रसार हो रहा है तो उसकी एक जो मानसिकता है वह 1 तरीके के बनने बनने शुरू हो जाती है और फिर क्या पता है वहीं किसी अपराध को जन्म देती है तो हमें स्कैंडल से नहीं कई एंगल से सोचना चाहिए कि हमारे संस्कारों का क्या हुआ क्या हमारी हम अपनी मर्यादा में हैं हर चीज जो भी कुछ किसी इंसान के संपर्क में आ रही है क्या वह अपनी मर्यादा में है क्या वह सही है भारत के बच्चों के लिए नागरिकों के लिए हर एक इंसान के लिए क्या वह सही है अगर नहीं है तो उसके आसपास इर्द-गिर्द भी कानून बनने चाहिए तब जाकर हम इतने बड़े जिसको और काफी हद तक काबू में करने काबू में करने में सक्षम और सफल हो पाएंगे

ji bilkul main aapse hundred percent sahmat hoon iski saza bahut hai kadi se kadi honi chahiye aur isme koi pakshapat nahi hona chahiye iska jo process hai vaah bhi bahut paas ho rajesh ko wajan prayariti par aashrit karna chahiye aur saath hi ek toh ho gaya bhai aap ne kanoon bana diya lekin kanoon banne baad aa gaya logo ko pata hi nahi hai lekin zaroori nahi har insaan ko har kanoon ke bare mein batao lekin yah saare kuch apradh hai jo ki jaghanya apradh hote hai iske bare mein logo ko bolna bataana publicly isko dalna bahut zaroori hota hai kyon kyonki tabhi toh jaakar book of hai jaagegaa aaj dekhi aaj hai poore bharatvarsh mein aur logo ko chalan karne ka dar hota hai agar vaah helmet nahi baata wrong side se typing karta hai toh usko idhar aa gaya hai usko samajh aa gaya hai aapko thoda sa parivartan dikhega isi tarike se agar hamein iski bhi baat kare aur toh har ek insaan ko yah pata hona chahiye ki yah jagah apradh hai kisi ke saath bhi kisi ko bhi aisa koi koshish ya badsaluki nahi karna chahiye unki ruh kamp jaaye vaah soch bhi na sake aisa kuch cheez karne ke bare mein khaali ek kanoon banane se nahi hoga saath mein hamein yah bhi dekhna padega ki hamare india mein chal kya raha hai maahaul kya hai faizabad hamare TV channel par kya hai hum jo jo cheezen social media access karte hai hum matlab jo bhi insaan access karta hai uske dimag mein us madhyam se kya cheezen ja rahi hai vaah bhi toh important dena kyon kyonki agar vaah dena toh uske dimag mein ek tarike ka prachar prasaar ho raha hai toh uski ek jo mansikta hai vaah 1 tarike ke banne banne shuru ho jaati hai aur phir kya pata hai wahi kisi apradh ko janam deti hai toh hamein scandal se nahi kai Angle se sochna chahiye ki hamare sanskaron ka kya hua kya hamari hum apni maryada mein hai har cheez jo bhi kuch kisi insaan ke sampark mein aa rahi hai kya vaah apni maryada mein hai kya vaah sahi hai bharat ke baccho ke liye nagriko ke liye har ek insaan ke liye kya vaah sahi hai agar nahi hai toh uske aaspass ird gird bhi kanoon banne chahiye tab jaakar hum itne bade jisko aur kaafi had tak kabu mein karne kabu mein karne mein saksham aur safal ho payenge

जी बिल्कुल मैं आपसे हंड्रेड परसेंट सहमत हूं इसकी सजा बहुत है कड़ी से कड़ी होनी चाहिए और इस

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

0:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपको यह गलत सूचना किसने दी है कि अलग-अलग लोगों के लिए हमारे देश में अलग-अलग कानून है या एक ही अपराध के लिए असरदार और रसूखदार इंसान को कम सजा होती है और किसी गरीब आम आदमी को अधिक सजा होती है ऐसा कुछ भी नहीं है हमारे देश का कानून हर किसी के लिए समान है और एक ही अपराध करने के लिए हर किसी को वहीं सजा दी जा सकती है इसीलिए आप ही गलतफहमी में ना रहे

aapko yah galat soochna kisne di hai ki alag alag logo ke liye hamare desh mein alag alag kanoon hai ya ek hi apradh ke liye asaradar aur rasukhdar insaan ko kam saza hoti hai aur kisi garib aam aadmi ko adhik saza hoti hai aisa kuch bhi nahi hai hamare desh ka kanoon har kisi ke liye saman hai aur ek hi apradh karne ke liye har kisi ko wahi saza di ja sakti hai isliye aap hi galatfahamee mein na rahe

आपको यह गलत सूचना किसने दी है कि अलग-अलग लोगों के लिए हमारे देश में अलग-अलग कानून है या एक

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न आम आदमी हो या नेता रेप की सजा सबके लिए एक ही होनी चाहिए आपका क्या मन है जी बिल्कुल सही बात है आम आदमी होने की सजा तो सही होनी चाहिए और विदेशी होनी चाहिए और कुछ नहीं मिला इसके लिए कुछ सबूत भी नहीं चाहिए डायरेक्ट सीधा होने चाहिए

aapka prashna aam aadmi ho ya neta rape ki saza sabke liye ek hi honi chahiye aapka kya man hai ji bilkul sahi baat hai aam aadmi hone ki saza toh sahi honi chahiye aur videshi honi chahiye aur kuch nahi mila iske liye kuch sabut bhi nahi chahiye direct seedha hone chahiye

आपका प्रश्न आम आदमी हो या नेता रेप की सजा सबके लिए एक ही होनी चाहिए आपका क्या मन है जी बिल

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका जो प्रश्न है आम आदमी है नेता रेप की सजा सबके लिए एक ही होनी चाहिए क्या मानना है आपने प्रश्न क्या मेरा आप के प्रथम से मत बिल्कुल सहमत हूं कि ऐसा है भी हमारे कानून में जो समानता का अधिकार है और सभी व्यक्तियों के लिए एक समान है इसीलिए नेता हो या आम आदमी रेप की सजा जोड़ती है समान होती है 10% एग्री करती

aapka jo prashna hai aam aadmi hai neta rape ki saza sabke liye ek hi honi chahiye kya manana hai aapne prashna kya mera aap ke pratham se mat bilkul sahmat hoon ki aisa hai bhi hamare kanoon mein jo samanata ka adhikaar hai aur sabhi vyaktiyon ke liye ek saman hai isliye neta ho ya aam aadmi rape ki saza jodti hai saman hoti hai 10 agree karti

आपका जो प्रश्न है आम आदमी है नेता रेप की सजा सबके लिए एक ही होनी चाहिए क्या मानना है आपने

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

6:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न सार्थक है और आपने जो बात कही है कि चाहिए कहां से आम आदमियों पर एक की सजा सभी के लिए समान लेकिन कोर्ट उसमें कंडीशन देखकर कंडीशन लगता है कि किम कंडीशन में कैसी परिस्थितियों के अंतर्गत के रेप हुआ एक लड़की और एक लड़का आपस में बैर करना एक लड़का और एक लड़की आपस में दोस्त लड़की ने क्योंकि दर्शन बॉयफ्रेंड बॉयफ्रेंड भी सकता है सब उसकी सहेलियों के बॉयफ्रेंड बॉयफ्रेंड बना लिया लेकिन वह भारतीय संस्कारों की लड़की थी वह जानती थी कि दोस्त की परिभाषा क्या होती है तो उसकी क्या सीमाएं होती है लेकिन जो वॉइस टेंट हाउस का फोन नंबर एक का कटा हुआ आवारा लड़का था उस लड़के ने एक दिन एक काम को देख कर के मौका देख कर के और उसका जबरदस्ती उसके साथ लड़की ने कहा कि एक मित्र की सीमाएं या नहीं होती यह चुपचाप मांग रहे हो यह सब विवाह के बाद दिया जाता है क्योंकि मेरा आपके साथ देवा नहीं है इसलिए इस सबकी आपको मांग नहीं करनी चाहिए लड़के ने उसके साथ अपने असली रूद्र रूप राजा लड़का उस लड़के ने उसका मुंह बंद करके जबरदस्ती स्थित लिया और अनाधिकार चेष्टा करने की लड़की ने जैसे-तैसे वहां से भाग कर के आए उसके बाद आप के मां के पास कोई और मां से सफाया ने मां को सारी बात बता दी और खुद गलती है कि कहां मां में गलती एक्सेप्ट करती हूं कि मुझे आधुनिकता के बहाव में में ही रह गई थी मैं मैं बेवकूफी के कारण से उस लड़की को चुना प्रस्थान दे दिया कि वह अपनी सीमाओं का अतिक्रमण कर गया पिता ने यह बात हम सब लोगों से कई विचारों को बात इसलिए नहीं करी बता सकता है कि यदि उस बात को उठा देता है तो लड़की और भिवानी में ऐसी परिस्थिति में क्या किया जाए ऐसी परिस्थिति में इसकी जिम्मेदार कौन है मुझे बताइए आप देव बदतमीज घरों के लड़के से अमीर खानदान के लड़के जो जिन घरों से संस्कार नहीं दिए जाते हैं उनको पैसे के मद में पिछले हम भी हो चुके हैं नेताओं के लड़के भी अधिकारियों के लड़के जो इस पर नहीं हैं लड़कियों का मुसलमान लड़कियों को याहू करना जनता 115 लड़कियां बंदरों की अमीर घरों की जांच के नाम पर नथिंग कुछ होता है वहां उनके लिए एक ही जो जिस्म की भूख है उनका शौक है 49 टन हर रोज जैसे कपड़े बदलते हैं उस तरह से ऊपर होते हैं वहां आप क्या करेंगे यह तो बातों का बना हुआ है आधुनिकता ने वेस्टर्न कल्चर ने आज इंसान की सीमाएं लांघी लड़कियां वॉइस फ्रेंडों के साथ ही चुप कर रही है वही जो विवाह के बाद पति करता है और वाइफ की अपनी सीमाएं लांग ऐसे समय में जब कोटीडियन देता है पिपलिया क्या कि यह सपा को बताया भी उसको बचा जाता है तो कोर्ट में वकील उस लड़की की जन सेवा देता कि आप इसके साथ बाहर क्यों गई आपको घर से खुश पढ़ने गई क्या आप पढ़ लेना जाकर किसके साथ में और और भविष्य में भी ऐसे स्थान पर क्यों बैठे काम था काम था इसका मतलब आप की सहमति की सहमति थी तब कहां है तो हां वह इन शक्तियों को देखता है और भारत में एकमात्र लिखी कुछ भाषा के आधार है आज तो दो ही है एक दो फूल और एक भेड़िया दुर्भाग्य का विषय इस बात का है और तो सभी कुशल एवं हालत खराब है तीन पट्टी कला में तो बहुत ही बद से बदतर है और वही हमारे कर्मचारी भर्ती है लेकिन सारी चीजें देखता है उसके बाद को परिभाषित करता है कि बीजेपी किस कंडीशन में हुआ है और 39 अंश को देख कर के भी वह सजा देता अब बुक सजा उसकी एक ही है चाहे वो लेता अकेली हो जाओ साधारण आदमी के लिए और हां यह हो जाता है कि जब उनको जेल होती हैं कुछ जिलों में इनको साइड नेताओं को या अधिकारी वर्ग के लिए इस सैनिक नहीं जाती है बल्कि इनको संविदा पूर्ण स्थान दे दीदी जाते हैं जबकि आम आदमी को पकड़ा जाता है उसको श्री शनि महाराज तक के रखा जाता है तो यह सब चीजें की सजा तो कोर्ट के द्वारा तो दोनों को एक ही है और इसमें कोई भेदभाव नहीं बरता है एक अपराध एक कानून एक सजा यह कोर्ट का नियम होता है और कोई परिभाषा नहीं आता है किस और निर्दोष 99 दोषी छूट जाएं लेकिन एक निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए यह फोटो काफी आदर्शवाद जोड़ता है

aapka prashna sarthak hai aur aapne jo baat kahi hai ki chahiye kahaan se aam adamiyo par ek ki saza sabhi ke liye saman lekin court usme condition dekhkar condition lagta hai ki kim condition mein kaisi paristhitiyon ke antargat ke rape hua ek ladki aur ek ladka aapas mein bair karna ek ladka aur ek ladki aapas mein dost ladki ne kyonki darshan boyfriend boyfriend bhi sakta hai sab uski saheliyon ke boyfriend boyfriend bana liya lekin vaah bharatiya sanskaron ki ladki thi vaah jaanti thi ki dost ki paribhasha kya hoti hai toh uski kya simaye hoti hai lekin jo voice tent house ka phone number ek ka kata hua awaara ladka tha us ladke ne ek din ek kaam ko dekh kar ke mauka dekh kar ke aur uska jabardasti uske saath ladki ne kaha ki ek mitra ki simaye ya nahi hoti yah chupchap maang rahe ho yah sab vivah ke baad diya jata hai kyonki mera aapke saath deva nahi hai isliye is sabki aapko maang nahi karni chahiye ladke ne uske saath apne asli rudra roop raja ladka us ladke ne uska mooh band karke jabardasti sthit liya aur anadhikar cheshta karne ki ladki ne jaise taise wahan se bhag kar ke aaye uske baad aap ke maa ke paas koi aur maa se safaya ne maa ko saree baat bata di aur khud galti hai ki kahaan maa mein galti except karti hoon ki mujhe adhunikata ke bahav mein mein hi reh gayi thi main main bewakoofi ke karan se us ladki ko chuna prasthan de diya ki vaah apni seemaon ka atikraman kar gaya pita ne yah baat hum sab logo se kai vicharon ko baat isliye nahi kari bata sakta hai ki yadi us baat ko utha deta hai toh ladki aur Bhiwani mein aisi paristithi mein kya kiya jaaye aisi paristithi mein iski zimmedar kaun hai mujhe bataye aap dev badtameez gharon ke ladke se amir khandan ke ladke jo jin gharon se sanskar nahi diye jaate hai unko paise ke mad mein pichle hum bhi ho chuke hai netaon ke ladke bhi adhikaariyo ke ladke jo is par nahi hai ladkiyon ka muslim ladkiyon ko yahoo karna janta 115 ladkiyan bandaron ki amir gharon ki jaanch ke naam par nothing kuch hota hai wahan unke liye ek hi jo jism ki bhukh hai unka shauk hai 49 ton har roj jaise kapde badalte hai us tarah se upar hote hai wahan aap kya karenge yah toh baaton ka bana hua hai adhunikata ne western culture ne aaj insaan ki simaye langhi ladkiyan voice frendon ke saath hi chup kar rahi hai wahi jo vivah ke baad pati karta hai aur wife ki apni simaye lang aise samay mein jab kotidiyan deta hai pipliya kya ki yah sapa ko bataya bhi usko bacha jata hai toh court mein vakil us ladki ki jan seva deta ki aap iske saath bahar kyon gayi aapko ghar se khush padhne gayi kya aap padh lena jaakar kiske saath mein aur aur bhavishya mein bhi aise sthan par kyon baithe kaam tha kaam tha iska matlab aap ki sahmati ki sahmati thi tab kahaan hai toh haan vaah in shaktiyon ko dekhta hai aur bharat mein ekmatra likhi kuch bhasha ke aadhaar hai aaj toh do hi hai ek do fool aur ek bhediya durbhagya ka vishay is baat ka hai aur toh sabhi kushal evam halat kharab hai teen patti kala mein toh bahut hi bad se badataar hai aur wahi hamare karmchari bharti hai lekin saree cheezen dekhta hai uske baad ko paribhashit karta hai ki bjp kis condition mein hua hai aur 39 ansh ko dekh kar ke bhi vaah saza deta ab book saza uski ek hi hai chahen vo leta akeli ho jao sadhaaran aadmi ke liye aur haan yah ho jata hai ki jab unko jail hoti hai kuch jilon mein inko side netaon ko ya adhikari varg ke liye is sainik nahi jaati hai balki inko samvida purn sthan de didi jaate hai jabki aam aadmi ko pakada jata hai usko shri shani maharaj tak ke rakha jata hai toh yah sab cheezen ki saza toh court ke dwara toh dono ko ek hi hai aur isme koi bhedbhav nahi barata hai ek apradh ek kanoon ek saza yah court ka niyam hota hai aur koi paribhasha nahi aata hai kis aur nirdosh 99 doshi chhut jaye lekin ek nirdosh ko saza nahi honi chahiye yah photo kaafi adarshwad Jodta hai

आपका प्रश्न सार्थक है और आपने जो बात कही है कि चाहिए कहां से आम आदमियों पर एक की सजा सभी क

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

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मेरा मानना बिल्कुल आपके जैसे हैं सभी के लिए सजा जो है वह एक ही होनी चाहिए और हमारा जो कानून एवं भी यही कहता है बात यह है कि अलग-अलग सजाएं इसलिए जो है मॉडिफाई की गई है कैपिटल पनिशमेंट नहीं है फांसी की सजा की वगैरह सब घर गियर किसमें है हमारे देश में मानव अधिकार आयोग के कारण कपड़े पनिशमेंट कम कर दी गई है बहुत ही देर किस में होती है लेकिन एक सजा ही हो और उसमें थोड़ी-सी कठिन होनी चाहिए तो मुझे लगता है कि वह बेहतर होगा लेकिन मुझे मेरा कंसर्न उसे इस बात पर है कि इंडिकेशन होना बहुत जरूरी है कि अगर आप पता है के लिए जो है कि इस है और शुरू हो गया है वह बना हुआ है तो उसको डिसीजन लेने में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए हमारे देश में ही समस्या क्या है तो चाहते हैं नेट देना चाहते लेकिन हम लोग उस न्याय को अगर लेट कर देंगे अगर उसका डिसइन 5 साल बाद आ रहा है 4 साल बाद आ रहे तो उसका देसी न्याय मिलना भी अन्याय एक उदाहरण है तो मुझे लगता है कि सजा मिलनी चाहिए जो एप्स लूट कैसे जहां में साफ-साफ पता है वहां सजा मुझे लगता है जल्दी-जल्दी मिलनी चाहिए बहुत धन्यवाद

mera manana bilkul aapke jaise hai sabhi ke liye saza jo hai vaah ek hi honi chahiye aur hamara jo kanoon evam bhi yahi kahata hai baat yah hai ki alag alag sajayen isliye jo hai madifai ki gayi hai capital punishment nahi hai fansi ki saza ki vagera sab ghar gear kisme hai hamare desh mein manav adhikaar aayog ke karan kapde punishment kam kar di gayi hai bahut hi der kis mein hoti hai lekin ek saza hi ho aur usme thodi si kathin honi chahiye toh mujhe lagta hai ki vaah behtar hoga lekin mujhe mera kansarn use is baat par hai ki indication hona bahut zaroori hai ki agar aap pata hai ke liye jo hai ki is hai aur shuru ho gaya hai vaah bana hua hai toh usko decision lene mein zyada samay nahi lagna chahiye hamare desh mein hi samasya kya hai toh chahte hai net dena chahte lekin hum log us nyay ko agar late kar denge agar uska disain 5 saal baad aa raha hai 4 saal baad aa rahe toh uska desi nyay milna bhi anyay ek udaharan hai toh mujhe lagta hai ki saza milani chahiye jo apps loot kaise jaha mein saaf saaf pata hai wahan saza mujhe lagta hai jaldi jaldi milani chahiye bahut dhanyavad

मेरा मानना बिल्कुल आपके जैसे हैं सभी के लिए सजा जो है वह एक ही होनी चाहिए और हमारा जो कानू

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Mr. Abhay Upadhyaya

Thinker , Mind Motivator, Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी सही कहा आपने आम आदमी हो या नेता हो रेप की सजा सबके लिए एक ही होनी चाहिए और निश्चित रूप से एक ही होनी चाहिए क्योंकि कानून सबके लिए एक है

ji sahi kaha aapne aam aadmi ho ya neta ho rape ki saza sabke liye ek hi honi chahiye aur nishchit roop se ek hi honi chahiye kyonki kanoon sabke liye ek hai

जी सही कहा आपने आम आदमी हो या नेता हो रेप की सजा सबके लिए एक ही होनी चाहिए और निश्चित रूप

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Gena Ram

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून कानून होता है चाहे कोई भी हो कानून सबके लिए एक जैसा नहीं होगा तो फिर वह कानून कैसे कहलाएगा क्योंकि कानून शब्द खुद में यह परिभाषा खुद का अपना परिचय परिभाषा खुद से दे रहा है कि कानून कानून यानी सर के लिए एक जैसा नहीं हम तो जब यह सब के लिए एक जैसा नहीं रहेगा तो खुद की परिभाषा जब जब इंसान खुद को भूल जाए तो वह इंसान जब खुद में कुछ नहीं हो तो वह खुद क्या हो सकता है वही बात है इस शब्द कानून के पास भी जब वह कानून खुद में नहीं रहेगा कानून तो फिर कानून का लाएगा कैसे

kanoon kanoon hota hai chahen koi bhi ho kanoon sabke liye ek jaisa nahi hoga toh phir vaah kanoon kaise kehlaega kyonki kanoon shabd khud mein yah paribhasha khud ka apna parichay paribhasha khud se de raha hai ki kanoon kanoon yani sir ke liye ek jaisa nahi hum toh jab yah sab ke liye ek jaisa nahi rahega toh khud ki paribhasha jab jab insaan khud ko bhool jaaye toh vaah insaan jab khud mein kuch nahi ho toh vaah khud kya ho sakta hai wahi baat hai is shabd kanoon ke paas bhi jab vaah kanoon khud mein nahi rahega kanoon toh phir kanoon ka layega kaise

कानून कानून होता है चाहे कोई भी हो कानून सबके लिए एक जैसा नहीं होगा तो फिर वह कानून कैसे क

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आप भी कोशिश की है आम आदमी हो या नेता रेट सबके लिए एक ही होनी चाहिए आपकी क्या मानना मैं आपकी बात से सहमत हूं कि चाहे नेता हो या आम आदमियों से सजा सबकी एक ही होनी चाहिए तो कोशिश में अमीरी और गरीबी का कोई प्रबंध ना होना चाहिए क्योंकि फ्रेंड्स गुनाह गुनाह होता है वह चाहे छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी उसकी सजा भी एक ही होनी चाहिए तो इस पर सख्त कानून बनना चाहिए ताकि जो रेप के रेपिस्ट होते हैं उनको सजा देने के लिए इस पर जल्द निर्णय होने चाहिए

aap bhi koshish ki hai aam aadmi ho ya neta rate sabke liye ek hi honi chahiye aapki kya manana main aapki baat se sahmat hoon ki chahen neta ho ya aam adamiyo se saza sabki ek hi honi chahiye toh koshish mein amiri aur garibi ka koi prabandh na hona chahiye kyonki friends gunah gunah hota hai vaah chahen chota aadmi ho ya bada aadmi uski saza bhi ek hi honi chahiye toh is par sakht kanoon bana chahiye taki jo rape ke rapist hote hain unko saza dene ke liye is par jald nirnay hone chahiye

आप भी कोशिश की है आम आदमी हो या नेता रेट सबके लिए एक ही होनी चाहिए आपकी क्या मानना मैं आपक

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सबके लिए एक ही होना चाहिए हमारा भी मानना यही है

sabke liye ek hi hona chahiye hamara bhi manana yahi hai

सबके लिए एक ही होना चाहिए हमारा भी मानना यही है

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