हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर?...


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Anju pandey

Social Worker

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एक सवाल है हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर मेरा कहना यह है कि किसी पर भी भरोसा करना हमारा व्यक्तिगत विचार हो सकता है मेरा पर्सनल मैटर है कि हम किस पर भरोसा करते हैं ईश्वर हमेशा साथ नहीं दिखाई देता हूं और साइंस में प्रयोग करके प्रैक्टिकल करके दिखा सकता है पर फिर भी हम ईश्वर पर भरोसा करते हैं तो प्रकृति के कण-कण में ईश्वर व्याप्त है और अगर हम देखते हैं तो साइंस अगर कुछ में प्रयोग करके दिखाता है तो उसका कोई ना कोई ऐसा तत्व है जो उस से जुड़ा हुआ है प्रकृति से जुड़ा हुआ है और हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ होता है आजकल छोटा सा उदाहरण है अगर हम कहते हैं कि खाने से पहले हमें हाथ धोना चाहिए तो साइंस इसके आपको 10 रीजन देगा कि क्यों धोना चाहिए और वह रीजन कहीं ना कहीं उस प्रकृति से जुड़े वैदिक परंपरा से जुड़े हुए हैं और अगर साइंस उसको प्रयोग करके दिखा रहा है तो वह भी इंसान है जिसने साइंस की खोज की है और अगर हम माने तो उसको भी ईश्वर में ही बनाया है तो दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं पर यह हमारा व्यक्तिगत विचार हो सकता है कि हमें किस पर भरोसा करना चाहिए हम किस से ज्यादा सेटिस्फाई हैं क्योंकि जब हम किसी पर भरोसा करते हैं तो अपने मन से करते हैं अपने दिल से करते हैं और जिस पर हमारी आस्था होती है जिस पर विश्वास होता है उसी को हम मानने लगते हैं तो इससे कोई बहस तो नहीं की जा सकती पर सबका अपना अपना मत है कि वह किस पर भरोसा करता है तो ही आपका व्यक्तिगत विचार हो सकता है

ek sawaal hai hum ishwar par bharosa kare ya phir science par mera kehna yah hai ki kisi par bhi bharosa karna hamara vyaktigat vichar ho sakta hai mera personal matter hai ki hum kis par bharosa karte hain ishwar hamesha saath nahi dikhai deta hoon aur science me prayog karke practical karke dikha sakta hai par phir bhi hum ishwar par bharosa karte hain toh prakriti ke kan kan me ishwar vyapt hai aur agar hum dekhte hain toh science agar kuch me prayog karke dikhaata hai toh uska koi na koi aisa tatva hai jo us se juda hua hai prakriti se juda hua hai aur hamari sanskriti se juda hua hota hai aajkal chota sa udaharan hai agar hum kehte hain ki khane se pehle hamein hath dhona chahiye toh science iske aapko 10 reason dega ki kyon dhona chahiye aur vaah reason kahin na kahin us prakriti se jude vaidik parampara se jude hue hain aur agar science usko prayog karke dikha raha hai toh vaah bhi insaan hai jisne science ki khoj ki hai aur agar hum maane toh usko bhi ishwar me hi banaya hai toh dono ek hi sikke ke do pahaloo hain par yah hamara vyaktigat vichar ho sakta hai ki hamein kis par bharosa karna chahiye hum kis se zyada satisfy hain kyonki jab hum kisi par bharosa karte hain toh apne man se karte hain apne dil se karte hain aur jis par hamari astha hoti hai jis par vishwas hota hai usi ko hum manne lagte hain toh isse koi bahas toh nahi ki ja sakti par sabka apna apna mat hai ki vaah kis par bharosa karta hai toh hi aapka vyaktigat vichar ho sakta hai

एक सवाल है हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर मेरा कहना यह है कि किसी पर भी भरोसा करना

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Deepak Tiwari

Freelance Writer And Poet, Working As Journalist

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ईश्वर पर आस्था रखें और विज्ञान के अनुरूप काम करें ईश्वर वह है जो कभी आपको निराश नहीं होने देता हमेशा आपका संभल बनता है परंतु ईश्वर भी कहता है कि तुम कर्म करो और कर्म के सहारे आगे बढ़ो मैं तुम्हारे साथ कर्म विज्ञान का प्रतिरूप है और आस्था ईश्वर का प्रतिरूप दोनों के बिना काम नहीं हो सकता विज्ञान में भी किसी न किसी मान्यता किसी ना किसी धारणा के सहारे काम किया जाता है कितना किसी लक्ष्य की तरफ बढ़ते हैं परंतु वह लक्ष्य तक प्रत्यक्ष नहीं होता जब तक कि प्रयोग के द्वारा प्रमाणित ना हो जाए जब वह लक्ष्य प्रत्यक्ष होता है तब हमें भरोसा होता है अर्थात हमारे विश्वास की जीत होती है इसी तरह ईश्वर यूं तो दिखाई नहीं देता परंतु उसकी अनुभूति प्रबल है और उसके सहारे आगे बढ़ने का प्रयास न करना चाहिए

ishwar par astha rakhen aur vigyan ke anurup kaam kare ishwar vaah hai jo kabhi aapko nirash nahi hone deta hamesha aapka sambhal banta hai parantu ishwar bhi kahata hai ki tum karm karo aur karm ke sahare aage badho main tumhare saath karm vigyan ka pratirup hai aur astha ishwar ka pratirup dono ke bina kaam nahi ho sakta vigyan me bhi kisi na kisi manyata kisi na kisi dharana ke sahare kaam kiya jata hai kitna kisi lakshya ki taraf badhte hain parantu vaah lakshya tak pratyaksh nahi hota jab tak ki prayog ke dwara pramanit na ho jaaye jab vaah lakshya pratyaksh hota hai tab hamein bharosa hota hai arthat hamare vishwas ki jeet hoti hai isi tarah ishwar yun toh dikhai nahi deta parantu uski anubhuti prabal hai aur uske sahare aage badhne ka prayas na karna chahiye

ईश्वर पर आस्था रखें और विज्ञान के अनुरूप काम करें ईश्वर वह है जो कभी आपको निराश नहीं होने

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Active Bee

Life Coach

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नमस्कार आपके क्वेश्चन का आंसर देना चाहूंगा तो अब हम बात कर रहे हैं कि हम किस पर भरोसा करें तो विज्ञान और भगवान के बीच में कोई आपसी टकराव नहीं है जो मैं मानता हूं दोनों अपनी-अपनी जगह पर स्थित है और अगर हम अपनी सोच का थोड़ा सा जाएगा या थोड़ा सा स्तर ऊंचा करके देखेंगे तो आप खुद ही है अब जाओ करने लगेंगे कि विज्ञान और भगवान मतलब कि गॉड और एक दूसरे के सप्लीमेंट है पूरा चाहिए तो ब्राह्मण में जितने भी ग्रह नक्षत्र तारे बाल उर्जा यह जितने भी सारी चीजें हैं यह सब एक एनर्जी है तो सारे एक दूसरे से कहीं ना कहीं पर जुड़े हुए हैं मगर विषय के तौर पर दोनों भिन्न हैं जैसे कि विज्ञान जो है वह प्रमाणिक आधारों पर मिलने वाले वास्तविक ज्ञान का संग्रह है जबकि ईश्वर को अगर हम कहें तो अध्यात्म और धर्म शास्त्र और आस्था का विषय है विज्ञान जो है तो मतलब हम के लिए कह सकते कि विज्ञान द्वारा भगवान का अस्तित्व साबित न होने के कारण ईश्वर का कोई अस्तित्व ही नहीं है यह सोचना भी गलत होगा क्योंकि विज्ञान एक खुले मन का विषय है और विज्ञान में उपयोगी विज्ञान में जिसका स्थित आवाज नहीं है क्या पता कल उसके प्रमाण मिलने से वे स्वीकृत हो जाए और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में हम देखते हैं कई चीजें ऐसी होती है जिनकी कोई ना कोई प्रमाण मिलने के कारण भी उनका चित्र का आभास होता है जैसे अगर मैं एनर्जी ऊर्जा की बात करूं तो जो साइंस के स्टूडेंट है या विज्ञान जीव विज्ञान में रुचि रखते हैं विज्ञान प्रेमियों को तो बात बताई होगी कि और थर्मोडायनेमिक्स छोरी के अनुसार ऊर्जा का किसी ना किसी की किसी भी तरीके से हम क्रिएट कर नहीं सकते ऊर्जा को ऊर्जा जो है वह एक फोन से दूसरे फोन में ही ट्रांसफर होती है ना तो आप उठ जा को एनर्जी को क्रिएट कर सकते हो नहीं आप उठ जा को खत्म कर सकते हो जितनी भी उर्जा है वह पूरे यूनिवर्स में स्टैटिक है कि निश्चित उर्जा है वह सुरजा का ट्रांसफॉर्मिंग होता है उस ऊर्जा का स्थानांतरण ही होता है जैसे अगर काइनेटिक ऊर्जा है तो उसको हम मेकेनिकल ऊर्जा के अंदर चेंज कर सकते हैं उसके कुछ एग्जांपल्स भी होते हैं जैसे इलेक्ट्रिक एनर्जी है इलेक्ट्रिक एनर्जी को हम मैकेनिकल एनर्जी में चेंज करते हैं उसमें हमारा पंखा गया पंखे में क्या होता है कि लगती के अंदर दी जा रही है और मैकेनिकल में चेंज हो रही है जिसकी वजह से पंखा माता घूमता है उसके और भी बहुत सारे एग्जांपल सर जैसे सपोज करो इलेक्ट्रिक एनर्जी आफ हीट एनर्जी में चेंज होती है कैसे की माइक्रोवेव और उसमें अपने इलेक्ट्रिक दिया इलेक्ट्रिक एनर्जी ओवन क्या होता है गर्म होता है तो वह हीट एनर्जी के अंदर चेंज होगी बनर्जी भी उतनी ही है एनर्जी स्टैटिक है पूरे ब्रहमांड के अंदर तो उसे ना तो उत्पन्न किया जाता है और ना ही खत्म कर सकते हैं तो यह सिद्धांत जो है या अधिक है यह यह अभी नहीं मिटने वाला सिद्धांत है और यह सब चीजों पर लागू होता है तो अब सवाल यह है कि ब्रह्मांड में इतनी सारी एनर्जी कहां से आई कौन सी वह अलौकिक शक्ति है या फिर अलौकिक नहीं अलौकिक शक्ति है जिसने यह एनर्जी पैदा की है कि एक जगह से तो एनर्जी आई होगी जो स्टैटिक है अब उसी का रूपांतरण चल रहा है तो यह एनर्जी कहां से आई यहां पर आकर हमारा साइंस डगमगा जाता है और यहां पर हमें फिर ईश्वर का अस्तित्व पता चलता है बहुत सारे साइंटिस्ट जो ईश्वर को मानते थे जैसे हम बात करें अल्बर्ट आइंस्टीन की वह भी ईश्वर को मानते थे उन्होंने अपनी जनरल और स्पेशल दोनों छोरी के अंदर गॉड भजन प्ले डाइस जैसे शब्दों का प्रयोग करके और इसकी ईश्वर की मौजूदगी को भी स्वीकार किया है इतना ही नहीं अल्बर्ट आइंस्टीन भगवत गीता भी पढ़ते थे अगर आपको पता हो तो और वह कहते थे कि गीता से उन्होंने बहुत मॉलिक्यूल फंक्शनैलिटी जो अगर किसी ने नाम सुना होगा तो जिन्होंने पूरी दुनिया पूरी तरीके से दुनिया को समझाया था कि भौतिक शास्त्री जो नील कंक्लूजन के तौर पर हम जा सकते हैं कि साइंटिस्ट अगर ईश्वर को मानते थे और विज्ञान की चोरी को समझने के बाद भी हमें यह लगता है कि इस भ्रमण का कोई ना कोई रचनाकार तो जरूर होगा हो सकता है हम जिस तरीके से भगवान को मानते हैं उस अवस्था में ना हो मूर्ति जिस अगर कोई हिंदू है मूर्ति पूजा कर रहा उस अवस्था में ना हो मुस्लिम अगर वो नमाज दरगाह की पूजा कर रहे हैं जो उनके अनुयाई हैं उस रूप में ना हो इसाई के जो यीशु है उनके रूप में ना हो हो सकता है निराकार हो जैसा गीता में लिखा है जिसका कोई आकार नहीं वह कॉस्मिक एनर्जी हो या फिर ब्रह्मांड की अपार शक्ति हो या फिर हम सोच भी नहीं सकते कल्पना भी नहीं कर सकते उसके रूप में हो लेकिन भगवान करे अल्लाह का ईश्वर करें चाहे जो भी कहे लेकिन मैं शक्ति जरूर है और हम इस बात को बिल्कुल भी नकार नहीं सकते इसलिए इस पर विज्ञान से अलग नहीं और विज्ञान ईश्वर से अलग नहीं है दोनों आपस में पूरा के दोनों नहीं मैं अगर कहूं कि ब्रह्मांड की हर एक चीज एक दूसरे की पूरक है तो यह सही होगा इसीलिए हम हमें ईश्वर के साथ-साथ विज्ञान पर भी भरोसा करना चाहिए और या फिर यह कहा जाए कि विज्ञान के साक्षात ईश्वर पर भी भरोसा करना चाहिए क्योंकि दोनों चीजें एक दूसरे के पूरक है और बस इतना ही मुझे लगा मेरा जो आंसर है वह आपको अच्छा लगा होगा तो इसे लाइक कीजिए और और अधिक जानकारी के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिए और वहां पर अपना जो भी क्वेश्चन हो आप पूछ सकते हैं धन्यवाद

namaskar aapke question ka answer dena chahunga toh ab hum baat kar rahe hain ki hum kis par bharosa kare toh vigyan aur bhagwan ke beech me koi aapasi takraav nahi hai jo main maanta hoon dono apni apni jagah par sthit hai aur agar hum apni soch ka thoda sa jaega ya thoda sa sthar uncha karke dekhenge toh aap khud hi hai ab jao karne lagenge ki vigyan aur bhagwan matlab ki god aur ek dusre ke supplement hai pura chahiye toh brahman me jitne bhi grah nakshtra taare baal urja yah jitne bhi saari cheezen hain yah sab ek energy hai toh saare ek dusre se kahin na kahin par jude hue hain magar vishay ke taur par dono bhinn hain jaise ki vigyan jo hai vaah pramanik aadharon par milne waale vastavik gyaan ka sangrah hai jabki ishwar ko agar hum kahein toh adhyaatm aur dharm shastra aur astha ka vishay hai vigyan jo hai toh matlab hum ke liye keh sakte ki vigyan dwara bhagwan ka astitva saabit na hone ke karan ishwar ka koi astitva hi nahi hai yah sochna bhi galat hoga kyonki vigyan ek khule 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नमस्कार आपके क्वेश्चन का आंसर देना चाहूंगा तो अब हम बात कर रहे हैं कि हम किस पर भरोसा कर

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Dr Anil Shalwa

Life Coach, Past Life Regression Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर एक तरीके से देखें तो यह दोनों का कॉन्शसनेस आने के लिए थोड़ा गहराई में जाना पड़ता है परम इस सवाल के लेवल पर आते हैं कि ईश्वर पर भरोसा करें या साइंस पर तो ईश्वर पर भरोसा करके भी पूरी जिंदगी दी जा सकती है लेकिन ईश्वर पर भरोसा वर्ड के दाम बात करें भरोसा शब्द की तो वाकई में भरोसा होना चाहिए इतना गहरा भरोसा कि जो आपको लगे कि ईश्वर नाम की कोई चीज है और वह आपके लिए काम करते हैं अभी किधर में बात करें जिस तरह का रिजर्वेशन में जो माइंडसेट हैं अगर भगवान अगर अभी सामने आ जाए हमारे ऊपर के तो हमको डाउट हो जाएगा कि असली भगवान है या नकली भगवान है या कोई नौटंकी से मेकअप करके आ गए तो इतना भरोसा होना चाहिए कि भगवान अगर हैं और ईश्वर अगर हैं और ईश्वर पर भरोसा करते हैं उतना ट्रस्ट हो इतना विश्वास हो तो ईश्वर के भरोसे भी जिंदगी चल सकती है लेकिन अभी के टाइम में भी बहुत ज्यादा मुश्किल है क्योंकि हम इतने ज्यादा लॉजिकल हो गए इतने ज्यादा मटर स्टिक हो गए कि भगवान सच में भी उतर के आ जाएं तो हमको भरोसा नहीं हुआ कि यह भगवान हम पूजा करते जरूर है मानते हैं रोज भगवान को दिया लगा रहे हैं आरती कर रहे हैं नमस्कार कर रहे हैं सब कर रहे हैं लेकिन भरोसा नहीं है मैं कहीं पर भगवान होंगे अगर वह आ भी जाए तो हमें मुश्किल हो जाएगा इतना भरोसा भगवान के भरोसे भी जिंदगी चल सकती है मतलब जो पूरी दुनिया को चलाता है वह आपके जिंदगी चलाने के लिए बहुत बड़ी बात नहीं है उसके लिए कोई लेकिन क्योंकि हम इस तरह का लॉजिकल माइंड लेकर जीते हैं तो फिर हम पर भरोसा कर सकते हैं साइट पर भरोसा करें तो जो रोल भगवान प्ले करता है वह रोल साइज भी अप्लाई कर सकता है तो साइंस के रोल प्ले का मतलब यह है कि अब आप लॉजिकली चलें अगर आप एक अच्छी जिंदगी जीना चाहते हैं तो इस चीज को आप समझे अच्छी जिंदगी जीने के लिए लॉजिकली क्या चीज जरूरी है मगर आप अगर आप वर्किंग है तो एक अच्छा कॉलीफिकेशन होना जरूरी है एक लाइट को फैशन का चुनाव का होना जरूरी है आपको जीवन की होना जरूरी है आपको यू मस्ट नो दैट हाउ टू लीव द लाइफ हाउ टू मेंटेन वोट इलेक्शन शिप हाउ टू ऑन गुड मनी हाउ टू ड्राइवर गुड बिजनेस साइंटिफिकली आपको पता होना चाहिए उन चीजों का ज्ञान लेकर आप अपनी लाइफ को अच्छे से चला सकते हैं $1 आप भगवान पर कभी भरोसा ना करें कभी आप एक अगरबत्ती ना लगाएं कभी दिया ना लगाएं तब भी आपके जिंदगी चलेगी अगर आप इसको जानते हैं कि जीवन को किस तरीके से लिया जाए तो दोनों चीजें बराबर है जो करें पूरी श्रद्धा से करें पूरे अंदर तक गहराई तक करें ईश्वर के भरोसे जिंदगी चलाते हैं तो ईश्वर पर इतना भरोसा करें ना चला पाते तो साइट पर पूरा भरोसा करें दोनों ही आपके जीवन को बेहतर बनाने में आपकी मदद करेंगे थैंक यू थैंक यू वेरी मच

hum ishwar par bharosa kare ya phir science par ek tarike se dekhen toh yah dono ka consciousness aane ke liye thoda gehrai mein jana padta hai param is sawaal ke level par aate hain ki ishwar par bharosa kare ya science par toh ishwar par bharosa karke bhi puri zindagi di ja sakti hai lekin ishwar par bharosa word ke daam baat kare bharosa shabd ki toh vaakai mein bharosa hona chahiye itna gehra bharosa ki jo aapko lage ki ishwar naam ki koi cheez hai aur vaah aapke liye kaam karte hain abhi kidhar mein baat kare jis tarah ka reservation mein jo mindset hain agar bhagwan agar abhi saamne aa jaaye hamare upar ke toh hamko doubt ho jaega ki asli bhagwan hai ya nakli bhagwan hai ya koi nautanki se makeup karke aa gaye toh itna bharosa hona chahiye ki bhagwan agar hain aur ishwar agar hain aur ishwar par bharosa karte hain utana trust ho itna vishwas ho toh ishwar ke bharose bhi zindagi chal sakti hai lekin abhi ke time mein bhi bahut zyada mushkil hai kyonki hum itne zyada logical ho gaye itne zyada matar stick ho gaye ki bhagwan sach mein bhi utar ke aa jayen toh hamko bharosa nahi hua ki yah bhagwan hum puja karte zaroor hai maante hain roj bhagwan ko diya laga rahe hain aarti kar rahe hain namaskar kar rahe hain sab kar rahe hain lekin bharosa nahi hai kahin par bhagwan honge agar vaah aa bhi jaaye toh hamein mushkil ho jaega itna bharosa bhagwan ke bharose bhi zindagi chal sakti hai matlab jo puri duniya ko chalata hai vaah aapke zindagi chalane ke liye bahut badi baat nahi hai uske liye koi lekin kyonki hum is tarah ka logical mind lekar jeete hain toh phir hum par bharosa kar sakte hain site par bharosa kare toh jo roll bhagwan play karta hai vaah roll size bhi apply kar sakta hai toh science ke roll play ka matlab yah hai ki ab aap logically chalen agar aap ek achi zindagi jeena chahte hain toh is cheez ko aap samjhe achi zindagi jeene ke liye logically kya cheez zaroori hai magar aap agar aap working hai toh ek accha kalifikeshan hona zaroori hai ek light ko fashion ka chunav ka hona zaroori hai aapko jeevan ki hona zaroori hai aapko you must no that how to leave the life how to maintain vote election ship how to on good money how to driver good business scientifically aapko pata hona chahiye un chijon ka gyaan lekar aap apni life ko acche se chala sakte hain 1 aap bhagwan par kabhi bharosa na kare kabhi aap ek agarbatti na lagaye kabhi diya na lagaye tab bhi aapke zindagi chalegi agar aap isko jante hain ki jeevan ko kis tarike se liya jaaye toh dono cheezen barabar hai jo kare puri shraddha se kare poore andar tak gehrai tak kare ishwar ke bharose zindagi chalte hain toh ishwar par itna bharosa kare na chala paate toh site par pura bharosa kare dono hi aapke jeevan ko behtar banane mein aapki madad karenge thank you thank you very match

हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर एक तरीके से देखें तो यह दोनों का कॉन्शसनेस आने के ल

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एस के मानव 'पौराणिक' | Sanjeev Kumar

धर्मशिक्षक व विधिज्ञ

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विज्ञान एक मार्ग मात्र है और जबकि भगवान अर्थात ईश्वर उस मार्ग का गंतव्य है अतः दोनों का प्रथम प्रथम महत्व किसी को भी महत्व नहीं समझा सकता सकता इसलिए जीवन को सुख में बनाने के लिए और जीवन के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए भगवान की और विज्ञान की दोनों की पर्याप्त आवश्यकता है

vigyan ek marg matra hai aur jabki bhagwan arthat ishwar us marg ka gantavya hai atah dono ka pratham pratham mahatva kisi ko bhi mahatva nahi samjha sakta sakta isliye jeevan ko sukh me banane ke liye aur jeevan ke lakshya prapt karne ke liye bhagwan ki aur vigyan ki dono ki paryapt avashyakta hai

विज्ञान एक मार्ग मात्र है और जबकि भगवान अर्थात ईश्वर उस मार्ग का गंतव्य है अतः दोनों का प्

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Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

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अभिनन्दन मिश्र

रीजनिंग एक्सपर्ट

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स्टार आपका पसंद है हम ईश्वर पर भरोसा करें या तारीफ पर आप दोनों पर भी भरोसा कर सकते हैं ऐसा कहीं नहीं लिखा गया कि अगर आप टाइम पर भरोसा कर रहे हैं तो भगवान पर भरोसा नहीं करता और भगवान पर भरोसा कर रहे हैं तो सही से बता सकते आपको विश्वास नहीं होगा जान के कि बड़े बड़े साइंटिस्ट देश के इन्हीं विदेश के भी उन्होंने विज्ञानिक होकर इतनी बड़ी-बड़ी खोजे कि उसके बावजूद उनका विश्वास ईश्वर तो बहुत था इसलिए अपने मन से यह बात निकाल दीजिए कि जो लोग साइंस तो विश्वास कर रहे हैं उनका विश्वास ईश्वर पर नहीं होता आपको सुनकर हैरानी होगी मैं ज्योतिषाचार्य हूं मेरे पास आज भी बहुत पढ़े-लिखे लोग डॉक्टर साइंटिस्ट इंजीनियर बड़े-बड़े पोस्ट पर बैठे हुए लोग अपना भविष्य जाने के लिए आते हैं क्या वह अंधविश्वासी हैं नहीं जीवन में जो भी आपको मिला है यदि आप उससे लाभ उठा सकते हैं तो उसको बुरा क्या है धन्यवाद

star aapka pasand hai hum ishwar par bharosa kare ya tareef par aap dono par bhi bharosa kar sakte hain aisa kahin nahi likha gaya ki agar aap time par bharosa kar rahe hain toh bhagwan par bharosa nahi karta aur bhagwan par bharosa kar rahe hain toh sahi se bata sakte aapko vishwas nahi hoga jaan ke ki bade bade scientist desh ke inhin videsh ke bhi unhone vigyanik hokar itni badi badi khoje ki uske bawajud unka vishwas ishwar toh bahut tha isliye apne man se yah baat nikaal dijiye ki jo log science toh vishwas kar rahe hain unka vishwas ishwar par nahi hota aapko sunkar hairani hogi main jyotishacharya hoon mere paas aaj bhi bahut padhe likhe log doctor scientist engineer bade bade post par baithe hue log apna bhavishya jaane ke liye aate hain kya vaah andhavishvasi hain nahi jeevan me jo bhi aapko mila hai yadi aap usse labh utha sakte hain toh usko bura kya hai dhanyavad

स्टार आपका पसंद है हम ईश्वर पर भरोसा करें या तारीफ पर आप दोनों पर भी भरोसा कर सकते हैं ऐसा

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जय श्री राम संदीप एक योग शिक्षक आपका प्रश्न है हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर आप अनुभव पर भरोसा कीजिए क्योंकि अनुभव कभी झूठ नहीं बोलता आपको हर जीव आंखें देखने के लिए हाथ कुछ स्पष्ट करने के लिए हर चीज अनुभव के लिए हर चीज का अनुभव कीजिए जब अनुभव होगा तो अनुभव के आधार पर आप खुद ही समझे कि आपको ईश्वर पर यकीन करना है या फिर साइंस पर जय श्री राम

jai shri ram sandeep ek yog shikshak aapka prashna hai hum ishwar par bharosa kare ya phir science par aap anubhav par bharosa kijiye kyonki anubhav kabhi jhuth nahi bolta aapko har jeev aankhen dekhne ke liye hath kuch spasht karne ke liye har cheez anubhav ke liye har cheez ka anubhav kijiye jab anubhav hoga toh anubhav ke aadhar par aap khud hi samjhe ki aapko ishwar par yakin karna hai ya phir science par jai shri ram

जय श्री राम संदीप एक योग शिक्षक आपका प्रश्न है हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर आप

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Nikita jha

insurance advisor and motivator

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हेलो दोस्तों ईश्वर ने इस ब्रह्मांड को बनाया है और इसी पर रिचार्ज कर रहे हैं और भगवान के बनाए चीजों को शांत जानने की कोशिश कर रहे हैं और जाने के लिए प्रयासरत हमेशा है इसीलिए मैं कहूंगी भगवान के हर बनाए चीजों से शाम तक रिचार्ज कर रहे हैं तो हम हमारे हिसाब से सबसे बड़े ईश्वर हैं क्योंकि ईश्वर ब्रह्मांड में इतने चीज बनाए हैं यशवंत भी अभी तक पूरी तरह से समझ नहीं पाए इसलिए मैं कहूंगी भगवान बने हैं टेंस अपने जगह पर हैं और ईश्वर अपने जगह है धन्यवाद

hello doston ishwar ne is brahmaand ko banaya hai aur isi par recharge kar rahe hain aur bhagwan ke banaye chijon ko shaant jaanne ki koshish kar rahe hain aur jaane ke liye prayasarat hamesha hai isliye main kahungi bhagwan ke har banaye chijon se shaam tak recharge kar rahe hain toh hum hamare hisab se sabse bade ishwar hain kyonki ishwar brahmaand me itne cheez banaye hain yashvant bhi abhi tak puri tarah se samajh nahi paye isliye main kahungi bhagwan bane hain tense apne jagah par hain aur ishwar apne jagah hai dhanyavad

हेलो दोस्तों ईश्वर ने इस ब्रह्मांड को बनाया है और इसी पर रिचार्ज कर रहे हैं और भगवान के बन

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DR. MANISH

MULTI TASKER & DR.M.D (A.M.), B-PHARMA, PGDM-M

3:21
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देखो ईश्वर पर भरोसा करो उनसे साइंस पर यह तो तुम्हारी छोटी छोटी बातें हाई स्कूल भगवान पर भरोसा करती है ईश्वर पर भरोसा करती है और असली बात क्या है कि भरोसा ही ईश्वर है जिस आदमी के पास भरोसा है भरोसा ही ईश्वर है जैसे एक आदमी नदी में डूबता है तो खत्म डूबते को तिनके का सहारा जतिन को बचा लेगा भगवान का रूप है ऐसे ही क्या हुआ एक आदमी तुम्हारी तरफ बड़ा भगवान का भगत था इतना ज्यादा भगत सबसे बड़ा बदमाश नामुमकिन है मुश्किल है अभी एक दिन वह अपने गांव में आसन पर बैठे अपने कमरे में तपस्या कर रहा था इतने में गांव में बाढ़ आ गई बाढ़ आने के बाद उसने देखा बाढ़ आ गई कितने में गांव का सरपंच भागता वायबल अमित पंडित जी भाग लो गांव में बाढ़ आ गई बालाजी को मेरा भगवान ने मुझे बचा लेगा सरपंच दादा की घर से चलो जल्दी भास्कर तुम जाओ मेरे भगवान ने मुझे बचा लेगा अब चले गए थे वहीं पानी आ गया वह पेड़ पर चढ़ते ही गांव के दो चार बड़े बड़े कछुओं के अलावा पंडित जी चल जल्दी से बाढ़ आएगी अब तो डूबने से कोई बचा नहीं सकता गलत तुम दोगे मेरे को भगवान बचा लेगा भाई फिर वह चले गए आदमी इतने स्मार्ट कार्ड तक जाकर छत पर जाकर पड़ गया इतने में 500 पुलिस वाले आगे बोला भाई प्रदीप आओ जल्दी चल बाटा की चप्पल पानी आने वाला है बल्कि मैं भगवान को तो वह भी चले गए बेचारे पत्थर भी पानी आ गए इतने देखा भी दो मछुआरे नाम लेकर आ रहे हैं बल्ला भी पंडित जल्दी ना हो वैसे ही पानी आ चुका है अब तो मरने मेरा भगवान कुमार पंडित जी क्या हुआ पानी आ गया रसी लखा किसने बोला भाई अली कॉप्टर वाला बोला जल्दी आजा जल्दी आजा तू आजा भगवान करते करते हो पानी से गर्दन के ऊपर चला गया वह मर गया मरने के बाद ऐसी की तैसी सारी जिंदगी आपकी सेवा करी आप सबों ने तपस्या करी राशि का राशिफल बताएं एक बार तो आई नहीं मुझे पहले माया सरपंच थोड़ा का किराया तेरे बच्चे बनकर फिर आया में पुलिस बनकर आया शेर आया मछुआरे बनता है गाया में जिसे हेलीकॉप्टर बन गया है लेकिन तूने मुझे पहचाना ही ऐसी है तुम अपनी श्रद्धा पूरी रखो शरदा को मत डगमगाने दो श्रद्धा ही भगवान है विश्वास ही भगवान हैं और भगवान ही विश्वास है तुम्हारा कल्याण हो

dekho ishwar par bharosa karo unse science par yah toh tumhari choti choti batein high school bhagwan par bharosa karti hai ishwar par bharosa karti hai aur asli baat kya hai ki bharosa hi ishwar hai jis aadmi ke paas bharosa hai bharosa hi ishwar hai jaise ek aadmi nadi me dubata hai toh khatam dubte ko tinke ka sahara jatin ko bacha lega bhagwan ka roop hai aise hi kya hua ek aadmi tumhari taraf bada bhagwan ka bhagat tha itna zyada bhagat sabse bada badamash namumkin hai mushkil hai abhi ek din vaah apne gaon me aasan par baithe apne kamre me tapasya kar raha tha itne me gaon me baadh aa gayi baadh aane ke baad usne dekha baadh aa gayi kitne me gaon ka sarpanch bhagta viable amit pandit ji bhag lo gaon me baadh aa gayi balaji ko mera bhagwan ne mujhe bacha lega sarpanch dada ki ghar se chalo jaldi bhaskar tum jao mere bhagwan ne mujhe bacha lega ab chale gaye the wahi paani aa gaya vaah ped par chadhte hi gaon ke do char bade bade kachuon ke alava pandit ji chal jaldi se baadh aayegi ab toh dubne se koi bacha nahi sakta galat tum doge mere ko bhagwan bacha lega bhai phir vaah chale gaye aadmi itne smart card tak jaakar chhat par jaakar pad gaya itne me 500 police waale aage bola bhai pradeep aao jaldi chal bata ki chappal paani aane vala hai balki main bhagwan ko toh vaah bhi chale gaye bechare patthar bhi paani aa gaye itne dekha bhi do machuaare naam lekar aa rahe hain balla bhi pandit jaldi na ho waise hi paani aa chuka hai ab toh marne mera bhagwan kumar pandit ji kya hua paani aa gaya rasi lakha kisne bola bhai ali kaptar vala bola jaldi aajad jaldi aajad tu aajad bhagwan karte karte ho paani se gardan ke upar chala gaya vaah mar gaya marne ke baad aisi ki taisi saari zindagi aapki seva kari aap sabon ne tapasya kari rashi ka rashifal bataye ek baar toh I nahi mujhe pehle maya sarpanch thoda ka kiraaya tere bacche bankar phir aaya me police bankar aaya sher aaya machuaare banta hai gaaya me jise helicopter ban gaya hai lekin tune mujhe pehchana hi aisi hai tum apni shraddha puri rakho sardar ko mat dagamagane do shraddha hi bhagwan hai vishwas hi bhagwan hain aur bhagwan hi vishwas hai tumhara kalyan ho

देखो ईश्वर पर भरोसा करो उनसे साइंस पर यह तो तुम्हारी छोटी छोटी बातें हाई स्कूल भगवान पर भर

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Ankur Nautiyal

Career & Relationship Counsellor, Motivator

1:17
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आपका क्वेश्चन है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर लेकर आज की जनरेशन है और हम भी थे जो भी हम कितना भी हम इतना आगे बढ़ चुके हैं कि हम टाइम की टेक्नोलॉजी से हम रूबरू होते हैं और हम जानते हैं कि साइंस ठीक है पर एक बात जहां पर यह बात आती है तो उसने पर मजबूर करती है हमें ईश्वर पर भरोसा कहीं आप इस टाइम पर तो साइंस फैक्ट देता है पर ईश्वर पर हम कितने भी हम परेशान हो जब वो चमत्कार दिखाता है यह में कठिन परिस्थितियों में हमें उस्ताद देता ना वो कोई भी सकती हो तो ईश्वर ही है तो इसीलिए ईश्वर पर भरोसा करें टाइम तो एक अपनी एक सब्जेक्ट है एक ऑथेंटिक हमारे लिए एक ऑथेंटिक सब्जेक्ट एक ऑथेंटिक एक टेक्स्ट किस चीज के तौर पर हम चलते हुए अब आ रहे हैं हम इतनी नैनोटेक्नोलॉजी इसका निर्माण कर रहे हैं हम आगे बढ़ रहे हैं पर जाएं ईश्वर की बात आती है तो आप ऐसे नहीं कर सकते कि ईश्वर बाबू ना करें ईश्वर पर भरोसा जरूर करें क्योंकि जहां जहां सारे रास्ते जब बंद हो जाते हैं तो एक ईश्वर ही है जो हमें सही रहा एक नई राह दिखा दे और हमें सक्सेस का रास्ता दिखा दे धन्यवाद

aapka question hai ki hum ishwar par bharosa kare ya phir science par lekar aaj ki generation hai aur hum bhi the jo bhi hum kitna bhi hum itna aage badh chuke hain ki hum time ki technology se hum rubaru hote hain aur hum jante hain ki science theek hai par ek baat jaha par yah baat aati hai toh usne par majboor karti hai hamein ishwar par bharosa kahin aap is time par toh science fact deta hai par ishwar par hum kitne bhi hum pareshan ho jab vo chamatkar dikhaata hai yah me kathin paristhitiyon me hamein ustad deta na vo koi bhi sakti ho toh ishwar hi hai toh isliye ishwar par bharosa kare time toh ek apni ek subject hai ek authentic hamare liye ek authentic subject ek authentic ek text kis cheez ke taur par hum chalte hue ab aa rahe hain hum itni nanotechnology iska nirmaan kar rahe hain hum aage badh rahe hain par jayen ishwar ki baat aati hai toh aap aise nahi kar sakte ki ishwar babu na kare ishwar par bharosa zaroor kare kyonki jaha jaha saare raste jab band ho jaate hain toh ek ishwar hi hai jo hamein sahi raha ek nayi raah dikha de aur hamein success ka rasta dikha de dhanyavad

आपका क्वेश्चन है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर लेकर आज की जनरेशन है और हम भी थ

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RAJKUMAR

Sharp Astrology

3:42
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प्रश्न है प्यारे हमें ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए या साइंस पर सब चाहते ईश्वर पर भरोसा रखें हां सर पर भरोसा रखेंगे हां बहुत रखेंगे ज्यादा से ज्यादा रखेंगे तो हाथ में मोबाइल क्यों रखा है भगवान मेरा पुल वहां पर लगा दे उससे मेरी बात करा दे नहीं करते उसका नंबर आ गया सामने वाला फोन उठाता है आपसे बात करता है ठीक है जो हम भगवान से नहीं मानते लेकिन वह चीज हमेशा देती है तो इस बात पर साइंस को सलाम करना चाहिए चाहे कोई भी बड़ा संत फकीरों कोई भी हो जिसको मोबाइल की जरूरत है ना वो टेलीपति से काम चला रहा हूं ठीक है लेकिन साइंस को सलाम करना पड़ेगा अगर साइंस नहीं होता अगर टेक्नोलॉजी नहीं होती अगर वैज्ञानिक नहीं होते ठीक है तो आज हमारे पास मोबाइल नहीं होते टीवी नहीं होता आज हमारे पास कार नहीं होती कोई भी बंद आप दिखा दो मुझे कोई भी एक ऐसा व्यक्ति दिखा दो दिखा दो मुझे कोई इतना बड़ा महान पुरुष दिखा दो मुझे जिसके पास उड़ती हुई जैसे रावण के पास आया था टेंडर क्या बोलते उसको उल्टी हुई चटाई या फिर विमान उड़ता हुआ विमान जो भगवान ने दिया ऐसा दिखा दो मुझे किसी के पास अगर संघ के पास भी है कि ईमान है तो साइंस की वजह से ठीक है तो यहां पर मैं साइंस को सलाम तो भगवान की बात कहां पर आए तो यह जो कल युग युग है ना दोस्तों यह भगवान ने टेक्नोलॉजी के आधार पर ही बनाया टेक्नोलॉजी भगवान ने कहा यह जो यूके कलयुग जितनी बार कलयुग आएगा उस दिन इतनी बार टेक्नोलॉजी आएगी ठीक है उस पर विश्वास करना चाहिए लेकिन साइंस के बीच किस बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए इसके बारे में भी हम आपको बताएंगे और भगवान की किस बारे में भी विश्वास करना चाहिए किस बात पर उस पर भी हम आगे बताएंगे कि नहीं होता है उसने भी भगवान उसने उसको जो प्रेरणा मिली हो भगवान से कभी कुछ खोज कर पाया है कई साइंटिस्ट ऐसे होते हैं जो लाइफ में कोई खोज नहीं कर पाता तो खुद कर लेता है तो इसमें दी उसने कितनी मेहनत लगेगी टीना जी लगाई ठीक है अगर आप हर चीज को भगवान मानते हो हर व्यक्ति को भगवान मानते तो वैज्ञानिक को भगवान क्यों नहीं मानते तो वैज्ञानिक में भी भगवान है अब तो साइंटिस्ट पर विश्वास करो अब तो साइंस विश्वास करो कि आपका प्रश्न यह था कि भगवान पर भरोसा करें या साइंस के तो इसके लिए मैं अपना अलग से एक का ऑडियो दूंगा वीडियो भी दूंगा आप तो जरूर सुनाइए वीडियो आपको बड़ा अच्छा लगेगा ओम शांति

prashna hai pyare hamein ishwar par bharosa rakhna chahiye ya science par sab chahte ishwar par bharosa rakhen haan sir par bharosa rakhenge haan bahut rakhenge zyada se zyada rakhenge toh hath me mobile kyon rakha hai bhagwan mera pool wahan par laga de usse meri baat kara de nahi karte uska number aa gaya saamne vala phone uthaata hai aapse baat karta hai theek hai jo hum bhagwan se nahi maante lekin vaah cheez hamesha deti hai toh is baat par science ko salaam karna chahiye chahen koi bhi bada sant fakiron koi bhi ho jisko mobile ki zarurat hai na vo telipati se kaam chala raha hoon theek hai lekin science ko salaam karna padega agar science nahi hota agar technology nahi hoti agar vaigyanik nahi hote theek hai toh aaj hamare paas mobile nahi hote TV nahi hota aaj hamare paas car nahi hoti koi bhi band aap dikha do mujhe koi bhi ek aisa vyakti dikha do dikha do mujhe koi itna bada mahaan purush dikha do mujhe jiske paas udati hui jaise ravan ke paas aaya tha tender kya bolte usko ulti hui chatai ya phir Vimaan udta hua Vimaan jo bhagwan ne diya aisa dikha do mujhe kisi ke paas agar sangh ke paas bhi hai ki iman hai toh science ki wajah se theek hai toh yahan par main science ko salaam toh bhagwan ki baat kaha par aaye toh yah jo kal yug yug hai na doston yah bhagwan ne technology ke aadhar par hi banaya technology bhagwan ne kaha yah jo UK kalyug jitni baar kalyug aayega us din itni baar technology aayegi theek hai us par vishwas karna chahiye lekin science ke beech kis baat par vishwas nahi karna chahiye iske bare me bhi hum aapko batayenge aur bhagwan ki kis bare me bhi vishwas karna chahiye kis baat par us par bhi hum aage batayenge ki nahi hota hai usne bhi bhagwan usne usko jo prerna mili ho bhagwan se kabhi kuch khoj kar paya hai kai scientist aise hote hain jo life me koi khoj nahi kar pata toh khud kar leta hai toh isme di usne kitni mehnat lagegi tina ji lagayi theek hai agar aap har cheez ko bhagwan maante ho har vyakti ko bhagwan maante toh vaigyanik ko bhagwan kyon nahi maante toh vaigyanik me bhi bhagwan hai ab toh scientist par vishwas karo ab toh science vishwas karo ki aapka prashna yah tha ki bhagwan par bharosa kare ya science ke toh iske liye main apna alag se ek ka audio dunga video bhi dunga aap toh zaroor sunaiye video aapko bada accha lagega om shanti

प्रश्न है प्यारे हमें ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए या साइंस पर सब चाहते ईश्वर पर भरोसा रखें ह

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:20
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हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर विकी सभी लोगों का अलग अलग ही होता है अलग-अलग विश्वास होता है कोई ईश्वर के भरोसे रहता है और जो वर्तमान में जीता है तो वह साइंस पर भी भरोसा करता है हमारे कोई भी स्वजन जो है अगर बहुत ही गंभीर बीमारी में पड़ जाते हैं और डॉक्टर पूरा अपना भरसक प्रयत्न करते हैं और फिर भी वह एक समय में डॉक्टर भी यही कर देते हैं जब आप ईश्वर पर भरोसा रखें इसलिए जहां साइंस रुक जाता है वहां पर ईश्वर इच्छा ईश्वर की इच्छा शुरू होती है देखिए मेरा कहना गलत नहीं होगा कि हम इस बात को मानने की कोई न कोई ऐसी शक्ति चालक बल इस संसार में है लेकिन हम बिल्कुल उसके भरोसे 9 बैठकर और साइंस की नई नई टेक्नोलॉजी स्कोर उनके अविष्कारों को उनके नए नए साधनों को उनकी साइंस के नई नई उपलब्धियों का हम अपने जीवन में भरपूर उपयोग जो हम कर सकते हैं करें और उसके द्वारा हम जितना भी शिक्षा का क्षेत्र हो चाहे विज्ञान का क्षेत्र हो अंतरिक्ष का क्षेत्र हो हमारे जो शरीर विज्ञान जो है डॉक्टर का चित्र मेडिकल का चित्र हरि क्षेत्र में साइंस जहां उपलब्ध है हमें उसका भरपूर उपयोग करना चाहिए और जहां पर साइंस के हाथ छोटे पड़ जाते हैं वहां पर हमें ईश्वर के न्याय पर ईश्वर के ऊपर विश्वास रख के हमें आगे बढ़ना चाहिए बहुत-बहुत धन्यवाद और बहुत सारी शुभकामनाएं

hum ishwar par bharosa kare ya phir science par vicky sabhi logo ka alag alag hi hota hai alag alag vishwas hota hai koi ishwar ke bharose rehta hai aur jo vartaman mein jita hai toh vaah science par bhi bharosa karta hai hamare koi bhi swajan jo hai agar bahut hi gambhir bimari mein pad jaate hain aur doctor pura apna bharasak prayatn karte hain aur phir bhi vaah ek samay mein doctor bhi yahi kar dete hain jab aap ishwar par bharosa rakhen isliye jaha science ruk jata hai wahan par ishwar iccha ishwar ki iccha shuru hoti hai dekhiye mera kehna galat nahi hoga ki hum is baat ko manne ki koi na koi aisi shakti chaalak bal is sansar mein hai lekin hum bilkul uske bharose 9 baithkar aur science ki nayi nayi technology score unke avishkaro ko unke naye naye saadhano ko unki science ke nayi nayi uplabdhiyon ka hum apne jeevan mein bharpur upyog jo hum kar sakte hain kare aur uske dwara hum jitna bhi shiksha ka kshetra ho chahen vigyan ka kshetra ho antariksh ka kshetra ho hamare jo sharir vigyan jo hai doctor ka chitra medical ka chitra hari kshetra mein science jaha uplabdh hai hamein uska bharpur upyog karna chahiye aur jaha par science ke hath chote pad jaate hain wahan par hamein ishwar ke nyay par ishwar ke upar vishwas rakh ke hamein aage badhana chahiye bahut bahut dhanyavad aur bahut saree subhkamnaayain

हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर विकी सभी लोगों का अलग अलग ही होता है अलग-अलग विश्व

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Manju Singh

Thalassemia Haemophilia Ke Counselor

0:53
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ईश्वर होता है हमारे मन के अंदर की आत्मा हमारे खुद पे खुद का विश्वास होना लेकिन साइंस हमें जीवन में नई नहीं रहा दिखाता है हमें लाइफ में कुछ करने का जज्बा देता है इसलिए मेरी राय तो यह है कि आप सबको साइंस पर भरोसा करना चाहिए और ईश्वर पर करना चाहिए अगर आप खुद है तो सब कुछ है खुद नहीं है तो कुछ भी नहीं है आपके अंदर सकती है तो ईश्वर है मेरी राय में साइज को मारना जरूरी है मैं कहूंगी आप सब साइड को मारने आज की स्थिति देखी शायद आपको समझ में आ जाएगा कि शायद कितना जरूरी है

ishwar hota hai hamare man ke andar ki aatma hamare khud pe khud ka vishwas hona lekin science hamein jeevan me nayi nahi raha dikhaata hai hamein life me kuch karne ka jajba deta hai isliye meri rai toh yah hai ki aap sabko science par bharosa karna chahiye aur ishwar par karna chahiye agar aap khud hai toh sab kuch hai khud nahi hai toh kuch bhi nahi hai aapke andar sakti hai toh ishwar hai meri rai me size ko marna zaroori hai main kahungi aap sab side ko maarne aaj ki sthiti dekhi shayad aapko samajh me aa jaega ki shayad kitna zaroori hai

ईश्वर होता है हमारे मन के अंदर की आत्मा हमारे खुद पे खुद का विश्वास होना लेकिन साइंस हमें

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श्री राधे जैसे कि आपने अभी सवाल किया है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या साल पर देखिए जहां पर साइंस खत्म होता है वहां से हमारे प्रभु की लीला प्रारंभ होती है इसलिए जहां तक हो सके तो अपने परमात्मा पर ही भरोसा रखना चाहिए क्योंकि जो परमात्मा कर सकता है साइंस में तक नहीं पहुंच सकता है जैसे कि देखा जाए कि सतयुग त्रेता द्वापर में जितने भी महान ग्रंथों की रचना हुई जितने भी हमारे भगवान के अवतार हुए संत ऋषि महात्मा हुए वह सब अपनी योग के द्वारा ही समस्त गतिविधियों को जान लिया करते थे लेकिन आज साइंस को देखा जाए तो शान से इन सब चीजों को प्राप्त नहीं कर सकता इसलिए जो मारा परमात्मा है वह सर्व समर्थ है इसलिए हमेशा अगर विश्वास रखना है आस्था रखना है तो हमारे केवल परमात्मा के ऊपर ही रखना चाहिए क्योंकि कहते हैं कि जो संसार है यह परमात्मा का एक रचा हुआ मायाजाल है जिस तरह से एक मकड़ी अपने द्वारा जाले को प्रकट करती है और अपने ही अंदर उसको मत कर ली थी इसी तरह हमारा परमात्मा है परमात्मा अपनी द्वारा सृष्टि का ले करते हैं और अपने ही द्वारा इस सृष्टि का पालन करते हैं श्री राधे

shri radhe jaise ki aapne abhi sawaal kiya hai ki hum ishwar par bharosa kare ya saal par dekhiye jaha par science khatam hota hai wahan se hamare prabhu ki leela prarambh hoti hai isliye jaha tak ho sake toh apne paramatma par hi bharosa rakhna chahiye kyonki jo paramatma kar sakta hai science me tak nahi pohch sakta hai jaise ki dekha jaaye ki satayug treta dwapar me jitne bhi mahaan granthon ki rachna hui jitne bhi hamare bhagwan ke avatar hue sant rishi mahatma hue vaah sab apni yog ke dwara hi samast gatividhiyon ko jaan liya karte the lekin aaj science ko dekha jaaye toh shan se in sab chijon ko prapt nahi kar sakta isliye jo mara paramatma hai vaah surv samarth hai isliye hamesha agar vishwas rakhna hai astha rakhna hai toh hamare keval paramatma ke upar hi rakhna chahiye kyonki kehte hain ki jo sansar hai yah paramatma ka ek racha hua mayajal hai jis tarah se ek makdi apne dwara jale ko prakat karti hai aur apne hi andar usko mat kar li thi isi tarah hamara paramatma hai paramatma apni dwara shrishti ka le karte hain aur apne hi dwara is shrishti ka palan karte hain shri radhe

श्री राधे जैसे कि आपने अभी सवाल किया है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या साल पर देखिए जहां पर

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

1:28

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अनमोल मणी

योग शिक्षक

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Mr. Arihant Jain 9730047488

A Counsellor, Life-coach, Inspirational, Motivational, Spiritual speaker, A Pragmatic Eye-opener

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हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर क्वेश्चन यह है एक्चुली ना हमें ईश्वर पर भरोसा करना है ना साइंस पर भरोसा करना है इन दोनों के अलावा हमें सिर्फ एक ही चीज पर भरोसा करना है वह खुद पर क्यों खुद पर भरोसा करने लगेंगे तो ईश्वर खुद हमारे साथ हो जाएगा हमें उस पर भरोसा करने की आवश्यकता कम पड़ेगी और जब एक बार खुद पर भरोसा हो गया तो हम चीजों को ज्यादा बेहतर तरीके से जानने लगेंगे पहचानने लगेंगे उसी को साइंस कहते हैं आप देखिए किसकी उठा कि यदि आप कोई भी साइंटिस्ट जिन्होंने किसी भी प्रोजेक्ट पर कभी काम किया जिसने एरोप्लेन का आविष्कार किया है किसी भी चीज का आविष्कार किया उन्होंने साइंस पर भी भरोसा नहीं किया इस पर कोई भरोसा नहीं किया उन्हें खुद पर भरोसा था इसीलिए वह उस साइंस को समझ पाए हैं उस चीज की उस चीज को जान पाए हैं किसी भी चीज को इसलिए इसका आंसर यही है ईश्वर और टाइम पर भरोसा करने के पीछे भी खुद पर भरोसा किया जाए तो आप चीजों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाएंगे उसे जान पाएंगे और ज्यादा अच्छी तरह उस चीज को समझने

hum ishwar par bharosa kare ya phir science par question yah hai ekchuli na hamein ishwar par bharosa karna hai na science par bharosa karna hai in dono ke alava hamein sirf ek hi cheez par bharosa karna hai vaah khud par kyon khud par bharosa karne lagenge toh ishwar khud hamare saath ho jaega hamein us par bharosa karne ki avashyakta kam padegi aur jab ek baar khud par bharosa ho gaya toh hum chijon ko zyada behtar tarike se jaanne lagenge pahachanne lagenge usi ko science kehte hain aap dekhiye kiski utha ki yadi aap koi bhi scientist jinhone kisi bhi project par kabhi kaam kiya jisne aeroplane ka avishkar kiya hai kisi bhi cheez ka avishkar kiya unhone science par bhi bharosa nahi kiya is par koi bharosa nahi kiya unhe khud par bharosa tha isliye vaah us science ko samajh paye hain us cheez ki us cheez ko jaan paye hain kisi bhi cheez ko isliye iska answer yahi hai ishwar aur time par bharosa karne ke peeche bhi khud par bharosa kiya jaaye toh aap chijon ko zyada behtar tarike se samajh payenge use jaan payenge aur zyada achi tarah us cheez ko samjhne

हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर क्वेश्चन यह है एक्चुली ना हमें ईश्वर पर भरोसा करना

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

2:34
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वैसे मेरी राजी है मेरा मानना यह है आपको ईश्वर के बजाय विज्ञान पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए विज्ञान के क्षेत्र में पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है विज्ञान के बल पर ही सब कुछ हो रहा है और यह जो ईश्वर है इस पर कोई पुरुष नहीं है ईश्वर कोई महिला नहीं ऐसा कोई पुरानी नहीं है इस पर कोई जीव नहीं है जिसके पास माइंड हो और वह आपके प्रार्थना सुने और वो आपका काम करते बिल्कुल नहीं ईश्वर कोई गाड़ी नहीं है कि जो आप के दर्द को तकलीफ हो सके और आपके कर्मों का फल आपको प्राप्त कर दे ऐसा नहीं है वह कर माफ करेंगे और वह आपको अपने कर्मों मिलेंगे ना कि किसी ईश्वर के द्वारा क्या आपने कभी ईश्वर पर भरोसा करके किसी फल प्राप्ति के लिए आज मैं अपने आप ईश्वर पर भरोसा करना और अपना कर्म करना छोड़ दीजिए बिल्कुल आप सिर्फ ईश्वर पर भरोसा करने और आप कर्म करना छोड़ दीजिए देखिए क्या इस बार आपको बिना करती है कोई फल देता है बिल्कुल नहीं तो जहां आप कर्म करते हैं उसके परिणामों को मिलता है यही है विज्ञान ही विज्ञान यही है माइंड इस संसार में ईश्वर नाम की कोई अस्तित्व नहीं है अगर आप ईश्वर मानते हैं कि ईश्वर एक प्रकृति है जो आप अपने चारों ओर सौरमंडल से लेकर ब्रह्मांड में सभी ग्रहों को देख रहे हैं यही आप इसी प्रकृति को इस ब्रह्मांड को आप ईश्वर कह सकते हैं लेकिन ध्यान रहे कि आपके दिल दिमाग में जो ईश्वर सब दुख किसी पुरुष महिला या फिर किसी जीव जगत से जुड़ा हो यह बिल्कुल नहीं है उसके पास कोई मायने नहीं है जो अपने दिमाग से तो आपके तकलीफों को समझ सके यह भूल जाइएगा एग्जाम आज सदियों सदियों से आज इतना आगे बढ़ गया कि हर चीज विज्ञान पर निर्भर है तो इसलिए आप विज्ञान के ऊपर बुधवार के विज्ञान पर भरोसा रखिए और उसी के आधार पर अपने कर्म कीजिए यही आपकी सफलता की कुंजी होगी और इस पर भरोसा करना यह मेरे लिए यह वही लोग करते हैं जो दिमाग से पैदा होते हैं धन्यवाद

waise meri raji hai mera manana yah hai aapko ishwar ke bajay vigyan par zyada bharosa karna chahiye vigyan ke kshetra mein puri duniya aage badh rahi hai vigyan ke bal par hi sab kuch ho raha hai aur yah jo ishwar hai is par koi purush nahi hai ishwar koi mahila nahi aisa koi purani nahi hai is par koi jeev nahi hai jiske paas mind ho aur vaah aapke prarthna sune aur vo aapka kaam karte bilkul nahi ishwar koi gaadi nahi hai ki jo aap ke dard ko takleef ho sake aur aapke karmon ka fal aapko prapt kar de aisa nahi hai vaah kar maaf karenge aur vaah aapko apne karmon milenge na ki kisi ishwar ke dwara kya aapne kabhi ishwar par bharosa karke kisi fal prapti ke liye aaj main apne aap ishwar par bharosa karna aur apna karm karna chod dijiye bilkul aap sirf ishwar par bharosa karne aur aap karm karna chod dijiye dekhiye kya is baar aapko bina karti hai koi fal deta hai bilkul nahi toh jaha aap karm karte hain uske parinamon ko milta hai yahi hai vigyan hi vigyan yahi hai mind is sansar mein ishwar naam ki koi astitva nahi hai agar aap ishwar maante hain ki ishwar ek prakriti hai jo aap apne charo aur saurmandal se lekar brahmaand mein sabhi grahon ko dekh rahe hain yahi aap isi prakriti ko is brahmaand ko aap ishwar keh sakte hain lekin dhyan rahe ki aapke dil dimag mein jo ishwar sab dukh kisi purush mahila ya phir kisi jeev jagat se juda ho yah bilkul nahi hai uske paas koi maayne nahi hai jo apne dimag se toh aapke takaleephon ko samajh sake yah bhool jaiega exam aaj sadiyon sadiyon se aaj itna aage badh gaya ki har cheez vigyan par nirbhar hai toh isliye aap vigyan ke upar budhavar ke vigyan par bharosa rakhiye aur usi ke aadhaar par apne karm kijiye yahi aapki safalta ki kunji hogi aur is par bharosa karna yah mere liye yah wahi log karte hain jo dimag se paida hote hain dhanyavad

वैसे मेरी राजी है मेरा मानना यह है आपको ईश्वर के बजाय विज्ञान पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए व

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नमस्कार आपका प्रश्न है हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर हो हम ईश्वर पर भरोसा करें क्योंकि साइंस उस ईश्वर की कृपा की दे नहीं है ईश्वर एक अलौकिक शक्ति है यह किस साइंस मानव के द्वारा उत्पन्न की गई है साइंस उस ईश्वर की ही दिन हमें समझना चाहिए क्योंकि ईश्वर ने ही मनुष्य को बनाया है अगर वह मनुष्य को नहीं बनाता तो यह साइंस विज्ञान कहां से आता है इसीलिए ईश्वर पर भरोसा करना आवश्यक है साइंस पर भी भरोसा करना चाहिए जो सार्थक का प्रयोग हैं उन पर भरोसा करना उचित है लेकिन साइंस पर भरोसा करके ईश्वर पर भरोसा न करना यह निर्मूल है इसीलिए आपको ईश्वर पर भरोसा अवश्य ही करना चाहिए धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai hum ishwar par bharosa kare ya phir science par ho hum ishwar par bharosa kare kyonki science us ishwar ki kripa ki de nahi hai ishwar ek alaukik shakti hai yah kis science manav ke dwara utpann ki gayi hai science us ishwar ki hi din hamein samajhna chahiye kyonki ishwar ne hi manushya ko banaya hai agar vaah manushya ko nahi banata toh yah science vigyan kaha se aata hai isliye ishwar par bharosa karna aavashyak hai science par bhi bharosa karna chahiye jo sarthak ka prayog hain un par bharosa karna uchit hai lekin science par bharosa karke ishwar par bharosa na karna yah nirmul hai isliye aapko ishwar par bharosa avashya hi karna chahiye dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर हो हम ईश्वर पर भरोसा करें क्

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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बेटा दोनों की सोच अलग-अलग जांच का विषय है यह मानसिक शांति का उपाय हैं जबकि टट्टी करती है साइंस वाले की सब को मानते हैं कौन से अध्यापक डॉक्टर से मैंने देखा है डॉक्टर मानव को नया जीवन देते हैं इनको यह मानना चाहिए जो कर्म लिस्ट डॉक्टर हैं निष्ठावान डॉक्टर हैं जो अच्छे डॉक्टर से जो मानव सेवा कोई सबूत नहीं मानते हैं ऐसी डॉक्टर किंग और कहा जा सकता है कि पर सेकंड कौन है क्योंकि मानव को उनके मुख से बचाकर जीवन लेकिन आपने यह देखा होगा मैंने बहुत से डॉक्टर को देखा है जब ऑपरेशन करने जाते हैं आप जयपुर के एस एम एस हॉस्पिटल में जाएं वहां पर आते जाते हैं ऐसे में हॉस्पिटल में वहां जाने से पहले नतमस्तक होकर के शेष श्रद्धा पूर्वक वहां भी सर को नमन करने जाता है और यही कामना करता है और ऑपरेशन को सफल बनाने की कामना करता है इसका मतलब आप को आध्यात्मिक शक्ति देता है मानसिक संकल्पों को चढ़ता है मजबूत है यह एक आस्था का विषय है यह एक विश्वास का विषय है कि स्वास्थ्य काम नहीं करता प्रैक्टिकल पसंद करके देखना होता है और यह सर साइंस की देन है जो आप आज भौतिक सुविधाएं देख रहे हैं यह सब इसलिए दोनों अलग-अलग नहीं बैठे इसलिए दोनों पर ही बिलीफ करना होगा सबकी बना आपको मानसिक शांति नहीं मिल सकती है जो लोग नास्तिक लोग देखते हैं उनको भी अंत में जाकर पीपी सर की शरण लेनी होती है हम तुम्हें जाकर 3:30 पर कि उनका समाप्त होता है तो बेटे यह दोनों अलग-अलग है दोनों का अपना अलग-अलग के और दोनों ही स्थानों पर इंपोटेंसी है अब आप बीमार हो गई हैं आप को बुखार बहुत तेजी से आ रहा है जब पढ़ने आपके लिए साइंस की सुविधाएं दी गई हैं साइंस में आपके लिए सुखदेव जी बुखार तो आपको लेना होगा तो आप जानबूझकर को मुख्यमंत्री रहे हैं एक बार आ गई पानी पानी में आपका मकान जल गया आप मकान में ऊपर चित्र चलेंगे आपको वहां फोन पर बैठकर की आएगा तभी मैं बताऊंगा अभी मैं प्राण बचा लूंगा अंतर ने इसी जगह अपने प्राणों को दे दूंगा आस्था का विषय यह है कि वह आपके लिए बार-बार बुद्धि दे रहा है कि बाढ़ आ चुकी है अब तुम अपने बचाव के साधन करो आपने तब भी ध्यान नहीं दिया फिर बाढ़ आ गई तो नीचे की मंजिल में आग इतनी बुद्धि आपको दे रहा है हनुमान जी की प्रेरणा दे रहे हैं कि आप ऊपर के मंदिर में चले जाएं तनु को बचाएं फिर भी वहीं पर संकेत दे रहे हैं कि ऊपर जाकर कि कहीं आप अन्य लोगों को संकेत दे सारा देश में बाढ़ में आपदा ग्रस्त हूं मेरी सहायता करो जम्मू बता रहे हैं आपको जब जो आपको बुद्धि दे रहे हैं समझा रहे हैं और उसके पश्चात भी आप 18 धर्मिता के साथ बैठ गए कि नहीं मुझे तो ईश्वर हाथ पकड़ लेगा तभी मिलूंगा आपने भी तो आप को छुपा कर रहा है पर किसी बंदे के भक्तों द्वारा आपको हेल्पिंग के लिए हेलीकॉप्टर वहां आ रहा है और वह हेलीकॉप्टर आप को बचाने के लिए सीधी डाल रहा है अब भी आप उस पर नहीं चल रहे हैं तो कर्म तो करने होंगे बेटा कर्म करना इन साइंस है इसलिए उनके 2 मिनट नहीं विषयों पर ध्यान देना चाहिए ईश्वर को मानसिक शांति के लिए करते हैं साइंस को हम कर्मों के आधार पर करते हैं उसको प्रैक्टिकल किए जाते हैं सीखा जाता है जीवन मशीन विज्ञान है इसी प्रकार का ज्ञान विज्ञान कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन मां फरल कर्मफल नीतू महासंघ उत्तर मणि करणी सेना राम ने भी कर्म किए थे बेबी कर्मों के मुझ से परिचित नहीं थे उन्होंने भी कर्म किए थे तो वह तो मानव को प्रेरित करते हैं देखते हैं कि मानव कर्म कर थाना मरवाता राम अपने आप मर जाते हैं कर कर खोटे काम राम किसी को मारता नहीं है ना मरवाता है उसके कर्मों से मार डालते हैं रावण को राम ने नहीं मारा था रावण को उसके पाप कर्मों ने मारा था हम तो कर्म करें कर्म से हम ईश्वर को मानने से नहीं है क्या करूं करना छोड़ दें कर्म का त्याग मुक्ति नहीं करना चाहिए तभी आप कर मुंह से रहित नहीं रह सकते आप मानसिक चिंतन करेंगे अब कोटा चिंतन करें जैन धर्म स्पष्ट कहता है तीन प्रकार की होती है मानसिक बातचीत कार्मिक अपने मन में किसी का प्राचीनतम कर रहे हैं बैठे बैठे राम नाम की दुशाला ओढ़ रखी आपने आपने आपके माला लगाइए मानना आपका चलायमान है आप पड़ोसी के बारे में दुर्गा मां चोद रहे हैं उसका सत्यानाश हो जाए की परवाह इसका मतलब आप आज तक कहां हैं आप आप तो झूठ दुनिया को दिखा कर रहे हैं दुनिया को दिखाने के लिए अपने राम नाम का दिसावर का माला माला हाथ में लेकिन आपका मानसिक रूप से अहिंसा कर रहे हैं पड़ोसी गांव आ रहे हैं तो मेरे विचार से आप बात कर रहे हैं आप तो नहीं तो उस चोर का भी अपमान किया है उसकी सर का भी अपमान कर रहे हैं उसके बंदे का आईचा रहे हैं आप इसलिए बच्चों मान भावना सिंह का मंदिर चाहिए कर्म करो सब का हिसाब सबका वालों का भी करो कदीमा अच्छे कर्म करो मैं मानता हूं कि कई बार हम लोग अच्छे कर्म करते हवन करते हुए ज्ञात जल जाते हैं इसका मतलब यह तो नहीं है क्या यह सब कैसे हैं और वह आपसे कर्म करने के लिए प्रेरित करता है सत्कर्म के लिए शिक्षक करता है उसके भी हमें ध्यान देना चाहिए

beta dono ki soch alag alag jaanch ka vishay hai yah mansik shanti ka upay hai jabki tatti karti hai science waale ki sab ko maante hai kaunsi adhyapak doctor se maine dekha hai doctor manav ko naya jeevan dete hai inko yah manana chahiye jo karm list doctor hai nisthawan doctor hai jo acche doctor se jo manav seva koi sabut nahi maante hai aisi doctor king aur kaha ja sakta hai ki par second kaun hai kyonki manav ko unke mukh se bachakar jeevan lekin aapne yah dekha hoga maine bahut se doctor ko dekha hai jab operation karne jaate hai aap jaipur ke s M s hospital mein jayen wahan par aate jaate hai aise mein hospital mein wahan jaane se pehle natamastak hokar ke shesh shraddha purvak wahan bhi sir ko naman karne jata hai aur yahi kamna karta hai aur operation ko safal banane ki kamna karta hai iska matlab aap ko aadhyatmik shakti deta hai mansik sankalpon ko chadhta hai majboot hai yah ek astha ka vishay hai yah ek vishwas ka vishay hai ki swasthya kaam nahi karta practical pasand karke dekhna hota hai aur yah sir science ki the hai jo aap aaj bhautik suvidhaen dekh rahe hai yah sab isliye dono alag alag nahi baithe isliye dono par hi belief karna hoga sabki bana aapko mansik shanti nahi mil sakti hai jo log nastik log dekhte hai unko bhi ant mein jaakar PP sir ki sharan leni hoti hai hum tumhe jaakar 3 30 par ki unka samapt hota hai toh bete yah dono alag alag hai dono ka apna alag alag ke aur dono hi sthano par impotensi hai ab aap bimar ho gayi hai aap ko bukhar bahut teji se aa raha hai jab padhne aapke liye science ki suvidhaen di gayi hai science mein aapke liye sukhadeva ji bukhar toh aapko lena hoga toh aap janbujhkar ko mukhyamantri rahe hai ek baar aa gayi paani paani mein aapka makan jal gaya aap makan mein upar chitra chalenge aapko wahan phone par baithkar ki aayega tabhi main bataunga abhi main praan bacha lunga antar ne isi jagah apne pranon ko de dunga astha ka vishay yah hai ki vaah aapke liye baar baar buddhi de raha hai ki baadh aa chuki hai ab tum apne bachav ke sadhan karo aapne tab bhi dhyan nahi diya phir baadh aa gayi toh niche ki manjil mein aag itni buddhi aapko de raha hai hanuman ji ki prerna de rahe hai ki aap upar ke mandir mein chale jayen tanu ko bachaen phir bhi wahi par sanket de rahe hai ki upar jaakar ki kahin aap anya logo ko sanket de saara desh mein baadh mein aapda grast hoon meri sahayta karo jammu bata rahe hai aapko jab jo aapko buddhi de rahe hai samjha rahe hai aur uske pashchat bhi aap 18 dharmita ke saath baith gaye ki nahi mujhe toh ishwar hath pakad lega tabhi milunga aapne bhi toh aap ko chupa kar raha hai par kisi bande ke bhakton dwara aapko helping ke liye helicopter wahan aa raha hai aur vaah helicopter aap ko bachane ke liye seedhi daal raha hai ab bhi aap us par nahi chal rahe hai toh karm toh karne honge beta karm karna in science hai isliye unke 2 minute nahi vishyon par dhyan dena chahiye ishwar ko mansik shanti ke liye karte hai science ko hum karmon ke aadhaar par karte hai usko practical kiye jaate hai seekha jata hai jeevan machine vigyan hai isi prakar ka gyaan vigyan karmanyevadhikaraste ma faleshu kadachan maa faral karmfal neetu mahasangh uttar mani karni sena ram ne bhi karm kiye the baby karmon ke mujhse se parichit nahi the unhone bhi karm kiye the toh vaah toh manav ko prerit karte hai dekhte hai ki manav karm kar thana marvata ram apne aap mar jaate hai kar kar khote kaam ram kisi ko maarta nahi hai na marvata hai uske karmon se maar daalte hai ravan ko ram ne nahi mara tha ravan ko uske paap karmon ne mara tha hum toh karm kare karm se hum ishwar ko manne se nahi hai kya karu karna chod de karm ka tyag mukti nahi karna chahiye tabhi aap kar mooh se rahit nahi reh sakte aap mansik chintan karenge ab quota chintan kare jain dharm spasht kahata hai teen prakar ki hoti hai mansik batchit karmik apne man mein kisi ka prachintam kar rahe hai baithe baithe ram naam ki dushala odh rakhi aapne aapne aapke mala lagaaiye manana aapka chalayman hai aap padosi ke bare mein durga maa chod rahe hai uska satyanash ho jaaye ki parvaah iska matlab aap aaj tak kahaan hai aap aap toh jhuth duniya ko dikha kar rahe hai duniya ko dikhane ke liye apne ram naam ka disavar ka mala mala hath mein lekin aapka mansik roop se ahinsa kar rahe hai padosi gaon aa rahe hai toh mere vichar se aap baat kar rahe hai aap toh nahi toh us chor ka bhi apman kiya hai uski sir ka bhi apman kar rahe hai uske bande ka aaicha rahe hai aap isliye baccho maan bhavna Singh ka mandir chahiye karm karo sab ka hisab sabka walon ka bhi karo kadima acche karm karo main manata hoon ki kai baar hum log acche karm karte hawan karte hue gyaat jal jaate hai iska matlab yah toh nahi hai kya yah sab kaise hai aur vaah aapse karm karne ke liye prerit karta hai satkarm ke liye shikshak karta hai uske bhi hamein dhyan dena chahiye

बेटा दोनों की सोच अलग-अलग जांच का विषय है यह मानसिक शांति का उपाय हैं जबकि टट्टी करती है स

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:32
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बहुत ही अच्छा पूरे क्वेश्चन पूछा आपने कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या साइंस पर अगर आप टाइप कॉलेज की नजर से देखें तो या फिर अगर आप मुझसे पूछेंगे कि हम किस पर भरोसा करें तो यह आपकी चॉइस है कि आप किस पर भरोसा करना चाहते हैं जिस तरीके से दिमाग चलता है अगर टाइम के हिसाब से दिमाग चलता है अगर आप हर चीज के पीछे लॉजिक ढूंढते हैं तो साइंस की सुनिए अगर ऑफिस में ज्यादा जीते हैं कि उसमें ज्यादा जीते हैं तो जो है आप ईश्वर पर भरोसा कर सकते हैं अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मैं यह कहूंगी कि मैं दोनों पर दोनों चीजों पर मानती हूं मैं साइंस पर भी बिल्कुल भरोसा करती हूं जो साइंस कहता है और जो 30 साइंस अभी तक नहीं कर पाया है जैसे कि आप बहुत सारी बीमारियों के इलाज के पास आज भी नहीं है बहुत सारी चीजों को बहुत सारे फिनोमिना उसको साइंस आज भी फ्री नहीं कर पाए तो मैं फिर ईश्वर के पास चली जाती हूं मुझे लगता है कि वहां पर जो ऑफ यूनिवर्सल कॉन्शसनेस है उसका उसका रोल है वहां पर दो में दोनों पर विश्वास करती हूं दोनों में से जो मुझे पॉजिटिव बिकता है वह मैं वह पॉजिटिविटी ले लेती हूं आप इसके अलावा अगर आप इस साइंस ईश्वर में इतने क्यूरियस है तो आप इतनी सी भी पढ़ सकते हैं यह जो है यह मिक्सर है दोनों का उसमें साइंस के आर्टिकल भी आते हैं और रिलीजन और उस पर क्वालिटी के आर्टिकल्स भी आते हैं गुड लक

bahut hi accha poore question poocha aapne ki hum ishwar par bharosa kare ya science par agar aap type college ki nazar se dekhen toh ya phir agar aap mujhse puchenge ki hum kis par bharosa kare toh yah aapki choice hai ki aap kis par bharosa karna chahte hain jis tarike se dimag chalta hai agar time ke hisab se dimag chalta hai agar aap har cheez ke peeche logic dhoondhate hain toh science ki suniye agar office mein zyada jeete hain ki usme zyada jeete hain toh jo hai aap ishwar par bharosa kar sakte hain agar aap mujhse puchenge toh main yah kahungi ki main dono par dono chijon par maanati hoon main science par bhi bilkul bharosa karti hoon jo science kahata hai aur jo 30 science abhi tak nahi kar paya hai jaise ki aap bahut saree bimariyon ke ilaj ke paas aaj bhi nahi hai bahut saree chijon ko bahut saare phenomenon usko science aaj bhi free nahi kar paye toh main phir ishwar ke paas chali jaati hoon mujhe lagta hai ki wahan par jo of universal consciousness hai uska uska roll hai wahan par do mein dono par vishwas karti hoon dono mein se jo mujhe positive bikta hai vaah main vaah positivity le leti hoon aap iske alava agar aap is science ishwar mein itne curious hai toh aap itni si bhi padh sakte hain yah jo hai yah mixer hai dono ka usme science ke article bhi aate hain aur religion aur us par quality ke articles bhi aate hain good luck

बहुत ही अच्छा पूरे क्वेश्चन पूछा आपने कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या साइंस पर अगर आप टाइप कॉ

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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प्रकृति के क्रमबद्ध अध्ययन को विज्ञान कथाएं ईश्वर का क्रम वचन कीजिएगा

prakriti ke krambaddh adhyayan ko vigyan kathaen ishwar ka kram vachan kijiega

प्रकृति के क्रमबद्ध अध्ययन को विज्ञान कथाएं ईश्वर का क्रम वचन कीजिएगा

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Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

2:20
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जय श्रीमन्नारायण आप ने प्रश्न किया है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर तो देखिए साइंस उसी चीज को मानता है जिस चीज को वहां पालिसी दिखा चुका है लेकिन धर्म और ईश्वर की इसके विपरीत है यह बिल्कुल पूर्ण रुप से विश्वास पर टिका हुआ होता है आप चाहे तो दोनों पर विश्वास कर सकते हैं यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि जो भी हमारे ऋषि मुनि पूर्वज थे वह आज के वैज्ञानिकों से कई गुना ज्यादा तथ्य और कई गुना ज्यादा सोच वाले थे भले ही आज के विज्ञानिक उस चीज को सिद्ध करने में असफल रहे हो लेकिन जो उन्होंने पहले खोज कर दिया है वहां तक पहुंचने में अभी बहुत लंबा दूरी तय करना बाकी है अब देखिए हमारे ग्रंथों में विमान यानी की रामायण काल में विमान की चर्चा उस समय होती थी और वर्तमान में 18 साल में दुनिया ने विमान को खोजा लेकिन कहीं ना कहीं उसी बात पर उसी चीज पर इन लोगों की खोज भी आधारित है तो इसलिए हम कह सकते हैं कि ईश्वर विश्वास के पात्र हैं ना कि सिद्ध करने की लेकिन वैज्ञानिक तथ्य बिल्कुल इससे हटकर है

jai shrimannarayan aap ne prashna kiya hai ki hum ishwar par bharosa kare ya phir science par toh dekhiye science usi cheez ko maanta hai jis cheez ko wahan policy dikha chuka hai lekin dharm aur ishwar ki iske viprit hai yah bilkul purn roop se vishwas par tika hua hota hai aap chahen toh dono par vishwas kar sakte hai yah kehna bilkul galat nahi hoga ki jo bhi hamare rishi muni purvaj the vaah aaj ke vaigyaniko se kai guna zyada tathya aur kai guna zyada soch waale the bhale hi aaj ke vigyanik us cheez ko siddh karne mein asafal rahe ho lekin jo unhone pehle khoj kar diya hai wahan tak pahuchne mein abhi bahut lamba doori tay karna baki hai ab dekhiye hamare granthon mein Vimaan yani ki ramayana kaal mein Vimaan ki charcha us samay hoti thi aur vartaman mein 18 saal mein duniya ne Vimaan ko khoja lekin kahin na kahin usi baat par usi cheez par in logo ki khoj bhi aadharit hai toh isliye hum keh sakte hai ki ishwar vishwas ke patra hai na ki siddh karne ki lekin vaigyanik tathya bilkul isse hatakar hai

जय श्रीमन्नारायण आप ने प्रश्न किया है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर साइंस पर तो देखिए स

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Satender Kumar Tiwari

Service Engineer In HAL

0:43
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साइंस और ईश्वर दो अलग-अलग चीजें हैं इससे आप ज्ञान अर्जित कर सकते हैं साइंस ज्ञान अर्जित कर सकते हैं अपने ज्ञान को बढ़ावा कर सकते हैं समाज के उन्नति के लिए काम कर सकते हैं लेकिन परिणाम के लिए हमेशा आप रिश्वत ही विश्वास रखना विश्वरी उसका परिणाम आपके कर्म का प्रणाम सब कुछ ईश्वर ही देता आपको विश्वास ईश्वर पर करना पड़ेगा और ज्ञानार्जन के लिए आपको साइंस क्या उपयोग करना पड़ेगा धन्यवाद

science aur ishwar do alag alag cheezen hain isse aap gyaan arjit kar sakte hain science gyaan arjit kar sakte hain apne gyaan ko badhawa kar sakte hain samaj ke unnati ke liye kaam kar sakte hain lekin parinam ke liye hamesha aap rishwat hi vishwas rakhna vishwari uska parinam aapke karm ka pranam sab kuch ishwar hi deta aapko vishwas ishwar par karna padega aur gyanarjan ke liye aapko science kya upyog karna padega dhanyavad

साइंस और ईश्वर दो अलग-अलग चीजें हैं इससे आप ज्ञान अर्जित कर सकते हैं साइंस ज्ञान अर्जित कर

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Dr Kanahaiya

Dr Kanahaiya Reki Grand Masstr Apt .Sujok .Homyopathy .

2:19
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मां का दूध पुलिस वालों ने बनाया है भारतीय आदमी लोहा एलीफेंट लगाएं मंदिर बना दो शांति परमात्मा ने दिए हम तो उस पर नहीं आ सको नायक महावीर स्टेशन

maa ka doodh police walon ne banaya hai bharatiya aadmi loha elephant lagaye mandir bana do shanti paramatma ne diye hum toh us par nahi aa Sako nayak mahavir station

मां का दूध पुलिस वालों ने बनाया है भारतीय आदमी लोहा एलीफेंट लगाएं मंदिर बना दो शांति परमात

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:30
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प्रश्न है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर टाइम पर हम लोग टाइम पर भरोसा करेंगे क्योंकि इस टाइम हमेशा फुल जानकारी देती है और साइंस को हम प्रूफ कर सकते हैं साइंस में वही टाइम्स हमें देता है मैं प्रोवाइड करता है जो अभिषेक प्रूफ किया गया है और जो सच्ची घटना हो जबकि इश्वर के संबंध में बहुत सारी ऐसी बातें हैं जिसे हम कभी भी प्रूफ नहीं कर सकते हैं धन्यवाद

prashna hai ki hum ishwar par bharosa kare ya phir time par hum log time par bharosa karenge kyonki is time hamesha full jaankari deti hai aur science ko hum proof kar sakte hain science mein wahi times hamein deta hai provide karta hai jo abhishek proof kiya gaya hai aur jo sachi ghatna ho jabki ishvar ke sambandh mein bahut saree aisi batein hain jise hum kabhi bhi proof nahi kar sakte hain dhanyavad

प्रश्न है कि हम ईश्वर पर भरोसा करें या फिर टाइम पर हम लोग टाइम पर भरोसा करेंगे क्योंकि इस

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ईश्वर अपनी जगह और सांसद की जगह इसके दोनों पर भरोसा करना चाहिए जो कामेश्वर कर सकता है वह साइंस नहीं कर सकता है और जो साइंस कर सकता है उसका ईश्वर भी कर सकता है इसलिए ईश्वर साइंस से ज्यादा विश्वास लायक और भरोसे लायक होता है लेकिन दोनों का चुकी काम अलग-अलग ए साइंस ईश्वर को नजर से साइंस

ishwar apni jagah aur saansad ki jagah iske dono par bharosa karna chahiye jo kameswar kar sakta hai vaah science nahi kar sakta hai aur jo science kar sakta hai uska ishwar bhi kar sakta hai isliye ishwar science se zyada vishwas layak aur bharose layak hota hai lekin dono ka chuki kaam alag alag a science ishwar ko nazar se science

ईश्वर अपनी जगह और सांसद की जगह इसके दोनों पर भरोसा करना चाहिए जो कामेश्वर कर सकता है वह सा

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ishwar ji aapka phone baj raha hai ; कल को शायद रहे ना रहे जिंदगी का भरोसा नहीं ;

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