क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेज़ी होनी चाहिए?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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इंग्लिश भारत की राष्ट्रीय भाषा के दिन भर सकते हैं क्योंकि इंग्लिश हमारे यहां की मूल भाषा नहीं है इंग्लिश अंग्रेजों की भाषा है और आज भी इंग्लिश बोलकर की इंग्लिश लिख कर के हम आज भी बात को महसूस करते हैं कि हम आज भी अंग्रेजों की मानसिक गुलाम है अब आप देखिए कि भारत में पहना हुआ तो इंग्लिश में खानपान तो इंग्लिश है हम के तौर तरीके इस चाबी भी अधिकांश वेस्टर्न कल्चर के फोन वर्क इंग्लिश मीडियम सारी करते हैं इसलिए मेरे विचार से शायद लोकमान्य तिलक ने बहुत सही कहा था यह बात कि किसी का भी शारीरिक रूप से स्वतंत्र हो जाना आसान है मानसिक रूप से सफल सोना बहुत कठिन है और सच्चाई में सुकून का वही है जो मानसिक रूप से हो क्योंकि शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति को स्वतंत्र कराने करना आसान है जो मानसिक गुलाम हो जाते हैं उनको स्वतंत्र कराना बहुत कठिन है उसी में आज भी भारत को देख सकते हैं कि भारत की जो लीडर से अधिकारी होते हैं कि आप अन्य लोग हैं वे आज भी इंग्लिश कोई पसंद करते हैं जबकि मैं भी शिकार करता हूं कि अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में इंग्लिश सी है लेकिन हमारी राष्ट्रीय भाषा हिंदी नहीं होनी चाहिए

english bharat ki rashtriya bhasha ke din bhar sakte hai kyonki english hamare yahan ki mul bhasha nahi hai english angrejo ki bhasha hai aur aaj bhi english bolkar ki english likh kar ke hum aaj bhi baat ko mehsus karte hai ki hum aaj bhi angrejo ki mansik gulam hai ab aap dekhie ki bharat mein pehna hua toh english mein khanpan toh english hai hum ke taur tarike is chabi bhi adhikaansh western culture ke phone work english medium saree karte hai isliye mere vichar se shayad lokamanya tilak ne bahut sahi kaha tha yeh baat ki kisi ka bhi sharirik roop se swatantra ho jana aasaan hai mansik roop se safal sona bahut kathin hai aur sacchai mein sukoon ka wahi hai jo mansik roop se ho kyonki sharirik roop se viklaang vyakti ko swatantra karane karna aasaan hai jo mansik gulam ho jaate hai unko swatantra karana bahut kathin hai usi mein aaj bhi bharat ko dekh sakte hai ki bharat ki jo leader se adhikari hote hai ki aap anya log hai ve aaj bhi english koi pasand karte hai jabki main bhi shikaar karta hoon ki antarrashtriya bhasha ke roop mein english si hai lekin hamari rashtriya bhasha hindi nahi honi chahiye

इंग्लिश भारत की राष्ट्रीय भाषा के दिन भर सकते हैं क्योंकि इंग्लिश हमारे यहां की मूल भाषा न

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का सवाल है क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए आपका सवाल बहुत ही कष्ट दायक है और आपने यह सवाल पूछ कैसे लिया मैं आपको बताना चाहता हूं हमारे देश की राष्ट्रीय भाषा हिंदी होनी चाहिए कांग्रेस पार्टी के जो लीडर थे सोनिया गांधी थी कुछ ऐसे लीडर तेलुगू देशों में पढ़ाई किए थे इन लोगों को अच्छा हिंदी बोलने नहीं आता था तो इन लोगों ने क्या किया कि हमारे देश में हिंदी भाषा को राष्ट्रीय लैंग्वेज का दर्जा नहीं दिया आज यही कारण है हमारे देश को पीछे होने में लेकिन अटल बिहारी बाजपेई जी पहले ऐसे देश के प्रधानमंत्री थे जो विदेशों में जाकर हिंदी बोलते थे और हिंदी को सुनते थे लोग माननीय श्री प्रधानमंत्री मोदी जी हुए दूसरे प्रधानमंत्री जिन्होंने अपने हिंदुस्तान के हिंदी भाषा का सम्मान सुरक्षित उन्हें दबाया है तो हमारे देश का राष्ट्रीय लैंग्वेज हिंदी होना चाहिए इंग्लिश नहीं होना चाहिए हमारे देश से इंग्लिश को खत्म भी नहीं किया जा सकता है क्योंकि इंग्लिश पूरे विश्व का ऑफिशियल लैंग्वेज है किसी भी देश का तो इंग्लिश सभी लोग बोलते हैं समझते हैं और हमारा देश सबसे अधिक इंग्लिश बोलने वाला देश है तो हमारे देश में अगर कोई राष्ट्रीय लैंग्वेज होना चाहिए तो हिंदी होना चाहिए जब हिंदी होगा तभी हमारा देश तरक्की करेगा देश विकास करेगा आगे बढ़ेगा धन्यवाद

aap ka sawal hai kya bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye aapka sawal bahut hi kasht dayak hai aur aapne yeh sawal puch kaise liya main aapko batana chahta hoon hamare desh ki rashtriya bhasha hindi honi chahiye congress party ke jo leader the sonia gandhi thi kuch aise leader telugu deshon mein padhai kiye the in logo ko accha hindi bolne nahi aata tha toh in logo ne kya kiya ki hamare desh mein hindi bhasha ko rashtriya language ka darja nahi diya aaj yahi kaaran hai hamare desh ko peeche hone mein lekin atal bihari baajpayee ji pehle aise desh ke Pradhanmantri the jo videshon mein jaakar hindi bolte the aur hindi ko sunte the log mananiya shri Pradhanmantri modi ji hue dusre Pradhanmantri jinhone apne Hindustan ke hindi bhasha ka sammaan surakshit unhein dabaya hai toh hamare desh ka rashtriya language hindi hona chahiye english nahi hona chahiye hamare desh se english ko khatam bhi nahi kiya ja sakta hai kyonki english poore vishwa ka official language hai kisi bhi desh ka toh english sabhi log bolte hain samajhte hain aur hamara desh sabse adhik english bolne vala desh hai toh hamare desh mein agar koi rashtriya language hona chahiye toh hindi hona chahiye jab hindi hoga tabhi hamara desh tarakki karega desh vikas karega aage badhega dhanyavad

आप का सवाल है क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए आपका सवाल बहुत ही कष्ट दायक

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ओम श्री राधा कृष्णाय नमः भारत की मातृभाषा भारतीय हैं हम भारत एक हिंदुत्व देश है इसलिए हमारी भाषा हिंदी ही नहीं चाहिए अंग्रेजी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए लेकिन अब तो कहते हैं ना अंग्रेज चले गए औलाद छोड़ गए वह वाला हिसाब हो गया है ज्यादातर लोग अंग्रेजी विभाग से लेकिन हमारी मातृभाषा है उसके जैसी भाषा किसी भी देश में नहीं खाई जाती है इतनी शुद्ध शब्द संस्कृति और 16 भाषा है जो हिंदी है हर व्यक्ति बड़ी आसानी से समझ सकता है ले सकता है और जितनी भी भाषाएं हैं वह व्यक्ति भी हमारी हिंदी भाषा को अच्छे से समझ सकते लेकिन हम हिंदू हिंदुस्तानी और भाषाओं को समझने के लिए सक्षम नहीं है हम जब भी समझ सकते हैं जब उनकी पढ़ाई की जाए और भाषा का ज्ञान लिया जाए लेकिन हमारी हिंदी को समझने के लिए आपको किसी भी ज्ञान की जरूरत नहीं पड़ती आप इशारे से भी बात करेंगे तो भी आप समझ सकते हैं इसलिए हमारी मातृभाषा हिंदी है और हिंदी ही रहनी चाहिए हिंदुस्तान हमारा भारत माता हमारी मातृभाषा मारी हिंदी ही हमारी भाषा है और वही रहने चाहिए अंग्रेजी को खत्म करते हुए हिंदी ही ज्यादा आनी चाहिए ओम श्री राधा कृष्णाय नमः

om shri radha krishnay namah bharat ki matrubhasha bharatiya hain hum bharat ek hindutv desh hai isliye hamari bhasha hindi hi nahi chahiye angrezi bilkul nahi honi chahiye lekin ab toh kehte hain na angrej chale gaye aulad chod gaye vaah vala hisab ho gaya hai jyadatar log angrezi vibhag se lekin hamari matrubhasha hai uske jaisi bhasha kisi bhi desh mein nahi khai jaati hai itni shudh shabd sanskriti aur 16 bhasha hai jo hindi hai har vyakti badi aasani se samajh sakta hai le sakta hai aur jitni bhi bhashayen hain vaah vyakti bhi hamari hindi bhasha ko acche se samajh sakte lekin hum hindu hindustani aur bhashaon ko samjhne ke liye saksham nahi hai hum jab bhi samajh sakte hain jab unki padhai ki jaaye aur bhasha ka gyaan liya jaaye lekin hamari hindi ko samjhne ke liye aapko kisi bhi gyaan ki zarurat nahi padti aap ishare se bhi baat karenge toh bhi aap samajh sakte hain isliye hamari matrubhasha hindi hai aur hindi hi rehni chahiye Hindustan hamara bharat mata hamari matrubhasha mari hindi hi hamari bhasha hai aur wahi rehne chahiye angrezi ko khatam karte hue hindi hi zyada aani chahiye om shri radha krishnay namah

ओम श्री राधा कृष्णाय नमः भारत की मातृभाषा भारतीय हैं हम भारत एक हिंदुत्व देश है इसलिए हमार

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Kishan Kumar

Motivational speaker

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हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए नहीं दोस्तों क्योंकि अंग्रेजी केवल बोलने के लिए एक देश से दूसरे देश के व्यक्ति से बात करने के लिए या फिर वर्कप्लेस के लिए सही है लेकिन हां अगर हम देखे जाए तो हिंदी हमारी मातृभाषा है हमें अपने लोगों से अपने घर परिवार आसपास के लोगों से प्यार है जो कि हिंदी में बात करना बहुत अच्छा लगता है इसलिए हिंदी को रहने दिया जाए मातृभाषा और इंग्लिश केवल आप वर्कप्लेस पर आप अदर कंट्री में जाए तो बहुत अच्छा रहेगा थैंक्यू

hello doston aap ka question hai kya bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye nahi doston kyonki angrezi keval bolne ke liye ek desh se dusre desh ke vyakti se baat karne ke liye ya phir workplace ke liye sahi hai lekin haan agar hum dekhe jaaye toh hindi hamari matrubhasha hai hamein apne logo se apne ghar parivar aaspass ke logo se pyar hai jo ki hindi mein baat karna bahut accha lagta hai isliye hindi ko rehne diya jaaye matrubhasha aur english keval aap workplace par aap other country mein jaaye toh bahut accha rahega thainkyu

हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए नहीं दोस्तो

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क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए क्यों क्योंकि हमारा शुरू से हिंदी भाषा में गया है तुम कोई भाषा को कैसे प्रश्न भाषा बना सकते हैं हम अंग्रेजी भाषा को अपनी राष्ट्रीय भाषा नहीं बना सकते और नहीं होनी चाहिए

kya bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye bharat ki rashtriya bhasha angrezi nahi honi chahiye kyon kyonki hamara shuru se hindi bhasha mein gaya hai tum koi bhasha ko kaise prashna bhasha bana sakte hain hum angrezi bhasha ko apni rashtriya bhasha nahi bana sakte aur nahi honi chahiye

क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी नहीं होनी

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sneha soni

राजनीतिज्ञ,Writer(Antrdhwani)

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मुझे यह क्वेश्चन जो है बहुत ही विवादित रहा हुआ है मुझे लगता है कि भारत में अंग्रेजी की जहां तक बात है तू क्योंकि दो करोड़ की पॉपुलेशन है और हमारे यहां पर जो है अभी यूथ का जो है काफी ज्यादा हमारी यूज जो है बाकी देश से ज्यादा है तो मुझे लगता है कि युद्ध में इंग्लिश का ट्रेंड होना चाहिए इंग्लिश आना चाहिए लेकिन क्योंकि हम बुजुर्ग लोग हैं बुजुर्ग लोग को हम इतना प्राइस नहीं कर सकते उनको ऐसे में उनको सीखना एक बहुत मुश्किल होता है क्योंकि जो मारवाड़ी लोग हैं या जो कोई अन्य तमिल है उनके लिए हिंदी बहुत ज्यादा तक पड़ जाता है वह हिंदी भी ढंग से सीख नहीं पाते हैं तो मुझे लगता अंग्रेजी उनके लिए शिक्षा बहुत ही ज्यादा टफ होता है तो हमें इतना ज्यादा तू ट्रेन में नहीं लेना उनको इतना ज्यादा जो है राष्ट्रीय भाषा की तरफ ध्यान नहीं देना चाहिए हमें हिंदी तो ठीक है हिंदी भाषा और राम हिंदी टाइपिंग की हिंदी गुड अच्छा है लेकिन अंग्रेजी क्योंकि आप जरूरी नहीं कि आप इंडिया के अंदर ही दूसरे से मुकाबले करेंगे

mujhe yeh question jo hai bahut hi vivaadit raha hua hai mujhe lagta hai ki bharat mein angrezi ki jaha tak baat hai tu kyonki do crore ki population hai aur hamare yahan par jo hai abhi youth ka jo hai kaafi jyada hamari use jo hai baki desh se jyada hai to mujhe lagta hai ki yudh mein english ka trend hona chahiye english aana chahiye lekin kyonki hum bujurg log hain bujurg log ko hum itna price nahi kar sakte unko aise mein unko sikhna ek bahut mushkil hota hai kyonki jo maravari log hain ya jo koi anya tamil hai unke liye hindi bahut jyada tak padh jata hai wah hindi bhi dhang se seekh nahi paate hain to mujhe lagta angrezi unke liye shiksha bahut hi jyada tough hota hai to hume itna jyada tu train mein nahi lena unko itna jyada jo hai rashtriya bhasha ki taraf dhyan nahi dena chahiye hume hindi to theek hai hindi bhasha aur ram hindi typing ki hindi good accha hai lekin angrezi kyonki aap zaroori nahi ki aap india ke andar hi dusre chahiye se muqable karenge

मुझे यह क्वेश्चन जो है बहुत ही विवादित रहा हुआ है मुझे लगता है कि भारत में अंग्रेजी की जहा

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

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सवाल यह है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए मैं इससे सहमत नहीं हूं भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी है और हिंदी बहुत ही प्यारी भाषा है इसलिए हिंदी ही होनी चाहिए

sawal yeh hai ki bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye main isse sahmat nahi hoon bharat ki rashtriya bhasha hindi hai aur hindi bahut hi payari bhasha hai isliye hindi hi honi chahiye

सवाल यह है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए मैं इससे सहमत नहीं हूं भारत की रा

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देखिए सर जो आप अंग्रेजी भाषा की बात कर रहे हैं अंग्रेजी भाषा राष्ट्रभाषा तुम्हें नहीं कह सकता हालांकि मानता हूं मैं कम्युनिकेशन के लिए एक अच्छा माध्यम है और मैं तो सभी भाषाओं को अपना-अपना कम्युनिकेशन मानता हूं जो साफ नहीं लैंग्वेज जानते हैं उसके लिए कम्युनिकेशन बहुत ही अच्छा है और मैं मानता हूं कि हिंदी को ही राष्ट्रभाषा मानना चाहिए क्योंकि हमारा पुराने समय से ही चली आ रही है हिंदी संस्कृत जैसे की हमारे देश का पहले नाम था आर्यावर्त हिंदुस्तान भारत तो यह सभी हिंदी में ही है तो िनर अंग्रेजी तो एक पश्चिम कंट्री यानी कि वेस्टर्न कंट्री यों का अपनी लैंग्वेज है तो हमें उनकी ओर नहीं करनी चाहिए हमें अपने दम पर अपने बल पर खड़ा रहना चाहिए जैसे कि चाइना है जापानी कहीं भी हो वह अपने ही भाषा का यूज करते हैं चाइना का चाइनीस भाषा याद करते हैं तो जापान का जापान इश्क यूज करते हैं तो हमें भी अपने भी कहीं भी हो तो अपनी यूज कर अपनी लैंग्वेज का यूज करने

dekhie chahiye sar jo aap angrezi bhasha ki baat kar rahe hain angrezi bhasha rashtrabhasha tumhein nahi keh sakta halaki manata hoon main communication ke liye ek accha maadhyam hai aur main to sabhi bhashaon ko apna apna communication manata hoon jo saaf nahi language jante hain uske liye communication bahut hi accha hai aur main manata hoon ki hindi ko hi rashtrabhasha manana chahiye kyonki hamara purane samay se hi chali aa rahi hai hindi sanskrit jaise ki hamare desh ka pehle naam tha aryavart hindustan bharat to yeh sabhi hindi mein hi hai to inar angrezi to ek paschim country yani ki western country yo ka apni language hai to hume unki oar nahi karni chahiye hume apne dum par apne bal par khada rehna chahiye jaise ki china hai japani kahin bhi ho wah apne hi bhasha ka use karte hain china ka Chinese bhasha yaad karte hain to japan ka japan ishq use karte hain to hume bhi apne bhi kahin bhi ho to apni use kar apni language ka use karne

देखिए सर जो आप अंग्रेजी भाषा की बात कर रहे हैं अंग्रेजी भाषा राष्ट्रभाषा तुम्हें नहीं कह स

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abc

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क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए देखिए भारत की जो राष्ट्रीय भाषा है अभी भारत में राष्ट्रीय भाषा के रूप में किसी भी भाषा को मान्यता नहीं दी है आपका प्रश्न है कि अंग्रेजी को राष्ट्रीय भाषा होना चाहिए देखिए भारत के अधिकांश राज्यों में और अधिकांश जनता हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं हिंदी भाषा भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है इसलिए हिंदी को ही राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए अंग्रेजी भाषा को अनिवार्य जरूर कर देना चाहिए विद्यालय शिक्षा मेरी अनिवार्य हो जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है क्योंकि अंग्रेजी भाषा एक इंटरनेशनल भाषा है और जब हम इंटरनेशनल रूम पर जाते हैं तो वहां अंग्रेजी भाषा ही ज्यादा बोली जाती है इसलिए भारत के दृष्टिकोण से अंग्रेजी भाषा को राष्ट्रीय भाषा कर देना उचित नहीं है और जनता की ओर से भी यही मांगे आ रही है कि हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाना चाहिए ना की अंग्रेजी को क्योंकि दक्षिण भारत में तो अंग्रेजी बोली जाती है लेकिन उत्तर भारत के अधिकांश राज्य अधिकांश जनता हिंदी भाषा भाषा है इसलिए भारत में फिलहाल अभी की परिस्थितियों के आधार पर हिंदी को ही राष्ट्रीय भाषा के रूप में चुना जाना चाहिए ना की अंग्रेजी को

kya bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye dekhiye bharat ki jo rashtriya bhasha hai abhi bharat me rashtriya bhasha ke roop me kisi bhi bhasha ko manyata nahi di hai aapka prashna hai ki angrezi ko rashtriya bhasha hona chahiye dekhiye bharat ke adhikaansh rajyo me aur adhikaansh janta hindi bhasha ka prayog karte hain hindi bhasha bharat me sarvadhik boli jaane wali bhasha hai isliye hindi ko hi rashtriya bhasha ka darja diya jana chahiye angrezi bhasha ko anivarya zaroor kar dena chahiye vidyalaya shiksha meri anivarya ho jaaye toh isme koi burayi nahi hai kyonki angrezi bhasha ek international bhasha hai aur jab hum international room par jaate hain toh wahan angrezi bhasha hi zyada boli jaati hai isliye bharat ke drishtikon se angrezi bhasha ko rashtriya bhasha kar dena uchit nahi hai aur janta ki aur se bhi yahi mange aa rahi hai ki hindi ko rashtriya bhasha banana chahiye na ki angrezi ko kyonki dakshin bharat me toh angrezi boli jaati hai lekin uttar bharat ke adhikaansh rajya adhikaansh janta hindi bhasha bhasha hai isliye bharat me filhal abhi ki paristhitiyon ke aadhar par hindi ko hi rashtriya bhasha ke roop me chuna jana chahiye na ki angrezi ko

क्या भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए देखिए भारत की जो राष्ट्रीय भाषा है अभी भा

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Rajiv Ranjan

Account student,social thinker

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देखिए भारत की राष्ट्रीय भाषा कभी भी अंग्रेजी को घोषित नहीं किया जा सकता क्योंकि किसी भी राष्ट्र की जो राष्ट्रीय भाषा होती है वह इस आधार पर तय होती है कि उस राष्ट्र में किस भाषा के लोग सबसे अधिक है और भारत में हिंदी भाषी लोग सबसे अधिक है इसी कारण भारत की जो राष्ट्रीय भाषा है उसे हिंदी रखा गया है और हिंदी के बाद जो है वो तमिल है और इसके बाद तेलुगु यह सब का नंबर आता है तो हम भारत की कभी भी राष्ट्रीय भाषा इंग्लिश तो हो नहीं सकती है क्योंकि सबसे ज्यादा भाषा बोली जाती है भारत में वह हिंदी है इसी का हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा

dekhie chahiye bharat ki rashtriya bhasha kabhi bhi angrezi ko ghoshit nahi kiya ja sakta kyonki kisi bhi rashtra ki jo rashtriya bhasha hoti hai wah is aadhar par tay hoti hai ki us rashtra mein kis bhasha ke log sabse adhik hai aur bharat mein hindi bhashi chahiye log sabse adhik hai isi kaaran bharat ki jo rashtriya bhasha hai use hindi rakha gaya hai aur hindi ke baad jo hai vo tamil hai aur iske baad telugu yeh sab ka number aata hai to hum bharat ki kabhi bhi rashtriya bhasha english to ho nahi sakti hai kyonki sabse jyada bhasha boli jati hai bharat mein wah hindi hai isi ka hindi bharat ki rashtrabhasha

देखिए भारत की राष्ट्रीय भाषा कभी भी अंग्रेजी को घोषित नहीं किया जा सकता क्योंकि किसी भी रा

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Yogesh Sharma

M.Com Graduate

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लिखे हमारा यह मानना है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा वैसे देखा जाए तो हिंदी ही होनी चाहिए और अभी यह क्या है कि जो स्टूडेंट लेवल पर बात लेकर जाएं एग्जामिनेशन के अंदर बहुत से ऐसे एग्जामिनेशन है जहां पर इंग्लिश को बहुत ज्यादा सपोर्ट मिल रही है उसके लिए स्टूडेंट्स क्या है इंग्लिश की तरफ भाग रहे हैं इंग्लिश का ज्यादा यूज हो रहा है और इंग्लिश एक ऐसी लैंग्वेज इतनी हर कोई अपना स्टाइल देखता है और कोई अपना स्टैंडर्ड देखता है इंग्लिश ऐसी भाषा है जिसे बोलकर कोई अपने आप को जैसे लोग स्टैंडर्ड महसूस करता खुद का एक पर्सनल एटीट्यूड महसूस करता है तो इंग्लिश बोलना ज्यादा लोग पसंद करते हैं और हिंदी को कोई बढ़ावा देना नहीं चाहता बहुत ही कम लोग हैं हिंदी को बढ़ावा देने वाले तो मेरे ख्याल से हिंदी अपनी मातृभाषा रहनी चाहिए हमें अपनी मातृभाषा का पूरा सम्मान करना चाहिए और उसे बढ़ाने की कोशिश करना चाहिए हालांकि

likhe hamara yeh manana hai ki bharat ki rashtriya bhasha waise dekha jaye to hindi hi honi chahiye aur abhi yeh kya hai ki jo student level par baat lekar jaye examination ke andar bahut se aise examination hai jaha par english ko bahut jyada support mil rahi hai uske liye students kya hai english ki taraf bhag rahe hain english ka jyada use ho raha hai aur english ek aisi language itni har koi apna style dekhta hai aur koi apna standard dekhta hai english aisi bhasha hai jise bolkar koi apne aap ko jaise log standard mehsus karta khud ka ek personal attitude mehsus karta hai to english bolna jyada log pasand karte hain aur hindi ko koi badhawa dena nahi chahta bahut hi kum log hain hindi ko badhawa dene wale to mere khayal se hindi apni matrubhasha rehni chahiye hume apni matrubhasha ka pura samman karna chahiye aur use badhane ki koshish karna chahiye halanki

लिखे हमारा यह मानना है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा वैसे देखा जाए तो हिंदी ही होनी चाहिए और अ

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किसी भी देश की राष्ट्रभाषा वह होनी चाहिए जिसमें उस देश के नागरिक आसानी से अपनी बात बातचीत कर सकें या आसानी से अपने विचार प्रकट कर सकें वही उस देश की राष्ट्रभाषा होनी चाहिए और अगर हम बात करें भारत की तो भारत में वैसे तो भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती है फिर भी एक बड़ी संख्या जो है वह नागरिकों की वह हिंदी का उपयोग करते हैं वह लोग अपने विचारों को रखने के लिए हिंदी का उपयोग करते हैं तो भारत की राष्ट्रभाषा अंग्रेजी बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए

kisi bhi desh ki rashtrabhasha wah honi chahiye jisme us desh ke nagarik aasani se apni baat batchit kar saken ya aasani se apne vichar prakat kar saken wahi us desh ki rashtrabhasha honi chahiye aur agar hum baat kare chahiye bharat ki to bharat mein waise to bharat mein anek bhashayen boli jati hai phir bhi ek badi sankhya jo hai wah nagriko ki wah hindi ka upyog karte hain wah log apne vicharon ko rakhne ke liye hindi ka upyog karte hain to bharat ki rashtrabhasha angrezi bilkul bhi nahi honi chahiye

किसी भी देश की राष्ट्रभाषा वह होनी चाहिए जिसमें उस देश के नागरिक आसानी से अपनी बात बातचीत

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Karan Yadav

Aspirant for IAS ,B.A. final

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नमस्कार

namaskar

नमस्कार

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं तेनु कर देनी चाहिए क्योंकि हमारे हिंदुस्तान लोग तो हिंदी जानते नहीं हैं अलग हिंदी नाटक लैंग्वेज भी नहीं है लेकिन जो नेट लैंग्वेज है हमारी हम वह भी तो ढंग से नहीं जानते हैं तो अगर हम सब अंग्रेजी ही जान तेरा में अंग्रेजी Unite कर रही है तो बिल्कुल कर देना चाहिए क्योंकि अगर मैं किसी बच्चे से अभी ABCD पूछ लूं तो जरूर पता होगा लेकिन का खा गा पूछूं तो नहीं पता होगा और बच्चे से छोड़ी किसी बड़े से अगर मैं पूछ रहा हूं हिंदी को इस्पेलिंग पूछ लूं तो उन्हें वह बताने में बहुत प्राउड महसूस होता है कि उन हिंदी की स्पेलिंग नहीं आती है उन्हें प्रॉपर्ली हिंदी बोलना नहीं आता आप जरूर लिख नहीं पाते स्पेलिंग सेक्स करते हैं तो भी बात गाने बड़ा प्राउड होता है पढ़ाई उनके अंग्रेजी में अगर थोड़ी सी गलती निकाल दो कि आपने यहां पर जो आग लगाया है यहां पर नहीं लगेगा तो फिर वह सेंड करने बैठ जाएंगे उसके लिए वोट की डिक्शनरी खोली पड़ जाए तो वह अपनी अंग्रेजी गलत नहीं मानेंगे कि फोन के लिए थोड़ा सा नाक कटने कैसी हो जाती है तो अगर आप इतने ज्यादा प्रोजेक्ट फॉर इंग्लिश को लेकर के और हिंदी से आपको फर्क नहीं पड़ता पर क्या प्राउड महसूस करते हो यार आपको हिंदी नहीं आती तो ऐसे

main tenu kar deni chahiye kyonki hamare hindustan log to hindi jante nahi hain alag hindi natak language bhi nahi hai lekin jo net language hai hamari hum wah bhi to dhang se nahi jante hain to agar hum sab angrezi hi jaan tera mein angrezi Unite kar rahi hai to bilkul kar dena chahiye kyonki agar main kisi bacche se abhi ABCD pooch loo to jarur pata hoga lekin ka kha ga puchoon to nahi pata hoga aur bacche se chhori kisi bade se agar main pooch raha hoon hindi ko ispeling pooch loo to unhen chahiye wah batane mein bahut proud mehsus hota hai ki un hindi ki spelling nahi aati hai unhen chahiye properly hindi bolna nahi aata aap jarur likh nahi paate spelling sex karte hain to bhi baat gaane bada proud hota hai padhai unke angrezi mein agar thodi si galti nikal chahiye do ki aapne yahan par jo aag lagaya hai yahan par nahi lagega to phir wah send karne baith jaenge uske liye vote ki dictionary chahiye kholi padh jaye to wah apni angrezi galat nahi maneange ki phone ke liye thoda sa nak katane kaisi ho jati hai to agar aap itne jyada project for english ko lekar ke aur hindi se aapko fark nahi padata par kya proud mehsus karte ho yaar aapko hindi nahi aati to aise

मैं तेनु कर देनी चाहिए क्योंकि हमारे हिंदुस्तान लोग तो हिंदी जानते नहीं हैं अलग हिंदी नाटक

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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अजीत कि मैंने सोचा कि भारत की राष्ट्रभाषा है वह अंग्रेजी होनी चाहिए उसको करनी चाहिए क्योंकि हमारे जो हिंदी जो है वह हमारी संस्कृति रहे और हमारा देश का नाम भी जो है वह हिंदुस्तान है और हम लोग हैं भीम दोस्तों मैं चलता हूं हिंदी इसलिए ही हमारे जो है वह ऑफिसर तो नहीं लेकिन अन ऑफिसियल लैंग्वेज है और क्योंकि हमारे देश में जो है वह कई लोगों को जो है वह इंग्लिश नहीं आती है और कहीं सेट से जो है अब कोशिश का अपोज़ करेंगे जब हिंदी कर रहे हैं को इंग्लिश के लिए भी करेंगे क्योंकि उनको आती तो दो नहीं है तो उसको वही रहना चाहिए

ajit ki maine socha ki bharat ki rashtrabhasha hai wah angrezi honi chahiye usko karni chahiye kyonki hamare jo hindi jo hai wah hamari sanskriti rahe aur hamara desh ka naam bhi jo hai wah hindustan hai aur hum log hain bhim doston main chalta hoon hindi isliye hi hamare jo hai wah officer to nahi lekin an official language hai aur kyonki hamare desh mein jo hai wah kai logo chahiye ko jo hai wah english nahi aati hai aur kahin set se jo hai ab koshish ka apoz karenge jab hindi kar rahe hain ko english ke liye bhi karenge kyonki unko aati to do nahi hai to usko wahi rehna chahiye

अजीत कि मैंने सोचा कि भारत की राष्ट्रभाषा है वह अंग्रेजी होनी चाहिए उसको करनी चाहिए क्योंक

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Vatsal

Engineering Student

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आपने बहुत ही दिलचस्प सवाल पूछा है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए या नहीं भारत की राष्ट्रीय भाषा जो है वह हिंदी है और भारत में यदि आप देखे हैं तो हर एक राज्य में अलग-अलग भाषाओं का उपयोग किया जाता है तमाम प्रकार की भाषा हमारा देश में बोली जाती हैं भारत की यही एक अनूठी पहचान है कि अब हर राज्य में चली जाइए आप को दूसरी भाषा कब मिल जाएगा यानी कि कितनी भाषाएं बोली जाती है लेकिन इन सब चीजों को अगर देखें आप किसी दूसरे राज्य में जाए वहां हिंदी नहीं समझते आप उनकी भाषा नहीं समझते इसीलिए अंग्रेजी बनी है इंग्लिश का काम मीन तौर पर यही है हमारे देश में की एक कॉमन लैंग्वेज की तरह काम करें यानी दो इंसानों को यदि एक दूसरे की राज्यों की भाषा नहीं आती है तो इंग्लिश एक ऐसी कॉमन लैंग्वेज सबको आती है जो हर एक जगह बैलेट है जो हर एक जगह बोली जाती है और उससे आप कम्यूनिकेट कर सकते हैं अगर आप चाहे ना रहना चाहिए नहीं आती है उनको हिंदी नहीं आती है

aapne bahut hi dilchasp sawal poocha hai ki bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye ya nahi bharat ki rashtriya bhasha jo hai wah hindi hai aur bharat mein yadi aap dekhe hain to har ek rajya mein alag alag bhashaon ka upyog kiya jata hai tamam chahiye prakar ki bhasha hamara desh mein boli jati hain bharat ki yahi ek anuthi pehchaan hai ki ab har rajya mein chali jaiye aap ko dusri bhasha kab mil jayega yani ki kitni bhashayen boli jati hai lekin in sab chijon ko agar dekhen aap kisi dusre chahiye rajya mein jaye wahan hindi nahi samajhte aap unki bhasha nahi samajhte isliye angrezi bani hai english ka kaam mean taur par yahi hai hamare desh mein ki ek common language ki tarah kaam kare chahiye yani do insano ko yadi ek dusre chahiye ki rajyo ki bhasha nahi aati hai to english ek aisi common language sabko aati hai jo har ek jagah ballet hai jo har ek jagah boli jati hai aur usse aap communicate kar sakte hain agar aap chahe na rehna chahiye nahi aati hai unko hindi nahi aati hai

आपने बहुत ही दिलचस्प सवाल पूछा है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए या नहीं भा

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Ekta

Researcher and Writer

1:36
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जी बिल्कुल नहीं है भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए जैसे कि इंग्लिश किसी एक कंट्री का लैंग्वेज जैसे कि इंग्लिश यूएस का नेशनल लैंग्वेज है वैसे ही हिंदी भारत का एक नेशनल लैंग्वेज ऑफ कंट्री के डिफरेंट लैंग्वेज होते हैं और उनके अंगों जैसे हमारे कंट्री को और इसके कल्चर को डिफाइन करते हैं जी हां इंग्लिश बोलना बहुत एक बड़ा प्ले करता है आज के जमाने में क्योंकि अगले फ्लाइट मार्केट है लोग ब्लू फिल्में में एक दूसरे को जानने की कोशिश कर रहे हैं कनेक्ट हो रहा है तो उसके लिए इंग्लिश लैंग्वेज के बारे में जानना बहुत जरूरी है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप एक देश की राष्ट्रीय भाषा कोई बुरा बदल दे ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए भारत की संस्कृति और भारत की जो सभ्यता है उसकी भाषा हिंदी भाषा हिंदी यह बताती है कि वह कैसे हैं और अब एक सिर्फ डिमांड के लिए लोगों को न्यू जनरेशन के लिए आप एक बार असी पूरी भाषा को नहीं बदलना चाहिए ऐसे लोगों पर लोगों पर तो परफेक्ट बुरा पड़ेगा ही खास करके दूसरे कंट्री और उनके लोगों को भी बुरा इंपैक्ट पड़ेगा कि हम लोग अपनी कल्चर को छोड़कर किसी और की कल्चर को अपना रहे हैं क्योंकि हमें लगता है कि हमारा कल्चर है हमारा लैंग्वेज उस वह डिजर्व नहीं करता है इससे सपने में तीन पैक पड़ सकता है

ji bilkul nahi hai bharat ki rashtriya bhasha angrezi bilkul nahi honi chahiye jaise ki english kisi ek country ka language jaise ki english us ka national language hai waise hi hindi bharat ka ek national language of country ke different language hote hain aur unke angon jaise hamare country ko aur iske culture ko define karte hain ji haan english bolna bahut ek bada play karta hai aaj ke jamane mein kyonki agle flight market hai log blue filme mein ek dusre chahiye ko jaanne ki koshish kar rahe hain connect ho raha hai to uske liye english language ke baare mein janana bahut zaroori hai lekin iska matlab yeh nahi ki aap ek desh ki rashtriya bhasha koi bura badal de aisa bilkul nahi karna chahiye bharat ki sanskriti aur bharat ki jo sabhyata hai uski bhasha hindi bhasha hindi yeh batati hai ki wah kaise hain aur ab ek sirf demand ke liye logo chahiye ko new generation ke liye aap ek baar assi puri bhasha ko nahi badalna chahiye aise logo chahiye par logo chahiye par to perfect bura padega hi khaas karke dusre chahiye country aur unke logo chahiye ko bhi bura inspect padega ki hum log apni culture ko chodkar kisi aur ki culture ko apna rahe hain kyonki hume lagta hai ki hamara culture hai hamara language us wah deserve nahi karta hai isse sapne mein teen pack padh sakta hai

जी बिल्कुल नहीं है भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए जैसे कि इंग्लिश

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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विकी भाषा क्या है भाषा एक मीडिया में कम्युनिकेशन होता है जहां 2 लोग आपस में अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं एक दूसरे के विचारों को समझ सकते हैं अगर मैं अपने देश की बात करो तो हमारे देश में जब भी कोई बच्चा पैदा होता है जब वह बोलना स्टार्ट करता है तो हिंदी ही बोलता है जनवरी हिंदी बोलता है एक आस जगी का में बात छोड़ दूं तो तुम मुझे लगता है और हिंदी लैंग्वेज हमारे देश कि उसका जो विकास हुआ संस्कार से हुआ अगर हम अपने इतिहास में जाते तो मुझे लगता इतिहास में हमारी जो लैंग्वेज थी वह संस्कृति थी तो संस्कृति तो संस्कृत से विकास हुआ है हिंदी का तो मुझे लगता है कि इंग्लिश का हमारे देश से और हमारी कल्चर से दूर हो तो कोई लेना देना नहीं है तो प्रेक्टिकली भी यह पॉसिबल नहीं है कि इंग्लिश भाषा हमारे देश की मातृभाषा राष्ट्रभाषा हो

vikee bhasha kya hai bhasha ek media mein communication hota hai jaha 2 log aapas mein apne vicharon ko vyakt kar sakte hain ek dusre chahiye ke vicharon ko samajh sakte hain agar main apne desh ki baat karo to hamare desh mein jab bhi koi baccha paida hota hai jab wah bolna start karta hai to hindi hi bolta hai january hindi bolta hai ek aas gagi ka mein baat chod doon to tum mujhe lagta hai aur hindi language hamare desh ki uska jo vikash hua sanskar se hua agar hum apne itihas mein jaate to mujhe lagta itihas mein hamari jo language thi wah sanskriti thi to sanskriti to sanskrit se vikash hua hai hindi ka to mujhe lagta hai ki english ka hamare desh se aur hamari culture se dur ho to koi lena dena nahi hai to prektikali bhi yeh possible nahi hai ki english bhasha hamare desh ki matrubhasha rashtrabhasha ho

विकी भाषा क्या है भाषा एक मीडिया में कम्युनिकेशन होता है जहां 2 लोग आपस में अपने विचारों क

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.

Hhhgnbhh

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नहीं मुझे तो नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रभाषा अंग्रेजी होनी चाहिए इसकी हिंदी एक ऐसी भाषा है तो यहां पर इससे पहले बनी थी और हिंदी हमारी मदद होंगे अगर आप एक एक बच्चे को सबसे पहले वह हिंदी बोलना सीखता है माता-पिता और हिंदी से अंग्रेजी हमारी मातृभाषा होती आप चाहे वैसा देखा गया है कि लोग बहुत ज्यादा गाली देते हैं और अंग्रेजी बोलने प्राइड की बात हो गई है पर फिर भी जो मजा हिंदी बोलने में आता है वह अंग्रेजी बोलने में आ ही नहीं सकता चाहे वैसा आप पर्दे के साथ में दोनों डांसर करते हैं जो हिंदी के अंदर वार्तालाप करते हैं आप लोगों को कुछ समझाते हैं आप लोगों से अपनी भावनाएं शेयर करते हैं तो इसका अलग ही मजा है यही चीज इंग्लिश में बोलना प्राइड की बात हो जाती है लोगों के लिए एक अपना एक लेवल दिखाने की आदत हो जाती है बट जो मजा हिंदी बोल कर एक अपनापन तो हिंदी बोल कर आता है वह मुझे लगता है भारत की मातृभाषा की खासियत है तो भारत की मातृभाषा हिंदी को होना चाहिए क्योंकि यह जो खासियत है ना यह खत्म होनी चाहिए ग्राम दूसरे विषय में जाता हूं कोई भारतवासी जब होता है तो तू मुझसे हिंदी में वार्तालाप करके आता है वह और किसी भाषा में नहीं है तो मुझे ऐसा लगता है कि अगर यह भाषा में अंग्रेजी हो गए तो हिंदी का वजूद खत्म हो जाएगा और हिंदी और हिंदू हिंदू से मेरा मतलब पूरे भारतवासियों से तो हिंदी और जो भारतवासी हैं यह दोनों बहुत ही नहीं है तो इसलिए हिंदी को नहीं खत्म होना चाहिए और हिंदी को ही राष्ट्रभाषा रहना चाहिए

nahi mujhe to nahi lagta ki bharat ki rashtrabhasha angrezi honi chahiye iski hindi ek aisi bhasha hai to yahan par isse pehle bani thi aur hindi hamari madad honge agar aap ek ek bacche ko sabse pehle wah hindi bolna sikhata hai mata pita aur hindi se angrezi hamari matrubhasha hoti aap chahe waisa dekha gaya hai ki log bahut jyada gaali dete hain aur angrezi bolne pride ki baat ho gayi hai par phir bhi jo maza hindi bolne mein aata hai wah angrezi bolne mein aa hi nahi sakta chahe waisa aap parde ke saath mein dono dancer karte hain jo hindi ke andar vartalaap karte hain aap logo chahiye ko kuch smajhate hain aap logo chahiye se apni bhavanae share karte hain to iska alag hi maza hai yahi cheez english mein bolna pride ki baat ho jati hai logo chahiye ke liye ek apna ek level dikhane ki aadat ho jati hai but jo maza hindi bol kar ek apnapan to hindi bol kar aata hai wah mujhe lagta hai bharat ki matrubhasha ki khasiyat hai to bharat ki matrubhasha hindi ko hona chahiye kyonki yeh jo khasiyat hai na yeh khatam honi chahiye gram dusre chahiye vishay mein jata hoon koi bharatvasi jab hota hai to tu mujhse hindi mein vartalaap karke aata hai wah aur kisi bhasha mein nahi hai to mujhe aisa lagta hai ki agar yeh bhasha mein angrezi ho gaye to hindi ka vajud khatam ho jayega aur hindi aur hindu hindu se mera matlab poore bharatvasiyon chahiye se to hindi aur jo bharatvasi hain yeh dono bahut hi nahi hai to isliye hindi ko nahi khatam hona chahiye aur hindi ko hi rashtrabhasha rehna chahiye

नहीं मुझे तो नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रभाषा अंग्रेजी होनी चाहिए इसकी हिंदी एक ऐसी भाषा ह

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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जी नहीं मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रभाषा है वह अंग्रेजी होनी चाहिए मेरे हिसाब से हमारे जो भारत की राष्ट्रभाषा है वह हिंदी ही होनी चाहिए क्योंकि नहीं तो इंग्लिश भाषा है वह हमारे कल्चर सेवर बहुत दूर-दूर तक उसका कोई लेना देना नहीं है और देखा जाए तो हिंदी को हिंदी एक हमारी सूना सा लैंग्वेज है यह कहां से निकली है दिल से आई है और जितना भी हम भी हम भी हम सिर्फ तुम हिंदी और संस्कृत से ही उजागर हुए हैं तो सिर्फ और सिर्फ दुकान में की टीम की दुकान में और थोड़ा विकसित होने की दवा में हम अपनी राष्ट्रभाषा तो देखे बिल्कुल चेंज नहीं कर सकते हैं और मेरे हिसाब से वह हिंदी है और हिंदी ही रहनी चाहिए हालांकि जो यह देखा जाए तो इसका एक नेगेटिव पॉइंट यह है क्योंकि एक नेगेटिव पॉइंट है हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी है उसको सही है कि जितने भी और डॉक्यूमेंट्स होते हैं जितना भी पेपर होता है आदमी भी आपके लिए किसी कंपनी का पेपर वह कि आप किसी बैंक की है लीजिए मैं भली इंग्लिश में होता है पर लेकिन राष्ट्रभाषा हमारे चल हिंदी मूवी चाहिए और लोगों को यह निशानी नहीं चाहिए इंग्लिश में बात नहीं करना चाहिए ऐसा कुछ नहीं है क्योंकि जितना भी डॉक्यूमेंटेशन का काम है वह साला इंग्लिश में होता है तो मैं यह नहीं कहूंगा कि लोगों को इंग्लिश में कुल सीखनी ही नहीं चाहिए जो इंग्लिश आनी चाहिए 1 सेकंड लैंग्वेज एक मैसेज में जाने की बहुत ही अच्छी बात है पर जहां तक बाहरी राष्ट्रभाषा की दो दिखने में बिल्कुल हिंदी को भी सपोर्ट करती हूं

ji nahi mujhe aisa bilkul bhi nahi lagta ki bharat ki rashtrabhasha hai wah angrezi honi chahiye mere hisab se hamare jo bharat ki rashtrabhasha hai wah hindi hi honi chahiye kyonki nahi to english bhasha hai wah hamare culture sevar bahut dur dur tak uska koi lena dena nahi hai aur dekha jaye to hindi ko hindi ek hamari shauna sa language hai yeh Kahan chahiye se nikli hai dil se eye hai aur jitna bhi hum bhi hum bhi hum sirf tum hindi aur sanskrit se hi ujagar hue hai to sirf aur sirf dukan mein ki team ki dukan mein aur thoda viksit hone ki dawa mein hum apni rashtrabhasha to dekhe bilkul change nahi kar sakte hai aur mere hisab se wah hindi hai aur hindi hi rehni chahiye halaki jo yeh dekha jaye to iska ek Negative point yeh hai kyonki ek Negative point hai hamari rashtrabhasha hindi hai usko sahi hai ki jitne bhi aur documents hote hai jitna bhi paper hota hai aadmi bhi aapke liye kisi company ka paper wah ki aap kisi bank ki hai lijiye main bhali english mein hota hai par lekin rashtrabhasha hamare chal hindi movie chahiye aur logo chahiye ko yeh nishani nahi chahiye english mein baat nahi karna chahiye aisa kuch nahi hai kyonki jitna bhi documentation ka kaam hai wah sala english mein hota hai to main yeh nahi kahunga ki logo chahiye ko english mein kul sekhani hi nahi chahiye jo english aani chahiye chahiye 1 second language ek massage mein jaane ki bahut hi acchi baat hai par jaha tak bahri rashtrabhasha ki do dikhne mein bilkul hindi ko bhi support karti hoon

जी नहीं मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रभाषा है वह अंग्रेजी होनी चाहिए मेर

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी नहीं मुझे लगता है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी होनी चाहिए क्योंकि हर एक व्यक्ति के पास अपनी एक भाषा होती है जो जन्म के साथ ही समझता है पूर्ण नहीं लग जाता है इस भाषा को मातृभाषा कहा जाता है और उस से जुड़ा हुआ होता है इसी के द्वारा अपनी बात विचार और जानकारियां बांट सकते हैं सामने वाला व्यक्ति दूसरी भाषा नहीं आती है और आवश्यकता होती है कैसी भाषा के दोनों ही एक ऐसी भाषा जो पुरे राष्ट्रीय भाषा हो पूरे राष्ट्र की आवाज में राष्ट्र भाषा सूत्र में बंधी परिकल्पना की जाती है एक राष्ट्र भाषा हमारी मातृ भाषा हमारी संस्कृति हमारी पहचान हिंदी को इन्हीं गुणों के कारण राष्ट्रपति की तरह भारत के विभिन्न भाषाओं की अनुमान है मारवाड़ी दिवाली अवधि बंगड़ी हसनपुरी बुंदेली भोजपुरी गढ़वाली हिंदी की प्राण भाषा है तू पंजाबी मराठी बंगाली गुजराती तमिल तेलुगु कन्नड़ उर्दू आंदोलन में सुधार की भाषा भी हिंदी सीख भाषा संस्कृति सभ्यता समुदाय की समाप्ति है और हमारे देश की पहचान हमारी सभ्यता और हमारी संस्कृति से है इसलिए मेरे विचार में हिंदी भाषा कोई हमारी राष्ट्रभाषा होना चाहिए और और और वह भी एक ऐसी भाषा है जिसे हमारी मातृ भाषा हमारी मातृ भाषा है और उसे ही हमारी राष्ट्रभाषा होने का गौरव प्राप्त होना चाह

ji nahi mujhe lagta hai ki bharat ki rashtriya bhasha hindi honi chahiye kyonki har ek vyakti ke paas apni ek bhasha hoti hai jo janm ke saath hi samajhata hai poorn nahi lag jata hai is bhasha ko matrubhasha kaha jata hai aur us se jinko hua hota hai isi ke dwara apni baat vichar aur jankariyan chahiye baant sakte hain samane wala vyakti dusri bhasha nahi aati hai aur avashyakta hoti hai kaisi bhasha ke dono hi ek aisi bhasha jo poore rashtriya bhasha ho poore rashtra ki aawaj chahiye mein rashtra bhasha sutra mein bandhi chahiye parikalpana ki jati hai ek rashtra bhasha hamari matr bhasha hamari sanskriti hamari pehchaan hindi ko inhin gunon ke kaaran rashtrapati ki tarah bharat ke vibhinn bhashaon ki anumaan hai maravari diwali avadhi bangadi hasanpuri bundeli bhojpuri gadhvali hindi ki praan bhasha hai tu punjabi marathi bengali chahiye gujarati tamil telugu kannada urdu andolan mein sudhaar ki bhasha bhi hindi seekh bhasha sanskriti sabhyata samuday ki shampti hai aur hamare desh ki pehchaan hamari sabhyata aur hamari sanskriti se hai isliye mere vichar mein hindi bhasha koi hamari rashtrabhasha hona chahiye aur aur aur wah bhi ek aisi bhasha hai jise hamari matr bhasha hamari matr bhasha hai aur use hi hamari rashtrabhasha hone ka gaurav prapt hona chah

जी नहीं मुझे लगता है कि भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी होनी चाहिए क्योंकि हर एक व्यक्ति के प

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Pragati

Aspiring Lawyer

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जी नहीं मुझे नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए क्योंकि हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा बहुत सालों से रहिए और हमारी जो मर्डर चाहिए यानी कि हमारी और जो आम बात करने वाली भाषा है वह भी हिंदी हमारे देश में और इंग्लिश अगर हम बादशाह बना देते हैं किसी भी वजह से राष्ट्रीय भाषा इंग्लिश को तो कहीं ना कहीं जो लोगों को जो लोग पढ़े-लिखे नहीं है जिन को अंग्रेजी नहीं आती उनको बहुत ज्यादा दिक्कत है जानी पड़ेगी और कहीं ना कहीं रूरल जगह पर जितना भी कार्यकाल कार्यकाल है लोगों का और जितने भी लोग काम करते हैं वह सब कुछ बंद हो जाएगा क्योंकि वहां पर जरूरी नहीं है कि लोगों को हर किसी को इंग्लिश आती हो अच्छे से और बोलना तो दूर वो लोग लिख भी नहीं पाते इंग्लिश कई लोग तो इस वजह से भारत में राष्ट्रीय भाषा में अंग्रेजी नहीं बनाई जा सकती है और दूसरी बात हमने माना कि हमारे देश में बहुत 70% लोग ऐसे हैं जो कि इंग्लिश में बात करना जानते हैं परंतु उसके बाद 30% ऐसे भी हैं जिनको इंग्लिश बोलनी क्या लिखती कुछ भी नहीं आती है तो इसी वजह से उन लोगों का हित सोचते हुए मुझे नहीं लगता कि अंग्रेजी को मातृभाषा बनानी चाहिए या फिर राष्ट्रीय भाषा भी बनाना चाहिए क्योंकि इतने सालों से जब हिंदी चलती आ रही है राष्ट्रीय भाषा के तौर पर तो लोग उसका सम्मान करते हैं और कहीं ना कहीं हिंदी से लोग जुड़ाव महसूस करते हैं अंग्रेजी में वह चुनाव नहीं आ पाता लोगों की बात करने में या फिर उसको यूज करने में जितना हिंदी में लोगों को आता है इसी वजह से अंग्रेजी को नहीं बना सकते राष्ट्रभाषा उसके बाद आज हमारी मातृभाषा हिंदी इतने सालों से रहिए और उसका सम्मान हमें दिखाना चाहिए इसी वजह से उसको राष्ट्रभाषा भी माना जाता है तो उसकी जगह पर हम अंग्रेजी को लेकर आए जो कि बाहर के लोगों की भाषा है तो वह सही नहीं रहेगा

ji nahi mujhe nahi lagta ki bharat ki rashtriya bhasha angrezi honi chahiye kyonki hindi hamari rashtrabhasha bahut salon se rahiye aur hamari jo murder chahiye yani ki hamari aur jo aam baat karne wali bhasha hai wah bhi hindi hamare desh mein aur english agar hum badshah bana dete hain kisi bhi wajah se rashtriya bhasha english ko to kahin na kahin jo logo chahiye ko jo log padhe likhe nahi hai jin ko angrezi nahi aati unko bahut jyada dikkat hai jani padegi aur kahin na kahin rural jagah par jitna bhi karyakal karyakal hai logo chahiye ka aur jitne bhi log kaam karte hain wah sab kuch band ho jayega kyonki wahan par zaroori nahi hai ki logo chahiye ko har kisi ko english aati ho acche se aur bolna to dur vo log likh bhi nahi paate english kai log to is wajah se bharat mein rashtriya bhasha mein angrezi nahi banai ja sakti hai aur dusri baat humne mana ki hamare desh mein bahut 70% log aise hain jo ki english mein baat karna jante hain parantu uske baad 30% aise bhi hain jinako english bolani kya likhti kuch bhi nahi aati hai to isi wajah se un logo chahiye ka hit sochte hue mujhe nahi lagta ki angrezi ko matrubhasha banani chahiye ya phir rashtriya bhasha bhi banana chahiye kyonki itne salon se jab hindi chalti aa rahi hai rashtriya bhasha ke taur par to log uska samman karte hain aur kahin na kahin hindi se log judaav mehsus karte hain angrezi mein wah chunav nahi aa pata logo chahiye ki baat karne mein ya phir usko use karne mein jitna hindi mein logo chahiye ko aata hai isi wajah se angrezi ko nahi bana sakte rashtrabhasha uske baad aaj hamari matrubhasha hindi itne salon se rahiye aur uska samman hume dikhana chahiye isi wajah se usko rashtrabhasha bhi mana jata hai to uski jagah par hum angrezi ko lekar aaye jo ki bahar ke logo chahiye ki bhasha hai to wah sahi nahi rahega

जी नहीं मुझे नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रीय भाषा अंग्रेजी होनी चाहिए क्योंकि हिंदी हमारी र

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Ridhima

Mass Communications Student

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मेरे को तो नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रभाषा इंग्लिश होनी चाहिए क्योंकि देखिए भारत का यूनिक सहित अनेक शाही कल्चर है जो सारा भाषा को अडॉप्ट करता है तू इसलिए आई थिंक देखिए वह तो उसके कारण एक हमारी यूनिट ने एक और है कि हमारा इतना सारा सारा टाइम इसमें फिर भी हिंदी को ज्यादा मानते हैं क्योंकि वह हमारी राष्ट्रभाषा है की एक खासियत है भारत की ओर आई डोंट थिंक सो की खासियत भारत को छोड़ छोड़नी चाहिए क्या उसको इंग्लिश को बनाकर तो मेरे हिसाब से हिंदी को ही रहनी चाहिए और राष्ट्रभाषा

mere ko to nahi lagta ki bharat ki rashtrabhasha english honi chahiye kyonki dekhie chahiye bharat ka Unique sahit anek shahi culture hai jo saara bhasha ko adopt karta hai tu isliye eye think dekhie chahiye wah to uske kaaran ek hamari unit ne ek aur hai ki hamara itna saara saara time isme phir bhi hindi ko jyada manate hain kyonki wah hamari rashtrabhasha hai ki ek khasiyat hai bharat ki oar eye don't think so ki khasiyat bharat ko chod chhodni chahiye kya usko english ko banakar to mere hisab se hindi ko hi rehni chahiye aur rashtrabhasha

मेरे को तो नहीं लगता कि भारत की राष्ट्रभाषा इंग्लिश होनी चाहिए क्योंकि देखिए भारत का यूनिक

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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आदित्य आप अंग्रेजी जय हो भारत में दूसरी सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा है हिंदी के बाद आंखों की भाषा है जो सबसे ज्यादा भारत की विश्व में बोली जाती है अंग्रेजी है और अगर हम देखें तो भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां पर सबसे ज्यादा अंग्रेजी बोलने वाले लोग हैं अगर हम जितने भी इंग्लिश स्पीकिंग नेशंस क्यों बात करें इंग्लैंड USA न्यूजीलैंड कनाडाई सब देशों के बाद अगर कोई ऐसा एकमात्र देश है जो कि अंग्रेजी सबसे ज्यादा बोलता है तो वह भारत है लेकिन मुझे नहीं लगता भारत की राष्ट्रीय भाषा में अंग्रेजी होनी थी हां यह बात सच दक्षिण भारत में जो है अभी भी अंग्रेजी बोली जाती है केरला हो आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु हो लेकिन यह नहीं है कि भारत की राष्ट्रभाषा अंग्रेजी होनी चाहिए क्योंकि अभी भी भारत में ऐसे जिले हैं ऐसे लोग इतने अभी तक अंग्रेजी बोलना नहीं आता है हां यह बात सच है आईटी इंडस्ट्री के कारण जो है लोग अंग्रेजी को ज्यादा महत्व देने लग गए हैं लेकिन अगर हमसे डिस्ट्रिक्ट ऑडिटर अगर हमसे कोई देखे तो भारत में अभी तक 40% तक ऐसे लोग हैं जिन्हें अंग्रेजी अभी तक नहीं आती है मुझे अंग्रेजी बोलना नहीं आता है और जब तक भारत के पास ऐसे आंकड़े रहेंगे तब तक भारत को राष्ट्रभाषा अंग्रेजी कर देना जो बहुत मुश्किल हो पाएगा हम जितने बड़े-बड़े शहरों में हम कह सकते हैं अंग्रेजी बोलना बहुत आसान है लेकिन गांव में अभी तक अंग्रेजी बोलना चाहिए बहुत कठिन है और लोग जो है अपनी मदर टंग ज्यादा रखो करेंगे बात करने में तो खाना खा पर मुझे नहीं लगता भारत की राष्ट्रीय भाषा में ऋषि हो नीचे भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी है यही अच्छी बात है अभी भी लोगों को अंग्रेजी बोलना आता जितना सके उतना भारत जावे लोगों को अंग्रेजी सिखाने में मदद करें उतना ही अच्छा होगा लेकिन मुझे नहीं लगता भारत की राष्ट्रभाषा अंग्रेजी होनी चाहिए

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आदित्य आप अंग्रेजी जय हो भारत में दूसरी सबसे ज्यादा बोलने वाली भाषा है हिंदी के बाद आंखों

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