1000 लोगों की भीड़ ने दो पुरुषों को बलात्कार करने पर मार दिया। क्या यह करना सही है?...


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Ishita Seth

Obstinate Programmer

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे जो हंसा लोगों की भीड़ ने दो पुरुषों को बलात्कार करने में मार दिया है यह मेरे हिसाब से कहीं गलत है क्योंकि देखी चाहिए उन बलात्कारों ने गलत काम किया है किसी का बलात्कार करना लेकिन बहुत ही बड़ा क्राइम है ऐसा बिल्कुल होना ही नहीं चाहिए जो बालात्कार है यह कैसी चीज है ये कैसा डिजीज है यह कैसी ग़लत प्राइम है जो बिल्कुल देश से खत्म हो जाना चाहिए पर अगर ऐसा कुछ हुआ है कि दोस्तों ने दोस्ती का बलात्कार किया है तो उसे जो नया आया है हमारा जो डिसीजन मेकिंग सिस्टम है जो कोर्ट है उसका हमें उसके निर्णय का हम वेट करना चाहिए था ऑल दो वह बहुत ही ज्यादा स्लो हो चुके हैं आजकल हमें जू जस्टिस हैं वह हमारे टाइम पर नहीं मिलती है अगर हम आज किस करते हैं तो पता नहीं वह कैफ कितने साल तक चलता रहता है पर और जो ऐसे क्या होता है कि लोग इज्जत नहीं मिलती है जिस पर केस दूदू अधिकतम होता है जिस पर मुझे सारी बुरी चीजे हो रही होती है उनको जैसे उस टाइम पर नहीं मिलती है तो अगर ऐसा इतना स्लो है हमारा डिसीजन तू उस लड़की के साथ बलात्कार हुआ है उस लड़की को जोश दिलाने के लिए मैं हजार लोगों की भीड़ ने दोनों शवों को मार दिया है जान से यह पूरी तरह गलत भी नहीं है पर लेकिन पूरी तरह देखें सही भी नहीं है हमें और वेट करना चाहिए था डिसिशन मेकिंग सिस्टम का जो भी डिसीजन जो भी निर्णय लेते हैं उसका और हमारे भारत का उसको भी बहुत से काम करना चाहिए ताकि लोगों को टाइम पर मैसेज मिलता है

likhe jo hansa logo ki bheed ne do purushon ko balatkar karne mein maar diya hai yah mere hisab se kahin galat hai kyonki dekhi chahiye un balatkaron ne galat kaam kiya hai kisi ka balatkar karna lekin bahut hi bada crime hai aisa bilkul hona hi nahi chahiye jo balatkar hai yah kaisi cheez hai ye kaisa disease hai yah kaisi galat prime hai jo bilkul desh se khatam ho jana chahiye par agar aisa kuch hua hai ki doston ne dosti ka balatkar kiya hai toh use jo naya aaya hai hamara jo decision making system hai jo court hai uska hamein uske nirnay ka hum wait karna chahiye tha all do vaah bahut hi zyada slow ho chuke hain aajkal hamein zoo justice hain vaah hamare time par nahi milti hai agar hum aaj kis karte hain toh pata nahi vaah kaif kitne saal tak chalta rehta hai par aur jo aise kya hota hai ki log izzat nahi milti hai jis par case dudu adhiktam hota hai jis par mujhe saree buri chije ho rahi hoti hai unko jaise us time par nahi milti hai toh agar aisa itna slow hai hamara decision tu us ladki ke saath balatkar hua hai us ladki ko josh dilaane ke liye main hazaar logo ki bheed ne dono shavon ko maar diya hai jaan se yah puri tarah galat bhi nahi hai par lekin puri tarah dekhen sahi bhi nahi hai hamein aur wait karna chahiye tha decision making system ka jo bhi decision jo bhi nirnay lete hain uska aur hamare bharat ka usko bhi bahut se kaam karna chahiye taki logo ko time par massage milta hai

लिखे जो हंसा लोगों की भीड़ ने दो पुरुषों को बलात्कार करने में मार दिया है यह मेरे हिसाब से

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर मैं अपनी पर्सनल राय तुम तो मुझे लगता है बिल्कुल सही किया गया क्योंकि अगर अगर आप कोर्ट के थ्रू जाएं या पूरे प्रोसीजर को देखे तो मुझे लगता है कि जो व्यक्ति हैं जिन्होंने यह दीप क्या तू उनको उनका कुछ नहीं होने वाला कुछ दिनों बाद वह बिल पर छूट जाएंगे और फिर दोबारा आ कर वहीं काम को दोबारा करेंगे तो मुझे लगता है जो जनता ने किया वह बिल्कुल सही है या होना भी चाहिए लेकिन अगर में कानून के हिसाब से बात करो तो मुझे लगता है कि कानून को हाथ में लेने का किसी का कोई अधिकार नहीं है लेकिन होता क्या है जब इस तरह की घटना हमारे देश के अंदर होती हैं तो लोगों के मोसम जाग जाते हैं और वह मोशंस की वजह से इस प्रकार की घटनाएं हो जाती हैं जिस प्रकार दो लोगों को जन्म दिया एक हजारों की भीड़ ने मार दिया तो मुझे लगता है कि बहुत सही किया ऐसे लोगों का यही इलाज है इस देश के अंदर क्योंकि कानून पर कानून कि अगर मैं बात कर तो देश के अंदर हर साल नंबर ऑफ़ ब्रेड कैसे बढ़ रहे हैं अगर कानून हमारे इतना ही अच्छा होता तो मुझे लगता है कि नंबर जो रेप कैसे चमक कम होने चाहिए लेकिन कानून खोने के बाद ही बढ़ रहा है तो उसका लोकल लोगों में ऐसे व्यक्ति जो बलात्कार करते हैं उनमें कानून के डर के उनके उनको कानून का डर नहीं है

dekhiye agar main apni personal rai tum toh mujhe lagta hai bilkul sahi kiya gaya kyonki agar agar aap court ke through jayen ya poore procedure ko dekhe toh mujhe lagta hai ki jo vyakti hai jinhone yah deep kya tu unko unka kuch nahi hone vala kuch dino baad vaah bill par chhut jaenge aur phir dobara aa kar wahi kaam ko dobara karenge toh mujhe lagta hai jo janta ne kiya vaah bilkul sahi hai ya hona bhi chahiye lekin agar mein kanoon ke hisab se baat karo toh mujhe lagta hai ki kanoon ko hath mein lene ka kisi ka koi adhikaar nahi hai lekin hota kya hai jab is tarah ki ghatna hamare desh ke andar hoti hai toh logo ke mosam jag jaate hai aur vaah moshans ki wajah se is prakar ki ghatnaye ho jaati hai jis prakar do logo ko janam diya ek hazaro ki bheed ne maar diya toh mujhe lagta hai ki bahut sahi kiya aise logo ka yahi ilaj hai is desh ke andar kyonki kanoon par kanoon ki agar main baat kar toh desh ke andar har saal number of bread kaise badh rahe hai agar kanoon hamare itna hi accha hota toh mujhe lagta hai ki number jo rape kaise chamak kam hone chahiye lekin kanoon khone ke baad hi badh raha hai toh uska local logo mein aise vyakti jo balatkar karte hai unmen kanoon ke dar ke unke unko kanoon ka dar nahi hai

देखिए अगर मैं अपनी पर्सनल राय तुम तो मुझे लगता है बिल्कुल सही किया गया क्योंकि अगर अगर आप

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अरुणाचल प्रदेश में एक 5 साल की बच्ची की रेप करने के जुर्म में दो लोग संजय सरोवर जो 30 साल का था और जगदीश लोहार जो 25 साल का था वहां भीड़ में उन को पीट-पीटकर मार डाला और दिनदहाड़े इंसिडेंट हुआ है करीबन हजार लोग थे उन्होंने पुलिस लॉकअप के ऊपर टकराव और उन दोनों जो उस जिन्होंने यह जुल्म किया था उनको ले गए वहां से और उन दोनों इंसानों को मार डाला देखिए मैं बिल्कुल HD को सपोर्ट करती हूं कि ऐसे किसी जुर्म की सजा मौत ही होनी चाहिए उनको मौत ही मिलनी चाहिए थी उनको फांसी देनी चाहिए थी लेकिन यह जो मोड में जो भीड़ ने यह चीज कि मेरे सबसे चीज गलत है जो हजार लोग जिन्होंने यह सब किया है अगर वह एकदम दूध के धुले हुए उन्होंने कभी ऐसा कोई क्राइम नहीं किया कभी मैंने कोई गलती नहीं की कुशल उनके पास से राइट हो सकता है दवाई प्रॉपर लॉज है जो प्रॉपर तरीका है उस चीज से उन्हें सजा मिलनी चाहिए यह दोनों लोगों को मौत में ली आखिरी में यह चीज बहुत अच्छी है क्योंकि एक 5 साल की बच्ची जो भी अपना बचपन जिसकी जिंदगी अभी शुरु हुई है उसको इतने भयानक और चीजें देखनी पड़ी इतनी छोटी उम्र में उसकी सजा मौत भी शायद कम ही है लेकिन मेरे हिसाब से भीड़ का यह करना थोड़ा गलत था थोड़ा और हमें यह चीज भी कहूंगी कि उनका रीजन हो सकता क्योंकि सरकारिया लोग इन चीजों को लेकर ज्यादा कोई गार्डन पासून नहीं बनाती है वरना तो लोगों को फटाफट सजा दे देनी चाहिए मौत दे देनी चाहिए जो भी जुर्म करते हैं शायद भीड़ को लगा कि सरकार कुछ करेगी नहीं तो हम यह चीज करें पर मेरे साथ से कानून को हाथ में लेना ठीक नहीं है

dekhiye arunachal pradesh mein ek 5 saal ki bachi ki rape karne ke jurm mein do log sanjay sarovar jo 30 saal ka tha aur jagdish lohar jo 25 saal ka tha wahan bheed mein un ko peat pitakar maar dala aur dinadahade incident hua hai kariban hazaar log the unhone police lockup ke upar takraav aur un dono jo us jinhone yah zulm kiya tha unko le gaye wahan se aur un dono insano ko maar dala dekhiye main bilkul HD ko support karti hoon ki aise kisi jurm ki saza maut hi honi chahiye unko maut hi milani chahiye thi unko fansi deni chahiye thi lekin yah jo mode mein jo bheed ne yah cheez ki mere sabse cheez galat hai jo hazaar log jinhone yah sab kiya hai agar vaah ekdam doodh ke dhule hue unhone kabhi aisa koi crime nahi kiya kabhi maine koi galti nahi ki kushal unke paas se right ho sakta hai dawai proper Lodge hai jo proper tarika hai us cheez se unhe saza milani chahiye yah dono logo ko maut mein li aakhiri mein yah cheez bahut achi hai kyonki ek 5 saal ki bachi jo bhi apna bachpan jiski zindagi abhi shuru hui hai usko itne bhayanak aur cheezen dekhni padi itni choti umr mein uski saza maut bhi shayad kam hi hai lekin mere hisab se bheed ka yah karna thoda galat tha thoda aur hamein yah cheez bhi kahungi ki unka reason ho sakta kyonki sarkaariya log in chijon ko lekar zyada koi garden pasun nahi banati hai varna toh logo ko phataphat saza de deni chahiye maut de deni chahiye jo bhi jurm karte hai shayad bheed ko laga ki sarkar kuch karegi nahi toh hum yah cheez kare par mere saath se kanoon ko hath mein lena theek nahi hai

देखिए अरुणाचल प्रदेश में एक 5 साल की बच्ची की रेप करने के जुर्म में दो लोग संजय सरोवर जो 3

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मोदी की खबर आई थी कि हजार लोगों की भीड़ ने जो है दो पुरुषों की बलात्कार के जुर्म में पकड़े गए थे उन्हें मार दिया मेरे हिसाब से जिस प्रकार से भीगने जय दो पुरुषों पर अपना गुस्सा दिखाया ने मार डाला गाना कहां पर यह बात सही नहीं है हां उन्होंने जो है एक घिनौना जुल्म किया है उन्होंने एक बहुत ही गंदी हो चुकी है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है उन्हें मौत मिलनी चाहिए या उन्हें आम पब्लिक लिए उन्हें मार डालना चाहिए क्योंकि अगर हम मार्च कर लोगों को बता नहीं सकते हैं कि हम गलत है अगर हमने उसे पुलिस के हवाले कर दिया रहता है या फिर कोर्ट ने उस को कड़ी से कड़ी सजा दी रहती हम दोनों ही पुरुषों को उतना ही अच्छा होता हम कभी भी कानून अपने हाथों में नहीं लेना चाहिए और हमें कभी भी ऐसा कोई चीज नहीं करनी चाहिए और लोगों को मार डालने से वह समस्या का हल नहीं होगा अगर हम यह दो पुरुषों को मार डालता है और हमें लगता है कि हमें रेप का हल मिल जगह से नहीं है देश में अभी भी रेप हो रहा है तो कान्हा कहां पर जितना हो सके उतना अगर हम लोगों को लोगों की मानसिकता में गर्म यह विचार डाले की रेप सही नहीं है जितना सकी उतना हम औरतों की या महिलाओं की इज्जत करना अगर हम लोगों को सिखाया उतना ही अच्छा होगा इससे रेप कम होगी लोगों को मार डालने से अधूरे पिछले जन्म की उन्हें मार डालने से रेप जो है वह काम नहीं होगा तो खाना कहां पर यह बात तो लोगों को समझ में आ जानी चाहिए और सिर्फ यही नहीं जितना हो सके उतना गरम खत कानून अपने हाथ में ना ले और आंकड़े से कड़े कानून बनाए जैसे कि हम कह सकते हैं उनकी कितनी दे देना रिक्वेस्ट किया फिर एप्स को बॉर्डर पर लगा कर देना और क्या डिप्रेशन कर देना रितेश थाना कहां पर गई है सारी चीजें कर बुलाते हैं तब जाकर रेप की समस्या हल होगी लेकिन इस प्रकार से भीड़ में लोगों को मार रहा है यह सही बात नहीं हो रही शरीफ की समस्या जरूर का कभी हार नहीं निकलेगा

modi ki khabar I thi ki hazaar logo ki bheed ne jo hai do purushon ki balatkar ke jurm mein pakde gaye the unhe maar diya mere hisab se jis prakar se bhigne jai do purushon par apna gussa dikhaya ne maar dala gaana kahaan par yah baat sahi nahi hai haan unhone jo hai ek ghinauna zulm kiya hai unhone ek bahut hi gandi ho chuki hai lekin iska matlab yah nahi hai unhe maut milani chahiye ya unhe aam public liye unhe maar dalna chahiye kyonki agar hum march kar logo ko bata nahi sakte hain ki hum galat hai agar humne use police ke hawale kar diya rehta hai ya phir court ne us ko kadi se kadi saza di rehti hum dono hi purushon ko utana hi accha hota hum kabhi bhi kanoon apne hathon mein nahi lena chahiye aur hamein kabhi bhi aisa koi cheez nahi karni chahiye aur logo ko maar dalne se vaah samasya ka hal nahi hoga agar hum yah do purushon ko maar dalta hai aur hamein lagta hai ki hamein rape ka hal mil jagah se nahi hai desh mein abhi bhi rape ho raha hai toh kanha kahaan par jitna ho sake utana agar hum logo ko logo ki mansikta mein garam yah vichar dale ki rape sahi nahi hai jitna saki utana hum auraton ki ya mahilaon ki izzat karna agar hum logo ko sikhaya utana hi accha hoga isse rape kam hogi logo ko maar dalne se adhure pichle janam ki unhe maar dalne se rape jo hai vaah kaam nahi hoga toh khana kahaan par yah baat toh logo ko samajh mein aa jani chahiye aur sirf yahi nahi jitna ho sake utana garam khat kanoon apne hath mein na le aur aankade se kade kanoon banaye jaise ki hum keh sakte hain unki kitni de dena request kiya phir apps ko border par laga kar dena aur kya depression kar dena ritesh thana kahaan par gayi hai saree cheezen kar bulate hain tab jaakar rape ki samasya hal hogi lekin is prakar se bheed mein logo ko maar raha hai yah sahi baat nahi ho rahi sharif ki samasya zaroor ka kabhi haar nahi niklega

मोदी की खबर आई थी कि हजार लोगों की भीड़ ने जो है दो पुरुषों की बलात्कार के जुर्म में पकड़े

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Hhhgnbhh

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे तो आजा रूम के पीने दो पुरुषों को मार दिया बलात्कार करने पर तो मुझे कोई भी चीज गलत नहीं लगती क्योंकि इन लोगों ने किसी के साथ अच्छा नहीं करा था पर अब मुझे ऐसा लगता है कि हमें नए का इंतजार करना चाहिए था जो न्यायालय था वह मैंने बहुत कड़ी सजा और बुरी सजा देता पर आप आजकल देखा गया कि तुम्हारा न्यायालय अब इतनी ज्यादा धीरे सजा देने लग गया कि लोगों से सफल नहीं होता और ऐसे कामों के जो सजा होती है यह मुझे लगता है कि तुरंत ही मिलनी चाहिए और बहुत कड़ी सजा मिलनी चाहिए तो इंदु कारणवश उच्च न्यायालय जो है सो जा बहुत ही रहता तो लोगों के गुस्से में 2000 लोगों ने मिलकर उन दो पुरुषों को मार दिया पर कहीं ना कहीं मुझे ऐसा लगता है कि न्यायालय कहां में सफर करना चाहिए और इसके अंदर मैं यह नहीं बोल क्यों नहीं करती है वह मुझे सकते कि न्यायालय को अब थोड़ा बदलना चाहिए जो भी फैसले होने चाहिए वह तुरंत जल्दी लेनी चाहिए और जो ऐसे लोग जो ऐसे दुष्कर्म करते हैं उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि एक सबक बन सके कि और लोग ऐसे कर्म ना करें

dekhe toh aajad room ke peene do purushon ko maar diya balatkar karne par toh mujhe koi bhi cheez galat nahi lagti kyonki in logo ne kisi ke saath accha nahi kara tha par ab mujhe aisa lagta hai ki hamein naye ka intejar karna chahiye tha jo nyayalaya tha vaah maine bahut kadi saza aur buri saza deta par aap aajkal dekha gaya ki tumhara nyayalaya ab itni zyada dhire saza dene lag gaya ki logo se safal nahi hota aur aise kaamo ke jo saza hoti hai yah mujhe lagta hai ki turant hi milani chahiye aur bahut kadi saza milani chahiye toh indu karanvash ucch nyayalaya jo hai so ja bahut hi rehta toh logo ke gusse mein 2000 logo ne milkar un do purushon ko maar diya par kahin na kahin mujhe aisa lagta hai ki nyayalaya kahaan mein safar karna chahiye aur iske andar main yah nahi bol kyon nahi karti hai vaah mujhe sakte ki nyayalaya ko ab thoda badalna chahiye jo bhi faisle hone chahiye vaah turant jaldi leni chahiye aur jo aise log jo aise dushkarm karte hai un logo ko kadi se kadi saza milani chahiye taki ek sabak ban sake ki aur log aise karm na karen

देखे तो आजा रूम के पीने दो पुरुषों को मार दिया बलात्कार करने पर तो मुझे कोई भी चीज गलत नही

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:49
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अरुणाचल प्रदेश के तेजू गांव के रहवासियों ने बलात्कार करने वाले दो आरोपियों को सजा देने के लिए कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया और खुद ही कानून को अपने हाथों में लेकर 5 साल की बच्ची के दो बलात्कारियों को मौत के घाट उतार दिया यह इसी वजह से हुआ है क्योंकि कुछ सालों से हमारे देश में बलात्कार की जो मामले हैं वह बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं बलात्कार की बढ़ती इन घटनाओं से महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और हद तो तब हो जाती है जब हवस की भूखी यह दरिंदे मासूम बच्चों को भी अपना शिकार बनाने से बाज नहीं आते और कई बार हम देखते हैं कि इस तरह की घटनाएं जो होती हैं उसमें दोषियों को सजा मिलने में बहुत समय लग जाता है तो लोग इसी वजह से काफी गुस्से में रहते हैं और इसी का एक यह नतीजा निकला कि इन बलात्कारियों को लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला तो मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाएं सही नहीं है और लोगों को तुम पर पूरा विश्वास बनाए रखना चाहिए और उन्हें कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए हलाकि यह जो दो बलात्कारी थे उन्होंने बहुत ज्यादा जघन्य अपराध किया था और मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना को अंजाम दिया था

arunachal pradesh ke teju gaon ke rahavasiyon ne balatkar karne waale do aaropiyon ko saza dene ke liye kanooni prakriya ka intejar nahi kiya aur khud hi kanoon ko apne hathon mein lekar 5 saal ki bachi ke do balatkariyon ko maut ke ghat utar diya yah isi wajah se hua hai kyonki kuch salon se hamare desh mein balatkar ki jo mamle hain vaah bahut zyada badh gaye hain balatkar ki badhti in ghatnaon se mahilaye khud ko asurakshit mehsus kar rahi hain aur had toh tab ho jaati hai jab hawas ki bhukhi yah darinde masoom baccho ko bhi apna shikaar banane se baaj nahi aate aur kai baar hum dekhte hain ki is tarah ki ghatnaye jo hoti hain usme doshiyon ko saza milne mein bahut samay lag jata hai toh log isi wajah se kaafi gusse mein rehte hain aur isi ka ek yah natija nikala ki in balatkariyon ko logo ne peat pitakar maar dala toh mujhe lagta hai ki is tarah ki ghatnaye sahi nahi hai aur logo ko tum par pura vishwas banaye rakhna chahiye aur unhe kanoon ko apne hath mein nahi lena chahiye halaki yah jo do balaatkari the unhone bahut zyada jaghanya apradh kiya tha aur manavta ko sharmasar kar dene wali ghatna ko anjaam diya tha

अरुणाचल प्रदेश के तेजू गांव के रहवासियों ने बलात्कार करने वाले दो आरोपियों को सजा देने के

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमें सुनकर यह खबर सही नहीं लगती है कि हजार लोगों की भीड़ ने दो लोगों को मार दिया लेकिन उन लोगों ने उन दो लोगों को क्यों मारा उसकी वजह जानना बहुत जरूरी हो जो बजे सामने आती है तब हमारा भी आक्रोश खोलने लगता है हमारा भी मन विद्रोह करने लगता है और हमारी भी इच्छा होती कि काश हम भी वहां होते और हम भी उन लोगों को वह सजा दे पाते एक 5 साल की बच्ची के साथ इतना गंदा काम करने के बाद उन लोगों को सिर्फ पुलिस हिरासत में रखकर लोगों का आक्रोश खत्म नहीं होगा अगर लोगों में गुस्सा है और उन्होंने उसे दिखाया है तो मुझे लगता है कि यह सही है क्योंकि यह घटनाएं इतनी ज्यादा हो रही है कि इन घटनाओं पर बहुत जरूरी है कि किसी भी तरह से खत्म किया जाए ने रोका जाए आज बच्चों का जीवन बच्चों को बाहर रहना सुरक्षित नहीं है तो यह कैसे हो सकता है कैसे हमारा देश आगे बढ़ेगा कैसे तरक्की करेगा जहां 5 साल की बच्ची भी सुरक्षित नहीं है कैसे हम उन लोगों को ढूंढने उन्हे पकड़ ली और उन्हें सजा दे पुलिस अपने कानून से अपने नियमों से बंधी हुई है और सजा देने में बहुत वक्त लग जाता है लेकिन लोगों का गुस्सा लोगों का आक्रोश अगर उन्हें सजा दे देता है तो मुझे नहीं लगता है कि वह गलत है अगर उन्होंने गलत किया है तो उन्हें उसकी सजा मिली है क्योंकि बाकी लोगों को सजा मिलने में टाइम लग रहा है और यह अपराध बढ़ता जा रहा है लोगों में इसके प्रति आदर नहीं है अगर इस तरह की घटनाएं होती रहेगी तो हम कैसे अपनी बच्चियों को सुरक्षित रख 5 साल की बच्ची से आप क्या उम्मीद करते हैं क्या उसका दिमाग है क्या उसका शरीर है क्या वह क्या वह सोचेगी क्या वह करेगी मतलब आगे क्लिप अच्छा है कि लोगों में यह गुस्सा उठा और लोगों ने उन्हें यह सजा दी इससे शायद लोगों को सबक मिले कि उन्हें यह गंदे काम नहीं करने चाहिए

hamein sunkar yah khabar sahi nahi lagti hai ki hazaar logo ki bheed ne do logo ko maar diya lekin un logo ne un do logo ko kyon mara uski wajah janana bahut zaroori ho jo baje saamne aati hai tab hamara bhi aakrosh kholne lagta hai hamara bhi man vidroh karne lagta hai aur hamari bhi iccha hoti ki kash hum bhi wahan hote aur hum bhi un logo ko vaah saza de paate ek 5 saal ki bachi ke saath itna ganda kaam karne ke baad un logo ko sirf police hirasat mein rakhakar logo ka aakrosh khatam nahi hoga agar logo mein gussa hai aur unhone use dikhaya hai toh mujhe lagta hai ki yah sahi hai kyonki yah ghatnaye itni zyada ho rahi hai ki in ghatnaon par bahut zaroori hai ki kisi bhi tarah se khatam kiya jaaye ne roka jaaye aaj baccho ka jeevan baccho ko bahar rehna surakshit nahi hai toh yah kaise ho sakta hai kaise hamara desh aage badhega kaise tarakki karega jaha 5 saal ki bachi bhi surakshit nahi hai kaise hum un logo ko dhundhne unhe pakad li aur unhe saza de police apne kanoon se apne niyamon se bandhi hui hai aur saza dene mein bahut waqt lag jata hai lekin logo ka gussa logo ka aakrosh agar unhe saza de deta hai toh mujhe nahi lagta hai ki vaah galat hai agar unhone galat kiya hai toh unhe uski saza mili hai kyonki baki logo ko saza milne mein time lag raha hai aur yah apradh badhta ja raha hai logo mein iske prati aadar nahi hai agar is tarah ki ghatnaye hoti rahegi toh hum kaise apni bachiyo ko surakshit rakh 5 saal ki bachi se aap kya ummid karte kya uska dimag hai kya uska sharir hai kya vaah kya vaah sochegi kya vaah karegi matlab aage clip accha hai ki logo mein yah gussa utha aur logo ne unhe yah saza di isse shayad logo ko sabak mile ki unhe yah gande kaam nahi karne chahiye

हमें सुनकर यह खबर सही नहीं लगती है कि हजार लोगों की भीड़ ने दो लोगों को मार दिया लेकिन उन

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसा कि आप कह रहे हैं कि हजारों लोगों की भीड़ है और दो पुरुषों को बलात्कार करने पर मार दिया तो मेरे हिसाब से यह सही नहीं है उसकी यह वजह नहीं है कि उन लोगों ने लोगों के साथ ऐसा नहीं होना था उन लोगों के साथ कुछ ना कुछ ऐसा जरूर होना था जिससे उनको सबक मिले और जितना बड़ा उन्होंने अपराध किया है उनको भी इतनी बड़ी सजा मिलनी चाहिए थी पर जो अपराध उन्होंने किया वह प्रथम नहीं कर सकते हम उनकी लेवल तक नहीं देख सकते हैं तो इसी वजह से उन लोगों को भीड़ को नहीं मारना चाहिए था बल्कि उन लोगों को कानून के हवाले किया तो जाना चाहिए था उसके बाद उनके साथ जो भी नहीं किया जाता कानून करता न्यायालय करताना कि लोगों को यह दिया गया था कि आप लोगों को मार दे और वह भी इतने गंदे गंदे तरीके से मारेंगे कि हजारों लोगों ने जब किसी दो लोगों को मारा होगा तो कितना दर्द अदृश्य हो रहा होगा तो एक समाज में रहने वाले व्यक्ति के हिसाब से अगर हम देखें तो हां बलात्कार एक बहुत बड़ा अपराध है उसको करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए पर तू अगर हजार लोग किसी दो लोगों को मार रहे थे यह भी बहुत ही बड़ा अपराध है और यह भी इस कर न कर किसी भी हद तक सही नहीं है तो मेरे हिसाब से अगर अपनी पर्सनल ओपिनियन बताऊं तो लोगों को ठीक है सजा मिलनी चाहिए परंतु 1000 लोग 2 लोगों को मार रही है पर बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि जो अब्राहिम उन लोगों ने किया है उन दो लोगों ने बलात्कार करके जो क्राइम किया है वही काम हम लोग करेंगे अगर हम उनको इस तरह से मारेंगे तो एक तरह से समाज में अच्छा माहौल बनाने के लिए यह चीज बिल्कुल भी सही नहीं है समाज का काफी हद तक माहौल खराब होगा जब लोग वायलेंट हो जाएंगे एक दूसरे के प्रति तो इसीलिए मेरा सुझाव तो यही रहेगा कि उनको कानून धारा कानून के हवाले कर देना चाहिए था फिर रहने वाले हैं उनका जो भी फैसला होता वह सर आंखों पर होता और न्यायालय में उनको जो भी सजा मिलती है उसके हकदार होते परंतु इस तरह से मार कर उनको इतने सारे लोगों ने मारा यह बिल्कुल भी सही नहीं है

jaisa ki aap keh rahe hain ki hazaro logo ki bheed hai aur do purushon ko balatkar karne par maar diya toh mere hisab se yah sahi nahi hai uski yah wajah nahi hai ki un logo ne logo ke saath aisa nahi hona tha un logo ke saath kuch na kuch aisa zaroor hona tha jisse unko sabak mile aur jitna bada unhone apradh kiya hai unko bhi itni badi saza milani chahiye thi par jo apradh unhone kiya vaah pratham nahi kar sakte hum unki level tak nahi dekh sakte hain toh isi wajah se un logo ko bheed ko nahi marna chahiye tha balki un logo ko kanoon ke hawale kiya toh jana chahiye tha uske baad unke saath jo bhi nahi kiya jata kanoon karta nyayalaya kartana ki logo ko yah diya gaya tha ki aap logo ko maar de aur vaah bhi itne gande gande tarike se marenge ki hazaro logo ne jab kisi do logo ko mara hoga toh kitna dard adrishya ho raha hoga toh ek samaj mein rehne waale vyakti ke hisab se agar hum dekhen toh haan balatkar ek bahut bada apradh hai usko karne walon ko kadi se kadi saza honi chahiye par tu agar hazaar log kisi do logo ko maar rahe the yah bhi bahut hi bada apradh hai aur yah bhi is kar na kar kisi bhi had tak sahi nahi hai toh mere hisab se agar apni personal opinion bataun toh logo ko theek hai saza milani chahiye parantu 1000 log 2 logo ko maar rahi hai par bilkul sahi nahi hai kyonki jo abrahim un logo ne kiya hai un do logo ne balatkar karke jo crime kiya hai wahi kaam hum log karenge agar hum unko is tarah se marenge toh ek tarah se samaj mein accha maahaul banane ke liye yah cheez bilkul bhi sahi nahi hai samaj ka kaafi had tak maahaul kharab hoga jab log vaylent ho jaenge ek dusre ke prati toh isliye mera sujhaav toh yahi rahega ki unko kanoon dhara kanoon ke hawale kar dena chahiye tha phir rehne waale hain unka jo bhi faisla hota vaah sir aankho par hota aur nyayalaya mein unko jo bhi saza milti hai uske haqdaar hote parantu is tarah se maar kar unko itne saare logo ne mara yah bilkul bhi sahi nahi hai

जैसा कि आप कह रहे हैं कि हजारों लोगों की भीड़ है और दो पुरुषों को बलात्कार करने पर मार दिय

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Ridhima

Mass Communications Student

0:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो ऐसा हुआ है मेरे हिसाब से तो बहुत गलत है क्योंकि लोगों को ऐसे नहीं करना चाहिए उन लोग ने कुछ क्राइम किया है तो वह लोगों के अंदर आता है कि वह नहीं घंटी गंदे लोगों का कुछ पैसे हक नहीं बनता है कि वह अपने आप को अपने आप कुछ दंड दें क्योंकि ऐसे देखो तो उन लोग ने किसी की हत्या की है तो वैसे उनको भी पा पवन को भी दंड मिलना चाहिए बट अगर मिले नहीं मिले वह पर नहीं पता मेरे को और यह भी होना चाहिए जो पुलिस फोर्स बाल की स्ट्रांग होनी चाहिए उनको भी देखना चाहिए कि ऐसा ना हो बट ऐसा नहीं हुआ और वैसे उन दोनों लोग दोनों की मौत हो गई

dekho aisa hua hai mere hisab se toh bahut galat hai kyonki logo ko aise nahi karna chahiye un log ne kuch crime kiya hai toh vaah logo ke andar aata hai ki vaah nahi ghanti gande logo ka kuch paise haq nahi banta hai ki vaah apne aap ko apne aap kuch dand de kyonki aise dekho toh un log ne kisi ki hatya ki hai toh waise unko bhi paa pawan ko bhi dand milna chahiye but agar mile nahi mile vaah par nahi pata mere ko aur yah bhi hona chahiye jo police force baal ki strong honi chahiye unko bhi dekhna chahiye ki aisa na ho but aisa nahi hua aur waise un dono log dono ki maut ho gayi

देखो ऐसा हुआ है मेरे हिसाब से तो बहुत गलत है क्योंकि लोगों को ऐसे नहीं करना चाहिए उन लोग न

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