भारत में गरीब और भी गरीब होते जा र है हैं और अमीर और भी अमीर होते जा र है हैं? क्या करें?...


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SUSHIL LAKRA

Politician

1:36

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसमें गरीब को उठाने के लिए गरीब को उठाने के लिए उनको भेज देना चाहिए आठवीं का रिजल्ट बताओ अपने तक ही सीमित रह जाते हैं किंतु रोटी तो देश काम सही सेवा देंगे ओके दिन में नहीं पूरा हुआ और पद्धति से गोलियां चल चल चल जाएंगे जान दे दिया लोग इमानदारी के साथ में तो देश में मरने के लिए वापस आने के लिए कुर्बान होने के लिए क्या था देश के प्रति उनका प्यार है नहीं तो पैसा से काम करते हैं पैसे आएंगे वहां पर लोगों का शोषण करने को तैयार नहीं है टाइम नहीं मेरे पास एक बात तो करो

ismein garib ko uthane ke liye garib ko uthane ke liye unko bhej dena chahiye aatthvi ka result batao apne tak hi simith reh jaate hain kintu roti toh desh kaam sahi seva denge ok din mein nahi pura hua aur paddhatee se goliya chal chal chal jaenge jaan de diya log imaandari ke saath mein toh desh mein marne ke liye wapas aane ke liye kurban hone ke liye kya tha desh ke prati unka pyar hai nahi toh paisa se kaam karte hain paise aayenge wahan par logo ka shoshan karne ko taiyaar nahi hai time nahi mere paas ek baat toh karo

इसमें गरीब को उठाने के लिए गरीब को उठाने के लिए उनको भेज देना चाहिए आठवीं का रिजल्ट बताओ अ

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Rampal Meghwal

Indian Politician

1:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसके पीछे कुछ भी नहीं खाई है तो मैं बात करता हूं कि जीवन में उच्च शिक्षा के माध्यम से उसका सदुपयोग करें कर रहा हूं जो मैं कर रहा हूं क्या वह चित्र मेरे परिवार की एक गरीब हूं और उसको यह पता है उसको दिखाये हिंदी भाषा में कॉमेडी में जी नहीं सकता है उसका

iske peeche kuch bhi nahi khai hai toh main baat karta hoon ki jeevan mein ucch shiksha ke madhyam se uska sadupyog kare kar raha hoon jo main kar raha hoon kya vaah chitra mere parivar ki ek garib hoon aur usko yah pata hai usko dikhaye hindi bhasha mein comedy mein ji nahi sakta hai uska

इसके पीछे कुछ भी नहीं खाई है तो मैं बात करता हूं कि जीवन में उच्च शिक्षा के माध्यम से उसका

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Mainpal Kashyap

Journalist

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखें जहां तक आपने गरीब की बात करी गरीब गरीब होता है जरा अमीर अमीर होता जा रहा लेकिन क्या है कुछ चीजें ऐसी हैं जो सरकार की गलती है मुद्रा तब तक नहीं पहुंच रही थी और अब वह धरातल पर पहुंची है और धरातल पर पहुंचकर सरकार की जो इस क्रीम है जो योजनाएं हैं वह जानकारी गरीब लोगों को मिल रही है लेकिन गरीब उनका फायदा उठाकर अमीर अमीर अमीर बनने के उस में फिराक में तो है लेकिन पूरी तरह से किन कारण क्या रहा कि जो बिजनेस मैन है वह जानती ही मतलब अपने बिजनेस को बढ़ावा देना सरकार की कई बार इतनी तो सरकार उनको ज्यादा बढ़ावा दिया इस वजह से जो अमीर लोग जो ज्यादा बढ़ रहे हैं तो इसीलिए मैं आगे अपना बिजनेस अपलोड करने में कारगर साबित होगा लेकिन बीजेपी सरकार की अगर बात करें तो 5 साल में तो ऐसा कुछ नहीं है तो बीजेपी सरकार इतना बढ़ावा नहीं दिया क्या तो चलो बता दिया उन्होंने आप गरीब लोगों को ज्यादा बढ़ाओ देने पर लगी हुई है

dekhen jaha tak aapne garib ki baat kari garib garib hota hai jara amir amir hota ja raha lekin kya hai kuch cheezen aisi hai jo sarkar ki galti hai mudra tab tak nahi pohch rahi thi aur ab wah dharatal par pahuchi hai aur dharatal par pahuchkar sarkar ki jo is cream hai jo yojanaye hai wah jankari garib logo ko mil rahi hai lekin garib unka fayda uthaakar amir amir amir banne ke us mein firak mein toh hai lekin puri tarah se kin kaaran kya raha ki jo business man hai wah jaanti hi matlab apne business ko badhawa dena sarkar ki kai baar itni toh sarkar unko zyada badhawa diya is wajah se jo amir log jo zyada badh rahe hai toh isliye main aage apna business upload karne mein kargar saabit hoga lekin bjp sarkar ki agar baat karein toh 5 saal mein toh aisa kuch nahi hai toh bjp sarkar itna badhawa nahi diya kya toh chalo bata diya unhone aap garib logo ko zyada badhao dene par lagi hui hai

देखें जहां तक आपने गरीब की बात करी गरीब गरीब होता है जरा अमीर अमीर होता जा रहा लेकिन क्या

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Inderjeet Veram

Photo Journalist

0:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

टीपू सुल्तान की जो बोलती है जी ऊपर से आते हैं जो प्रॉब्लम है आम आदमी गरीब की यही नहीं पता होता है

tipu sultan ki jo bolti hai ji upar se aate hain jo problem hai aam aadmi garib ki yahi nahi pata hota hai

टीपू सुल्तान की जो बोलती है जी ऊपर से आते हैं जो प्रॉब्लम है आम आदमी गरीब की यही नहीं पता

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Gurpreet Singh Niamian

Bureau Chief Of Punjab Kesari

1:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा है हमारी जो आरतियां गवर्नमेंट की जो पॉलिसी है वह हमें सपोर्ट नहीं करता जो अमीर है वह ज्यादा अमीर होता है इसलिए क्योंकि जो नीतियां है उसके पक्ष जैसे बड़े-बड़े व्यापारी हजारों करोड़ लेकर कार्य और चित्र नहीं होता तो ऊपर ही बता दो और जो कानून है अपनी मर्जी से पी कानून कई बार उनके पक्ष में चला जाता है मैं आपको एक उदाहरण देता हूं आप रेलवे में अक्सर देखते हो कि बिना टिकट पकडे जाने पर ₹500 जुर्माना या 3 महीने की कृपा है जो गरीब है गरीब की रोजमर्रा की जरूरतें हैं उनको पूरा करने के लिए उसे बहुत कुछ करना पड़ता है उसके बावजूद भी वह पूरी तरह से अपनी जरूरतों

aisa hai hamari jo aratiyan government ki jo policy hai vaah hamein support nahi karta jo amir hai vaah zyada amir hota hai isliye kyonki jo nitiyan hai uske paksh jaise bade bade vyapaari hazaro crore lekar karya aur chitra nahi hota toh upar hi bata do aur jo kanoon hai apni marji se p kanoon kai baar unke paksh mein chala jata hai aapko ek udaharan deta hoon aap railway mein aksar dekhte ho ki bina ticket pakade jaane par Rs jurmana ya 3 mahine ki kripa hai jo garib hai garib ki rozmarra ki jaruratein hain unko pura karne ke liye use bahut kuch karna padta hai uske bawajud bhi vaah puri tarah se apni jaruraton

ऐसा है हमारी जो आरतियां गवर्नमेंट की जो पॉलिसी है वह हमें सपोर्ट नहीं करता जो अमीर है वह ज

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इसके लिए हमें मुख्य रूप से सबसे पहले देखना की शिक्षा का विस्तार होना चाहिए और रोजगार के साधन के बढ़ाए जाने चाहिए हम जो मारे बच्चे पढ़ने जाते हैं या जो युवा पढ़ रहे हैं उनका मुख्य उद्देश्य रहता है सिर्फ हमें सरकारी नौकरी मिलना है या नौकरी मिलना जबकि उनको अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए कोई भी रोजगार अपना अपना लेना चाहिए अपना रोजगार की हड्डी चलता है आज का जो हुआ है वह सिर्फ नौकरी के कारण से गरीब और अमीर की खाई बढ़ती जा रही है और यही है कि इस नौकरी को पर डिपेंड रहेगा अगर को अपना रोजगार को पर ध्यान दें तो अमीरी और गरीबी की रेखा हो सकती है

iske liye hamein mukhya roop se sabse pehle dekhna ki shiksha ka vistaar hona chahiye aur rojgar ke sadhan ke badhae jaane chahiye hum jo maare bacche padhne jaate hain ya jo yuva padh rahe hain unka mukhya uddeshya rehta hai sirf hamein sarkari naukri milna hai ya naukri milna jabki unko apne pairon par khada hone ke liye koi bhi rojgar apna apna lena chahiye apna rojgar ki haddi chalta hai aaj ka jo hua hai vaah sirf naukri ke karan se garib aur amir ki khai badhti ja rahi hai aur yahi hai ki is naukri ko par depend rahega agar ko apna rojgar ko par dhyan de toh amiri aur garibi ki rekha ho sakti hai

इसके लिए हमें मुख्य रूप से सबसे पहले देखना की शिक्षा का विस्तार होना चाहिए और रोजगार के सा

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर और अमीर होते जा रहे हैं उसका मेन कारण की है कि गरीब लोगों को जो चाहता सरकार कराती है जो योजनाएं लागू करते हैं सरकारी तंत्र के दुरुपयोग से सरकारी तंत्र की प्रथा के कारण से गरीबों पर पहुंचे नहीं पाते इसके संबंध में में राजीव गांधी जी का वह बयान में यह कहना चाहूंगा कि जब ₹1 की सहायता दी जाती है देश के लोगों के द्वारा सरकारी तंत्र की व्यस्तता के कारण कर्मचारी की विशेषता के कारण 15 पैसे तक ही पहुंच पाता है बाकी की पिक्चर से पैसे बीच का जूता आप गायब हो जाता है अमीर लोग हैं उन लोगों के दर्शन किए हैं कि राजनीतिक लोगों से संबंध होते हैं भारतीय राजनीति राजनीति राजनीति की सबसे अधिक भ्रष्ट है संसार में तो यह लोग उनके संरक्षण में उनका लाभ उनकी पशुओं का लाभ लेकर के अमीर और अमीर होते जा रहे हैं हम दी रे मोदी है 9000 करोड़ से ऊपर काली गया तो क्या यह संभव था बिना राजनीतिज्ञों के संरक्षण के बिना राजनीतिक पार्टियों के संरक्षण की कितना लोन बैंक से उसे कैसे प्राप्त हो गया क्योंकि तुम सोचो कि एक जवान ₹10 का लोन प्राप्त करते हैं तो उसके लिए हमें काफी बड़ी संपत्ति के बारे में पेपर देना पड़ता है जमानत इंद्रानी करती हैं जबकि वह इतना करो तो उधार कैसे ले गया बैंक से कैसे बैंक में सरकारी राजनीतिज्ञों का संरक्षण है

bharat mein garib aur garib hota ja raha hai aur amir aur amir hote ja rahe hain uska main karan ki hai ki garib logo ko jo chahta sarkar karati hai jo yojanaye laagu karte hain sarkari tantra ke durupyog se sarkari tantra ki pratha ke karan se garibon par pahuche nahi paate iske sambandh mein mein rajeev gandhi ji ka vaah bayan mein yah kehna chahunga ki jab Rs ki sahayta di jaati hai desh ke logo ke dwara sarkari tantra ki vyastata ke karan karmchari ki visheshata ke karan 15 paise tak hi pohch pata hai baki ki picture se paise beech ka juta aap gayab ho jata hai amir log hain un logo ke darshan kiye hain ki raajnitik logo se sambandh hote hain bharatiya raajneeti raajneeti raajneeti ki sabse adhik bhrasht hai sansar mein toh yah log unke sanrakshan mein unka labh unki pashuo ka labh lekar ke amir aur amir hote ja rahe hain hum di ray modi hai 9000 crore se upar kali gaya toh kya yah sambhav tha bina rajaneetigyon ke sanrakshan ke bina raajnitik partiyon ke sanrakshan ki kitna loan bank se use kaise prapt ho gaya kyonki tum socho ki ek jawaan Rs ka loan prapt karte hain toh uske liye hamein kaafi badi sampatti ke bare mein paper dena padta hai jamanat indrani karti hain jabki vaah itna karo toh udhaar kaise le gaya bank se kaise bank mein sarkari rajaneetigyon ka sanrakshan hai

भारत में गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर और अमीर होते जा रहे हैं उसका मेन कारण की है क

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह बात बिल्कुल सही है कि भारत में जो गरीब है वह और भी गरीब होते जा रहे हैं और जो अमीर है वह अभी अमीर होते जा रहे हैं लेकिन इसमें हर इंसान एक सच कुछ नहीं कर सकता है क्योंकि जो लोग अमीर हैं वह लोग तो अपना उनका काम ही होता है कि वह और नहीं चिकन बनाए या फिर कुछ नया इनोवेशन करें क्रिएटिव करें और अपनी नई कंपनी खोल कर अपने आप को अमीर करें वही जो लोग गरीब हैं उन लोगों को भी चीज का पूरा पूरा हक होता है कि वह कुछ अपना काम शुरू करें या फिर कुछ खुद से काम करें जिससे वह अपने आप को अमीर बना सके लेकिन किसी को भी रातो रात अमीर बनना मृत्यु भी पॉसिबल नहीं होता है और गरीबों के लिए बहुत ज्यादा मुश्किल से होता है क्योंकि उनके पास पैसा बिल्कुल भी नहीं हो सकता जो पास होता जिस वजह से 1 वर्ष करके अपने लिए कुछ नया काम शुरू करता है या फिर अपनी जिंदगी आराम से ही जीत पाए तो इसलिए गोगो गरीबों को ज्यादा जरूरत होती है और योजनाओं की और स्कीम्स की जगह गारमेंट बनाती है जिस जिससे उन गरीबों को फायदा हो वह लोग अपनी जिंदगी आराम से जी पाए तो अब इसलिए हमारे देश में भी काफी सारी ऐसी पॉलिसी है जो गरीबों के लिए बनाई गई है जैसे कि आवास विकास योजना है जन-धन योजना है मुद्रा योजना है और लाइफ इंश्योरेंस योजना है और को क्रॉप इंश्योरेंस योजना है जिसके तहत जो लोग हमारे देश में गरीब है यह सारी योजनाएं उन्हीं लोगों के लिए केंद्रित हैं और उन्हीं लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं उसके अलावा अभी जो हाल में बजट निकला है उसमें भी काफी हद तक गरीबों के लिए ही और चीजें बनाई गई और सूची गई है करने के लिए और काफी हद तक उसका पार्ट जोग बजट का है वह गरीबों के ध्यान में कानून को ध्यान में रखकर उनकी केंद्रित योजना बनाओ बनाने के लिए रखा गया है तो ऐसा नहीं है कि हमारी गवर्मेंट कुछ काम नहीं कर रही है गरीबों को सही दिशा में ले जाने के लिए उनकी लाइफ स्टाइल अच्छी करने के लिए और दूसरा जो अमीर है उनको किसी ने कुछ कह सकते क्योंकि हर इंसान चाहता है कि वह ज्यादा पैसा कमाए तो अमीरों के पास पैसा है तो वह संदेश कर के और अमीर हो रहे हैं लेकिन इसमें उन लोगों की कोई गलती नहीं

ji haan yah baat bilkul sahi hai ki bharat mein jo garib hai vaah aur bhi garib hote ja rahe hain aur jo amir hai vaah abhi amir hote ja rahe hain lekin isme har insaan ek sach kuch nahi kar sakta hai kyonki jo log amir hain vaah log toh apna unka kaam hi hota hai ki vaah aur nahi chicken banaye ya phir kuch naya innovation kare creative kare aur apni nayi company khol kar apne aap ko amir kare wahi jo log garib hain un logo ko bhi cheez ka pura pura haq hota hai ki vaah kuch apna kaam shuru kare ya phir kuch khud se kaam kare jisse vaah apne aap ko amir bana sake lekin kisi ko bhi raato raat amir banna mrityu bhi possible nahi hota hai aur garibon ke liye bahut zyada mushkil se hota hai kyonki unke paas paisa bilkul bhi nahi ho sakta jo paas hota jis wajah se 1 varsh karke apne liye kuch naya kaam shuru karta hai ya phir apni zindagi aaram se hi jeet paye toh isliye gogo garibon ko zyada zarurat hoti hai aur yojnao ki aur schemes ki jagah garment banati hai jis jisse un garibon ko fayda ho vaah log apni zindagi aaram se ji paye toh ab isliye hamare desh mein bhi kaafi saree aisi policy hai jo garibon ke liye banai gayi hai jaise ki aawas vikas yojana hai jan dhan yojana hai mudra yojana hai aur life insurance yojana hai aur ko crop insurance yojana hai jiske tahat jo log hamare desh mein garib hai yah saree yojanaye unhi logo ke liye kendrit hain aur unhi logo ko dhyan mein rakhakar banai gayi hain uske alava abhi jo haal mein budget nikala hai usme bhi kaafi had tak garibon ke liye hi aur cheezen banai gayi aur suchi gayi hai karne ke liye aur kaafi had tak uska part jog budget ka hai vaah garibon ke dhyan mein kanoon ko dhyan mein rakhakar unki kendrit yojana banao banane ke liye rakha gaya hai toh aisa nahi hai ki hamari government kuch kaam nahi kar rahi hai garibon ko sahi disha mein le jaane ke liye unki life style achi karne ke liye aur doosra jo amir hai unko kisi ne kuch keh sakte kyonki har insaan chahta hai ki vaah zyada paisa kamaye toh amiron ke paas paisa hai toh vaah sandesh kar ke aur amir ho rahe hain lekin isme un logo ki koi galti nahi

जी हां यह बात बिल्कुल सही है कि भारत में जो गरीब है वह और भी गरीब होते जा रहे हैं और जो अम

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गरीब तो कोई अमीर इसलिए है कोई इंसान ने मेहनत की है मेहनत कर कर अमीर बना है और उनके जो भी पैसे हैं वह उनके अपनी खुद की मेहनत है सेल्फ मेड लोग हैं वह लोग और इसीलिए उनके पास पैसा है वह लोग अमीर है और जो लोग गरीब लोग हैं कुछ लोगों के साथ नाइंसाफी होती है वह इसलिए गरीब है और कुछ लोग तो ऐसे हैं वह पढ़े लिखे नहीं है इतने लेट नहीं बन पाए हैं उतने समझदार नहीं बन पाए कि कोई अच्छी नौकरी कर सकते हैं कोई एक अच्छी ऑर्गेनाइजेशन खड़ा कर सकते हैं और खुद के लिए अच्छा पैसा कमा पाया उसने कैपेबल नहीं है कुछ ऐसी वजह से केवल नहीं है तो जिंदगी में अगर मेहनत की जाए तो अमीर वाली कोई बात नहीं है पैसा कमाया जा सकता है अमेरिकी वैसे कोई बात ही नहीं होती क्योंकि देखें ऐसा जो है वह एक तरह का हमारा सोर्स है जिससे हम अपनी जरूरतें पूरी करते हैं नींद तो जान होती है हमारी और पैसे से बस यह है कि हमें हर चीज करने का जो है अवसर मिलता है हमें हर चीज एक्सपीरियंस करने का अवसर मिलता है और ज्यादा खुद को डर लग कर सकते हैं तो बस अपनी खुद की मेहनत भी होती है पैसा जो है एक माध्यम होता है जो मैं आगे लेकर जाता है लेकिन सबसे मेन चीज सबसे जरूरी हमारे खुद की मेहनत अगर मेहनत करेंगे तो अमीर बन सकते हैं और पैसे वाले बन सकते हैं

garib toh koi amir isliye hai koi insaan ne mehnat ki hai mehnat kar kar amir bana hai aur unke jo bhi paise hain vaah unke apni khud ki mehnat hai self made log hain vaah log aur isliye unke paas paisa hai vaah log amir hai aur jo log garib log hain kuch logo ke saath nainsafi hoti hai vaah isliye garib hai aur kuch log toh aise hain vaah padhe likhe nahi hai itne late nahi ban paye hain utne samajhdar nahi ban paye ki koi achi naukri kar sakte hain koi ek achi organization khada kar sakte hain aur khud ke liye accha paisa kama paya usne capable nahi hai kuch aisi wajah se keval nahi hai toh zindagi mein agar mehnat ki jaaye toh amir wali koi baat nahi hai paisa kamaya ja sakta hai american waise koi baat hi nahi hoti kyonki dekhen aisa jo hai vaah ek tarah ka hamara source hai jisse hum apni jaruratein puri karte hain neend toh jaan hoti hai hamari aur paise se bus yah hai ki hamein har cheez karne ka jo hai avsar milta hai hamein har cheez experience karne ka avsar milta hai aur zyada khud ko dar lag kar sakte hain toh bus apni khud ki mehnat bhi hoti hai paisa jo hai ek madhyam hota hai jo main aage lekar jata hai lekin sabse main cheez sabse zaroori hamare khud ki mehnat agar mehnat karenge toh amir ban sakte hain aur paise waale ban sakte hain

गरीब तो कोई अमीर इसलिए है कोई इंसान ने मेहनत की है मेहनत कर कर अमीर बना है और उनके जो भी प

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amir se hoti hai garib se hoti hai ;

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