अकसर ऐसा होता है की ऑफ़िस में मेरी कोई ग़लती नहीं होती है लेकिन फिर भी मुझे मेरे बॉस द्वारा बातें सुनाई जाती हैं। ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

1:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी ऐसे में आपको अपने बॉस से तुरंत बात करनी चाहिए अगर आपको लगता है कि आप की गलतियां नहीं रही हैं फिर भी आपको सुनने को मिलता है तो यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आपको अपने बॉस का पर्सपेक्टिव पता चले कि क्या बात है क्यों ऐसा हो रहा है आपको बजाय इसके कि आप परेशान रहे हैं अपने अंदर और आप इधर उधर खामखा सोचते रहे अपने आप को अशांत करते रहें बेटर होगा कि आप बॉस सीजन टाइम लीजिए और बात की थी बात करना यह नहीं है कि उसको क्वेश्चन करें बात करना यह होना चाहिए और आपके पास कभी यह लगना चाहिए कि आप ही जाना चाहते समझना चाहते हैं आप उनका व्यूप्वाइंट देखना चाहते हैं जानना चाहते हैं आज इस कारण से उन्होंने आपको सुना या या आप को सुनना पड़ा अगर आप इस मोड से जाएंगे इस मेंटालिटी से जाएंगे तो आपका बॉस भी बड़ा ओपन होगा और वह आपको बताएंगे अपना पर्सपेक्टिव तब वह बहुत अच्छा मौका होगा जब आप अपना परिचय के भी सामने डालें हो सकता है कि शायद आपको कुछ क्लेरिटी ना हो उनके पास ज्यादा क्लेरिटी हो और उन्होंने आपको बता दिया कि इस कारण से ऐसा हुआ है आप एक एग्जांपल 1 2 3 एग्जांपल भी शेयर कर सकते हैं अगर आपको लगता है ऐसा तो उससे क्या होगा बातें क्लियर हो जाएंगे और आपको लगता है कि उस दौरान यह भी लग रहा है कि नहीं बहुत की गलती है और एग्जांपल शेयर करने के बाद पोस्ट मैट्रिक के बाद भी पहुंच की गलती है तो जरूरी नहीं है बस आपका आपकी आपके सामने अपनी गलती मानेगा तो आपका मकसद यह नहीं होना चाहिए कि उसको नीचे दिखाना आपका मकसद तो सिंपल यह होना चाहिए कि भाई आप आए रन आउट कर रहे हैं आप जो भी गलतफहमी है जो भी पर्सपेक्टिव है उसको समझने की कोशिश करें और आने वाले टाइम में आपको कैसा व्यवहार करना है या आपको क्या रिएक्शन करना है आप उसकी क्लेरिटी लेने जा रहे हैं जब इस अप रूट से जाएंगे सब सही हो जाएगा

ji aise mein aapko apne boss se turant baat karni chahiye agar aapko lagta hai ki aap ki galtiya nahi rahi hain phir bhi aapko sunne ko milta hai toh yah bahut zaroori ho jata hai ki aapko apne boss ka parsapektiv pata chale ki kya baat hai kyon aisa ho raha hai aapko bajay iske ki aap pareshan rahe hain apne andar aur aap idhar udhar khamakha sochte rahe apne aap ko ashant karte rahein better hoga ki aap boss season time lijiye aur baat ki thi baat karna yah nahi hai ki usko question kare baat karna yah hona chahiye aur aapke paas kabhi yah lagna chahiye ki aap hi jana chahte samajhna chahte hain aap unka vyupwaint dekhna chahte hain janana chahte hain aaj is karan se unhone aapko suna ya ya aap ko sunana pada agar aap is mode se jaenge is mentalaity se jaenge toh aapka boss bhi bada open hoga aur vaah aapko batayenge apna parsapektiv tab vaah bahut accha mauka hoga jab aap apna parichay ke bhi saamne Daalein ho sakta hai ki shayad aapko kuch kleriti na ho unke paas zyada kleriti ho aur unhone aapko bata diya ki is karan se aisa hua hai aap ek example 1 2 3 example bhi share kar sakte hain agar aapko lagta hai aisa toh usse kya hoga batein clear ho jaenge aur aapko lagta hai ki us dauran yah bhi lag raha hai ki nahi bahut ki galti hai aur example share karne ke baad post metric ke baad bhi pohch ki galti hai toh zaroori nahi hai bus aapka aapki aapke saamne apni galti manega toh aapka maksad yah nahi hona chahiye ki usko niche dikhana aapka maksad toh simple yah hona chahiye ki bhai aap aaye run out kar rahe hain aap jo bhi galatfahamee hai jo bhi parsapektiv hai usko samjhne ki koshish kare aur aane waale time mein aapko kaisa vyavhar karna hai ya aapko kya reaction karna hai aap uski kleriti lene ja rahe hain jab is up root se jaenge sab sahi ho jaega

जी ऐसे में आपको अपने बॉस से तुरंत बात करनी चाहिए अगर आपको लगता है कि आप की गलतियां नहीं रह

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Maruti Makwana

Performance Strategist

0:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर आपके साथ ऐसा अक्सर होता है कि आपकी कोई गलती नहीं है फिर भी आपके पास सिर्फ आप ही से परेशान रहते हैं या फिर आप ही की गलतियां निकाल के आपको परेशान करते हैं तो फिर मेरे हिसाब से मैं तो आपको एक ही सुझाव देना चाहूंगा कि अगर सच में आपकी गलती है या नहीं पहले उसको फाइंड आउट कीजिए अगर आपकी गलती है तो उसको सुधारने की कोशिश कीजिए या फिर जितना हो सके जल्दी उस चौक को चेंज कर दीजिए और किसी और जगह पर जाकर जहां से आप कंफर्टेबल हो वहीं पर जाकर काम करना कीजिए क्योंकि जहां पर रिस्पेक्ट नहीं होती वहां पर काम करने से कोई फायदा नहीं होता ना ही आत्म संतोष मिलता है तो मेरे हिसाब से आपके लिए जॉब सर्च करना यह किसी और रूप को ढूंढना ही सही सुझाव रहेगा

agar aapke saath aisa aksar hota hai ki aapki koi galti nahi hai phir bhi aapke paas sirf aap hi se pareshan rehte hai ya phir aap hi ki galtiya nikaal ke aapko pareshan karte hai toh phir mere hisab se main toh aapko ek hi sujhaav dena chahunga ki agar sach mein aapki galti hai ya nahi pehle usko find out kijiye agar aapki galti hai toh usko sudhaarne ki koshish kijiye ya phir jitna ho sake jaldi us chauk ko change kar dijiye aur kisi aur jagah par jaakar jaha se aap Comfortable ho wahi par jaakar kaam karna kijiye kyonki jaha par respect nahi hoti wahan par kaam karne se koi fayda nahi hota na hi aatm santosh milta hai toh mere hisab se aapke liye job search karna yah kisi aur roop ko dhundhana hi sahi sujhaav rahega

अगर आपके साथ ऐसा अक्सर होता है कि आपकी कोई गलती नहीं है फिर भी आपके पास सिर्फ आप ही से परे

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ऑफिस में एक सिस्टम होता जिसको हम कहते हैं यार कि आपका बॉस जो है उनका भी कोई बॉस है जिनका भी कोई बॉस होगा तो जाहिर है आपका जो बस आपसे बातें कह रहे हैं जो नेगेटिव है जो शायद आपने गलत काम किया नहीं होगा लेकिन फिर भी आप को सुनना पड़ता है क्योंकि आपके बॉस को भी यह सुनना पड़ रहा है क्योंकि शायद टारगेट मीट नहीं हो रहा है शायद शॉप का प्लान है वर्क आउट नहीं हो रहा है जिसकी वजह से आपको तब टॉप लैपटॉप देने के बजाय आपको प्रोत्साहित करने के बजाय इस तरह से नीचा दिखाया जा रहा है क्योंकि असली बॉस जो होते हैं वह अपने एंपलॉयर्स को उठाते हैं उनका जो self-esteem है उसको बढ़ाते हैं ना कि उस को खोखला करते हैं तो अगर आपके बॉस आपके self-esteem और सेल्फ वर्थ को खोखला कर रहे हैं तकलीफ पहुंचा रहे हैं तो जाहिर है कि मैनेजमेंट सिस्टम है उनकी पुत्री अच्छी नहीं है और यह बहुत दुख की बात है कि भारत देश में और मोस्ट हर कंपनी में ऐसा होता है क्योंकि जिस तरह की ट्रेनिंग उन्हें देनी चाहिए वह कारपोरेट ट्रेनिंग जो है हर ऑफिस और हर संस्था में उपलब्ध नहीं है हमारे देश में तो आपको चाहिए कि आप इस बात को समझे और यह अगर आपके अपने गलती अगर नहीं की है तो जाहिर है आपके बॉस अल्पज्ञ है वह जानते नहीं है कि किस तरह से अपने एम्पलाई से बात करना चाहिए और उनके बारे में शायद उनके साथ ही कर रहे होंगे और उनके मुताबिक वह अपना काम कर रहे हैं आपको सुना कि वह अपना काम कर रहे हैं तो आपको भी चाहिए कि अगर आपने कुछ ना किया हो तो उसे डिसमिस कर दे 18 से सुने एक कान से निकाल दे अगर आप इमोशनल है तो आपको अगर आप नौकरी बदलेंगे चाहे कितने भी नौकरियां बदलेंगे तो भी इस सिचुएशन का सामना को करना पड़ेगा जैसे कि मैंने पहले बताया कि हमारे देश में यह प्रॉब्लम उपस्थित है मौजूद है तो आप ही की तरह कठोर बने स्ट्रांग बरे मेंटली ताकि इन चीजों को आप सामना कर सके यदि यह तो फेस करना ही है तो प्लीज आप अपने आप को स्ट्रांग और मजबूत बनाइए और ज्यादा इमोशनल मत होइए

dekhiye office mein ek system hota jisko hum kehte hain yaar ki aapka boss jo hai unka bhi koi boss hai jinka bhi koi boss hoga toh jaahir hai aapka jo bus aapse batein keh rahe hain jo Negative hai jo shayad aapne galat kaam kiya nahi hoga lekin phir bhi aap ko sunana padta hai kyonki aapke boss ko bhi yah sunana pad raha hai kyonki shayad target meat nahi ho raha hai shayad shop ka plan hai work out nahi ho raha hai jiski wajah se aapko tab top laptop dene ke bajay aapko protsahit karne ke bajay is tarah se nicha dikhaya ja raha hai kyonki asli boss jo hote hain vaah apne empalayars ko uthate hain unka jo self esteem hai usko badhate hain na ki us ko khokhla karte hain toh agar aapke boss aapke self esteem aur self worth ko khokhla kar rahe hain takleef pohcha rahe hain toh jaahir hai ki management system hai unki putri achi nahi hai aur yah bahut dukh ki baat hai ki bharat desh mein aur most har company mein aisa hota hai kyonki jis tarah ki training unhe deni chahiye vaah karporet training jo hai har office aur har sanstha mein uplabdh nahi hai hamare desh mein toh aapko chahiye ki aap is baat ko samjhe aur yah agar aapke apne galti agar nahi ki hai toh jaahir hai aapke boss alpagya hai vaah jante nahi hai ki kis tarah se apne employee se baat karna chahiye aur unke bare mein shayad unke saath hi kar rahe honge aur unke mutabik vaah apna kaam kar rahe hain aapko suna ki vaah apna kaam kar rahe hain toh aapko bhi chahiye ki agar aapne kuch na kiya ho toh use dismiss kar de 18 se sune ek kaan se nikaal de agar aap emotional hai toh aapko agar aap naukri badalenge chahen kitne bhi naukriyan badalenge toh bhi is situation ka samana ko karna padega jaise ki maine pehle bataya ki hamare desh mein yah problem upasthit hai maujud hai toh aap hi ki tarah kathor bane strong bare mentally taki in chijon ko aap samana kar sake yadi yah toh face karna hi hai toh please aap apne aap ko strong aur majboot banaiye aur zyada emotional mat hoiye

देखिए ऑफिस में एक सिस्टम होता जिसको हम कहते हैं यार कि आपका बॉस जो है उनका भी कोई बॉस है ज

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hmra nahi pta ba

IAS student...

0:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी अगर बिना गलती के किसी को सुनना पड़ेगा को बंद करके सुन लीजिए सुनने में क्या जाता है वह खुद ही उसे बोलते बोलते थक जाएगा वह चुप हो जाएगा कभी-कभी क्या होता है कि हम लोग किसी को समझा नहीं पाते हमारी गलती नहीं रहती फिर भी हम सुनते जाते सुनते आते हैं और सामने वाले को बोलते ही नहीं मेरी गलती नहीं है वह मानता नहीं है तो फिर आप ऐसे भी कुछ नहीं किया बस आप क्यों चुप चाप सुनते रहिए वह खुद ही ऐसा होगा तो खुद ही चुप हो जाएगा थक जाएगा जब बोलते बोलते तो

ji agar bina galti ke kisi ko sunana padega ko band karke sun lijiye sunne mein kya jata hai vaah khud hi use bolte bolte thak jaega vaah chup ho jaega kabhi kabhi kya hota hai ki hum log kisi ko samjha nahi paate hamari galti nahi rehti phir bhi hum sunte jaate sunte aate hain aur saamne waale ko bolte hi nahi meri galti nahi hai vaah manata nahi hai toh phir aap aise bhi kuch nahi kiya bus aap kyon chup chap sunte rahiye vaah khud hi aisa hoga toh khud hi chup ho jaega thak jaega jab bolte bolte toh

जी अगर बिना गलती के किसी को सुनना पड़ेगा को बंद करके सुन लीजिए सुनने में क्या जाता है वह ख

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