क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समाज मर्दों के अधिकार को भूल गया है?...


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राघवेंद्र पुरोहित

बाल संरक्षण अधिकारी (महिला एवं बाल विकास)

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ऐसे और सवाल
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार भारत में महिलाओं का अधिकार देने के लिए समाज में मर्दों के अधिकार को भूल गया है गलत बात है समाज में महिलाओं को सम्मान मिलना ही चाहिए उनका मौलिक अधिकार जो है वह उन्हें मिलना ही चाहिए और भारत में महिलाओं के सम्मान को उनके मौलिक अधिकारों को देने के लिए और और अच्छे-अच्छे कायदे बनने चाहिए जिससे हमारे भारत की महिला सक्षम और वह किसी पर निर्भर ना हो वैसा तंत्र की जिंदगी जिए और उनके अधिकार को कोई चीज नहीं नहीं मर्दों के अधिकार तो बहुत हैं पर मर्दों ने महिलाओं पर अपना अधिकार जमाना ज्यादा शुरू कर दिया था जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है इसलिए महिलाओं का सम्मान करें और माता है तो जगत जननी है और देविका सनी देवी की रूप है इसलिए महिलाओं का मौलिक अधिकार महिलाओं का सम्मान हमारे भारत देश में अग्रणी है और आगे भी रहेगा इसलिए सभी मर्दों से निवेदन है कि हर क्षेत्र के जो भी महिलाएं हैं चाय आपके घर से शुरुआत करें या दफ्तर में उनका मौलिक अधिकार है उनको सम्मान मिलना ही चाहिए जय हिंद जय भारत

namaskar bharat me mahilaon ka adhikaar dene ke liye samaj me mardon ke adhikaar ko bhool gaya hai galat baat hai samaj me mahilaon ko sammaan milna hi chahiye unka maulik adhikaar jo hai vaah unhe milna hi chahiye aur bharat me mahilaon ke sammaan ko unke maulik adhikaaro ko dene ke liye aur aur acche acche kayade banne chahiye jisse hamare bharat ki mahila saksham aur vaah kisi par nirbhar na ho waisa tantra ki zindagi jiye aur unke adhikaar ko koi cheez nahi nahi mardon ke adhikaar toh bahut hain par mardon ne mahilaon par apna adhikaar jamana zyada shuru kar diya tha jo ab dhire dhire kam ho raha hai isliye mahilaon ka sammaan kare aur mata hai toh jagat janani hai aur devika sunny devi ki roop hai isliye mahilaon ka maulik adhikaar mahilaon ka sammaan hamare bharat desh me agranee hai aur aage bhi rahega isliye sabhi mardon se nivedan hai ki har kshetra ke jo bhi mahilaye hain chai aapke ghar se shuruat kare ya daftaar me unka maulik adhikaar hai unko sammaan milna hi chahiye jai hind jai bharat

नमस्कार भारत में महिलाओं का अधिकार देने के लिए समाज में मर्दों के अधिकार को भूल गया है गल

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Ritu Shukla

Owner - Sarthak Foundation

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महिलाओं के अधिकार की बात की जाए तो महिलाओं के अधिकार को देखते हुए यह हम नहीं कह सकते कि पुरुष वर्ग हम से पीछे हैं किंतु जहां महिलाएं सभी चीज को चुप होकर कहती थी गलत बात का विरोध नहीं कर पाती थी और जो भी जैसा हो उसमें संतुष्ट रहना सीख दी थी वहां पर एक बदलाव आया है वजह यह है कि महिलाएं पहले आर्थिक रूप से सशक्त नहीं हुआ करती थी शिक्षा में भी पुरुषों के भाग पीछे होती थी किंतु आज के परिपेक्ष में देखा जाए तो महिलाएं पुरुष के समान भागीदारी का कार्य कर रही है इसलिए पुरुषों ने अधिकार दे नहीं रहा है वह अपना अधिकार स्वयं ले ले रहे हैं

mahilaon ke adhikaar ki baat ki jaaye toh mahilaon ke adhikaar ko dekhte hue yah hum nahi keh sakte ki purush varg hum se peeche hain kintu jaha mahilaye sabhi cheez ko chup hokar kehti thi galat baat ka virodh nahi kar pati thi aur jo bhi jaisa ho usme santusht rehna seekh di thi wahan par ek badlav aaya hai wajah yah hai ki mahilaye pehle aarthik roop se sashakt nahi hua karti thi shiksha me bhi purushon ke bhag peeche hoti thi kintu aaj ke paripeksh me dekha jaaye toh mahilaye purush ke saman bhagidari ka karya kar rahi hai isliye purushon ne adhikaar de nahi raha hai vaah apna adhikaar swayam le le rahe hain

महिलाओं के अधिकार की बात की जाए तो महिलाओं के अधिकार को देखते हुए यह हम नहीं कह सकते कि प

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Nil

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Prem Koranga

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बात सही है कुछ अधिकारों की अनदेखी की जा रही है लेकिन महिलाओं को हर एक और देना भी उतना ही जरूरी है और इसमें यह संविधान का विषय है जो संविधान में जो लोग काम कर रहे हैं और उनको सोचने की जरूरत है कि ऐसा ना हो कि संतुलन बिगड़ में जाए संतुलन बना रहे हैं वही ठीक है इसके बारे में सोचने की जरूरत है

baat sahi hai kuch adhikaaro ki andekha ki ja rahi hai lekin mahilaon ko har ek aur dena bhi utana hi zaroori hai aur isme yah samvidhan ka vishay hai jo samvidhan me jo log kaam kar rahe hain aur unko sochne ki zarurat hai ki aisa na ho ki santulan bigad me jaaye santulan bana rahe hain wahi theek hai iske bare me sochne ki zarurat hai

बात सही है कुछ अधिकारों की अनदेखी की जा रही है लेकिन महिलाओं को हर एक और देना भी उतना ही ज

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Sanjana Singh Transgender

motivator & Transgegender Social Activist

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Prakash sharma

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या महिलाओं को अधिकार देने से समाज में मर्दो के अधिकार को भूल गया है ऐसा कुछ नहीं है जैसा कि आपको पहले ही बताया जाए सब चीजों में जब हैं बराबर का अधिकार है तो महिलाओं को उसका अभी पूरा अधिकार नहीं मिला है आप अगर देखो तो चुनाव में किसी चीज में भी 33 परसेंट भी आरक्षण है महिलाओं को दे रखा तो वहां से किसी को 10:00 पर्सेंट किसी को बीच कई 6:00 पर्सेंट कोई पांच परसेंट मिल पाता है अभी उनको महिलाओं को पूरा अधिकार नहीं मिला इसलिए आईडी इसके प्रति आवाज उठती है और मेरा काम आता है कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए जब सब चीजों में बराबर है समाज में उनका तो उसमें हम और आपको क्या दिक्कत आ रही है मर्दों का अधिकार है वह मुसलमान में मर्दो को शायद उस उन मर्दों के अधिकार को कहीं भी नहीं खेला जा रहा है और महिलाओं को इसका अधिकार जनता उनको मिलना चाहिए

kya mahilaon ko adhikaar dene se samaj me mardo ke adhikaar ko bhool gaya hai aisa kuch nahi hai jaisa ki aapko pehle hi bataya jaaye sab chijon me jab hain barabar ka adhikaar hai toh mahilaon ko uska abhi pura adhikaar nahi mila hai aap agar dekho toh chunav me kisi cheez me bhi 33 percent bhi aarakshan hai mahilaon ko de rakha toh wahan se kisi ko 10 00 percent kisi ko beech kai 6 00 percent koi paanch percent mil pata hai abhi unko mahilaon ko pura adhikaar nahi mila isliye id iske prati awaaz uthati hai aur mera kaam aata hai ki mahilaon ko unka adhikaar milna chahiye jab sab chijon me barabar hai samaj me unka toh usme hum aur aapko kya dikkat aa rahi hai mardon ka adhikaar hai vaah musalman me mardo ko shayad us un mardon ke adhikaar ko kahin bhi nahi khela ja raha hai aur mahilaon ko iska adhikaar janta unko milna chahiye

क्या महिलाओं को अधिकार देने से समाज में मर्दो के अधिकार को भूल गया है ऐसा कुछ नहीं है जैसा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अरे भैया क्या बात उठा दी आपने सही कह रहे हैं आप बहुत मामलों में पुरूष वर्ग की पीड़ित हो जाता है

are bhaiya kya baat utha di aapne sahi keh rahe hain aap bahut mamlon me purush varg ki peedit ho jata hai

अरे भैया क्या बात उठा दी आपने सही कह रहे हैं आप बहुत मामलों में पुरूष वर्ग की पीड़ित हो जा

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Ansh jalandra

Motivational speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए बोला कुछ नहीं है समाज लेकिन शुरुआत से ही महिलाओं के साथ गलत होते आ रहे हैं महिलाओं पर अत्याचार जरूर होते जा रहे हैं समाज ने मेष आशीष को दबाने की कोशिश की है तो कोशिश की हो रही है कि ज्यादा से ज्यादा अधिकार देकर ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहन देकर उनको महिलाओं को एक ऊपर दर्जा मिले कराया जाए कहने को सब लोग बोलते हैं कि नारी की रिस्पेक्ट होती भुजाओं की मिठी मिठी में से करते कोई करता कोई नहीं है क्योंकि ऐसा होता तो इतने सारे कानून नहीं बने होते हैं

dekhiye bola kuch nahi hai samaj lekin shuruat se hi mahilaon ke saath galat hote aa rahe hain mahilaon par atyachar zaroor hote ja rahe hain samaj ne mesh aashish ko dabane ki koshish ki hai toh koshish ki ho rahi hai ki zyada se zyada adhikaar dekar zyada se zyada protsahan dekar unko mahilaon ko ek upar darja mile karaya jaaye kehne ko sab log bolte hain ki nari ki respect hoti bhujaon ki mithi mithi me se karte koi karta koi nahi hai kyonki aisa hota toh itne saare kanoon nahi bane hote hain

देखिए बोला कुछ नहीं है समाज लेकिन शुरुआत से ही महिलाओं के साथ गलत होते आ रहे हैं महिलाओं प

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Anil Dwivedi

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए समाज कभी इस आधार पर कोई निर्णय नहीं करता है यह मर्दों का अधिकार है या महिलाओं का अधिकार है महिलाओं को अधिकार देते देते मर्दों का अधिकार को भूल जाना यह मर्दों को शोभा नहीं देता क्योंकि समाज मर्दों और महिलाओं दोनों से मिलकर बनता है इसलिए महिलाओं को अधिकार देने की वजह से मर्दों का अधिकार छीन गया या खत्म हो गया यह सोचना भी गलत है क्योंकि क्योंकि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए महिलाओं से पहले पुरुष आगे आगे आते हैं चाहे वह सती प्रथा हो या और भी बहुत सारी जो महिलाओं के अधिकार थे तलाक हो चाहे और भी जो अधिकार हो महिलाओं की पुरुषों ने भाई की है इसलिए की है कि महिलाएं अपने आप में हमेशा से हर समाज में सिर्फ भारत में ही नहीं विश्व के हर समाज में महिलाएं हमेशा दोयम दर्जे की नागरिक रही हैं हमारा देश तो बहुत भाग्यशाली और गौरवशाली है कि उसने महिलाओं को मताधिकार का इस्तेमाल का अधिकार दिया अमेरिका में तो बहुत सालों बाद महिलाओं को मताधिकार का अधिकार मिला जिससे कि उनका प्रतिनिधि कौन होगा यह सोचना गलत है कि महिलाओं को अधिकार देने से पुरुषों का अधिकार कम होगा बल्कि मैं तो यह कहता हूं यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव कहता है कि महिलाओं को अधिकार देने से पुरुषों का अधिकार बढ़ता है और उनकी ताकत भी बढ़ती है जब तक महिलाओं का ताकत नहीं मिलेगी पुरुषों पुरुष अपने आप को ताकत व नहीं समझ सकते हैं इसलिए सोचना आपका गलत है कि महिलाओं को अधिकार देते देते मर्दों का अधिकार समाज भूल गया समाज किसी के भी अधिकार को नहीं भूलता है महिला पुरुष क्या होता है जड़ का भी अधिकार का ध्यान रखता है जड़ मतलब समझ रहे हैं जिसमें पेड़ पौधे जमीन पानी हवा यह सब आते हैं इनके अधिकार की भी रक्षा की बात होती है बिल्कुल मत सोचिए कि महिलाओं को अधिकार दे देंगे तो पुरुषों का अधिकार खत्म हो जाएगा जबकि आप महिलाओं को अधिकार देंगे तो आप अपना अधिकार प्राप्त कर लेंगे धन्यवाद

dekhiye samaj kabhi is aadhar par koi nirnay nahi karta hai yah mardon ka adhikaar hai ya mahilaon ka adhikaar hai mahilaon ko adhikaar dete dete mardon ka adhikaar ko bhool jana yah mardon ko shobha nahi deta kyonki samaj mardon aur mahilaon dono se milkar banta hai isliye mahilaon ko adhikaar dene ki wajah se mardon ka adhikaar cheen gaya ya khatam ho gaya yah sochna bhi galat hai kyonki kyonki mahilaon ke adhikaaro ki raksha ke liye mahilaon se pehle purush aage aage aate hain chahen vaah sati pratha ho ya aur bhi bahut saari jo mahilaon ke adhikaar the talak ho chahen aur bhi jo adhikaar ho mahilaon ki purushon ne bhai ki hai isliye ki hai ki mahilaye apne aap me hamesha se har samaj me sirf bharat me hi nahi vishwa ke har samaj me mahilaye hamesha doam darje ki nagarik rahi hain hamara desh toh bahut bhagyashali aur gauravshali hai ki usne mahilaon ko matadhikar ka istemal ka adhikaar diya america me toh bahut salon baad mahilaon ko matadhikar ka adhikaar mila jisse ki unka pratinidhi kaun hoga yah sochna galat hai ki mahilaon ko adhikaar dene se purushon ka adhikaar kam hoga balki main toh yah kahata hoon yah mera vyaktigat anubhav kahata hai ki mahilaon ko adhikaar dene se purushon ka adhikaar badhta hai aur unki takat bhi badhti hai jab tak mahilaon ka takat nahi milegi purushon purush apne aap ko takat va nahi samajh sakte hain isliye sochna aapka galat hai ki mahilaon ko adhikaar dete dete mardon ka adhikaar samaj bhool gaya samaj kisi ke bhi adhikaar ko nahi bhulta hai mahila purush kya hota hai jad ka bhi adhikaar ka dhyan rakhta hai jad matlab samajh rahe hain jisme ped paudhe jameen paani hawa yah sab aate hain inke adhikaar ki bhi raksha ki baat hoti hai bilkul mat sochiye ki mahilaon ko adhikaar de denge toh purushon ka adhikaar khatam ho jaega jabki aap mahilaon ko adhikaar denge toh aap apna adhikaar prapt kar lenge dhanyavad

देखिए समाज कभी इस आधार पर कोई निर्णय नहीं करता है यह मर्दों का अधिकार है या महिलाओं का अधि

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Vedpal Yaduvanshi

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहली बार काफी अच्छा प्रसंग देखने को मिला इस सच बात है कि महिला वाद्राज सबसे ज्यादा हो रहा है महिलाओं के अधिकार महिलाओं के कानून सभी पुरुषों का कुछ नहीं जैसा कि पूर्व सोना भी 1 गुना है यह सच बात है आपकी आपके पास बिल्कुल सही है मर्दों के लिए क्या चीज लंबे धोनी नहीं चाहिए हमारा संविधान यह कहता है कि इससे जाति के धर्म के लिंग भेद के समान रूप से सभी के समान अधिकार समानता का अधिकार दिया गया कानून में संविधान में राज्य समाज महिलाओं के लिए विशेष वर्गों के लिए कुछ विशेष नियम बता सकता है विशेष कानून बना सकता है से हो रही है सो रहा है अब जितने आज एक कानून हो रहे हैं क्या महिलाओं के प्रति कोई उत्पीड़न और क्या कहते हैं कुछ समस्याएं क्या-क्या मूवी पीड़ित महिलाओं की दहेज से संबंधित अन्य ऐसे ऐसे कानून बनाए गए बनाए गए थे वह तो ठीक से महिलाएं थी जिनके पास हो रहा था लेकिन आज उसका मिस यूज़ हो रहा है पूरी तरह से दुरुपयोग हो रहा है और वास्तव में जो पीड़ित है महिलाएं उनको इन कानूनों का कुछ भी मदद नहीं मिल पा रही है क्योंकि दुनिया कमजोरी की लेकिन पुलिस थाने तक जारी नहीं पाते पुलिस थाने और रोमा को रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है तो यह सब शहरों में चल रहा है महिला बाद महिला अधिकार अंदर करा देना दहेज का केस शहरों में मेट्रो सिटीज में पढ़ाई में सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि देश तो सभी का महिलाओं का हां किसी काल के साथ भी होना चाहिए सब कानून का कोई भी महिला के यह कहते हैं जी हां वह 15 साल पहले में मेरे साथ इस व्यक्ति ने बलात्कार करा था तो वह अंदर जेल के अंदर जाएगा 15 साल बताओ कोई चीज का कोई उचित है जो 15 साल बाद कोई कर सकते सिकंदराबाद से बड़े अजीब अजीबोगरीब उसके मामले के सर्वोच्च चल रही है बहुत गड़बड़ चल रही है लेकिन क्या करें

pehli baar kaafi accha prasang dekhne ko mila is sach baat hai ki mahila vadraj sabse zyada ho raha hai mahilaon ke adhikaar mahilaon ke kanoon sabhi purushon ka kuch nahi jaisa ki purv sona bhi 1 guna hai yah sach baat hai aapki aapke paas bilkul sahi hai mardon ke liye kya cheez lambe dhoni nahi chahiye hamara samvidhan yah kahata hai ki isse jati ke dharm ke ling bhed ke saman roop se sabhi ke saman adhikaar samanata ka adhikaar diya gaya kanoon me samvidhan me rajya samaj mahilaon ke liye vishesh vargon ke liye kuch vishesh niyam bata sakta hai vishesh kanoon bana sakta hai se ho rahi hai so raha hai ab jitne aaj ek kanoon ho rahe hain kya mahilaon ke prati koi utpidan aur kya kehte hain kuch samasyaen kya kya movie peedit mahilaon ki dahej se sambandhit anya aise aise kanoon banaye gaye banaye gaye the vaah toh theek se mahilaye thi jinke paas ho raha tha lekin aaj uska miss use ho raha hai puri tarah se durupyog ho raha hai aur vaastav me jo peedit hai mahilaye unko in kanuno ka kuch bhi madad nahi mil paa rahi hai kyonki duniya kamzori ki lekin police thane tak jaari nahi paate police thane aur Roma ko report darj nahi hoti hai toh yah sab shaharon me chal raha hai mahila baad mahila adhikaar andar kara dena dahej ka case shaharon me metro cities me padhai me sabse zyada dhyan dena chahiye kyonki desh toh sabhi ka mahilaon ka haan kisi kaal ke saath bhi hona chahiye sab kanoon ka koi bhi mahila ke yah kehte hain ji haan vaah 15 saal pehle me mere saath is vyakti ne balatkar kara tha toh vaah andar jail ke andar jaega 15 saal batao koi cheez ka koi uchit hai jo 15 saal baad koi kar sakte sikandrabad se bade ajib ajeebogarib uske mamle ke sarvoch chal rahi hai bahut gadbad chal rahi hai lekin kya kare

पहली बार काफी अच्छा प्रसंग देखने को मिला इस सच बात है कि महिला वाद्राज सबसे ज्यादा हो रहा

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समझ मुर्दों के अधिकार को भूल गए नहीं मर्दों पर भी अधिकार है महिलाओं के अधिकार महिलाओं के अधिकार कम है इसलिए महिलाओं को दे कर दे रखी है

kya mahilaon ko adhikaar dete dete samajh murdon ke adhikaar ko bhool gaye nahi mardon par bhi adhikaar hai mahilaon ke adhikaar mahilaon ke adhikaar kam hai isliye mahilaon ko de kar de rakhi hai

क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समझ मुर्दों के अधिकार को भूल गए नहीं मर्दों पर भी अधिकार

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:05
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क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समाज मर्दों के अधिकार को भूल गया है जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है और ऐसा सोचना भी गलत है महिलाओं को अधिकार देते देते तुम हर एक नागरिक जो है हमारे देश का उसके साथ जन्म सिद्ध अधिकार होते हैं वह महिला हो या पुरुष उसके बाद जब महिला को विशेष अधिकार दिए गए हैं वह उनकी सुरक्षा के लिए उनके सम्मान के लिए और उनके जो गरिमा है उसको बढ़ाने के लिए दिए गए ऐसे अधिकार की पुरुष को कम जरूरत होती है इसलिए ऐसा सोचना कि महिलाओं को अधिकार देते देते समाज मर्दों के अधिकार की भूल गए वह अपने आप में गलत सोच है मर्दों के अधिकार जो हैं वह पर्याप्त हैं हो सकता है कि महिलाओं ने किसी केस में पुरुषों के साथ जाती अपने अधिकारों का प्रयोग करके की हो लेकिन अपवाद रूप कैसे होते हैं उसे हम जनरल टॉक में नहीं ले सकते जो ज्यादातर जो किससे होते हैं वह महिला के ऊपर ज्यादा होते हैं पुरुषों की बजाय इसलिए हमें हमेशा सब कुछ उनके अधिकारों को इज्जत करनी चाहिए उनके सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए जय हिंद जय भारत

kya mahilaon ko adhikaar dete dete samaj mardon ke adhikaar ko bhool gaya hai ji nahi aisi koi baat nahi hai aur aisa sochna bhi galat hai mahilaon ko adhikaar dete dete tum har ek nagarik jo hai hamare desh ka uske saath janam siddh adhikaar hote hain vaah mahila ho ya purush uske baad jab mahila ko vishesh adhikaar diye gaye hain vaah unki suraksha ke liye unke sammaan ke liye aur unke jo garima hai usko badhane ke liye diye gaye aise adhikaar ki purush ko kam zarurat hoti hai isliye aisa sochna ki mahilaon ko adhikaar dete dete samaj mardon ke adhikaar ki bhool gaye vaah apne aap mein galat soch hai mardon ke adhikaar jo hain vaah paryapt hain ho sakta hai ki mahilaon ne kisi case mein purushon ke saath jaati apne adhikaaro ka prayog karke ki ho lekin apavad roop kaise hote hain use hum general talk mein nahi le sakte jo jyadatar jo kisse hote hain vaah mahila ke upar zyada hote hain purushon ki bajay isliye hamein hamesha sab kuch unke adhikaaro ko izzat karni chahiye unke sammaan ko badhawa dena chahiye jai hind jai bharat

क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समाज मर्दों के अधिकार को भूल गया है जी नहीं ऐसी कोई बात

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देखिए महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए क्योंकि महिलाएं घर परिवार का की देखभाल पूरी अच्छी तरह करते हैं दूसरी बात उनके ऊपर घर परिवार चलाने की जिम्मेदारी होती है और दूसरी बात यह है कि एक ही घर में उस दिन भर पड़ी रहती हैं इसलिए महिलाओं को अधिकार देने की आवश्यकता है उनकी जरूरतों को पूरा करने की आवश्यकता है

dekhiye mahilaon ko adhikaar milna chahiye kyonki mahilaye ghar parivar ka ki dekhbhal puri achi tarah karte hain dusri baat unke upar ghar parivar chalane ki jimmedari hoti hai aur dusri baat yah hai ki ek hi ghar mein us din bhar padi rehti hain isliye mahilaon ko adhikaar dene ki avashyakta hai unki jaruraton ko pura karne ki avashyakta hai

देखिए महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए क्योंकि महिलाएं घर परिवार का की देखभाल पूरी अच्छी तरह

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Omkar Vishwakarma

Human Right Defendr

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महिलाओं को अधिकार देते समय मर्दों को अधिकार देना भूल गया यह सवाल कुछ अटपटा है और हमारे देश में या हमारे समाज में हमेशा महिलाएं दबी हुई है और उनको दबाया गया है इसलिए हमारे देश का संविधान में महिलाओं को और जो दवे हुए तबके के लोग हैं उनको आशिक कानूनी राइट दिए गए हैं और इसे और बेहतर समझने के लिए आप राहुल संस्कृत आन के होता कि उन्होंने बताया कि समाज में महिलाओं के क्या अधिकार हैं और महिला वाली नेतृत्वकर्ता से भी आप उनको पढ़ कर सकते हो क्यों दिए गए हैं और ज्यादा अगर समझना है तो विवेकानंद और अंबेडकर जैसे लोगों को पढ़ना जरूरी है ना पड़े आप नहीं समझ सकते कि क्यों महिलाओं को इतना अधिकार दिया गया है समान अधिकार और मर्दो के अधिकार जबकि हमारा समाज पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं पर मिलना चाहिए और वह मिलना भी चाहिए

mahilaon ko adhikaar dete samay mardon ko adhikaar dena bhool gaya yah sawaal kuch atpataa hai aur hamare desh mein ya hamare samaj mein hamesha mahilaye dabi hui hai aur unko dabaya gaya hai isliye hamare desh ka samvidhan mein mahilaon ko aur jo dave hue tabke ke log hain unko aashik kanooni right diye gaye hain aur ise aur behtar samjhne ke liye aap rahul sanskrit Aan ke hota ki unhone bataya ki samaj mein mahilaon ke kya adhikaar hain aur mahila wali netritwakarta se bhi aap unko padh kar sakte ho kyon diye gaye hain aur zyada agar samajhna hai toh vivekananda aur ambedkar jaise logo ko padhna zaroori hai na pade aap nahi samajh sakte ki kyon mahilaon ko itna adhikaar diya gaya hai saman adhikaar aur mardo ke adhikaar jabki hamara samaj purush pradhan samaj mein mahilaon par milna chahiye aur vaah milna bhi chahiye

महिलाओं को अधिकार देते समय मर्दों को अधिकार देना भूल गया यह सवाल कुछ अटपटा है और हमारे देश

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Kishan Kumar

Motivational speaker

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नमस्कार दोस्तों क्या महिलाओं को अधिकार देते समाज मर्दों के अधिकार को भुला गया है जो नहीं घर की लक्ष्मी होती है वह हर किसी की मां बहन बेटियां हूं उनको सम्मान देना सबसे बड़ी बात होती कि इंसानियत के अंदर इंसानियत कितना है बातचीत दिखता है चाय हम वह चाहे कोई हो हर किसी को सम्मान देना चाहिए क्योंकि महिलाएं भी अधिकार है युवा समाज में पूरा आती अपना का दर्जा दें और नाम रोशन करें क्योंकि चाहे वह कहीं की महिला हो आज बहुत ही हमारे देश में आगे आ रही है कर रही है मां-बाप का नाम रोशन का नाम महिलाएं जो समाज में मर्दों का अधिकार नहीं खुले हैं उनका भी अधिकार है उनके अधिकार से महिलाएं आगे आ रहे हैं

namaskar doston kya mahilaon ko adhikaar dete samaj mardon ke adhikaar ko bhula gaya hai jo nahi ghar ki laxmi hoti hai vaah har kisi ki maa behen betiyan hoon unko sammaan dena sabse badi baat hoti ki insaniyat ke andar insaniyat kitna hai batchit dikhta hai chai hum vaah chahen koi ho har kisi ko sammaan dena chahiye kyonki mahilaye bhi adhikaar hai yuva samaj mein pura aati apna ka darja de aur naam roshan kare kyonki chahen vaah kahin ki mahila ho aaj bahut hi hamare desh mein aage aa rahi hai kar rahi hai maa baap ka naam roshan ka naam mahilaye jo samaj mein mardon ka adhikaar nahi khule hain unka bhi adhikaar hai unke adhikaar se mahilaye aage aa rahe hain

नमस्कार दोस्तों क्या महिलाओं को अधिकार देते समाज मर्दों के अधिकार को भुला गया है जो नहीं घ

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Kalusingh Solanki

lic of india

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क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समाज मर्दों के अधिकार को भूल गया है नहीं भाई साहब महिलाओं को अधिकार देना अपने आप में एक महत्वपूर्ण काम है क्योंकि आज देश में जो स्थिति बन पड़ी है नारी शक्ति को भगाया जा रहा है और नारी के ऊपर अत्याचार किया जाता है नारी को अबला समझा जाता है कि नारी अबला नहीं रहे सबला बॉस में नारियों का सम्मान करते हुए उनके अधिकारों को सुरक्षित रखना और उनको सम्मान देना यहां कर्तव्य नाता है क्योंकि अगर हम नारी का सम्मान भी करेंगे देश आगे नहीं बढ़ पाएगा समाज आगे नहीं बढ़ पाएगा मर्दों को जहां तक भूलने वाली बात है तो मर्दों मर्दों को मर्दों सम्मान दे सकता है मर्द मर्द है और कोई उसे भूला नहीं तो इसको नहीं आज के समय में नारी का सम्मान अपने आप में सर्वोपरि आज किस स्थिति में नारी आगे जा रही है हर क्षेत्र में आगे जा रही है लेकिन क्या नारी अपने कर्तव्य खुलती जा रही है नारी कभी अपने कर्तव्य नहीं बोलती है वह नियमित जो अपना कर्म है तो निश्चित रूप से करती है हम उसके ऊपर जरूरत है वह हमारे पर आश्चर्य भी है हम उसको किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई हमारे इस में नहीं आता है तो यही है कि नारी को सम्मान करना चाहिए

kya mahilaon ko adhikaar dete dete samaj mardon ke adhikaar ko bhool gaya hai nahi bhai saheb mahilaon ko adhikaar dena apne aap me ek mahatvapurna kaam hai kyonki aaj desh me jo sthiti ban padi hai nari shakti ko bhagaya ja raha hai aur nari ke upar atyachar kiya jata hai nari ko abhla samjha jata hai ki nari abhla nahi rahe sabala boss me nariyon ka sammaan karte hue unke adhikaaro ko surakshit rakhna aur unko sammaan dena yahan kartavya nataa hai kyonki agar hum nari ka sammaan bhi karenge desh aage nahi badh payega samaj aage nahi badh payega mardon ko jaha tak bhulne wali baat hai toh mardon mardon ko mardon sammaan de sakta hai mard mard hai aur koi use bhula nahi toh isko nahi aaj ke samay me nari ka sammaan apne aap me sarvopari aaj kis sthiti me nari aage ja rahi hai har kshetra me aage ja rahi hai lekin kya nari apne kartavya khulti ja rahi hai nari kabhi apne kartavya nahi bolti hai vaah niyamit jo apna karm hai toh nishchit roop se karti hai hum uske upar zarurat hai vaah hamare par aashcharya bhi hai hum usko kisi prakar ki kshati pahunchai hamare is me nahi aata hai toh yahi hai ki nari ko sammaan karna chahiye

क्या महिलाओं को अधिकार देते देते समाज मर्दों के अधिकार को भूल गया है नहीं भाई साहब महिलाओं

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Kanta Jhanwar

Self Employed

2:23
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नमस्कार आपने लिखा महिलाओं का अधिकार देते समय समाज मर्दो के अधिकार को भूल गया तो देखिए ऐसा नहीं है आज से कुछ सालों पहले मर्दों के ही अधिकार चलती थी महिलाओं के अधिकार नहीं चलते थे आपको पहले का देखेंगे आज से 40 साल पहले तो मर्दों के अधिकार ज्यादा चलते की महिलाओं के नीचे महिला महिलाएं उस समय बहुत कम आ गया तो फिर उसका महिलाओं के प्रति पूरा ज्यादा अनाधिकार हो गया था धीरे-धीरे की पुकार की गई हो फिर अधिकार महिलाओं के लिए भी बनाई गई और इसी तरह से आगे चलते चलते ऐसा नहीं है कि मर्दों को अधिकार समाज में देना भूल गए नहीं ऐसा नहीं है समाज तो मर्दों को क्या अधिकार देगा मर्द तो खुद ही अधिकार वहां पर बनाते आरती तो अधिकार बात में अब आगे आ गई है तो अब औरतें अपनी जब मीटिंग करती हैं तो अपने प्रस्ताव रखती हैं और अपने अधिकार की मांग करती है तो मर्द का तो अधिकार ही समाधि समाधि हैं पर हैं इसलिए उनको थोड़ा मान सम्मान देने की कोशिश करते समय ऐसा नहीं है कि मर्दों को समाज अधिकार नहीं देता है मर्दी अपने अपना अधिकार समाज में कूदी तो चलाते हैं मर्द अपना चलाते हैं औरतें अपना चलाती हो तो दोनों को ही समान अधिकार दिया गया

namaskar aapne likha mahilaon ka adhikaar dete samay samaj mardo ke adhikaar ko bhool gaya toh dekhiye aisa nahi hai aaj se kuch salon pehle mardon ke hi adhikaar chalti thi mahilaon ke adhikaar nahi chalte the aapko pehle ka dekhenge aaj se 40 saal pehle toh mardon ke adhikaar zyada chalte ki mahilaon ke niche mahila mahilaye us samay bahut kam aa gaya toh phir uska mahilaon ke prati pura zyada anadhikar ho gaya tha dhire dhire ki pukaar ki gayi ho phir adhikaar mahilaon ke liye bhi banai gayi aur isi tarah se aage chalte chalte aisa nahi hai ki mardon ko adhikaar samaj me dena bhool gaye nahi aisa nahi hai samaj toh mardon ko kya adhikaar dega mard toh khud hi adhikaar wahan par banate aarti toh adhikaar baat me ab aage aa gayi hai toh ab auraten apni jab meeting karti hain toh apne prastaav rakhti hain aur apne adhikaar ki maang karti hai toh mard ka toh adhikaar hi samadhi samadhi hain par hain isliye unko thoda maan sammaan dene ki koshish karte samay aisa nahi hai ki mardon ko samaj adhikaar nahi deta hai mardi apne apna adhikaar samaj me kudi toh chalte hain mard apna chalte hain auraten apna chalati ho toh dono ko hi saman adhikaar diya gaya

नमस्कार आपने लिखा महिलाओं का अधिकार देते समय समाज मर्दो के अधिकार को भूल गया तो देखिए ऐस

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मनोज राम

सामाजिक कार्यकर्ता

2:35
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नमस्ते मान्यवर नहीं ऐसी बात नहीं है अभी भी हमारे देश में महिलाओं को उचित अधिकार मिल पाया है और ना ही आदर्श पुरुषों को आज भी हमारे देश में आदर्श नागरिक चाहे हुए महिलाएं हो या पुरुष असुरक्षित महसूस करते हैं असामाजिक तत्वों का वातावरण खेलना पड़ता है क्योंकि हमारी गली गली में असामाजिक स्थिति को स्पष्ट करने वाले बीवी ने पार्टियों के चमचे मौजूद हैं और उनके साथ कुछ स्थानीय आरती लोग उनकी छत्रछाया में कल सुनकर आसपास सामाजिकता से लाते हैं सड़कों पर चौरसिया करते हैं जिस वजह से हमारे देश की सामाजिकता धीरे धीरे नस होती जाती है और हम अपने घर-परिवार तक सीमित रहते हैं जिस वजह से इनके हौसले और बुलंद हो जाते हैं अगर हम चाहते हैं कि महिलाओं और पुरुषों को उचित अधिकार मिले उनका सम्मान हो हुए सुरक्षित और सामाजिक वातावरण सके तो सबसे पहले हमें एक आदर्श नागरिक बनकर अपने अपने क्षेत्र की सामाजिकता को दूर करना होगा क्योंकि एक आदर्श नागरिक ही विभिन्न प्रकार की समस्याओं को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है इसलिए कृपया करके एक आदर्श नागरिक बनी है अपने आसपास के असामाजिक गांव को दूर कर लीजिए हम लोग भी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं आप लोग भी दूर कीजिए हम लोग मिलकर एक आदर्श नागरिक की तरह अपने देश की समस्याओं को दूर करेंगे और देश की गली गली में सुरक्षित माहौल सामाजिक वातावरण बनाने में सहयोग करेंगे धन्यवाद जय भारत

namaste manyavar nahi aisi baat nahi hai abhi bhi hamare desh me mahilaon ko uchit adhikaar mil paya hai aur na hi adarsh purushon ko aaj bhi hamare desh me adarsh nagarik chahen hue mahilaye ho ya purush asurakshit mehsus karte hain asamajik tatvon ka vatavaran khelna padta hai kyonki hamari gali gali me asamajik sthiti ko spasht karne waale biwi ne partiyon ke chamchen maujud hain aur unke saath kuch sthaniye aarti log unki chatrachaya me kal sunkar aaspass samajikta se laate hain sadkon par chaurasia karte hain jis wajah se hamare desh ki samajikta dhire dhire nas hoti jaati hai aur hum apne ghar parivar tak simit rehte hain jis wajah se inke hausale aur buland ho jaate hain agar hum chahte hain ki mahilaon aur purushon ko uchit adhikaar mile unka sammaan ho hue surakshit aur samajik vatavaran sake toh sabse pehle hamein ek adarsh nagarik bankar apne apne kshetra ki samajikta ko dur karna hoga kyonki ek adarsh nagarik hi vibhinn prakar ki samasyaon ko samapt karne me mahatvapurna bhumika nibha sakta hai isliye kripya karke ek adarsh nagarik bani hai apne aaspass ke asamajik gaon ko dur kar lijiye hum log bhi dur karne ki koshish kar rahe hain aap log bhi dur kijiye hum log milkar ek adarsh nagarik ki tarah apne desh ki samasyaon ko dur karenge aur desh ki gali gali me surakshit maahaul samajik vatavaran banane me sahyog karenge dhanyavad jai bharat

नमस्ते मान्यवर नहीं ऐसी बात नहीं है अभी भी हमारे देश में महिलाओं को उचित अधिकार मिल पाया ह

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Shahjad Singh

Social Worker

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Aashik

As a Social Server.

1:12
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ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जो समाज है वह महिलाओं को अधिकार देते देते अगर आप देखे हैं पहले तो पुरुषों के जो संख्या है किसी भी क्षेत्र में हो बहुत अधिक होता था लेकिन महिलाओं की जो संख्या है वह ना के बराबर होता था तो सरकार ने उन्हें भी क्षेत्र से यहां कि कल आने के लिए एक समाज में बेहतरीन तरीके से जीवन यापन करने के लिए उनको अधिकार दिया गया उनके बारे में सहायता दिया गया कि वह भी पुरुषों के बराबर कर सके बराबरी कर सके इसका मतलब का यह पता ही नहीं कि वह जो पूर्व महिलाओं के अधिकारों को सोचते-सोचते पुरुषों के अधिकार के बारे में बोलता नहीं है उसको एक बनाने के लिए यह सत्य है कि महिलाओं का जो योगदान है वह पुरुषों का योगदान के बराबर हो जाए कि पहले महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आने के लिए दावेदारी होती थी अभी आती थी अब देखिए हर क्षेत्र मैं आप देखिए वहां भी महिलाओं का योगदान जरूर होगा और हो और आने वाले टाइम में बराबर हो जाएगा तो इसीलिए यह सब दिया जाता है थैंक यू

aisa bilkul nahi hai ki jo samaj hai vaah mahilaon ko adhikaar dete dete agar aap dekhe hain pehle toh purushon ke jo sankhya hai kisi bhi kshetra mein ho bahut adhik hota tha lekin mahilaon ki jo sankhya hai vaah na ke barabar hota tha toh sarkar ne unhe bhi kshetra se yahan ki kal aane ke liye ek samaj mein behtareen tarike se jeevan yaapan karne ke liye unko adhikaar diya gaya unke bare mein sahayta diya gaya ki vaah bhi purushon ke barabar kar sake barabari kar sake iska matlab ka yah pata hi nahi ki vaah jo purv mahilaon ke adhikaaro ko sochte sochte purushon ke adhikaar ke bare mein bolta nahi hai usko ek banne liye yah satya hai ki mahilaon ka jo yogdan hai vaah purushon ka yogdan ke barabar ho jaaye ki pehle mahilaye kisi bhi kshetra mein aane ke liye davedari hoti thi abhi aati thi ab dekhiye har kshetra main aap dekhiye wahan bhi mahilaon ka yogdan zaroor hoga aur ho aur aane waale time mein barabar ho jaega toh isliye yah sab diya jata hai thank you

ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जो समाज है वह महिलाओं को अधिकार देते देते अगर आप देखे हैं पहले तो प

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नहीं ऐसी बात नहीं है महिलाओं को दिखा देते तो तो कोई पुरुषों के पक्का नहीं भूल जाता है जबकि महिलाएं जो आते हैं जो काम करते हैं और जो घर में रहकर भी इतना बड़ा नाम करती हैं उनके लिए तो उनको सलाम करना चाहिए और दूसरी बात कि पुरुषों का कौन अधिकार छीन सकता है हमारा देश पुरुष प्रधान देश है यहां से पुरुष के पेट पर चलती है अधिकारी आपने सुना है कि प्रथम पुरुष राष्ट्रपति या प्रथम पुरुष प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नहीं सुनाना क्योंकि वह पुरुष होते ही हैं पहले उसमें कोई कहने की बात ही नहीं है जबकि महिलाएं बाद में होती है तब होता है कि आप प्रथम महिला राष्ट्रपति महिला प्रधानमंत्री प्रथम महिला संसद संसद सदस्य प्रथम महिला मुख्यमंत्री आपको लगता है कि पुरुषों के लिए जाते हैं तो आप अब और कहीं कभी नारियों के अधिकार का हनन किया जाता है उन्हें अपमानित किया जाता है उन्हें प्रताड़ित किया जाता है अभी तो बहुत बाकी है अभी तो कहां से नारी अत्याचार भविष्य मिटाना

nahi aisi baat nahi hai mahilaon ko dikha dete toh toh koi purushon ke pakka nahi bhool jata hai jabki mahilaye jo aate hain jo kaam karte hain aur jo ghar mein rahkar bhi itna bada naam karti hain unke liye toh unko salaam karna chahiye aur dusri baat ki purushon ka kaun adhikaar cheen sakta hai hamara desh purush pradhan desh hai yahan se purush ke pet par chalti hai adhikari aapne suna hai ki pratham purush rashtrapati ya pratham purush pradhanmantri pradhanmantri nahi sunana kyonki vaah purush hote hi hain pehle usme koi kehne ki baat hi nahi hai jabki mahilaye baad mein hoti hai tab hota hai ki aap pratham mahila rashtrapati mahila pradhanmantri pratham mahila sansad sansad sadasya pratham mahila mukhyamantri aapko lagta hai ki purushon ke liye jaate hain toh aap ab aur kahin kabhi nariyon ke adhikaar ka hanan kiya jata hai unhe apmanit kiya jata hai unhe pratarit kiya jata hai abhi toh bahut baki hai abhi toh kahaan se nari atyachar bhavishya mitana

नहीं ऐसी बात नहीं है महिलाओं को दिखा देते तो तो कोई पुरुषों के पक्का नहीं भूल जाता है जबकि

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