फ़ेमिनिस्ट होने का ढोंग करने वाली महिलाएं पुरुषों के साथ इतना शर्मनाक व्यवहार क्यों करती हैं?...


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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Padam Verma

Astrologer| Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि उनकी मानसिकता सिर्फ दूसरे को नीचा दिखाने की होती है और अपने आपको ज्यादा सुपीरियर साबित करने की होती है जो कि वह होती नहीं और जो असल मायने में फेमिनिस्ट होती ही है वह कभी भी इस तरह का बर्ताव नहीं करती वह कभी भी दूसरे को लेट डाउन नहीं करती यह कारण है कि दूसरे को नीचा दिखाने की प्रवृत्ति और अपने को ऊंचा दिखाने का यही एक कारण है

kyonki unki mansikta sirf dusre ko nicha dikhane ki hoti hai aur apne aapko zyada Superior saabit karne ki hoti hai jo ki vaah hoti nahi aur jo asal maayne me feminist hoti hi hai vaah kabhi bhi is tarah ka bartaav nahi karti vaah kabhi bhi dusre ko late down nahi karti yah karan hai ki dusre ko nicha dikhane ki pravritti aur apne ko uncha dikhane ka yahi ek karan hai

क्योंकि उनकी मानसिकता सिर्फ दूसरे को नीचा दिखाने की होती है और अपने आपको ज्यादा सुपीरियर स

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बात आपने सच कहीं मैं भी ऐसी बहुत सी महिलाओं को जानता हूं जो समाज सुधार के नारे के साथ घर से निकली है लेकिन उनका अपना घर टूटा हुआ है उनके अहंकार को जब घर में स्थान नहीं मिलता तो बाहर निकल कर समाज पर भी तो अपने लगती हैं लेकिन ऐसी महिलाएं कम संख्या में महिलाएं हमेशा बहुत उदार होती हैं बहुत अच्छी होती हैं घर परिवार को लेकर संभल कर चलने वाली होती हैं सभी उंगलियां एक समान नहीं होती और एक ही तराजू पर सबको नहीं तौला जा सकता

yah baat aapne sach kahin main bhi aisi bahut si mahilaon ko jaanta hoon jo samaj sudhaar ke nare ke saath ghar se nikli hai lekin unka apna ghar tuta hua hai unke ahankar ko jab ghar mein sthan nahi milta toh bahar nikal kar samaj par bhi toh apne lagti hain lekin aisi mahilaye kam sankhya mein mahilaye hamesha bahut udaar hoti hain bahut achi hoti hain ghar parivar ko lekar sambhal kar chalne wali hoti hain sabhi ungaliyan ek saman nahi hoti aur ek hi taraju par sabko nahi taula ja sakta

यह बात आपने सच कहीं मैं भी ऐसी बहुत सी महिलाओं को जानता हूं जो समाज सुधार के नारे के साथ घ

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि वह कुंठित होते हैं और बैलेंस में नहीं होते तो वास्तव में उनको इसी पागलखाने में भर्ती करके उनका इलाज कराने की जरूरत होती है

kyonki vaah kunthit hote hain aur balance mein nahi hote toh vaastav mein unko isi pagalkhana mein bharti karke unka ilaj karane ki zarurat hoti hai

क्योंकि वह कुंठित होते हैं और बैलेंस में नहीं होते तो वास्तव में उनको इसी पागलखाने में भर्

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

5:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फेमिनिस्ट होने का ढोंग करने वाली महिलाएं पुरुषों के साथ इतना शर्मनाक लेगा क्यों करते हैं निक्की अभी मैंने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं उसके एक समय पहले में की जो फेमिनिस्ट जो समाज है जो नारी के पुरुष प्रधान समाज महिलाओं की असली जाति की महत्वता को स्वीकार नहीं करता है वह गलत है और ए मिनिस्टर हमें स्वीकार करना चाहिए उनके मतों को नारी समाज के महत्व को स्वीकार करना चाहिए जो कितना शर्मनाक एवं उसके पीछे उनकी व्यक्तिगत कारण हो सकते हैं सामाजिक कारण हो सकते हैं आज वर्षों से जो चीज को हमने लगा कर रखा है जो उन लोगों को जो जाति को नारी जाति को तो उसमें कुछ महिलाएं बहुत ज्यादा एक्साइट होकर ऐसा व्यवहार कर सकती है और उनको हक है कुछ महिलाओं को हो सकता है हक है लेकिन ढोंग करने वाली महिलाएं जो यह सोचती हूं कि हम किसी भी जाति को दबा देंगे उसको दबा देंगे अपमान कर देंगे उनको हर्ट करेंगे तो ही उनकी थोड़ी सोच में फर्क आना जरूरी है कि इस पृथ्वी पर नारी जाति और उपजाति का भगवान ने निर्माण किया है हम आदम और युग की संतान हैं इसे हमें स्वीकार करना करें और अभी तक जो कुछ भी हुआ अगर पुरुष प्रधान समाज में अगर महिलाओं के साथ नारी जाति के साथ कोई भी अन्याय किया है वह समय कि उस कालखंड की जरूरत हो या कुछ भी हो लेकिन किसी के अस्तित्व को चेंज करने का हक किसी भी जाति को नहीं ना ही पुलिस जाति को ना ही स्त्री जाति को बाकी जो प्रॉब्लम है अगर कोई महिलाएं प्रेग्नेंट होने का ढोंग करके पूछो के साथ शर्मनाक प्यार करती हैं तो हमें उन्हें क्षमा करके और उनके साथ शांति से पैसा हमें अपने को मना लेना चाहिए अपना जो विचार है बहुत ज्यादा गलत ढंग से बिहेव कर रही हैं और एक ना एक दिन वह समझ जाएंगी लेकिन ठीक है उसका अपना अहम होता है थोड़ा होता है ज्यादा क्योंकि अभी तक ऐसा हुआ है लेकिन अपने स्वाभिमान को कायम रखते हुए उनको समझाना चाहिए क्योंकि नारी जाति से कोई भी जीत सका नहीं है सिर्फ हम समझा सकते हैं और उसी तरीके से रखता निकालकर हमें व्यवहार करना चाहिए क्योंकि जो हाल पर या जो भी जो भी झगड़ा नारी जाति का सम्मान नहीं होता है कोई भी समाज हो फेमिनिस्ट समाज हो या जो भी हो नारी जाति का सम्मान करना जरूरी है लेकिन मार खाना भी जरूरी नहीं इसलिए कोई भी शर्मनाक व्यवहार होता है तो उसका पुरजोर विरोध करते और परस्पर उसे अभी से समझदारी से प्रेम भाव पूर्वक अपने विचारों को रखकर और आम करना चाहिए आगे बढ़ना चाहिए वह लोग समझ जाएंगे सब दुखी साली हैं और अपने महत्व को वह लोग भी समझती हैं और हमें भी अपने महत्व को समझकर सर्जरी की भावना से आगे बढ़ना चाहिए धन्यवाद जय हिंद

feminist hone ka dhong karne wali mahilaye purushon ke saath itna sharmnaak lega kyon karte hain nikki abhi maine apne vichar prastut kiye hain uske ek samay pehle mein ki jo feminist jo samaj hai jo nari ke purush pradhan samaj mahilaon ki asli jati ki mahatvata ko sweekar nahi karta hai vaah galat hai aur a minister hamein sweekar karna chahiye unke maton ko nari samaj ke mahatva ko sweekar karna chahiye jo kitna sharmnaak evam uske peeche unki vyaktigat karan ho sakte hain samajik karan ho sakte hain aaj varshon se jo cheez ko humne laga kar rakha hai jo un logo ko jo jati ko nari jati ko toh usme kuch mahilaye bahut zyada eksait hokar aisa vyavhar kar sakti hai aur unko haq hai kuch mahilaon ko ho sakta hai haq hai lekin dhong karne wali mahilaye jo yah sochti hoon ki hum kisi bhi jati ko daba denge usko daba denge apman kar denge unko heart karenge toh hi unki thodi soch mein fark aana zaroori hai ki is prithvi par nari jati aur upajaati ka bhagwan ne nirmaan kiya hai hum aadam aur yug ki santan hain ise hamein sweekar karna kare aur abhi tak jo kuch bhi hua agar purush pradhan samaj mein agar mahilaon ke saath nari jati ke saath koi bhi anyay kiya hai vaah samay ki us kalakhand ki zarurat ho ya kuch bhi ho lekin kisi ke astitva ko change karne ka haq kisi bhi jati ko nahi na hi police jati ko na hi stree jati ko baki jo problem hai agar koi mahilaye pregnant hone ka dhong karke pucho ke saath sharmnaak pyar karti hain toh hamein unhe kshama karke aur unke saath shanti se paisa hamein apne ko mana lena chahiye apna jo vichar hai bahut zyada galat dhang se behave kar rahi hain aur ek na ek din vaah samajh jayegi lekin theek hai uska apna aham hota hai thoda hota hai zyada kyonki abhi tak aisa hua hai lekin apne swabhiman ko kayam rakhte hue unko samajhana chahiye kyonki nari jati se koi bhi jeet saka nahi hai sirf hum samjha sakte hain aur usi tarike se rakhta nikalakar hamein vyavhar karna chahiye kyonki jo haal par ya jo bhi jo bhi jhadna nari jati ka sammaan nahi hota hai koi bhi samaj ho feminist samaj ho ya jo bhi ho nari jati ka sammaan karna zaroori hai lekin maar khana bhi zaroori nahi isliye koi bhi sharmnaak vyavhar hota hai toh uska purjor virodh karte aur paraspar use abhi se samajhdari se prem bhav purvak apne vicharon ko rakhakar aur aam karna chahiye aage badhana chahiye vaah log samajh jaenge sab dukhi saali hain aur apne mahatva ko vaah log bhi samajhti hain aur hamein bhi apne mahatva ko samajhkar surgery ki bhavna se aage badhana chahiye dhanyavad jai hind

फेमिनिस्ट होने का ढोंग करने वाली महिलाएं पुरुषों के साथ इतना शर्मनाक लेगा क्यों करते हैं

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