किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है एक लेखक के रूप में क्या आपको लगता है की ऑटोबायआग्रफ़ी बायआग्रफ़ी से ज़्यादा बेहतर होती है?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भावनाएं विचार और अनुभव हर व्यक्ति के पास होते हैं लेकिन जब लेखन की बात आती है तो यह कौशल सार्थक शब्दों का संयोजन हर किसी के पास नहीं होता इसलिए अगर कोई शख्स लेखन कला में कमजोर है अथवा सूर्य है तो उसके लिए ऑटोबायोग्राफी लिखना अर्थ पूर्ण नहीं है बतौर लेखक कह सकता हूं कि मैं बायोग्राफी लिखना कोई मुश्किल काम नहीं है मैंने यह लेखन किया है

bhaavnaye vichar aur anubhav har vyakti ke paas hote hain lekin jab lekhan ki baat aati hai toh yah kaushal sarthak shabdon ka sanyojan har kisi ke paas nahi hota isliye agar koi sakhs lekhan kala me kamjor hai athva surya hai toh uske liye autobiography likhna arth purn nahi hai bataur lekhak keh sakta hoon ki main Biography likhna koi mushkil kaam nahi hai maine yah lekhan kiya hai

भावनाएं विचार और अनुभव हर व्यक्ति के पास होते हैं लेकिन जब लेखन की बात आती है तो यह कौशल स

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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है एक लेखक के रूप में ऑटो बायोग्राफी ज्यादा कठिन है या की बायोग्राफी तो मैं यह कहूंगा की ऑटोबायोग्राफी ज्यादा कठिन है क्योंकि जब आप अपने बारे में लिखना शुरू करते हैं तो मैंने 90% लोगों को देखा है कि वह अपनी तारीफ है अपने गुण उनको ज्यादा एनहांस करके लिखते हैं कोई भी व्यक्ति यह कन्फेस नहीं करता है कि मेरे से अपने जीवन में यह गलती हुई तो मैंने उसका मुझे यह पछतावा हुआ और मैंने उसको ऐसे ठीक किया ज्यादातर लोग अपनी उपलब्धियां आपने तारीफ में अपने गुण अपनी पर्सनैलिटी इसको ऑटोग्राफी में डाल देते हैं ऑटो बायोग्राफी में लेकिन जब हम किसी और की बायोग्राफी लिख रहे होते हैं तो हम खुद अनुसंधान करते हैं शोध करते हैं उस व्यक्ति से मैं बार-बार मिलते हैं और उसके बारे में उससे बहुत बातें कुरेद कुरेद कर पूछते हैं जस्ट लाइक अ जॉन लिस्ट पत्रकार की तरह तो जब हम पत्रकार की तरह एक खोजी व्यक्ति की तरह हर बात पूछते हैं तो कभी ना कभी उस व्यक्ति के मुंह से अपनी वह गलतियां और अपने अवगुण भी निकल जाते हैं तो बायोग्राफी लिखना किसी की आसान है ऑटोबायोग्राफी अपनी जब लिखने लगोगे तो बहुत ही बहुत मुश्किल में पड़ जाते हैं सब जने महात्मा गांधी जैसे नहीं होते महात्मा गांधी ने अपनी ऑटो बायोग्राफी में बहुत ही क्लीयरली लिख दिया था जब उन्होंने लिखा सत्य के प्रयोग के किस तरीके से मैंने झूठ बोल बोल कर भी माता-पिता से पैसे हैं उन्हें किस तरीके से मैंने अपने टीचर को धोखा दिया इस तरीके से मैंने अपनी मां को बरगलाया और फिर एक नाटक देखा राजा हरिश्चंद्र उसका मेरे पर इतना असर युवा लोग तो सत्य पर अडिग रहते हैं और मैं हिला डाला होकर ही हूं रोज कुछ ना कुछ घपला और फरेब करता हूं तो हर कोई महात्मा गांधी जितना महान नहीं अपनी बायोग्राफी में अपनी ऑटो बायोग्राफी में वह अपने बारे में खराब बातें भी बता कर लिख सके तो इसलिए मैं बायोग्राफी लिखिए और ऑटोबायोग्राफी तो महान लोगों की होती है और वह लोग ही लिखते हैं ज्यादातर मदर साधारण व्यक्तियों के लिए ऑटो बायोग्राफी का कोई महत्व नहीं है जब तक कि आपका व्यक्तित्व किसी और को प्रेरणा देने लायक नहीं है तब तक ऑटोबायोग्राफी का कोई औचित्य नहीं बनता

kisi aur ke jeevan ke bare me likhna kitna mushkil hota hai ek lekhak ke roop me auto Biography zyada kathin hai ya ki Biography toh main yah kahunga ki autobiography zyada kathin hai kyonki jab aap apne bare me likhna shuru karte hain toh maine 90 logo ko dekha hai ki vaah apni tareef hai apne gun unko zyada enahans karke likhte hain koi bhi vyakti yah confess nahi karta hai ki mere se apne jeevan me yah galti hui toh maine uska mujhe yah pachtava hua aur maine usko aise theek kiya jyadatar log apni upalabdhiyaan aapne tareef me apne gun apni personality isko atografi me daal dete hain auto Biography me lekin jab hum kisi aur ki Biography likh rahe hote hain toh hum khud anusandhan karte hain shodh karte hain us vyakti se main baar baar milte hain aur uske bare me usse bahut batein kured kured kar poochhte hain just like a john list patrakar ki tarah toh jab hum patrakar ki tarah ek khoji vyakti ki tarah har baat poochhte hain toh kabhi na kabhi us vyakti ke mooh se apni vaah galtiya aur apne avgun bhi nikal jaate hain toh Biography likhna kisi ki aasaan hai autobiography apni jab likhne lagoge toh bahut hi bahut mushkil me pad jaate hain sab jane mahatma gandhi jaise nahi hote mahatma gandhi ne apni auto Biography me bahut hi kliyarali likh diya tha jab unhone likha satya ke prayog ke kis tarike se maine jhuth bol bol kar bhi mata pita se paise hain unhe kis tarike se maine apne teacher ko dhokha diya is tarike se maine apni maa ko baragalaya aur phir ek natak dekha raja harishchandra uska mere par itna asar yuva log toh satya par adig rehte hain aur main hila dala hokar hi hoon roj kuch na kuch ghapla aur fareb karta hoon toh har koi mahatma gandhi jitna mahaan nahi apni Biography me apni auto Biography me vaah apne bare me kharab batein bhi bata kar likh sake toh isliye main Biography likhiye aur autobiography toh mahaan logo ki hoti hai aur vaah log hi likhte hain jyadatar mother sadhaaran vyaktiyon ke liye auto Biography ka koi mahatva nahi hai jab tak ki aapka vyaktitva kisi aur ko prerna dene layak nahi hai tab tak autobiography ka koi auchitya nahi banta

किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है एक लेखक के रूप में ऑटो बायोग्राफी

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मेरे को यही लगता है कि किसी और की जीवन के बारे में लिखना बहुत आसान है पता नहीं क्यों लगता है लेकिन खुद के बारे में लिखना बहुत मुश्किल है हम खुद को खोज नहीं पाते हैं अगर हमको कुछ बातें कुछ तो हम क्या करते हैं कि खुद की जो कमियां हैं उनको छुपाते रहते हैं दूसरे के जीवन के बारे में लिखे तो कहीं ना कहीं मेरे को यही लगता है कि दूसरे के बारे में लिखना बहुत आसान के बारे में लिखना है तो हम खुद को कभी भी हकीकत के साथ में ही लिख पाते हैं

dekhiye mere ko yahi lagta hai ki kisi aur ki jeevan ke bare me likhna bahut aasaan hai pata nahi kyon lagta hai lekin khud ke bare me likhna bahut mushkil hai hum khud ko khoj nahi paate hain agar hamko kuch batein kuch toh hum kya karte hain ki khud ki jo kamiyan hain unko chhupaate rehte hain dusre ke jeevan ke bare me likhe toh kahin na kahin mere ko yahi lagta hai ki dusre ke bare me likhna bahut aasaan ke bare me likhna hai toh hum khud ko kabhi bhi haqiqat ke saath me hi likh paate hain

देखिए मेरे को यही लगता है कि किसी और की जीवन के बारे में लिखना बहुत आसान है पता नहीं क्यों

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अशोक वशिष्ठ

Author, Retired Principal

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न ऑटो बायोग्राफी और बायोग्राफी से संबंधित है यानी कि एक तो है आत्मकथा के जो अपने जीवन के बारे में खुद लिखे और एक दूसरा है बायोग्राफी कोई लेखक किसी दूसरे के जीवन के बारे में लिखें सबसे बड़ी बात तो मैं यह कहना चाहूंगा की आत्मकथा यानी ऑटो बायोग्राफी नाम से इतनी अच्छी लगती है इतनी बेस्ट सीधी सच्ची होती नहीं है मैं नहीं समझता हूं कि कोई व्यक्ति अपने जीवन के सच को जस का तस लिखने की हिम्मत कर सकता है जी हां मैं फिर कह रहा हूं कि यह संभव ही नहीं है कि कोई व्यक्ति अपने जीवन के नंगे सच को जस का तस लिख दे जब लिखने बैठेगा तो हजार बार में सोचेगा उसकी आत्मा कटेगी उसका मनुष्य करेगा और बार-बार उसे रोकेगा आप ही सोची ना महात्मा गांधी अपने जीवन को इतने करीब से देखते थे लेकिन उन्होंने भी अपनी ऑटो बायोग्राफी नहीं लिखी अपनी आत्मकथा नहीं लिखी अपने जीवन के बारे में लिखा और उसे शीर्षक दिया सत्य के साथ मेरे प्रयोग जी हां गांधीजी की आत्मकथा जिसे हम उनकी आत्मकथा कहते हैं उसका शीर्षक है सत्य के साथ मेरे प्रयोग यानी उन्होंने अपने जीवन में जितने भी अच्छे बुरे कार्य किए जो जो ग़लतियां की उनको जस का तस स्वीकार किया और उसे खुलकर लिखा लेकिन उसको आत्मकथा का नाम देने की हिम्मत उन्होंने भी नहीं कि हो सकता है कि बहुत सारी सच वह भी ना लिख पाए हो तो यह भ्रम है कि अगर कोई यह कहता है आप दोनों का यह कहना है समिति का और समीक्षकों का यह कहना है कि अगर कोई यह कहता है कि मैंने आत्मकथा लिखी है या मैं अपनी आत्मकथा लिखूंगा तो उसे झूठा और कोई नहीं है उससे ज्यादा झूठ और कोई नहीं यानी की आत्मकथा लिखने का दावा करना इससे बड़ा झूठ कोई हो नहीं सकता अब रही बात बायोग्राफी की बायोग्राफी लेखक का अपना योगदान कुछ नहीं होता बायोग्राफी में आप जिस व्यक्ति की बायोग्राफी लिख रहे हैं वह जो आपको बताएगा उसे आप अपने शब्द देंगे भाव आप अपने नहीं डाल सकते जिस जिस तरह से की मार लीजिए व्यक्ति या अशोक नाम के व्यक्ति की बायोग्राफी विनोद नाम का एक लेखक लिख रहा है तो विनोद जो लेखक है वह अशोक जिनकी बायोग्राफी लिखी जानी है उनके साथ बैठेगा घंटों बैठेगा कई दिन बैठेगा कई महीनों तक लगातार मीटिंग होंगी चर्चाएं होंगी उनके बारे में जाने का नोटिंग्स करता चल ऐसा जैसा भी बताते जाएंगे तो यहां लेखक का अपना योगदान केवल इतना होता है कि वह आज इसकी बायोग्राफी लिखी जा रही है उसके बताए हुए शब्द भले ही दे सकता है वहीं पर पुस्तक लिखी जा रही है या नहीं जिसकी बायोग्राफी लिखी जा रही है वह जो बताएगा वही आएगा इसमें लेखक का अपना योगदान नहीं है

aapka prashna auto Biography aur Biography se sambandhit hai yani ki ek toh hai atmakatha ke jo apne jeevan ke bare me khud likhe aur ek doosra hai Biography koi lekhak kisi dusre ke jeevan ke bare me likhen sabse badi baat toh main yah kehna chahunga ki atmakatha yani auto Biography naam se itni achi lagti hai itni best seedhi sachi hoti nahi hai main nahi samajhata hoon ki koi vyakti apne jeevan ke sach ko jass ka tas likhne ki himmat kar sakta hai ji haan main phir keh raha hoon ki yah sambhav hi nahi hai ki koi vyakti apne jeevan ke nange sach ko jass ka tas likh de jab likhne baithega toh hazaar baar me sochega uski aatma kategi uska manushya karega aur baar baar use rokega aap hi sochi na mahatma gandhi apne jeevan ko itne kareeb se dekhte the lekin unhone bhi apni auto Biography nahi likhi apni atmakatha nahi likhi apne jeevan ke bare me likha aur use shirshak diya satya ke saath mere prayog ji haan gandhiji ki atmakatha jise hum unki atmakatha kehte hain uska shirshak hai satya ke saath mere prayog yani unhone apne jeevan me jitne bhi acche bure karya kiye jo jo ghaltiyan ki unko jass ka tas sweekar kiya aur use khulkar likha lekin usko atmakatha ka naam dene ki himmat unhone bhi nahi ki ho sakta hai ki bahut saari sach vaah bhi na likh paye ho toh yah bharam hai ki agar koi yah kahata hai aap dono ka yah kehna hai samiti ka aur samikshakon ka yah kehna hai ki agar koi yah kahata hai ki maine atmakatha likhi hai ya main apni atmakatha likhunga toh use jhutha aur koi nahi hai usse zyada jhuth aur koi nahi yani ki atmakatha likhne ka daawa karna isse bada jhuth koi ho nahi sakta ab rahi baat Biography ki Biography lekhak ka apna yogdan kuch nahi hota Biography me aap jis vyakti ki Biography likh rahe hain vaah jo aapko batayega use aap apne shabd denge bhav aap apne nahi daal sakte jis jis tarah se ki maar lijiye vyakti ya ashok naam ke vyakti ki Biography vinod naam ka ek lekhak likh raha hai toh vinod jo lekhak hai vaah ashok jinki Biography likhi jani hai unke saath baithega ghanto baithega kai din baithega kai mahinon tak lagatar meeting hongi charchaen hongi unke bare me jaane ka notings karta chal aisa jaisa bhi batatey jaenge toh yahan lekhak ka apna yogdan keval itna hota hai ki vaah aaj iski Biography likhi ja rahi hai uske bataye hue shabd bhale hi de sakta hai wahi par pustak likhi ja rahi hai ya nahi jiski Biography likhi ja rahi hai vaah jo batayega wahi aayega isme lekhak ka apna yogdan nahi hai

आपका प्रश्न ऑटो बायोग्राफी और बायोग्राफी से संबंधित है यानी कि एक तो है आत्मकथा के जो अपने

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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मातीचा प्रश्न किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है एक लेखक के रूप में क्या आपको लगता है कि ऑटो बायोग्राफी बायोग्राफी से ज्यादा बेहतर होती है जब अपने बारे में और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है इसमें कुछ कही जा सकती है कुछ झूठ कहीं जा सकती है कुछ नहीं होता है और जब अपने बारे में लिखना है

maticha prashna kisi aur ke jeevan ke bare mein likhna kitna mushkil hota hai ek lekhak ke roop mein kya aapko lagta hai ki auto Biography Biography se zyada behtar hoti hai jab apne bare mein aur bhi zyada mushkil ho jata hai isme kuch kahi ja sakti hai kuch jhuth kahin ja sakti hai kuch nahi hota hai aur jab apne bare mein likhna hai

मातीचा प्रश्न किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है एक लेखक के रूप में क

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Nitish Kumar

RRB Railway JE

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हाय बिल्कुल सही है आर्टोग्राफी है जो बायोग्राफी से ज्यादा बेहतर होती है क्योंकि अपनी जिंदगी में अपनी सोच भी जानते लेकिन की जिंदगी और उसकी सोच के बारे में जानते हैं वह जैसा जैसा करता है उसी अनुसार लिखते जाते हैं

hi bilkul sahi hai artografi hai jo Biography se zyada behtar hoti hai kyonki apni zindagi mein apni soch bhi jante lekin ki zindagi aur uski soch ke bare mein jante hain vaah jaisa jaisa karta hai usi anusaar likhte jaate hain

हाय बिल्कुल सही है आर्टोग्राफी है जो बायोग्राफी से ज्यादा बेहतर होती है क्योंकि अपनी जिंदग

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Abhishek Shekher Gaur

Civil Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निखिल लेखन कला ठीक है और वह कला एक लेखक के अंदर ही होती है तो अगर कोई आदमी है वह अपने बारे में अपनी ऑटो बायोग्राफी लिखना चाहता है लेकिन जरूरी नहीं है ना कि वह भी एक वह एक लेखक ही हो तो हो सकता है वह अपनी कहानी अच्छे से ना ले पाए हो सकता उसकी स्टोरी बहुत अच्छी हो लेकिन वह जो जिस तरह से लिखे हुए बहुत अच्छा ना हो और लोगों को पढ़ने में मजा ना है और कोई ना पड़े उसको तो ऑटोबायोग्राफी उनके लिए अच्छी होती जिनका लेखन पहले से अच्छा होता है जिनका लेखन अच्छा नहीं है वह दूसरों से ही लिख पाता है क्योंकि उनको पता है नहीं लिख सकते तो जिनकी लेकिन कला बैठी है पकड़ी थी उनकी लेखन में वह ऑटोबायोग्राफी लिखते हैं तो ज्यादा अच्छी रहती है और वहीं पर जो बाइक लिखते हैं उनके लिए देखें उनके लिए बस अपने लेखन को उनको ध्यान देना होता है बाकी कंटेंट को खुद देते हैं जिनके बारे में लिख रहे थे हां उनको वह सारे उनके इमोशंस जो वह इसीलिए वह सवाल बहुत पूछना पड़ जाते हैं जो बायोग्राफी लिखते हैं किसी की वह लोग को सवाल बहुत पूछने पर जाते हैं क्योंकि जब वह लिख रहे हैं तो उनको एक एक इमोशंस पता होना चाहिए ना क्या लिखना है तभी हमको सवाल बहुत पूछती पड़ जाते हैं और बहुत डिटेल सवाल पूछने पड़ जाते हैं उस समय को कैसा लगा था अच्छा ऐसा होगे फिर क्यों हुआ के साथ फिर आपने इस समय क्या सोचा क्योंकि उस क्योंकि आप अपने बारे में जब लिखते हैं तो तो आप शायद अपने बारे में जो जो हुआ है वह कभी डिटेल में लिख पाए लेकिन दूसरे में फिर दिक्कत यही होती है कि आपको फिर बहुत ज्यादा पूछना पड़ता है बस यह दिक्कत आती है और अगर आदमी ने खुलकर आपको नहीं बताया फिर कुछ छुपाया है या अपने तो फिर कहानी में वह जी मिसिंग हो जाएगी फिर हो सकता है आप उसको आपने अपने बारे में लिखवाई किसी बकरे फंसे और लेकिन जवाब पढ़ रहे हैं तो आपको फूफ बिलिअरी जैसी आई थी क्यों क्योंकि आपने सब डिटेल में बताया नहीं उसको तो बस यह चीज होती है मैं लेकिन मानता हूं कि अगर आपका लेखन अच्छा है तो आपके लिए आसानी है अगर आपका लेखन अच्छा नहीं है तो भाजपा के लिए दिक्कत है थोड़ी सी है ना लेकिन उसको लेखन में दिक्कत नहीं है उसको दिक्कत है हर चीज को समझने में कि जो लिखवा रहा है वह अपने आप को सही सएक्सप्रेस कर रहा है लेखक को कि नहीं क्योंकि लेखक को एक्सप्रेशन को उतारना होता है लेकिन उसका ऑपरेशन सही से पता होना चाहिए थैंक यू

nikhil lekhan kala theek hai aur vaah kala ek lekhak ke andar hi hoti hai toh agar koi aadmi hai vaah apne bare mein apni auto Biography likhna chahta hai lekin zaroori nahi hai na ki vaah bhi ek vaah ek lekhak hi ho toh ho sakta hai vaah apni kahani acche se na le paye ho sakta uski story bahut achi ho lekin vaah jo jis tarah se likhe hue bahut accha na ho aur logo ko padhne mein maza na hai aur koi na pade usko toh autobiography unke liye achi hoti jinka lekhan pehle se accha hota hai jinka lekhan accha nahi hai vaah dusro se hi likh pata hai kyonki unko pata hai nahi likh sakte toh jinki lekin kala baithi hai pakadi thi unki lekhan mein vaah autobiography likhte hai toh zyada achi rehti hai aur wahi par jo bike likhte hai unke liye dekhen unke liye bus apne lekhan ko unko dhyan dena hota hai baki content ko khud dete hai jinke bare mein likh rahe the haan unko vaah saare unke emotional jo vaah isliye vaah sawaal bahut poochna pad jaate hai jo Biography likhte hai kisi ki vaah log ko sawaal bahut poochne par jaate hai kyonki jab vaah likh rahe hai toh unko ek ek emotional pata hona chahiye na kya likhna hai tabhi hamko sawaal bahut puchti pad jaate hai aur bahut detail sawaal poochne pad jaate hai us samay ko kaisa laga tha accha aisa hoge phir kyon hua ke saath phir aapne is samay kya socha kyonki us kyonki aap apne bare mein jab likhte hai toh toh aap shayad apne bare mein jo jo hua hai vaah kabhi detail mein likh paye lekin dusre mein phir dikkat yahi hoti hai ki aapko phir bahut zyada poochna padta hai bus yah dikkat aati hai aur agar aadmi ne khulkar aapko nahi bataya phir kuch chupaya hai ya apne toh phir kahani mein vaah ji missing ho jayegi phir ho sakta hai aap usko aapne apne bare mein likhvai kisi bakre fanse aur lekin jawab padh rahe hai toh aapko fuf biliari jaisi I thi kyon kyonki aapne sab detail mein bataya nahi usko toh bus yah cheez hoti hai lekin manata hoon ki agar aapka lekhan accha hai toh aapke liye aasani hai agar aapka lekhan accha nahi hai toh bhajpa ke liye dikkat hai thodi si hai na lekin usko lekhan mein dikkat nahi hai usko dikkat hai har cheez ko samjhne mein ki jo likhva raha hai vaah apne aap ko sahi saeksapres kar raha hai lekhak ko ki nahi kyonki lekhak ko expression ko utarana hota hai lekin uska operation sahi se pata hona chahiye thank you

निखिल लेखन कला ठीक है और वह कला एक लेखक के अंदर ही होती है तो अगर कोई आदमी है वह अपने बारे

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स्वयं अपने जीवन गाथा हो या दूसरे के जीवन के बारे में लिखना हो लिख ना करके नहीं होता है क्योंकि शब्दों को पेड़ों पर और उसे सजा कर रखना होता है और वास्तविक चीजें उसके बारे में पूरा अध्ययन करना होता है कई मर्तबा व्यक्ति जब स्वयं के बारे में कोई पैसे लेता है सचिन जैन अभिव्यक्त आता है तो दूसरे के जीवन पर पत्र लिखना और भी मुश्किल होती है उसके सारे सबका मालिक सहित सच्चाई होना बाकी होना भी उसे पता आवश्यक होता है अन्यथा किसी के जीवन पर कोई ध्यान रखेंगे तो से उसकी तमन्ना भी होगी साथी लेखक की भी होती है इसलिए किताब लिखना कोई मामूली काम नहीं है इसके लिए कड़ी मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है

swayam apne jeevan gaatha ho ya dusre ke jeevan ke bare mein likhna ho likh na karke nahi hota hai kyonki shabdon ko pedon par aur use saza kar rakhna hota hai aur vastavik cheezen uske bare mein pura adhyayan karna hota hai kai martabaa vyakti jab swayam ke bare mein koi paise leta hai sachin jain abhivyakt aata hai toh dusre ke jeevan par patra likhna aur bhi mushkil hoti hai uske saare sabka malik sahit sacchai hona baki hona bhi use pata aavashyak hota hai anyatha kisi ke jeevan par koi dhyan rakhenge toh se uski tamanna bhi hogi sathi lekhak ki bhi hoti hai isliye kitab likhna koi mamuli kaam nahi hai iske liye kadi mehnat aur lagan ki avashyakta hoti hai

स्वयं अपने जीवन गाथा हो या दूसरे के जीवन के बारे में लिखना हो लिख ना करके नहीं होता है क्य

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है और एक लेखक के रूप में आपको क्या लगता है कि ऑटो बायोग्राफी क्या भाई ग्रुप में ज्यादा बेहतर होती है ऑटोबायोग्राफीज होती है अगर हम किसी और के जीवन के बारे में लिखना चाहते हैं वह किसी और के साथ हमें रहना पड़ता है उनके साथ जीना पड़ता है उनकी भूतकाल की छोटी-छोटी यादगार घटनाएं दुर्घटनाएं पश्चिमिर्ची संस्करण उनसे पूछना और जानना पड़ता है उनके विचार जानना पड़ता है उनके वर्तमान के बारे में जानना पड़ता है उनके विचार और उनके जो भी आने वाले भविष्य के विचार हैं जो उनका सपना है और वह क्या करना चाहते हैं भविष्य में पूछना पड़ता है तभी हम उसको एक किताब के रूप में लिखकर छुपा सकती और दूसरा ना अपनी खुद की बातें उसमें हमें सब कुछ मालूम रहता है हमें याद करना पड़ता है कि हमने बचपन से लेकर अपने वर्तमान तक क्या-क्या जिला है क्या क्या पाया है क्या क्या हमारे दुखद और सुखद संस्मरण रहे हैं हम अपने आप को कैसे जानते हैं कितना समझते हैं वह हम ज्यादा अच्छी तरह से शब्दों में निरूपण कर सकते हैं इसलिए खुद की जो है वह लिखना ज्यादा सरल होता है बजाय की दूसरी इसलिए आप ले लीजिए और आप जो करना चाहते हैं बायोग्राफी करिए लिखिए या ऊपर माइक्रोटिक लिखिए वह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप सामने वाले से कैसे वह सब बातें जानकर का निरूपण कर सकते हैं या आप अपने खुद के लिए ज्यादा शब्दों में अच्छे शब्दों में अपने पूरे जो अनुभव को दूसरों के साथ शेयर करने के लिए आप तो लिख सकते हैं बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत सारी शुभकामनाएं जय

kisi aur ke jeevan ke bare mein likhna kitna mushkil hota hai aur ek lekhak ke roop mein aapko kya lagta hai ki auto Biography kya bhai group mein zyada behtar hoti hai atobayografij hoti hai agar hum kisi aur ke jeevan ke bare mein likhna chahte hain vaah kisi aur ke saath hamein rehna padta hai unke saath jeena padta hai unki bhootkaal ki choti choti yaadgaar ghatnaye durghatanaen pashchimirchi sanskaran unse poochna aur janana padta hai unke vichar janana padta hai unke vartaman ke bare mein janana padta hai unke vichar aur unke jo bhi aane waale bhavishya ke vichar hain jo unka sapna hai aur vaah kya karna chahte hain bhavishya mein poochna padta hai tabhi hum usko ek kitab ke roop mein likhkar chupa sakti aur doosra na apni khud ki batein usme hamein sab kuch maloom rehta hai hamein yaad karna padta hai ki humne bachpan se lekar apne vartaman tak kya kya jila hai kya kya paya hai kya kya hamare dukhad aur sukhad sansmaran rahe hain hum apne aap ko kaise jante hain kitna samajhte hain vaah hum zyada achi tarah se shabdon mein nirupan kar sakte hain isliye khud ki jo hai vaah likhna zyada saral hota hai bajay ki dusri isliye aap le lijiye aur aap jo karna chahte hain Biography kariye likhiye ya upar maikrotik likhiye vaah aapke upar nirbhar karta hai ki aap saamne waale se kaise vaah sab batein jaankar ka nirupan kar sakte hain ya aap apne khud ke liye zyada shabdon mein acche shabdon mein apne poore jo anubhav ko dusro ke saath share karne ke liye aap toh likh sakte hain bahut bahut dhanyavad bahut bahut saree subhkamnaayain jai

किसी और के जीवन के बारे में लिखना कितना मुश्किल होता है और एक लेखक के रूप में आपको क्या लग

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Teerth Gorani

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऑटोबायोग्राफी और बायोग्राफी दो अलग चीजें ऑटोग्राफी बायोग्राफी से बेहतर होती है इसका कारण है कि ऑटोग्राफी जो लिखता आज व्यक्ति अपने आपको खुद लिखता है उसके अंदर बायोग्राफी की तुलना में ईमानदारी ज्यादा होती है उसके क्यों

autobiography aur Biography do alag cheezen atografi Biography se behtar hoti hai iska karan hai ki atografi jo likhta aaj vyakti apne aapko khud likhta hai uske andar Biography ki tulna mein imaandaari zyada hoti hai uske kyon

ऑटोबायोग्राफी और बायोग्राफी दो अलग चीजें ऑटोग्राफी बायोग्राफी से बेहतर होती है इसका कारण ह

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ऑटो बायोग्राफी किसी अपनी आत्मा से किसी जात माता बायोग्राफी किसी का चाहिए चित्र में चित्र में किसी के बाहरी वेशभूषा रहना सहना उसका विराज टाइम देखकर चेतना के गाना दोबारा संघर्ष है उनको उनसे जुड़ा है कोचिंग करके फिर लिखना तो ऑटो बायोग्राफी तो हमारे हमारे दशकों से बायोग्राफी से ज्यादा लोग कठिन है यह मैसेज को तो दर्दनाक होता है क्योंकि किसी के दर्द को सुनना एक अलग बात है किसी के दर्द को महसूस करना एक अलग बात है किसी के दर्द को महसूस करना था तो उसके ऑटो बायोग्राफी को समझना होता है उसको उठाकर लिखना एक व्यक्ति की बहुत बड़ी उपलब्धि होती से ऑटो बायोग्राफी बायोग्राफी से ज्यादा बेहतर होता मोदी लिखे जाते जिसमें उसने संघर्ष से गुजरा गुजरा है और वह गिने-चुने दिन जो जिसने उसको एक कविता व्यक्ति अपने ऑटो बायोग्राफी कोई आसुस उसकी आंखों में आंसू आ जाते हैं ऑटो बायोग्राफी में उस दिन को नोट किया जाता है जो दिन बड़ी संघर्षों से बहुत सारा त्याग करके रास्ता कुछ आयोजित किया जाता है उस गवाह के कुछ अर्जित किया जाता है कुछ पाने पर कुछ खोला जाता है ऑटोबायोग्राफी ऐसी चीजें को नोट किया जाता है वह दिन बहुत श्रेष्ठतम होते हैं क्योंकि वही दिन व्यक्ति को उसकी औकात थी मैंने उसकी को सही कर तब्बू की और लेकर जाते हैं जब वह दिन याद आते हैं तो ऑटो बायोग्राफी तो श्रेष्ठ है ही भाइयों के साथ दूसरे की हो जाए बाग बायोग्राफी जाटनी जीवन संघर्ष अब तक भेजी है कि किसी के दिल में थोड़ा कम आता किसी भी वक्त याद आता है ऑटोग्राफी बायोग्राफी

auto Biography kisi apni aatma se kisi jaat mata Biography kisi ka chahiye chitra me chitra me kisi ke bahri veshbhusha rehna sahna uska viraaj time dekhkar chetna ke gaana dobara sangharsh hai unko unse juda hai coaching karke phir likhna toh auto Biography toh hamare hamare dashakon se Biography se zyada log kathin hai yah massage ko toh dardanak hota hai kyonki kisi ke dard ko sunana ek alag baat hai kisi ke dard ko mehsus karna ek alag baat hai kisi ke dard ko mehsus karna tha toh uske auto Biography ko samajhna hota hai usko uthaakar likhna ek vyakti ki bahut badi upalabdhi hoti se auto Biography Biography se zyada behtar hota modi likhe jaate jisme usne sangharsh se gujara gujara hai aur vaah gine chune din jo jisne usko ek kavita vyakti apne auto Biography koi Asus uski aakhon me aasu aa jaate hain auto Biography me us din ko note kiya jata hai jo din badi sangharshon se bahut saara tyag karke rasta kuch ayojit kiya jata hai us gavah ke kuch arjit kiya jata hai kuch paane par kuch khola jata hai autobiography aisi cheezen ko note kiya jata hai vaah din bahut shreshthatam hote hain kyonki wahi din vyakti ko uski aukat thi maine uski ko sahi kar tabu ki aur lekar jaate hain jab vaah din yaad aate hain toh auto Biography toh shreshtha hai hi bhaiyo ke saath dusre ki ho jaaye bagh Biography jatni jeevan sangharsh ab tak bheji hai ki kisi ke dil me thoda kam aata kisi bhi waqt yaad aata hai atografi Biography

ऑटो बायोग्राफी किसी अपनी आत्मा से किसी जात माता बायोग्राफी किसी का चाहिए चित्र में चित्र म

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Neena

Science,Chemistry, English and French LanguageTeacher

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बिल्कुल मेरा मानना है कि ऑटो बायोग्राफी बायोग्राफी से ज्यादा बेहतर होती है क्योंकि ऑटोबायोग्राफी में आप अपने आप अपने आप से पूरी तरह सच सकते हैं लेकिन आप सामने वाले के लिए गारंटी नहीं ले सकते बायोग्राफी लिखते हो कि वह कितना सच बोल रहे हो सकता है वह कहानी बता रहा हूं कोई हो सकता है आप विश्वास ना करे उसकी सच्चाई पर बहुत सारे पहल हो सकती है लेकिन अपनी ऑटोबायोग्राफी अपनी बायोग्राफी आपको अपने बारे में ही सब कुछ जानना है आपको अपने बारे में ही सब कुछ लिखना है तो आप अपनी तरफ से झूठ लिखिए या सच वह तो आपकी आपके ऊपर निर्भर करता है लेकिन जवाब बायोग्राफी लिखेंगे तो आप उम्मीद सच की करेंगे जो शायद पूरी तरह से सफल ना हो पाए

bilkul mera manana hai ki auto Biography Biography se zyada behtar hoti hai kyonki autobiography me aap apne aap apne aap se puri tarah sach sakte hain lekin aap saamne waale ke liye guarantee nahi le sakte Biography likhte ho ki vaah kitna sach bol rahe ho sakta hai vaah kahani bata raha hoon koi ho sakta hai aap vishwas na kare uski sacchai par bahut saare pahal ho sakti hai lekin apni autobiography apni Biography aapko apne bare me hi sab kuch janana hai aapko apne bare me hi sab kuch likhna hai toh aap apni taraf se jhuth likhiye ya sach vaah toh aapki aapke upar nirbhar karta hai lekin jawab Biography likhenge toh aap ummid sach ki karenge jo shayad puri tarah se safal na ho paye

बिल्कुल मेरा मानना है कि ऑटो बायोग्राफी बायोग्राफी से ज्यादा बेहतर होती है क्योंकि ऑटोबायो

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किसी और के जीवन के बारे में लिखना बहुत आसान है बस उसके बारे में उसकी हर सच्चाई को जानना जरूरी होती है उसके आगे पीछे बीते हुए कल की जानकारी मिलने पर लिखना कोई मुझसे बात नहीं

kisi aur ke jeevan ke bare mein likhna bahut aasaan hai bus uske bare mein uski har sacchai ko janana zaroori hoti hai uske aage peeche bite hue kal ki jaankari milne par likhna koi mujhse baat nahi

किसी और के जीवन के बारे में लिखना बहुत आसान है बस उसके बारे में उसकी हर सच्चाई को जानना जर

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