ऐसा क्यों होता है की इतने सारे थीयटर आर्टिस्ट्स को फ़िल्म इंडस्ट्री में मौक़ा नहीं मिलता, जबकि वो बहुत माहिर कलाकार होते हैं?...


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Gaurav Srivastava

Director & Producer

7:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दी कि मैं यही बोलूंगा कि यह आपकी सोच होती है कि थियेटर आर्टिस्ट फिल्म नसीब मौका नहीं मिलता पहले से मिलता है पहली बात तो मैं आपको बता दूं और आप कहते हो कि बहुत ही माहिर कलाकार होते ऐसा आपको लगता है आज जेनरेशन चेंज हो चुकी है एक जमाना था जब फिल्मों में मौका भी ट्रेंड था फिल्मों का ट्रेंड चेंज हो रहा है तो उस हिसाब से आपको भी चेंज होना होगा अब एक जमाने में डायलॉग डिलीवरी सबसे ज्यादा मायने रखती थी आज के जमाने में डायलॉग आपको कल्प्रिट्स होते हैं थिएटर जो दिखाई जाते हैं इसमें वही चीज आपको कोई डायलॉग डिलीवरी जोर-जोर से चिल्लाना यह सब करना यह सब चीजें आपको सिखाई जाती है जो कि आज के फिल्म इंडस्ट्री की जरूरत ही नहीं है फिल्म इंडस्ट्री में आज के जमाने में आपका क्या देखा जाता है आपका ज्यादा ज्यादा अगर आप डायलॉग बोलते हैं तो डायलॉग में आपका फेस एक्सप्रेशन देखा जाता है कि आप कितना जो कि किसी भी थिएटर में पूरे वर्ल्ड की बात कर ले तो किसी भी वार्ड की किसी थिएटर में सही चीज नहीं सिखाई जाती जब आप सही चीज दिखाओगे नहीं सामने वाला कैसे उसके बाद ऑडिशन देने जाते बोतल से चीजें कोई भी अच्छा डायलॉग कोई अब आपको यह नहीं बताया कि आप कहां जा रहे हो पर्टिकुलर कहीं आप थिएटर में तो थिएटर में आपको यह कभी नहीं बताया था कि जब आप ऑडिशन दो तो ऑडिशन में कहां आपको ज्यादा फोकस करना है आपको सिर्फ और सिर्फ एक पार्टिकुलर डायलॉग जिसे कहते हैं कि ब्रिटिश हटाई शिक्षा ही रटी रटाई शिक्षा को थमा दी जाती है उसके बाद आपसे कहते हैं वहां पर जाकर वही चीज बोल देना वहां जाकर बोलती हो पॉलीटिकल जोक्स इंटरव्यू लेने वाला है ऑडिशन लेने वाला है उसकी वैसे डिमांड नहीं होती आपको सबसे पहले यह जानना है कि ऑडिशन जवाब देना चाह रहे हो तो ऑडिशन में सामने वाले की डिमांड किया है उसको किस तरह के कैरेक्टर चाहिए उस तरह की पलटी लेकर एक्टर मिठाई के जवाब उसके पास जाओगे तो वह भी आपको जानते हो क्यों नहीं देगा यह तो मैं ही बोलूंगा कि सबसे पहले तो आप यह सोचो पुरानी धारणा थी जो सही बात है एकदम फैक्ट मैं आपको बताऊं आज के जमाने का अभी मैंने कुछ दिन पहले एक पोस्ट देखी के एक बंदे ने पोस्ट की थी कि क्या नाम है टिकटोकर्स को चांस मिल जाता है हमें क्यों नहीं मिलता है बट भैया जरूर बोलूंगा कि क्यों मिल जाता है यह चीज जो क्वेश्चन उसका प्रिजन समझ उसका रीजन यह है कि वह लोग भी अपने लुक्स पर ज्यादा कौन सेंट्रेट करते हैं लुक्स पर ज्यादा कौन सा ठीक करते हैं आखिर जमाना डायलॉग डिलीवरी करना हो कर फॉलो वर्ष का हो चुका है आज फेसबुक की दुनिया है आज भी मैं तो सही बात है मैं आपको बता रहा हूं एकदम फैक्ट आज कोई भी फिल्म का आर्टिस्ट कोई भी आपको फिल्म का जो डायरेक्टर होता है वह आपको लेने से पहले यह नहीं देखेगा क्या आप की डायलॉग डिलीवरी कैसी है या वह क्या वह कैसा है तू वह जमाना था जब लोग देख ले इफेक्ट नहीं देखते आज प्लेट में जो वह देखते हैं केवल यह कि बंदे के फॉलोअर्स कितनी है मतलब यह कि भैया अगर हमने यह फिल्म बनाई इसको फिल्म में हमने एक्टर लिया ट्रैक्टर लेने के बाद इसके चाहने वाले लोग कितने हैं जो इसकी वजह से हमारी फिल्म हिट हो जाए कि एक लाख दो लाख लोग आपको बॉलीवुड में भी ऐसे पता नहीं कितने लोग मिल जाएंगे जिनको एक्टिंग नहीं आती उसके बाद भी उस फिल्म में काम कर रहे हैं फिल्म में काम कर रहे हो क्यों क्योंकि फॉलो वर्ष अच्छे हैं उनको डायलॉग लेना है लेकिन उनके फलों से छे तू अब आप वहां थिएटर से पहले आप अपने आप को जो क्रिएटर में बांध के रखा हूं वहां से बाहर निकली है यह चित्र वाली आपको जो समझा देते जो सिखा देते बस वही चीज आपको पता है थिएटर वालों को केवल अपने थिएटर से मतलब है और कुछ नहीं बट आज की जनरेशन कुछ और है आज की जनरेशन में सब कुछ मायने रखता थिएटर में आपको डांस नहीं सिखाया जाता है फिटर में आपको यह नहीं सिखाई स्टंट नहीं सिखाए जाते अभी जमाने में डांस में जिसको कब तक आता था जिसको वादा था उसको बहुत जल्दी चांस मिल जाता था लेकिन आज के जमाने में आज के जमाने में कहते हैं जो आज की जनरेशन के हिसाब से स्टंट कर सकता है कुछ भी नहीं कर सकता है बंद पैकिंग वगैरह हो गया एरियल कर सकता है इसका के स्टेप्स कर सकता है कुछ अलग कर सकता है उसको ज्यादा छुट्टी मिलती है तो समय के बाद प्रिंट चेंज हो रहा है आप भी अपना ट्रेन जब तक चेंज नहीं करोगे तब तक आप जिंदगी में आगे नहीं पढ़ पाओगे यार ऐसा नहीं है चांस नहीं मिलता मिलता है पहली चीज जिन को नहीं मिलता इसलिए नहीं मिलता क्योंकि वह पुरानी ट्रेन पर आज तक की है अब आप खुद सोचो कि पार्टिकुलर किसी बंदे को अगर मान लीजिए कि एक वह बनाना है फिल्म बनानी है फिल्म बनाने के लिए उसको कैरेक्टर चाहिए दर्शन का मतलब जिसका चेहरा थोड़ा सा विदेशी टाइप का हो या अलग टाइप का हो या फिर मैं बनाता हूं मैं फिल्म बना रहा हूं अभी सैनिक के नाम से मैं मूवी बनाने जा रहा हूं अब मैं एक मुझे चाहिए की मदद ऐसी लड़की मिल जाए जिसका कैब थोड़ा सा विदेशी टाइप की हो जिसका लुक थोड़ा विदेशी हो तो पब्लिक स्कूल ज्यादा लाइक करें कि मैं यह सोचकर चलता हूं अब मैं यह भी देखता हूं अभी फिल्म चलेगी कि नहीं चलेगी तो वह चलाने के लिए मैं उसके फॉलोअर्स भी देखूंगा नहीं देखूंगा पता चला मैंने किसी बंदे को सड़क से उठाकर थिएटर से उठाकर उसको मैंने अपाचे देने के बाद सिर्फ और यहां पर भी जान लीजिए होता है कभी मना नहीं कर सकते क्यों होता है वह कर चुके होते हैं उनको थिएटर को ऐसा लगता है कि थिएटर में काम किया है पलाना थिएटर मैंने काम किया है मैं बहुत बड़ा आर्टिस्ट उनके अंदर एक ईगो जिसे कहते हैं उल्टा जाता है अभी समझाए कि थियेटर किसी मदद अभी आप सिर्फ इनिशियल स्टेज पर हो अभी आपको कुछ भी नहीं आता तो मानने को तैयार नहीं होंगे और आपको बता दूं कि पिछले कुछ दिनों पहले मैंने एक थियेटर आर्टिस्ट को काम दिया था अब आप यकीन नहीं करोगे छोटी सी एल्बम का काम था मैंने उसको काम दिया लेकिन एक बार मैंने यह बोला क्या आपको काम करना ही हो लेकिन वह बंदा अपना काम छोड़कर बार-बार कैमरे की खियाके चेक करवाए कि मैंने कैसे किया एक 10 मिनट का जो छूटता 10 मिनट तक जो सूट में किसी प्रेशर अर्थ से 10 मिनट के अंदर निकाल निकाल लेता वह उसी थिएटर कम से कम 1 घंटे लगा दी उसकी को करने में और वहां पर जो एक एल्बम की शूटिंग करने में एक एल्बम की शूटिंग करने के लिए के लिए मैं निकला था और इन फैक्ट वहां पर मैं निकला था 3 दिन के लिए हमें कम से कम पांच एल्बम सूट करनी थी और मात्र और मात्र एक एल्बम के शूट हो पाई क्योंकि वह बंदा जितना भी ले इतना ढीला काम कर रहा था और हर जगह अपना पेमेंट दिखा रहा था कि सर मैं इससे और बैठक कर सकता सर मैं इससे और बेटा मेरे को जरूरत ही नहीं है तो क्या करने कि मेरे को पांच एल्बम निकाल लिया कॉल टू व्हीलर में वह आ गया हूं भाई मैंने कैमरा करंट दिया है सबकुछ यह हर किसी के ऊपर लागू होता है सामने वाले की डायरेक्टर होता है वह कैमरे का रेंट देता है सब कुछ देता है कि अब मैं आप जैसा सिचुएशन होती है उसके रिकॉर्डिंग आप डालोगे आप को कब मिलेगा अब वह बंदा मैंने एक एल्बम का जो कॉस्ट यू निकलती है वह कॉस्ट के रिकॉर्डिंग मैंने यह सोचा कि कम से कम में पांच एल्बम बनाऊंगा बॉस निकलेगी अब एक एल्बम के लिए उस बंदे ने कम से कम पूरा दिन लगा दिया 3 दिन बीत गए 3 दिन के अंदर मात्र मेरी एक एल्बम कंपलीट हुई ऐसे में थिएटर आर्टिस्ट दोबारा मेरे पास मैं तो एक बात बोलूं कि आप उसके कोडिंग करना चालू कर दो से ज्यादा जानता हूं

di ki main yahi boloonga ki yah aapki soch hoti hai ki theater artist film nasib mauka nahi milta pehle se milta hai pehli baat toh main aapko bata doon aur aap kehte ho ki bahut hi maahir kalakar hote aisa aapko lagta hai aaj generation change ho chuki hai ek jamana tha jab filmo me mauka bhi trend tha filmo ka trend change ho raha hai toh us hisab se aapko bhi change hona hoga ab ek jamane me dialogue delivery sabse zyada maayne rakhti thi aaj ke jamane me dialogue aapko culprits hote hain theater jo dikhai jaate hain isme wahi cheez aapko koi dialogue delivery jor jor se chillana yah sab karna yah sab cheezen aapko sikhai jaati hai jo ki aaj ke film industry ki zarurat hi nahi hai film industry me aaj ke jamane me aapka kya dekha jata hai aapka zyada zyada agar aap dialogue bolte hain toh dialogue me aapka face expression dekha jata hai ki aap kitna jo ki kisi bhi theater me poore world ki baat kar le toh kisi bhi ward ki kisi theater me sahi cheez nahi sikhai jaati jab aap sahi 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aaj ke jamane ka abhi maine kuch din pehle ek post dekhi ke ek bande ne post ki thi ki kya naam hai tiktokars ko chance mil jata hai hamein kyon nahi milta hai but bhaiya zaroor boloonga ki kyon mil jata hai yah cheez jo question uska prison samajh uska reason yah hai ki vaah log bhi apne looks par zyada kaun sentret karte hain looks par zyada kaun sa theek karte hain aakhir jamana dialogue delivery karna ho kar follow varsh ka ho chuka hai aaj facebook ki duniya hai aaj bhi main toh sahi baat hai main aapko bata raha hoon ekdam fact aaj koi bhi film ka artist koi bhi aapko film ka jo director hota hai vaah aapko lene se pehle yah nahi dekhega kya aap ki dialogue delivery kaisi hai ya vaah kya vaah kaisa hai tu vaah jamana tha jab log dekh le effect nahi dekhte aaj plate me jo vaah dekhte hain keval yah ki bande ke followers kitni hai matlab yah ki bhaiya agar humne yah film banai isko film me humne actor liya tractor lene ke baad iske chahne waale log kitne hain jo iski wajah se 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andar matra meri ek album complete hui aise me theater artist dobara mere paas main toh ek baat bolu ki aap uske coding karna chaalu kar do se zyada jaanta hoon

दी कि मैं यही बोलूंगा कि यह आपकी सोच होती है कि थियेटर आर्टिस्ट फिल्म नसीब मौका नहीं मिलता

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Karan Janwa

Automobile Engineer

1:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा नहीं है कि थियेटर आर्टिस्ट को फिल्म में मौका नहीं मिलता है बहुत सारे कलाकार से जिनको भी मौका मिला जैसे कि अब पुराने गुवाहाटी से उसके नवाज नवाजुद्दीन सिद्दीकी है एक ही मंच होता है उसी में पर काम करना होता है और जो मूवी होती है उसके अंदर होते हैं आपको अलग-अलग एंगल से जांच किया जाता है क्षेत्र में तो आपको कोई नहीं होता है लेकिन बॉलीवुड बॉलीवुड का एक स्टैंडर्ड होता है उसमें दर्शक सिर्फ उन्हीं कलाकार को देखना पसंद करनी हो तो उसको प्रोजेक्टर कितने का मिलता है

aisa nahi hai ki theater artist ko film mein mauka nahi milta hai bahut saare kalakar se jinako bhi mauka mila jaise ki ab purane guwahati se uske nawaj nawazuddin siddiki hai ek hi manch hota hai usi mein par kaam karna hota hai aur jo movie hoti hai uske andar hote hain aapko alag alag Angle se jaanch kiya jata hai kshetra mein toh aapko koi nahi hota hai lekin bollywood bollywood ka ek standard hota hai usme darshak sirf unhi kalakar ko dekhna pasand karni ho toh usko projector kitne ka milta hai

ऐसा नहीं है कि थियेटर आर्टिस्ट को फिल्म में मौका नहीं मिलता है बहुत सारे कलाकार से जिनको भ

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:36

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा क्यों होता है कि इतने सारे ट्रैक्टर आर्टिस्ट को फिल्मी लिस्ट में मौका नहीं मिलता जबकि वह बहुत ही माहिर कलाकार होते हैं जी ऐसा नहीं होता है के इतने सारे चैप्टर राकेश को फिल्म इंडस्ट्री में मौका नहीं मिलता क्योंकि यह तो राकेश के पास अब मौके बहुत ज्यादा मिलते हैं पहले के समय के कंपैरिजन में अब थिएटर आर्टिस्ट के पास मौके ज्यादा है वह थिएटर आर्टिस्ट मंजे हुए कलाकार होते हैं उनकी डायलॉग डिलीवरी भी बिना अधिक एक के होते हैं और उनके लिए बहुत सारा नया क्षेत्र बहुत ही बड़ा टीवी चैनल का सीरियल का आ गया है उसमें उनको काफी मौके उपलब्ध है इसलिए पहले एक तिमाही एक माध्यम था उसमें उनको अपना कलाकारी दिखाने का मौका मिलता था जैसे कि सभी हीरोइनों में दो रेहाना सुल्तान और शबाना मुखर्जी पदार्पण किया था अब जो कलाकार है वह टीवी चैनल्स में चल रही सॉप ओपेरा में अपना अभिनय का रोजा दिखा रहे हैं इसलिए अब उनके पास मौके बहुत ही ज्यादा हो गए हैं बशर्ते कि उनके सब कनेक्शन जो रिलेशनशिप हैं अपना मित्र सभी लोगों के साथ बनाए रखें उसे अपने संबंधों को जीवित रखे मिलते-जुलते रहे तो जरूर आगे बढ़ते अच्छे कलाकार के रूप में प्रतिभागी हो जाएगी बहुत-बहुत धन्यवाद शुभकामनाएं

aisa kyon hota hai ki itne saare tractor artist ko filmy list mein mauka nahi milta jabki vaah bahut hi maahir kalakar hote hain ji aisa nahi hota hai ke itne saare chapter rakesh ko film industry mein mauka nahi milta kyonki yah toh rakesh ke paas ab mauke bahut zyada milte hain pehle ke samay ke kampairijan mein ab theater artist ke paas mauke zyada hai vaah theater artist manje hue kalakar hote hain unki dialogue delivery bhi bina adhik ek ke hote hain aur unke liye bahut saara naya kshetra bahut hi bada TV channel ka serial ka aa gaya hai usme unko kaafi mauke uplabdh hai isliye pehle ek timaahi ek madhyam tha usme unko apna kalakari dikhane ka mauka milta tha jaise ki sabhi hiroinon mein do rehana sultan aur shabana mukherjee padarpan kiya tha ab jo kalakar hai vaah TV channels mein chal rahi sap OPERA mein apna abhinay ka roza dikha rahe hain isliye ab unke paas mauke bahut hi zyada ho gaye hain basharte ki unke sab connection jo Relationship hain apna mitra sabhi logo ke saath banaye rakhen use apne sambandhon ko jeevit rakhe milte julte rahe toh zaroor aage badhte acche kalakar ke roop mein pratibhagi ho jayegi bahut bahut dhanyavad subhkamnaayain

ऐसा क्यों होता है कि इतने सारे ट्रैक्टर आर्टिस्ट को फिल्मी लिस्ट में मौका नहीं मिलता जबकि

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Jeet Dholakia

Anchor and Media Professional

3:08
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी फिल्म इंडस्ट्री में कैसा होता है कि जो दिखता है वह बिकता है और उस जो ज्यादा दिखता है वही ज्यादा बिकता है आखिर अभी तो सोशल मीडिया के जमाने में भी ऐसा ही है कि जो दिखता है वही बिकता है मेरे ख्याल से अमृतसर में मिली तो यह काफी आइए फैला हुआ है कि जो दिखता है वह जो ज्यादा दिखता है वही बिकता है और यह जो पूछा गया है कि थियेटर आर्टिस्ट बहुत ही अच्छे कलाकार होते हैं उनकी एक्टिंग बहुत अच्छी है फिर भी उनको इंडस्ट्री में फिल्म इंडस्ट्री में मौका क्यों नहीं मिलता है जबकि वह बहुत ही माहिर कलाकार होते हैं आप मेरे ख्याल से जो थिएटर आर्टिस्ट थिएटर के कलाकार होते हैं उनकी जो एक्टिंग का करने की कला है और उनकी जो डायलॉग बोलने की कला है वह कहीं ना कहीं जो दूसरे फिल्म के कलाकार है उनसे कहीं ना कहीं अलग हुई जाती है पर हमारी ऑडियंस ओपन देखने जाते हैं जो सामान्य प्रजा हैं उनको इनसे कोई कोई लेना-देना नहीं है अगर एक बंदा बैकग्राउंड के बगैर आया है किंग का बैकग्राउंड कुछ नहीं उसके बगैर आया है फिल्म इंडस्ट्री में और जो बंदा एक्टिंग स्कूल सेक्टर 6 कर थिएटर सालों तक थिएटर किया है फिर उसके बाद जाकर फिल्म इंडस्ट्री में आता है तो उसकी एक्टिंग कहीं ना कहीं वह मंजी हुई एक्टिंग देखने को मिलेगी वह अच्छा है का कलाकार देखने को मिलेगा और साथ में उसकी मेथड एक्टिंग देखने को मिलेगी पर हमारी जो मैंने कहा कि सामान्य प्रशासन को शायद पता नहीं समझ में नहीं आता है क्या होता है वह को एक्सेप्ट नहीं कर सकती है उसी के कारण आई जो माही कलाकार होते हैं वह कहीं ना कहीं पीछे रह जाते हैं और जो कहीं कोई एक्टिंग स्कूल से कुछ सीख कर नहीं आया होता कोई थिएटर बैकग्राउंड नहीं होता और सीधे फिल्म इंडस्ट्री में आ गए हैं और लोगों में छा गए हैं एक जैसे हम बोले कि लोगों में छा जाते हैं लोग लोगों में अगर छा गए हैं तो उनको पूरी एक्टिंग की परवाह होती नहीं है बस लोगों को उनका प्यार मिलता रहता है और वह अपने आगे फिल्में करते जा रहे हैं तो मेरे ख्याल से उल्लू को कोई फर्क नहीं पड़ता है कि लोगों हैक करेंगे या नहीं करेंगे पर यह पर पट्टा न्यूज़ चलचित्र बैकग्राउंड चाहते हैं थिएटर बैकग्राउंड से आने वाले लोगों को ऐसा है कि भाई हम चैटिंग करें हमारा हंड्रेड परसेंट दे और हमें जो सिखाए गए हम जो थिएटर में जो यूज़ करते हैं वही चीज हमें यहां पर दिखानी है और यहां पर सामने सीधे कोई आर्डर नहीं होंगे और जो ऑडियो सॉन्ग कि वह परदे के पीछे होंगे तो मेरे ख्याल से उनकी जो एक्टिंग है वह हंड्रेड परसेंट देने की कोशिश क्या करते हैं इसलिए कि मेथड एक्टिंग में वहां जाते हैं और राहुल की डायलॉग डिलीवरी भी अलग होती है जिसके कारण पूरे सारे एक्टर से अलग निकल कर आते हैं पर कहीं ना कहीं जैसा मैंने कहा कि सामान्य प्रजा को यह पता नहीं चलता और उनको जैसे मैंने कहा कि जो दिखता है वह बिकता है तो नेता के कलाकार मंजे हुए कलाकार ना दिखें पर जो कलाकार कोई बैकग्राउंड के बगैर आया है या तो फिर कोई थिएटर एक्टिंग का नॉलेज नहीं है फिर भी आ गया है जाता है कि इसलिए जो मेहर कलाकार होते हैं इनको फिल्म इंडस्ट्री में बहुत कम मौका मिलता है

hamari film industry mein kaisa hota hai ki jo dikhta hai vaah bikta hai aur us jo zyada dikhta hai wahi zyada bikta hai aakhir abhi toh social media ke jamane mein bhi aisa hi hai ki jo dikhta hai wahi bikta hai mere khayal se amritsar mein mili toh yah kaafi aaiye faila hua hai ki jo dikhta hai vaah jo zyada dikhta hai wahi bikta hai aur yah jo poocha gaya hai ki theater artist bahut hi acche kalakar hote hain unki acting bahut achi hai phir bhi unko industry mein film industry mein mauka kyon nahi milta hai jabki vaah bahut hi maahir kalakar hote hain aap mere khayal se jo theater artist theater ke kalakar hote hain unki jo acting ka karne ki kala hai aur unki jo dialogue bolne ki kala hai vaah kahin na kahin jo dusre film ke kalakar hai unse kahin na kahin alag hui jaati hai par hamari adiyans open dekhne jaate hain jo samanya praja hain unko inse koi koi lena dena nahi hai agar ek banda background ke bagair aaya hai king ka background kuch nahi uske bagair aaya hai film industry mein aur jo banda acting school sector 6 kar theater salon tak theater kiya hai phir uske baad jaakar film industry mein aata hai toh uski acting kahin na kahin vaah manji hui acting dekhne ko milegi vaah accha hai ka kalakar dekhne ko milega aur saath mein uski method acting dekhne ko milegi par hamari jo maine kaha ki samanya prashasan ko shayad pata nahi samajh mein nahi aata hai kya hota hai vaah ko except nahi kar sakti hai usi ke karan I jo maahi kalakar hote hain vaah kahin na kahin peeche reh jaate hain aur jo kahin koi acting school se kuch seekh kar nahi aaya hota koi theater background nahi hota aur sidhe film industry mein aa gaye hain aur logo mein cha gaye hain ek jaise hum bole ki logo mein cha jaate hain log logo mein agar cha gaye hain toh unko puri acting ki parvaah hoti nahi hai bus logo ko unka pyar milta rehta hai aur vaah apne aage filme karte ja rahe hain toh mere khayal se ullu ko koi fark nahi padta hai ki logo hack karenge ya nahi karenge par yah par patta news chalchitra background chahte hain theater background se aane waale logo ko aisa hai ki bhai hum chatting kare hamara hundred percent de aur hamein jo sikhaye gaye hum jo theater mein jo use karte hain wahi cheez hamein yahan par dikhaani hai aur yahan par saamne sidhe koi order nahi honge aur jo audio song ki vaah parde ke peeche honge toh mere khayal se unki jo acting hai vaah hundred percent dene ki koshish kya karte hain isliye ki method acting mein wahan jaate hain aur rahul ki dialogue delivery bhi alag hoti hai jiske karan poore saare actor se alag nikal kar aate hain par kahin na kahin jaisa maine kaha ki samanya praja ko yah pata nahi chalta aur unko jaise maine kaha ki jo dikhta hai vaah bikta hai toh neta ke kalakar manje hue kalakar na dikhein par jo kalakar koi background ke bagair aaya hai ya toh phir koi theater acting ka knowledge nahi hai phir bhi aa gaya hai jata hai ki isliye jo mehar kalakar hote hain inko film industry mein bahut kam mauka milta hai

हमारी फिल्म इंडस्ट्री में कैसा होता है कि जो दिखता है वह बिकता है और उस जो ज्यादा दिखता है

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