भारत की पहली शिक्षा प्रणाली कैसी थी और अब की शिक्षा प्रणाली में क्या अंतर है?...


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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:51

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत की जो पहली शिक्षा प्रणाली थी वह वेदों पर आधारित थी व्यवहार कंधा नीचे अनुभव पर आधारित जी कर्म पर आधारित जीवन पर आधारित धार्मिक परंपराओं पर आधारित और व्यवहारिक ज्ञान पर आधारित और बहुत अच्छी-अच्छी बहुत कुशल की सबसे ऊंची कहीं किसी प्रकार का दिखावा खेल या बनावटी पन्नी था जबकि आज विज्ञान ने बहुत तेज गति से विकास को जन्म दिया है आधुनिक संचार नगर में कैलकुलेशन करके उसका उत्तर प्राप्त किया जा सकता है एक तरफ विज्ञान में विकास के राष्ट्रीय पुणे दूसरी तरफ इसी विज्ञान का दुरुपयोग कर के विनाश के रास्ते खोल दिए गए आज शिक्षा का स्तर बहुत किरिया है क्योंकि रिया है क्योंकि आज शिक्षा को लोग शिक्षा के लिए यहां से हासिल करने की बजाय उसे डिग्री के रूप में प्राप्त करना चाहते हैं अच्छा ज्ञान के रूप में लेने की बजाय आय के साधन के रूप में लेना चाहते हैं आज शिक्षा विकास के रूप में किसी के हित के रूप में पड़ने की बजाय उच्च किस को नुकसान पहुंचाया जा सकता है किस प्रकार अपने साथ को पूरा कर सकते हैं इस रूप में शिक्षा प्रणाली का प्रयोग किया जाता है तंत्र स्पष्ट हो गया होगा के मालिक प्रारंभिक शिक्षा आज की तुलना में यदि वह ट्रेडिशनल की परंपरा मांगी थी लेकिन आज की शिक्षा से बहुत बेहतर की आज की शिक्षा कुल मिलाकर हमारी वैज्ञानिक प्रवृत्ति पर आधारित है इंटरनेट मोबाइल कंप्यूटर ब्लूटूथ लेकिन इन्होंने विकास के साथ-साथ विनाश के दरवाजे भी खोल दिए

bharat ki jo pehli shiksha pranali thi vaah vedo par aadharit thi vyavhar kandha niche anubhav par aadharit ji karm par aadharit jeevan par aadharit dharmik paramparaon par aadharit aur vyavaharik gyaan par aadharit aur bahut achi achi bahut kushal ki sabse uchi kahin kisi prakar ka dikhawa khel ya banavati panni tha jabki aaj vigyan ne bahut tez gati se vikas ko janam diya hai aadhunik sanchar nagar mein calculation karke uska uttar prapt kiya ja sakta hai ek taraf vigyan mein vikas ke rashtriya pune dusri taraf isi vigyan ka durupyog kar ke vinash ke raste khol diye gaye aaj shiksha ka sthar bahut kiriya hai kyonki riya hai kyonki aaj shiksha ko log shiksha ke liye yahan se hasil karne ki bajay use degree ke roop mein prapt karna chahte hain accha gyaan ke roop mein lene ki bajay aay ke sadhan ke roop mein lena chahte hain aaj shiksha vikas ke roop mein kisi ke hit ke roop mein padane ki bajay ucch kis ko nuksan pahunchaya ja sakta hai kis prakar apne saath ko pura kar sakte hain is roop mein shiksha pranali ka prayog kiya jata hai tantra spasht ho gaya hoga ke malik prarambhik shiksha aaj ki tulna mein yadi vaah traditional ki parampara maangi thi lekin aaj ki shiksha se bahut behtar ki aaj ki shiksha kul milakar hamari vaigyanik pravritti par aadharit hai internet mobile computer bluetooth lekin inhone vikas ke saath saath vinash ke darwaze bhi khol diye

भारत की जो पहली शिक्षा प्रणाली थी वह वेदों पर आधारित थी व्यवहार कंधा नीचे अनुभव पर आधारि

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munmun

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत की पहली शिक्षा प्रणाली कैसी थी और अब की शिक्षा प्रणाली में क्या अंतर है तो देखिए इन दोनों में जो है जमीन आसमान का फर्क है कितनी देर पहले जो था हमारा भारत कितना डिवेलप नहीं था जिस वजह से जो है हमारी शिक्षा प्रणाली काफी डाउन थी ठीक है तो यह शिक्षा प्रणाली भी जो है हमारे अंग्रेजों के वक्त से जो है चली आ रही है तो उस और जो है उनका शासन था तो उसे इतना डिवेलप नहीं कर पा रहे थे तो अपना भारत जो है अब इतना डिवेलप हो चुका है कि उसमें जो शिक्षा प्रणाली है वह टॉप लेवल के हो चुके थे कि अब हमारे हमारे देश में शिक्षा प्रणाली में जो इतना सुधार हो चुका है कि हर क्लासेज में जो है प्रोजेक्टर के थ्रू जो है बच्चों को स्टडी की जाती जाती है एक चीज दिए जाते हैं उनको प्रॉपर नोट दिए जाते हैं प्रॉपर्टी जो है इतनी एलिजिबिलिटीज होती है ठीक है और पहले जो था यह सब पहले जो थे क्या थे कि अरे क्लासरूम्स भी नहीं हुआ करते थे बच्चे मिट्टी में बैठकर पढ़ते थे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ते थे एक तो पहले जो है इतने चेयर टेबल नहीं हुआ करते थे अब क्या हो गया अब उसका जो बिल्कुल अपोजिट हो चुका जो है भारत हमारी इतनी डेवलप कर चुकी है कि उसकी शिक्षा प्रणाली में सुधार हो चुका है अब बच्चों के पास जो हर एक चीज की हर एक चीज है ठीक है क्लासेज है कि पहले क्या होता था कि अगर क्लासेज होते नहीं होते थे अब क्या होता है कि अब क्या चीज में ऐसी भी होते हैं तो काफी जो है स्टडी को भी लेकर जो है काफी डिफरेंस आ चुका है और इसमें भी काफी डिफरेंस आ चुका है तो बहुत सारी चीज है जो है उन दोनों में काफी अंतर जो है आ चुका है

bharat ki pehli shiksha pranali kaisi thi aur ab ki shiksha pranali mein kya antar hai toh dekhiye in dono mein jo hai jameen aasman ka fark hai kitni der pehle jo tha hamara bharat kitna develop nahi tha jis wajah se jo hai hamari shiksha pranali kaafi down thi theek hai toh yah shiksha pranali bhi jo hai hamare angrejo ke waqt se jo hai chali aa rahi hai toh us aur jo hai unka shasan tha toh use itna develop nahi kar paa rahe the toh apna bharat jo hai ab itna develop ho chuka hai ki usme jo shiksha pranali hai vaah top level ke ho chuke the ki ab hamare hamare desh mein shiksha pranali mein jo itna sudhaar ho chuka hai ki har classes mein jo hai projector ke through jo hai baccho ko study ki jaati jaati hai ek cheez diye jaate hain unko proper note diye jaate hain property jo hai itni elijibilitij hoti hai theek hai aur pehle jo tha yah sab pehle jo the kya the ki are classrooms bhi nahi hua karte the bacche mitti mein baithkar padhte the ped ke niche baithkar padhte the ek toh pehle jo hai itne chair table nahi hua karte the ab kya ho gaya ab uska jo bilkul opposite ho chuka jo hai bharat hamari itni develop kar chuki hai ki uski shiksha pranali mein sudhaar ho chuka hai ab baccho ke paas jo har ek cheez ki har ek cheez hai theek hai classes hai ki pehle kya hota tha ki agar classes hote nahi hote the ab kya hota hai ki ab kya cheez mein aisi bhi hote hain toh kaafi jo hai study ko bhi lekar jo hai kaafi difference aa chuka hai aur isme bhi kaafi difference aa chuka hai toh bahut saree cheez hai jo hai un dono mein kaafi antar jo hai aa chuka hai

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