मुझे हर छोटी बात को लेकर बहुत चिन्ता होती है। मैं क्या करूँ?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उनके लिए तो पहले तो चिंता को नेगेटिव ग्रुप में देखना नहीं है जो भी समस्या आ रही हैं उसको पोस्ट इस ग्रुप में देखना है कि मुझे जो कुछ नहीं हुआ है वह मेरे लिए अच्छे हो रहा है अगर अब जैसे किसी तरह की समस्या अगर आ गई है इस समस्या को समस्या के रूप में नहीं देखना है देखना है कि यह मेरे लिए अच्छे के लिए हो रहा है मैं कैसे इसको आगे तरफ से दीजिए

unke liye toh pehle toh chinta ko Negative group me dekhna nahi hai jo bhi samasya aa rahi hain usko post is group me dekhna hai ki mujhe jo kuch nahi hua hai vaah mere liye acche ho raha hai agar ab jaise kisi tarah ki samasya agar aa gayi hai is samasya ko samasya ke roop me nahi dekhna hai dekhna hai ki yah mere liye acche ke liye ho raha hai main kaise isko aage taraf se dijiye

उनके लिए तो पहले तो चिंता को नेगेटिव ग्रुप में देखना नहीं है जो भी समस्या आ रही हैं उसको प

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Sumit Roy

Consultant Clinical Psychologist

1:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान मात्र की एकता टंडन की है कि वह जब भी खाली रहता है वह या तो अपने पास के बारे में भूतकाल के बारे में अपने भविष्य के बारे में सोचता रहता है हम भूतकाल के बारे में कुछ ज्यादा सोच कर के हम एक भी एक रत्ती भी अंतर नहीं ला सकते हैं जो बीत गया सो बीत गया लेकिन हम वहां जाकर के कुछ ज्यादा परेशान हो जाते हैं उदास हो जाते हैं हमें गुस्सा आता है हमें ग्लानि होती है और लेट करते हैं यह सारी चीजें होती हैं अगर हम साथ में जाते हैं तो हम बेवजह बेतूल हम कुछ भी बदल नहीं पाते हैं उसके बावजूद भी अपने आप को साथ में भूत में खूब दादा हम सोचते रहते हैं जानते रहते हैं समझते रहते हैं और उसी तरह से ज्यादा पास में नहीं हो तो हम टीचर के बारे में सोचते हैं और क्या चिंतित हो जाते हैं हम थैंक यू सो जाते हैं हमें डर लगने लगता उस तरह की चीजें होने लगती है जितना ज्यादा हमारे जीवन में जितनी ज्यादा हम इन डेफिनेट में थे आंसर की मीटिंग है जितना ज्यादा हम दुविधा में रहते हैं हम कुछ एक शक्स की तरफ नहीं बढ़ पाते हैं उतना ज्यादा इसमें हम खा कर चले जाते हैं और यह सब इन सब चीजों से दूर रहने के लिए बहुत अच्छा तरीका है उसको माइंडफुल युग कहा जाता है तो माइंडफूलनेस हम अपने आप को प्रेग्नेंट में ही रख सकते हैं और प्रेजेंट में ही उद्देश्य बढ़ते बढ़ते हम जीवन में अपने मकानों को तार सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं

insaan matra ki ekta tandon ki hai ki vaah jab bhi khaali rehta hai vaah ya toh apne paas ke bare me bhootkaal ke bare me apne bhavishya ke bare me sochta rehta hai hum bhootkaal ke bare me kuch zyada soch kar ke hum ek bhi ek ratti bhi antar nahi la sakte hain jo beet gaya so beet gaya lekin hum wahan jaakar ke kuch zyada pareshan ho jaate hain udaas ho jaate hain hamein gussa aata hai hamein glani hoti hai aur late karte hain yah saari cheezen hoti hain agar hum saath me jaate hain toh hum bewajah betul hum kuch bhi badal nahi paate hain uske bawajud bhi apne aap ko saath me bhoot me khoob dada hum sochte rehte hain jante rehte hain samajhte rehte hain aur usi tarah se zyada paas me nahi ho toh hum teacher ke bare me sochte hain aur kya chintit ho jaate hain hum thank you so jaate hain hamein dar lagne lagta us tarah ki cheezen hone lagti hai jitna zyada hamare jeevan me jitni zyada hum in definet me the answer ki meeting hai jitna zyada hum duvidha me rehte hain hum kuch ek shaks ki taraf nahi badh paate hain utana zyada isme hum kha kar chale jaate hain aur yah sab in sab chijon se dur rehne ke liye bahut accha tarika hai usko mindful yug kaha jata hai toh maindafulnes hum apne aap ko pregnant me hi rakh sakte hain aur present me hi uddeshya badhte badhte hum jeevan me apne makanon ko taar sakte hain aur aage badh sakte hain

इंसान मात्र की एकता टंडन की है कि वह जब भी खाली रहता है वह या तो अपने पास के बारे में भूतक

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Bhavin J. Shah

Life Coach

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चिंता बढ़ी अभागिनी चिंता चिता समान चिंता से चतुराई घटे घटे रूप गुण और ज्ञान आपको छोटी-छोटी बातों में अगर चिंता होती है तो आपको यह समझ लेना चाहिए कि ईद चिंता का आपका स्वभाव बन गया है और उसको लेकर जब भी आप जीवित रहते हो या उसके साथ जीवन जीना पसंद करते हो तब दुख होना स्वाभाविक है तो क्या चिंता नहीं होनी चाहिए चिंता हो सकती है क्योंकि हम मनुष्य है कोई भी बात को लेकर जब भी आपको चिंता होती है तो आप एक काम कर सकते हैं कि सबसे पहले इसका स्वीकार करें कि मुझे चिंता हो रही है फिर अपने आप को 2 सवाल पूछे कि इस चिंता के लिए क्या मैं कुछ एक्शन ले सकता हूं अगर आपके हाथ में ही नहीं है तो उसके लिए चिंता क्यों करें और अगर ऐसा लगता है कि हां मैं एक्शन ले सकता हूं तो एक्शन लीजिए उसके लिए चिंता करने की क्या जरूरत है तो कुल मिलाकर आप जिस भी चीज को लेकर चिंता करते हैं उसके लिए चिंता करना मुनासिब नहीं है आपके लिए नुकसान कारक है थैंक यू

chinta badhi abhagini chinta chita saman chinta se chaturaai ghate ghate roop gun aur gyaan aapko choti choti baaton mein agar chinta hoti hai toh aapko yah samajh lena chahiye ki eid chinta ka aapka swabhav ban gaya hai aur usko lekar jab bhi aap jeevit rehte ho ya uske saath jeevan jeena pasand karte ho tab dukh hona swabhavik hai toh kya chinta nahi honi chahiye chinta ho sakti hai kyonki hum manushya hai koi bhi baat ko lekar jab bhi aapko chinta hoti hai toh aap ek kaam kar sakte hain ki sabse pehle iska sweekar kare ki mujhe chinta ho rahi hai phir apne aap ko 2 sawaal pooche ki is chinta ke liye kya main kuch action le sakta hoon agar aapke hath mein hi nahi hai toh uske liye chinta kyon kare aur agar aisa lagta hai ki haan main action le sakta hoon toh action lijiye uske liye chinta karne ki kya zarurat hai toh kul milakar aap jis bhi cheez ko lekar chinta karte hain uske liye chinta karna munasib nahi hai aapke liye nuksan kaarak hai thank you

चिंता बढ़ी अभागिनी चिंता चिता समान चिंता से चतुराई घटे घटे रूप गुण और ज्ञान आपको छोटी-छोटी

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

1:60
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन सवाल में यह है कि बात छोटी से और उसके बहुत चिंता होती है जब आज छुट्टी है तो उसकी चिंता करने की क्या जरूरत है मतलब क्या है उसके ऊपर चढ़कर गिरना विचार करना उसके बारे में सोचते रहना किस के बारे में सोचते हैं हम वर्तमान में रहकर पास के बारे में सोचते हैं हम वर्तमान में रहकर फ्यूचर के बारे में सोचते हैं चिंता की बजाय इसके कि जो मुझे अभी करना है उस पर आप ध्यान देकर इधर-उधर या तो पीछे आगे के बारे में सोचते रहते हैं यह स्वाभाविक है आप सोच सकते ऐसा हो सकता है ऐसा नहीं है कि आपने अपने अपने मन को बोल दिया कि मुझे नहीं सोचना और वह आंख्या लिए सोच नहीं आएगी नहीं ऐसा नहीं होता तो आपको क्या करना है जो हो चुका उस पर ज्यादा कुछ कर नहीं सकते अगर उसको सुधारने के लिए अभी आपके पास मौका है तो उसकी उससे सीख लीजिए उस को सुधारें और आगे बढ़िए बजाय इसके कि आप उस पर चिंतन करते रहे दूसरा ही फ्यूचर को लेकर स्वास्थ्य चिंता करने की जरूरत नहीं है अगर आपको लगता है कि पीछे में ही आगे चलकर ऐसा कुछ होने वाला है और उसकी तैयारी आपको करनी है या उसके लिए कुछ कुछ अपने अंदर परिवर्तन कन्हैया जो भी कुछ करना है तो कीजिए चिंता मत कीजिए आप को काम कीजिए एक्शन कीजिए फालतू में उसके बारे में सोचने की जरूरत नहीं है हम सोचते क्या हैं हम कौन सीक्वेंस के बारे में सोचते हैं हम रिजल्ट का परिणाम के बारे में सोचते हैं तो उसको यू को उसके बारे में सोचने की जरूरत नहीं है उससे मुक्ति पाने के लिए आपको अपना फोकस अटेंशन आज वर्तमान में उस काम पर या अलग-अलग चीजों पर डालना पड़ेगा जो आपको लगता है कि उस समय पर सही है आपके लिए आप वह करिए जब आपका ध्यान बैठेगा तो आपकी चिंता कम होगी खत्म हो जाएगी तो बजाय इसके कि हम आगे का या पीछे का सोचे ध्यान केंद्रित कैसे आज पर अभी पद पर कि अभी आप क्या कर रहे हैं अभी आपको क्या करना है

lekin sawaal mein yah hai ki baat choti se aur uske bahut chinta hoti hai jab aaj chhutti hai toh uski chinta karne ki kya zarurat hai matlab kya hai uske upar chadhakar girna vichar karna uske bare mein sochte rehna kis ke bare mein sochte hain hum vartaman mein rahkar paas ke bare mein sochte hain hum vartaman mein rahkar future ke bare mein sochte hain chinta ki bajay iske ki jo mujhe abhi karna hai us par aap dhyan dekar idhar udhar ya toh peeche aage ke bare mein sochte rehte hain yah swabhavik hai aap soch sakte aisa ho sakta hai aisa nahi hai ki aapne apne apne man ko bol diya ki mujhe nahi sochna aur vaah ankhya liye soch nahi aayegi nahi aisa nahi hota toh aapko kya karna hai jo ho chuka us par zyada kuch kar nahi sakte agar usko sudhaarne ke liye abhi aapke paas mauka hai toh uski usse seekh lijiye us ko sudhare aur aage badhiye bajay iske ki aap us par chintan karte rahe doosra hi future ko lekar swasthya chinta karne ki zarurat nahi hai agar aapko lagta hai ki peeche mein hi aage chalkar aisa kuch hone vala hai aur uski taiyari aapko karni hai ya uske liye kuch kuch apne andar parivartan kanhaiya jo bhi kuch karna hai toh kijiye chinta mat kijiye aap ko kaam kijiye action kijiye faltu mein uske bare mein sochne ki zarurat nahi hai hum sochte kya hain hum kaun sequence ke bare mein sochte hain hum result ka parinam ke bare mein sochte hain toh usko you ko uske bare mein sochne ki zarurat nahi hai usse mukti paane ke liye aapko apna focus attention aaj vartaman mein us kaam par ya alag alag chijon par dalna padega jo aapko lagta hai ki us samay par sahi hai aapke liye aap vaah kariye jab aapka dhyan baithega toh aapki chinta kam hogi khatam ho jayegi toh bajay iske ki hum aage ka ya peeche ka soche dhyan kendrit kaise aaj par abhi pad par ki abhi aap kya kar rahe hain abhi aapko kya karna hai

लेकिन सवाल में यह है कि बात छोटी से और उसके बहुत चिंता होती है जब आज छुट्टी है तो उसकी चिं

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Kriti Gupta

Clinical Psychologist

2:49

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संपूर्ण रूप में देख होता है कि वह बहुत ही बड़ा क्यों होता है मैं अपनी वर्तमान कार्य की संख्या कैसे करोगी तो बहुत ही ज्यादा बड़ी है समय का अपने समय का यह हमारी अधूरी पोर्टल उपलब्ध है अगर मुंशी तरफ से माननीय प्रबंधन करें हर किसी को दिन के 24 घंटे में कितने घंटे होते हैं कि आपको रिक्वेस्ट में आप अपने लिए जो इलाज करने का जो समय निकालकर चीजों को थोड़ा सा प्लान देने थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा करके कंप्लीट धीरे-धीरे उसे छोटी छोटी छोटी तोप बनाने का तरीका हम लोग इतने व्यस्त हैं कि हम लोगों से बात करने का मौका नहीं दिखता कैसा होता है कि हम कभी कभी उनसे कहीं ना कहीं कनेक्ट हो जाते हैं ठीक है बड़ा ही भोला के अलावा के टेलीफोन के भी मैसेज के और व्हाट्सएप के जमाने में सामने बात करना थोड़ा सा अजीब लगता है कि आप एक बड़ा बदलाव

sampurna roop mein dekh hota hai ki wah bahut hi bada kyon hota hai apni vartaman karya ki sankhya kaise karogi toh bahut hi zyada badi hai samay ka apne samay ka yeh hamari adhuri portal uplabdh hai agar munshi taraf se mananiya prabandhan karein har kisi ko din ke 24 ghante mein kitne ghante hote hain ki aapko request mein aap apne liye jo ilaj karne ka jo samay nikal kar chijon ko thoda sa plan dene thoda thoda thoda thoda karke complete dhire dhire use choti choti choti top banane ka tarika hum log itne vyast hain ki hum logo se baat karne ka mauka nahi dikhta kaisa hota hai ki hum kabhi kabhi unse kahin na kahin connect ho jaate hain theek hai bada hi bhola ke alava ke telephone ke bhi massage ke aur whatsapp ke jamane mein saamne baat karna thoda sa ajib lagta hai ki aap ek bada badlav

संपूर्ण रूप में देख होता है कि वह बहुत ही बड़ा क्यों होता है मैं अपनी वर्तमान कार्य की संख

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है मुझे हर छोटी बात को लेकर चिंता होती है मैं क्या करेगी किसी किसी का स्वभाव होता है कि बिना कारण ही चिंता करते हैं परंतु आपके चिंता करने से होना कुछ भी नहीं है और चिंता करने से आपको और कार्य करने की अपेक्षा अपने स्वास्थ्य को हानि पहुंचा सकते हैं कि की जरूरत से ज्यादा चिंता आपको नुकसान दे सकती है हो ना वही है जो होना है आप उसको टाल नहीं सकते इसलिए बेहतर यह होगा कि आप किसी भी चीज की चिंता करने के बजाय उसको सुधारने के रूप में परिवर्तन करने के लिए प्रयास तो कर सकते हैं परंतु चिंता करके सिर्फ और सिर्फ अपने स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसलिए ऐसा ना करें बल्कि उसके बेहतर के लिए कोई ना कोई प्रयास और उपाय धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar aapka prashna hai mujhe har choti baat ko lekar chinta hoti hai kya karegi kisi kisi ka swabhav hota hai ki bina karan hi chinta karte hain parantu aapke chinta karne se hona kuch bhi nahi hai aur chinta karne se aapko aur karya karne ki apeksha apne swasthya ko hani pohcha sakte hain ki ki zarurat se zyada chinta aapko nuksan de sakti hai ho na wahi hai jo hona hai aap usko tal nahi sakte isliye behtar yah hoga ki aap kisi bhi cheez ki chinta karne ke bajay usko sudhaarne ke roop mein parivartan karne ke liye prayas toh kar sakte hain parantu chinta karke sirf aur sirf apne swasthya ko nuksan pohcha sakte hain isliye aisa na kare balki uske behtar ke liye koi na koi prayas aur upay dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार आपका प्रश्न है मुझे हर छोटी बात को लेकर चिंता होती है मैं क्या करेगी किसी किसी का

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Kankan Sarmah

Psychologist

2:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे हर छोटी बात को लेकर बहुत चिंता होती है मैं क्या करूं लेकिन दोस्तों कभी घम छोटा-मोटा चिंता होना होना चुड़ैल है ठीक है उसमें कोई इतना के जीवन पर प्रभाव पड़ने वाला तो हुआ के लिए एक मुश्किल है इसलिए दोस्तों चिंता कीजिए लेकिन चिंता उतना ही जितना करना चाहिए शुरू कर दीजिए जिसके बारे में सोचते हैं क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप इतना सोचा इतना सोचा डिप्रेशन पर आ गया खाना पीना सब कुछ छोड़ दिया और उसके बाद अपने आप को प्रॉब्लम का सलूशन में क्या ऐसा कभी हुआ है जी बिल्कुल नहीं होते तो इसलिए ज्यादा सोचना गलत है उतना ही सोचे जितना आपको जरूरत है एक कलाई अगर उस कला को अब हासिल कर लेते हैं अगर उस कला पर आप काम कर लेते हैं कि मैं ऐसे मुझे सोचना पड़ेगा जहां से मुझे एक सलूशन निकल अम्ल फिक्सेशन आपको निकालना जरूरी होता है जो भी समस्या है नहीं अब क्या होंगे स्किल्ड पर्सन कहलाएंगे एंड क्वेश्चन ठीक है तो आप अपना एटीट्यूड सही कीजिए पॉजिटिव कीजिए डरिए मत कुछ होने वाला नहीं है बिल्कुल सिंपल तरीके से सोचिए बिल्कुल सीधी साधी लाइफ स्पैन करना सीखे ठीक है ज्यादा बाबू भी मत होइए ऐसा कुछ नहीं होगा बस अब अपना फोकस अपना तो क्लियर है आपका जो जीवन का मकसद है उनको अब

mujhe har choti baat ko lekar bahut chinta hoti hai kya karu lekin doston kabhi gham chota mota chinta hona hona chudail hai theek hai usme koi itna ke jeevan par prabhav padane vala toh hua ke liye ek mushkil hai isliye doston chinta kijiye lekin chinta utana hi jitna karna chahiye shuru kar dijiye jiske bare mein sochte kya kabhi aisa hua hai ki aap itna socha itna socha depression par aa gaya khana peena sab kuch chod diya aur uske baad apne aap ko problem ka salution mein kya aisa kabhi hua hai ji bilkul nahi hote toh isliye zyada sochna galat hai utana hi soche jitna aapko zarurat hai ek kalaai agar us kala ko ab hasil kar lete hain agar us kala par aap kaam kar lete hain ki main aise mujhe sochna padega jaha se mujhe ek salution nikal amal fixation aapko nikalna zaroori hota hai jo bhi samasya hai nahi ab kya honge Skilled person kahalaenge and question theek hai toh aap apna attitude sahi kijiye positive kijiye dariye mat kuch hone vala nahi hai bilkul simple tarike se sochiye bilkul seedhi saadhee life span karna sikhe theek hai zyada babu bhi mat hoiye aisa kuch nahi hoga bus ab apna focus apna toh clear hai aapka jo jeevan ka maksad hai unko ab

मुझे हर छोटी बात को लेकर बहुत चिंता होती है मैं क्या करूं लेकिन दोस्तों कभी घम छोटा-मोटा च

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है मुझे हर छोटी बात को लेकर बहुत चिंता होती है मैं क्या करूं सिंपल चीज है हर छोटी बात को लेकर आपको चिंता होती है तो वह चिंता को दूर करिए चिंता को दूर करने के लिए आप खुद को खुद को कॉन्फिडेंस बनाइए यह आत्मविश्वास से भरपूर बनाई है उसके लिए हर रोज सुबह मेडिटेशन करिए योगा परायण करी एक्सरसाइज करिए वह माफ करिए अच्छा रहेगा जब आपने खुद में आत्मविश्वास बढ़ेगा तो आपकी चिंता ही कम होगी और आपको हर प्रॉब्लम का सलूशन मिल जाएगा और आप अपनी फैमिली फ्रेंड सब की हेल्प करें शुभ हो धन्यवाद गुड लक एंड टेक केयर

aapka prashna hai mujhe har choti baat ko lekar bahut chinta hoti hai kya karu simple cheez hai har choti baat ko lekar aapko chinta hoti hai toh vaah chinta ko dur kariye chinta ko dur karne ke liye aap khud ko khud ko confidence banaiye yah aatmvishvaas se bharpur banai hai uske liye har roj subah meditation kariye yoga parayan kari exercise kariye vaah maaf kariye accha rahega jab aapne khud mein aatmvishvaas badhega toh aapki chinta hi kam hogi aur aapko har problem ka salution mil jaega aur aap apni family friend sab ki help kare shubha ho dhanyavad good luck and take care

आपका प्रश्न है मुझे हर छोटी बात को लेकर बहुत चिंता होती है मैं क्या करूं सिंपल चीज है हर छ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उनको first-principles पीना चाहिए या उसको पूछना चाहिए कितने दिन उसके साथ जाना चाहिए और अनुकूल तो फिर कब जाना चाहिए नहीं

unko first principles peena chahiye ya usko poochna chahiye kitne din uske saath jana chahiye aur anukul toh phir kab jana chahiye nahi

उनको first-principles पीना चाहिए या उसको पूछना चाहिए कितने दिन उसके साथ जाना चाहिए और अनुक

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Nupur Gupta

( Licensed Clinical Psychologist)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि आपको हर छोटी-छोटी बातों पर बहुत चिंता हो जाती है तो उसके लिए आप क्या करें तू अगर बात छोटी छोटी चीजों पर ही अगर आप सोचना विचार कर लेंगे तो बड़ी बातें आएगी तो आप ज्यादा परेशान हो जाएंगे यह समझना जरूरी है कि बात तो छुट्टी होती है बट हम अपने माइंड में सोच सोच कर को बड़ा कर देते तो हमें उतना ही सूचना है जितना जरूरी है छोटी बात आई है छोटी प्रॉब्लम है प्रॉब्लम में कुछ ऐसा नहीं है क्या आपको बहुत विचार करने की जरूरत है तो उसी समय तुरंत उसका निर्णय करके उसको डिसीजन देकर खत्म करें ज्यादा हम उसको माइंड में रखते हैं ज्यादा हम सोचते तो वह बड़ी बात बन जाती है और प्रॉब्लम बहुत बड़ी दिखती है जो हो रहा है जिस समय जो कर रहे हैं उस पर अटेंशन रखें अगर रहे आसपास के वातावरण से तो आपको छोटी-छोटी बातों पर कभी विचार सागर मंथन नहीं करना पड़ेगा और आपको तकलीफ भी नहीं नहीं होगी आप सब कुछ तो है आसानी से कर लेंगे सारी प्रॉब्लम्स को आप ओवरकम कर लेंगे और आप एक हैप्पी हेल्दी लाइफ जी सकते हैं धन्यवाद

aapka sawaal hai ki aapko har choti choti baaton par bahut chinta ho jaati hai toh uske liye aap kya kare tu agar baat choti choti chijon par hi agar aap sochna vichar kar lenge toh badi batein aayegi toh aap zyada pareshan ho jaenge yah samajhna zaroori hai ki baat toh chhutti hoti hai but hum apne mind mein soch soch kar ko bada kar dete toh hamein utana hi soochna hai jitna zaroori hai choti baat I hai choti problem hai problem mein kuch aisa nahi hai kya aapko bahut vichar karne ki zarurat hai toh usi samay turant uska nirnay karke usko decision dekar khatam kare zyada hum usko mind mein rakhte hain zyada hum sochte toh vaah badi baat ban jaati hai aur problem bahut badi dikhti hai jo ho raha hai jis samay jo kar rahe hain us par attention rakhen agar rahe aaspass ke vatavaran se toh aapko choti choti baaton par kabhi vichar sagar manthan nahi karna padega aur aapko takleef bhi nahi nahi hogi aap sab kuch toh hai aasani se kar lenge saree problems ko aap ovarakam kar lenge aur aap ek happy healthy life ji sakte hain dhanyavad

आपका सवाल है कि आपको हर छोटी-छोटी बातों पर बहुत चिंता हो जाती है तो उसके लिए आप क्या करें

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक सही बात बोलूं तो आपको छोटी-छोटी बातों में जो कोई भी बहुत ज्यादा चिंता होने लगती है या टेंशन होने लगता है मिंस कि आप ज्यादा सोचते हैं ज्यादा सोचते हैं मैं आपके पास कोई विजन या कोई ऐसी बैकअप प्लान नहीं है आपकी गोल्स के आपकी भजन के आपके मिशन की कोई ऐसी बैकअप प्लांस नहीं है जिसकी वजह से आप चिंता करे क्योंकि आपको पता है कि आगे जाकर कोई रिस्क है आपको पता है कि उस जिसमें मुझे यह रिस्क है वह होगा वह होगा हम जैसा सोचते हैं उस चीज को या बाकी करते नहीं 19 स्टार्ट कर दीजिए उस चीज को कि हां मुझे कल नहीं जो होगा सो होगा और मुझे जो चाहिए वह में बांके रहूंगा एक मिशन और एक गोल होगा तो आप कभी भी ना नहीं सोचेंगे आपको यह टेंशन फ्री हो जाएगा और आपको जो चीज चाहिए वह जो आप कोशिश करनी है उसी चीज में पूरा मन लगाकर काम करेंगे जैसे कि आपको आर्टिस्ट मैंने आपको प्रिंटेड बनाए लगातार पेंटिंग्स मना रहे हैं ना कि किसी का रिसर्च के मुताबिक आप बनाओगे तो आप ज्यादा जल्दी सक्सेस की तरफ दौड़ के तरफ आंखों के बिना रिचार्ज के आपको जो पसंद है वही करें और लोगों का फीडबैक अच्छा नहीं आ रहा है तब भी आप बनाया जा रहा हूं बनाए जा रहे और आखिर तक आप कुछ ज्यादा सैक्रिफाइस करके आप कभी भी सक्सेस होने वाले रिसर्च करके भी आप सक्सेस होने वाले हैं उसमें थोड़ा टाइम लगेगा और इसमें थोड़ा टाइम नहीं लगेगा रिचार्ज वाले प्लान में तो आपको चिंता छोड़ देनी चाहिए आपको जो चाहिए वह चाहिए ही चाहिए रखिए तुझे चिंता छोड़ दीजिए

ek sahi baat bolu toh aapko choti choti baaton mein jo koi bhi bahut zyada chinta hone lagti hai ya tension hone lagta hai mins ki aap zyada sochte hain zyada sochte hain main aapke paas koi vision ya koi aisi backup plan nahi hai aapki goals ke aapki bhajan ke aapke mission ki koi aisi backup plans nahi hai jiski wajah se aap chinta kare kyonki aapko pata hai ki aage jaakar koi risk hai aapko pata hai ki us jisme mujhe yah risk hai vaah hoga vaah hoga hum jaisa sochte hain us cheez ko ya baki karte nahi 19 start kar dijiye us cheez ko ki haan mujhe kal nahi jo hoga so hoga aur mujhe jo chahiye vaah mein banke rahunga ek mission aur ek gol hoga toh aap kabhi bhi na nahi sochenge aapko yah tension free ho jaega aur aapko jo cheez chahiye vaah jo aap koshish karni hai usi cheez mein pura man lagakar kaam karenge jaise ki aapko artist maine aapko printed banaye lagatar paintings mana rahe hain na ki kisi ka research ke mutabik aap banaaoge toh aap zyada jaldi success ki taraf daudh ke taraf aankho ke bina recharge ke aapko jo pasand hai wahi kare aur logo ka feedback accha nahi aa raha hai tab bhi aap banaya ja raha hoon banaye ja rahe aur aakhir tak aap kuch zyada sacrifice karke aap kabhi bhi success hone waale research karke bhi aap success hone waale hain usme thoda time lagega aur isme thoda time nahi lagega recharge waale plan mein toh aapko chinta chod deni chahiye aapko jo chahiye vaah chahiye hi chahiye rakhiye tujhe chinta chod dijiye

एक सही बात बोलूं तो आपको छोटी-छोटी बातों में जो कोई भी बहुत ज्यादा चिंता होने लगती है या ट

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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शादी की चिंता करना चाहिए ऐसा भी नहीं है कि चिंता बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और जरूरत से ज्यादा भी करना चाहिए क्योंकि किसी भी चीज का अति जो होता है वह नुकसानदेह होता है तो जैसे आपको आपका फ्यूचर है तो वह आपकी फीचर क्या को चिंता होनी चाहिए नहीं तो आप पूछ कर ले जो है मैं मेहनत नहीं करेंगे और उस को सीरियसली नहीं लेंगे और अर्थव्यवस्था और चिंता कान्हा छोटी-छोटी चीजों के लिए कहां पर है आज पानी नहीं आया है आज बिजली चला गया है आज गाड़ी नहीं मिल रही है आज बस नहीं मिला आज टीचर ने स्कूल में डाल दिया याद पहुंचने डाल दिया तो पता नहीं करनी चाहिए उसे भी हमारे दिमाग पर जो है वो असर पड़ता है और दशहरा हमको फील होता है तो हर चीज जो है एक लिमिट में करना चाहिए वैसे चिंता जो है वह फालतू की चिंता नहीं करनी चाहिए और भेजो जितेन की चिंता होनी चाहिए उसमें करना चाहिए

shadi ki chinta karna chahiye aisa bhi nahi hai ki chinta bilkul bhi nahi karna chahiye aur zarurat se zyada bhi karna chahiye kyonki kisi bhi cheez ka ati jo hota hai vaah nukasaanadeh hota hai toh jaise aapko aapka future hai toh vaah aapki feature kya ko chinta honi chahiye nahi toh aap puch kar le jo hai mehnat nahi karenge aur us ko seriously nahi lenge aur arthavyavastha aur chinta kanha choti choti chijon ke liye kahaan par hai aaj paani nahi aaya hai aaj bijli chala gaya hai aaj gaadi nahi mil rahi hai aaj bus nahi mila aaj teacher ne school mein daal diya yaad pahuchne daal diya toh pata nahi karni chahiye use bhi hamare dimag par jo hai vo asar padta hai aur dussehra hamko feel hota hai toh har cheez jo hai ek limit mein karna chahiye waise chinta jo hai vaah faltu ki chinta nahi karni chahiye aur bhejo jiten ki chinta honi chahiye usme karna chahiye

शादी की चिंता करना चाहिए ऐसा भी नहीं है कि चिंता बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए और जरूरत से ज्

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