आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है?...


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नमस्कार कि मेरी मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है मेरे बचपन की सबसे अच्छी यादें मेरी दादी जी मेरे पिताजी रात्रि के समय में पढ़ते थे और दोनों आपस में धर्म चर्चा करते थे मुझे भी उस चर्चा को सुनने में बहुत इंटरेस्ट आता था मेरी दादी कई प्रकार की कहानी के माध्यम से अपने जीवन के उतार-चढ़ाव एवं अपने अनुभवों को मेरे साथ शेयर करती थी बस उन्हीं दिनों से जो मुझे शिक्षा मिली है जो संस्कार उन संस्कारों के कारण ही आज मैं किस प्रकार की स्थिति में हो वह सब उसी का परिणाम है मैं आज जो आपके प्रश्नों का उत्तर दे रहा हूं वह भी मुझे उन पलों की देन है साथी मेरे गुरु भगवंत जिन्होंने मुझे इस कार्य में और ज्यादा परिपक्व बनाया है वह याद भी मेरी जेब में आज तक इस प्रकार से मेरी बचपन की यादें हैं तो मैंने आपके सामने रखी है धन्यवाद

namaskar ki meri mere bachpan ki sabse achi yaad kya hai mere bachpan ki sabse achi yaadain meri dadi ji mere pitaji ratri ke samay me padhte the aur dono aapas me dharm charcha karte the mujhe bhi us charcha ko sunne me bahut interest aata tha meri dadi kai prakar ki kahani ke madhyam se apne jeevan ke utar chadhav evam apne anubhavon ko mere saath share karti thi bus unhi dino se jo mujhe shiksha mili hai jo sanskar un sanskaron ke karan hi aaj main kis prakar ki sthiti me ho vaah sab usi ka parinam hai main aaj jo aapke prashnon ka uttar de raha hoon vaah bhi mujhe un palon ki then hai sathi mere guru bhagwant jinhone mujhe is karya me aur zyada paripakva banaya hai vaah yaad bhi meri jeb me aaj tak is prakar se meri bachpan ki yaadain hain toh maine aapke saamne rakhi hai dhanyavad

नमस्कार कि मेरी मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है मेरे बचपन की सबसे अच्छी यादें मेरी दाद

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नमस्कार बचपन की हर याद याद करके बहुत अच्छा लगता है खासकर जब हम बहुत छोटे थे और हमारी छोटी-छोटी इच्छाएं पूरी होती थी तो हम खुश हो जाते थे जैसे कभी साइकिल मिलने का खुशी और कभी बैट बल्ला मिलने की खुशी और कभी एक बॉल मिलने की खुशी उस समय खुश होने के लिए बहुत से कारण थे और खुशी सच्ची थी परंतु मेरे को बचपन की एक याद जब मैं खरगोश पालना चाहता था परंतु मेरे माता-पिता बहुत समय तक मुझे इसकी इजाजत नहीं देते थे जब उन्होंने मुझे खरगोश पालने की इजाजत दी और मैंने छोटे होते खरगोश वाले तो वह मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा मैं स्कूल जाने के बाद सबसे पहले स्कूल में और स्कूल से आने के बाद में खरगोशों के बारे में ही सोचता था खरगोश सच में बहुत सुंदर थे आज भी उनके बारे में सुनकर और सोच कर मेरा दिल बहुत प्रसन्न हो जाता है परंतु उनके गंदगी फैलाने की वजह से और घर में उनकी पूरी जगह ना हो वह पाने के कारण हम उन्हें कुछ ही दिनों बाद छोड़ आए थे इस वजह से वह अनुभव 667 महीने का था परंतु है अनुभव आज भी मुझे अच्छे से याद है और उसे याद कर कर मुझे खुशी होती है धन्यवाद

namaskar bachpan ki har yaad yaad karke bahut accha lagta hai khaskar jab hum bahut chote the aur hamari choti choti ichhaen puri hoti thi toh hum khush ho jaate the jaise kabhi cycle milne ka khushi aur kabhi bat balla milne ki khushi aur kabhi ek ball milne ki khushi us samay khush hone ke liye bahut se karan the aur khushi sachi thi parantu mere ko bachpan ki ek yaad jab main khargosh paalna chahta tha parantu mere mata pita bahut samay tak mujhe iski ijajat nahi dete the jab unhone mujhe khargosh palne ki ijajat di aur maine chote hote khargosh waale toh vaah meri khushi ka thikana hi nahi raha main school jaane ke baad sabse pehle school me aur school se aane ke baad me khargoshon ke bare me hi sochta tha khargosh sach me bahut sundar the aaj bhi unke bare me sunkar aur soch kar mera dil bahut prasann ho jata hai parantu unke gandagi felane ki wajah se aur ghar me unki puri jagah na ho vaah paane ke karan hum unhe kuch hi dino baad chhod aaye the is wajah se vaah anubhav 667 mahine ka tha parantu hai anubhav aaj bhi mujhe acche se yaad hai aur use yaad kar kar mujhe khushi hoti hai dhanyavad

नमस्कार बचपन की हर याद याद करके बहुत अच्छा लगता है खासकर जब हम बहुत छोटे थे और हमारी छोटी-

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Avdhut Kanhere

Astrologer

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Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

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संजय उपाध्याय

कर्मकांड एवं ज्योतिष

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आजादी से घूमना गांव की पूरी गलियों में गिल्ली डंडा खेल ना बोल खेलना बहुत मजा आता था

azadi se ghumana gaon ki puri galiyon me gilli danda khel na bol khelna bahut maza aata tha

आजादी से घूमना गांव की पूरी गलियों में गिल्ली डंडा खेल ना बोल खेलना बहुत मजा आता था

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Santosh Singh indrwar

Business Consultant & Life Couch

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मेरी बचपन की सबसे अच्छी बात यह है कि मैं खूब खेलता था टेंशन फ्री रहता था ना कमाने की टेंशन ना बनाने की टेंशन ना लाने की टेंशन ना ले जाने की टेंशन पर मौज करने की और खेलने की आजादी

meri bachpan ki sabse achi baat yah hai ki main khoob khelta tha tension free rehta tha na kamane ki tension na banane ki tension na lane ki tension na le jaane ki tension par mauj karne ki aur khelne ki azadi

मेरी बचपन की सबसे अच्छी बात यह है कि मैं खूब खेलता था टेंशन फ्री रहता था ना कमाने की टेंशन

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Kajal Jaisansaria Agarwal

Financial Planner

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मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद है कि जब दशहरा आता है तो रावण जलाते हैं सब कोई तो हम लोग क्या करते थे कि हम सब लोग रावण बनाते थे हम लोग के घर पर रावण बनता था तो उसके लिए चंदा इकट्ठा करते थे पड़ोसी से की अपनी इच्छा अनुसार आप चंदा दे तो हम रावण बनाएंगे तो रावण बनने के लिए कम से कम लोग को 10:00 15 दिन लग जाता था तो दशा आने से पहले हम 15 दिन पहले तैयारी चालू कर देते थे कि रावण बनाएंगे तो उसके बीच में हम लोग कि जो मस्ती होती थी पार्टी होती थी नाच गाना होता तब रावण बनाते पीकू मस्ती करते थे कि मेरे बचपन का सबसे अच्छा कलर

mere bachpan ki sabse achi yaad hai ki jab dussehra aata hai toh ravan jalate hain sab koi toh hum log kya karte the ki hum sab log ravan banate the hum log ke ghar par ravan banta tha toh uske liye chanda ikattha karte the padosi se ki apni iccha anusaar aap chanda de toh hum ravan banayenge toh ravan banne ke liye kam se kam log ko 10 00 15 din lag jata tha toh dasha aane se pehle hum 15 din pehle taiyari chaalu kar dete the ki ravan banayenge toh uske beech mein hum log ki jo masti hoti thi party hoti thi nach gaana hota tab ravan banate piku masti karte the ki mere bachpan ka sabse accha color

मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद है कि जब दशहरा आता है तो रावण जलाते हैं सब कोई तो हम लोग क्या

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R Tulshi kumari

Social Motivator

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मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है जब मैं छोटे से ही मैं सब बच्चे सब मेरे भाई बहन सब खेलते थे और मैं चुपचाप से हॉस्पिटल चली जाती थी और जब हम एक डिस्पेंसरी कि हमारे घर के आस-पास तो मैं वहीं जाकर आ पैशन प्रो के पास जाती थी मैं ऐसे एक्ट करती थी मतलब ऐसे एक्टिंग मतलब मतलब ऐसे रिएक्शन होता था मेरा उनको देखकर कि मेरी मेरी ही मामा है मेरी ही पापा है मेरे ही दादाजी हैं अब मेरी छोटी बहन है और सबके सर पर में जाकर हाथ फेरती थी तो वहां के सारे नर्स मुझे पहचानते थे मतलब सब यही सब का यही कहना हो तो तो यह इसी डिस्पेंसरी में पैदा हुई है और यहां आकर चुपचाप से बैठती है मतलब इस उम्र में बच्चे खेल रही है यह सारा मतलब क्या हुआ क्या कर रही है तू वह सब मुझे भी नहीं पता था कि मैं ऐसा करती हूं जिस तरीके से मैं मेडिकल लाइन में i18 स्टूडेंट होकर कैंसर भैंस पर काम कर रही हूं तब मैंने देखा कि नहीं कहीं ना कहीं से मेरा बचपन इन सब चीज से रिलेट करता है जब मेरे लिए नवभारत टाइम्स एक स्टोरी लिख रहा था मेरी मेरा मेरा मतलब आई काफी छोरी कहां है स्टोरी निकाली थी उसमें मेरे मॉम डेड से जब उन्होंने बात की तब यह बात पता चला कि यह ऐसा करती थी लेकिन मेरी भी कुछ धुंधली धुंधली सी यादें हैं मैं चाहती थी हॉस्पिटल जाना उनके पास बैठना पेसेंस का उनका इंटरटेनमेंट करना उनको हंसाना यह बहुत किया है मैंने

mere bachpan ki sabse achi yaad kya hai jab main chote se hi main sab bacche sab mere bhai behen sab khelte the aur main chupchap se hospital chali jaati thi aur jab hum ek dispensary ki hamare ghar ke aas paas toh main wahi jaakar aa passion pro ke paas jaati thi main aise act karti thi matlab aise acting matlab matlab aise reaction hota tha mera unko dekhkar ki meri meri hi mama hai meri hi papa hai mere hi dadaji hain ab meri choti behen hai aur sabke sir par me jaakar hath ferti thi toh wahan ke saare nurse mujhe pehchante the matlab sab yahi sab ka yahi kehna ho toh toh yah isi dispensary me paida hui hai aur yahan aakar chupchap se baithati hai matlab is umar me bacche khel rahi hai yah saara matlab kya hua kya kar rahi hai tu vaah sab mujhe bhi nahi pata tha ki main aisa karti hoon jis tarike se main medical line me i18 student hokar cancer bhains par kaam kar rahi hoon tab maine dekha ki nahi kahin na kahin se mera bachpan in sab cheez se relate karta hai jab mere liye navbharat times ek story likh raha tha meri mera mera matlab I kaafi chhori kaha hai story nikali thi usme mere mom dead se jab unhone baat ki tab yah baat pata chala ki yah aisa karti thi lekin meri bhi kuch dhundli dhundli si yaadain hain main chahti thi hospital jana unke paas baithana pesens ka unka entertainment karna unko hansana yah bahut kiya hai maine

मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है जब मैं छोटे से ही मैं सब बच्चे सब मेरे भाई बहन सब खेल

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VC. Speaks

Soft Skill Trainer

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बचपन की वैसे तो बहुत से प्यारी यादें हैं लेकिन एक बहुत ही प्यारी चीज थी हुई थी कि आप बचपन में खेलते हुए रोते हुए हंसते हुए थक्के कहीं भी सो जाएं चाहे छत पर सो जाएं चाहे सोफे पर सो जाएं चाहे जमीन द सोचेंगे लेकिन जब सुबह आंख खुलती थी तो आप हमेशा अपने बिस्तर पर होते थे मजे से आराम से यह एक चीज बचपन की सबसे ज्यादा याद आती है पर सबसे ज्यादा मिस करता हूं मैं तो बचपन में और भी बहुत सारी होती है प्यारी-प्यारी और शायद हम में से सबसे सबके साथ ही होती हैं जैसे कि भोलेपन में आप कोई भी झूठ बोल दीजिए चल जाता था गुस्सा आता था आप किसी पर बिना सोचे समझे नाराज हो जाते थे किसी बात का दुख होता था रो लेते थे अब यह सब नहीं कर सकते हैं किसी पर गुस्सा आता है तो पीना पड़ता है कोई दुख होता है तो चुपचाप उसे सहन करना पड़ता है बचपन की यह जो खुले पंखी यादें हैं क्या कुछ भी कर सकते थे यहां तक कि बदतमीजी नहीं लेकिन बचपन में आप किसी को कुछ भी कह सकते थे जैसा आप महसूस करते थे बिल्कुल वैसा आप उनको कह सकते थे अब सब कुछ सोच समझ कर करना पड़ता है तो हां बचपन की यादें यह बातें सबसे ज्यादा प्यारी हैं और सबसे ज्यादा याद आती है सुनने के लिए थैंक यू

bachpan ki waise toh bahut se pyaari yaadain hain lekin ek bahut hi pyaari cheez thi hui thi ki aap bachpan mein khelte hue rote hue hansate hue thakke kahin bhi so jayen chahen chhat par so jayen chahen sofe par so jayen chahen jameen the sochenge lekin jab subah aankh khulti thi toh aap hamesha apne bistar par hote the maje se aaram se yah ek cheez bachpan ki sabse zyada yaad aati hai par sabse zyada miss karta hoon main toh bachpan mein aur bhi bahut saree hoti hai pyaari pyaari aur shayad hum mein se sabse sabke saath hi hoti hain jaise ki bholepan mein aap koi bhi jhuth bol dijiye chal jata tha gussa aata tha aap kisi par bina soche samjhe naaraj ho jaate the kisi baat ka dukh hota tha ro lete the ab yah sab nahi kar sakte hain kisi par gussa aata hai toh peena padta hai koi dukh hota hai toh chupchap use sahan karna padta hai bachpan ki yah jo khule pankhi yaadain kya kuch bhi kar sakte the yahan tak ki badatamiji nahi lekin bachpan mein aap kisi ko kuch bhi keh sakte the jaisa aap mehsus karte the bilkul waisa aap unko keh sakte the ab sab kuch soch samajh kar karna padta hai toh haan bachpan ki yaadain yah batein sabse zyada pyaari hain aur sabse zyada yaad aati hai sunne ke liye thank you

बचपन की वैसे तो बहुत से प्यारी यादें हैं लेकिन एक बहुत ही प्यारी चीज थी हुई थी कि आप बचपन

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Lalit Maheshwari

Social Worker

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जिंदगी के अंदर बचपन से लेकर के जुबानी से लेकर के बुढ़ापे तक अपनी सबसे बड़ी याद होती अपना बीता हुआ कल और अपना बीता हुआ कल हम किसी में नहीं दे सकते अपनी डायरी में लिख सकते हैं और उसे कंटीन्यूअसली अपने अंदर इंप्रूवमेंट ला सकते हैं

zindagi ke andar bachpan se lekar ke jubani se lekar ke budhape tak apni sabse badi yaad hoti apna bita hua kal aur apna bita hua kal hum kisi mein nahi de sakte apni diary mein likh sakte hain aur use kantinyuasali apne andar improvement la sakte hain

जिंदगी के अंदर बचपन से लेकर के जुबानी से लेकर के बुढ़ापे तक अपनी सबसे बड़ी याद होती अपना ब

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अगर मैं अपने बारे में बताओ तो मेरी बचपन की सबसे अच्छी यादें थी जब मैं हाई क्लास में था और मैं अपने से बड़े लड़कों को जो सिक्स सेवन क्लास के बाद इंग्लिश पढ़ा जाता है नेट पर आता था बहुत अच्छा लगता है

agar main apne bare mein batao toh meri bachpan ki sabse achi yaadain thi jab main high class mein tha aur main apne se bade ladko ko jo six seven class ke baad english padha jata hai net par aata tha bahut accha lagta hai

अगर मैं अपने बारे में बताओ तो मेरी बचपन की सबसे अच्छी यादें थी जब मैं हाई क्लास में था और

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Ashok Clinic

Sexologist

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आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है यह मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद है मेरी सादगी मेरा भोलापन किसी को किसी काम के लिए मना नहीं करना और पूरी ससुर से मेहनत करना वही मुझे याद आती है

aapki bachpan ki sabse achi yaad kya hai yah mere bachpan ki sabse achi yaad hai meri saadgi mera bholapan kisi ko kisi kaam ke liye mana nahi karna aur puri sasur se mehnat karna wahi mujhe yaad aati hai

आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है यह मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद है मेरी सादगी मेरा भोल

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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मेरी बचपन की सबसे अच्छी यादें जब स्कूल में पढ़ता था और स्कूल में भी अपनी लाइब्रेरी से कुछ कहानियों की किताबें लेकर आता था इसे मुंशी प्रेमचंद लेकर आ गया कल गोदान और उसी मानसरोवर से कुछ उपन्यास में कच्चा मकान है उसके नीचे घाट के ऊपर लेट कर उस किताब को उठाने को पड़ता था उनको इमेजिंग करता था तो वह मेरी बचपन की सबसे अच्छी याद है उसके अलावा एक भी एक दिन हम क्या किए क्रिकेट खेल रहे थे तो मैंने एक और में 5 छक्के मार दिए 5 छक्के मार दिया उसके अलावा उनके छुपन छुपाई चलते थे तुझसे वाले कमरे में चला गया तो वहां पर क्या मधुमक्खियां थी वह बुद्ध मुखिया उड़ गई सबसे अच्छी आदत

meri bachpan ki sabse achi yaadain jab school mein padhata tha aur school mein bhi apni library se kuch kahaniya ki kitaben lekar aata tha ise munshi Premchand lekar aa gaya kal Godan aur usi maansarovar se kuch upanyas mein kaccha makan hai uske niche ghat ke upar late kar us kitab ko uthane ko padta tha unko imaging karta tha toh vaah meri bachpan ki sabse achi yaad hai uske alava ek bhi ek din hum kya kiye cricket khel rahe the toh maine ek aur mein 5 chakke maar diye 5 chakke maar diya uske alava unke chupan chupai chalte the tujhse waale kamre mein chala gaya toh wahan par kya madhumakkhiyaan thi vaah buddha mukhiya ud gayi sabse achi aadat

मेरी बचपन की सबसे अच्छी यादें जब स्कूल में पढ़ता था और स्कूल में भी अपनी लाइब्रेरी से कुछ

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है तो देखिए सब तो खैर प्राइवेट लाइफ से जुड़ा हुआ क्वेश्चन है तो मेरा मानना है कि मैं जब हाई स्कूल में था उस समय समय स्पोर्ट्समैन था मैं छठ पूजा था अपनी लाइफ में और ऊंची जी हमें बारंबार मेरे रिमेंबरिंग पावर को कभी-कभी ताजा कर देती है मैं हमें काफी मैं उस वक्त को याद करता हूं कि वह समय मेरे लिए बेहतर ही था जहां तक मैं मान लूंगा क्योंकि उस समय मदर और फादर दोनों साथ में हुआ करते थे और पूरा फैमिली का सपोर्ट था भाई बहन से लेकर मदर फादर धोना तो चीजो याद है आज भी बहुत हद तक उस समय का भी हमेशा ही कभी-कभी परेशान भी हो जाता हूं हालांकि ऐसे क्वेश्चन और कमाई ज्यादा देना नहीं चाहता हूं क्योंकि हमें थोड़ा सा दुख होता है धन्यवाद

aapka question hai aapki bachpan ki sabse achi yaad kya hai toh dekhiye sab toh khair private life se juda hua question hai toh mera manana hai ki main jab high school mein tha us samay samay sportsamain tha main chhath puja tha apni life mein aur uchi ji hamein barambar mere rimembaring power ko kabhi kabhi taaza kar deti hai hamein kaafi main us waqt ko yaad karta hoon ki vaah samay mere liye behtar hi tha jaha tak main maan lunga kyonki us samay mother aur father dono saath mein hua karte the aur pura family ka support tha bhai behen se lekar mother father dhona toh cheejo yaad hai aaj bhi bahut had tak us samay ka bhi hamesha hi kabhi kabhi pareshan bhi ho jata hoon halaki aise question aur kamai zyada dena nahi chahta hoon kyonki hamein thoda sa dukh hota hai dhanyavad

आपका क्वेश्चन है आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है तो देखिए सब तो खैर प्राइवेट लाइफ से ज

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डॉ सतीश सारस्वत

इलेक्ट्रो होम्योपैथ चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

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मुझे बचपन की सबसे अच्छी याद है वह याद यह है कि जब मैं छोटा था तो मैं लालटेन को देखता था जलते हुए लालटेन को देखता था और बार-बार अपनी आंखें बंद करता था तो जो लालटेन से रोशनी की किरण हमारी आंखों से आते-जाते थी यानी लालटेन से होकर हमारे आंखों के बीच हमेशा मैं वही किरण देखता था और उसी किरण को अपनी आंखों से लालटेन के बीच दौड़ आता था यह मुझे सबसे अच्छी आते हैं और जब भी मैं कभी बीमार होता तो मैं जानता हूं कि मेरे घर से करीब 500 मीटर 1 किलोमीटर के लगभग कितना दूर एक डॉक्टर का दुकान एक डॉक्टर का घर था उसी डॉक्टर के यहां से हमारे घर के सभी लोग दवा लेने जाते थे लेकिन जब मैं बीमार होता तो तो मेरे पिताजी मुझे अपने कंधे पर बिठाकर और खूब हंसते खिलाते मुझे दुकान पर हूं डॉक्टर के पास ले जाते थे और मुझे दवा कराते थे और एक याद और यह है कि जब मैं दुखी होता था जब मैं नाराज होता था तो मैं अपनी मां के पास ही सोता था धन्यवाद

mujhe bachpan ki sabse achi yaad hai vaah yaad yah hai ki jab main chota tha toh main lantern ko dekhta tha jalte hue lantern ko dekhta tha aur baar baar apni aankhen band karta tha toh jo lantern se roshni ki kiran hamari aankho se aate jaate thi yani lantern se hokar hamare aankho ke beech hamesha main wahi kiran dekhta tha aur usi kiran ko apni aankho se lantern ke beech daudh aata tha yah mujhe sabse achi aate hain aur jab bhi main kabhi bimar hota toh main jaanta hoon ki mere ghar se kareeb 500 meter 1 kilometre ke lagbhag kitna dur ek doctor ka dukaan ek doctor ka ghar tha usi doctor ke yahan se hamare ghar ke sabhi log dawa lene jaate the lekin jab main bimar hota toh toh mere pitaji mujhe apne kandhe par bithakar aur khoob hansate khilaate mujhe dukaan par hoon doctor ke paas le jaate the aur mujhe dawa karate the aur ek yaad aur yah hai ki jab main dukhi hota tha jab main naaraj hota tha toh main apni maa ke paas hi sota tha dhanyavad

मुझे बचपन की सबसे अच्छी याद है वह याद यह है कि जब मैं छोटा था तो मैं लालटेन को देखता था जल

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Prachi Mishra

UPSC Coach

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हेलो डियर वाइफ का क्वेश्चन है कि आपकी बचपन की सबसे अच्छी आप क्या है मैं आपको बताना चाहती हूं एक ऐसा शख्स है जिसे मैं बचपन से बहुत मिस करती आ रही हूं और जिसने अपने माता पिता जी से भी ज्यादा चाहती थी वह थे मेरे दादाजी अर्थात मेरे पापा के पापा उन्हें में बहुत प्यार करती थी वह मुझे बहुत प्यार करते थे उनकी कहानियां उनके उनका सिखाया हुआ टेबल और छोटा आ बड़ा आ से ज्ञा तक और बहुत कुछ एबीसीडी उनके उनका सिखाया हो मुझे सब कुछ याद है नंबर वगैरह बहुत अच्छे से पढ़ाते थे मुझे और बहुत अच्छी-अच्छी बातें बताते थे जैसे रामायण की बातें महाभारत की बातें पुरानी कहानियां सुनाते थे वैली और बहुत पुरानी पुरानी बहुत अच्छी अच्छी बातें बताते थे जो मुझे सब कुछ याद है और वही मेरे बचपन की सबसे अच्छी और हाजी आते हैं जिन्हें आज भी याद करती हूं तुम मुझे अपने दादा की बहुत याद आती है और मेरी आंखें आज फिर उनके लिए नम हो जाते हैं

hello dear wife ka question hai ki aapki bachpan ki sabse achi aap kya hai aapko bataana chahti hoon ek aisa sakhs hai jise main bachpan se bahut miss karti aa rahi hoon aur jisne apne mata pita ji se bhi zyada chahti thi vaah the mere dadaji arthat mere papa ke papa unhe mein bahut pyar karti thi vaah mujhe bahut pyar karte the unki kahaniya unke unka sikhaya hua table aur chota aa bada aa se gya tak aur bahut kuch ABCD unke unka sikhaya ho mujhe sab kuch yaad hai number vagera bahut acche se padhate the mujhe aur bahut achi achi batein batatey the jaise ramayana ki batein mahabharat ki batein purani kahaniya sunaate the valley aur bahut purani purani bahut achi achi batein batatey the jo mujhe sab kuch yaad hai aur wahi mere bachpan ki sabse achi aur haji aate hai jinhen aaj bhi yaad karti hoon tum mujhe apne dada ki bahut yaad aati hai aur meri aankhen aaj phir unke liye nam ho jaate hain

हेलो डियर वाइफ का क्वेश्चन है कि आपकी बचपन की सबसे अच्छी आप क्या है मैं आपको बताना चाहती ह

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Vikas Singh

Political Analyst

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आपका सवाल है आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है मेरे बचपन में बहुत सारी ऐसी घटनाएं घटी जिनको मैं बहुत मिस करता हूं लेकिन मैं अपने जीवन में बचपन से ही ईमानदार हूं प्रतिवादी हूं मैंने किसी से कभी झूठ नहीं बोला हां किसी के फायदे के लिए मैंने कभी कभी झूठ बोला है लेकिन वैसे मैं झूठ नहीं बोलता हूं बचपन में जब हम लोग छोटे थे तो हमारे गांव में एक राइस मिल है पूरा इस मिल बंद हो चुकी है उसमें लोहा का सामान था काफी तो हमारे दोस्त उस लोहे को चोरी करते थे और उसे तो ₹4 किलो बेच देते थे तो एक दिन मैं भी गया था साथ में हमारे दोस्तों ने बहुत सारा लोहा निकाला और फिर मार्केट में वह लोग गए और उस लोहे को बेचे फिर हमें भी वह लोग पैसा दे रहे थे लेकिन मैंने एक शब्द बोला था कि यह पैसा मैं नहीं लूंगा क्योंकि इस चोरी का पैसा है और आप चोरी कर रहे हो इसे मिल्क मिल का मालिक तो नहीं देख रहा है लेकिन भगवान देख रहे हैं तो मैंने उस पैसे को नहीं लिया और मैंने कभी भी चोरी नहीं किया यह बचपन से मेरे पास एक दृढ़ संकल्प था पर मैं देशभक्ति मेरे अंदर बचपन से ही है मैं जब थोड़ा सा बड़ा हुआ था तभी से मैं सामाजिक वार्तालाप करता हूं अपने विचारों को समाज के सामने प्रस्तुत करता हूं और जब कुछ नया टॉपिक सुनने को मिलता है तो उसे सुनता और सुनने के बाद फिर कहीं दूसरे जगह बताता हूं तो कहने का मतलब है इन शामगढ़ दृढ़ संकल्प कर ले तो वह पूरा अपना जीवन इमानदारी से अच्छाई से जीत सकता है क्योंकि यह जीवन एक लिमिट समय के लिए मिला है आप आजीवन इस धरती पर रहने नहीं आए आप अपनी 90 साल तक जिओगे सबका अपना जीवन है बच्चे होते हैं कि हमारे माता-पिता का जीवन है नहीं माता-पिता का अपना जीवन है आपका अपना जीवन है आप अपने जीवन को महत्वपूर्ण बना सकते हो परमार्थ की प्राप्ति तभी होगी जब आप अपने जीवन को अच्छे से जीने की कोशिश करोगे आज करोड़पति हो तो कल गरीब भी बन जाओगे कल आज गरीब हो तो कल करोड़पति भी बन जाओगे यह सब अच्छे कर्मों से होता है अच्छा कर्म करते रहिए देखिए आपको जीवन में बहुत बड़ी उपलब्धि मिलेगी ऐसी उपलब्धि मिलेगी कि आपके आने वाली कई पीढ़ियों में सु मारो जाएगा ईमानदार रहेगा उसके बच्चे भी ईमानदार पैदा होंगे जो बेईमान रहेगा बेमानी से जिसने प्रॉपर्टी बनाया है वह अपने आने वाली पीढ़ी को बर्बाद करने का संकेत दे रहा है इसलिए आप सभी लोगों से निवेदन है कि जीवन में कभी चोरी मत करिए कभी झूठ मत बोलिए कभी किसी के साथ तारीफ मत करिए कभी किसी के साथ धोखाधड़ी मत करिए सब का सम्मान करिए इमानदारी से जीने की कोशिश करिए और थोड़ा सा वक्त इस देश के लिए अपने हिंदुस्तान के लिए निकालिए आप जैसे भी जिस प्रकार का मदद कर सकते हैं उस प्रकार से किसी गरीब किसी पीड़ित का मदद करिए अगर आप एजुकेटेड है आपके पास पैसा नहीं है तो 1 घंटा टाइम निकालिए ट्यूशन पढ़ाने के लिए गरीब बच्चों को फ्री में ट्यूशन पढ़ाइए मैंने शुरू से ऐसा काम किया मैं आज भी गांव में जाता हूं तो बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता हूं तो यह सब काम करना पड़ेगा हर व्यक्ति जब यह सब काम करेगा तो उसके परिवार के बच्चे उसे फॉलो करेंगे कि मेरे पापा ऐसे हैं मेरे चाचा ऐसे हैं उनके अंदर भी है सब संस्कार आएगा अच्छे संस्कार का प्रभाव आपके पूरे परिवार पर पड़ेगा आपका परिवार नहीं पता कहां से कहां पहुंच जाएगा इसलिए किसी भी स्थिति में किसी भी परिस्थिति में अपना एक ऐसा वजूद बनाइए समाज में कि आपको कोई पैसे से न खरीद पाए यह मेरे बचपन की सबसे यादगार पल है जिसे मैं कभी कभी बोलता हूं चोरी का पैसा मैंने आज तक नहीं लिया है और मैंने आज तक कभी चोरी नहीं किया है धन्यवाद

aapka sawaal hai aapki bachpan ki sabse achi yaad kya hai mere bachpan mein bahut saari aisi ghatnaye ghati jinako main bahut miss karta hoon lekin main apne jeevan mein bachpan se hi imaandaar hoon prativadi hoon maine kisi se kabhi jhuth nahi bola haan kisi ke fayde ke liye maine kabhi kabhi jhuth bola hai lekin waise main jhuth nahi bolta hoon bachpan mein jab hum log chote the toh hamare gaon mein ek rice mil hai pura is mil band ho chuki hai usme loha ka saamaan tha kaafi toh hamare dost us lohe ko chori karte the aur use toh Rs kilo bech dete the toh ek din main bhi gaya tha saath mein hamare doston ne bahut saara loha nikaala aur phir market mein vaah log gaye aur us lohe ko beche phir hamein bhi vaah log paisa de rahe the lekin maine ek shabd bola tha ki yah paisa main nahi lunga kyonki is chori ka paisa hai aur aap chori kar rahe ho ise milk mil ka malik toh nahi dekh raha hai lekin bhagwan dekh rahe hain toh maine us paise ko nahi liya aur maine kabhi bhi chori nahi kiya yah bachpan se mere paas ek dridh sankalp tha par main deshbhakti mere andar bachpan se hi hai jab thoda sa bada hua tha tabhi se main samajik vartalaap karta hoon apne vicharon ko samaj ke saamne prastut karta hoon aur jab kuch naya topic sunne ko milta hai toh use sunta aur sunne ke baad phir kahin dusre jagah batata hoon toh kehne ka matlab hai in shamgarh dridh sankalp kar le toh vaah pura apna jeevan imaandari se acchai se jeet sakta hai kyonki yah jeevan ek limit samay ke liye mila hai aap aajivan is dharti par rehne nahi aaye aap apni 90 saal tak jioge sabka apna jeevan hai bacche hote hain ki hamare mata pita ka jeevan hai nahi mata pita ka apna jeevan hai aapka apna jeevan hai aap apne jeevan ko mahatvapurna bana sakte ho parmaarth ki prapti tabhi hogi jab aap apne jeevan ko acche se jeene ki koshish karoge aaj crorepati ho toh kal garib bhi ban jaoge kal aaj garib ho toh kal crorepati bhi ban jaoge yah sab acche karmon se hota hai accha karm karte rahiye dekhiye aapko jeevan mein bahut badi upalabdhi milegi aisi upalabdhi milegi ki aapke aane wali kai peedhiyon mein su maaro jaega imaandaar rahega uske bacche bhi imaandaar paida honge jo beiimaan rahega bemani se jisne property banaya hai vaah apne aane wali peedhi ko barbad karne ka sanket de raha hai isliye aap sabhi logo se nivedan hai ki jeevan mein kabhi chori mat kariye kabhi jhuth mat bolie kabhi kisi ke saath tareef mat kariye kabhi kisi ke saath dhokhadhari mat kariye sab ka sammaan kariye imaandari se jeene ki koshish kariye aur thoda sa waqt is desh ke liye apne Hindustan ke liye nikaliye aap jaise bhi jis prakar ka madad kar sakte hain us prakar se kisi garib kisi peedit ka madad kariye agar aap educated hai aapke paas paisa nahi hai toh 1 ghanta time nikaliye tuition padhane ke liye garib baccho ko free mein tuition padhaiye maine shuru se aisa kaam kiya main aaj bhi gaon mein jata hoon toh baccho ko tuition padhata hoon toh yah sab kaam karna padega har vyakti jab yah sab kaam karega toh uske parivar ke bacche use follow karenge ki mere papa aise hain mere chacha aise hain unke andar bhi hai sab sanskar aayega acche sanskar ka prabhav aapke poore parivar par padega aapka parivar nahi pata kaha se kaha pohch jaega isliye kisi bhi sthiti mein kisi bhi paristithi mein apna ek aisa wajood banaiye samaj mein ki aapko koi paise se na kharid paye yah mere bachpan ki sabse yaadgaar pal hai jise main kabhi kabhi bolta hoon chori ka paisa maine aaj tak nahi liya hai aur maine aaj tak kabhi chori nahi kiya hai dhanyavad

आपका सवाल है आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है मेरे बचपन में बहुत सारी ऐसी घटनाएं घटी जि

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Sandeep Sastri

Motivational Speaker

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विकी भाई यह व्यक्तिगत आधार का क्वेश्चन है आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद किया है फैमिली यही तो सारी ही जिंदगी यादों से भरी हुई है मेरे को एक-एक स्थान याद है जब मैं अपनी मां के गर्भ में था मुझे वह शर्म भी याद है मैं अपनी मां के गर्भ में था मुझे वह सब याद है हो सकता है आपको यह सुनने में अजीब लगे लेकिन मैं वह चीज बता सकता हूं आपको तब मैं पैदा हुआ कैसे हुआ कैसे हुआ कैसे नहीं हुआ फिर मैंने क्या किया पहली क्लास में क्या था दूसरी क्लास में क्या हुआ मैं आपको क्षण क्षण के बारे में बताता हूं यह भी बता सकता हूं उस समय मैंने क्या सोचा था बहुत कठिन अभ्यास है आमतौर पर हमारे जैसे लोगों के हैं या फिर मेरे जैसे लोग जो हैं डिटेल आते हैं हो सकता है आपने बिल्कुल मान रहे हो इसमें कोई विशेष बात भी नहीं है एक बात बता देता हूं जिसमें मैं बहुत शर्मिंदा हूं मैं बहुत शर्मिंदा हूं एक बार हमारे गांव में एक साधु महात्मा काफी दिनों से 7 मार्च तक करते रहे और मैंने बहुत दिन लगा कि मैं अपने अपने परिवार या फिर अपने साथियों के साथ में जो है वह खेतों की तरफ से 10 के बीच में था तो मेरी मां मुझे बार-बार बार-बार मना कर रही थी तो उस समय में पानी लेकर आते थे मेरे जैसे नाराज ने क्या किया मेरे से नालायक ने जो मेरी मां ने कई मटके पानी काफी दूर से लाकर के इस सचिन जमा किया हुआ था मैंने उसके अंदर गोबर आज भी प्यार करता हूं बात तो मुझे कई बार पैदा होती है लेकिन मैं बता नहीं पाता बहुत बुरा लगता है मैं गलत हूं यह मेरी सबसे पुराना सबसे पुराना जो आदमी सोचता हूं कि मुझे क्या लगता है तुम मुझे तो लगता है कि मेरी आज मुझे कोई कर दें और मेरे साथ ऐसा कर दे तो मुझे कितना बुरा महसूस होगा कि मैं बहुत कुछ खा लिया तुमने काफी पुरानी भाषा को सबसे आगे है बस उस बात को जलने लगी गुस्ताखियां

vicky bhai yah vyaktigat aadhar ka question hai aapki bachpan ki sabse achi yaad kiya hai family yahi toh saari hi zindagi yaadon se bhari hui hai mere ko ek ek sthan yaad hai jab main apni maa ke garbh mein tha mujhe vaah sharm bhi yaad hai apni maa ke garbh mein tha mujhe vaah sab yaad hai ho sakta hai aapko yah sunne mein ajib lage lekin main vaah cheez bata sakta hoon aapko tab main paida hua kaise hua kaise hua kaise nahi hua phir maine kya kiya pehli class mein kya tha dusri class mein kya hua main aapko kshan kshan ke bare mein batata hoon yah bhi bata sakta hoon us samay maine kya socha tha bahut kathin abhyas hai aamtaur par hamare jaise logo ke hain ya phir mere jaise log jo hain detail aate hain ho sakta hai aapne bilkul maan rahe ho isme koi vishesh baat bhi nahi hai ek baat bata deta hoon jisme main bahut sharminda hoon main bahut sharminda hoon ek baar hamare gaon mein ek sadhu mahatma kaafi dino se 7 march tak karte rahe aur maine bahut din laga ki main apne apne parivar ya phir apne sathiyo ke saath mein jo hai vaah kheton ki taraf se 10 ke beech mein tha toh meri maa mujhe baar baar baar baar mana kar rahi thi toh us samay mein paani lekar aate the mere jaise naaraj ne kya kiya mere se nalayak ne jo meri maa ne kai matke paani kaafi dur se lakar ke is sachin jama kiya hua tha maine uske andar gobar aaj bhi pyar karta hoon baat toh mujhe kai baar paida hoti hai lekin main bata nahi pata bahut bura lagta hai galat hoon yah meri sabse purana sabse purana jo aadmi sochta hoon ki mujhe kya lagta hai tum mujhe toh lagta hai ki meri aaj mujhe koi kar de aur mere saath aisa kar de toh mujhe kitna bura mehsus hoga ki main bahut kuch kha liya tumne kaafi purani bhasha ko sabse aage hai bus us baat ko jalne lagi gustakhiyan

विकी भाई यह व्यक्तिगत आधार का क्वेश्चन है आपकी बचपन की सबसे अच्छी याद किया है फैमिली यही त

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Shiv Sevek Dixit

Insurance Advisor Life Insurance Of India Surajpur Grater Noida

0:18
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मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद यह है कि हम लोग गंगा नदी में खूब स्नान करते थे जो गंगा से नाला निकला हुआ है बचपन में हम लोग खूब नहाते हैं

mere bachpan ki sabse achi yaad yah hai ki hum log ganga nadi me khoob snan karte the jo ganga se nala nikala hua hai bachpan me hum log khoob nahaate hain

मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद यह है कि हम लोग गंगा नदी में खूब स्नान करते थे जो गंगा से नाला

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Prakash Kumar

Business Owner

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आपके बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद खेलना कूदना और जब मेरे मां-बाप मम्मी पापा जब मेरे लिए कुछ लेकर आते थे वह खुशी वही मेरे बचपन की सबसे अच्छी यादें जो शायद कभी लौट के ना आए

aapke bachpan ki sabse achi yaad kya hai mere bachpan ki sabse achi yaad khelna kudana aur jab mere maa baap mummy papa jab mere liye kuch lekar aate the vaah khushi wahi mere bachpan ki sabse achi yaadain jo shayad kabhi lot ke na aaye

आपके बचपन की सबसे अच्छी याद क्या है मेरे बचपन की सबसे अच्छी याद खेलना कूदना और जब मेरे मां

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Amit

Social Worker

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मेरे बचपन की सबसे अच्छी यादें यहां हैं कि जिस तरह से हम कीचड़ में खेलते थे मिट्टी में खेलते थे नदी पर खेलते थे गिल्ली डंडा खेलते थे वह मेरे लिए बहुत अनमोल यादें आज हम देखते हैं कि हमारे बच्चे सारे मोबाइल पर गेम खेलते हुए पाए जाते ना की रियल की कोई गेम खेलते हैं तो मैं चाहूंगा कि बचपन के सबसे अच्छे पल मेरे वही है कि जो मेरे दोस्तों के साथ में मैं बचपन में कीचड़ में खेला करता था

mere bachpan ki sabse achi yaadain yahan hain ki jis tarah se hum kichad mein khelte the mitti mein khelte the nadi par khelte the gilli danda khelte the vaah mere liye bahut anmol yaadain aaj hum dekhte hain ki hamare bacche saare mobile par game khelte hue paye jaate na ki real ki koi game khelte hain toh main chahunga ki bachpan ke sabse acche pal mere wahi hai ki jo mere doston ke saath mein main bachpan mein kichad mein khela karta tha

मेरे बचपन की सबसे अच्छी यादें यहां हैं कि जिस तरह से हम कीचड़ में खेलते थे मिट्टी में खेलत

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Suresh Jeswani

Life Coach

1:27
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मेरे बचपन में सबसे अच्छी याद वह है कि जब हमारे मराठी के जो अध्यापिका थी तो उन्होंने मेरी तारीफ की थी वह ऐसा था कि हम लोग जब कक्षा में बैठे हुए थे तो उसी दिन में एक विशेष प्रकार की अरेंजमेंट की गई थी कि जिसमें किसी बच्चे को अगर बाहर आना है सामने की तरफ जाना है जहां पर और शिक्षिका खड़ी थी तो हमको टेबल के ऊपर से टेबल को हटाकर आना होता था उस दिन काफी सारे बच्चों को सामने आकर दो छोटा छोटा भाषण देने के लिए बोला गया था मुझे नहीं पता था कि ऐसा क्या हुआ कि बच्चे की जमा पर पहुंचा तो बाकी सब बच्चों को जब मैंने बुलाया के पैसे आए कि नहीं किसी को डिस्टर्ब हुआ नगर की किसी कानून को तकलीफ पहुंचे और मेरा काम जब हो तो किसी को डिस्टरबेंस ना यह मेरे बचपन की स्कूल से जुड़े हुए सबसे बेहतरीन यादव यादव अरे मैं थैंक्यू बोलता हूं आपका कि आपने मुझे यह सवाल पूछ कर उन यादों की तरह मुझे लेकर गए कि मुझे कभी समझ खुश हो रहा है

mere bachpan mein sabse achi yaad vaah hai ki jab hamare marathi ke jo adhyapika thi toh unhone meri tareef ki thi vaah aisa tha ki hum log jab kaksha mein baithe hue the toh usi din mein ek vishesh prakar ki arrangement ki gayi thi ki jisme kisi bacche ko agar bahar aana hai saamne ki taraf jana hai jaha par aur shikshika khadi thi toh hamko table ke upar se table ko hatakar aana hota tha us din kaafi saare baccho ko saamne aakar do chota chota bhashan dene ke liye bola gaya tha mujhe nahi pata tha ki aisa kya hua ki bacche ki jama par pohcha toh baki sab baccho ko jab maine bulaya ke paise aaye ki nahi kisi ko disturb hua nagar ki kisi kanoon ko takleef pahuche aur mera kaam jab ho toh kisi ko distarabens na yah mere bachpan ki school se jude hue sabse behtareen yadav yadav are main thainkyu bolta hoon aapka ki aapne mujhe yah sawaal puch kar un yaadon ki tarah mujhe lekar gaye ki mujhe kabhi samajh khush ho raha hai

मेरे बचपन में सबसे अच्छी याद वह है कि जब हमारे मराठी के जो अध्यापिका थी तो उन्होंने मेरी त

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सुनील कुमार साह

शिक्षण कार्य

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बिपिन कुमार पाण्डेय

Career Counsellor and Motivational Speaker

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मेरे बचपन की सबसे अच्छी है एक माता-पिता के संघर्ष में भी मेरी खुश रहने की आदत मेरा पुराना कच्चा गया रात के समय वॉल पर सोना दिवाली में आंगन में पटाखे जलाना मोदी पर होलिका जिला कल खुश होना जुए में कभी एक-दो ₹5 का जुआ खेलना दो गर्मी में दोपहर में आम बिन्नी के लिए घर से भाग जाना इत्यादि विभिन्न प्रकार की याद आते हैं कि मुझे अच्छी तरह याद है

mere bachpan ki sabse achi hai ek mata pita ke sangharsh mein bhi meri khush rehne ki aadat mera purana kaccha gaya raat ke samay wall par sona diwali mein aangan mein patakhe jalaana modi par holika jila kal khush hona jue mein kabhi ek do Rs ka jua khelna do garmi mein dopahar mein aam binni ke liye ghar se bhag jana ityadi vibhinn prakar ki yaad aate hain ki mujhe achi tarah yaad hai

मेरे बचपन की सबसे अच्छी है एक माता-पिता के संघर्ष में भी मेरी खुश रहने की आदत मेरा पुराना

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