यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं?...


user

Santosh Singh indrwar

Business Consultant & Life Couch

0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर कोई मेरी आलोचना करें तो मैं उससे हैंडल करता ही नहीं हूं दोस्त आलोचना करना एक बहुत प्रभाव का कारण है कि लोग अपने स्वभाव के कारण लोगों की आलोचना करते हैं लेकिन मैं और आलोचना करने वालों को पसंद करता हूं क्योंकि जब तक कोई मेरी बुराई नहीं करेगा आलोचना नहीं करेगा तब तक मुझे अपने दोस्त पता नहीं चलेंगे और दोस्त पता ही नहीं चलेंगे तो मैं उनको ठीक कैसे करूंगा दोस्त और ठीक नहीं कर पाऊंगा तो मैं विशेष कैसे बनूंगा

agar koi meri aalochana kare toh main usse handle karta hi nahi hoon dost aalochana karna ek bahut prabhav ka karan hai ki log apne swabhav ke karan logo ki aalochana karte hain lekin main aur aalochana karne walon ko pasand karta hoon kyonki jab tak koi meri burayi nahi karega aalochana nahi karega tab tak mujhe apne dost pata nahi chalenge aur dost pata hi nahi chalenge toh main unko theek kaise karunga dost aur theek nahi kar paunga toh main vishesh kaise banunga

अगर कोई मेरी आलोचना करें तो मैं उससे हैंडल करता ही नहीं हूं दोस्त आलोचना करना एक बहुत प्रभ

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  90
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr Yogi Ravi

Certified Yoga Expert | Naturopathic Consultant | Health Blogger

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छवाय बिन पानी साबुन बिना निर्मल करे सुभाय आसान नहीं होगा यह कहना कि आलोचना से कोई प्रभावित नहीं होता लेकिन यह भी सच है की आलोचना हमें बेहतर करने में बहुत मदद करती आप किसी भी आलोचना को उतनी गहराई से लेने के बजाय अगर उसके सकारात्मक पक्ष को लेकर उसे छोड़ दे नहीं तो शायद आलोचना आपको कहीं बेहतर करने में मदद करें आलोचना से प्रभावित होना है किस तरह आप नहीं कर सकते आप के आलोचक किस तरह हैं वह महत्वपूर्ण तो है लेकिन आप आलोचना को किस तरह लेते हैं यह उससे भी कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है कभी-कभी आलोचना सत्य नहीं होती लोगों का स्वभाव होता है वह तो आलोचक सही हो इसकी परख रखना बहुत महत्वपूर्ण होगा

nindak niyare rakhiye aangan kuti chavay bin paani sabun bina nirmal kare subhay aasaan nahi hoga yah kehna ki aalochana se koi prabhavit nahi hota lekin yah bhi sach hai ki aalochana hamein behtar karne me bahut madad karti aap kisi bhi aalochana ko utani gehrai se lene ke bajay agar uske sakaratmak paksh ko lekar use chhod de nahi toh shayad aalochana aapko kahin behtar karne me madad kare aalochana se prabhavit hona hai kis tarah aap nahi kar sakte aap ke aalochak kis tarah hain vaah mahatvapurna toh hai lekin aap aalochana ko kis tarah lete hain yah usse bhi kahin zyada mahatvapurna hai kabhi kabhi aalochana satya nahi hoti logo ka swabhav hota hai vaah toh aalochak sahi ho iski parakh rakhna bahut mahatvapurna hoga

निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छवाय बिन पानी साबुन बिना निर्मल करे सुभाय आसान नहीं होगा यह कह

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  128
WhatsApp_icon
user

Vivek Kumar Agrawal

Social Worker

0:36
Play

Likes  3  Dislikes    views  100
WhatsApp_icon
user

Ajay kumar

Motivational Speaker , Life Coach

2:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स मैं अजय कुमार मोटिवेशनल स्पीकर लाइफ कोच आपका प्रश्न है यदि आपकी कोई आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं आपका प्रश्न बहुत अच्छा है और बहुत सारे लोगों के साथ ही प्रॉब्लम क्रिएट होती हैं बट हमें से बहुत सारे लोग इस सिचुएशन को सही ढंग से हैंडल करना नहीं जानते हैं मैं आपको आज बताने वाला हूं कि अभी आप ही कोई आलोचना करता है यदि आपको कोई क्रिटिसाइज करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करें यदि आपकी कोई आलोचना करता है आपकी कोई क्रिटिसाइज करता है तो आप उसे शांति से सुने और मुस्कुरा दें और उसे इग्नोर कर दें क्योंकि आज तक किसी भी समस्या का समाधान बहस से नहीं हुआ है यदि सामने वाला आपके आलोचना कर रहा है आप उसके साथ अरगुमेंट करोगे अरगुमेंट्स एक कभी भी किसी भी बात का हल नहीं निकला है कभी कुछ मामला सुलझा नहीं है बल्कि बिगड़ जाता है अगर सामने वाला आप उपदेश साहित्य कर रहा है आपके आलोचना करें तो उसे करने से उसके हाल पर छोड़ दें उसकी समझ ही तो नहीं हो सकती है कि वह आपकी आलोचना करें यदि वह बेहतर ढंग से अपने आपको समझ पाता या आपको समझ पाता तो ऐसा कभी करता ही ना यदि वह ऐसा कर रहा है तो उसे करने दे क्योंकि उसके आलोचना करने से अपने पर क्या फर्क पड़ने वाला है अगर वह गंदे कपड़े फेंक रहा है आप पर अगर आप नहीं लेते हैं तुझसे बात उसके पास रह जाएंगे वाद की आलोचना कर रहा है अब नहीं स्वीकारते हैं तो खुद के पास रह जाएगी सिंपल है तो इसलिए यदि आपको कुछ डिसाइड करता है आपको कोई बुरा बोलता है तो उसे नजरअंदाज कर दें और अपने रास्ते पर मुस्कराते हुए आगे बढ़ने की दवा पहुंचकर आएंगे तू सालोचना करने वाले का आधा साहस तो आप अपनी मुस्कुराने से ही चुरा ले जाएंगे और यदि आपने इतना शक कर लिया ना तो अब बंद आएंगे कुछ ऐसे लोग बनना चाहेंगे आपके जैसे बस अभी के लिए इतना ही मिलता हूं इतने टॉपिक के आंसर के साथ तब तक के लिए अपना ख्याल रखें अपनों का ख्याल रखें खुश रहे खुशियां बांटते रहते एनक्यू बबाए

hello friends main ajay kumar Motivational speaker life coach aapka prashna hai yadi aapki koi aalochana karta hai toh aap use kaise handle karte hain aapka prashna bahut accha hai aur bahut saare logo ke saath hi problem create hoti hain but hamein se bahut saare log is situation ko sahi dhang se handle karna nahi jante hain main aapko aaj batane vala hoon ki abhi aap hi koi aalochana karta hai yadi aapko koi criticize karta hai toh aap use kaise handle kare yadi aapki koi aalochana karta hai aapki koi criticize karta hai toh aap use shanti se sune aur muskura de aur use ignore kar de kyonki aaj tak kisi bhi samasya ka samadhan bahas se nahi hua hai yadi saamne vala aapke aalochana kar raha hai aap uske saath aragument karoge araguments ek kabhi bhi kisi bhi baat ka hal nahi nikala hai kabhi kuch maamla suljha nahi hai balki bigad jata hai agar saamne vala aap updesh sahitya kar raha hai aapke aalochana kare toh use karne se uske haal par chhod de uski samajh hi toh nahi ho sakti hai ki vaah aapki aalochana kare yadi vaah behtar dhang se apne aapko samajh pata ya aapko samajh pata toh aisa kabhi karta hi na yadi vaah aisa kar raha hai toh use karne de kyonki uske aalochana karne se apne par kya fark padane vala hai agar vaah gande kapde fenk raha hai aap par agar aap nahi lete hain tujhse baat uske paas reh jaenge vad ki aalochana kar raha hai ab nahi swikarate hain toh khud ke paas reh jayegi simple hai toh isliye yadi aapko kuch decide karta hai aapko koi bura bolta hai toh use najarandaj kar de aur apne raste par muskarate hue aage badhne ki dawa pahuchkar aayenge tu salochana karne waale ka aadha saahas toh aap apni muskurane se hi chura le jaenge aur yadi aapne itna shak kar liya na toh ab band aayenge kuch aise log banna chahenge aapke jaise bus abhi ke liye itna hi milta hoon itne topic ke answer ke saath tab tak ke liye apna khayal rakhen apnon ka khayal rakhen khush rahe khushiya bantate rehte NQ babaye

हेलो फ्रेंड्स मैं अजय कुमार मोटिवेशनल स्पीकर लाइफ कोच आपका प्रश्न है यदि आपकी कोई आलोचना क

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  128
WhatsApp_icon
user

Vinita Rastogi

Career Counsellor / Life Coach

0:15
Play

Likes  8  Dislikes    views  102
WhatsApp_icon
user
0:32
Play

Likes  26  Dislikes    views  173
WhatsApp_icon
user
1:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मित्रों नमस्कार यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं आपका प्रश्न बहुत ही रोचक है इस प्रश्न में जो आपने यह सवाल किया है आलोचना यह दे आदमी शहजाद को बुरा ना माने श्रीमान खिचड़ी और पर गंभीरता से विचार करें कि अगला आदमी हमें कुछ कह रहा है और हमारे बारे में उल्टी-सीधी बातें कर रहा है तो उसके बारे में हम सोचे विचार करें फोन करूं फोन करती हो को अपने जन्म उजागर करके उनका समाधान हुआ है यदि कोई आपके पीठ पीछे ऐसी बातें करता है तो उसको नजरअंदाज करिए लेकिन अगर सामने कोई आपसे कहते हैं तो उसका जवाब दीजिए लेकिन सोच समझकर आपकी गलती लग रही है उसने गलती को स्वीकार करते हुए कि हां भाई साहब यह गलती हमसे हुई है आगे से इसका सुधार करेंगे और क्षमा चाहते हैं इस तरीके से अगर हम अपने कुछ और विचार करके कोई कदम उठाते हैं तो निश्चित रूप से जो हमारा रोचक है वह जो है हमारा समालोचक बन जाएगा और जो है उसके दिल में हमारे लिए सम्मान और बढ़ जाएगा धन्यवाद

mitron namaskar yadi koi aapki aalochana karta hai toh aap use kaise handle karte hain aapka prashna bahut hi rochak hai is prashna me jo aapne yah sawaal kiya hai aalochana yah de aadmi shehzade ko bura na maane shriman khichdi aur par gambhirta se vichar kare ki agla aadmi hamein kuch keh raha hai aur hamare bare me ulti seedhi batein kar raha hai toh uske bare me hum soche vichar kare phone karu phone karti ho ko apne janam ujagar karke unka samadhan hua hai yadi koi aapke peeth peeche aisi batein karta hai toh usko najarandaj kariye lekin agar saamne koi aapse kehte hain toh uska jawab dijiye lekin soch samajhkar aapki galti lag rahi hai usne galti ko sweekar karte hue ki haan bhai saheb yah galti humse hui hai aage se iska sudhaar karenge aur kshama chahte hain is tarike se agar hum apne kuch aur vichar karke koi kadam uthate hain toh nishchit roop se jo hamara rochak hai vaah jo hai hamara samalochak ban jaega aur jo hai uske dil me hamare liye sammaan aur badh jaega dhanyavad

मित्रों नमस्कार यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं आपका प्रश्न बहु

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  160
WhatsApp_icon
user

A.k.Swarnakar

Founder&Director (Motivational Speaker)

4:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक बहुत ही अच्छा प्रश्न है यदि कोई आपकी आलोचना करता है तब से कैसे सिंपल एक सामान्य सी बात है जब हम कोई अच्छा काम करने जाते हो या कोई भी काम पर जाते हैं कुछ लोगों की कुछ मनुष्यों की आदत होती है उस चीज की आलोचना करना कुछ इसके बारे में नेगेटिव नकारात्मक विचार रखना उसके बाद चीज का मजाक उड़ाना ध्यान नहीं जब आपको यह फील हो रहा है आलोचना करना उस समय आप शांत मैं भी यही करता करता है उस चीज को समझता हूं कि वह इंसान आलोचना क्यों कर रहा है क्या जो मैंने कहा है वह सच में आलोचना की ओके है अगर है तो मैं उसमें सुधार करना नहीं तो मैं कोशिश करता हूं आलोचक उसका मैं एक प्रश्न का जवाब दे सकता शांत नहीं होता है मुस्कुराकर उसको या फिर कहता हूं कि ठीक है आलोचक ठीक है मैं गलत हूं लेकिन समय आने पर उस चीज का एक बार जरूर अनुभव कराता हूं कि उस दिन चीज की आवश्यकता है जिससे जीवन पुणे अनुष्का कोई चीज को मुस्कुरा कर कोई शर्म की बात नहीं समझ लो कि वह लेकिन आपकी जो भी हो बात को सब तभी शांत हो गए चलो सच भी जानता है लेकिन पर आलोचना करके वह अपने अंदर की बूटी वीजा को आपके सामने लाकर के हल्का कुपोषित हमारे समाज में जो अपनी उस चीज को किसी और पर नहीं समझा सकते हो को वही एक इंसान मिलता है जिसको कुछ कहकर कि वह अपने मन को हल्का कर नहीं जानते हो स्टेटस या ज्ञानी उस चीज को उसके अंधकार को आप ही दूर कर सकते हैं ऐसी स्थिति में उसे जैसे एक बच्चा आपको किसी भी बात पर अड़ जाता है आपसे उसको उसके बाद चाहे और सैंटा क्लॉस बनाने मन में सोचते बचपन में यह संभव नहीं था या फिर ध्यान रखना जब कभी मीठा और नमक ना मीठे के साथ नमक होना उतना ही जल्दी ओम नमः शिवाय

ek bahut hi accha prashna hai yadi koi aapki aalochana karta hai tab se kaise simple ek samanya si baat hai jab hum koi accha kaam karne jaate ho ya koi bhi kaam par jaate hain kuch logo ki kuch manushyo ki aadat hoti hai us cheez ki aalochana karna kuch iske bare me Negative nakaratmak vichar rakhna uske baad cheez ka mazak udana dhyan nahi jab aapko yah feel ho raha hai aalochana karna us samay aap shaant main bhi yahi karta karta hai us cheez ko samajhata hoon ki vaah insaan aalochana kyon kar raha hai kya jo maine kaha hai vaah sach me aalochana ki ok hai agar hai toh main usme sudhaar karna nahi toh main koshish karta hoon aalochak uska main ek prashna ka jawab de sakta shaant nahi hota hai muskurakar usko ya phir kahata hoon ki theek hai aalochak theek hai main galat hoon lekin samay aane par us cheez ka ek baar zaroor anubhav karata hoon ki us din cheez ki avashyakta hai jisse jeevan pune anushka koi cheez ko muskura kar koi sharm ki baat nahi samajh lo ki vaah lekin aapki jo bhi ho baat ko sab tabhi shaant ho gaye chalo sach bhi jaanta hai lekin par aalochana karke vaah apne andar ki buti visa ko aapke saamne lakar ke halka kuposhit hamare samaj me jo apni us cheez ko kisi aur par nahi samjha sakte ho ko wahi ek insaan milta hai jisko kuch kehkar ki vaah apne man ko halka kar nahi jante ho status ya gyani us cheez ko uske andhakar ko aap hi dur kar sakte hain aisi sthiti me use jaise ek baccha aapko kisi bhi baat par ad jata hai aapse usko uske baad chahen aur santon claus banane man me sochte bachpan me yah sambhav nahi tha ya phir dhyan rakhna jab kabhi meetha aur namak na meethe ke saath namak hona utana hi jaldi om namah shivay

एक बहुत ही अच्छा प्रश्न है यदि कोई आपकी आलोचना करता है तब से कैसे सिंपल एक सामान्य सी बात

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  46
WhatsApp_icon
user

Virendra Pratap Singh Chundawat

Philanthropist & a Politician

1:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब भी कोई व्यक्ति मेरी आलोचना करता है तो मानव स्वभाव है मेरा भी कभी मानव हो तो मुझे बहुत बुरा लगता है हर मानव को हर व्यक्ति को लगता है कि हमेशा उसकी प्रशंसा होती रहे हो नीचे और प्रशंसा का भूखा हर व्यक्ति होता है चाहे दिखाएं या ना दिखाएं विपत आलोचना की तुझे कोई आलोचना करता है तो निश्चित तौर पर मुझे बुरा लगता है और त्वरित कोई जवाब दिया कार्यवाही नहीं करता हूं मैं सुनता हूं पूरा कोशिश करता हूं सुनने की कि वह क्या बोल रहा है और क्यों बोल रहा है फिर मुझे क्या फीलिंग होती है मैं अपने आप को स्टेबल नहीं कर पा तुम सुस्त रहता हूं कि उसने सब क्यों बोला और मैं उसका हर तरह से मैसेज करता हूं और लगता है किसी भी तरह से कि हां इस व्यक्ति ने जो आलोचना की है उससे ही है तो प्रयत्न करता हूं कि उसको सुधारा जाए और कोशिश रहती है कि मैं जो सुधार अपने आप में ला रहा हूं उन लोगों को नजर तो आए पर इस तरह से नजर ना आएगा आलोचना के कारण में रखना को सुधारा मैं किसी तरह से हिडन एजेंडा लेते हुए हिडन तरीके से अपने आप को साथ में की कोशिश करता हूं ताकि मेरी इमेज और जो है मार्केट में बनी रहे और फिर आलोचना की है उसको लुगाइयों के जवाब दे पाएगी दिखी हुआ आदमी तो सही नहीं आपने से आलोचना करती तो इस तरह का एक कार्य में करता हूं

jab bhi koi vyakti meri aalochana karta hai toh manav swabhav hai mera bhi kabhi manav ho toh mujhe bahut bura lagta hai har manav ko har vyakti ko lagta hai ki hamesha uski prashansa hoti rahe ho niche aur prashansa ka bhukha har vyakti hota hai chahen dikhaen ya na dikhaen vipat aalochana ki tujhe koi aalochana karta hai toh nishchit taur par mujhe bura lagta hai aur twarit koi jawab diya karyavahi nahi karta hoon main sunta hoon pura koshish karta hoon sunne ki ki vaah kya bol raha hai aur kyon bol raha hai phir mujhe kya feeling hoti hai main apne aap ko stable nahi kar paa tum sust rehta hoon ki usne sab kyon bola aur main uska har tarah se massage karta hoon aur lagta hai kisi bhi tarah se ki haan is vyakti ne jo aalochana ki hai usse hi hai toh prayatn karta hoon ki usko sudhara jaaye aur koshish rehti hai ki main jo sudhaar apne aap me la raha hoon un logo ko nazar toh aaye par is tarah se nazar na aayega aalochana ke karan me rakhna ko sudhara main kisi tarah se hidden agenda lete hue hidden tarike se apne aap ko saath me ki koshish karta hoon taki meri image aur jo hai market me bani rahe aur phir aalochana ki hai usko lugaiyon ke jawab de payegi dikhi hua aadmi toh sahi nahi aapne se aalochana karti toh is tarah ka ek karya me karta hoon

जब भी कोई व्यक्ति मेरी आलोचना करता है तो मानव स्वभाव है मेरा भी कभी मानव हो तो मुझे बहुत ब

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  57
WhatsApp_icon
user

Sadhu Yograj

UPSC/ MPPSC Coach

1:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छे मित्र एक बढ़िया जी स्थिति होती है जब आप कोई प्रयास करते हैं और आपके प्रयासों के साथ ही आपकी आलोचना प्रारंभ हो जाते हैं हालांकि इस पर कितनी ज्ञान पूर्ण बात कर ली जाए लेकिन आलोचना से व्यक्ति थोड़ा सा टाइप हो सकता है थोड़ा सा क्रोध का भाव जो है वह जाग्रत हो जाता है आवेश आ जाता है वह मानवीय स्वभाव है लेकिन जब धीरे धीरे आप इस बात पर विचार करना प्रारंभ कर देते हैं कि जब आपकी आलोचना शुरू होने लग जाए तो समझ लीजिए कि कहीं ना कहीं आपने कुछ नया करना शुरू कर दिया है जब उसने की मात्रा और बढ़ जाएगी तो आपके मांग की थी आपने जो नया शुरू किया है वह सफलता की ओर है तो फिर धीरे-धीरे अपनी मांग की थी लेकिन निश्चित रूप से आपको इसकी आदत पड़ जाएगी और आप उसे अपने सक्सेस में यूज करने लग जाएंगे क्योंकि निंदक नियरे राखिए आंगन कुटी छवाय उसी प्रकार की स्थिति में अपने आपको आपको अपने मन के विज्ञान को लाना पड़ेगा लेकिन ज्यादा गौर करने लायक है कि आलोचना किस प्रकार के विषय पर हो रही है आप उस बात पर भी गौर करें कहीं ऐसा तो नहीं है कि वास्तविकता में अपनी कमियों को लेकर ही वह आलोचना है अगर ऐसा है तो हमें अपने अंदर में इंप्रूवमेंट करनी चाहिए बाकी एक बात आप इससे हमेशा ध्यान रखें इस दुनिया में ऐसा कोई अस्त्र शस्त्र विद्या नहीं है जिससे आप प्रत्येक व्यक्ति को संतुष्ट कर पाए आप कुछ भी करेंगे कुछ लोग खुश होंगे लेकिन कुछ लोग ऐसे रहेंगे जो हमेशा खुश रहेंगे भले उनके प्रभाव उनके परिणाम उनके लिए अनुकूल हो फिर भी ना खुश होना उनकी प्रवृत्ति प्रकृति में रहेगा

bahut acche mitra ek badhiya ji sthiti hoti hai jab aap koi prayas karte hain aur aapke prayaso ke saath hi aapki aalochana prarambh ho jaate hain halaki is par kitni gyaan purn baat kar li jaaye lekin aalochana se vyakti thoda sa type ho sakta hai thoda sa krodh ka bhav jo hai vaah jagrat ho jata hai aavesh aa jata hai vaah manviya swabhav hai lekin jab dhire dhire aap is baat par vichar karna prarambh kar dete hain ki jab aapki aalochana shuru hone lag jaaye toh samajh lijiye ki kahin na kahin aapne kuch naya karna shuru kar diya hai jab usne ki matra aur badh jayegi toh aapke maang ki thi aapne jo naya shuru kiya hai vaah safalta ki aur hai toh phir dhire dhire apni maang ki thi lekin nishchit roop se aapko iski aadat pad jayegi aur aap use apne success me use karne lag jaenge kyonki nindak niyare rakhiye aangan kuti chavay usi prakar ki sthiti me apne aapko aapko apne man ke vigyan ko lana padega lekin zyada gaur karne layak hai ki aalochana kis prakar ke vishay par ho rahi hai aap us baat par bhi gaur kare kahin aisa toh nahi hai ki vastavikta me apni kamiyon ko lekar hi vaah aalochana hai agar aisa hai toh hamein apne andar me improvement karni chahiye baki ek baat aap isse hamesha dhyan rakhen is duniya me aisa koi astra shastra vidya nahi hai jisse aap pratyek vyakti ko santusht kar paye aap kuch bhi karenge kuch log khush honge lekin kuch log aise rahenge jo hamesha khush rahenge bhale unke prabhav unke parinam unke liye anukul ho phir bhi na khush hona unki pravritti prakriti me rahega

बहुत अच्छे मित्र एक बढ़िया जी स्थिति होती है जब आप कोई प्रयास करते हैं और आपके प्रयासों के

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  158
WhatsApp_icon
user

सत्य विधान,विश्व लोकहित केंद्र।पूज्य बालगोपाल विशाल पुत्र महराज जी। 8400447847

मानव जीवन सूत्र, हरि दर्शन,मुक्तिमार्ग,सरल साधना।

1:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप उस अपने आलोचना को सरलता पूर्वक सुन लीजिए आप अपने आलोचना को सरलता पूर्वक सुन लेंगे और सुनने के बाद आप एकांत में उसको मंथन करिए विचार-विमर्श करिए जब उस आलोचना को आप सुन लेंगे सरलता पूर्वक आलोचना करने वाला भी आलोचना करना बंद कर देगा क्योंकि आप उस अपने आलोचना पर खफा ना होने के बावजूद आप ना होते हुए आप उस पर प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं उस आलोचना पर अपनी दृष्टि डाल रहे हैं कि क्या मेरी जो आलोचना हो रही है सही है या गलत है इस पर भी वह मंथन पड़ेगा कि वह हम आपकी आलोचना किए मगर उस आलोचना पर कोई प्रतिक्रिया बेफिजूल प्रतिक्रिया कोई नहीं मिला इस पर वह अभी जो है मंथन करेगा और आप भी अपने आलोचना को सरलता पूर्वक सुन लीजिए इसमें आपका फायदा है वह जो है आप उसको आलोचना करने वाले को हैंडल कर लेंगे

aap us apne aalochana ko saralata purvak sun lijiye aap apne aalochana ko saralata purvak sun lenge aur sunne ke baad aap ekant me usko manthan kariye vichar vimarsh kariye jab us aalochana ko aap sun lenge saralata purvak aalochana karne vala bhi aalochana karna band kar dega kyonki aap us apne aalochana par khafa na hone ke bawajud aap na hote hue aap us par prasannata vyakt kar rahe hain us aalochana par apni drishti daal rahe hain ki kya meri jo aalochana ho rahi hai sahi hai ya galat hai is par bhi vaah manthan padega ki vaah hum aapki aalochana kiye magar us aalochana par koi pratikriya befijul pratikriya koi nahi mila is par vaah abhi jo hai manthan karega aur aap bhi apne aalochana ko saralata purvak sun lijiye isme aapka fayda hai vaah jo hai aap usko aalochana karne waale ko handle kar lenge

आप उस अपने आलोचना को सरलता पूर्वक सुन लीजिए आप अपने आलोचना को सरलता पूर्वक सुन लेंगे और सु

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  116
WhatsApp_icon
user

Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

0:24
Play

Likes  129  Dislikes    views  2872
WhatsApp_icon
user

Narshi Ram Aazad

Agriculture Expert Or Motivational Speaker

0:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे आपका पर्सनल यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करें यह मैं आपको स्पष्ट कर देना चाहता हूं अगर आप सही हैं और कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसको माइंड मत कीजिए जब आप उसको माइंड करना छोड़ देंगे तो वह आपके आलोचना कर एक बार करेगा 2 बार करेगा और अंत में उसका ऐसे लगेगा कि यार इसको कोई फर्क नहीं पड़ रहा आलोचना का तो वह अपने आप आलोचना करना छोड़ देगा मैं आपसे यही कहूंगा कि अगर आपको आलोचना से बचना है अगर आप उसकी आलोचना की प्रतिक्रिया देते रहेंगे तो वह हमेशा के लिए आलोचना करता रहेगा परंतु अगर आप बिल्कुल भी नॉर्मल रहे और उसकी आलोचना की बिल्कुल कोई प्रतिक्रिया ना दें और आप देखोगे कि बहुत जल्दी टाइम में वह आप कोई आलोचना करना बिल्कुल ही बंद कर देगा और कभी भी आपके आलोचना नहीं करेगा

dekhe aapka personal yadi koi aapki aalochana karta hai toh aap use kaise handle kare yah main aapko spasht kar dena chahta hoon agar aap sahi hain aur koi aapki aalochana karta hai toh aap usko mind mat kijiye jab aap usko mind karna chhod denge toh vaah aapke aalochana kar ek baar karega 2 baar karega aur ant me uska aise lagega ki yaar isko koi fark nahi pad raha aalochana ka toh vaah apne aap aalochana karna chhod dega main aapse yahi kahunga ki agar aapko aalochana se bachna hai agar aap uski aalochana ki pratikriya dete rahenge toh vaah hamesha ke liye aalochana karta rahega parantu agar aap bilkul bhi normal rahe aur uski aalochana ki bilkul koi pratikriya na de aur aap dekhoge ki bahut jaldi time me vaah aap koi aalochana karna bilkul hi band kar dega aur kabhi bhi aapke aalochana nahi karega

देखे आपका पर्सनल यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करें यह मैं आपको स्पष्ट

Romanized Version
Likes  45  Dislikes    views  733
WhatsApp_icon
user

N.S.Ramola

Pharmacist, Motivational Speaker

1:11
Play

Likes  5  Dislikes    views  136
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं आज की आलोचना जो करता है पहली बात तो हमको यह मालूम होना चाहिए कि कौन लोग हैं जो हमारे आलोचना करते हैं यदि वह हमारे परिचित हैं और हम को अच्छे से जानते हैं और उसके बाद वह अपना क्रिटिकल व्यू रखते हैं हमारे किसी प्रदर्शन के ऊपर जो भी कुछ हम कर रहे हैं या हमारे किसी व्यवहार के ऊपर और हमारे अपने लोग हैं हमें समझते हैं हमें हमारे साथ उसने ही रखते हैं तो उनकी आलोचना हमारे हित के लिए होती है इसलिए उनकी आलोचना को हम सकारात्मक लेना रूप ले सकते हैं दूसरी चीज की अगर आलोचना ऐसे लोगों द्वारा की जा रही है जो आपसे जिनका सीधा सरोकार नहीं है और आप उनको जानते नहीं हैं लेकिन वह आपकी आलोचना कर रहे हैं या आप अप्रत्यक्ष इनडायरेक्ट रूप से वो आपको जानते हैं तो आपको इस समय यह ध्यान रखना चाहिए कि जो आलोचना कर रहे हैं उनका क्या और जाते हैं उनका क्या मंतव्य ऐसा करने के पीछे उसमें से भी आपको यदि लगता है कि मैं मेरे जो व्यवहार है या मेरी सोच है यार जो मैं कर रहा हूं उसमें यह सुधार होना चाहिए यह वास्तविक ए जेनुइन है जो आलोचना नहीं की है तो उनको भी आपको एक्सेप्ट करना चाहिए और यदि कोई केवल देश के कारण या कोई इच्छा के कारण आलोचना कर रहा है तो यह उसकी आदत है उसके लिए आपको ध्यान नहीं देना चाहिए और अपने अपने काम को करते रहना चाहिए यह रिफाईनमेंट का एक-एक टूल है क्रिटिसिज्म अपने आप को रिफाइन करने का लेकिन उतना ही लीजिए जितना कि आप उसको नोएडा जस्ट कर पाए और आप वाकई में रिफाइन हो पाए नहीं तो वह क्या होगा कि जोड़कर डिसाइड कर रहा है वह तो करके चला गया आप अपने उसकी इस क्रेडिट हमको नेगेटिव नहीं लेने लगते हैं और खुद आप स्ट्रेस में आ जाते हैं डिप्रेसो जाते हैं तो इसलिए यह जरूरी है कि समझने जाने की कौन लोग हैं और दूसरी चीज यह है कि लोगों को आदत भी होती है दूसरों को क्रिटिसाइज करने की क्योंकि वह खुद ऐसा नहीं कर पाते हैं तो इसलिए भी हमें इतना ध्यान नहीं देना चाहिए अगर हमें लगता है कि हमने जो डिसीजन लिया है या जो हम काम कर रहे हैं वह का हमको उस बारे में हम कॉन्फिडेंट हैं और हम सही हैं हम सही दिशा में जा रहे हैं उससे किसी का नुकसान नहीं होगा और वह अच्छा रहेगा उसका परिणाम और उसको स्वार्थ से प्रेरित नहीं है हमारा ऐसा करना तो जरूर हमें उस काम को करना चाहिए बगैर दूसरों की आलोचना की परवाह किए हुए और आलोचना को आप इस तरीके से लीजिए नेगेटिव ना हो और दादा उसको डिप्ली सोचने की भी जरूरत नहीं है जितना रिफा सीमेंट के लिए आवश्यक है उतना अपने और बाकी को आप जाने दें

yadi koi aapki aalochana karta hai toh aap use kaise handle karte hain aaj ki aalochana jo karta hai pehli baat toh hamko yah maloom hona chahiye ki kaun log hain jo hamare aalochana karte hain yadi vaah hamare parichit hain aur hum ko acche se jante hain aur uske baad vaah apna critical view rakhte hain hamare kisi pradarshan ke upar jo bhi kuch hum kar rahe hain ya hamare kisi vyavhar ke upar aur hamare apne log hain hamein samajhte hain hamein hamare saath usne hi rakhte hain toh unki aalochana hamare hit ke liye hoti hai isliye unki aalochana ko hum sakaratmak lena roop le sakte hain dusri cheez ki agar aalochana aise logo dwara ki ja rahi hai jo aapse jinka seedha sarokar nahi hai aur aap unko jante nahi hain lekin vaah aapki aalochana kar rahe hain ya aap apratyaksh indirect roop se vo aapko jante hain toh aapko is samay yah dhyan rakhna chahiye ki jo aalochana kar rahe hain unka kya aur jaate hain unka kya mantavya aisa karne ke peeche usme se bhi aapko yadi lagta hai ki main mere jo vyavhar hai ya meri soch hai yaar jo main kar raha hoon usme yah sudhaar hona chahiye yah vastavik a jenuin hai jo aalochana nahi ki hai toh unko bhi aapko except karna chahiye aur yadi koi keval desh ke karan ya koi iccha ke karan aalochana kar raha hai toh yah uski aadat hai uske liye aapko dhyan nahi dena chahiye aur apne apne kaam ko karte rehna chahiye yah rifainament ka ek ek tool hai kritisijm apne aap ko refine karne ka lekin utana hi lijiye jitna ki aap usko noida just kar paye aur aap vaakai me refine ho paye nahi toh vaah kya hoga ki jodkar decide kar raha hai vaah toh karke chala gaya aap apne uski is credit hamko Negative nahi lene lagte hain aur khud aap stress me aa jaate hain dipreso jaate hain toh isliye yah zaroori hai ki samjhne jaane ki kaun log hain aur dusri cheez yah hai ki logo ko aadat bhi hoti hai dusro ko criticize karne ki kyonki vaah khud aisa nahi kar paate hain toh isliye bhi hamein itna dhyan nahi dena chahiye agar hamein lagta hai ki humne jo decision liya hai ya jo hum kaam kar rahe hain vaah ka hamko us bare me hum confident hain aur hum sahi hain hum sahi disha me ja rahe hain usse kisi ka nuksan nahi hoga aur vaah accha rahega uska parinam aur usko swarth se prerit nahi hai hamara aisa karna toh zaroor hamein us kaam ko karna chahiye bagair dusro ki aalochana ki parvaah kiye hue aur aalochana ko aap is tarike se lijiye Negative na ho aur dada usko dipli sochne ki bhi zarurat nahi hai jitna rifa cement ke liye aavashyak hai utana apne aur baki ko aap jaane de

यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं आज की आलोचना जो करता है पहली बात

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  239
WhatsApp_icon
user

Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

0:41
Play

Likes  163  Dislikes    views  5431
WhatsApp_icon
user

Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कहते हैं दिल करते हैं लेकिन हमेशा नेगेटिव चीजों में भी पॉजिटिव नजर नजरिया रखें अगर आपकी कोई आलोचना करता है आपकी कमियां के नाता है या आपके अंदर कुछ ऐसी निकालता है जो शायद आपको भी नहीं बताते उसको भी सकारात्मक तरीके से अपने सत्य मार्ग पर आगे बढ़े समाज में देश में हमेशा टांग खींचने वाले लोग हर जगह आपको मिलेंगे लेकिन आपको अपनी उन लोगों पर ध्यान ना देते हुए लगातार सही राह पर आगे बढ़ना है नजरिया आपका पोस्टिंग होना चाहिए हरि ओम

aapka prashna hai yadi koi aapki aalochana karta hai toh aap use kehte hain dil karte hain lekin hamesha Negative chijon me bhi positive nazar najariya rakhen agar aapki koi aalochana karta hai aapki kamiyan ke nataa hai ya aapke andar kuch aisi nikalata hai jo shayad aapko bhi nahi batatey usko bhi sakaratmak tarike se apne satya marg par aage badhe samaj me desh me hamesha taang kheenchne waale log har jagah aapko milenge lekin aapko apni un logo par dhyan na dete hue lagatar sahi raah par aage badhana hai najariya aapka posting hona chahiye hari om

आपका प्रश्न है यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कहते हैं दिल करते हैं लेकिन हमेशा नेग

Romanized Version
Likes  611  Dislikes    views  3758
WhatsApp_icon
user

अशोक गुप्ता

Founder of Vision Commercial Services.

1:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आलोचना करना मनुष्य का एक सुझाव है पर कई लोग सिर्फ अपने को ज्यादा श्रेष्ठ दिखाने के लिए दूसरों की आलोचना करते हैं तो बहुत सी आलोचनाओं को हम ज्यादा महत्व ना दें हां अगर हमें लगता है कि इस आलोचना में हमारे लिए कोई संकेत है हमारे किसी कमी को किसी ने संकेत दिया तो उसे थैंक यू बोल कर कह सकते हैं कि अच्छा हुआ आपने मुझे बता दिया और उसे अपने ढंग से अपने तरीके से उसको दूर करने के लिए उपाय करें लेकिन बहुत ज्यादा उससे प्रभावित होकर अपने को हीन भावना से ना भरे कोई भी मनुष्य कितने पूर्ण नहीं है सब के अंदर कुछ न कुछ गुणों का विकास हुआ है और बहुत सी विकास बाकी हैं इसीलिए हम जब कहते हैं अवगुण इसका मतलब यह होता है कि हमारे उन गुणों का विकास कम हुआ है ठीक है तो यह कोई बुराई नहीं सक्से किसी कोई व्यक्ति ऐसा नहीं जिसका पूरी तरह विकास हो चुका हो तो हम विकास की यात्रा में हैं जो भी संभव हो सके अपने भीतर मैत्री भाव अपने भीतर दूसरों के लिए करुणा प्रेम दया यह सब आप जब अपने भीतर विकसित करेंगे तो आपके अंदर की जो विकार हैं वह धीरे-धीरे कम होते चले जाएंगे धन्यवाद

aalochana karna manushya ka ek sujhaav hai par kai log sirf apne ko zyada shreshtha dikhane ke liye dusro ki aalochana karte hain toh bahut si aalochanaon ko hum zyada mahatva na de haan agar hamein lagta hai ki is aalochana me hamare liye koi sanket hai hamare kisi kami ko kisi ne sanket diya toh use thank you bol kar keh sakte hain ki accha hua aapne mujhe bata diya aur use apne dhang se apne tarike se usko dur karne ke liye upay kare lekin bahut zyada usse prabhavit hokar apne ko heen bhavna se na bhare koi bhi manushya kitne purn nahi hai sab ke andar kuch na kuch gunon ka vikas hua hai aur bahut si vikas baki hain isliye hum jab kehte hain avgun iska matlab yah hota hai ki hamare un gunon ka vikas kam hua hai theek hai toh yah koi burayi nahi sakse kisi koi vyakti aisa nahi jiska puri tarah vikas ho chuka ho toh hum vikas ki yatra me hain jo bhi sambhav ho sake apne bheetar maitri bhav apne bheetar dusro ke liye corona prem daya yah sab aap jab apne bheetar viksit karenge toh aapke andar ki jo vikar hain vaah dhire dhire kam hote chale jaenge dhanyavad

आलोचना करना मनुष्य का एक सुझाव है पर कई लोग सिर्फ अपने को ज्यादा श्रेष्ठ दिखाने के लिए दूस

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  124
WhatsApp_icon
user

Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

0:54
Play

Likes  8  Dislikes    views  115
WhatsApp_icon
user

Phool Kanwar

Business Owner

0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं बहुत अच्छा सवाल आपने पूछा है देखिए दुनिया का काम है कहना और उसका सुनना बात या नहीं और डिपेंड करता है हमारे ऊपर दुनिया कुछ भी कह सकती है कुछ भी बोल सकती हर आदमी आपके आलोचना कर सकता लेकिन आप स्वयं को पहचानो स्वयं को समझाओ वही सबसे बड़ी हैंडलिंग पावर आपके पास रहेगी

yadi koi aapki aalochana karta hai toh aap use kaise handle karte hain bahut accha sawaal aapne poocha hai dekhiye duniya ka kaam hai kehna aur uska sunana baat ya nahi aur depend karta hai hamare upar duniya kuch bhi keh sakti hai kuch bhi bol sakti har aadmi aapke aalochana kar sakta lekin aap swayam ko pehchano swayam ko samjhao wahi sabse badi handling power aapke paas rahegi

यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं बहुत अच्छा सवाल आपने पूछा है देख

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  68
WhatsApp_icon
user

Shishir Ghatpande

Blogger, Freelance Writer

0:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आलोचना को तो हमेशा ही सकारात्मक दृष्टिकोण से लेना चाहिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए और उसकी आलोचना जो है आप को निखारने में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान अदा करती है देती है प्रदान करती है इसलिए आलोचक और आलोचना इनको कभी भी अपने आप से दूर नहीं होने देना चाहिए यह हमेशा जो है आप आप को और बेहतर बना दे जाएंगे आपकी सफलता के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण स्रोत आप इनको कह सकते

aalochana ko toh hamesha hi sakaratmak drishtikon se lena chahiye sakaratmak drishtikon rakhna chahiye aur uski aalochana jo hai aap ko nikharne me sabse bada aur mahatvapurna yogdan ada karti hai deti hai pradan karti hai isliye aalochak aur aalochana inko kabhi bhi apne aap se dur nahi hone dena chahiye yah hamesha jo hai aap aap ko aur behtar bana de jaenge aapki safalta ke liye bahut hi mahatvapurna srot aap inko keh sakte

आलोचना को तो हमेशा ही सकारात्मक दृष्टिकोण से लेना चाहिए सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए और

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  87
WhatsApp_icon
user

bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

0:44
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे जो आपकी आलोचना करता है सबसे पहले तो उसका शुक्रिया अदा करें क्योंकि वही आपका सच्चा मित्र है जो आप को प्रगति की ओर अग्रसर करने के लिए आपको हमेशा उठाता रहता है आपके अंदर आग हमेशा जलाए रखता है उसी व्यक्ति की वजह से आपके अंदर जुनून रहता है और उसको पॉजिटिव सारी चीजों की आलोचना कर रहा है नेक्स्ट टाइम आलोचना करने का मौका नहीं दूंगा तो उनसे बच्चे नहीं उनकी आलोचना सुने उसे तीन करें उसी इंजॉय करें और कुछ अच्छा करने की कोशिश करें

dekhe jo aapki aalochana karta hai sabse pehle toh uska shukriya ada kare kyonki wahi aapka saccha mitra hai jo aap ko pragati ki aur agrasar karne ke liye aapko hamesha uthaata rehta hai aapke andar aag hamesha jalae rakhta hai usi vyakti ki wajah se aapke andar junun rehta hai aur usko positive saari chijon ki aalochana kar raha hai next time aalochana karne ka mauka nahi dunga toh unse bacche nahi unki aalochana sune use teen kare usi enjoy kare aur kuch accha karne ki koshish kare

देखे जो आपकी आलोचना करता है सबसे पहले तो उसका शुक्रिया अदा करें क्योंकि वही आपका सच्चा मित

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  104
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए नंदा को हो जो शुभचिंतक हो अंतर्मन निर्मल करता है जीवन के कठिन कलेवर से अग्नि तक बाधाएं हरता है है कटु का औषधि वही बनी पीकर जिससे सर दर्द ना हो उद्गार करो इतने कोमल कांटों की चुभन का दर्द ना हो यानी कि नींद आई है मनुष्य को निंदा से घबराना नहीं चाहिए निंदा उसको जीवन की नवीनता प्रदान करती है जो हमारी आलोचना करता है अगर हमारे मुंह पर करता है तो हमारा बहुत बड़ा दोस्त है वह शत्रु जो है वह पीठ पीछे आलोचना करता है लेकिन दोस्त जो होता है मुंह पर आलोचना करता है ताकि हमारे अंदर सुधारा जाता को पहचाने अपने संघर्ष के मार्ग पर चलें हम किसी झूठ झूठी बातों पर पसंद ना हो जी चीजें इसलिए हमको जो आलोचना होती है हमें जीवन में नवीनता प्रदान करती है और मैं जीवन में आगे बढ़ने का मौका देते सुधार का मौका

dekhiye nanda ko ho jo shubhchintak ho antarman nirmal karta hai jeevan ke kathin kalevar se agni tak baadhayain harata hai hai katu ka aushadhi wahi bani peekar jisse sir dard na ho ugdar karo itne komal kanton ki chubhan ka dard na ho yani ki neend I hai manushya ko ninda se ghabrana nahi chahiye ninda usko jeevan ki navinata pradan karti hai jo hamari aalochana karta hai agar hamare mooh par karta hai toh hamara bahut bada dost hai vaah shatru jo hai vaah peeth peeche aalochana karta hai lekin dost jo hota hai mooh par aalochana karta hai taki hamare andar sudhara jata ko pehchane apne sangharsh ke marg par chalen hum kisi jhuth jhuthi baaton par pasand na ho ji cheezen isliye hamko jo aalochana hoti hai hamein jeevan me navinata pradan karti hai aur main jeevan me aage badhne ka mauka dete sudhaar ka mauka

देखिए नंदा को हो जो शुभचिंतक हो अंतर्मन निर्मल करता है जीवन के कठिन कलेवर से अग्नि तक बाधा

Romanized Version
Likes  223  Dislikes    views  1872
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो स्वस्थ आलोचना है वह बहुत अच्छी है अगर कोई आपकी आलोचना करता है रहीम दास जी कहते हैं निंदक नियरे राखिए नंदा की जो है उसको नजदीक रखना चाहिए क्योंकि वह आपको बिना साबुन बिना पानी के आपके स्वभाव को निर्मल कर देता है निंदा को पहचाना आपको आना चाहिए हमेशा स्तुति और स्तुति सुनने की आदत भी गलत है रावण के जैसे दरबारी लोगों के संपर्क में रहना भी जरूरी है आपकी स्वस्थ स्वस्थ स्वस्थ आलोचना होती है वह भी बहुत अच्छी बात है उससे और आप का विकास होता है

jo swasth aalochana hai vaah bahut achi hai agar koi aapki aalochana karta hai rahim das ji kehte hain nindak niyare rakhiye nanda ki jo hai usko nazdeek rakhna chahiye kyonki vaah aapko bina sabun bina paani ke aapke swabhav ko nirmal kar deta hai ninda ko pehchana aapko aana chahiye hamesha stuti aur stuti sunne ki aadat bhi galat hai ravan ke jaise darbari logo ke sampark me rehna bhi zaroori hai aapki swasth swasth swasth aalochana hoti hai vaah bhi bahut achi baat hai usse aur aap ka vikas hota hai

जो स्वस्थ आलोचना है वह बहुत अच्छी है अगर कोई आपकी आलोचना करता है रहीम दास जी कहते हैं निंद

Romanized Version
Likes  331  Dislikes    views  2754
WhatsApp_icon
user

Sandeep Agnihotri

Author , Motivational Trainer.

1:33
Play

Likes  103  Dislikes    views  989
WhatsApp_icon
user

Pramod Kushwaha

famous Motivational Guru N Painter

1:05
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मोटिवेशन गुरु प्रमोद कुशवाहा भोपाल में आपका स्वागत करता हूं आपका प्रश्न यदि आपकी आलोचना करता है तो आप को कैसे हैंडल करना चाहिए अगर आपकी कोई आलोचना करता है तो अच्छी बात है आपके जीवन में एक आलोचक होना चाहिए आलोचक आलोचक वस्वर है तो मोहल्ले की नाली की आधी गंदगी तो वह हिसाब कर देता है अगर आलोचक आपके पास है तो आपकी सफलता निश्चित है हैप्पी आपको जल्दी बताने वाला कोई नहीं आलोचक जो आपकी गलतियां बताता है वह गलतियां पता चलती है तो सुधार होता है तो जीवन में आलोचक का होना जरूरी है जितने आलोचक होंगे आप सफलता जल्दी प्राप्त करेंगे

motivation guru pramod kushwaha bhopal me aapka swaagat karta hoon aapka prashna yadi aapki aalochana karta hai toh aap ko kaise handle karna chahiye agar aapki koi aalochana karta hai toh achi baat hai aapke jeevan me ek aalochak hona chahiye aalochak aalochak vaswar hai toh mohalle ki nali ki aadhi gandagi toh vaah hisab kar deta hai agar aalochak aapke paas hai toh aapki safalta nishchit hai happy aapko jaldi batane vala koi nahi aalochak jo aapki galtiya batata hai vaah galtiya pata chalti hai toh sudhaar hota hai toh jeevan me aalochak ka hona zaroori hai jitne aalochak honge aap safalta jaldi prapt karenge

मोटिवेशन गुरु प्रमोद कुशवाहा भोपाल में आपका स्वागत करता हूं आपका प्रश्न यदि आपकी आलोचना कर

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  125
WhatsApp_icon
user

Pawan

Financial Planer

0:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई आपकी आलोचना करें तो आप मुझ पर बिल्कुल शांत हो किसकी बात तो सुनिए और फिर अपने आप से बात कीजिए कि वह बता सच बोल रहा है या गलत अगर उस बात में सही लग रहा है क्या कुछ बातें इसमें सही बोले कुछ बात में आप कल तो उसे ठीक कीजिए और आपको लगता है आप पूरी तरह से ठीक है तो आपको कुछ पता नहीं लेकिन उसको जवाब देने की जरूरत नहीं है बस अपने काम पर ध्यान दीजिए तो जवाब अपने आप ही मिल जाएगा क्या आप सही हुए कर दो

koi aapki aalochana kare toh aap mujhse par bilkul shaant ho kiski baat toh suniye aur phir apne aap se baat kijiye ki vaah bata sach bol raha hai ya galat agar us baat me sahi lag raha hai kya kuch batein isme sahi bole kuch baat me aap kal toh use theek kijiye aur aapko lagta hai aap puri tarah se theek hai toh aapko kuch pata nahi lekin usko jawab dene ki zarurat nahi hai bus apne kaam par dhyan dijiye toh jawab apne aap hi mil jaega kya aap sahi hue kar do

कोई आपकी आलोचना करें तो आप मुझ पर बिल्कुल शांत हो किसकी बात तो सुनिए और फिर अपने आप से बात

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  149
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं उसको पता चलेगा कि यह इंसान कितना बदतमीज है

aalochana karta hai toh aap use kaise handle karte hain usko pata chalega ki yah insaan kitna badtameez hai

आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैंडल करते हैं उसको पता चलेगा कि यह इंसान कितना बदतमीज है

Romanized Version
Likes  321  Dislikes    views  4586
WhatsApp_icon
user

VC. Speaks

Soft Skill Trainer

1:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैं दत्त करते हैं यदि कोई मेरी आलोचना करता है सबसे पहले मैं यह देखता हूं कि उसकी मेरी जिंदगी में अहमियत क्या है दूसरा मैं यह देखता हूं कि मैं उसके कितनी इज्जत करता हूं क्या वह इस लायक है कि उसकी आलोचना से मुझे फर्क पड़े अगर इस लायक है तो उसकी की गई आलोचना के पीछे का कारण जरूर जानना में तथ्य क्या है क्यों आलोचना की है क्या जो भी उन्होंने आलोचना करी है वह सही है क्या मेरे पास उसमें कुछ सीखने के लिए है कुछ सुधारने के लिए अगर तुम की आलोचना जायल है मेरी बेहतरी के लिए है तुम्हें उस आलोचना के कारण को सुधार लूंगा दूसरा अगर मेरे को यह समझ आता है कि जिस ने आलोचना की उसकी मेरी जिंदगी में कोई अहमियत नहीं है या वह इस लायक नहीं है कि मेरे को उनकी आलोचना पर ध्यान देने की जरूरत हो तो फिर मैं उनकी आलोचना पर बिल्कुल ध्यान नहीं दूंगा तो यह कभी नहीं करना कि अगर किसी ने आलोचना करें तो यह फैसला कर लिया कि अब मैंने इनसे बात नहीं करनी है रिश्ता तोड़ना हो सकता है उन्होंने आपकी आलोचना की बेहतरी करी के लिए करी हो तो यह फाइंड आउट करिए और अगर कुछ सुधारने का मौका मिलता है तो उसे जरूर जरूर सुधारी है लेकिन अगर सामने वाला इंसान आपकी जिंदगी में कोई अहमियत नहीं रखता उनकी आलोचना बिल्कुल भी जाए तो उस पर ध्यान मत दीजिए कि मेरी सोच है सुनने के लिए थैंक यू

yadi koi aapki aalochana karta hai toh aap use kaise hain dutt karte hain yadi koi meri aalochana karta hai sabse pehle main yah dekhta hoon ki uski meri zindagi mein ahamiyat kya hai doosra main yah dekhta hoon ki main uske kitni izzat karta hoon kya vaah is layak hai ki uski aalochana se mujhe fark pade agar is layak hai toh uski ki gayi aalochana ke peeche ka karan zaroor janana mein tathya kya hai kyon aalochana ki hai kya jo bhi unhone aalochana kari hai vaah sahi hai kya mere paas usme kuch sikhne ke liye hai kuch sudhaarne ke liye agar tum ki aalochana gayal hai meri behatari ke liye hai tumhe us aalochana ke karan ko sudhaar lunga doosra agar mere ko yah samajh aata hai ki jis ne aalochana ki uski meri zindagi mein koi ahamiyat nahi hai ya vaah is layak nahi hai ki mere ko unki aalochana par dhyan dene ki zarurat ho toh phir main unki aalochana par bilkul dhyan nahi dunga toh yah kabhi nahi karna ki agar kisi ne aalochana kare toh yah faisla kar liya ki ab maine inse baat nahi karni hai rishta todna ho sakta hai unhone aapki aalochana ki behatari kari ke liye kari ho toh yah find out kariye aur agar kuch sudhaarne ka mauka milta hai toh use zaroor zaroor sudhari hai lekin agar saamne vala insaan aapki zindagi mein koi ahamiyat nahi rakhta unki aalochana bilkul bhi jaaye toh us par dhyan mat dijiye ki meri soch hai sunne ke liye thank you

यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो आप उसे कैसे हैं दत्त करते हैं यदि कोई मेरी आलोचना करता है स

Romanized Version
Likes  121  Dislikes    views  2226
WhatsApp_icon
user

Shipra Ranjan

Life Coach

1:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो कैसे हैंडल करते हैं तो सबसे सीधी सी बात है जो हमारी आलोचना कर रहे हैं उन्हें करने दीजिए क्योंकि कुछ लोग होते हैं दुनिया में जिन्होंने सोच रखा है कि वह आपके अंदर की सिर्फ और सिर्फ बुराइयां और कमियां ही देखेंगे मैं आपके अंदर की अच्छाई नहीं नजर आएगी हर व्यक्ति के अंदर अच्छाई और बुराई दोनों होती हैं तो कोई भी इंसान नहीं होता इतना ही परफेक्ट अगर इंसान हो तो वह साधु संत महात्मा ना बन जाए नहीं हो सकता कोई भी पॉसिबल नहीं है कि हर पल हर बंदा एकदम परफेक्ट हो जाए जिन लोगों की आदत है जो सिर्फ केंद्र की बुराइयां ही देखना चाहते हैं कमियों को ही ढूंढना चाहते हैं उनका आप कुछ नहीं कर सकते किसी की सोच को ना बदला जा सकता है और ना ही आप बदल सकते हैं आप कोशिश करके भी देख ले तो भी आप इसे किस सोच को नहीं बदल सकते जैसे लोगों की परवाह ही क्यों करना जिन्होंने सोच रखा है कि उन्हें सिर्फ आपके अंदर की कमियां ही देखनी है आपकी अच्छाइयों को आपके गुणों को वह देखना ही नहीं जाते हैं जब आपकी अच्छाई और गुणों को देखना ही नहीं चाहते हैं ऐसे लोगों के बारे में आप भी सोचना छोड़ दें थोड़ा सा मुश्किल है नामुमकिन नहीं है आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद

aapka sawaal hai ki yadi koi aapki aalochana karta hai toh kaise handle karte hain toh sabse seedhi si baat hai jo hamari aalochana kar rahe hain unhe karne dijiye kyonki kuch log hote hain duniya mein jinhone soch rakha hai ki vaah aapke andar ki sirf aur sirf buraiyan aur kamiyan hi dekhenge main aapke andar ki acchai nahi nazar aayegi har vyakti ke andar acchai aur burayi dono hoti hain toh koi bhi insaan nahi hota itna hi perfect agar insaan ho toh vaah sadhu sant mahatma na ban jaaye nahi ho sakta koi bhi possible nahi hai ki har pal har banda ekdam perfect ho jaaye jin logo ki aadat hai jo sirf kendra ki buraiyan hi dekhna chahte hain kamiyon ko hi dhundhana chahte hain unka aap kuch nahi kar sakte kisi ki soch ko na badla ja sakta hai aur na hi aap badal sakte hain aap koshish karke bhi dekh le toh bhi aap ise kis soch ko nahi badal sakte jaise logo ki parvaah hi kyon karna jinhone soch rakha hai ki unhe sirf aapke andar ki kamiyan hi dekhni hai aapki acchhaiyon ko aapke gunon ko vaah dekhna hi nahi jaate hain jab aapki acchai aur gunon ko dekhna hi nahi chahte hain aise logo ke bare mein aap bhi sochna chod de thoda sa mushkil hai namumkin nahi hai aapka din shubha rahe dhanyavad

आपका सवाल है कि यदि कोई आपकी आलोचना करता है तो कैसे हैंडल करते हैं तो सबसे सीधी सी बात है

Romanized Version
Likes  269  Dislikes    views  3060
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!