आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं?...


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Indu Sharma

Educator and Motivational Speaker

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ऐसे और सवाल
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VC. Speaks

Soft Skill Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दबाव हर इंसान को महसूस होता है किसी ना किसी तरह का दबाव और आजकल की जिंदगी में दबाव बहुत प्रकार के दबाव से निपटने का सबसे आसान तरीका है दबाव की जड़ को आईडेंटिफाई करें समझे कि जो दबाव है वह किस कारण से है कहां से आता है दूसरा जो एक बहुत नॉर्मल और नाचूरल जो हम सब जानते हैं और करते हैं शायद उस जड़ का कोई इलाज ढूंढें हम अक्सर तब आपको ग्रहण कर लेते हैं उसको अपने ऊपर हावी होने देते हैं पूना करें बहुत ही सिंपल चीज है जो शायद आप और मैं हम सब जानते हैं लेकिन दबाव आने पर भूल जाते हैं तो इसलिए दो चीजों को ख्याल रखें पहला दबाव को ग्रहण ना करें उसको अपने ऊपर हावी ना होने दें और दूसरा उसकी जड़ तक पहुंचे और फिर उसका इलाज बाकी हर इंसान की जिंदगी का एक अलग तरह का दबाव है और हम सबको उससे एक अलग तरीके से डील करना होता है निपटना होता है लेकिन यह दो चीजें हर स्थिति में हर इंसान क्यों तब आप से डील करने में हेल्प करती हैं इन्हें जरूर याद रखेगा और सुनने के लिए थैंक यू

dabaav har insaan ko mehsus hota hai kisi na kisi tarah ka dabaav aur aajkal ki zindagi mein dabaav bahut prakar ke dabaav se nipatane ka sabse aasaan tarika hai dabaav ki jad ko aidentifai kare samjhe ki jo dabaav hai vaah kis karan se hai kahaan se aata hai doosra jo ek bahut normal aur nachural jo hum sab jante hain aur karte hain shayad us jad ka koi ilaj dhundhe hum aksar tab aapko grahan kar lete hain usko apne upar haavi hone dete hain puna kare bahut hi simple cheez hai jo shayad aap aur main hum sab jante hain lekin dabaav aane par bhool jaate hain toh isliye do chijon ko khayal rakhen pehla dabaav ko grahan na kare usko apne upar haavi na hone de aur doosra uski jad tak pahuche aur phir uska ilaj baki har insaan ki zindagi ka ek alag tarah ka dabaav hai aur hum sabko usse ek alag tarike se deal karna hota hai nipatna hota hai lekin yah do cheezen har sthiti mein har insaan kyon tab aap se deal karne mein help karti hain inhen zaroor yaad rakhega aur sunne ke liye thank you

दबाव हर इंसान को महसूस होता है किसी ना किसी तरह का दबाव और आजकल की जिंदगी में दबाव बहुत प्

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Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करता हूं सबसे इंपोर्टेंट बात है कि कई बार हम अपने आप से कहते कि मैं पॉजिटिव हूं मैं सकारात्मक इंसान हूं मैं कभी टेंशन नहीं लेता मैं कभी दुखी महसूस नहीं करता हम अपने आप को मोटिवेट करने के लिए यह शब्दों का इस्तेमाल अक्सर करते हैं लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि एक इंसान पॉजिटिव है या नेगेटिव है उत्तर पता चलता है जब उसके लाइफ में सबसे बड़े प्रॉब्लम टेंशन और दबाव आ रहे हो क्योंकि तभी पता चलेगा ना कि वह इंसान पॉजिटिव है नहीं कि तुम जब बुरे हालातों में इंसान अगर पॉजिटिव रहता है हर जिलों को सकारात्मक देखता है इसका मतलब है कि उसका एटीट्यूड पॉजिटिव है और अगर मान लो कि हम मुंह से बोल रहे हैं कि पॉजिटिव हूं सकारात्मक हूं और अगर कोई टेंशन वाली बात ही जिंदगी में कोई दबा वाला प्रसंग आया जिंदगी में और हम टूट गए हार मान ली तो काहे की पॉजिटिव हम लोग तो आप अगर पॉजिटिव हो या नेगेटिव हो तब पता चलता है जब आपकी जिंदगी में प्रॉब्लम आते हैं सबसे बड़ा चेक करने का थर्मामीटर है पॉजिटिव का वही प्रॉब्लम आपके लाइफ में जो प्रॉब्लम आते हैं उससे तय होता है कि आप किस प्रकार के डिसीजन लेते हैं

main apne aap ko dabaav mein kaise prerit karta hoon sabse important baat hai ki kai baar hum apne aap se kehte ki main positive hoon main sakaratmak insaan hoon main kabhi tension nahi leta main kabhi dukhi mehsus nahi karta hum apne aap ko motivate karne ke liye yah shabdon ka istemal aksar karte hain lekin mera aisa manana hai ki ek insaan positive hai ya Negative hai uttar pata chalta hai jab uske life mein sabse bade problem tension aur dabaav aa rahe ho kyonki tabhi pata chalega na ki vaah insaan positive hai nahi ki tum jab bure halaton mein insaan agar positive rehta hai har jilon ko sakaratmak dekhta hai iska matlab hai ki uska attitude positive hai aur agar maan lo ki hum mooh se bol rahe hain ki positive hoon sakaratmak hoon aur agar koi tension wali baat hi zindagi mein koi daba vala prasang aaya zindagi mein aur hum toot gaye haar maan li toh kaahe ki positive hum log toh aap agar positive ho ya Negative ho tab pata chalta hai jab aapki zindagi mein problem aate hain sabse bada check karne ka thermometer hai positive ka wahi problem aapke life mein jo problem aate hain usse tay hota hai ki aap kis prakar ke decision lete hain

मैं अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करता हूं सबसे इंपोर्टेंट बात है कि कई बार हम अपने आप

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं देखिए दबाव में फिर प्रत्येक व्यक्ति जब कोई कार्य करता है और असफल होने लगता है तो निश्चित है कि व्यक्ति दबाव में दबाव अनुभव करने लगता है तो कोई जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति में मनुष्य को सफलता ही हासिल हो लेकिन किसी भी कार्य को करने के बाद व्यक्ति को असफलता दिखने लगती है या अनुभव होने लगता है भले बाद में सफलता मिले तो उसे वक्त तक उस स्थान तक व्यक्ति अपने आप को दबाव में महसूस करता है धन्यवाद

aapka question hai aap apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain dekhiye dabaav mein phir pratyek vyakti jab koi karya karta hai aur asafal hone lagta hai toh nishchit hai ki vyakti dabaav mein dabaav anubhav karne lagta hai toh koi zaroori hai ki pratyek vyakti mein manushya ko safalta hi hasil ho lekin kisi bhi karya ko karne ke baad vyakti ko asafaltaa dikhne lagti hai ya anubhav hone lagta hai bhale baad mein safalta mile toh use waqt tak us sthan tak vyakti apne aap ko dabaav mein mehsus karta hai dhanyavad

आपका क्वेश्चन है आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं देखिए दबाव में फिर प्रत्येक

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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Khushi

Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छा सवाल पूछा है आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं तो मैं कहना चाहूंगी कि सबसे पहले हमें अपनी जो थिंकिंग सोच है उसे हमेशा पॉजिटिव रखना चाहिए किया जिस वजह से हम दबाव में हैं उसके कोई न कोई तो वजह रही होगी ठीक है अगर उस बजे का हम टेंशन ले दबाव में तू से किसको प्रॉब्लम होगी हमें प्रॉब्लम होगी बल्कि उस टाइम पर आपको ऐसा करना चाहिए कि उस दबाव से हटने के लिए आपको सच सॉल्यूशन होना चाहिए पोजिटिव बी पॉजिटिव ईमेल ले जाइए कि जो हुआ उसके पीछे कोई न कोई नहीं तो वजह थी और अब उसका जो गलती थी होनी थी वह हो गई भरने के लिए आपको पॉजिटिव पर थूकना ठीक है आप उस चीज से निपटने के लिए लिखने के लिए पॉजिटिव सोच और कोशिश करिए कि जो गलतियां आपसे हुई है उससे क्या करें उसको सॉल्यूशन होने की कोशिश करेगी इससे कैसे बचा जा सकता है उसको पॉजिटिव भी जो है पॉजिटिव वे है वह मोस्ट इंपोर्टेंट है अगर पॉजिटिव है आप तो आपको कभी भी किसी भी प्रकार की टेंशन नहीं हो सकती क्यों कोई भी दुनिया में कोई भी कंडीशन हमारी लाइफ में आती होती है सबसे पहले उस चीज का मुद्दा ढूंढी है कि मैं टेंशन में हूं मैं दबाव में क्यों अगर मेरे खेत में गया था ए तो जब मैं दबाव में हूं पहले उसका खुद से सवाल पूछा कि आखिर किस वजह से मुझे दवा हुआ है तो उसका सलूशन होने के लिए क्या करती हूं आखिर वह दबाव है क्या पहले क्वेश्चन कर लीजिए आखिर में दवा है क्या तो उसका जब मैं मुझे पता चलता है कि मैं इस वजह से परेशान तो फिर मैं कोशिश करती हूं इसका सलूशन हूं ताकि मैं इस दबाव से तो आप लोग भी ज्यादा से ज्यादा समय से पॉजिटिव में चाहिए पॉजिटिव वे एक ऐसी चीज है जरा पॉजिटिव सोचेंगे ना तो हमेशा पॉजिटिव होगा निर्माण के चली कितनी भी प्रॉब्लम आ जाए आपकी लाइफ में अगर आप पॉजिटिव सोच है कि हां यार यह इस वजह से आइए तो उसका भी पक्का कोई सलूशन होगा और यह मेरे साथ हुआ है तो कहावत है ना जो होता है अच्छे के लिए होता है पॉजिटिव से बाहर निकलने की कोशिश कीजिए

bahut accha sawaal poocha hai aap apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain toh main kehna chahungi ki sabse pehle hamein apni jo thinking soch hai use hamesha positive rakhna chahiye kiya jis wajah se hum dabaav mein hain uske koi na koi toh wajah rahi hogi theek hai agar us baje ka hum tension le dabaav mein tu se kisko problem hogi hamein problem hogi balki us time par aapko aisa karna chahiye ki us dabaav se hatane ke liye aapko sach solution hona chahiye pojitiv be positive email le jaiye ki jo hua uske peeche koi na koi nahi toh wajah thi aur ab uska jo galti thi honi thi vaah ho gayi bharne ke liye aapko positive par thukana theek hai aap us cheez se nipatane ke liye likhne ke liye positive soch aur koshish kariye ki jo galtiya aapse hui hai usse kya kare usko solution hone ki koshish karegi isse kaise bacha ja sakta hai usko positive bhi jo hai positive ve hai vaah most important hai agar positive hai aap toh aapko kabhi bhi kisi bhi prakar ki tension nahi ho sakti kyon koi bhi duniya mein koi bhi condition hamari life mein aati hoti hai sabse pehle us cheez ka mudda dhundhi hai ki main tension mein hoon main dabaav mein kyon agar mere khet mein gaya tha a toh jab main dabaav mein hoon pehle uska khud se sawaal poocha ki aakhir kis wajah se mujhe dawa hua hai toh uska salution hone ke liye kya karti hoon aakhir vaah dabaav hai kya pehle question kar lijiye aakhir mein dawa hai kya toh uska jab main mujhe pata chalta hai ki main is wajah se pareshan toh phir main koshish karti hoon iska salution hoon taki main is dabaav se toh aap log bhi zyada se zyada samay se positive mein chahiye positive ve ek aisi cheez hai zara positive sochenge na toh hamesha positive hoga nirmaan ke chali kitni bhi problem aa jaaye aapki life mein agar aap positive soch hai ki haan yaar yah is wajah se aaiye toh uska bhi pakka koi salution hoga aur yah mere saath hua hai toh kahaavat hai na jo hota hai acche ke liye hota hai positive se bahar nikalne ki koshish kijiye

बहुत अच्छा सवाल पूछा है आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं तो मैं कहना चाहूंगी क

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है कि आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं सच्ची बात मैं बताऊं तो मैं यदि मैं किसी तरह के दबाव में रहती हूं प्रेशर में रहती हूं तुम मैं खुद को प्रेरित करते करते हो ऑल इज वेल मैं अच्छा करोगे मैं अभी तक अच्छा किया है मेरा रिजल्ट आया तो मैं अभी भी अच्छा ही करूंगी टेंशन की बात नहीं है जिंदगी तो अभी और पढ़िए मैं तो करूंगा करूंगी भले ही हमें हार मिली अजीत मैं करूंगी और इसमें प्रजाति हमसे सारी टेंशन दूर हो जाते हैं

prashna hai ki aap apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain sachi baat main bataun toh main yadi main kisi tarah ke dabaav mein rehti hoon pressure mein rehti hoon tum main khud ko prerit karte karte ho all is well main accha karoge main abhi tak accha kiya hai mera result aaya toh main abhi bhi accha hi karungi tension ki baat nahi hai zindagi toh abhi aur padhiye main toh karunga karungi bhale hi hamein haar mili ajit main karungi aur isme prajati humse saree tension dur ho jaate hain

प्रश्न है कि आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं सच्ची बात मैं बताऊं तो मैं यदि म

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दवा में रहते हैं तो अपने आदर्शों को के लिए मां पुरुषों की जीवनी को याद करते हैं महापुरुषों के बारे में सोचते हुए कैसे विपरीत परिस्थिति में जिंदा रहे विपरीत परिस्थिति में आपको दर के साथ आगे बढ़े और हम भी अपने घर के साथ प्रश्न के साथ आगे बढ़ते हैं और घबराते नहीं इसलिए दवा में इंसान को प्रेरित होना चाहिए ना की खबर आकर हार मानना चाहिए मेहनत करना चाहिए कृष्ण खन्ना सेवा करना

dawa mein rehte hain toh apne aadarshon ko ke liye maa purushon ki jeevni ko yaad karte hain mahapurushon ke bare mein sochte hue kaise viprit paristithi mein zinda rahe viprit paristithi mein aapko dar ke saath aage badhe aur hum bhi apne ghar ke saath prashna ke saath aage badhte hain aur ghabarate nahi isliye dawa mein insaan ko prerit hona chahiye na ki khabar aakar haar manana chahiye mehnat karna chahiye krishna khanna seva karna

दवा में रहते हैं तो अपने आदर्शों को के लिए मां पुरुषों की जीवनी को याद करते हैं महापुरुषों

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Suresh Jeswani

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने आप को दबाव में भी प्रेरित कैसे रखते हैं कि आपका सवाल है तो देखी जब भी आपको ऐसा महसूस होता है कि आपके ऊपर कोई दबाव है तो आप उन क्षणों की कल्पना कीजिए जो आने वाले हैं मतलब फीचर में कि जहां पर आपको सफलता मिलेगी और सफलता मिलने के बाद में आप का जो रवैया कबीर वियर जो है या फिर आपका अस्तित्व जो है वह कैसा होगा आपको कितना मजा आएगा तो मतलब यह काउंटर अटैक होगा आपके जो दिमाग में आपको टेंशन है जो आपको दबाव महसूस होता है तो उसको काउंटर कर सकते हैं उस उम्र इमेजेस कि भाई आपको जो चाहिए वह आपको मिल गया है तो आप क्या-क्या कर रहे हैं वह जो आपके ब्रेन में जब वह इमेजेस चलेंगे तो वह दवा में भी आप प्रेरित रहेंगे उस फ्यूचर की तरफ जाने के लिए थैंक यू

apne aap ko dabaav mein bhi prerit kaise rakhte hain ki aapka sawaal hai toh dekhi jab bhi aapko aisa mehsus hota hai ki aapke upar koi dabaav hai toh aap un kshanon ki kalpana kijiye jo aane waale hain matlab feature mein ki jaha par aapko safalta milegi aur safalta milne ke baad mein aap ka jo ravaiya kabir wear jo hai ya phir aapka astitva jo hai vaah kaisa hoga aapko kitna maza aayega toh matlab yah counter attack hoga aapke jo dimag mein aapko tension hai jo aapko dabaav mehsus hota hai toh usko counter kar sakte hain us umr images ki bhai aapko jo chahiye vaah aapko mil gaya hai toh aap kya kya kar rahe hain vaah jo aapke brain mein jab vaah images chalenge toh vaah dawa mein bhi aap prerit rahenge us future ki taraf jaane ke liye thank you

अपने आप को दबाव में भी प्रेरित कैसे रखते हैं कि आपका सवाल है तो देखी जब भी आपको ऐसा महसूस

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Dr. Narayan Sharma

Agriculture Adviser

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मित्रों को अगर हमारा प्रश्न आपको सही लगे तो लाइक करना ना भूलें आप मैं अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं आपका ही प्रश्न है इस के संदर्भ में कहना चाहूंगा कि मैं जब भी दबाव में होता हूं तो मैं ओंकार की ध्वनि कम पूजा करके करता हूं तो बार-बार रिपीट करने से मेरा मस्त इस दबाव से बाहर निकल आता है और मैं दबाव से ही धीरे बाहर जाता हूं जय भोले

namaskar mitron ko agar hamara prashna aapko sahi lage toh like karna na bhoolein aap main apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain aap apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain aapka hi prashna hai is ke sandarbh mein kehna chahunga ki main jab bhi dabaav mein hota hoon toh main onkaar ki dhwani kam puja karke karta hoon toh baar baar repeat karne se mera mast is dabaav se bahar nikal aata hai aur main dabaav se hi dhire bahar jata hoon jai bhole

नमस्कार मित्रों को अगर हमारा प्रश्न आपको सही लगे तो लाइक करना ना भूलें आप मैं अपने आप को द

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका टेस्ट में आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं बहुत अच्छा प्रश्न है दबाव किसी भी चीज का निर्मित होता है जब आपके अंदर कुछ अपेक्षाएं हैं जब प्यार होता है तो अपेक्षित फल होता है लेकिन जब निरपेक्ष काम पर मन नहीं रहता है कहने का तात्पर्य है कि अनासक्ति के भाव से किए गए कर्म का फल की आसक्ति से कोई संबंध नहीं होता और मैं इसी प्रोस्पेक्टिव इसी दृष्टिकोण से अपने जीवन को काम करता हूं जीवन में काम करता हूं और हमेशा वर्तमान में रहता हूं अतीत में क्या था भविष्य में क्या होगा ऐसा चिंतन मेरे मस्तिष्क में 1 मिनट के लिए भी स्थान नहीं पाता मैं अपना सौ पर्सेंट प्राप्त करता हूं किसी की सिचुएशन को चैटिंग करने के लिए किसी काम को करने के लिए उत्सव परसेंट रिजल्ट होता है उसे मैं प्यार करता हूं लोगों का ओपिनियन लोगों की अपेक्षाएं मेरे लिए आप का संगीत रहते हैं

aapka test mein aap apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain bahut accha prashna hai dabaav kisi bhi cheez ka nirmit hota hai jab aapke andar kuch apekshayen hain jab pyar hota hai toh apekshit fal hota hai lekin jab nirpeksh kaam par man nahi rehta hai kehne ka tatparya hai ki anasakti ke bhav se kiye gaye karm ka fal ki aasakti se koi sambandh nahi hota aur main isi Prospective isi drishtikon se apne jeevan ko kaam karta hoon jeevan mein kaam karta hoon aur hamesha vartaman mein rehta hoon ateet mein kya tha bhavishya mein kya hoga aisa chintan mere mastishk mein 1 minute ke liye bhi sthan nahi pata main apna sau percent prapt karta hoon kisi ki situation ko chatting karne ke liye kisi kaam ko karne ke liye utsav percent result hota hai use main pyar karta hoon logo ka opinion logo ki apekshayen mere liye aap ka sangeet rehte hain

आपका टेस्ट में आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं बहुत अच्छा प्रश्न है दबाव किसी

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Kankan Sarmah

Psychologist

1:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप अपने आप को जवाब में कैसे प्रेरित करते हैं इसे दोस्तों दबाव परेशानी मुश्किल है यह तो हर लाइफ का एक पहलू है वह तो आते ही रहेंगे यह कभी खत्म नहीं होगा आज एक लेवल है तो कल्लू साले में तो परसों 30 वाले भेज दो यह हमेशा एक साइक्लिक प्रोसेस में आते जाते रहते हैं लेकिन बात यह है कि हमें कभी भी ओवरएक्टिव या ओवरथिंकिंग करना जरूरी नहीं है जब भी ऐसे कुछ क्वेश्चन आता है मैं पहले ठंडा हो जाता हूं 2 दिन काम हो जाता हूं फिर मैं सोचता हूं क्यों कैसे हुआ कब हुआ किस लिए हुआ किस वजह से हुआ कहां से शुरू हुआ यानी कि जब मुझे पता चलता है कि हां यही कारण है इसी वजह से हो रहा है तो फिर उसको किस हिसाब से मदर अपनी बताएं उसको किस हिसाब से यह शॉटोक करना चाहिए उसके बारे में सोचते हैं ठीक है तो ठंडे दिमाग में ही आपका क्या होता है अपना पटाबिंधा आपके सामने रहते हैं लेकिन जब आपका सर ग्राम होता है या फिर आप मतलब कुछ टेंशन में हो तो उस समय बिना लाइसेंस कभी आप नहीं ले पाते डिसीजन सही नहीं होता तो ठंडा होकर चुपचाप से अपने आप के साथ बात कीजिए कोशिश कीजिए जो प्रॉब्लम है उसके बारे में आप सोचिए ना मैसेज कीजिए फिर सलूशन आपने आपके सामने रहेगा धन्यवाद

aap apne aap ko jawab mein kaise prerit karte hain ise doston dabaav pareshani mushkil hai yah toh har life ka ek pahaloo hai vaah toh aate hi rahenge yah kabhi khatam nahi hoga aaj ek level hai toh kallu saale mein toh parso 30 waale bhej do yah hamesha ek cyclic process mein aate jaate rehte hain lekin baat yah hai ki hamein kabhi bhi ovaraektiv ya overthinking karna zaroori nahi hai jab bhi aise kuch question aata hai pehle thanda ho jata hoon 2 din kaam ho jata hoon phir main sochta hoon kyon kaise hua kab hua kis liye hua kis wajah se hua kahaan se shuru hua yani ki jab mujhe pata chalta hai ki haan yahi karan hai isi wajah se ho raha hai toh phir usko kis hisab se mother apni bataye usko kis hisab se yah shatok karna chahiye uske bare mein sochte hain theek hai toh thande dimag mein hi aapka kya hota hai apna patabindha aapke saamne rehte hain lekin jab aapka sir gram hota hai ya phir aap matlab kuch tension mein ho toh us samay bina license kabhi aap nahi le paate decision sahi nahi hota toh thanda hokar chupchap se apne aap ke saath baat kijiye koshish kijiye jo problem hai uske bare mein aap sochiye na massage kijiye phir salution aapne aapke saamne rahega dhanyavad

आप अपने आप को जवाब में कैसे प्रेरित करते हैं इसे दोस्तों दबाव परेशानी मुश्किल है यह तो हर

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Arpita Sharma

An IAS aspirant And Govt Employee

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मैं अपने आप को दबाव में कैसे पेंट करते हैं तो देखिए पहले तो लोगों के घर की चीजों से अलग अलग होती है हमको कुछ करना है अब हमको कुछ बड़ा घर में पढ़ना है कुछ बनना है तो उसके लिए सबसे बड़ी बात यह है कि हमारे पास उस चीज को करने के लिए वजह क्या है वह वजन रिंकल वही बजा हमको आप किसी मुसीबत में प्रेरित करती है भगवान हमको चैलेंज देता है इसलिए नहीं कि हम उसे छोड़ो से डर के भाग गए बल्कि इसलिए देता है बाकी हम दबाव का सामना करके अपने लाइफ को अच्छा मैटर बना सकें

main apne aap ko dabaav mein kaise paint karte hain toh dekhiye pehle toh logo ke ghar ki chijon se alag alag hoti hai hamko kuch karna hai ab hamko kuch bada ghar mein padhna hai kuch banna hai toh uske liye sabse badi baat yah hai ki hamare paas us cheez ko karne ke liye wajah kya hai vaah wajan wrinkle wahi baja hamko aap kisi musibat mein prerit karti hai bhagwan hamko challenge deta hai isliye nahi ki hum use chodo se dar ke bhag gaye balki isliye deta hai baki hum dabaav ka samana karke apne life ko accha matter bana sakein

मैं अपने आप को दबाव में कैसे पेंट करते हैं तो देखिए पहले तो लोगों के घर की चीजों से अलग अल

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जब परेशान होता है जिसे आप दबाव बोल रहे हैं तो सबसे पहले जो सबसे टॉप काम होता है वह खुद को कूल डालूश करो यह सबसे टफ और सबसे जरूरी काम होता यही हम मैं करने की कोशिश पूरी करता हूं कि मेरे कुल योजना क्योंकि अगर आप प्रेशर प्रेशर सिचुएशन में भी आप कूल कंट्रोल कर लेंगे माइंड पर कंट्रोल कर लेंगे तो फिर आप आराम से परफॉर्म कर सकते हैं तो सबसे जरूरी होता है कुल योजना करना पेशंस रखना प्रेशर रेसिपी अथवा परफॉर्मेंस दे सकते हैं किसी भी वर्क में या लाइफ में कभी भी यह बहुत जरूरी है और यही मैं करने की कोशिश करता हूं यहीं से मुझे प्रेरणा भी मिलती है कि कोई न्यूज़ नहीं हुआ तो ठीक है हम काम तो करेंगे ही स्कूल उसका s.n.c. है कि अगर आप गुस्सा होते हो या ऐसा कुछ अंश होते हो ऐसा कुछ तो उसे ट्यूशन में माइंड करना बंद कर देता है आपकी एफिशिएंसी डाउन हो जाती है तो फिर लौट ही होगा आपको कोई फायदा तो होगा नहीं गुस्से में कोई भी फैसला फायदा हो तो करता नहीं तो कोशिश यही रहता है कि कुल्लू

dekhiye jab pareshan hota hai jise aap dabaav bol rahe hain toh sabse pehle jo sabse top kaam hota hai vaah khud ko cool dalush karo yah sabse tough aur sabse zaroori kaam hota yahi hum main karne ki koshish puri karta hoon ki mere kul yojana kyonki agar aap pressure pressure situation me bhi aap cool control kar lenge mind par control kar lenge toh phir aap aaram se perform kar sakte hain toh sabse zaroori hota hai kul yojana karna Patience rakhna pressure recipe athva performance de sakte hain kisi bhi work me ya life me kabhi bhi yah bahut zaroori hai aur yahi main karne ki koshish karta hoon yahin se mujhe prerna bhi milti hai ki koi news nahi hua toh theek hai hum kaam toh karenge hi school uska s n c hai ki agar aap gussa hote ho ya aisa kuch ansh hote ho aisa kuch toh use tuition me mind karna band kar deta hai aapki efishiensi down ho jaati hai toh phir lot hi hoga aapko koi fayda toh hoga nahi gusse me koi bhi faisla fayda ho toh karta nahi toh koshish yahi rehta hai ki kullu

देखिए जब परेशान होता है जिसे आप दबाव बोल रहे हैं तो सबसे पहले जो सबसे टॉप काम होता है वह ख

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Minu Nijhawan

NLP Life N Wellness Coach /Reiki Master/ Author

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आज की जिंदगी में दबाव या प्रेस हां हर एक इंसान को है और इंसान क्या आजकल स्कूल जाने वाले चार पांच छे साल के बच्चों को भी बहुत दबाव है तो सबसे पहले तो दबाव के बारे में यह जानना बहुत जरूरी है कि हर किसी को इस से दो-चार होना पड़ता है फिर से दबाव से बहुत ही वजह हो सकती हैं कभी पैसे का दबाव रिलेशनशिप का दबाव या बाहरी दुनिया का दबाव दबाव बहुत तरह का है लेकिन खुद को प्रेरित रखना उसमें खुद को कैसे मोटिवेटेड रखना वह बहुत इंपॉर्टेंट है आगे ही टाइम होता है क्योंकि देखे जब स्थितियां नार्मल होती हैं तो कोई भी अपने आप को प्रेरित रख सकता है पर दबाव में खुद को प्रेरित करने के लिए आपको मेंटली स्ट्रांग ना पता है सबसे पहले जो भी सिचुएशन आती है उसे क्वेश्चन को हैंडल करने के लिए आपको स्पेशल को समझना पड़ेगा कि यह जो दबाव आया रे आया उसका रीजन क्या है अगर आज मेरे पास पैसा नहीं है तो उसका रीजन क्या है क्या मैं अपना हार्ड वर्क नहीं कर रहा हूं या मैं इतनी मेहनत नहीं कर रहा हूं या मैं कुछ उस केल्विन पीढ़ी में काम नहीं कर रहा हूं अगर मेरा रिश्ता खराब है उसका दबाव है तो उसकी अज्ञानी है उसकी वजह क्या है कि कहीं मेरे बिहेवियर में प्रॉब्लम तो नहीं है मेरे रिएक्शन तो गलत नहीं है तो जब हम रीजंस को जाना शुरु करते हैं तो हम कहीं ना कहीं अपनी रिस्पांसिबिलिटी एक्सेप्ट करते हैं कि मुझ में भी कुछ प्रॉब्लम हो सकती हैं या अगर कोई सिचुएशन आई है दबाव वाली तो उसमें उतना ज्यादा प्यार ना कर के आप को समझना चाहिए कि एक बुद्धा का बहुत अच्छा भगवान महात्मा बुध का बहुत अच्छा कोट है यह वक्त बीत जाएगा तो देखे दबाव वाला वक्त भी बीत जाएगा अच्छा हो तुम्हें भी जाएगा तो यही चीजें आपको प्रेरणा देते हैं आप को प्रेरित करते हैं कि नथिंग प्रॉमिनेंट कुछ भी कमेंट नहीं है लाइफ में जो चीज भी आती है वह चली जाती है और सिम अप्लाई होता है दबाव के साथ प्रेस के साथ तो जो चीज आई है वह चली जाएगी और पॉजिटिविटी आपको हमेशा प्रेरित सकती है उस चीज से निकलने के लिए थैंक यू वेरी मच

aaj ki zindagi mein dabaav ya press haan har ek insaan ko hai aur insaan kya aajkal school jaane waale char paanch che saal ke baccho ko bhi bahut dabaav hai toh sabse pehle toh dabaav ke bare mein yah janana bahut zaroori hai ki har kisi ko is se do char hona padta hai phir se dabaav se bahut hi wajah ho sakti hain kabhi paise ka dabaav Relationship ka dabaav ya bahri duniya ka dabaav dabaav bahut tarah ka hai lekin khud ko prerit rakhna usme khud ko kaise motivated rakhna vaah bahut important hai aage hi time hota hai kyonki dekhe jab sthitiyan normal hoti hain toh koi bhi apne aap ko prerit rakh sakta hai par dabaav mein khud ko prerit karne ke liye aapko mentally strong na pata hai sabse pehle jo bhi situation aati hai use question ko handle karne ke liye aapko special ko samajhna padega ki yah jo dabaav aaya ray aaya uska reason kya hai agar aaj mere paas paisa nahi hai toh uska reason kya hai kya main apna hard work nahi kar raha hoon ya main itni mehnat nahi kar raha hoon ya main kuch us kelvin peedhi mein kaam nahi kar raha hoon agar mera rishta kharab hai uska dabaav hai toh uski agyani hai uski wajah kya hai ki kahin mere behaviour mein problem toh nahi hai mere reaction toh galat nahi hai toh jab hum rijans ko jana shuru karte hain toh hum kahin na kahin apni responsibility except karte hain ki mujhse mein bhi kuch problem ho sakti hain ya agar koi situation I hai dabaav wali toh usme utana zyada pyar na kar ke aap ko samajhna chahiye ki ek buddha ka bahut accha bhagwan mahatma buddha ka bahut accha coat hai yah waqt beet jaega toh dekhe dabaav vala waqt bhi beet jaega accha ho tumhe bhi jaega toh yahi cheezen aapko prerna dete hain aap ko prerit karte hain ki nothing praminent kuch bhi comment nahi hai life mein jo cheez bhi aati hai vaah chali jaati hai aur sim apply hota hai dabaav ke saath press ke saath toh jo cheez I hai vaah chali jayegi aur positivity aapko hamesha prerit sakti hai us cheez se nikalne ke liye thank you very match

आज की जिंदगी में दबाव या प्रेस हां हर एक इंसान को है और इंसान क्या आजकल स्कूल जाने वाले चा

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Rahul Kumar

Clerk in SBI

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मैं जब भी दबाव में होता हूं तो अपने आप को प्रेरित करने के लिए मैं यह सोचता हूं कि यह वक्त जो है यह भी निकल जाएगा और आकर वक्त जो है अच्छा आएगा और मैं सोचता हूं कि आ रही है निकल जाएगा वक्त होगा जो कि आपको परेशानी हो रही है तो टाइम निकल जाएगा तब आपको अपनी दादी मां दादी मां की दादी मां मेरी स्ट्रगल किया है उसको देखकर करता हूं मेरी लाइफ में जो स्ट्रगल हुआ उसको देखकर जो है क्योंकि अभी मैं कर रहा हूं किस वजह से मैं दबाव में यह तो कुछ भी नहीं है जो मैंने अपनी लाइफ में स्टेंगल किया है वह बहुत ही अच्छा हो बहुत ही प्रेशर था पर यह पैसे तो कुछ भी नहीं है तुम्हें अपने आपको पहले किसी चीज से करता हूं कि यह तुझे निकल जाएगा

main jab bhi dabaav mein hota hoon toh apne aap ko prerit karne ke liye main yah sochta hoon ki yah waqt jo hai yah bhi nikal jaega aur aakar waqt jo hai accha aayega aur main sochta hoon ki aa rahi hai nikal jaega waqt hoga jo ki aapko pareshani ho rahi hai toh time nikal jaega tab aapko apni dadi maa dadi maa ki dadi maa meri struggle kiya hai usko dekhkar karta hoon meri life mein jo struggle hua usko dekhkar jo hai kyonki abhi main kar raha hoon kis wajah se main dabaav mein yah toh kuch bhi nahi hai jo maine apni life mein stengal kiya hai vaah bahut hi accha ho bahut hi pressure tha par yah paise toh kuch bhi nahi hai tumhe apne aapko pehle kisi cheez se karta hoon ki yah tujhe nikal jaega

मैं जब भी दबाव में होता हूं तो अपने आप को प्रेरित करने के लिए मैं यह सोचता हूं कि यह वक्त

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Pankaj Kustala

Engineer | Asst. Professor

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दबाव में प्रेरित करने के लिए कोई कोई ऐसा कोई कैप्सूल या कोई फार्मूला नहीं है मैं जो है ऐसे दबाव में रहते थे मैं जो बच्ची के जो पिताजी है उनकी कविता है अग्निपथ उस कविता को एक बार आप पढ़ेंगे तो अपने आप ही आपको मतलब अच्छा फील होगा तो मेरे ख्याल से वह मुझे कविताएं

dabaav mein prerit karne ke liye koi koi aisa koi capsule ya koi formula nahi hai jo hai aise dabaav mein rehte the main jo bachi ke jo pitaji hai unki kavita hai agneepath us kavita ko ek baar aap padhenge toh apne aap hi aapko matlab accha feel hoga toh mere khayal se vaah mujhe kavitayen

दबाव में प्रेरित करने के लिए कोई कोई ऐसा कोई कैप्सूल या कोई फार्मूला नहीं है मैं जो है ऐसे

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जब सवाल है कि आप अपने आप को बाहों में कैसे प्रेरित करते हैं तो मैं आपको बता दूंगी जब आप किसी कठिन परिस्थिति का सामना करते हैं या फिर आपको वह आपके जो आपका व्यक्तित्व है आप जो हैं यही वह समय होता है जो आपके जीवन को एक नई दिशा देता है अगर आप ऐसी परिस्थितियों में संयम से काम रखते हैं ठीक है तो आप कुछ समय बाद जब वह उस दौर से गुजर जाएंगे गुजर चुके होंगे तो उसके बाद आपसे आपको एक बात आपको अपने आप को बहुत बड़ा परिवर्तन लिखेगा आपके बहुत ही मच इंप्रूव पर्सन अब खुद को नजर आएंगे आपको सलाह दूंगा कि आपके आपके जीवन में जो दबाव की प्रस्तुतियां है जहां पर कठिनाइयां है आदमी जो सोता है जो आप जो भी हो यह आप बिल्कुल

jab sawaal hai ki aap apne aap ko baahon mein kaise prerit karte hain toh main aapko bata dungi jab aap kisi kathin paristithi ka samana karte hain ya phir aapko vaah aapke jo aapka vyaktitva hai aap jo hain yahi vaah samay hota hai jo aapke jeevan ko ek nayi disha deta hai agar aap aisi paristhitiyon mein sanyam se kaam rakhte hain theek hai toh aap kuch samay baad jab vaah us daur se gujar jaenge gujar chuke honge toh uske baad aapse aapko ek baat aapko apne aap ko bahut bada parivartan likhega aapke bahut hi match improve person ab khud ko nazar aayenge aapko salah dunga ki aapke aapke jeevan mein jo dabaav ki prastutiyan hai jaha par kathinaiyaan hai aadmi jo sota hai jo aap jo bhi ho yah aap bilkul

जब सवाल है कि आप अपने आप को बाहों में कैसे प्रेरित करते हैं तो मैं आपको बता दूंगी जब आप कि

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Geetanjali

ExpertVocar

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Dr. Mitramahesh

Ayurvedic Doctors

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व्यक्ति के पास संपूर्ण और क्लियर विचारधारा हो तो किसी भी दबाव में ही व्यक्ति अपने आप को स्थिर रख सकता है योगाभ्यास करने वाले व्यक्ति चीते और मूर्तियों का कंट्रोल कर सकते हैं आपका कोई भी जवाब हो इसी सैद्धांतिक और वैदिक साइंस के अनुसार आप अपने आप को स्वयं स्वयं को प्रेरित कर सही मार्ग पर रख सकते हैं

vyakti ke paas sampurna aur clear vichardhara ho toh kisi bhi dabaav me hi vyakti apne aap ko sthir rakh sakta hai yogabhayas karne waale vyakti cheete aur murtiyon ka control kar sakte hain aapka koi bhi jawab ho isi saiddhaantik aur vaidik science ke anusaar aap apne aap ko swayam swayam ko prerit kar sahi marg par rakh sakte hain

व्यक्ति के पास संपूर्ण और क्लियर विचारधारा हो तो किसी भी दबाव में ही व्यक्ति अपने आप को स्

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Kajal Jaisansaria Agarwal

Financial Planner

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अगर आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं तो मेरा मानना है कि अगर आप पर कोई दबाव डाल रहा है प्रेशर डालता है तो आप उसको इग्नोर करें उस पर ध्यान ही न फिर भी आप पर दबाव डाला जा रहा है कि नहीं यह आपको कुछ करना है नहीं तो करना ही है तो वहां से मुंह चाहिए हट जाए उस जगह से सबसे बढ़िया उपाय

agar aap apne aap ko dabaav mein kaise prerit karte hain toh mera manana hai ki agar aap par koi dabaav daal raha hai pressure dalta hai toh aap usko ignore kare us par dhyan hi na phir bhi aap par dabaav dala ja raha hai ki nahi yah aapko kuch karna hai nahi toh karna hi hai toh wahan se mooh chahiye hut jaaye us jagah se sabse badhiya upay

अगर आप अपने आप को दबाव में कैसे प्रेरित करते हैं तो मेरा मानना है कि अगर आप पर कोई दबाव डा

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जैसा कि हमें पता है कि सब लोग कभी-कभी दबाव फील करते हैं पर यह जो दबाव है वह डिपेंड करता है कि हम हमें किस टाइप का दबाव दिया जा रहा है अगर पढ़ाई वाला दबा हो तो बस यह सोचिए कि अभी बस पढ़ ले फिर उसके बाद आगे जाकर आराम की जिंदगी जीना है अगर अभी ध्यान नहीं दिया पढ़ाई में तो आगे जाकर हमारा जिंदगी जो है वह इससे ही और बुरा दबाव में आ जाएगा इस कारण हर काम को जो है वह खुशी से कीजिए अगर आप खुशी से काम करेंगे तो आपके कार्य करने की क्षमता की बनेगी और आपको उसमें आनंद विहार का और कम समय नहीं आपका काम अच्छे से निपट जाएगा

jaisa ki hamein pata hai ki sab log kabhi kabhi dabaav feel karte hain par yah jo dabaav hai vaah depend karta hai ki hum hamein kis type ka dabaav diya ja raha hai agar padhai vala daba ho toh bus yah sochiye ki abhi bus padh le phir uske baad aage jaakar aaram ki zindagi jeena hai agar abhi dhyan nahi diya padhai mein toh aage jaakar hamara zindagi jo hai vaah isse hi aur bura dabaav mein aa jaega is karan har kaam ko jo hai vaah khushi se kijiye agar aap khushi se kaam karenge toh aapke karya karne ki kshamta ki banegi aur aapko usme anand vihar ka aur kam samay nahi aapka kaam acche se nipat jaega

जैसा कि हमें पता है कि सब लोग कभी-कभी दबाव फील करते हैं पर यह जो दबाव है वह डिपेंड करता है

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Gaurav Sethia

Career & Spiritual Coach

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दोस्तों एक बात समझी जीवन के अंदर प्रेरणा यानी मोटिवेशन वेडिंग की तरह हनी नहाने की तरह जिस तरह हमें अपने जीवन में रूस नहाने की जरूरत है उसी तरह अपने जीवन में हमें प्रेरणा की जरूरत पड़ती है तो अब आपका सवाल यह है कि दबाव में हम व्रत कैसे रहे दबाव में इंसान दोस्तों कब आता है वह इंसान दबाव में तब आता है जब उसके ऊपर कोई टाइमलाइन प्रेशर हो या कोई चीज को करने का प्रेशर हो तो ऐसी सिचुएशन में हमेशा ध्यान रखें कि आप अपने काम जो है उनको कुछ भागों में डिवाइड करें जब आप काम को भागों में डिवाइड करते हैं तो आपको एक रास्ता मिल जाता है अपने लक्ष्य तक पहुंचने का पैसा आप करते हैं तो एक बात का ध्यान रखें कि उनको उसको जैसे-जैसे आप पूरा करते जाएं आप खुद को सिर्फ मोटिवेट करें वह आप कैसे करेंगे खुद को गिफ्ट दे खुद को शाबाशी देखें तो जब आप ऐसा कार्य करते हैं तो आपको हर एक अचीवमेंट के ऊपर मोटिवेशन बनना शुरू हो जाता है इससे क्या होता है क्या आप अपना कार्य करते समय हमेशा प्रेरित रहते हैं दूसरा तरीका यह भी हो सकता है कि आप यदि किसी को अपना आइडल मानते हैं तो आप उनकी और देखें देखें कि वह कैसे अपने पैसे को हैंडल करते हैं तो उससे आपको प्रेरणा मिलेगी और आप कभी भी प्रेशर सिचुएशन के अंदर गलत कदम नहीं उठाएंगे और मोटिवेट होते रहेंगे जैसा कि मैंने कहा प्रेरणा का सबसे बड़ा स्त्रोत आप खुद है ना वेडिंग की तरह हैं यानी नहाने कितना इसकी आपकी जीवन में रोजमर्रा की जिंदगी में जरूरत है

doston ek baat samjhi jeevan ke andar prerna yani motivation wedding ki tarah honey nahane ki tarah jis tarah hamein apne jeevan me rus nahane ki zarurat hai usi tarah apne jeevan me hamein prerna ki zarurat padti hai toh ab aapka sawaal yah hai ki dabaav me hum vrat kaise rahe dabaav me insaan doston kab aata hai vaah insaan dabaav me tab aata hai jab uske upar koi timeline pressure ho ya koi cheez ko karne ka pressure ho toh aisi situation me hamesha dhyan rakhen ki aap apne kaam jo hai unko kuch bhaagon me divide kare jab aap kaam ko bhaagon me divide karte hain toh aapko ek rasta mil jata hai apne lakshya tak pahuchne ka paisa aap karte hain toh ek baat ka dhyan rakhen ki unko usko jaise jaise aap pura karte jayen aap khud ko sirf motivate kare vaah aap kaise karenge khud ko gift de khud ko shabashi dekhen toh jab aap aisa karya karte hain toh aapko har ek achievement ke upar motivation banna shuru ho jata hai isse kya hota hai kya aap apna karya karte samay hamesha prerit rehte hain doosra tarika yah bhi ho sakta hai ki aap yadi kisi ko apna idol maante hain toh aap unki aur dekhen dekhen ki vaah kaise apne paise ko handle karte hain toh usse aapko prerna milegi aur aap kabhi bhi pressure situation ke andar galat kadam nahi uthayenge aur motivate hote rahenge jaisa ki maine kaha prerna ka sabse bada satrot aap khud hai na wedding ki tarah hain yani nahane kitna iski aapki jeevan me rozmarra ki zindagi me zarurat hai

दोस्तों एक बात समझी जीवन के अंदर प्रेरणा यानी मोटिवेशन वेडिंग की तरह हनी नहाने की तरह जिस

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देखो जब भी आता है तो अपना प्रेरित करने के लिए मैं उस समय को याद करता हूं जिस समय हमारे भारत की सेना के लोग सामने शत्रु होता है और युद्ध करते हैं भले ही जान चली जाए परंतु पूरा संघर्ष करते हैं तो मैं सोचता हूं कि जब भेजो तो अपनी जान की परवाह किए बिना हम लोगों के लिए काम कर रहे तक इंजीनियर के रूप में मुझे देवदास को तो मुझे पूरा करना ही चाहिए तन मन और धन से प्रयास करना चाहिए ऐसी अनेक अवसर आए जब और तत्काल पानी लो दशहरे होली इन त्योहारों पर भी बहुत दबाव रहता है तुम में सफलतापूर्वक कार्य करवा कर केवल सोच कर कि सीना कितने दवाओं में रहती है हमारे पास तो कोई दबाव नहीं है

dekho jab bhi aata hai toh apna prerit karne ke liye main us samay ko yaad karta hoon jis samay hamare bharat ki sena ke log saamne shatru hota hai aur yudh karte hain bhale hi jaan chali jaaye parantu pura sangharsh karte hain toh main sochta hoon ki jab bhejo toh apni jaan ki parvaah kiye bina hum logo ke liye kaam kar rahe tak engineer ke roop me mujhe devdas ko toh mujhe pura karna hi chahiye tan man aur dhan se prayas karna chahiye aisi anek avsar aaye jab aur tatkal paani lo dussehra holi in tyoharon par bhi bahut dabaav rehta hai tum me safaltaapurvak karya karva kar keval soch kar ki seena kitne dawaon me rehti hai hamare paas toh koi dabaav nahi hai

देखो जब भी आता है तो अपना प्रेरित करने के लिए मैं उस समय को याद करता हूं जिस समय हमारे भार

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