आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है?...


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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आपका प्रश्न आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन को देश है अच्छा इंसान बनना आनंद में रहना आनंद को सोचना आनंद मकराना

aapka prashna aapke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai manav jeevan ko desh hai accha insaan banna anand me rehna anand ko sochna anand makrana

आपका प्रश्न आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन को देश है अच्छा इंसान बनना

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मित्रों नमस्कार मैं वेजिटेशन पटेल आपके समक्ष प्रस्तुत सवाल है आप के अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मनुष्य के रूप में जन्म लेने के बाद जब हम थोड़ा बहुत ही ज्ञान हमारे अंदर आ जाए कि एक गांठ बांधने चाहिए कि भगवान ने हमको अपने रूप में राजकुमार बनाकर धरती पर भेजा है अगर वह हमारा राजा है यह हमारा पिता है उसके बेटे हैं तो उसने अपने स्वरूप के मुख्य रूप में मंच को बना के धरती पर भेजा मनुष्य का उद्देश्य यह होना चाहिए कि जो बोलो हमारे अंदर हो शायद अन्य प्राणियों के अंदर धरती पर जो होते हैं उनके अंदर नहीं क्योंकि जो परमात्मा ने हमको अलग से दिया है दिमाग बुद्धि दिया जो अच्छाई बुराई को अलग कर सके और जो है सही रास्ते पर अपने को चला कर सुखी मनुष्य का जीवन इसीलिए हुआ है कि वह अपने को मनुष्यता के रूप में अपने मनुष्य तो गुरु को अपने विकसित करें और जो है अपने साथ-साथ दूसरों का भी उत्थान करें कल्याण करें कहते हैं पैसे व्यक्ति निर्माण किस समाज में परिवार में इस तरीके से जब हम श्रृंखलाबद्ध तरीके से अपने जीवन का यापन करते हैं और अपने चारों तरफ से वातावरण बनाने का प्रयास करते हैं तभी हमारा मनुष्य जीवन सफल होता है साथ में मनुष्य का उद्देश्य होना चाहिए कि परमात्मा ने हमको मन से जो इसलिए दिया है हमको दिमाग बुद्धि अलग से इस दे दिया है कि अन्य प्राणियों की भी सुरक्षा कर सकें और उनकी भी भलाई कर सकें उनकी भी सेवा कर सकें इसीलिए प्राणी मात्र को ध्यान में रखने के लिए ईश्वर हमें राजा के रूप में राजकुमार के ऊपर धरती पर भेजा है सरकार राजा अपनी प्रजा का ध्यान रखता है की सेवा करता है और जो है उसके दुख दर्द का ध्यान रखता है उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने आसपास के वातावरण में प्राणी मात्र में अगर कोई कष्ट नहीं दिखाई पड़ती है अपने पड़ोसी में या मित्रों में या कोई तो उसकी अच्छाइयों को ग्रहण करके और बुराइयों कौन-कौन नाश करने का प्रयास करना चाहिए अपने मनुष्य के जीवन का उद्देश्य ही बनाना चाहिए कि जो है अपनी तरफ से अज्ञानता का समूल नाश करेंगे अरे चारों तरफ के लोगों के निजी बुराइयां हैं उनको दूर करेंगे अच्छाइयों का समावेश करेंगे और मनुष्य में देवत्व का उदय करेंगे मतलब आपको देवता बनाएंगे अर्थात परमात्मा को उद्देश्य ही ले कर के हम सिर्फ धरती पर आए हैं तो परम पिता परमेश्वर के पुत्र हैं तो आप हमारे पिता के गुण हमारे अंदर होने ही चाहिए इसलिए हमारी सोच हमारे विचार तुम्हारा मन अपने व्यक्तित्व के विश्व विकास के साथ-साथ अपने परिवार के विकास के साथ-साथ अपने समाज के विकास के साथ-साथ प्राणी मात्र के लिए हमारा जीवन अर्पित होना चाहिए अंत में परमात्मा में ही हमको विलीन होना है प्रशिक्षित करें तो परमात्मा हमारा हमेशा साथ देता रहे और परमात्मा का अस्तित्व प्राणी मात्र दिखा बड़ा है उसके प्राणों का संचार प्रत्येक प्राणी में होता है तो जब हम पानी मां की सेवा करते हैं तो निश्चित रूप से परमात्मा की सेवा ही करते हैं अतः अपने अंदर कौवा दया भावना ऐसे संस्कार पैदा करने का उनका को विचार और लोगों के प्रति नफरत ईर्ष्या द्वेष क्रोध अहंकार को समाप्त करना चाहिए और इनके लिए कड़ाई से जो है नियंत्रण बनाना चाहिए जीवन मनुष्य जीवन को अच्छा बनाने के लिए जो है हमेशा दूसरों के प्रति नरम और अपने दिए कठोर होना पड़ता है जब कठोरता के साथ हम अपने दिनचर्या के नियमों का पालन करते हैं नियमितता लाते हैं तभी हमारा मन से जीवन सफल हो सकता है और आत्म संतोष होगा कि हमने जीवन में इतने लोगों की सहायता की मदद की और अंदर से खुशी मिलती है यह छोटी छोटी खुशियां

mitron namaskar main vegetation patel aapke samaksh prastut sawaal hai aap ke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai manushya ke roop me janam lene ke baad jab hum thoda bahut hi gyaan hamare andar aa jaaye ki ek ganth bandhne chahiye ki bhagwan ne hamko apne roop me rajkumar banakar dharti par bheja hai agar vaah hamara raja hai yah hamara pita hai uske bete hain toh usne apne swaroop ke mukhya roop me manch ko bana ke dharti par bheja manushya ka uddeshya yah hona chahiye ki jo bolo hamare andar ho shayad anya praniyo ke andar dharti par jo hote hain unke andar nahi kyonki jo paramatma ne hamko alag se diya hai dimag buddhi diya jo acchai burayi ko alag kar sake aur jo hai sahi raste par apne ko chala kar sukhi manushya ka jeevan isliye hua hai ki vaah apne ko manushyata ke roop me apne manushya toh guru ko apne viksit kare aur jo hai apne saath saath dusro ka bhi utthan kare kalyan kare kehte hain paise vyakti nirmaan kis samaj me parivar me is tarike se jab hum shrrinkhalabddh tarike se apne jeevan ka yaapan karte hain aur apne charo taraf se vatavaran banane ka prayas karte hain tabhi hamara manushya jeevan safal hota hai saath me manushya ka uddeshya hona chahiye ki paramatma ne hamko man se jo isliye diya hai hamko dimag buddhi alag se is de diya hai ki anya praniyo ki bhi suraksha kar sake aur unki bhi bhalai kar sake unki bhi seva kar sake isliye prani matra ko dhyan me rakhne ke liye ishwar hamein raja ke roop me rajkumar ke upar dharti par bheja hai sarkar raja apni praja ka dhyan rakhta hai ki seva karta hai aur jo hai uske dukh dard ka dhyan rakhta hai usi prakar manushya ko bhi apne aaspass ke vatavaran me prani matra me agar koi kasht nahi dikhai padti hai apne padosi me ya mitron me ya koi toh uski acchhaiyon ko grahan karke aur buraiyon kaun kaun naash karne ka prayas karna chahiye apne manushya ke jeevan ka uddeshya hi banana chahiye ki jo hai apni taraf se agyanata ka samul naash karenge are charo taraf ke logo ke niji buraiyan hain unko dur karenge acchhaiyon ka samavesh karenge aur manushya me devatwa ka uday karenge matlab aapko devta banayenge arthat paramatma ko uddeshya hi le kar ke hum sirf dharti par aaye hain toh param pita parmeshwar ke putra hain toh aap hamare pita ke gun hamare andar hone hi chahiye isliye hamari soch hamare vichar tumhara man apne vyaktitva ke vishwa vikas ke saath saath apne parivar ke vikas ke saath saath apne samaj ke vikas ke saath saath prani matra ke liye hamara jeevan arpit hona chahiye ant me paramatma me hi hamko vileen hona hai prashikshit kare toh paramatma hamara hamesha saath deta rahe aur paramatma ka astitva prani matra dikha bada hai uske pranon ka sanchar pratyek prani me hota hai toh jab hum paani maa ki seva karte hain toh nishchit roop se paramatma ki seva hi karte hain atah apne andar kauwa daya bhavna aise sanskar paida karne ka unka ko vichar aur logo ke prati nafrat irshya dvesh krodh ahankar ko samapt karna chahiye aur inke liye kadai se jo hai niyantran banana chahiye jeevan manushya jeevan ko accha banane ke liye jo hai hamesha dusro ke prati naram aur apne diye kathor hona padta hai jab kathorata ke saath hum apne dincharya ke niyamon ka palan karte hain niyamitta laate hain tabhi hamara man se jeevan safal ho sakta hai aur aatm santosh hoga ki humne jeevan me itne logo ki sahayta ki madad ki aur andar se khushi milti hai yah choti choti khushiya

मित्रों नमस्कार मैं वेजिटेशन पटेल आपके समक्ष प्रस्तुत सवाल है आप के अनुसार मानव जीवन का उद

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Nikita jha

insurance advisor and motivator

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Pramod Kushwaha

famous Motivational Guru N Painter

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मैं मोटिवेशनल गुरु प्रमोद कुशवाहा जबलपुर एमपी से आपका स्वागत करता हूं आपकी हर समस्या के समाधान हेतु मेरा व्हाट्सएप नंबर 90980 31929 पर संपर्क कर सकते हैं आप ने प्रश्न किया है आप के अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य खुश रहना और औरों को खुशी देना जब आप खुश होंगे तब किसी और को खुशी दे पाएंगे तो हमारा सबसे पहला उद्देश है कि हम खुश रहें और दूसरों को खुशी दे

main Motivational guru pramod kushwaha jabalpur MP se aapka swaagat karta hoon aapki har samasya ke samadhan hetu mera whatsapp number 90980 31929 par sampark kar sakte hain aap ne prashna kiya hai aap ke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai manav jeevan ka uddeshya khush rehna aur auron ko khushi dena jab aap khush honge tab kisi aur ko khushi de payenge toh hamara sabse pehla uddesh hai ki hum khush rahein aur dusro ko khushi de

मैं मोटिवेशनल गुरु प्रमोद कुशवाहा जबलपुर एमपी से आपका स्वागत करता हूं आपकी हर समस्या के सम

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shreekaant gautam

CLINICAL Psychologist Life Coach ,wellness Guide

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Ansh jalandra

Motivational speaker

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नमस्कार देखिए अपने पूछ रहा है कि मानव जीवन का उद्देश्य क्या होना चाहिए वास्तव में देखा जाए तो मानव जीवन मिलना बड़ा ही दुर्लभ है 84 लाख युवाओं ने 84 लाख योनि में परिभ्रमण पार कर लेने के बाद कभी किसी जीव को मनुष्य जीवन प्राप्त होता है इसी प्रकार से व्यर्थ गंवा दिया तो आगे पुनः 8400000 शिवानी का परीक्षण करना पड़ेगा तो आप सोचे जब अनंत लाइन में लगे हुए हैं और मनुष्य को प्राप्त करना चाहते हैं और हमारा नंबर मनुष्य जीवन के लिए लग चुका है तो ऐसी स्थिति में अब हमारे जीवन का एकमात्र उद्देश्य होना चाहिए कि हम हमारे समस्त जीवन का सदुपयोग करके हमारी आत्मा पर लगे हुए कर्मों का नाश करके तब आदि के द्वारा अपनी आत्मा को सपा करके शुद्ध एवं निर्मल बना करके मोक्ष की ओर अग्रसर हो मोक्ष प्राप्त करने का उपाय करें धन्यवाद

namaskar dekhiye apne puch raha hai ki manav jeevan ka uddeshya kya hona chahiye vaastav me dekha jaaye toh manav jeevan milna bada hi durlabh hai 84 lakh yuvaon ne 84 lakh yoni me paribhraman par kar lene ke baad kabhi kisi jeev ko manushya jeevan prapt hota hai isi prakar se vyarth ganva diya toh aage punh 8400000 shivani ka parikshan karna padega toh aap soche jab anant line me lage hue hain aur manushya ko prapt karna chahte hain aur hamara number manushya jeevan ke liye lag chuka hai toh aisi sthiti me ab hamare jeevan ka ekmatra uddeshya hona chahiye ki hum hamare samast jeevan ka sadupyog karke hamari aatma par lage hue karmon ka naash karke tab aadi ke dwara apni aatma ko sapa karke shudh evam nirmal bana karke moksha ki aur agrasar ho moksha prapt karne ka upay kare dhanyavad

नमस्कार देखिए अपने पूछ रहा है कि मानव जीवन का उद्देश्य क्या होना चाहिए वास्तव में देखा जा

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Dr Avtar Singh Ph.D.

Retired Scientist and Spiritual Counselor

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प्रश्न बहुत ही सुंदर है के मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य समझने के लिए हमें यह समझना चाहिए जो माह में मानव जीवन मिला है एक बहुत बड़ी अपॉर्चुनिटी है बहुत बड़ा अवसर है इस अवसर को हमें कभी गवाना नहीं चाहिए यह हमें मिला है सेल्फ इंप्रूवमेंट के लिए टल इंट्रोस्पेक्शन के लिए self-realization के लिए गॉड रिलाइजेशन के लिए उस परम चेतना से जुड़ने के लिए अपनी कमजोरियों को कम करने के लिए और अपनी जो विशेषताएं हैं उनको बढ़ाने के लिए तू भी कंधे वीकनेसेस एंड आवर जो ट्रेन से पुष्पेंद्र डिस्टेंस और मैक्सिमाइज हम अपने जो हमारी विशेषताएं हैं उनको बड़ा है हमारे जो गुण हैं हमारे अंदर इसे के अंदर माल लोक गायन की योग्यता है तो सुधारण को बढ़ाएं किसी के अंदर एक हारमोनी क्रिएट करने की जहां भी जाता है वह हारमोनी का माहौल क्रिएट कर सकता है वापस में लोगों के अंदर जो है मधुर संबंध बना सकता है उस विशेषता को आगे बढ़ाएं किसी आर्गेनाईजेशन के लिए अफेक्ट हो सकता है ऐसे व्यक्ति जो होते हैं तो आपने जो भी हमारे अंदर विशेषताएं है ज्ञान की जय गुणों की जय शक्तियों की उनको हमें अपने जीवन में यूज करके अपने आपको परफेक्शन की तरफ जाना है क्योंकि मानव जीवन का उद्देश्य है कि हम अपनी कमियों को कम करते जाएं और अपनी विशेषताओं को बढ़ाते चले जाए तो धीरे-धीरे क्या होगा जब कमियां कब हो जाएंगी विशेषताएं पड़ जाएंगे तो हम संपूर्ण का की तरफ जाएंगे तो जीवन में जितनी अपूर्णता है जितनी कमियां हैं कमजोरियां हैं त्रुटियां हैं अब आओ हैं ड्रॉबैक से पर्सनल टिल्लू खोल दें यह सारे जो है हमें उतना दुख देते दुख का कारण क्या है लैक आफ समथिंग लैक आफ नॉलेज होगा तो प्रॉब्लम लैक आफ लव होगा तो प्रॉब्लम लेखा वर्ष होगा तो प्रॉब्लम तो लैक आफ हेल्थ होगा तो प्रॉब्लम लेक लेक आफ इमोशनल हेल्थ होगा तो प्रॉब्लम फिजिकल हेल्थ होगा तो प्रॉब्लम किसी भी चीज का जो लाइट है कमी है अभाव है वहीं पर दुख है उस अभावों को भरना ही जीवन का लक्ष्य है जो हमारे अंदर अभाव है कमियां है यह सर हमें भगवान ने किस लिए दिया तो मेकअप फार दोष डेफिशियेंसी हमारे अंदर जो कमियां कमजोरियां हैं उनको मेकअप करना और अपने जीवन को श्रृंगार इत करना सद्गुणों से श्रेष्ठ गुणों से नॉलेज से जना टोरेंट पावर है हमारे अंदर हैंड सकती है मिल नहीं सकती है पर रखने की शक्ति है स्वीट ने की शक्ति है सामना करने की शक्ति है का ऑपरेशन करने की पावर है कृषि जन की पावर है इन सारी पावर को बढ़ाने के लिए यह मानव जीवन मिला है ताकि हम जो हैं ईश्वर को परफेक्ट कहते हैं परमात्मा पर बैठे गॉड इस परफेक्ट जैसे वह परफेक्ट है तो आनंद में रहता है सच्चिदानंद ऐसे हम भी परफेक्ट हो जाएंगे तो हम भी सच्चिदानंद हो जाएंगे हमारे जीवन में भी आनंद के फूल खिले शुरू हो जाएंगे तो जीवन का लक्ष्य है कि हम क्योंकि भगवान के बच्चे हैं तो भगवान जैसे हो जाने चाहिए भगवान कैसा है ब्लूटूथ फुले सत्य स्वरूपय वह फुल नॉलेज क्वेश्चन हमारे अंदर भी ज्ञान पूरा हो दुनिया बीवी और सातवी कविता के जीवन को हम क्यों के शरीर में मैटेरियलिज्म भी है शरीर मेटेरियल का बना हुआ और फिर क्यों नहीं समझी है आत्मा के आध्यात्मिक और भौतिक मैटेरियलिस्टिक दोनों में जब हमारी संपन्नता होगी भीतरी भी संपन्नता होगी बाहरी भी संबंधित होगी समृद्धि होगी प्रोस्पेरिटी होगी इन न राउटर प्रोस्पेरिटी दोनों होंगी तो मानव जीवन बहुत सुंदर हो जाएगा और उसका जो बेस्ट एग्जांपल है वह है लक्ष्मी नारायण लक्ष्मी जो है वह दिखाया है के एक्सटर्नल जो संपन्नता है प्रोस्पेरिटी है उसकी सूचक है और ना

prashna bahut hi sundar hai ke manav jeevan ka uddeshya kya hai manav jeevan ka uddeshya samjhne ke liye hamein yah samajhna chahiye jo mah me manav jeevan mila hai ek bahut badi opportunity hai bahut bada avsar hai is avsar ko hamein kabhi gavana nahi chahiye yah hamein mila hai self improvement ke liye tal introspekshan ke liye self realization ke liye god realisation ke liye us param chetna se judne ke liye apni kamzoriyo ko kam karne ke liye aur apni jo visheshtayen hain unko badhane ke liye tu bhi kandhe vikneses and hour jo train se pushpendra distance aur maiksimaij hum apne jo hamari visheshtayen hain unko bada hai hamare jo gun hain hamare andar ise ke andar maal lok gaayan ki yogyata hai toh sudharan ko badhaye kisi ke andar ek harmoni create karne ki jaha bhi jata hai vaah harmoni ka maahaul create kar sakta hai wapas me logo ke andar jo hai madhur sambandh bana sakta hai us visheshata ko aage badhaye kisi organisation ke liye affect ho sakta hai aise vyakti jo hote hain toh aapne jo bhi hamare andar visheshtayen hai gyaan ki jai gunon ki jai shaktiyon ki unko hamein apne jeevan me use karke apne aapko parafekshan ki taraf jana hai kyonki manav jeevan ka uddeshya hai ki hum apni kamiyon ko kam karte jayen aur apni visheshtaon ko badhate chale jaaye toh dhire dhire kya hoga jab kamiyan kab ho jayegi visheshtayen pad jaenge toh hum sampurna ka ki taraf jaenge toh jeevan me jitni apurnata hai jitni kamiyan hain kamajoriyan hain trutiyaan hain ab aao hain drabaik se personal tillu khol de yah saare jo hai hamein utana dukh dete dukh ka karan kya hai lac of something lac of knowledge hoga toh problem lac of love hoga toh problem lekha varsh hoga toh problem toh lac of health hoga toh problem lake lake of emotional health hoga toh problem physical health hoga toh problem kisi bhi cheez ka jo light hai kami hai abhaav hai wahi par dukh hai us abhavon ko bharna hi jeevan ka lakshya hai jo hamare andar abhaav hai kamiyan hai yah sir hamein bhagwan ne kis liye diya toh makeup far dosh deficiency hamare andar jo kamiyan kamajoriyan hain unko makeup karna aur apne jeevan ko shringar it karna sadgunon se shreshtha gunon se knowledge se pariyojna torrent power hai hamare andar hand sakti hai mil nahi sakti hai par rakhne ki shakti hai sweet ne ki shakti hai samana karne ki shakti hai ka operation karne ki power hai krishi jan ki power hai in saari power ko badhane ke liye yah manav jeevan mila hai taki hum jo hain ishwar ko perfect kehte hain paramatma par baithe god is perfect jaise vaah perfect hai toh anand me rehta hai sacchidanand aise hum bhi perfect ho jaenge toh hum bhi sacchidanand ho jaenge hamare jeevan me bhi anand ke fool khile shuru ho jaenge toh jeevan ka lakshya hai ki hum kyonki bhagwan ke bacche hain toh bhagwan jaise ho jaane chahiye bhagwan kaisa hai bluetooth phule satya swarupay vaah full knowledge question hamare andar bhi gyaan pura ho duniya biwi aur satvi kavita ke jeevan ko hum kyon ke sharir me maiteriyalijm bhi hai sharir material ka bana hua aur phir kyon nahi samjhi hai aatma ke aadhyatmik aur bhautik materialistic dono me jab hamari sampannata hogi bheetari bhi sampannata hogi bahri bhi sambandhit hogi samridhi hogi prosperiti hogi in na router prosperiti dono hongi toh manav jeevan bahut sundar ho jaega aur uska jo best example hai vaah hai laxmi narayan laxmi jo hai vaah dikhaya hai ke external jo sampannata hai prosperiti hai uski suchak hai aur na

प्रश्न बहुत ही सुंदर है के मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का उद्देश्य समझने के ल

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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

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मेरे अनुसार मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य ही मानवता को मानवता और इंसानियत को परम ऊंचाइयों पर ले जाना और दिन ही नियुक्तियों की निस्वार्थ सेवा करते हुए आपको अपने आप को ऊंचाइयों पर ले कर जाना है जिन इकाइयों ऊंचाइयों पर हमारे बहुत से महान व्यक्ति पहुंचे धन्यवाद

mere anusaar manav jeevan ka sabse bada uddeshya hi manavta ko manavta aur insaniyat ko param unchaiyon par le jana aur din hi niyuktiyon ki niswarth seva karte hue aapko apne aap ko unchaiyon par le kar jana hai jin ikaeyon unchaiyon par hamare bahut se mahaan vyakti pahuche dhanyavad

मेरे अनुसार मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य ही मानवता को मानवता और इंसानियत को परम ऊंचाइयो

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Manoj Kumar Srivastava

सेवानिवृत्त उपसचिव,स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड रांची

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मानव जीवन का उद्देश्य अपने सांसारिक कार्यों को सफलतापूर्वक करते हुए मुक्ति प्रार्थना शैंपू जामुन शर्मिला और मुक्ति प्राप्त करने मुक्ति क्यों जन्म लेने अपनी कष्ट होता है इसलिए हर जन्म में मनुष्य सोच कहता है कि अपने उद्धार अपने मुक्ति के लिए प्रयास करेंगे लेकिन संसार में आने के बाद अपने ही बनाए संबंधों के जाता है और अपना परम उद्देश्य है मुक्ति प्राप्त करने का फूल जाता है जब आता है तो उसे अपना उद्देश्य याद आता है अब आप देखते होंगे कि मरने के समय पश्चाताप के आंसू होते हैं कि हमने अपना जीवन रक्षक मध्य और जो उद्देश्य था हमारा संसार भुला दिया कन्वर्ट बनिए कर्तव्यनिष्ठ दुनिया अपने सांसारिक कार्यों से विमुख मौत हुई है इसके लिए आपको कर्मवीर बनना पड़ेगा जीवन एक महाभारत के समान है और हर दिन और इस सांसारिक युद्ध में जीवन के युद्ध में वही सफल होता है जो सा राशि होता है कमी होता है कर्म होता है इसलिए शक्तिशाली बन शाही पनीर मटर पनीर और अपने जीवन का उद्देश्य

manav jeevan ka uddeshya apne sansarik karyo ko safaltaapurvak karte hue mukti prarthna shampoo jamun sharmila aur mukti prapt karne mukti kyon janam lene apni kasht hota hai isliye har janam me manushya soch kahata hai ki apne uddhar apne mukti ke liye prayas karenge lekin sansar me aane ke baad apne hi banaye sambandhon ke jata hai aur apna param uddeshya hai mukti prapt karne ka fool jata hai jab aata hai toh use apna uddeshya yaad aata hai ab aap dekhte honge ki marne ke samay pashchaataap ke aasu hote hain ki humne apna jeevan rakshak madhya aur jo uddeshya tha hamara sansar bhula diya convert baniye kartavyanishth duniya apne sansarik karyo se vimukh maut hui hai iske liye aapko karmaveer banna padega jeevan ek mahabharat ke saman hai aur har din aur is sansarik yudh me jeevan ke yudh me wahi safal hota hai jo sa rashi hota hai kami hota hai karm hota hai isliye shaktishali ban shahi paneer matar paneer aur apne jeevan ka uddeshya

मानव जीवन का उद्देश्य अपने सांसारिक कार्यों को सफलतापूर्वक करते हुए मुक्ति प्रार्थना शैंपू

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कृष्णा नंद मिश्र। वशिष्ठ जी।

विद्या।दान।यज्ञ करना

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जय श्री राधे मानव जीवन का उद्देश्य हर समय मानव को अच्छी और नया सोच रखना चाहिए औरों सोच सकारात्मक और नकारात्मक नहीं होना चाहिए हर मनुष्य को अच्छी सोच सकारात्मक रखना चाहिए और वह सकारात्मक सोच मनुष्य के समस्त उद्देश्यों को भरपूर प्रदान जीवन पर देता है किसी भी मार्ग का हो किसी भी समाज का हो मनुष्य है मानव होना चाहिए मानव होगा मानव पश्चिम जीवन का सुंदर सा अर्थ है मानवता दूसरों को मानदेय नाही मानव जीवन का उद्देश्य सफल माना जाता है जय श्री राधे जय श्री कृष्ण

jai shri radhe manav jeevan ka uddeshya har samay manav ko achi aur naya soch rakhna chahiye auron soch sakaratmak aur nakaratmak nahi hona chahiye har manushya ko achi soch sakaratmak rakhna chahiye aur vaah sakaratmak soch manushya ke samast udyeshyon ko bharpur pradan jeevan par deta hai kisi bhi marg ka ho kisi bhi samaj ka ho manushya hai manav hona chahiye manav hoga manav paschim jeevan ka sundar sa arth hai manavta dusro ko manday naahi manav jeevan ka uddeshya safal mana jata hai jai shri radhe jai shri krishna

जय श्री राधे मानव जीवन का उद्देश्य हर समय मानव को अच्छी और नया सोच रखना चाहिए औरों सोच

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P k yadav

Govt Job

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हाय दोस्तों जैसा कि आपका क्वेश्चन सर आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है तो मानव जीवन जो प्राप्त होता है जैसा कि हमारे वेद पुराणों में कहा गया है कि ए बहुत सारी योनियों को भोगने के बाद में मना जीवन प्राप्त होता है और इसका एक उद्देश्य होता है मानव जीवन जो है कर्म करने के लिए पैदा होता है कर्म तो इस दुनिया में जो जन्मा है वह सब करते हैं लेकिन इंसान को बुद्धि और विवेक का एक स्वामी बताया गया है जिसके हिसाब से वह अपने कर्मों को करता है नहीं अब हम बात करें कि अगर मान लो इंसान के मानव के जीवन का उद्देश्य क्या है तो उसको एक जीवन लेने के साथ-साथ कर्म करते हुए एक

hi doston jaisa ki aapka question sir aapke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai toh manav jeevan jo prapt hota hai jaisa ki hamare ved purano me kaha gaya hai ki a bahut saari yoniyon ko bhogane ke baad me mana jeevan prapt hota hai aur iska ek uddeshya hota hai manav jeevan jo hai karm karne ke liye paida hota hai karm toh is duniya me jo janma hai vaah sab karte hain lekin insaan ko buddhi aur vivek ka ek swami bataya gaya hai jiske hisab se vaah apne karmon ko karta hai nahi ab hum baat kare ki agar maan lo insaan ke manav ke jeevan ka uddeshya kya hai toh usko ek jeevan lene ke saath saath karm karte hue ek

हाय दोस्तों जैसा कि आपका क्वेश्चन सर आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है तो मानव जीव

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Phool Kanwar

Business Owner

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Dr J B Tiwari

Chairman and Managing Director

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मेरे विचार से मानव जीवन का उद्देश्य केवल उनकी और मानव कल्याण है दूसरों की सहायता के लिए जिन्हें जिसने अपने जीवन को दूसरे के लगाया वही महान बना आप नाम ले सकते हैं महात्मा गांधी मदर टेरेसा और बड़े-बड़े लोग जिन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य रख दिया दूसरों की सेवा करने के लिए और मैं मानता हूं कि इस जीवन का उद्देश्य

mere vichar se manav jeevan ka uddeshya keval unki aur manav kalyan hai dusro ki sahayta ke liye jinhen jisne apne jeevan ko dusre ke lagaya wahi mahaan bana aap naam le sakte hain mahatma gandhi mother teresa aur bade bade log jinhone apne jeevan ka uddeshya rakh diya dusro ki seva karne ke liye aur main maanta hoon ki is jeevan ka uddeshya

मेरे विचार से मानव जीवन का उद्देश्य केवल उनकी और मानव कल्याण है दूसरों की सहायता के लिए जि

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Thaker Nilesh

Financial consultant,Brand Management,Sales & Marketing, Promotional activities

2:09
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ओम नमस्ते आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मेरे अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य है इस सृष्टि में इस ब्रह्मांड में जीवंत स्वरूप में रहकर सुख प्राप्त करना शांति प्राप्त करना समृद्धि प्राप्त करना स्वास्थ्य ही प्राप्त करना संतुष्टि प्राप्त करना सम्मान प्राप्त करना और साक्षात्कार करना यह मानव जीवन का उद्देश्य में आता है यह प्राथमिक हर एक मनुष्य की रिक्वायरमेंट है नेसेसिटी है बेसिक फंडामेंटल जरूर याद है और हर एक व्यक्ति पूरे विश्व में यही सारी व्यवस्था की कामना करता है यही सारी चीज प्राप्त करने की इच्छा करता है तो अगर हर एक व्यक्ति हर एक मनुष्य यह चीज प्राप्त करने की कामना करता है इच्छा व्यक्त करता है तो बाय डिफॉल्ट हर एक मनुष्य का जीवन का उद्देश्य यही हो जाता है यह मेरी ओर से स्पष्टीकरण वाली जवाब है और इसके विषय में बहुत सारी बातें हो सकती है लेकिन प्राइमरी प्राथमिक पोस्ट नेसेसरी चीज यही है इसी प्रकार से हर एक व्यक्ति हर एक मनुष्य का उद्देश्य सुख शांति समृद्धि स्वास्थ्य संतुष्टि सलमान और साक्षात्कार सात प्रकार के जीवन के उद्देश्य है मनुष्य के लिए आशा करता हूं आपको जो आप पसंद आया होगा आपका बहुत-बहुत धन्यवाद थैंक यू वेरी मच

om namaste aapke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai mere anusaar manav jeevan ka uddeshya hai is shrishti me is brahmaand me jivant swaroop me rahkar sukh prapt karna shanti prapt karna samridhi prapt karna swasthya hi prapt karna santushti prapt karna sammaan prapt karna aur sakshatkar karna yah manav jeevan ka uddeshya me aata hai yah prathmik har ek manushya ki requirement hai necessity hai basic fundamental zaroor yaad hai aur har ek vyakti poore vishwa me yahi saari vyavastha ki kamna karta hai yahi saari cheez prapt karne ki iccha karta hai toh agar har ek vyakti har ek manushya yah cheez prapt karne ki kamna karta hai iccha vyakt karta hai toh bye default har ek manushya ka jeevan ka uddeshya yahi ho jata hai yah meri aur se spashteekaran wali jawab hai aur iske vishay me bahut saari batein ho sakti hai lekin primary prathmik post necessary cheez yahi hai isi prakar se har ek vyakti har ek manushya ka uddeshya sukh shanti samridhi swasthya santushti salman aur sakshatkar saat prakar ke jeevan ke uddeshya hai manushya ke liye asha karta hoon aapko jo aap pasand aaya hoga aapka bahut bahut dhanyavad thank you very match

ओम नमस्ते आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मेरे अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य है इ

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

1:51
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राम राम जी की जी की आपका प्रश्न आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है कि मेरे अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य है एक ही सफल जिंदगी निभाते हुए पहले आप उन्नति करना फिर परिवार की उन्नति करना फिर समाज की उन्नति देश की उन्नति प्यार करना और 50 साल के बाद धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि जोड़ना और कोशिश करना कि ईश्वर आराधना और शिष्ट कर्मों द्वारा दूसरों की सहायता करती दीन दुखियों की सेवा करके ईश्वर को पाने का प्रयास करना यह मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए क्योंकि भवसागर की बंधन से अर्थात आवागमन के बंधन से मुक्ति पाना मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य होता है सबसे बड़ा होता है इसके लिए मनुष्य को प्रयास करना चाहिए यद्यपि करोड़ों में कोई एक प्रभावशाली होता है जो इस भवसागर भव बंधन की मुक्ति पाता है मुक्त को कैवल्य परम पद को मुक्त हो पाता है लेकिन हमारे जीवन का इस मुख से कैवल्य मुक्ति या आवागमन के बंधन से मुक्त होना होना

ram ram ji ki ji ki aapka prashna aapke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai ki mere anusaar manav jeevan ka uddeshya hai ek hi safal zindagi nibhate hue pehle aap unnati karna phir parivar ki unnati karna phir samaj ki unnati desh ki unnati pyar karna aur 50 saal ke baad dharmik aur aadhyatmik drishti jodna aur koshish karna ki ishwar aradhana aur shisht karmon dwara dusro ki sahayta karti din dukhiyon ki seva karke ishwar ko paane ka prayas karna yah manav jeevan ka uddeshya hona chahiye kyonki bhavsagar ki bandhan se arthat aavagaman ke bandhan se mukti paana manushya jeevan ka sabse bada uddeshya hota hai sabse bada hota hai iske liye manushya ko prayas karna chahiye yadyapi karodo me koi ek prabhavshali hota hai jo is bhavsagar bhav bandhan ki mukti pata hai mukt ko kaivalya param pad ko mukt ho pata hai lekin hamare jeevan ka is mukh se kaivalya mukti ya aavagaman ke bandhan se mukt hona hona

राम राम जी की जी की आपका प्रश्न आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है कि मेरे अनुसार म

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विजय कुमार

Experiential Counsellor

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निस्वार्थ सेवा भावना इंसानियत की ताला धर्म में इंसान का बाद में खुलता है पन्ना गीता या कुरान का

niswarth seva bhavna insaniyat ki tala dharm me insaan ka baad me khulta hai panna geeta ya quraan ka

निस्वार्थ सेवा भावना इंसानियत की ताला धर्म में इंसान का बाद में खुलता है पन्ना गीता या कुर

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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

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मानव जीवन का उद्देश्य क्या है आपका क्वेश्चन है डीजे अगर सही में देखा गया अभी जिस परिवेश में हमें क्या करना चाहिए क्योंकि संरक्षक और दूसरी बदलते जाते हैं अभी मैं करना है कि अपनी फैमिली को संभालना है और जितना हम सेव कर सके दूसरों का अपने मां बाप का उषा करें हम पैसे कमा रहे हैं और सब लोग घर में चार लोग कैसे काम पूरा करते हैं वहां पर आपका स्वास्थ्य लाभ है क्योंकि वह अपने हैं तो आपका स्वागत है लेकिन बाद में कोई और आ गया 10 पैसे मांग लिया तो कुछ थोड़ा सा भेजेंगे बात हो गई आप उसको दे रहा है पिक्चर दे रहे हैं चंद्र दे रहे हैं वह काम करते रहना चाहिए क्योंकि निस्वार्थ भावना से किया जाएगा एक कर्मी सेवा होता है अफसरों से सेवा कर रहे हैं उसे कुछ फायदा हो तो उससे का नहीं है दान दे रहा है उसके बाद जो कम आने में असमर्थ है या फिर कल इससे पहले आप उसका सेवा करें और दूसरा चाहिए और साथ में परमपिता परमेश्वर का ध्यान करते रहे इतना करेंगे जिंदगी आपके सफल होगी आपको देसी से पंगा इससे ज्यादा नहीं करना है यह बहुत है जिंदगी के लिए आप मरते समय ऑफिस नहीं करेंगे और मैं कुछ किया नहीं

manav jeevan ka uddeshya kya hai aapka question hai DJ agar sahi me dekha gaya abhi jis parivesh me hamein kya karna chahiye kyonki sanrakshak aur dusri badalte jaate hain abhi main karna hai ki apni family ko sambhaalna hai aur jitna hum save kar sake dusro ka apne maa baap ka usha kare hum paise kama rahe hain aur sab log ghar me char log kaise kaam pura karte hain wahan par aapka swasthya labh hai kyonki vaah apne hain toh aapka swaagat hai lekin baad me koi aur aa gaya 10 paise maang liya toh kuch thoda sa bhejenge baat ho gayi aap usko de raha hai picture de rahe hain chandra de rahe hain vaah kaam karte rehna chahiye kyonki niswarth bhavna se kiya jaega ek karmi seva hota hai afsaron se seva kar rahe hain use kuch fayda ho toh usse ka nahi hai daan de raha hai uske baad jo kam aane me asamarth hai ya phir kal isse pehle aap uska seva kare aur doosra chahiye aur saath me parampita parmeshwar ka dhyan karte rahe itna karenge zindagi aapke safal hogi aapko desi se panga isse zyada nahi karna hai yah bahut hai zindagi ke liye aap marte samay office nahi karenge aur main kuch kiya nahi

मानव जीवन का उद्देश्य क्या है आपका क्वेश्चन है डीजे अगर सही में देखा गया अभी जिस परिवेश म

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Aniel K Kumar Imprints

NLP Master Life Coach, Motivational Speaker

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यूज कार आपका सवाल है कि आपके अनुसार मनुष्य मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का हर व्यक्ति का उद्देश्य अपना अपना अलग है लेकिन फिर भी एक दिन आपके लिए देना चाहूं तो यह कहा जा सकता है कि हर व्यक्ति जो इस सृष्टि पर आया है तो उसका एक के अपना उच्च एक्टिव रहा है क्या करके हो जाएगा उसका भी मेट ऑब्जेक्टिव जो है वह यही है कि वह इस सृष्टि को और बेहतर बना पाए इस सृष्टि में समय और बढ़ा पाए इस सृष्टि में जो भी जीवन है उसको उसको चालू रूप से कर पाए और उसको और आसान बना पाए जय हिंद जय भारत आपका दिन शुभ रहे

use car aapka sawaal hai ki aapke anusaar manushya manav jeevan ka uddeshya kya hai manav jeevan ka har vyakti ka uddeshya apna apna alag hai lekin phir bhi ek din aapke liye dena chahu toh yah kaha ja sakta hai ki har vyakti jo is shrishti par aaya hai toh uska ek ke apna ucch active raha hai kya karke ho jaega uska bhi mate objective jo hai vaah yahi hai ki vaah is shrishti ko aur behtar bana paye is shrishti me samay aur badha paye is shrishti me jo bhi jeevan hai usko usko chaalu roop se kar paye aur usko aur aasaan bana paye jai hind jai bharat aapka din shubha rahe

यूज कार आपका सवाल है कि आपके अनुसार मनुष्य मानव जीवन का उद्देश्य क्या है मानव जीवन का हर व

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Madan Nanda Haral patil

Soft Skill Trainer

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हां नमस्कार नमस्कार मेरा नाम मिस्टर मनोहर पाटिल है मैं छत पर हूं आपके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य क्या है यह आपने सवाल मुझे पूछा है तो मेरे अनुसार मानव जीवन का उद्देश है ऐसा जीवन जीना चाहिए लेकर आज मदर टेरेसा लाइफ ऑफ महात्मा गांधी शीला अब्दुल कलाम छत्रपति शिवाजी महाराज लेटेस्ट महाराणा प्रताप लेटेस्ट साने गुरुजी इंदिरा गांधी लोगों स्वामी विवेकानंद जीवन बिताया है खुद का भी जीवन अच्छा बताइए तो मेरे हिसाब से जीवन में लोगों के लिए कुछ भी नहीं चाहिए मैं देखता हूं मैं भारत भर में घुमा हूं तो हमारे भारत में बहुत सारे गरीब लोग है उनके लिए सहायता करनी चाहिए क्या सोचना चाहिए कितने ब्लॉक हैं उनके घर में कोई किराना किराना नहीं है कोई खाना खाना आज नहीं है लेकिन वह जो आसपास के लोग भी उनका ख्याल नहीं रखते तो मैं सारे भारतवासियों को यह कहना चाहता हूं कि आप लोग आसपास में जो लोग भूखे हैं जो बूढ़े हैं उनके लिए शायद आ करो मुझे तो आज सुना रहे हैं कि कई लोगों के घर में कुछ नहीं रहता झोपड़पट्टी में एक बूढ़ी बूढ़ा रहते हैं उनके लड़के बेटे उनको कोई संभालते नहीं है तो कोई भेजना कपड़ा पर लाते हैं और आपका जीवन गुजारते हैं प्राइस इन लोगों को भी आपने सजा तक करनी चाहिए धन्यवाद

haan namaskar namaskar mera naam mister manohar patil hai main chhat par hoon aapke anusaar manav jeevan ka uddeshya kya hai yah aapne sawaal mujhe poocha hai toh mere anusaar manav jeevan ka uddesh hai aisa jeevan jeena chahiye lekar aaj mother teresa life of mahatma gandhi shila abdul kalam chhatrapati shivaji maharaj latest maharana pratap latest sane guruji indira gandhi logo swami vivekananda jeevan bitaya hai khud ka bhi jeevan accha bataiye toh mere hisab se jeevan me logo ke liye kuch bhi nahi chahiye main dekhta hoon main bharat bhar me ghuma hoon toh hamare bharat me bahut saare garib log hai unke liye sahayta karni chahiye kya sochna chahiye kitne block hain unke ghar me koi kirana kirana nahi hai koi khana khana aaj nahi hai lekin vaah jo aaspass ke log bhi unka khayal nahi rakhte toh main saare bharatvasiyon ko yah kehna chahta hoon ki aap log aaspass me jo log bhukhe hain jo budhe hain unke liye shayad aa karo mujhe toh aaj suna rahe hain ki kai logo ke ghar me kuch nahi rehta jhopadapatti me ek budhi budha rehte hain unke ladke bete unko koi sambhalate nahi hai toh koi bhejna kapda par laate hain aur aapka jeevan gujarate hain price in logo ko bhi aapne saza tak karni chahiye dhanyavad

हां नमस्कार नमस्कार मेरा नाम मिस्टर मनोहर पाटिल है मैं छत पर हूं आपके अनुसार मानव जीवन का

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Jitendra Gond

Mechanical Engineer

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सत्य विधान,विश्व लोकहित केंद्र।पूज्य बालगोपाल विशाल पुत्र महराज जी। 8400447847

मानव जीवन सूत्र, हरि दर्शन,मुक्तिमार्ग,सरल साधना।

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मानव जीवन का उद्देश्य केवल एक होता है सारे कार्य करते हुए सारी कार्य करते हुए केवल उसकी दृष्टि भगवतशरण पर टिकी रहे और मानव की एक ही उद्देश्य ते हैं वह है मुक्ति भगवत दर्शन मुक्ति मानव के जन्म का यही एक उद्देश्य होता है

manav jeevan ka uddeshya keval ek hota hai saare karya karte hue saari karya karte hue keval uski drishti bhagavatsharan par tiki rahe aur manav ki ek hi uddeshya te hain vaah hai mukti bhagwat darshan mukti manav ke janam ka yahi ek uddeshya hota hai

मानव जीवन का उद्देश्य केवल एक होता है सारे कार्य करते हुए सारी कार्य करते हुए केवल उसकी द

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Pawan

Financial Planer

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मेरे सबसे जीवन का उद्देश्य है कि हम लोगों की भलाई कर सकें और जितना हो सके लोगों की मदद करें और किसी का बुरा न सोचो कि हमारे जीवन का उद्देश्य और अपने आप को इतना अच्छा बनाएं कि हम हमसे कोई कुछ बोल ना पाए और हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहें और देखो इज्जत से जाए तो कुछ हजारों लोगों को खुश देखकर जाए खाली याद आए खा लिया जाएंगे लेकिन लोग और हमें बरसों तक याद रखें कुछ ऐसा कर जाए ऐसा जुनून हमारे अंदर में मैसेज यह जीवन का उद्देश्य

mere sabse jeevan ka uddeshya hai ki hum logo ki bhalai kar sake aur jitna ho sake logo ki madad kare aur kisi ka bura na socho ki hamare jeevan ka uddeshya aur apne aap ko itna accha banaye ki hum humse koi kuch bol na paye aur hamesha kuch na kuch sikhate rahein aur dekho izzat se jaaye toh kuch hazaro logo ko khush dekhkar jaaye khaali yaad aaye kha liya jaenge lekin log aur hamein barson tak yaad rakhen kuch aisa kar jaaye aisa junun hamare andar me massage yah jeevan ka uddeshya

मेरे सबसे जीवन का उद्देश्य है कि हम लोगों की भलाई कर सकें और जितना हो सके लोगों की मदद करे

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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

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अगर सच में जाना चाहे तो मानव का उद्देश्य कुछ भी नहीं है मानव जीवन उसी तरह जैसे एक जानवर जंगल में पैदा होता है वह अपने जीवन यापन करता है अपने जीवन को चलाता है और अपनी जिंदगी बिताता है और 1 दिन मर जाता है मानव ने अब खुद का कुछ नहीं है दूसरों पर थोप रखा है जब बच्चा पैदा करना होता है या बच्चा पैदा करने से पहले ही हमारे मां-बाप सोच लेते हैं कि इसको डॉक्टर बनाऊंगा इंजीनियर बनाऊंगा यह करवा लूंगा वह करवा लूंगा और वह पैदा होता है और उसको एक उद्देश्य से पैदा किया जाता है और उससे वही करवाया जाता है अगर उसको भी थोड़ा आजादी से जीने दिया जाए तो वह जी सकता है और यहां आकर उद्देश्य बनाते हैं हम हमारा मूर्ति उद्देश्य को नहीं है हमारा सिर्फ एक जीवन यापन करना उद्देश्य होता है हर जीव की तरह जैसे शेर चीते भालू चिड़िया मोर तोता मैना कौवा कबूतर जिस तरह जीते हैं हमारा भी उसी तरह होता है कि हम जिए और दूसरों को जीने ने लेकिन हम अपने स्वार्थ के लिए अपने उद्देश्य दूसरों पर थोपते हैं और इसी तरह से इसका एक मूल उद्देश्य बदल जाता है तो मानव जीवन सिर्फ इस पृथ्वी पर जीव की तरह आता है और चला जाता है उसका कुल

agar sach me jana chahen toh manav ka uddeshya kuch bhi nahi hai manav jeevan usi tarah jaise ek janwar jungle me paida hota hai vaah apne jeevan yaapan karta hai apne jeevan ko chalata hai aur apni zindagi bitata hai aur 1 din mar jata hai manav ne ab khud ka kuch nahi hai dusro par thop rakha hai jab baccha paida karna hota hai ya baccha paida karne se pehle hi hamare maa baap soch lete hain ki isko doctor banaunga engineer banaunga yah karva lunga vaah karva lunga aur vaah paida hota hai aur usko ek uddeshya se paida kiya jata hai aur usse wahi karvaya jata hai agar usko bhi thoda azadi se jeene diya jaaye toh vaah ji sakta hai aur yahan aakar uddeshya banate hain hum hamara murti uddeshya ko nahi hai hamara sirf ek jeevan yaapan karna uddeshya hota hai har jeev ki tarah jaise sher cheete bhaloo chidiya mor tota maina kauwa kabootar jis tarah jeete hain hamara bhi usi tarah hota hai ki hum jiye aur dusro ko jeene ne lekin hum apne swarth ke liye apne uddeshya dusro par thopte hain aur isi tarah se iska ek mul uddeshya badal jata hai toh manav jeevan sirf is prithvi par jeev ki tarah aata hai aur chala jata hai uska kul

अगर सच में जाना चाहे तो मानव का उद्देश्य कुछ भी नहीं है मानव जीवन उसी तरह जैसे एक जानवर जं

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Anupam kumar

Business Consultant

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मानव जीवन का उद्देश्य मानव मानव को गले लगाना मानव से प्रेम करना मानवता भाईचारे का संबंध बनाना यही मानव उद्देश्य है यही मानव जीवन की अच्छी और यह कार्य

manav jeevan ka uddeshya manav manav ko gale lagana manav se prem karna manavta bhaichare ka sambandh banana yahi manav uddeshya hai yahi manav jeevan ki achi aur yah karya

मानव जीवन का उद्देश्य मानव मानव को गले लगाना मानव से प्रेम करना मानवता भाईचारे का संबंध बन

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VC. Speaks

Soft Skill Trainer

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मानव जीवन का उद्देश्य क्या है या क्या होना चाहिए मानव जीवन का उद्देश्य यह जरूर होना चाहिए कि हम कम से कम एक बार कम से कम एक व्यक्ति के काम आए उसकी जिंदगी बेहतर बनाएं अगर यह हम एक बड़े स्केल पर कर पाए एक मानव की जगह मानव जाति के काम आता है जानवरों के काम आप आए प्रकृति के काम आप आए तो बहुत अच्छा लेकिन कम से कम एक बार कम से कम एक व्यक्ति एक जानवर के लिए कुछ बेहतर जरूर करें सुनने के लिए थैंक यू

manav jeevan ka uddeshya kya hai ya kya hona chahiye manav jeevan ka uddeshya yah zaroor hona chahiye ki hum kam se kam ek baar kam se kam ek vyakti ke kaam aaye uski zindagi behtar banaye agar yah hum ek bade scale par kar paye ek manav ki jagah manav jati ke kaam aata hai jaanvaro ke kaam aap aaye prakriti ke kaam aap aaye toh bahut accha lekin kam se kam ek baar kam se kam ek vyakti ek janwar ke liye kuch behtar zaroor karen sunane ke liye thank you

मानव जीवन का उद्देश्य क्या है या क्या होना चाहिए मानव जीवन का उद्देश्य यह जरूर होना चाहिए

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आचार्य प्रशांत

IIT-IIM Alumnus, Ex Civil Services Officer, Mystic

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भाग रहे हो तो कोई तो प्रपोज होगा भाग रहे हो तो कुछ तो देश से होगा और अगर बिना उद्देश्य जाने भाग रहे हो तो फिर स्पष्ट है कि क्या उद्देश्य है एक आदमी जो बिना उद्देश्य जाने भाग रहा हो उसके लिए तो एक ही उद्देश्य है अभी क्या पता करो ना कि क्या उद्देश्य है यह नहीं पता जाना कहां है गाड़ी चल रही है पता तो किस्मत क्या उद्देश्य होना चाहिए थोड़ा जल्दी करके पता भी तो कर लो जाना कहां है जाना तो था शायद गाड़ी इसीलिए चलाई थी गाड़ी चलाने की धुन में यही भूल गए कि जाना कहां था कैसा करते हैं गाड़ी थोड़ी धीमी करते हैं पता तो कर ले कहां को निकले थे कहां पहुंचे तो मैं कह नहीं सकता कि तुम्हें कहीं जाना नहीं तुम्हारी बेकरारी सबूत है कि तुम कहीं तो पहुंचना चाहते हो ब्रेकअप से कहीं दौड़े चले जा रहे हो कुछ चाहिए तो है तुमको क्या चाहिए है थोड़ा कम कि पूछो अपने आप से सावधानी रख लेना बहुत तेज दौड़ते दौड़ते अपने आप से पूछना मुश्किल हो जाएगा कि कहां जाना है अरे बहुत तेज दौड़ रहे हो तो सारी ऊर्जा लग जाएगी दौड़ने में यह जान नहीं पाओगे कि कहां जाना है थोड़ा विश्राम लो तुम अल्टीमेट हो क्या तुम एक्टिवेट हो तुम तो वही होना बैठे हो तुम क्या करोगे तुम बहुत है बैठे हो और तुम बात कर रहे हो अल्टीमेट डिजायर की आखिरी डिजायर यह देखो कि ठीक अभी तुम्हें क्या बेचैनी है उसको दूर करो आखरी दीदार कोई नहीं होती आखरी तो आजादी होती है फ्रीडम फ्रॉम डिजायर कामना तुम्हें अभी है या एडमिट नहीं होगी इच्छाओं में अभी लखपत हो या अल्टीमेट नहीं होगे अभी होना तो अभी देखो कि इन इच्छाओं से क्या पा रहे हो जी के पीछे भागना 160 की गति पर इससे पहले कि तुम पूछो कि सही इच्छा क्या है उन्हें इच्छाओं का तो सर्वेक्षण कर लो जिनके पीछे इतनी जोर से भाग रहे हो नहीं बताती है जिसके पीछे वाले ऐसा बिल्कुल भी नहीं है गाड़ी उठा कर डे टुडे लाइफ के पीछे भाग रहे हो यही देखो कि उसके पीछे भागना क्या रोज सुबह गाड़ी उठाने किसके लिए भागते हो रोज शाम को वही गाड़ी लेकर के कहा वापस आते हो तो रही है लगातार चीन के पीछे भाग रहे हो पूछो अपने आप से कब सीखा मैंने इनके पीछे भागना और इनके पीछे भागते क्या पा रहा हूं आइडिया कोई नहीं होती अल्टीमेट फ्रीडम होती है अल्टीमेट फ्रीडम इज फ्रॉम द एक्जिस्टिंग डिजाइनर कोई नहीं बैठा यार जिसके पास तो रिटर्न मिटेगा यारो सब के पास यही फुटकर इच्छाएं होती है क्या फुटकर इच्छा है चलो यहां खाने चलते हैं घर बनवा लेते हैं बेटे की शादी करनी है विदेश घूम के आना है किसके पास है बताना जरा क्योंकि अल्टीमेट डिजायर होती तो उसमें दीदार को पूरा करने की भी कहीं कोई दुकान जरूर होती आदमी बड़ा व्यापारी है जहां इच्छा है इच्छा की पूर्ति करने वाली दुकान भी होती है कोई दुकान है जो बताती हो इतने सारे यहां पूरी होती है बताती है कि नहीं होती है निभाने की छांव में फंसे हुए

bhag rahe ho toh koi toh propose hoga bhag rahe ho toh kuch toh desh se hoga aur agar bina uddeshya jaane bhag rahe ho toh phir spasht hai ki kya uddeshya hai ek aadmi jo bina uddeshya jaane bhag raha ho uske liye toh ek hi uddeshya hai abhi kya pata karo na ki kya uddeshya hai yah nahi pata jana kahaan hai gaadi chal rahi hai pata toh kismat kya uddeshya hona chahiye thoda jaldi karke pata bhi toh kar lo jana kahaan hai jana toh tha shayad gaadi isliye chalai thi gaadi chalane ki dhun mein yahi bhool gaye ki jana kahaan tha kaisa karte hain gaadi thodi dheemi karte hain pata toh kar le kahaan ko nikle the kahaan pahuche toh main keh nahi sakta ki tumhe kahin jana nahi tumhari bekrari sabut hai ki tum kahin toh pahunchana chahte ho breakup se kahin daude chale ja rahe ho kuch chahiye toh hai tumko kya chahiye hai thoda kam ki pucho apne aap se savadhani rakh lena bahut tez daurte daurte apne aap se poochna mushkil ho jaega ki kahaan jana hai arre bahut tez daudh rahe ho toh saree urja lag jayegi daudne mein yah jaan nahi paoge ki kahaan jana hai thoda vishram lo tum ultimate ho kya tum activate ho tum toh wahi hona baithe ho tum kya karoge tum bahut hai baithe ho aur tum baat kar rahe ho ultimate desire ki aakhiri desire yah dekho ki theek abhi tumhe kya bechaini hai usko dur karo aakhri DIDAR koi nahi hoti aakhri toh azadi hoti hai freedom from desire kaamna tumhe abhi hai ya admit nahi hogi ikchao mein abhi lakhpat ho ya ultimate nahi hoge abhi hona toh abhi dekho ki in ikchao se kya paa rahe ho ji ke peeche bhaagna 160 ki gati par isse pehle ki tum pucho ki sahi iccha kya hai unhe ikchao ka toh sarvekshan kar lo jinke peeche itni jor se bhag rahe ho nahi batati hai jiske peeche waale aisa bilkul bhi nahi hai gaadi utha kar day today life ke peeche bhag rahe ho yahi dekho ki uske peeche bhaagna kya roj subah gaadi uthane kiske liye bhagte ho roj shaam ko wahi gaadi lekar ke kaha wapas aate ho toh rahi hai lagatar china ke peeche bhag rahe ho pucho apne aap se kab seekha maine inke peeche bhaagna aur inke peeche bhagte kya paa raha hoon idea koi nahi hoti ultimate freedom hoti hai ultimate freedom is from the ekjisting designer koi nahi baitha yaar jiske paas toh return mitega yaro sab ke paas yahi phutakar ichhaen hoti hai kya phutakar iccha hai chalo yahan khane chalte hain ghar banwa lete hain bete ki shadi karni hai videsh ghum ke aana hai kiske paas hai bataana zara kyonki ultimate desire hoti toh usmein DIDAR ko pura karne ki bhi kahin koi dukaan zaroor hoti aadmi bada vyapaari hai jahan iccha hai iccha ki purti karne waali dukaan bhi hoti hai koi dukaan hai jo batati ho itne saare yahan puri hoti hai batati hai ki nahi hoti hai nibhane ki chanv mein fanse hue

भाग रहे हो तो कोई तो प्रपोज होगा भाग रहे हो तो कुछ तो देश से होगा और अगर बिना उद्देश्य ज

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Dr. Amit Sharma

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए अपने खुद का एक बेटा वर्जन हर रोज बन्ना ईश्वर ने हमें बनाया है हम सब अलग-अलग बनाए गए हैं हमारा एक पर्सनैलिटी एक व्यक्तित्व है हमें अपनी ही पर्सनैलिटी अपने ही व्यक्तित्व को उसका हर वर्जन बैटर वर्जन दिल्ली लाना है जो उद्देश्य है यह कोई एक दिन प्राप्त होने वाला उद्देश्य ना हो के निरंतर कार्यरत होने वाला उद्देश्य है अब जो भी है जिस भी फील्ड में है हम वह काम इमानदारी से करें और बेहतर कर पाए उसे वक्त के साथ-साथ इस उद्देश्य के साथ हम चलते हैं तो यही मानव जीवन का उद्देश्य हो सकता है

manav jeevan ka uddeshya hona chahiye apne khud ka ek beta version har roj banna ishwar ne hamein banaya hai hum sab alag alag banaye gaye hain hamara ek personality ek vyaktitva hai hamein apni hi personality apne hi vyaktitva ko uska har version better version delhi lana hai jo uddeshya hai yah koi ek din prapt hone vala uddeshya na ho ke nirantar karyarat hone vala uddeshya hai ab jo bhi hai jis bhi field mein hai hum vaah kaam imaandari se karen aur behtar kar paye use waqt ke saath saath is uddeshya ke saath hum chalte hain toh yahi manav jeevan ka uddeshya ho sakta hai

मानव जीवन का उद्देश्य होना चाहिए अपने खुद का एक बेटा वर्जन हर रोज बन्ना ईश्वर ने हमें बनाय

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