क्या भारत में वैलेंटाइन दिवस को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लेतें है? ऐसा क्यों?...


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Girish Billore Mukul

Government Officer

1:28

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह छोटी मानसिकता है अगर विश्व के सारे देश योग पर आकर्षित हो गए हैं और लोगों को पसंद भी है योगाभ्यास करना योग क्रियाएं करना तो हम वैलेंटाइन डे मना कर क्यों नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं और ऐसी व्यवस्था से क्या हम अच्छी चीजें जो आत्मसात करने लायक थी उसे हटा देंगे उदाहरण के तौर पर 80 वर्षों पहले हमारे देश में पुरुष जिस तरह की पोशाक पहनते थे धोती कुर्ता या लूंगी इत्यादि उसे छोड़कर आप पेंट शर्ट पर आ गए जिस आपने अपना दिल तो उसे स्वीकार करने में आपका जो सांस्कृतिक वैभव समाप्त नहीं हुआ तो वेलेंटाइन दिवस पर अगर आपने ऐसा किया तो गलत क्या किया उसे सही करने में गलती क्या है कमी क्या है प्रेम का संदेश देने वाला कोई भी दे शिकारी होना चाहिए इसके प्रदर्शन में अनुशासन बहुत जरूरी है

yah choti mansikta hai agar vishwa ke saare desh yog par aakarshit ho gaye hain aur logo ko pasand bhi hai yogabhayas karna yog kriyaen karna toh hum valentine day mana kar kyon narajgi vyakt kar rahe hain aur aisi vyavastha se kya hum achi cheezen jo aatmsat karne layak thi use hata denge udaharan ke taur par 80 varshon pehle hamare desh mein purush jis tarah ki poshaak pehente the dhoti kurta ya lungi ityadi use chhodkar aap paint shirt par aa gaye jis aapne apna dil toh use sweekar karne mein aapka jo sanskritik vaibhav samapt nahi hua toh valentine divas par agar aapne aisa kiya toh galat kya kiya use sahi karne mein galti kya hai kami kya hai prem ka sandesh dene vala koi bhi de shikaaree hona chahiye iske pradarshan mein anushasan bahut zaroori hai

यह छोटी मानसिकता है अगर विश्व के सारे देश योग पर आकर्षित हो गए हैं और लोगों को पसंद भी है

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Shubham

Software Engineer in IBM

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी हमारे भारत देश के बात करूं तो करोड़ों लोग रहते हैं करोड़ों लोगों का अपना अलग अलग दिमाग होता है उनके सोचने का तरीका अपना अलग होता है उनकी उनका थिंकिंग लेबल अलग है उनका परसेप्शन लगे तो बिल्कुल उनकी थिंकिंग उनका सोचने का तरीका और ऐसी बातें अलग अलग होगा तो बिल्कुल यह उनकी सोच पर डिपेंड करता है कि वह वैलेंटाइन को ज्यादा प्रायरिटी देंगे या फिर शिवरात्रि को ज्यादा प्राइस ड्यूटी देंगे या फिर उन दोनों को बराबर प्रायरिटी देंगे तू ही उनकी सोच पर डिपेंड करता है कि वह क्या सोचते हैं अगर मैं बात करूं ओल्ड थिंकिंग के लोगों की काफी लोग ऐसे हैं मैं ओल्ड पीपल की बात नहीं कर रहा और थिंकिंग लोगों की बात कर रहा हूं जो यंग एज के तो है लेकिन वह भी पुरानी थिंकिंग वाले हैं वह वेलेंटाइन या वेस्टर्न कल्चर को बिल्कुल पसंद नहीं करते तो ऐसी बातें क्यों कही नागेश शिवरात्रि को ज्यादा पर ड्यूटी देंगे और काफी लोग हैं जो और उनकी आज के समय के हिसाब से है और वह जानते हैं कि बिल्कुल एक दिन ऐसा होना चाहिए जो वह लव कुड नोट कर सकें और सेलिब्रेट कर सके तो वह बिल्कुल वैलेंटाइन को प्रायरिटी देते हैं और काफी लोग हैं जो बिल्कुल सही है अपनी जगह जो लोग दोनों चीजों को प्रायरिटी देते हैं उनको पता है कि शिवरात्रि का अपना अलग महत्व और वैलेंटाइन का अपना अलग महत्व है और अपनी अलग अलग वैल्यू है बाकी डिपेंड करता है आप क्या सोचते हैं अब वही चीज है कि अगर मैं छोटे बच्चों की बात करूं तो वह लोग आजकल बचपन से ही वैलेंटाइन वैलेंटाइन सुनते आ रहे हैं तो वैसी बातें कहीं ना कहीं वह वैलेंटाइन को प्रायरिटी देंगे और उनको एक भी है कोई दिक्कत नहीं है उनके सोचने का तरीका लगे तो बस यही बोलना चाहूंगा कि वह किस माह में पड़े पड़े हैं उनकी सोच क्या है वह सोचने का तरीका उनका क्या है तो उस पर डिपेंड करता है और सोचने का तरीका सबका अपना अलग अलग हो सकता है तो किस चीज को किस तरीके से लेना है वह भी अपना अलग अलग हो सकता है तो इसमें इतना डिबेट वाली बात नहीं है इस तरीके से होती है भारत में

vicky hamare bharat desh ke baat karu toh karodo log rehte hain karodo logo ka apna alag alag dimag hota hai unke sochne ka tarika apna alag hota hai unki unka thinking lebal alag hai unka perception lage toh bilkul unki thinking unka sochne ka tarika aur aisi batein alag alag hoga toh bilkul yah unki soch par depend karta hai ki vaah valentine ko zyada prayariti denge ya phir shivratri ko zyada price duty denge ya phir un dono ko barabar prayariti denge tu hi unki soch par depend karta hai ki vaah kya sochte hain agar main baat karu old thinking ke logo ki kaafi log aise hain main old pipal ki baat nahi kar raha aur thinking logo ki baat kar raha hoon jo young age ke toh hai lekin vaah bhi purani thinking waale hain vaah valentine ya western culture ko bilkul pasand nahi karte toh aisi batein kyon kahi nagesh shivratri ko zyada par duty denge aur kaafi log hain jo aur unki aaj ke samay ke hisab se hai aur vaah jante hain ki bilkul ek din aisa hona chahiye jo vaah love kud note kar sake aur celebrate kar sake toh vaah bilkul valentine ko prayariti dete hain aur kaafi log hain jo bilkul sahi hai apni jagah jo log dono chijon ko prayariti dete hain unko pata hai ki shivratri ka apna alag mahatva aur valentine ka apna alag mahatva hai aur apni alag alag value hai baki depend karta hai aap kya sochte hain ab wahi cheez hai ki agar main chote baccho ki baat karu toh vaah log aajkal bachpan se hi valentine valentine sunte aa rahe hain toh vaisi batein kahin na kahin vaah valentine ko prayariti denge aur unko ek bhi hai koi dikkat nahi hai unke sochne ka tarika lage toh bus yahi bolna chahunga ki vaah kis mah mein pade pade hain unki soch kya hai vaah sochne ka tarika unka kya hai toh us par depend karta hai aur sochne ka tarika sabka apna alag alag ho sakta hai toh kis cheez ko kis tarike se lena hai vaah bhi apna alag alag ho sakta hai toh isme itna debate wali baat nahi hai is tarike se hoti hai bharat mein

विकी हमारे भारत देश के बात करूं तो करोड़ों लोग रहते हैं करोड़ों लोगों का अपना अलग अलग दिमा

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे कहीं ना कहीं हमारे कल्चर पर हमारे देश की सभ्यता पर वेस्टर्न इनफ्लुएंस तो आज देखी जब हमारा जो नववर्ष होता है उसको लोग इतना सेलिब्रेट नहीं करते जबकि जो आपका वेस्टर्न यूरोपियन कंट्रीस में जो निवारक होता है जो फर्स्ट जनवरी को होता है उसको बहुत लोग सेलिब्रेट करते हैं लोग दिखे गुड फ्राइडे को ज्यादा सेलिब्रेट करते हैं लोगों को बहुत बार ऐसा होता है कि नहीं होता कि कब शिवरात्रि है तो इसका बस एक ही कारण है कि हमारे देश पर कहीं न कहीं वेस्टर्न कल्चर का भोजन से लोगों की सोच भी चेंज हो रही है लोगों को लगता है कि वेस्टर्न कल्चर को अपना कि वह मॉडर्न हो जाएंगी लेकिन मॉडर्निटी आपके पहनावे से नहीं आती कहीं न कि आप की विचारों में मॉडल मीटिंग होनी चाहिए और यही कारण है क्योंकि देश में युवा पापुलेशन बहुत ज्यादा है यूथ पापुलेशन बहुत ज्यादा है और इसी वजह से वैलेंटाइन डे को ज्यादा वरीयता दी जाती है

dekhe kahin na kahin hamare culture par hamare desh ki sabhyata par western inafluens toh aaj dekhi jab hamara jo navavarsh hota hai usko log itna celebrate nahi karte jabki jo aapka western european kantris mein jo nivarak hota hai jo first january ko hota hai usko bahut log celebrate karte hain log dikhe good friday ko zyada celebrate karte hain logo ko bahut baar aisa hota hai ki nahi hota ki kab shivratri hai toh iska bus ek hi karan hai ki hamare desh par kahin na kahin western culture ka bhojan se logo ki soch bhi change ho rahi hai logo ko lagta hai ki western culture ko apna ki vaah modern ho jayegi lekin modernity aapke pahnawe se nahi aati kahin na ki aap ki vicharon mein model meeting honi chahiye aur yahi karan hai kyonki desh mein yuva population bahut zyada hai youth population bahut zyada hai aur isi wajah se valentine day ko zyada variyata di jaati hai

देखे कहीं ना कहीं हमारे कल्चर पर हमारे देश की सभ्यता पर वेस्टर्न इनफ्लुएंस तो आज देखी जब ह

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Vatsal

Engineering Student

1:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सवाल किस तरीके से

sawaal kis tarike se

सवाल किस तरीके से

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मुझे ऐसा नहीं लगता मधुकर जी की बाल डाई मंडे को ज्यादा इंपोर्टेंस मिल रही है और शुभ रात्रि को कम देखी माना कि भारत एक ही अंग कंट्री है यानी कि यंग जनरेशन काफी ज्यादा है हमारे यहां जो यूथ है जो टीनएज है वह भारत एक धार्मिक कंसीव भी है और भगवान और धर्म हमेशा सबसे ऊपर रहे और बाती से फिर बाद में आई है और जो हमारी आंखें यंग जनरेशन है ऐसा भी नहीं है कि सारे रिलेशनशिप में है बहुत सारे लोग संगठित होंगे तो उनके लिए वायरल डांस तो कोई इंपॉर्टेंट दादा है नहीं तब तक उन्हें कोई बात नहीं टाइम मिल नहीं चाहता तू जो अगर तो यंग जनरेशन है वही सारी फेस्टिवल्स मना भी रही है तू भी हमारे पेरेंट्स है वह तो शिवरात्रि कोई सेलिब्रेट करेंगे लेकिन वैलेंटाइन वीक में कोई भूखा रहकर पास नहीं रखता किसी के लिए बल्कि शुभ रात्रि में बहुत सारे लोग बहुत ही अच्छे पर पोस्ट में लोग पास रखेंगे मंदिरों में जाएंगे तैयार होकर तू चीज दे हाथी की शिवरात्रि आज की ताजा धूमधाम से मनाई जाएगी बायोटिन से कम प्राइस में ऑर्डर की जरूरत है जो यंग लोग हैं वह भी साधारण टाइम्स में हर क्वारंटाइन में घुसा हुआ नहीं है बहुत सारे लोग सिंगल होंगे तो उनके लिए बढ़िया सी कोई इंपॉर्टेंट है नहीं दूसरी तरफ बहुत सारे लोग बजरंगी दल से जुड़े हुए होंगे तो अगर वह मैं आ जाएंगे तो भी वैसा कुछ मना नहीं पाएंगे को भगवान जी कोई ज्यादा याद करेंगे तो जो भारत टाइम्स की इंपॉर्टेंट है हां वह बहुत बड़ी है पिछले सालों से लेकिन शिवरात्रि की इंपॉर्टेंस ऐसी ही रही है और उतनी ही रहेगी मेरे हिसाब से

dekhiye mujhe aisa nahi lagta madhukar ji ki baal dye monday ko zyada importance mil rahi hai aur shubha ratri ko kam dekhi mana ki bharat ek hi ang country hai yani ki young generation kaafi zyada hai hamare yahan jo youth hai jo teenage hai vaah bharat ek dharmik concieve bhi hai aur bhagwan aur dharm hamesha sabse upar rahe aur bati se phir baad mein I hai aur jo hamari aankhen young generation hai aisa bhi nahi hai ki saare Relationship mein hai bahut saare log sangathit honge toh unke liye viral dance toh koi important dada hai nahi tab tak unhe koi baat nahi time mil nahi chahta tu jo agar toh young generation hai wahi saree festivals mana bhi rahi hai tu bhi hamare parents hai vaah toh shivratri koi celebrate karenge lekin valentine weak mein koi bhukha rahkar paas nahi rakhta kisi ke liye balki shubha ratri mein bahut saare log bahut hi acche par post mein log paas rakhenge mandiro mein jaenge taiyar hokar tu cheez de haathi ki shivratri aaj ki taaza dhumadham se manai jayegi biotin se kam price mein order ki zarurat hai jo young log hain vaah bhi sadhaaran times mein har quarantine mein ghusa hua nahi hai bahut saare log singles honge toh unke liye badhiya si koi important hai nahi dusri taraf bahut saare log bajrangi dal se jude hue honge toh agar vaah main aa jaenge toh bhi waisa kuch mana nahi payenge ko bhagwan ji koi zyada yaad karenge toh jo bharat times ki important hai haan vaah bahut badi hai pichle salon se lekin shivratri ki importance aisi hi rahi hai aur utani hi rahegi mere hisab se

देखिए मुझे ऐसा नहीं लगता मधुकर जी की बाल डाई मंडे को ज्यादा इंपोर्टेंस मिल रही है और शुभ र

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:08
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी जो है वह जो है वह से ज्यादा बस स्टैंड मुजफ्फरपुर शिवरात्रि को भी कई लोग सेलिब्रेट करते हैं लोगों ने बनाया इंपॉर्टेंट जो है वह प्यार का इजहार करने के लिए दी जाती है आपका जो प्यार होता है और वह प्यार का नाम एक लड़का एक लड़की से नहीं होता है प्यार अपने मां से भी हो सकता है अपनी बहनों से भी हो सकता है अपने दोस्तों से भी हो सकता है अपने पापा भाई लेटेस्ट सबसे हो सकता है खाली ऐसा नहीं है कि उसे टाइप का ही खाली प्यार जो है वह उसमे पटक दिया जाता है वैलेंटाइन डे में प्यार कर सकते हैं और किसी को हैप्पी वैलेंटाइन डे विश करूंगा

abhi jo hai vaah jo hai vaah se zyada bus stand muzaffarpur shivratri ko bhi kai log celebrate karte hain logo ne banaya important jo hai vaah pyar ka izhaar karne ke liye di jaati hai aapka jo pyar hota hai aur vaah pyar ka naam ek ladka ek ladki se nahi hota hai pyar apne maa se bhi ho sakta hai apni bahnon se bhi ho sakta hai apne doston se bhi ho sakta hai apne papa bhai latest sabse ho sakta hai khaali aisa nahi hai ki use type ka hi khaali pyar jo hai vaah usme patak diya jata hai valentine day mein pyar kar sakte hain aur kisi ko happy valentine day wish karunga

अभी जो है वह जो है वह से ज्यादा बस स्टैंड मुजफ्फरपुर शिवरात्रि को भी कई लोग सेलिब्रेट करते

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Sefali

Media-Ad Sales

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भारत में वेलेंटाइन दिवस को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लेते हैं आज मुझे नहीं लगता है ऐसा कुछ भी है क्योंकि और महाशिवरात्रि और वैलेंटाइन डे जो है दोनों का अलग अलग ही महत्व है वैलेंटाइन डे जो है वह जो है प्रेमियों का दिन है जोकि जोकि अनमैरिड कपल अनमैरिड कपल भेजो है सेलिब्रेट करते हैं मैरिड कपल इतना पॉपुलर मेरे सबसे भारत में नहीं है अभी भी औरतें महाशिवरात्रि है जो कि बहुत स्पेशल एजुकेशन है भारत में हर परिवार और हर हिंदू परिवार को सेलिब्रेट करता है इसकी महत्व बहुत ज्यादा है उस दिन फास्ट की जाती है शिव जी की पूजा की जाती है उन्हें दूध से जो है वह लाया जाता है तो उसका महत्व अलग है और जो है यह सामने जो है पर किया जाता है बाहर जाते हैं डेट पर जाते हैं उसको सेलिब्रेट करते हैं तो दोनों की ही आरजू है या अलग अलग इंपॉर्टेंट से और अलग ब्यावर सेलिब्रेशन है तो ऐसा कुछ भी नहीं है कि महाशिवरात्रि का जो है बालू घाट क्या है और मैं वैलेंटाइन डे का ऊपर चला गया है दोनों ही अपनी अपनी जगह पर हैं और रेस्पेक्टेड लोगों के द्वारा जो है सेलिब्रेट किया सेलिब्रेट किया जा रहा

kya bharat mein valentine divas ko shivratri se adhik gambhirta se lete hain aaj mujhe nahi lagta hai aisa kuch bhi hai kyonki aur mahashivaratri aur valentine day jo hai dono ka alag alag hi mahatva hai valentine day jo hai vaah jo hai premiyon ka din hai joki joki unmarried couple unmarried couple bhejo hai celebrate karte hain married couple itna popular mere sabse bharat mein nahi hai abhi bhi auraten mahashivaratri hai jo ki bahut special education hai bharat mein har parivar aur har hindu parivar ko celebrate karta hai iski mahatva bahut zyada hai us din fast ki jaati hai shiv ji ki puja ki jaati hai unhe doodh se jo hai vaah laya jata hai toh uska mahatva alag hai aur jo hai yah saamne jo hai par kiya jata hai bahar jaate hain date par jaate hain usko celebrate karte hain toh dono ki hi aaraju hai ya alag alag important se aur alag byavar celebration hai toh aisa kuch bhi nahi hai ki mahashivaratri ka jo hai baalu ghat kya hai aur main valentine day ka upar chala gaya hai dono hi apni apni jagah par hain aur respekted logo ke dwara jo hai celebrate kiya celebrate kiya ja raha

क्या भारत में वेलेंटाइन दिवस को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लेते हैं आज मुझे नहीं लगता है

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में वैलेंटाइन डे भी मनाया जाता है और महाशिवरात्रि भी मनाई जाती है अब जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वैलेंटाइन डे को सभी धर्मों के लोग बना सकते हैं लेकिन महाशिवरात्रि हिंदुओं का पर्व है तू मुझे लगता है कि वैलेंटाइन डे ज्यादातर जो है वह यंगस्टर के बीच में फेमस है और जो यंग लड़के लड़कियां हैं वह वैलेंटाइन डे को ज्यादा धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि हमारे समाज में अभी उस तरह की प्रवृत्ति नहीं आई है कि जो बूढ़े बुजुर्ग हैं वह भी ज्यादा खुशी खुशी वैलेंटाइन डे को मनाने लेकिन हिंदुओं में महाशिवरात्रि का एक अलग ही महत्व है और हिंदू धर्म के लोग जो हैं वह महाशिवरात्रि को काफी धूमधाम से और बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं तू दोनों जो फेस्टिवल हम कहें वह अलग-अलग इस ग्रुप में बैठे हुए हैं क्योंकि जो बड़े बुजुर्ग हैं हमारे माता पिता हैं दादा दादी हैं यह लोग जो है वह महाशिवरात्रि को ज्यादा महत्व देंगे और इन्हें वैलेंटाइन डे से कुछ खास लेना-देना नहीं रहता है लेकिन जो हमारे इस ग्रुप के लोग हैं यानी कि जो यंगस्टर्स हैं युवा हैं वह ज्यादातर मैंने देखा है कि वैलेंटाइन डे के तरफ ज्यादा आकर्षित रहते हैं और इसे काफी धूमधाम से सेलिब्रेट करने की कोशिश करते हैं तो वह दोनों जो त्यौहार या उत्सव है उनकी कैटेगरी से बिल्कुल अलग है और दोनों ही फेस्टिवल्स को काफी अच्छे तौर पर लोग मनाते हैं

bharat mein valentine day bhi manaya jata hai aur mahashivaratri bhi manai jaati hai ab jaisa ki hum sabhi jante hain ki valentine day ko sabhi dharmon ke log bana sakte hain lekin mahashivaratri hinduon ka parv hai tu mujhe lagta hai ki valentine day jyadatar jo hai vaah youngster ke beech mein famous hai aur jo young ladke ladkiyan hain vaah valentine day ko zyada dhumadham se manate hain kyonki hamare samaj mein abhi us tarah ki pravritti nahi I hai ki jo budhe bujurg hain vaah bhi zyada khushi khushi valentine day ko manane lekin hinduon mein mahashivaratri ka ek alag hi mahatva hai aur hindu dharm ke log jo hain vaah mahashivaratri ko kaafi dhumadham se aur bahut hi harshollas ke saath manate hain tu dono jo festival hum kahein vaah alag alag is group mein baithe hue hain kyonki jo bade bujurg hain hamare mata pita hain dada dadi hain yah log jo hai vaah mahashivaratri ko zyada mahatva denge aur inhen valentine day se kuch khaas lena dena nahi rehta hai lekin jo hamare is group ke log hain yani ki jo youngsters hain yuva hain vaah jyadatar maine dekha hai ki valentine day ke taraf zyada aakarshit rehte hain aur ise kaafi dhumadham se celebrate karne ki koshish karte hain toh vaah dono jo tyohar ya utsav hai unki category se bilkul alag hai aur dono hi festivals ko kaafi acche taur par log manate hain

भारत में वैलेंटाइन डे भी मनाया जाता है और महाशिवरात्रि भी मनाई जाती है अब जैसा कि हम सभी ज

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी ने मुझे ऐसा नहीं लगता है कि हमारे देश में वैलेंटाइन डे को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लिया जाता है यह सही है कि वैलेंटाइन डे आज की जनरेशन की पसंद का दिन है आज की जनरेशन है वह बहुत धूमधाम से मनाती है लेकिन जहां तक पूरी जनता का सवाल एक जनमत का सवाल है वह मुझे नहीं लगता है कि वैलेंटाइन डे की तरफ दिखता है कि हमारा देश धर्म प्रधान देश है और धर्म में हमारी आस्था अंध भक्ति तक है और हम धर्म को किसी भी तरह से ना तो नकारते हैं और ना ही अपनी आने वाली पीढ़ियों को नकारने देते हैं और कहीं ना कहीं हमारे पुरखों ने हमें जो संस्कार भरे हैं उसमें धर्म इतनी गहरी जड़ें रखे हुए हैं कि हम उसे अपनी जिंदगी से अलग नहीं हटा सकते हैं इसलिए जो आज की जनरेशन है वह वेलेंटाइन डे मनाते हुए भी शिवरात्रि को उतना ही महत्व देती है और जहां तक पुरानी जनरेशन की बात है वह वैलेंटाइन डे को इतना महत्व नहीं देती उनके लिए शिवरात्रि आज भी एक धार्मिक पर्व है एक आस्था का पर्व है और शिवरात्रि में उनका बहुत ज्यादा जनता मुझे लगता है शिव जी को मानती है अपने आराध्य के रूप में पूछती है और इसीलिए शिवरात्रि हमारे देश में बहुत ही धर्म से आस्था और विश्वास से मनाई जाती है और क्योंकि सारी के लिया एकाग्र चित्त होकर और बहुत विश्वास और अंध भक्ति की हद तक शिवरात्रि को मनाती है और वैलेंटाइन डे आज की जेनरेशन बनाती है इसलिए मुझे आपकी ये बात सही नहीं लग रही है कि हमारे देश में बैलेंस वैलेंटाइन डे को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लेते हैं

ji ne mujhe aisa nahi lagta hai ki hamare desh mein valentine day ko shivratri se adhik gambhirta se liya jata hai yah sahi hai ki valentine day aaj ki generation ki pasand ka din hai aaj ki generation hai vaah bahut dhumadham se manati hai lekin jaha tak puri janta ka sawaal ek janmat ka sawaal hai vaah mujhe nahi lagta hai ki valentine day ki taraf dikhta hai ki hamara desh dharm pradhan desh hai aur dharm mein hamari astha andh bhakti tak hai aur hum dharm ko kisi bhi tarah se na toh nakarate hain aur na hi apni aane wali peedhiyon ko nakarane dete hain aur kahin na kahin hamare purakhon ne hamein jo sanskar bhare hain usme dharm itni gehri jaden rakhe hue hain ki hum use apni zindagi se alag nahi hata sakte hain isliye jo aaj ki generation hai vaah valentine day manate hue bhi shivratri ko utana hi mahatva deti hai aur jaha tak purani generation ki baat hai vaah valentine day ko itna mahatva nahi deti unke liye shivratri aaj bhi ek dharmik parv hai ek astha ka parv hai aur shivratri mein unka bahut zyada janta mujhe lagta hai shiv ji ko maanati hai apne aradhya ke roop mein puchti hai aur isliye shivratri hamare desh mein bahut hi dharm se astha aur vishwas se manai jaati hai aur kyonki saree ke liya ekagra chitt hokar aur bahut vishwas aur andh bhakti ki had tak shivratri ko manati hai aur valentine day aaj ki generation banati hai isliye mujhe aapki ye baat sahi nahi lag rahi hai ki hamare desh mein balance valentine day ko shivratri se adhik gambhirta se lete hain

जी ने मुझे ऐसा नहीं लगता है कि हमारे देश में वैलेंटाइन डे को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में और अधिकांश लोग वेलेंटाइन डे को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लेते हैं तो दी कि मुझे नहीं लगता कि ऐसा है क्योंकि देखें और जहां लोग शुभ रात्रि को भी मैं तो देते हैं वहां वैलेंटाइंस डे को भी मैं तो दिया जाता है लेकिन इस डिफेंस पे डिपेंड करता है और जु यिंग बच्चे हैं या यंग लोग हैं वह लोग कोशिश करते हैं और लोगों को ज्यादा कल्चर के बारे में पता नहीं होता है और ना ही आदमी को इतना ज्यादा शिवरात्रि का महत्व जानते हैं तो कहीं ना कहीं वह वैलेंटाइंस डे को ज्यादा महत्व देने लग जाता है लेकिन वहीं अगर आप थोड़े और एजेंट लोगों के बारे में देखें एडल्ट के बारे में देखें तो बोलो करीना की शिवरात्रि का भी महत्व समझते हैं उनको पता होता है तो यह कही ना कही सोच का फर्क होता है अगर आप अपने घर के बच्चों को या जो छोटे बच्चे होते हैं उनको तरफ से खाएंगे की शिवरात्रि का क्या महत्व होता है तो वह भी शिवरात्रि कोई अच्छे से लेंगे और दिखे वैलेंटाइंस डे की अपनी मैं तोता है और शिवरात्रि की अपनी मैं तोता है अगर हम देखे तो वैलेंटाइंस डे वेस्टर्न कल्चर से हमारे देश में आए वही शुभ रात्रि हमारे अपने कल्चर की है आगरा बच्चों को बचपन से सिखाएंगे की शिवरात्रि की क्या महत्व था या उनके मां-बाप उनको सिखाएंगे तो मुझे लगता है वही चीज समझ पाएंगे यह हमारे देश की जो कल चले उनकी क्या महत्व है क्यों वह मनाए जाते हैं और वह उसी को महत्व देंगे जो उनको सही लगेगा तो कहीं ना कहीं और उनको समझ जाएगा कि शिवरात्रि को महत्व देना चाहिए और वही वैलेंटाइन डे की जहां तक बात है तू दिखे दोनों का अपना अपना अलग अलग सोच है एक प्यार को सेलिब्रेट करने के लिए मनाया जाता है वहीं दूसरे शुभ रात्रि हम शिवजी के लिए बनाई जाती है तो दोनों की अपनी-अपनी महत्व है लेकिन इंसान पर डिपेंड करता है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं किस को ज्यादा महत्व दे रहे हैं और कहीं ना कहीं उनकी सोच पर डिपेंड करता है

bharat mein aur adhikaansh log valentine day ko shivratri se adhik gambhirta se lete hai toh di ki mujhe nahi lagta ki aisa hai kyonki dekhen aur jaha log shubha ratri ko bhi main toh dete hai wahan valentines day ko bhi main toh diya jata hai lekin is defence pe depend karta hai aur ju ying bacche hai ya young log hai vaah log koshish karte hai aur logo ko zyada culture ke bare mein pata nahi hota hai aur na hi aadmi ko itna zyada shivratri ka mahatva jante hai toh kahin na kahin vaah valentines day ko zyada mahatva dene lag jata hai lekin wahi agar aap thode aur agent logo ke bare mein dekhen adult ke bare mein dekhen toh bolo kareena ki shivratri ka bhi mahatva samajhte hai unko pata hota hai toh yah kahi na kahi soch ka fark hota hai agar aap apne ghar ke baccho ko ya jo chote bacche hote hai unko taraf se khayenge ki shivratri ka kya mahatva hota hai toh vaah bhi shivratri koi acche se lenge aur dikhe valentines day ki apni main tota hai aur shivratri ki apni main tota hai agar hum dekhe toh valentines day western culture se hamare desh mein aaye wahi shubha ratri hamare apne culture ki hai agra baccho ko bachpan se sikhaenge ki shivratri ki kya mahatva tha ya unke maa baap unko sikhaenge toh mujhe lagta hai wahi cheez samajh payenge yah hamare desh ki jo kal chale unki kya mahatva hai kyon vaah manaye jaate hai aur vaah usi ko mahatva denge jo unko sahi lagega toh kahin na kahin aur unko samajh jaega ki shivratri ko mahatva dena chahiye aur wahi valentine day ki jaha tak baat hai tu dikhe dono ka apna apna alag alag soch hai ek pyar ko celebrate karne ke liye manaya jata hai wahi dusre shubha ratri hum shivaji ke liye banai jaati hai toh dono ki apni apni mahatva hai lekin insaan par depend karta hai ki vaah aisa kyon kar rahe hai kis ko zyada mahatva de rahe hai aur kahin na kahin unki soch par depend karta hai

भारत में और अधिकांश लोग वेलेंटाइन डे को शिवरात्रि से अधिक गंभीरता से लेते हैं तो दी कि मुझ

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Anukrati

Journalism Graduate

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ऐसा नहीं है कि भारतीय शिवरात्रि को ज्यादा गंभीरता से लेते हैं या बैलेंस देखो यह बहुत ही ऐसा लगता है बच्चों वाली बात है यह सोचना भी क्योंकि अगर आप देखें तो जैसे हम लोग फ्रेंडशिप डे बनाते थे या बनाते हैं अपने स्कूल में भी देखेंगे बच्चों को फ्रेंडशिप डे के दिन बहन पिलाते हुए अब बाहर भी देखेंगे आपकी सोच में भी देखेंगे लोग खरीद रहे हैं एक दूसरे के लिए कुछ ना कुछ गिफ्ट इस बात पर तो कोई मुद्दा नहीं होता कि क्या लोग फ्रेंडशिप डे को ज्यादा अहमियत देते हैं राखी से ऐसा मुद्दा तो हम कभी नहीं बनाते तो यह शिवरात्रि और वैलेंटाइन डे वाला मुद्दा भी मुझे नहीं लगता जायज है हम दोनों को ही अपने अपने परिवार में कैसे बनाए जाते हैं या दोस्तों के साथ आस-पास वाले लोगों के साथ जैसे बनाए जा कैसे बनाते हैं पूरा जनरल आज भी नहीं कर सकते कि भारतीय कैसे बनाते हैं मैं कुछ बना सकती हूं मुझे इसमें एक फेस्टिवल में ज्यादा इंटरेस्ट हो सकता है आपको दूसरे फेस्टिवल में तो मुझे ऐसा नहीं लगता कि हम लोग यह डिसाइड कर सकते हैं कि दोनों में से ज्यादा गंभीरता को कौन से फेस्टिवल तो लेते हैं कौन से ऑप्शन को लेते हैं भारतीय

dekhiye aisa nahi hai ki bharatiya shivratri ko zyada gambhirta se lete hain ya balance dekho yah bahut hi aisa lagta hai baccho wali baat hai yah sochna bhi kyonki agar aap dekhen toh jaise hum log friendship day banate the ya banate hain apne school mein bhi dekhenge baccho ko friendship day ke din behen peelate hue ab bahar bhi dekhenge aapki soch mein bhi dekhenge log kharid rahe hain ek dusre ke liye kuch na kuch gift is baat par toh koi mudda nahi hota ki kya log friendship day ko zyada ahamiyat dete hain rakhi se aisa mudda toh hum kabhi nahi banate toh yah shivratri aur valentine day vala mudda bhi mujhe nahi lagta jayaj hai hum dono ko hi apne apne parivar mein kaise banaye jaate hain ya doston ke saath aas paas waale logo ke saath jaise banaye ja kaise banate hain pura general aaj bhi nahi kar sakte ki bharatiya kaise banate hain main kuch bana sakti hoon mujhe isme ek festival mein zyada interest ho sakta hai aapko dusre festival mein toh mujhe aisa nahi lagta ki hum log yah decide kar sakte hain ki dono mein se zyada gambhirta ko kaunsi festival toh lete hain kaunsi option ko lete hain bharatiya

देखिए ऐसा नहीं है कि भारतीय शिवरात्रि को ज्यादा गंभीरता से लेते हैं या बैलेंस देखो यह बहुत

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Sameer Tripathy

Political Critic

1:28
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रियली प्रॉब्लम क्या है वैलेंटाइन डे 15 को आता है बोलकर पूरे भारत पूरे विश्व को पता है और भारत में तो वैलेंटाइन डे आजकल बहुत ही पॉपुलर होते जा रहा है वो लोग जो क्योंकि जीत का जो बाबा जो हम लोगों का युद्ध का जो पॉपुलेशन है वह बहुत ही ज्यादा है तो युद्ध में तो वैलेंटाइन डे मनाया जाता है उधो कपल्स मनाया जाते हैं तो इस साल क्या हुआ 15 को ही वैलेंटाइन शिवरात्रि आ गया बहुत साउथ में अगर आप अगर आप देख ठीक से देखेंगे ना साउथ में बैलेंस शिवरात्रि आज मनाया जा रहा है जो 15 को है मगर रहा हूं कुछ कुछ ओडिशा हो गया या झारखंड जो नार्थ में वैलेंटाइन डे 15 को मनाया जा रहा है तो इसमें क्या होता है जो लोग जो फैमिली से जो लो जो फैमिली से वह तो वह शिवरात्रि मनाएंगे मंगल मनाएंगे मगर युद्ध में क्योंकि बहुत से युद्ध में तो वैलेंटाइन डे पॉपुलर है तो वैलेंटाइन डे को इसीलिए वैलेंटाइन डे को लोग ज्यादा याद करते हैं आज शिवरात्रि शिवरात्रि के मुकाबले में तो इसमें हम लोग कुछ नहीं कर सकते हो वह मेंटलिटी के ऊपर डिपेंड करता है अगर आपमें चोर है अगर आप कपल है और अगर आप पागल कपल है आपके पास आप गर्लफ्रेंड हो या बॉयफ्रेंड हो अगर अब मैं छोड़ है तो आपको आपको शुभ रात्रि आपका भी याद करेंगे मगर वैलेंटाइन डे क्योंकि यूथ का पॉपुलेशन ज्यादा है तो भारत में वैलेंटाइन डे को ही ज्यादा सीरियस ले लेते

really problem kya hai valentine day 15 ko aata hai bolkar poore bharat poore vishwa ko pata hai aur bharat mein toh valentine day aajkal bahut hi popular hote ja raha hai vo log jo kyonki jeet ka jo baba jo hum logo ka yudh ka jo population hai vaah bahut hi zyada hai toh yudh mein toh valentine day manaya jata hai udho couples manaya jaate hain toh is saal kya hua 15 ko hi valentine shivratri aa gaya bahut south mein agar aap agar aap dekh theek se dekhenge na south mein balance shivratri aaj manaya ja raha hai jo 15 ko hai magar raha hoon kuch kuch odisha ho gaya ya jharkhand jo north mein valentine day 15 ko manaya ja raha hai toh isme kya hota hai jo log jo family se jo lo jo family se vaah toh vaah shivratri manayenge mangal manayenge magar yudh mein kyonki bahut se yudh mein toh valentine day popular hai toh valentine day ko isliye valentine day ko log zyada yaad karte hain aaj shivratri shivratri ke muqable mein toh isme hum log kuch nahi kar sakte ho vaah mentaliti ke upar depend karta hai agar apamen chor hai agar aap couple hai aur agar aap Pagal couple hai aapke paas aap girlfriend ho ya boyfriend ho agar ab main chod hai toh aapko aapko shubha ratri aapka bhi yaad karenge magar valentine day kyonki youth ka population zyada hai toh bharat mein valentine day ko hi zyada serious le lete

रियली प्रॉब्लम क्या है वैलेंटाइन डे 15 को आता है बोलकर पूरे भारत पूरे विश्व को पता है और भ

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