मासिक धर्म की स्वच्छता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है?...


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Ashok Clinic

Sexologist

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मासिक धर्म स्वच्छता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है क्योंकि पहले इसको है भावना से देखा जाता था भावना से देखा जाता था और मासिक धर्म को गंदा माना जाता था गंदा खून बने लोगों का पागलपन और बेवकूफी की अज्ञानता ही थी इसलिए जितना मसला खराब होता है जब वह तरक्की पर आता है पर स्तर पर आता है ज्ञान में आता है उसको उतना ही बड़ा मतलब बन जाता है अब तक बन के ऊपर और पेड़ के ऊपर पड़ता है गांव में वहां स्कूल खुल जाए तो बड़ा बड़ी तेजी से लोग रास्ते ना पढ़ाने के लिए बच्चों को महिला की है बाप लगते हैं कोई गरीब को पढ़ा रहा है कुछ कर रहा है ऐसी जो मलमल आज इतना दबा होता है जब उजागर होता है तो ज्यादा जोर से चलता है और यह अच्छी बात है

maasik dharm swachhta bharat mein itna bada masala kyon hai kyonki pehle isko hai bhavna se dekha jata tha bhavna se dekha jata tha aur maasik dharm ko ganda mana jata tha ganda khoon bane logo ka pagalpan aur bewakoofi ki agyanata hi thi isliye jitna masala kharab hota hai jab vaah tarakki par aata hai par sthar par aata hai gyaan mein aata hai usko utana hi bada matlab ban jata hai ab tak ban ke upar aur ped ke upar padta hai gaon mein wahan school khul jaaye toh bada badi teji se log raste na padhane ke liye baccho ko mahila ki hai baap lagte hain koi garib ko padha raha hai kuch kar raha hai aisi jo malamal aaj itna daba hota hai jab ujagar hota hai toh zyada jor se chalta hai aur yah achi baat hai

मासिक धर्म स्वच्छता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है क्योंकि पहले इसको है भावना से देखा जा

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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अधिक मासिक धर्म की स्वच्छता से रिलेटेड जो मुद्दा है यह काफी पुराना है और बहुत टाइम से यह चीज चले आ रही है जो ऑर्थोडॉक्स आती है वह हमारी कंट्री में बहुत ज्यादा है आज तो मैं भी बहुत सारे बदलाव आए हैं लेकिन पहले अगर कोई लेडी को पेश आए हो तो किसी लड़की को पेलते हुए होते थे तो उन्हें अलग कमरे में रखा जाता था उनके लिए अलग गैस सिलेंडर मतलब रसोई अलग होती थी उनके लिए और इवेंट बुद्ध मंदिर में जाना उनके लिए बंद रहता था और यह सब तो छोड़िए कि वह जो नॉर्मल किचन में बर्तन यूज होते हैं वह उन्हें भी यूज़ नहीं कर सकते थे यानी क्यों नहीं इतना और स्वच्छ डिक्लेयर कर दे रहा था कि उनको बिल्कुल अलग अलग रखा जाता था यह सब आपके लिए इस सब के पीछे का रिजल्ट सिर्फ है अवेयरनेस हमारे यहां पर अवेयरनेस की बहुत ज्यादा कमी है लोगों के अंदर एक अलग तरह का एक फीलिंग उन्होंने बना कर रखी हुई है PM सिंह को लेकर मेंसुरेशन स्कोर लेकर वह और वह जो जो जिसे हम हमारी जनरेशन से पहले वाली जनरेशन थी जिसे हमारे पेरेंट्स हमारे पेरेंट्स की जो पेरेंट्स है वह चली उच्च नरेशन क्या है जहां पर 19 शब्दों से प्रॉब्लम होती थी क्या होती है लेकिन जब हमारी जनरेशन है हम समझते हैं कि कि हमने साइंटिफिक चीजें पड़ी है सारी के पीछे की रिजल्ट हम जानते हैं तो हमारे लिए बहुत बड़ी प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि उन्होंने वह इतने जैकेट नहीं थे उस टाइम पर झुके एक्शन इतनी ज्यादा भूख में नहीं देती ज्यादा इंपॉर्टेंट नहीं थी और औरतों को तो स्पेशल ही मिलती ही नहीं दे चुके शन तो उन्हें नॉलेज ही नहीं है इस बारे में और वह इस चीज को गलत तरीके से लेकर जाते हैं कि अगर किसी को पता है तो वह स्वत है वह उसे दूर रहना बेटा तो यह सब शैतान अवेयरनेस और लेखक एजुकेशन के कारण है

adhik maasik dharm ki swachhta se related jo mudda hai yah kaafi purana hai aur bahut time se yah cheez chale aa rahi hai jo orthodox aati hai vaah hamari country mein bahut zyada hai aaj toh main bhi bahut saare badlav aaye hain lekin pehle agar koi lady ko pesh aaye ho toh kisi ladki ko pelte hue hote the toh unhe alag kamre mein rakha jata tha unke liye alag gas cylinder matlab rasoi alag hoti thi unke liye aur event buddha mandir mein jana unke liye band rehta tha aur yah sab toh chodiye ki vaah jo normal kitchen mein bartan use hote hain vaah unhe bhi use nahi kar sakte the yani kyon nahi itna aur swachh declare kar de raha tha ki unko bilkul alag alag rakha jata tha yah sab aapke liye is sab ke peeche ka result sirf hai awareness hamare yahan par awareness ki bahut zyada kami hai logo ke andar ek alag tarah ka ek feeling unhone bana kar rakhi hui hai PM Singh ko lekar mensureshan score lekar vaah aur vaah jo jo jise hum hamari generation se pehle wali generation thi jise hamare parents hamare parents ki jo parents hai vaah chali ucch narration kya hai jaha par 19 shabdon se problem hoti thi kya hoti hai lekin jab hamari generation hai hum samajhte hain ki ki humne scientific cheezen padi hai saree ke peeche ki result hum jante hain toh hamare liye bahut badi problem nahi hai kyonki unhone vaah itne jacket nahi the us time par jhuke action itni zyada bhukh mein nahi deti zyada important nahi thi aur auraton ko toh special hi milti hi nahi de chuke shona toh unhe knowledge hi nahi hai is bare mein aur vaah is cheez ko galat tarike se lekar jaate hain ki agar kisi ko pata hai toh vaah swat hai vaah use dur rehna beta toh yah sab shaitaan awareness aur lekhak education ke karan hai

अधिक मासिक धर्म की स्वच्छता से रिलेटेड जो मुद्दा है यह काफी पुराना है और बहुत टाइम से यह च

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Sefali

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मासिक धर्म की स्वछता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है क्योंकि आज भी भारत में सिर्फ 18% महिलाएं हैं जो कि साईं कृपा धमाल करते हैं बाकी जो अंडे पब्लिक प्लेस है यहां पर आज भी जो है सूखे पत्ते गंदे कपड़े अकेला का इस्तेमाल होता है क्योंकि कई तरह के खतरनाक इन्फेक्शन कल आ सकता है जिसकी वजह से मौत भी हो सकती है और कई सारी बीमारियां हो सकती है और उस समय मासिक धर्म के समय जो है हाइजीन मेंटेन करना बहुत ज्यादा जरूरी है इसीलिए शाम की पैड का इस्तेमाल किया जाता है जो है उनको अवेरनेस नहीं है किसान कृपया इसको इस्तेमाल कैसे करते हैं या फिर और क्या वह इसलिए वॉइस करते हैं क्योंकि वह बहुत महंगा है तो कमेंट में काफी सारे झूठे हैं उसकी वजह से आपको हाल ही में जो न्यूज़ आई थी आपने देखा होगा कि भोपाल के रेलवे स्टेशन में जो है सैलरी पर 8 का बॉक्स है इंस्टॉल किया गया है जहां पर कीपैड करीबन ₹2 में बिक्री हो रही है ताकि उसका भी जो महिलाएं यात्री हैं या फिर जो महिलाएं काम करें वहां पर वह इस्तेमाल कर सके तो मेरे से ऐसे इनिशिएटिव और लेने जानी चाहिए जिससे कि महिलाओं को अवश्य मिलेगी कीपैड का महत्व क्या है और जो है इस समय में वैकेंसी नहीं सर हाइजीन का इंपोर्टेंस क्या है HD 5 दिन महीने साल पैडमैन मूवी आई है उसने बहुत अच्छा मैसेज दिया है जिससे वहां पर आ चुकी है कीपैड का रेट क्या है तो धीरे-धीरे यहां तक कि कमेंट मेरे से काफी सारे स्टेप मेरे इस चीज में सुधार लाने के लिए

maasik dharm ki svachta bharat mein itna bada masala kyon hai kyonki aaj bhi bharat mein sirf 18 mahilaye hain jo ki sai kripa dhamaal karte hain baki jo ande public place hai yahan par aaj bhi jo hai sukhe patte gande kapde akela ka istemal hota hai kyonki kai tarah ke khataranaak infection kal aa sakta hai jiski wajah se maut bhi ho sakti hai aur kai saree bimariyan ho sakti hai aur us samay maasik dharm ke samay jo hai hygiene maintain karna bahut zyada zaroori hai isliye shaam ki pad ka istemal kiya jata hai jo hai unko avernes nahi hai kisan kripya isko istemal kaise karte hain ya phir aur kya vaah isliye voice karte hain kyonki vaah bahut mehnga hai toh comment mein kaafi saare jhuthe hain uski wajah se aapko haal hi mein jo news I thi aapne dekha hoga ki bhopal ke railway station mein jo hai salary par 8 ka box hai install kiya gaya hai jaha par keypad kariban Rs mein bikri ho rahi hai taki uska bhi jo mahilaye yatri hain ya phir jo mahilaye kaam kare wahan par vaah istemal kar sake toh mere se aise innitiative aur lene jani chahiye jisse ki mahilaon ko avashya milegi keypad ka mahatva kya hai aur jo hai is samay mein vacancy nahi sir hygiene ka importance kya hai HD 5 din mahine saal padman movie I hai usne bahut accha massage diya hai jisse wahan par aa chuki hai keypad ka rate kya hai toh dhire dhire yahan tak ki comment mere se kaafi saare step mere is cheez mein sudhaar lane ke liye

मासिक धर्म की स्वछता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है क्योंकि आज भी भारत में सिर्फ 18% महि

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी मासिक धर्म की स्वच्छता यह भारत में इतना बड़ा मसला अली का मतलब बहुत पहले सालों से है बहुत प्राचीन काल से है लेकिन अभी जो यह पैडमैन मूवी आई है उसके वजह से यह मामला मतलब सारे लोगों के सामने पहुंच गया है और इसके बारे में बोल रहे हैं तुम्हारी सोच बहुत इंपॉर्टेंट मानना है कि लोगों को इसके बारे में पता नहीं कितनी जरूरी रहती है तू 1 बरस में जो सेटिंग्स है वहां पर लोग मतलब आप WhatsApp यूज करते हैं खाने के लिए यूज करता है यूज़ करनी चाहिए हमने और दूसरी बात यह कि लोगों को उसके हाइजीन करनी चाहिए यह भी नहीं सोचते तो इसके लिए हमने ऐसे काम भी नौकरी करनी चाहिए सब के लिए उसको बताना चाहिए और छुपा के रखते हो मैं गॉड से उद्धार किया कुछ अलग है यह सिर्फ महिलाओं में होता है तो कुछ तो बात है हम लोगों से शेयर नहीं कर सकती हैं इस मसले को बड़ा कर दिया है और मतलब प्राचीन काल से इस पुस्तक को छूना नहीं मगर ऐ हसीं रहता है इसलिए यह मतलब बड़ा होता गया है

vicky maasik dharm ki swachhta yah bharat mein itna bada masala ali ka matlab bahut pehle salon se hai bahut prachin kaal se hai lekin abhi jo yah padman movie I hai uske wajah se yah maamla matlab saare logo ke saamne pohch gaya hai aur iske bare mein bol rahe hain tumhari soch bahut important manana hai ki logo ko iske bare mein pata nahi kitni zaroori rehti hai tu 1 baras mein jo settings hai wahan par log matlab aap WhatsApp use karte hain khane ke liye use karta hai use karni chahiye humne aur dusri baat yah ki logo ko uske hygiene karni chahiye yah bhi nahi sochte toh iske liye humne aise kaam bhi naukri karni chahiye sab ke liye usko bataana chahiye aur chupa ke rakhte ho main god se uddhar kiya kuch alag hai yah sirf mahilaon mein hota hai toh kuch toh baat hai hum logo se share nahi kar sakti hain is masle ko bada kar diya hai aur matlab prachin kaal se is pustak ko chhuna nahi magar ae hasin rehta hai isliye yah matlab bada hota gaya hai

विकी मासिक धर्म की स्वच्छता यह भारत में इतना बड़ा मसला अली का मतलब बहुत पहले सालों से है ब

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल हम सभी देख रहे हैं कि जो फिल्में पैडमैन उसके बाद उसके रिलीज होने के बाद मासिक धर्म की स्वच्छता के ऊपर बहुत बड़ा मसला चढ़ा हुआ है और सभी लोग इसके ऊपर सक्रिय हो रहे हैं और मासिक धर्म की जो सच स्वच्छता है वह बहुत ही ज्यादा मायने रखती है स्पेशली लड़कियों के लिए और नई लड़कियों के लिए जो अभी-अभी शुरुआत हुआ है उनके मासिक धर्म की क्योंकि इससे बहुत तरह के इन्फेक्शन पहुंच जाते हैं और ऐसी बहुत सारी बीमारियां पैदा हो जाती है जो कि पूरी जिंदगी उनको परेशानी दे सकती हैं तो मासिक धर्म है आजकल हमारे देश में अगर हम देखें तो 18 परसेंट से कम लड़कियां पेट या फिर किसी और प्रोडक्ट का यूज़ करती हैं वहां सिख धर्म के समय वरना बाकी सब लोग कपड़ा या फिर कई लोग तो राख का भी प्रयोग करते हैं इस समय अपना बचाव करने के लिए जो कि आगे चलकर उनको इंफेक्शन या कोई और बीमारी देख सकता है जो कि उनको आगे चलकर बहुत ज्यादा दुखदाई होगी और कई कई बार तो इससे ऐसे-ऐसे इन्फेक्शन चाहते हैं कि लोगों की मौत तक हो जाती है और हमारे इंडिया में ही ऐसे बहुत सारे कैसे देखे गए हैं जहां पर मासिक धर्म के इन्फेक्शन की वजह से लोग महिलाओं की मौत हुई है और कई कई महिलाएं तो आज भी हो जाती हैं इन्हीं इन्फेक्शन की वजह से तो इसी वजह से एक बहुत बड़ा मसला बन जाए मासिक धर्म की स्वच्छता हमारे देश में हमारे सबसे इसके और ज्यादा बहने सब को सलामी होगी कि अभी भी कई लोग ऐसे हैं गांव के लोग स्पेशली जो कि अभी भी कोई भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं करते हैं पेड़ जैसे अपने मासिक धर्म के समय और वह कहीं ना कहीं अपने आप को इंफेक्शन के लिए आगे बढ़ा रहे हैं और अपने आप को आप गलत राह पर ले कर जा रहे हैं तो मैं क्या बैलेंस चलानी होगी और बोलो इस्तेमाल इसलिए नहीं करते क्योंकि बहुत महंगे आते हैं तो इसके इसके लिए भी हमें आगे बढ़ना होगा और इन को सस्ता करने के लिए हम को आवाज उठानी होगी क्योंकि ऐसे लोग इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे तो बहुत ज्यादा आगे चलकर की प्रॉब्लम क्रिएट हो सकती है

aajkal hum sabhi dekh rahe hai ki jo filme padman uske baad uske release hone ke baad maasik dharm ki swachhta ke upar bahut bada masala chadha hua hai aur sabhi log iske upar sakriy ho rahe hai aur maasik dharm ki jo sach swachhta hai vaah bahut hi zyada maayne rakhti hai speshli ladkiyon ke liye aur nayi ladkiyon ke liye jo abhi abhi shuruat hua hai unke maasik dharm ki kyonki isse bahut tarah ke infection pohch jaate hai aur aisi bahut saree bimariyan paida ho jaati hai jo ki puri zindagi unko pareshani de sakti hai toh maasik dharm hai aajkal hamare desh mein agar hum dekhen toh 18 percent se kam ladkiyan pet ya phir kisi aur product ka use karti hai wahan sikh dharm ke samay varna baki sab log kapda ya phir kai log toh raakh ka bhi prayog karte hai is samay apna bachav karne ke liye jo ki aage chalkar unko infection ya koi aur bimari dekh sakta hai jo ki unko aage chalkar bahut zyada dukhdai hogi aur kai kai baar toh isse aise aise infection chahte hai ki logo ki maut tak ho jaati hai aur hamare india mein hi aise bahut saare kaise dekhe gaye hai jaha par maasik dharm ke infection ki wajah se log mahilaon ki maut hui hai aur kai kai mahilaye toh aaj bhi ho jaati hai inhin infection ki wajah se toh isi wajah se ek bahut bada masala ban jaaye maasik dharm ki swachhta hamare desh mein hamare sabse iske aur zyada behne sab ko salaami hogi ki abhi bhi kai log aise hai gaon ke log speshli jo ki abhi bhi koi bhi product ka istemal nahi karte hai ped jaise apne maasik dharm ke samay aur vaah kahin na kahin apne aap ko infection ke liye aage badha rahe hai aur apne aap ko aap galat raah par le kar ja rahe hai toh main kya balance chalani hogi aur bolo istemal isliye nahi karte kyonki bahut mehnge aate hai toh iske iske liye bhi hamein aage badhana hoga aur in ko sasta karne ke liye hum ko awaaz uthani hogi kyonki aise log istemal nahi kar payenge toh bahut zyada aage chalkar ki problem create ho sakti hai

आजकल हम सभी देख रहे हैं कि जो फिल्में पैडमैन उसके बाद उसके रिलीज होने के बाद मासिक धर्म की

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मासिक धर्म की स्वच्छता भारत में वाकई में एक बहुत बड़ा मसला है और इसके कई सारे कारण भी हैं जिनके बारे में हमें सोचना होगा और उनका निदान करना होगा और इनके बारे में जनता को महिलाओं को बताना होगा तभी उन्हें इसके बारे में समझ में आएगी और वह इसके बारे में मैं गंभीरता से सोचेंगे कि यह कितनी जरूरी चीजें आपके लिए जिस तरह से आप को खाना पीना पानी वायु यह सब चीजें चाहिए रहती है वैसे ही 1 महिलाओं को महीने की इन 5 दिनों में पूरी स्वच्छता चाहिए रहती है उससे उसका पूरा शरीर निर्भर करता है उसको अगर स्वच्छता नहीं मिलती है और वह ढंग से साफ सफाई से नहीं रहती है तो उसे कई बीमारियां लग सकती है कई कई बार तू इसकी वजह से महिलाओं की मौत भी हो जाती है लेकिन इसके लिए कई कारण हैं बड़े-बड़े जो इसके बीच में आते हैं क्योंकि हमारे एक तुम्हारा देश में जनसंख्या बहुत ज्यादा है और ज्यादा जनसंख्या हमारी गांवों में रहती है और पूछो पुरानी पीढ़ियां कि वह हमारी पढ़ी-लिखी नहीं थी तब शिक्षा का बहुत अभाव था तो शिक्षित महिलाएं थी वह इन सब चीजों को बहुत अलग तरह से मानती थी अलग तरह से सोचती थी उनको नहीं लगता था कि यह इतना जरूरी है उन्हें लगता था कि यह 5 दिन एक लड़की को एक महिला को बस अलग रहना चाहिए और अपने आप में सिमट के रहना चाहिए एक अछूत की तरह से रखा जाता था और इसके प्रति अवेरनेस नहीं है गांव में तो वह बहुत जरूरी है इसके प्रति जागरूकता लाना शिक्षा के माध्यम से इसे बताना और महिलाओं को खुद अपने बारे में इसके लिए सोचना होगा कि उन्हें ध्यान रखें अपना स्वयं का खुद के लिए स्वच्छ रहें इतना महंगा होता है पेट की महिला यूज़ नहीं कर पाती है कई महिलाएं निर्धनता की वजह से भी यह एक रुकावट है तो इन कारणों को हमें खत्म करना होगा

maasik dharm ki swachhta bharat mein vaakai mein ek bahut bada masala hai aur iske kai saare karan bhi hain jinke bare mein hamein sochna hoga aur unka nidan karna hoga aur inke bare mein janta ko mahilaon ko bataana hoga tabhi unhe iske bare mein samajh mein aayegi aur vaah iske bare mein main gambhirta se sochenge ki yah kitni zaroori cheezen aapke liye jis tarah se aap ko khana peena paani vayu yah sab cheezen chahiye rehti hai waise hi 1 mahilaon ko mahine ki in 5 dino mein puri swachhta chahiye rehti hai usse uska pura sharir nirbhar karta hai usko agar swachhta nahi milti hai aur vaah dhang se saaf safaai se nahi rehti hai toh use kai bimariyan lag sakti hai kai kai baar tu iski wajah se mahilaon ki maut bhi ho jaati hai lekin iske liye kai karan hain bade bade jo iske beech mein aate hain kyonki hamare ek tumhara desh mein jansankhya bahut zyada hai aur zyada jansankhya hamari gaon mein rehti hai aur pucho purani peedhiyaan ki vaah hamari padhi likhi nahi thi tab shiksha ka bahut abhaav tha toh shikshit mahilaye thi vaah in sab chijon ko bahut alag tarah se maanati thi alag tarah se sochti thi unko nahi lagta tha ki yah itna zaroori hai unhe lagta tha ki yah 5 din ek ladki ko ek mahila ko bus alag rehna chahiye aur apne aap mein simat ke rehna chahiye ek achut ki tarah se rakha jata tha aur iske prati avernes nahi hai gaon mein toh vaah bahut zaroori hai iske prati jagrukta lana shiksha ke madhyam se ise bataana aur mahilaon ko khud apne bare mein iske liye sochna hoga ki unhe dhyan rakhen apna swayam ka khud ke liye swachh rahein itna mehnga hota hai pet ki mahila use nahi kar pati hai kai mahilaye nirdhanta ki wajah se bhi yah ek rukavat hai toh in karanon ko hamein khatam karna hoga

मासिक धर्म की स्वच्छता भारत में वाकई में एक बहुत बड़ा मसला है और इसके कई सारे कारण भी हैं

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Sameer Tripathy

Political Critic

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भेजो आप का सवाल है मासिक धर्म की स्वछता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है वह क्यों है मैं आपको बोलता हूं कि भारत के जो जो छोटे छोटे छोटे छोटे गांव ऐप्स उनके जो बोलोगे वहां के जो लोग हैं उनको थोड़ा एजुकेशन भी नहीं होते और यह कौन के बाद उनकी फैमिली से जो उनकी फैमिली से ही हो या उनके पापा या मम्मी हो उनकी जमानत मुचलके आता है तो उनको वह सब वही फॉलो करते रहते हैं उनको एजुकेट करने के लिए कोई भी नहीं है अगर भारत में अगर चुनाव गढ़ मेट्रो सब छोड़ देंगे अगर आप और बंद हो छोटे छोटे सिटीज भी हो वहां पर भी यह सब चलता आ रहा है मासिक धर्म को को स्वच्छता नहीं मानते तो हम लोगों को क्या है पहले हम लोगों को सरकार को पहले एजुकेट करना पड़ेगा सरकार को किसी को नियुक्ति करना पड़ेगा हर गांव में हर छोटी छोटी छोटी इसमें और जो का जो काउंसलर छोटे छोटे बड़े बड़े सिटी में जो वीडियो डे स्ट्रीट से वहां पर किसी को नियुक्ति करना पड़ेगा और किसी को सोसाइटी के लिए जो एवरेज करना पड़ेगा मासिक धर्म के बारे में और अभी एडमिशन लिया अभी-अभी एक मूवी भी आपका सिनेमा घर में है पैडमैन वहां पर भी बहुत अच्छा हुआ वह दिखाया गया कि सेनेटरी पैड को कैसे प्रमोट करें और कैसे जो लोगों को एजुकेट करें तो वही हम लोगों को वॉइस टाइप हम लोगों को लेना पड़ेगा अगर लोगों को छोटे छोटे से गांव हैं छोटे-छोटे और रूरल सोसाइटी से जो टाइप टू टाइप सी सिटी से वहां के हम लोगों को हम लोगों को एजुकेट करना पड़ेगा तभी जाकर यह जो मसला है वह दूर होते जाएगा

bhejo aap ka sawaal hai maasik dharm ki svachta bharat mein itna bada masala kyon hai vaah kyon hai aapko bolta hoon ki bharat ke jo jo chote chhote chote chhote gaon apps unke jo bologe wahan ke jo log hain unko thoda education bhi nahi hote aur yah kaun ke baad unki family se jo unki family se hi ho ya unke papa ya mummy ho unki jamanat muchalake aata hai toh unko vaah sab wahi follow karte rehte hain unko educate karne ke liye koi bhi nahi hai agar bharat mein agar chunav garh metro sab chod denge agar aap aur band ho chote chhote cities bhi ho wahan par bhi yah sab chalta aa raha hai maasik dharm ko ko swachhta nahi maante toh hum logo ko kya hai pehle hum logo ko sarkar ko pehle educate karna padega sarkar ko kisi ko niyukti karna padega har gaon mein har choti choti choti isme aur jo ka jo counselor chote chhote bade bade city mein jo video day street se wahan par kisi ko niyukti karna padega aur kisi ko society ke liye jo average karna padega maasik dharm ke bare mein aur abhi admission liya abhi abhi ek movie bhi aapka cinema ghar mein hai padman wahan par bhi bahut accha hua vaah dikhaya gaya ki sanitary pad ko kaise promote kare aur kaise jo logo ko educate kare toh wahi hum logo ko voice type hum logo ko lena padega agar logo ko chote chhote se gaon hain chote chhote aur rural society se jo type to type si city se wahan ke hum logo ko hum logo ko educate karna padega tabhi jaakar yah jo masala hai vaah dur hote jaega

भेजो आप का सवाल है मासिक धर्म की स्वछता भारत में इतना बड़ा मसला क्यों है वह क्यों है मैं आ

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