माँ-बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं?...


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देखिए मां ममता की मूरत होती है और पिता त्याग की मूर्ति मां बाप बच्चे के लिए अपना जीवन कुर्बान कर देते हैं अगर घर में ₹4 तो मां-बाप आदि आदि ले लेकिन बच्चे को देते तो मां-बाप देवता होते हैं बच्चे के लिए चिंता करते हैं कि उसका भविष्य उज्जवल हो जाए उनका जीवन नाम उनका स्वास्थ्य भी मेरा बेटा अच्छे पद पर चला जाएगा अच्छी लगे जेल चला जाएगा तो उसके नाम के साथ माता-पिता का नाम के लोग कहेंगे तुम्हारा बेटा आईएस अधिकारी हो गया तुम्हारा बेटा धानमंत्री हो गया तुम्हारा बेटा देखो मुख्यमंत्री हो गया किस बात के लिए बड़ी खुशी होगी इसलिए आप माता-पिता की चिंता करते हैं उनकी चिंता सापेक्ष आप उनके सपनों को साकार कीजिए भविष्य में आगे बढ़ बढ़िए मेरी आपको शुभकामनाएं और आप भी उतनी ही माता-पिता की चिंता की जितनी चिंता करते हैं उनकी सेवा करते रहिए और उनका आशीर्वाद हमेशा कभी गलत रास्ते पर नहीं जा पाएंगे और कभी आपका नुकसान नहीं हो पाएगा

dekhiye maa mamata ki murat hoti hai aur pita tyag ki murti maa baap bacche ke liye apna jeevan kurban kar dete hain agar ghar me Rs toh maa baap aadi aadi le lekin bacche ko dete toh maa baap devta hote hain bacche ke liye chinta karte hain ki uska bhavishya ujjawal ho jaaye unka jeevan naam unka swasthya bhi mera beta acche pad par chala jaega achi lage jail chala jaega toh uske naam ke saath mata pita ka naam ke log kahenge tumhara beta ias adhikari ho gaya tumhara beta pradhanmantri ho gaya tumhara beta dekho mukhyamantri ho gaya kis baat ke liye badi khushi hogi isliye aap mata pita ki chinta karte hain unki chinta sapeksh aap unke sapno ko saakar kijiye bhavishya me aage badh badhiye meri aapko subhkamnaayain aur aap bhi utani hi mata pita ki chinta ki jitni chinta karte hain unki seva karte rahiye aur unka ashirvaad hamesha kabhi galat raste par nahi ja payenge aur kabhi aapka nuksan nahi ho payega

देखिए मां ममता की मूरत होती है और पिता त्याग की मूर्ति मां बाप बच्चे के लिए अपना जीवन कुर्

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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं मां-बाप यानी कि माता-पिता जो हम लोगों को इस संसार में लाते हैं जन्म देते हैं अपने दुख में रहते हैं हम लोग को खुशी देता है सुख देते हैं अपना जीवन बच्चों पर अपनी इच्छावर कर देते हैं सोए चाहते हमेशा केवल हम लोग सोचते हैं हम लोग का उत्थान के लिए हम लोग का भलाई के लिए अपना जीवन तो बच्चों के लिए समर्पित कर देते हैं लेकिन बदले में हमें बचपन से बड़े होते तो क्या करते हैं उनको हम लोग ध्यान नहीं देते हम लोग गलत है मैं अपने माता-पिता को भगवान का दर्जा देता हूं उनका चरणों में स्वर्ग का सुख सुख अनुभूति महसूस करता हूं उनका बुलाता हूं खुशी का खुशी का फूल आता हूं इतना प्यार इतना सम्मान देता हूं मैं अपने लिए नहीं और जहां तक हमारे और पहुंच रहे झूलन इस्तेमाल किस तरह से अपना सोच को बदलो सोच इंसान है जो माता-पिता को सम्मान देते उनको दोस्त समझते हैं उनका भरण-पोषण करते हैं उनको उनको नीचे दिखाते हैं मुझे विश्वास है बस इंसान कभी खुश नहीं रह सकते हैं जिंदगी का हर क्षेत्र में सफलता मिलेगा जिंदगी बोझ बन जाएगा वहीं अगर माता-पिता का आशीर्वाद मिले तो जिंदगी पर बन सकता है किसी भी शुभ कार्य को अंजाम देने का पहले भगवान का तस्वीर श्री पहले माता पिता को देखना पसंद करते हैं और उनका आशीर्वाद से दुनिया का हर जगह सफलता का झंडा गाड़ सकते हैं अरे सच्चाई है और यह सभी के लिए है माता पिता का आशीर्वाद बता सकती है कि हर जगह हर जगह सफल हो सकते हैं धन्यवाद

aapka sawaal hai maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte hain maa baap yani ki mata pita jo hum logo ko is sansar me laate hain janam dete hain apne dukh me rehte hain hum log ko khushi deta hai sukh dete hain apna jeevan baccho par apni ichawar kar dete hain soye chahte hamesha keval hum log sochte hain hum log ka utthan ke liye hum log ka bhalai ke liye apna jeevan toh baccho ke liye samarpit kar dete hain lekin badle me hamein bachpan se bade hote toh kya karte hain unko hum log dhyan nahi dete hum log galat hai main apne mata pita ko bhagwan ka darja deta hoon unka charno me swarg ka sukh sukh anubhuti mehsus karta hoon unka bulata hoon khushi ka khushi ka fool aata hoon itna pyar itna sammaan deta hoon main apne liye nahi aur jaha tak hamare aur pohch rahe jhulan istemal kis tarah se apna soch ko badlo soch insaan hai jo mata pita ko sammaan dete unko dost samajhte hain unka bharan poshan karte hain unko unko niche dikhate hain mujhe vishwas hai bus insaan kabhi khush nahi reh sakte hain zindagi ka har kshetra me safalta milega zindagi bojh ban jaega wahi agar mata pita ka ashirvaad mile toh zindagi par ban sakta hai kisi bhi shubha karya ko anjaam dene ka pehle bhagwan ka tasveer shri pehle mata pita ko dekhna pasand karte hain aur unka ashirvaad se duniya ka har jagah safalta ka jhanda gad sakte hain are sacchai hai aur yah sabhi ke liye hai mata pita ka ashirvaad bata sakti hai ki har jagah har jagah safal ho sakte hain dhanyavad

आपका सवाल है मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं मां-बाप यानी कि माता-पिता जो

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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

0:55
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आपको मालूम है कि आपके बच्चे हैं तो माफ तो असली चिंता करते हैं कि आपके बच्चे और कोई गम नहीं होता तो क्या होगा और हमारा बकाया पैसा नहीं कमाएंगे अपनी पकड़ आएंगे तो फिर बहुत कुछ हो गया तो उसके लिए अपने बच्चों के लिए और आपके बारे में कोई चिंता नहीं करेगा भविष्य में चाहे वह का भाई सगा क्यों ना हो चाहे बंद करो कि मैं कोई भी नहीं करे कोई रिश्तेदार कोई अपना ही बना सकते हैं और नहीं बनेगा तो फिर आपको एक चौराहे प्लेयर छोड़ देगा जहां तक कुछ नहीं मिलेगा और आपके मामा कब तक है तब तक वह आपको चलाते चलाते हैं हर चीज को छोड़ने की कोशिश करेंगे अपने रात की नींदों को हराम करके आपको सुलाया के मारो पैसे होते हैं

aapko maloom hai ki aapke bacche hain toh maaf toh asli chinta karte hain ki aapke bacche aur koi gum nahi hota toh kya hoga aur hamara bakaya paisa nahi kamayenge apni pakad aayenge toh phir bahut kuch ho gaya toh uske liye apne baccho ke liye aur aapke bare me koi chinta nahi karega bhavishya me chahen vaah ka bhai saga kyon na ho chahen band karo ki main koi bhi nahi kare koi rishtedar koi apna hi bana sakte hain aur nahi banega toh phir aapko ek chauraahe player chhod dega jaha tak kuch nahi milega aur aapke mama kab tak hai tab tak vaah aapko chalte chalte hain har cheez ko chodne ki koshish karenge apne raat ki nindon ko haraam karke aapko sulaya ke maaro paise hote hain

आपको मालूम है कि आपके बच्चे हैं तो माफ तो असली चिंता करते हैं कि आपके बच्चे और कोई गम नहीं

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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

0:45
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नमस्कार आपका प्रश्न है मां-बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं हम जिस सामाजिक परिवेश में इंसान रहते हैं वह ऐसा है कि वहां एक बच्चे को यदि भी छोड़ दिया जाए उसके मां-बाप ना तो बच्चा जीवन में आगे नहीं बढ़ पाएगा शायद सवाई भी नहीं कर पाएगा तो बच्चे को सरवाइव करने लायक बनाना तब तक माता-पिता की जिम्मेदारी है बच्चे को सब कुछ सिखाना और आगे तेरी बच्चे के साथ कुछ होता है निश्चित रूप से माता-पिता को चिंता होगी ही कि हमारे बच्चे को क्या हुआ कहां है चिंता करने का सौभाग्य की बात है क्योंकि उन्हें लगता है कभी हमारा बच्चा इस लायक नहीं हो पाया कि वह किला सरवाइव कर पाए एक सुभावती प्रक्रिया है हमारे सामाजिक प्रोसेस है

namaskar aapka prashna hai maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte hain hum jis samajik parivesh me insaan rehte hain vaah aisa hai ki wahan ek bacche ko yadi bhi chhod diya jaaye uske maa baap na toh baccha jeevan me aage nahi badh payega shayad sawai bhi nahi kar payega toh bacche ko survive karne layak banana tab tak mata pita ki jimmedari hai bacche ko sab kuch sikhaana aur aage teri bacche ke saath kuch hota hai nishchit roop se mata pita ko chinta hogi hi ki hamare bacche ko kya hua kaha hai chinta karne ka saubhagya ki baat hai kyonki unhe lagta hai kabhi hamara baccha is layak nahi ho paya ki vaah kila survive kar paye ek subhavati prakriya hai hamare samajik process hai

नमस्कार आपका प्रश्न है मां-बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं हम जिस सामाजिक परि

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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मां बाप अपने बच्चों को इतना चिंता क्यों करते हैं देखिए मां बाप का फर्ज हुआ करता है कि वह उसके जो बच्चे हैं वह सही सही जगह पर कार्य करने लगे और इस कारण से मां बाप अपने बच्चों को पर इतनी चिंता किया करते हैं क्योंकि वहां पर ले कर के किसी रोजगार या व्यवसाय करने लगे और उनकी शादी और शादी हो सके इसलिए वह चिंता किया करते हैं और उनका चिंता का नक्शा अभी का

maa baap apne baccho ko itna chinta kyon karte hain dekhiye maa baap ka farz hua karta hai ki vaah uske jo bacche hain vaah sahi sahi jagah par karya karne lage aur is karan se maa baap apne baccho ko par itni chinta kiya karte hain kyonki wahan par le kar ke kisi rojgar ya vyavasaya karne lage aur unki shaadi aur shaadi ho sake isliye vaah chinta kiya karte hain aur unka chinta ka naksha abhi ka

मां बाप अपने बच्चों को इतना चिंता क्यों करते हैं देखिए मां बाप का फर्ज हुआ करता है कि वह उ

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

0:59
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राम राम जी की आपका पर्सनल मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हो तो फिर अगर मां-बाप चिंता नहीं करेंगे तो कौन करें मां-बाप का स्वभाव ही ऐसा है जो है उसे जन्म देती 9 महीने और इतना कष्ट झेलने के बाद उसको प्रवेश करती है तो चिंता होगी और किस को और कोई स्कूल लगता है उसको उसकी ममता जो है मां-बाप जो है उनका ही करते जरा सा परेशान बच्चे होते तो वह उनसे ज्यादा परेशान मेरे बच्चों को मुझे हो तो मां बाप का ना समझो आप काम नहीं कर सकते

ram ram ji ki aapka personal maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte ho toh phir agar maa baap chinta nahi karenge toh kaun kare maa baap ka swabhav hi aisa hai jo hai use janam deti 9 mahine aur itna kasht jhelne ke baad usko pravesh karti hai toh chinta hogi aur kis ko aur koi school lagta hai usko uski mamata jo hai maa baap jo hai unka hi karte zara sa pareshan bacche hote toh vaah unse zyada pareshan mere baccho ko mujhe ho toh maa baap ka na samjho aap kaam nahi kar sakte

राम राम जी की आपका पर्सनल मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हो तो फिर अगर मां-ब

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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

0:56
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नमस्कार मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं मां-बाप जो हैं उनको हमेशा अपने बच्चे कैसे लगते हैं कि यह कहीं गलत ना हो जाए या फिर यह अपने भविष्य खिलवाड़ न कर लें या फिर यह किसी गलत रास्ते पर ना चले तो हर समय यह लगता रहता है कि यह कहीं किसी भी गलत रास्ते बना चला जाए किसी भी पेरेंट्स की जो सफलता होती है पूरे जीवन की सफलता है पेरेंट्स कि किसी भी व्यक्ति की वह सफलता होती है उनके बच्चों की सफलता कोई करोड़पति व्यक्ति उसके बच्चे निकल जाए तो वह समाज में असफल माना जाता है और कोई व्यक्ति रिक्शा चलाता हो बर्तन माता हो अगर उसका बच्चा अच्छे निकल जाए तो उसकी सफलता है तो इसीलिए जीवन में सफल होने के लिए बच्चों की चिंता होती है कि बच्चे सफल हो तो वह सारे काम पूरा जीवन उनका खुशी-खुशी निकल पाए धन्यवाद

namaskar maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte hain maa baap jo hain unko hamesha apne bacche kaise lagte hain ki yah kahin galat na ho jaaye ya phir yah apne bhavishya khilwad na kar le ya phir yah kisi galat raste par na chale toh har samay yah lagta rehta hai ki yah kahin kisi bhi galat raste bana chala jaaye kisi bhi parents ki jo safalta hoti hai poore jeevan ki safalta hai parents ki kisi bhi vyakti ki vaah safalta hoti hai unke baccho ki safalta koi crorepati vyakti uske bacche nikal jaaye toh vaah samaj me asafal mana jata hai aur koi vyakti riksha chalata ho bartan mata ho agar uska baccha acche nikal jaaye toh uski safalta hai toh isliye jeevan me safal hone ke liye baccho ki chinta hoti hai ki bacche safal ho toh vaah saare kaam pura jeevan unka khushi khushi nikal paye dhanyavad

नमस्कार मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं मां-बाप जो हैं उनको हमेशा अपने बच

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:42

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बहुत अच्छा प्रश्न मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं इनकी मां बाप ने अपने बच्चों को जन्म दिया होता है ओके उनसे एक लगाओ बना होता है चिंता करते हैं उनका हक है इनका करना उनके लिए सोचना चाहिए वह कुछ भी प्रॉब्लम ना हो तो चिंता करते हैं इसका आंसर

bahut accha prashna maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte hain inki maa baap ne apne baccho ko janam diya hota hai ok unse ek lagao bana hota hai chinta karte hain unka haq hai inka karna unke liye sochna chahiye vaah kuch bhi problem na ho toh chinta karte hain iska answer

बहुत अच्छा प्रश्न मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं इनकी मां बाप ने अपने बच

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:22
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मां बाप अपने बच्चों के ऐसी चिंता क्यों करते हैं बहुत ही बच्चे को जन्म देते हैं तब उसने अपना सुख मुझे आते हैं बच्चों को जन्म देते समय में बहुत सी पी राहु और यात्राओं से बच्चे का जन्म होता है इसलिए अपनी प्रतिक्रिया वाकई में ऐसा ही होता है और जब बच्चा बड़ा होने लगता है तो उसके लालन-पालन मौसम की जवाबदारी मां-बाप की बातें हैं और कैरियर बनाने में पढ़ाई में एजुकेशन में सब नहीं करते रहते हैं उस को आगे बढ़ाते रहते हैं कि हमारा बच्चा हमसे एक कदम आगे बढ़े और उनके मां-बाप यानी गोकुल उनका परिवार का समाज का देश का नाम रोशन करें इसलिए को चिंतक चिंता करने का कारण उनका प्रेम होता है इसलिए ही वह चाहते हैं कि हमारा बच्चा हमेशा आगे बढ़े और यह जायज है कि मां-बाप चिंता नहीं करेंगे तो और कौन करेगा क्योंकि किसी भी बच्चे का मां भारती सबसे बड़ा सहारा होते हैं और यह सब बातें बच्चों को जब खुद मां बाप बन जाते हैं तब जरूर समझ में आ जाती है कि हम अपने बच्चों को इतना क्यों करते भोजपुरी सलीमा आगे पढ़िए और समाज को आगे बढ़ाएं जय

maa baap apne baccho ke aisi chinta kyon karte hain bahut hi bacche ko janam dete hain tab usne apna sukh mujhe aate hain baccho ko janam dete samay mein bahut si p rahu aur yatraon se bacche ka janam hota hai isliye apni pratikriya vaakai mein aisa hi hota hai aur jab baccha bada hone lagta hai toh uske lalan palan mausam ki javabdari maa baap ki batein hain aur carrier banane mein padhai mein education mein sab nahi karte rehte hain us ko aage badhate rehte hain ki hamara baccha humse ek kadam aage badhe aur unke maa baap yani gokul unka parivar ka samaj ka desh ka naam roshan kare isliye ko chintak chinta karne ka karan unka prem hota hai isliye hi vaah chahte hain ki hamara baccha hamesha aage badhe aur yah jayaj hai ki maa baap chinta nahi karenge toh aur kaun karega kyonki kisi bhi bacche ka maa bharati sabse bada sahara hote hain aur yah sab batein baccho ko jab khud maa baap ban jaate hain tab zaroor samajh mein aa jaati hai ki hum apne baccho ko itna kyon karte bhojpuri salima aage padhiye aur samaj ko aage badhaye jai

मां बाप अपने बच्चों के ऐसी चिंता क्यों करते हैं बहुत ही बच्चे को जन्म देते हैं तब उसने अप

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न किया कि मां-बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं तो वह इसलिए इतनी चिंता करते हैं कि वह चाहते हैं कि उनका बच्चा जीवन में कोई दुख ना पाए कोई परेशानी ना पाए उसके जीवन में सब कुछ अच्छा हो अपने जीवन में खूब सफलता हासिल करें खूब कामयाबी पाए इसीलिए कहीं ना कहीं अपने बच्चे के ऊपर वह बहुत ज्यादा ध्यान देते हैं और वह कोशिश करते हैं कि बच्चा अपने जीवन को अच्छा बनाने के लिए प्रयास करें इसलिए चिंता करते हैं लेकिन यहां मैं माता-पिता से कहना जरूर चाहूंगा कि कभी भी अपने बच्चे को लेकर के बहुत ज्यादा चिंता करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती है उसे जितना हो सके आपका जो भी अनुभव अपना मार्गदर्शन करें उसे उचित सुविधाएं दें लेकिन उसके लिए अपने जीवन को तनाव में बिल्कुल करने की जरूरत नहीं है आजकल मैं ज्यादातर देखता हूं कि माता-पिता बच्चे के लिए कहीं ना कहीं कोई इतना अधिक तनाव ले लेते हैं कि वह अपनी जिंदगी को जीना भूल जाते हैं और यह ध्यान रखेंगे आप चाहे जितना तनाव ले चाहे जितने चिंता करें लेकिन बच्चे को जो करना है वह अपने हिसाब से करेगा अपने समय से करेगा आपके तनाव लेने से उस जल्दी कुछ नहीं करेगा और ना ही कोई बहुत अच्छा करेगा आपके जो कंट्रोल में है केवल वही चीजें करने का प्रयास करें बच्चे को सही मार्गदर्शन दें जिस भी फील्ड में बच्चा जाना चाहता है जिसमें उसका इंटरेस्ट है उसको कोशिश करें कि उसी फील्ड में या उसी क्षेत्र में वह कैरियर बनाएं ज्यादातर प्रिंस की गलती करते हैं कि अपने बच्चों को अपने अनुभव के आधार पर या उनकी जो आसपास की लोग हैं उनके चलाते उसको एक किसी पार्टी कूलर कैरियर में भेजने की कोशिश करते हैं ज्यादातर पेरेंट्स अपने बच्चों की जो यूनिक क्वालिटी है जो उसकी प्रतिभा है टैलेंट है उसको पहचान नहीं पाते और कहीं ना कहीं उसके ऊपर जो परंपरागत रुप है आगे बढ़ने का केवल वही लाते हैं मतलब कहने का यह है कि जो उनको जानकारी है जिससे उसी में उसको कैरियर बनाने के लिए कहते हैं जबकि बच्चों के जो प्रतिभा है टैलेंट है उसको इग्नोर करते हैं ध्यान रखेंगे हमेशा अपने बच्चों को आप सिर्फ और सिर्फ कैरियर में जाने की सलाह दी है जिसमें आपका बच्चे का इंटरेस्ट है जिसमें वह जाना चाहता है जिसमें उसका प्रतिभा है क्योंकि अगर बच्चा अपने इंटरेस्ट के फील्ड में जाएगा अपनी प्रतिभा के फिल्में जाएगा तो निश्चित तौर से बहुत कामयाबी हासिल करेगा वह रास्ते चाहे परंपरागत हो या ना हो लेकिन ज्यादातर पेरेंट्स किए गलती होती है कि कहीं ना कहीं वह अपने अनुभव के आधार पर अपनी जानकारी के आधार पर बच्चों के ऊपर सोते हैं और उसको उसी फिल्में जाने की सलाह देते हैं जबकि इससे अगर बच्चा वह फिल्ड में चला भी जाता है तो कहीं ना कहीं उसे जीवन भर बहुत दुख होता है और अपने प्रोफेशन में हो एंजॉय नहीं कर पाता केवल वह तनावग्रस्त रहता है इसलिए माता-पिता की यह पहली जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों को जो जरूरतें हैं उनकी जरूरतों को पूरा करें उनको सही मार्गदर्शन दें और उसे बच्चे कितनी स्वतंत्रता दिन कि वो अपने जीवन के रास्ते खुद चुनने का प्रयास करें क्योंकि अगर आप बच्चे को इतनी सतनता देंगे क्यों अपने चुनने का रास्ता सुनने का प्रयास करेगा तो कहीं ना कहीं उसके अंदर एक जिम्मेदारी आएगी और जब बच्चे के अंदर आप जिम्मेदारी देना शुरू करते हैं तो अपने आप बच्चा अपने जीवन की जिम्मेदारी ले लेता है कुछ माता-पिता जो बच्चों को बहुत ज्यादा सहायता देते हैं बहुत ज्यादा उनको सहयोग करने की कोशिश करते हैं और अपने बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई जिम्मेदारी नहीं रहते उनका बच्चा कहीं ना कहीं जीवन में उतना सफल नहीं हो पाता कारण सिर्फ यही होता है कि अगर आपने बच्चे की हमेशा क्यों सहायता की है आप ने सहारा देकर उसे आगे बढ़ाने की कोशिश की तो आपका बच्चा कहीं ना कहीं कमजोर हो जाता है इसलिए बहुत जरूरी है कि एक संतुलन बनाए रखना है कि जितना जरूरी है उतना सहयोग करें लेकिन उसको अकेले भी छोड़े उसकी जिम्मेदारी भी दे और वह खुद अपने जीवन का बोझ उठाया अपने जीवन को अपने नियंत्रण में रखें ऐसी उसमें प्रतिभा पैदा करिए तो यह बहुत जरूरी है कि माता-पिता को सीखना होगा कि किस प्रकार से हम अपने बच्चे के लिए रिंग करें उसको सुविधाएं दे देना या केवल उसे बहुत पैसा खर्च कर देने से माता-पिता की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती यह बहुत जरूरी है कि पेरेंटिंग किस प्रकार से की जाए बच्चे को जिंदगी को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि जिस बच्चे के अंदर जिम्मेदारी होगी तो वह आप चाहे चिंता करें या ना करें अपनी जिंदगी को बना लेगा लेकिन जो बच्चा अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझा अजीत अपनी जिंदगी नहीं बनाना है तो आप चाहे जितना चिंता कर लीजिए वह बिल्कुल नहीं बनाएगा तो आप बिल्कुल ही उसके बच्चे की कैरियर को लेकर बच्चे के जीवन लेकर करेगा बिल्कुल परेशान होने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए आप जितना कर सकते हैं उतना करिए बाकी बच्चे के ऊपर छोड़ दीजिए उसके अंदर ईश्वर ने हर दिया है तो वह अपनी चीजें अपने हिसाब से जीवन में बना ही लेगा जितना कर सकते हैं उतना करिए बाकी जीवन में आपने बहुत संघर्ष किया आप अपने जीवन को अपने तरीके से इंजॉय करिए उसको अपने जीवन करने दीजिए जितना हो अच्छा मार्गदर्शन करिए बाकी समय पर छोड़ दीजिए समय हर व्यक्ति को सब कुछ सिखा देता है और जो व्यक्ति कुछ बनने वाला होता है वह जीवन में सफलता हासिल कर लेता बन जाता है चाहे उसे कोई सुविधा ना मिले लेकिन जिस बच्चे को नहीं बनना है उसे जीवन में चाहे जितनी आप सुविधाएं देते हैं वह जीवन में नहीं बन पाएगा यह बिल्कुल सत्य है और इसीलिए सिर्फ जितना आप से हो सके उसका करिए चिंता बिल्कुल मत करिए अपने जीवन को इंजॉय करिए मेरी शुभकामनाएं आपके लिए धन्यवाद

apne prashna kiya ki maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte hain toh vaah isliye itni chinta karte hain ki vaah chahte hain ki unka baccha jeevan mein koi dukh na paye koi pareshani na paye uske jeevan mein sab kuch accha ho apne jeevan mein khoob safalta hasil kare khoob kamyabi paye isliye kahin na kahin apne bacche ke upar vaah bahut zyada dhyan dete hain aur vaah koshish karte hain ki baccha apne jeevan ko accha banne liye prayas kare isliye chinta karte hain lekin yahan main mata pita se kehna zaroor chahunga ki kabhi bhi apne bacche ko lekar ke bahut zyada chinta karne ki bilkul avashyakta nahi hoti hai use jitna ho sake aapka jo bhi anubhav apna margdarshan kare use uchit suvidhaen de lekin uske liye apne jeevan ko tanaav mein bilkul karne ki zarurat nahi hai aajkal main jyadatar dekhta hoon ki mata pita bacche ke liye kahin na kahin koi itna adhik tanaav le lete hain ki vaah apni zindagi ko jeena bhool jaate hain aur yah dhyan rakhenge aap chahen jitna tanaav le chahen jitne chinta kare lekin bacche ko jo karna hai vaah apne hisab se karega apne samay se karega aapke tanaav lene se us jaldi kuch nahi karega aur na hi koi bahut accha karega aapke jo control mein hai keval wahi cheezen karne ka prayas kare bacche ko sahi margdarshan de jis bhi field mein baccha jana chahta hai jisme uska interest hai usko koshish kare ki usi field mein ya usi kshetra mein vaah carrier banaye jyadatar prince ki galti karte hain ki apne baccho ko apne anubhav ke aadhar par ya unki jo aaspass ki log hain unke chalte usko ek kisi party cooler carrier mein bhejne ki koshish karte hain jyadatar parents apne baccho ki jo Unique quality hai jo uski pratibha hai talent hai usko pehchaan nahi paate aur kahin na kahin uske upar jo paramparagat roop hai aage badhne ka keval wahi laate hain matlab kehne ka yah hai ki jo unko jaankari hai jisse usi mein usko carrier banne liye kehte hain jabki baccho ke jo pratibha hai talent hai usko ignore karte hain dhyan rakhenge hamesha apne baccho ko aap sirf aur sirf carrier mein jaane ki salah di hai jisme aapka bacche ka interest hai jisme vaah jana chahta hai jisme uska pratibha hai kyonki agar baccha apne interest ke field mein jaega apni pratibha ke filme jaega toh nishchit taur se bahut kamyabi hasil karega vaah raste chahen paramparagat ho ya na ho lekin jyadatar parents kiye galti hoti hai ki kahin na kahin vaah apne anubhav ke aadhar par apni jaankari ke aadhar par baccho ke upar sote hain aur usko usi filme jaane ki salah dete hain jabki isse agar baccha vaah field mein chala bhi jata hai toh kahin na kahin use jeevan bhar bahut dukh hota hai aur apne profession mein ho enjoy nahi kar pata keval vaah tanaavgrast rehta hai isliye mata pita ki yah pehli jimmedari banti hai ki baccho ko jo jaruratein hain unki jaruraton ko pura kare unko sahi margdarshan de aur use bacche kitni swatantrata din ki vo apne jeevan ke raste khud chunane ka prayas kare kyonki agar aap bacche ko itni satnata denge kyon apne chunane ka rasta sunne ka prayas karega toh kahin na kahin uske andar ek jimmedari aayegi aur jab bacche ke andar aap jimmedari dena shuru karte hain toh apne aap baccha apne jeevan ki jimmedari le leta hai kuch mata pita jo baccho ko bahut zyada sahayta dete hain bahut zyada unko sahyog karne ki koshish karte hain aur apne baccho ko kisi bhi prakar ki koi jimmedari nahi rehte unka baccha kahin na kahin jeevan mein utana safal nahi ho pata karan sirf yahi hota hai ki agar aapne bacche ki hamesha kyon sahayta ki hai aap ne sahara dekar use aage badhane ki koshish ki toh aapka baccha kahin na kahin kamjor ho jata hai isliye bahut zaroori hai ki ek santulan banaye rakhna hai ki jitna zaroori hai utana sahyog kare lekin usko akele bhi chode uski jimmedari bhi de aur vaah khud apne jeevan ka bojh uthaya apne jeevan ko apne niyantran mein rakhen aisi usme pratibha paida kariye toh yah bahut zaroori hai ki mata pita ko sikhna hoga ki kis prakar se hum apne bacche ke liye ring kare usko suvidhaen de dena 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अपने प्रश्न किया कि मां-बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं तो वह इसलिए इतनी चिंत

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Priyanka Raghav Teacher

Teacher - Hindi / Social Science

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं और अपने बच्चों की करते हैं क्योंकि रहती है कोई परेशानी ना हो कभी कोई प्रॉब्लम ना हो वह हमेशा खुश रहे उनकी हर इच्छा पूरी हो और हमें हर मंजिल हो जाए बस इसीलिए तुम कि वह अपने बच्चों से निस्वार्थ भाव से प्रेम करते हैं इसीलिए उनकी चिंता करते हैं

hello doston aap ka question hai maa baap apne baccho ki itni chinta kyon karte hain aur apne baccho ki karte hain kyonki rehti hai koi pareshani na ho kabhi koi problem na ho vaah hamesha khush rahe unki har iccha puri ho aur hamein har manjil ho jaaye bus isliye tum ki vaah apne baccho se niswarth bhav se prem karte hain isliye unki chinta karte hain

हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है मां बाप अपने बच्चों की इतनी चिंता क्यों करते हैं और अपने बच

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माता-पिता ही पूरे विश्व में संसार में ऐसे 2 लोग अपने बच्चों की बढ़ता हुआ देखते हैं और अपने में खुशी महसूस करते हैं लगता है हम जैसे स्वर्ग में निवास तक बच्चों की तरक्की पर उन्हें सबसे आवाज सोहा और पीटी आवरण की भर्ती होती है माता-पिता का सम्मान करें और माता-पिता से मां पिता से बढ़कर कोई अपने बच्चों का ख्याल नहीं रख जय हिंद जय वीडियो में

mata pita hi poore vishwa mein sansar mein aise 2 log apne baccho ki badhta hua dekhte hain aur apne mein khushi mehsus karte hain lagta hai hum jaise swarg mein niwas tak baccho ki tarakki par unhe sabse awaaz soha aur PT aavaran ki bharti hoti hai mata pita ka sammaan kare aur mata pita se maa pita se badhkar koi apne baccho ka khayal nahi rakh jai hind jai video mein

माता-पिता ही पूरे विश्व में संसार में ऐसे 2 लोग अपने बच्चों की बढ़ता हुआ देखते हैं और अपने

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kanha

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जन्म दिया है उन्होंने जन्म दिया है उन्होंने अपने बच्चों को इसलिए वह उतनी चिंता करते हैं

janam diya hai unhone janam diya hai unhone apne baccho ko isliye vaah utani chinta karte hain

जन्म दिया है उन्होंने जन्म दिया है उन्होंने अपने बच्चों को इसलिए वह उतनी चिंता करते हैं

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