भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है?...


play
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:44

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे छपरा से भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है कि नदियों को माता का थान मिलाया जाता है पूजन होता है पूजा होती है उनको भी मांगा जाता है तो क्या करें यही मानचित्र

mujhe chapra se bharat mein nadiyon ko kyon puja jata hai ki nadiyon ko mata ka than milaya jata hai pujan hota hai puja hoti hai unko bhi manga jata hai toh kya kare yahi manchitra

मुझे छपरा से भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है कि नदियों को माता का थान मिलाया जाता है

Romanized Version
Likes  319  Dislikes    views  6370
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr Sampadananda Mishra

Sanskrit scholar, Author, Director, Sri Aurobindo Foundation for Indian Culture

3:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत की नदियों को क्यों पूजा जाता है जो सीधा उत्तर है भारत में आदिम काल से प्राचीन काल से पुरातन काल से प्रकृति का पूजन प्रकृति को आदर करना प्रकृति को सम्मान करना हमारे जो सभ्यता का हमारी संस्कृति का एक का बहुत महत्वपूर्ण अंश है खली नदी नहीं पहाड़ पर्वत पत्थर पशु पक्षी सबका आदर करना हमारे साथ गुलदस्ता नदी भी एक प्रकृति के अंदर है उसका सम्मान करना आदर करना भी हमारा एक गुण है हमारा कर्तव्य बनता है दूसरा कारण यह है कि यदि जिसे हम गम भरे में तो उन्हें एक मन जो है हमारे अंदर जो अपवित्र भावना है जब जल में हम उतरते हैं स्नान करते हैं गंगा में पानी के अंदर भी एक एनर्जी है जो हमारे पवित्र भावनाओं को भी पवित्र बना दे बना देता है चाहे कुछ क्षण के लिए जो पानी के अंदर एनर्जी को उस शक्ति को सामर्थ्य को मानव ने अनुभव किया है उसको पीकर भी देखा है कि उस पानी को एक बार हम पी लेते हैं वह पानी में भी इस प्रकार का गुण है उससे बहुत सारे रोग मिट जाते हैं बहुत दोस्त माल झुकना पड़ता है क्योंकि यह हमको पवित्र बनाता है इसे हमारे आदर बढ़ता है सामान पड़ता है इस कारण हो सकता है क्योंकि एक कृषि प्रधान देश है और नदियों की आवश्यकता बहुत है और नदियों के नाम से जो भूमि खंड होते हैं तो वह भी कंफर्टेबल होते हैं जिससे हमको हमारा जीवन के भरण-पोषण सहायक इसलिए आदर का पात्र है यह मान कर भी हम नदियों का पूजन करते हैं तो दो तीन कारण है जिसके लिए हम नदियों का आदर करना सम्मान का पूजा करना अरुण को देवी के रूप में सम्मानित करना पूजा करना यह हमारी संस्कृति का एक कारण महत्वपूर्ण अंश है

bharat ki nadiyon ko kyon puja jata hai jo seedha uttar hai bharat mein aadim kaal se prachin kaal se puratan kaal se prakriti ka pujan prakriti ko aadar karna prakriti ko sammaan karna hamare jo sabhyata ka hamari sanskriti ka ek ka bahut mahatvapurna ansh hai khali nadi nahi pahad parvat patthar pashu pakshi sabka aadar karna hamare saath guldasta nadi bhi ek prakriti ke andar hai uska sammaan karna aadar karna bhi hamara ek gun hai hamara kartavya baata hai doosra karan yah hai ki yadi jise hum gum bhare mein toh unhe ek man jo hai hamare andar jo apavitra bhavna hai jab jal mein hum utarate hain snan karte hain ganga mein paani ke andar bhi ek energy hai jo hamare pavitra bhavnao ko bhi pavitra bana de bana deta hai chahen kuch kshan ke liye jo paani ke andar energy ko us shakti ko samarthya ko manav ne anubhav kiya hai usko peekar bhi dekha hai ki us paani ko ek baar hum p lete hain vaah paani mein bhi is prakar ka gun hai usse bahut saare rog mit jaate hain bahut dost maal jhukna padta hai kyonki yah hamko pavitra banata hai ise hamare aadar badhta hai saamaan padta hai is karan ho sakta hai kyonki ek krishi pradhan desh hai aur nadiyon ki avashyakta bahut hai aur nadiyon ke naam se jo bhoomi khand hote hain toh vaah bhi Comfortable hote hain jisse hamko hamara jeevan ke bharan poshan sahayak isliye aadar ka patra hai yah maan kar bhi hum nadiyon ka pujan karte hain toh do teen karan hai jiske liye hum nadiyon ka aadar karna sammaan ka puja karna arun ko devi ke roop mein sammanit karna puja karna yah hamari sanskriti ka ek karan mahatvapurna ansh hai

भारत की नदियों को क्यों पूजा जाता है जो सीधा उत्तर है भारत में आदिम काल से प्राचीन काल से

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  201
WhatsApp_icon
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे भारत देश में नदियों को पूजा की जाती है क्योंकि हिमालय से निकलने वाली गंगा माता को गंगा मैया करके बुलाया जाता है नर्मदा को भी नर्मदा की जल यात्रा जो परिक्रमा की जाती है ऐसे जो 12 महीने चलने वाली जो नदियां हैं हमारी देश की अधिकतर मानव सभ्यता और उसका विकास नदियों के किनारे अलग-अलग बहुत से शहर बसे वह जीवनदायिनी है इंसानों के लिए पशुओं के लिए सही जीवो के लिए जीवनदायिनी उसी के आसपास दोनों तरफ हमारे देश के अधिकतर नगर फंसे हुए से मानव सभ्यता का विकास हुआ है और हमारा फर्ज है कि उनको साफ रखा जाए हम नदियों को जमा करते बुलाते हैं तो उनके बारे में हमें बहुत ही गंभीरता से सोचना चाहिए और उनकी पूजा की जाती है क्योंकि वह जीवनदायिनी है और वह हमारे विकास के लिए उन्हीं के वजह से हम पले बढ़े हैं और हमारा विकास हुआ है इसलिए हम उनकी पूजा करते हैं जय हिंद जय भारत

hamare bharat desh mein nadiyon ko puja ki jaati hai kyonki himalaya se nikalne wali ganga mata ko ganga maiya karke bulaya jata hai narmada ko bhi narmada ki jal yatra jo parikrama ki jaati hai aise jo 12 mahine chalne wali jo nadiyan hain hamari desh ki adhiktar manav sabhyata aur uska vikas nadiyon ke kinare alag alag bahut se shehar base vaah jivanadayini hai insano ke liye pashuo ke liye sahi jeevo ke liye jivanadayini usi ke aaspass dono taraf hamare desh ke adhiktar nagar fanse hue se manav sabhyata ka vikas hua hai aur hamara farz hai ki unko saaf rakha jaaye hum nadiyon ko jama karte bulate hain toh unke bare mein hamein bahut hi gambhirta se sochna chahiye aur unki puja ki jaati hai kyonki vaah jivanadayini hai aur vaah hamare vikas ke liye unhi ke wajah se hum PALAY badhe hain aur hamara vikas hua hai isliye hum unki puja karte hain jai hind jai bharat

हमारे भारत देश में नदियों को पूजा की जाती है क्योंकि हिमालय से निकलने वाली गंगा माता को

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  438
WhatsApp_icon
user

Karan Janwa

Automobile Engineer

1:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सिंधु घाटी सभ्यता खत्म हुई तो सारे आदिवासी लोग गंगा नदी घाटी सभ्यता की आवाज वैदिक सभ्यता से शुरू हुई लेकिन मिले और आज भी सविता शहरी सभ्यता सभ्यता ग्रामीण सिरोही सिक्स विदा में लोड किया कि नदी के किनारे स्थित है मैदानी इलाकों में जवान को पीने के लिए चाय के लिए पानी भी मिल जाता तब तक सिंचाई करने के लिए भी पानी मिल जाता पीने के लिए पानी मिलता इसलिए नदी के किनारे रहने लगे अच्छे लगने नदियों के किनारे की खोज नीचे की वजह से हमें पानी मिलता है पीने का असली उपाय जिससे हमारा पेट भरता है इस वजह से नदिया बहुत पवित्र मानी गई और नदियों में बहुत सारी बीमारी दूर कर देते हैं गंगा के पानी के ऊपर दैनिक प्रयोग किया की तरह मानते हैं पानी होता है ना हमारे शरीर का बहुत जरूरी है समाचार पानी के रुपए

sindhu ghati sabhyata khatam hui toh saare adiwasi log ganga nadi ghati sabhyata ki awaaz vaidik sabhyata se shuru hui lekin mile aur aaj bhi savita shahri sabhyata sabhyata gramin sirohi six vida mein load kiya ki nadi ke kinare sthit hai maidaani ilako mein jawaan ko peene ke liye chai ke liye paani bhi mil jata tab tak sinchai karne ke liye bhi paani mil jata peene ke liye paani milta isliye nadi ke kinare rehne lage acche lagne nadiyon ke kinare ki khoj niche ki wajah se hamein paani milta hai peene ka asli upay jisse hamara pet bharta hai is wajah se nadiya bahut pavitra maani gayi aur nadiyon mein bahut saree bimari dur kar dete hain ganga ke paani ke upar dainik prayog kiya ki tarah maante hain paani hota hai na hamare sharir ka bahut zaroori hai samachar paani ke rupaye

सिंधु घाटी सभ्यता खत्म हुई तो सारे आदिवासी लोग गंगा नदी घाटी सभ्यता की आवाज वैदिक सभ्यता स

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  324
WhatsApp_icon
user
1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को पवित्र माना गया है वह जीवनदायिनी होती है और नदियों के सहारे ही मनुष्य का जीवन यात्रा चलता है इसलिए भारत में नदियां बड़ी पवित्र गंगा यमुना सरस्वती ब्रह्मा पुत्र आरबीएसई नदिया के पूजा जाता है इनमें सबसे ज्यादा गंगा और नर्मदा को पूजा जाता है गंगा जी स्वयं भगवान शिव की जटा से हिमालय से निकली है और सारी नदियां देश में पवित्र मानी गई है उनका पूजन अर्चन इसीलिए किया जाता है जहां बड़े नदी संगम चौक स्थित है वहां पर 12 साल में एक बार श्रीवास्तव के मेले भी भरते हैं उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे पर मेला लगता है इलाहाबाद में गंगा सरस्वती त्रिवेणी नदियों गंगा यमुना सरस्वती त्रिवेणी पर मेला लगता है हरिद्वार में गंगा जी के तट पर मेला लगता है और जंभेश्वर में गोदावरी के तट पर मेला लगता है समझता था पर इस प्रकार से यह नदियां बड़ी पवित्र पूजनीय है और इन्हीं नदियों के अंतर्गत हमारे पूर्वज तर्पण इत्यादि भी करते हैं गंगाजल का शादी विवाह पूजन पाठ में प्रयोग किया जाता है एवं जब मनुष्य अंतिम सांस लेता है तो उसके मुख में गंगाजल ही डाला जाता है इस प्रकार से सारी नदियां हमारे जीवन में जनमत पवित्र है या में जल उपलब्ध कराती है जिसके आधार पर खेती-बाड़ी और भारत का जो कृषि प्रधानता है उसका भविष्य भी निर्भर रहता है इसलिए नदियों को हम यहां पर कुछ मानते हैं और पूछते हैं

bharat mein nadiyon ko pavitra mana gaya hai vaah jivanadayini hoti hai aur nadiyon ke sahare hi manushya ka jeevan yatra chalta hai isliye bharat mein nadiyan badi pavitra ganga yamuna saraswati brahma putra RBSE nadiya ke puja jata hai inmein sabse zyada ganga aur narmada ko puja jata hai ganga ji swayam bhagwan shiv ki xatta se himalaya se nikli hai aur saree nadiyan desh mein pavitra maani gayi hai unka pujan archan isliye kiya jata hai jaha bade nadi sangam chauk sthit hai wahan par 12 saal mein ek baar shrivastav ke mele bhi bharte hain ujjain mein priya nadi ke kinare par mela lagta hai allahabad mein ganga saraswati triveni nadiyon ganga yamuna saraswati triveni par mela lagta hai haridwar mein ganga ji ke tat par mela lagta hai aur jambheshwar mein godavari ke tat par mela lagta hai samajhata tha par is prakar se yah nadiyan badi pavitra pujaniya hai aur inhin nadiyon ke antargat hamare purvaj tarpan ityadi bhi karte hain gangajal ka shadi vivah pujan path mein prayog kiya jata hai evam jab manushya antim saans leta hai toh uske mukh mein gangajal hi dala jata hai is prakar se saree nadiyan hamare jeevan mein janmat pavitra hai ya mein jal uplabdh karati hai jiske aadhaar par kheti badi aur bharat ka jo krishi pradhanta hai uska bhavishya bhi nirbhar rehta hai isliye nadiyon ko hum yahan par kuch maante hain aur poochhte hain

भारत में नदियों को पवित्र माना गया है वह जीवनदायिनी होती है और नदियों के सहारे ही मनुष्य क

Romanized Version
Likes  46  Dislikes    views  906
WhatsApp_icon
user

Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

3:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन सृष्टि में हमें जो भी कुछ दिखता है ना सबकी अपनी है न्यूज़ होती आपने इंपॉर्टेंट होती है आप किसी भी चीज को उठाकर ले जाए मुझे पहाड़ों में माउंट एवरेस्ट दिखता है ना वह भी अपने आप में बहुत इंपॉर्टेंट है हमारे लिए बहुत इंपोर्टेंट डे स्पेशल इंडिया के लिए इसी तरीके से जवाब नदी की बात करते हैं कि नदी को क्यों पूजा जाता है देखे नदी को आप अगर मेहरबानी समझेंगे तो भी वह बहुत इंपॉर्टेंट है जल है तो जीवन है है कि नहीं है ऑक्सीजन के बाद हमें जल की जरूरत पड़ती है ना तो यह इंपॉर्टेंट हुआ कि नहीं अब जो चीज मेरे को लाइक देती है मेरे लाइफ को सस्पेंड करने में ग्रो करने में आगे बढ़ाने में हेल्प करती है क्या वह पूजनीय नहीं हुई सोच कर देखिए यह नहीं होगी तो क्या आप के आस पास पेड़ पौधे होंगे पानी मिलेगा बारिश नहीं होगी तो पानी मिलेगा आपको पानी आपको नहीं मिले पेड़ पौधों को नहीं मिलेगा जीव जंतु को नहीं मिलेगा तो क्या होगा सोच कर देखें सभी जगह सूखा हो जाएगा अगर सूखा होगा जल ही नहीं होगा तो यहां पर लाइट कैसे होगी आप और हम तो हो ही नहीं सकते ना बाकी 10 प्लैनेट्स पेयजल नहीं है हम उन पर जल्द होने की बात कर रहे हैं ना तो वहां पर जल ही नहीं है तो कैसा होगा तो जब हम नदी को पूछने की बात करते हैं तो नदी नदी को तो आप हर तरीके से पूछ सकते हैं जल है तो जीवन है जल है तो ही मैं और आप जिंदा है हम अपने माता-पिता की पूजा करते हैं क्योंकि उन्होंने हमें जीवन दिया है जल्दी तो हमें रोज जीवन दे रहे हैं अगर हमें जल नहीं मिलेगा तो क्या होगा सोच कर देखें पेड़-पौधे जीव-जंतु सबको जल की जरूरत पड़ती है ना यह तो हमारा डायरेक्ट कंजक्शन एडरिकनी जो हम जल की बात कहते हैं पानी लेकर पीते हैं जल है तो पेड़ पौधे हैं जल है तो हमारी फसल है अगर फसल है नहीं होगी तो आप और हम खाएंगे क्या हम तो मर जाएंगे भाई खाली पानी से आप कुछ समय तक जिंदा रह सकें लेकिन आपको खाने के लिए फसल से योगी ने फसल कहां से आती है वह जल्द से ही आती है ना नदिया अगर सूख जाएंगी और बारिश नहीं होगी तो कहां से होगा हमारा और आपका और ग्रोथ या परवरिश या रहना मुश्किल हो जाए तो जल को क्यों नहीं पूछा कि नदी को क्यों नहीं पूछना चाहिए आप जा कर देखिए वहां पर उन प्रदेशों में जहां पर लोग कई किलोमीटर तक महाराष्ट्र में और कई सारे ऐसे जगह जहां पर लोग कई किलोमीटर तक पैदल जाते हैं सुबह सर पर पानी लेकर आते हैं और उसी एक मटके पानी से 2 मिनट के पानी से पूरा दिन गुजार देते हैं नहाने के लिए पानी नहीं होता पीने के लिए बड़ी मुश्किल से थोड़ा पानी मिलता है कितना मुश्किल हो जाता है तो वह सारी चीज है जो हमारे जीवन को हेल्प करती है सस्पेंड करने की में गुरु करने में एक अच्छे से जीवन को बिताने में पूछा पूजनीय है आप यह मत देखे कि भाई बोलने बिंगबिंग नहीं है मेरे लिए तो वह जल्द ही लिविंग बिंग है अफजल को एक कॉपर के पात्र में डाल दीजिए देखिए उसके एनर्जी क्या होती है एकदम बदल जाते हैं जैसे पूछनी है जिस तरीके से हमारी गौ माता पूछनी है इस तरीके से जल पूछने तरीके से सृष्टि में बहुत सारी चीजें पूजनीय है बल्कि आप और हम भी एक दूसरे को पूछने के काबिल हैं हमें पूछना चाहिए हमें अगर पूछना नहीं तो कम से कम रेस्पेक्ट तो देना चाहिए क्योंकि आपको और हमको भी उन्हीं ने बनाए हैं सुजुकी देखें

lekin shrishti mein hamein jo bhi kuch dikhta hai na sabki apni hai news hoti aapne important hoti hai aap kisi bhi cheez ko uthaakar le jaaye mujhe pahadon mein mount EVEREST dikhta hai na vaah bhi apne aap mein bahut important hai hamare liye bahut important day special india ke liye isi tarike se jawab nadi ki baat karte hain ki nadi ko kyon puja jata hai dekhe nadi ko aap agar meharbani samjhenge toh bhi vaah bahut important hai jal hai toh jeevan hai hai ki nahi hai oxygen ke baad hamein jal ki zarurat padti hai na toh yah important hua ki nahi ab jo cheez mere ko like deti hai mere life ko Suspend karne mein grow karne mein aage badhane mein help karti hai kya vaah pujaniya nahi hui soch kar dekhiye yah nahi hogi toh kya aap ke aas paas ped paudhe honge paani milega barish nahi hogi toh paani milega aapko paani aapko nahi mile ped paudho ko nahi milega jeev jantu ko nahi milega toh kya hoga soch kar dekhen sabhi jagah sukha ho jaega agar sukha hoga jal hi nahi hoga toh yahan par light kaise hogi aap aur hum toh ho hi nahi sakte na baki 10 planets paijaal nahi hai hum un par jald hone ki baat kar rahe hain na toh wahan par jal hi nahi hai toh kaisa hoga toh jab hum nadi ko poochne ki baat karte hain toh nadi nadi ko toh aap har tarike se puch sakte hain jal hai toh jeevan hai jal hai toh hi main aur aap zinda hai hum apne mata pita ki puja karte hain kyonki unhone hamein jeevan diya hai jaldi toh hamein roj jeevan de rahe hain agar hamein jal nahi milega toh kya hoga soch kar dekhen ped paudhe jeev jantu sabko jal ki zarurat padti hai na yah toh hamara direct kanjakshan edarikni jo hum jal ki baat kehte hain paani lekar peete hain jal hai toh ped paudhe hain jal hai toh hamari fasal hai agar fasal hai nahi hogi toh aap aur hum khayenge kya hum toh mar jaenge bhai khaali paani se aap kuch samay tak zinda reh sake lekin aapko khane ke liye fasal se yogi ne fasal kahaan se aati hai vaah jald se hi aati hai na nadiya agar sukh jayegi aur barish nahi hogi toh kahaan se hoga hamara aur aapka aur growth ya parvarish ya rehna mushkil ho jaaye toh jal ko kyon nahi poocha ki nadi ko kyon nahi poochna chahiye aap ja kar dekhiye wahan par un pradeshon mein jaha par log kai kilometre tak maharashtra mein aur kai saare aise jagah jaha par log kai kilometre tak paidal jaate hain subah sir par paani lekar aate hain aur usi ek matke paani se 2 minute ke paani se pura din gujar dete hain nahane ke liye paani nahi hota peene ke liye badi mushkil se thoda paani milta hai kitna mushkil ho jata hai toh vaah saree cheez hai jo hamare jeevan ko help karti hai Suspend karne ki mein guru karne mein ek acche se jeevan ko bitane mein poocha pujaniya hai aap yah mat dekhe ki bhai bolne bingabing nahi hai mere liye toh vaah jald hi living binge hai afzal ko ek copper ke patra mein daal dijiye dekhiye uske energy kya hoti hai ekdam badal jaate hain jaise puchani hai jis tarike se hamari gau mata puchani hai is tarike se jal poochne tarike se shrishti mein bahut saree cheezen pujaniya hai balki aap aur hum bhi ek dusre ko poochne ke kaabil hain hamein poochna chahiye hamein agar poochna nahi toh kam se kam respect toh dena chahiye kyonki aapko aur hamko bhi unhi ne banaye hain suzuki dekhen

लेकिन सृष्टि में हमें जो भी कुछ दिखता है ना सबकी अपनी है न्यूज़ होती आपने इंपॉर्टेंट होती

Romanized Version
Likes  1060  Dislikes    views  6516
WhatsApp_icon
user

M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इन सभी चीजों का कनेक्शन सांस्कृतिक भेजते हैं जो हमारे इंसेंट विच साइंटिस्ट लोग थे चाहे वह ऋषि बोले या महात्मा बोले उन्होंने एक चीज का नाम किस चीज का उन्होंने कुछ डिस्कशन किया था हर चीज के पीछे का ट्रांसफर से उसका मतलब साइक्लोजेट समझा सदस्य खुद ही मिल जाएगा टेंपल

in sabhi chijon ka connection sanskritik bhejate hain jo hamare insent which scientist log the chahen vaah rishi bole ya mahatma bole unhone ek cheez ka naam kis cheez ka unhone kuch discussion kiya tha har cheez ke peeche ka transfer se uska matlab saiklojet samjha sadasya khud hi mil jaega temple

इन सभी चीजों का कनेक्शन सांस्कृतिक भेजते हैं जो हमारे इंसेंट विच साइंटिस्ट लोग थे चाहे वह

Romanized Version
Likes  204  Dislikes    views  2950
WhatsApp_icon
user

Mahender Dhar Dwivedi

Founder & Director - Roric Educational Solution

3:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मित्रों प्रश्न है कि भारत में नदियों को हमारा देश की पुरानी सविता ऐसे रही है कि हमारे भगवान गाय को भगवान जानवरों पत्थर को भी पूछते हैं और अगर जब आदिमानव घरों में रहने लग गई की नदी नदी नदी किनारे मातृभूमि भरण पोषण पालन कर देती है नामुमकिन हिंदू भाइयों का विशेष योगदान हमारे हिंदू धर्म की पूजा की जाती है

mitron prashna hai ki bharat mein nadiyon ko hamara desh ki purani savita aise rahi hai ki hamare bhagwan gaay ko bhagwan jaanvaro patthar ko bhi poochhte hain aur agar jab adimanav gharon mein rehne lag gayi ki nadi nadi nadi kinare matribhoomi bharan poshan palan kar deti hai namumkin hindu bhaiyo ka vishesh yogdan hamare hindu dharm ki puja ki jaati hai

मित्रों प्रश्न है कि भारत में नदियों को हमारा देश की पुरानी सविता ऐसे रही है कि हमारे भगवा

Romanized Version
Likes  32  Dislikes    views  393
WhatsApp_icon
user

Daivagya Krishna Shastri

Astrologer, Ved, Bhagvat Mahapuran

0:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय श्री राधे कृष्णा जय श्री श्यामा भारत में केवल नदियों को नहीं बल्कि नदियों को तो माता का दर्जा दिया गया वह माता के रूप में प्रतिपादित किया गया गाय को भी माता कहा गया पृथ्वी को भी माता कहा गया और जल को भी देवता का स्वरूप दिया गया कि यह वरुण देवता है भाइयों को भी पवन देवता कहा गया इसी तरह जितने भी तो हैं हैं उनको देवताओं की उपाधियों से संबोधित किया गया तो हमारे मानव संस्कृति में हमारे सनातन धर्म में धन्य है हमारा सनातन धर्म जहां पर कितने प्रकार से सब का सम्मान है सबका सम्मान के साथ साथ सबका आदर भाव है सबके लिए आदर्श का स्थान है तो यह निश्चित रूप से हमारे सनातन धर्म के लिए गौरव का विषय है श्री राधे श्यामा श्री राधे कृष्णा

jai shri radhe krishna jai shri shyaama bharat mein keval nadiyon ko nahi balki nadiyon ko toh mata ka darja diya gaya vaah mata ke roop mein pratipadit kiya gaya gaay ko bhi mata kaha gaya prithvi ko bhi mata kaha gaya aur jal ko bhi devta ka swaroop diya gaya ki yah varun devta hai bhaiyo ko bhi pawan devta kaha gaya isi tarah jitne bhi toh hain hain unko devatao ki upadhiyon se sambodhit kiya gaya toh hamare manav sanskriti mein hamare sanatan dharm mein dhanya hai hamara sanatan dharm jaha par kitne prakar se sab ka sammaan hai sabka sammaan ke saath saath sabka aadar bhav hai sabke liye adarsh ka sthan hai toh yah nishchit roop se hamare sanatan dharm ke liye gaurav ka vishay hai shri radhe shyaama shri radhe krishna

जय श्री राधे कृष्णा जय श्री श्यामा भारत में केवल नदियों को नहीं बल्कि नदियों को तो माता का

Romanized Version
Likes  138  Dislikes    views  1731
WhatsApp_icon
user

Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है तो मैं एक बात बता दूं कि भारत में नदियों को देवी के रूप में गंगा मैया यमुना मैया नर्मदा इससे हमारे सभ्यता में सभ्यता संस्कृति भारत में नदियों को देवी की तरह पूजा जाता है क्योंकि जल के स्रोत हैं और जल ही जीवन है और जल के बिना मनुष्य जीवित नहीं रह सकता तो कोई देवता तो उसके बाद ही आते हैं लेकिन अगर सबसे इंपॉर्टेंट थिंग इन हमारे जीवन में जो है वह है जल ऑडिट नदिया जल के स्रोत है इसलिए वह हमारी प्राकृतिक देवता हुई हमारी प्राकृतिक देवी हुई चिड़िया नदियों को पूजा जाता है धन्यवाद

bharat mein nadiyon ko kyon puja jata hai toh main ek baat bata doon ki bharat mein nadiyon ko devi ke roop mein ganga maiya yamuna maiya narmada isse hamare sabhyata mein sabhyata sanskriti bharat mein nadiyon ko devi ki tarah puja jata hai kyonki jal ke srot hain aur jal hi jeevan hai aur jal ke bina manushya jeevit nahi reh sakta toh koi devta toh uske baad hi aate hain lekin agar sabse important thing in hamare jeevan mein jo hai vaah hai jal audit nadiya jal ke srot hai isliye vaah hamari prakirtik devta hui hamari prakirtik devi hui chidiya nadiyon ko puja jata hai dhanyavad

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है तो मैं एक बात बता दूं कि भारत में नदियों को देवी के

Romanized Version
Likes  34  Dislikes    views  1183
WhatsApp_icon
user

Niraj Devani

PHILOSOPHER

1:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारतीय संस्कृति में हर एक प्रकृति की हर एक चीज को पूजनीय माना गया है आप देखिए पेड़ों में पीपल को हम पूछते हैं हम नदियों की पूजा करते हैं हम सूर्य की पूजा करते हैं हम जरिए यानी कि जो समुद्र है उसकी पूजा करते हैं हम जमीन की पूजा करते हैं हम हर एक इसकी जो प्रकृति के जो चीजें हैं और जो हमें मिली है जो हमने नहीं बनाई है और ऊपर वाले ने जो हमें दी है और जिसके कारण आज हम अच्छी तरह से जिंदगी जी पा रहे हैं वह सब प्रकृति की चीज है वह उसकी हम भारतीय लोग पूजा करते हैं क्योंकि इससे हमें उनके प्रति आस्था बनती है लेकिन अगर आप जो कह रहे की नदियों को क्यों पूजा जाता है उसको पूछना बहुत आवश्यक आवश्यक शायद नहीं भी हो शायद आप उसकी पूजा ना करें तो भी ठीक है लेकिन उसको गंदा नहीं करना चाहिए देखिए आप विदेश में देखिए पूजा कोई नहीं करते हैं नदियों के लेकिन वहां की नदी एकदम स्वस्थ है क्योंकि वह जानते हैं कि उसकी उसी के का हम आज जिंदा है उसी के कारण हम आज सब सुविधाएं भोग रहे तो इसी तरह से हमें नदियों की पूजा करना इसलिए सिखाया था कि उसे हम गंदा ना करें लेकिन यह धीरे-धीरे क्या हो गया की पूजा करते हैं और गंदा भी करते हैं तो यह सब मिटा के अगर शायद कोई पूजा ना करता हो तो ठीक है अगर लेकिन कोई भी नदी को गंदा होने से बचाता है या प्रकृति की कोई भी चीज को गंदा होने से बचाता है और उसकी अच्छी तरह से देखभाल करता है तो वह एक तरह से पूजा ही मानी जाएगी उसकी

dekhiye bharatiya sanskriti mein har ek prakriti ki har ek cheez ko pujaniya mana gaya hai aap dekhiye pedon mein pipal ko hum poochhte hain hum nadiyon ki puja karte hain hum surya ki puja karte hain hum jariye yani ki jo samudra hai uski puja karte hain hum jameen ki puja karte hain hum har ek iski jo prakriti ke jo cheezen hain aur jo hamein mili hai jo humne nahi banai hai aur upar waale ne jo hamein di hai aur jiske karan aaj hum achi tarah se zindagi ji paa rahe hain vaah sab prakriti ki cheez hai vaah uski hum bharatiya log puja karte hain kyonki isse hamein unke prati astha banti hai lekin agar aap jo keh rahe ki nadiyon ko kyon puja jata hai usko poochna bahut aavashyak aavashyak shayad nahi bhi ho shayad aap uski puja na kare toh bhi theek hai lekin usko ganda nahi karna chahiye dekhiye aap videsh mein dekhiye puja koi nahi karte hain nadiyon ke lekin wahan ki nadi ekdam swasthya hai kyonki vaah jante hain ki uski usi ke ka hum aaj zinda hai usi ke karan hum aaj sab suvidhaen bhog rahe toh isi tarah se hamein nadiyon ki puja karna isliye sikhaya tha ki use hum ganda na kare lekin yah dhire dhire kya ho gaya ki puja karte hain aur ganda bhi karte hain toh yah sab mita ke agar shayad koi puja na karta ho toh theek hai agar lekin koi bhi nadi ko ganda hone se bachata hai ya prakriti ki koi bhi cheez ko ganda hone se bachata hai aur uski achi tarah se dekhbhal karta hai toh vaah ek tarah se puja hi maani jayegi uski

देखिए भारतीय संस्कृति में हर एक प्रकृति की हर एक चीज को पूजनीय माना गया है आप देखिए पेड़ों

Romanized Version
Likes  44  Dislikes    views  763
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:03
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ईटूज हिंदुओं की संस्कृति है वह समझ कर मात्र को भी सम्मान देती है हमारे यहां गंगा यमुना आदिश्वर सरस्वती आदि नदियों की पूजा की जाती है क्योंकि पवित्र जल से परिपूर्ण होती है इस शीतल मधुर जल स्वच्छ जल को बहाती हैं इससे हमारे लिए खेती में सिंचाई के लिए मिलता है पीने को पानी मिलता है स्थान करने को शुभ विचार मिलता है आवागमन के मैया रास्ते देती इसलिए नदियां जीवन देती है मानव जीवन देती हैं इसलिए नदियों की पूजा होती है और पांच पति पत्नी महान नहीं है रोतो को पूजा जाता रहा है कब तक मात्र में ईश्वर का वास मान करके गुजर जाता है हर हर गंगे जय जय गंगे संगीत

ituj hinduon ki sanskriti hai vaah samajh kar matra ko bhi sammaan deti hai hamare yahan ganga yamuna adishwar saraswati aadi nadiyon ki puja ki jaati hai kyonki pavitra jal se paripurna hoti hai is shital madhur jal swachh jal ko bahati hain isse hamare liye kheti mein sinchai ke liye milta hai peene ko paani milta hai sthan karne ko shubha vichar milta hai aavagaman ke maiya raste deti isliye nadiyan jeevan deti hai manav jeevan deti hain isliye nadiyon ki puja hoti hai aur paanch pati patni mahaan nahi hai roto ko puja jata raha hai kab tak matra mein ishwar ka was maan karke gujar jata hai har har gange jai jai gange sangeet

ईटूज हिंदुओं की संस्कृति है वह समझ कर मात्र को भी सम्मान देती है हमारे यहां गंगा यमुना आदि

Romanized Version
Likes  46  Dislikes    views  2253
WhatsApp_icon
user

Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

1:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय श्रीमन्नारायण भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है जैसा कि आपका प्रश्न है तो मैं आपको बताऊं कि भारतीय शास्त्रों के अनुसार उन सभी जीव जंतु पशु पक्षियों या पेड़ पौधों को भगवान के रूप में माना जाता है जो मानव जीवन पर उपकार किए हुए हैं ठीक उसी प्रकार भारत की नदियां भी हमें जल देती है यानी मानव जीवन का उपकार करती है और जल्द से हम खेती-बाड़ी क्या प्यास बुझाते हैं इसलिए भारतीय नदियों को पूजा जाता है और देवी का दर्जा प्राप्त है बाकी किसी और देश में इस तरह की सभ्यता संस्कृति और दर्शन आपको नहीं देखने को मिलेगा जय श्रीमन्नारायण

jai shrimannarayan bharat mein nadiyon ko kyon puja jata hai jaisa ki aapka prashna hai toh main aapko bataun ki bharatiya shastron ke anusaar un sabhi jeev jantu pashu pakshiyo ya ped paudho ko bhagwan ke roop mein mana jata hai jo manav jeevan par upkar kiye hue hain theek usi prakar bharat ki nadiyan bhi hamein jal deti hai yani manav jeevan ka upkar karti hai aur jald se hum kheti badi kya pyaas bujhate hain isliye bharatiya nadiyon ko puja jata hai aur devi ka darja prapt hai baki kisi aur desh mein is tarah ki sabhyata sanskriti aur darshan aapko nahi dekhne ko milega jai shrimannarayan

जय श्रीमन्नारायण भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है जैसा कि आपका प्रश्न है तो मैं आपको

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  119
WhatsApp_icon
user

Neeraj Shukla

Philosopher || Avid Reader.

0:48
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दीक्षित भारत में नदियों की पूजा की प्रथा बहुत स्टार्टिंग से ही की जाती है देवों के देव भी नदियों की पूजा करते थे जैसा कि हम रामायण गीता वेद पुराण में भी पढ़ चुके की नदियों की पूजा की नदियां एक तरह की भगवान ही कही जाती है कि प्रकृति के पांच तत्व हैं जैसा कि आपको पता होगा भूमि गगन जलवायु नीर यानी कि जो नीर है यह एक तरह का देवता माना गया है और उस तरह नीर की पूजा की जाती है नदियों की पूजा करने पर हमारे कई देवियों के भी नाम है जिस कारण हम पूजा करते हैं और सर्वप्रथम जो कारण है वह यही है कि हम पानी को अपना देवता मानते हैं और पानी की इसलिए ही पूजा करते ताकि वह स्वस्थ रहें और हमें भी स्वच्छता से निर्मित करवा

dixit bharat mein nadiyon ki puja ki pratha bahut starting se hi ki jaati hai Devon ke dev bhi nadiyon ki puja karte the jaisa ki hum ramayana geeta ved puran mein bhi padh chuke ki nadiyon ki puja ki nadiyan ek tarah ki bhagwan hi kahi jaati hai ki prakriti ke paanch tatva hain jaisa ki aapko pata hoga bhoomi gagan jalvayu neer yani ki jo neer hai yah ek tarah ka devta mana gaya hai aur us tarah neer ki puja ki jaati hai nadiyon ki puja karne par hamare kai deviyon ke bhi naam hai jis karan hum puja karte hain aur sarvapratham jo karan hai vaah yahi hai ki hum paani ko apna devta maante hain aur paani ki isliye hi puja karte taki vaah swasth rahein aur hamein bhi swachhta se nirmit karva

दीक्षित भारत में नदियों की पूजा की प्रथा बहुत स्टार्टिंग से ही की जाती है देवों के देव भी

Romanized Version
Likes  60  Dislikes    views  1198
WhatsApp_icon
user

Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

0:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि नदियां बिना स्वार्थ के बहती रहती हैं और परमार्थ के लिए प्रकार के लिए अपना जल लोगों को समर्पित करती रहती हैं भगवान शिव के जटा में रहने के कारण गंगा जी को माता जी माता कहा जाता है यमुना जी को यमराज की बहन के होने के कारण सूर्य की पुत्री होने के कारण भी लोग हैं परोपकार की दृष्टि से हमारे यहां नदियों को भी पूजा जाता है उन्हें माता का दर्जा दिया जाता है

kyonki nadiyan bina swarth ke behti rehti hain aur parmaarth ke liye prakar ke liye apna jal logo ko samarpit karti rehti hain bhagwan shiv ke xatta mein rehne ke karan ganga ji ko mata ji mata kaha jata hai yamuna ji ko yamraj ki behen ke hone ke karan surya ki putri hone ke karan bhi log hain paropkaar ki drishti se hamare yahan nadiyon ko bhi puja jata hai unhe mata ka darja diya jata hai

क्योंकि नदियां बिना स्वार्थ के बहती रहती हैं और परमार्थ के लिए प्रकार के लिए अपना जल लोगो

Romanized Version
Likes  92  Dislikes    views  2179
WhatsApp_icon
user

Priyanka Raghav Teacher

Teacher - Hindi / Social Science

0:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों आपका क्वेश्चन ने भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है कि हमारे भारतवर्ष में धर्म बहुत ज्यादा है यहां हर एक चीज की पूजा होती है हर एक चीज और ज्यादा महत्व दिया गया है और रही बात नदियों की तो नदियों को हमारे भारतवर्ष में देवी का दर्जा दिया गया है तो उन्हें देवी माना जाता है जैसी गंगा नदी यमुना नदी सरयू नदी यह सभी एक देवी का अंत माने जाते हैं इसलिए इन सब देवों के नाम की वजह से देवियों कैंसर की वजह से इन सारी नदियों को पूजा जाता है धन्यवाद

hello doston aapka question ne bharat mein nadiyon ko kyon puja jata hai ki hamare bharatvarsh mein dharm bahut zyada hai yahan har ek cheez ki puja hoti hai har ek cheez aur zyada mahatva diya gaya hai aur rahi baat nadiyon ki toh nadiyon ko hamare bharatvarsh mein devi ka darja diya gaya hai toh unhe devi mana jata hai jaisi ganga nadi yamuna nadi sarayu nadi yah sabhi ek devi ka ant maane jaate hain isliye in sab Devon ke naam ki wajah se deviyon cancer ki wajah se in saree nadiyon ko puja jata hai dhanyavad

हेलो दोस्तों आपका क्वेश्चन ने भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है कि हमारे भारतवर्ष में

Romanized Version
Likes  34  Dislikes    views  687
WhatsApp_icon
user

abc

Study

0:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है देखिए भारत में पहले से ही लोग प्रकृति की पूजा करते हुए आ रहे हैं यहां नदियों की पूजा होती है आप पीपल का पेड़ देखिए पीपल के पेड़ की पूजा करते हैं और पवित्र स्थानों मंदिरों इत्यादि में पूजा करते हैं इसलिए प्रकृति की पूजा कब होती है तो उसमें नदियों के भी पूजा सम्मिलित है क्योंकि नदिया हमारी लिए अमृत रूपी जल लेकर के आती जो हमारे खेत की सिंचाई करती हो हमारी प्यास बुझाती है और रोजमर्रा के हमारे सभी कार्य संपन्न करती हैं इसलिए नदियों को पूजा जाता है

bharat me nadiyon ko kyon puja jata hai dekhiye bharat me pehle se hi log prakriti ki puja karte hue aa rahe hain yahan nadiyon ki puja hoti hai aap pipal ka ped dekhiye pipal ke ped ki puja karte hain aur pavitra sthano mandiro ityadi me puja karte hain isliye prakriti ki puja kab hoti hai toh usme nadiyon ke bhi puja sammilit hai kyonki nadiya hamari liye amrit rupee jal lekar ke aati jo hamare khet ki sinchai karti ho hamari pyaas bujhati hai aur rozmarra ke hamare sabhi karya sampann karti hain isliye nadiyon ko puja jata hai

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है देखिए भारत में पहले से ही लोग प्रकृति की पूजा करते ह

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  153
WhatsApp_icon
user

Ramphal

Student

1:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को हमेशा ही पुजारा रहा है क्योंकि जल एक के महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण द वे हैं जो अपने जीवन में महत्वपूर्ण है अपनी भूमिका निभाता है इसके साथ ही भारत में धार्मिक घनत्व वाला देश है नदियों के साथ-साथ बाद में पहाड़ पेड़ पौधे सूर्य आदि को पूजा जाता है इसी कारण इनको पवित्र मानकर इनको पूजा जाता है बाद में गंगा नदी को महान दीवाना या नहीं मां के समान माना गया है उसकी पूजा की जाती है भारत में गंगा नदी एक महत्वपूर्ण नदी है जिसमें सना जिसकी मान्यता है कि जिस में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं थार तो गंगा नहाए कर लेते हैं वह स्वर्ग प्राप्ति हो जाती है हमारी आर्मी गन तो इन्हीं मान्यताओं में मिलता है इसीलिए नदियों को पवित्र मानकर उनका एक पूजा की जाती है

bharat me nadiyon ko hamesha hi pujara raha hai kyonki jal ek ke mahatvapurna mahatvapurna the ve hain jo apne jeevan me mahatvapurna hai apni bhumika nibhata hai iske saath hi bharat me dharmik ghanatva vala desh hai nadiyon ke saath saath baad me pahad ped paudhe surya aadi ko puja jata hai isi karan inko pavitra maankar inko puja jata hai baad me ganga nadi ko mahaan deewana ya nahi maa ke saman mana gaya hai uski puja ki jaati hai bharat me ganga nadi ek mahatvapurna nadi hai jisme sana jiski manyata hai ki jis me snan karne se sabhi paap dhul jaate hain thar toh ganga nahae kar lete hain vaah swarg prapti ho jaati hai hamari army gun toh inhin manyataon me milta hai isliye nadiyon ko pavitra maankar unka ek puja ki jaati hai

भारत में नदियों को हमेशा ही पुजारा रहा है क्योंकि जल एक के महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण द वे हैं

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  102
WhatsApp_icon
user

Krish

Youtuber

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों कुछ लोग मुझसे कुछ सवाल पूछ रहे हैं कि भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है तो इसका जवाब है उसमें सभी लोग नदियों को देवी के रूप में मानते हैं हमें हमें नदियों को स्वच्छ रखना चाहिए अगर यहां पर हम देखते हैं कि हम लोगों को तो तेरी तरह मानते हैं तब हम उनको इतना चिंता रखते हैं और जबकि वहां पर हम इंग्लैंड जसीडीह से कंट्री में निकले तो वहां पर जहां की होती है वहां पर कैसी है एक कंट्री का उदाहरण है ऐसी एक नदी का उदाहरण मिलकर इस नदी का क्या अपनी अपनी पवित्रता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो चुकी हैं तो ऐसे ही हमें रोजाना ध्यान रखना चाहिए और और हमें इसलिए हमारे देश में क्योंकि यह सभी देवी हम नदियों को देवी के रूप में पूछते इसीलिए है क्योंकि हमारे पुराणों में यह सब कहा गया है इसलिए

hello doston kuch log mujhse kuch sawaal puch rahe hain ki bharat me nadiyon ko kyon puja jata hai toh iska jawab hai usme sabhi log nadiyon ko devi ke roop me maante hain hamein hamein nadiyon ko swachh rakhna chahiye agar yahan par hum dekhte hain ki hum logo ko toh teri tarah maante hain tab hum unko itna chinta rakhte hain aur jabki wahan par hum england jasidih se country me nikle toh wahan par jaha ki hoti hai wahan par kaisi hai ek country ka udaharan hai aisi ek nadi ka udaharan milkar is nadi ka kya apni apni pavitrata ke liye poore vishwa me prasiddh ho chuki hain toh aise hi hamein rojana dhyan rakhna chahiye aur aur hamein isliye hamare desh me kyonki yah sabhi devi hum nadiyon ko devi ke roop me poochhte isliye hai kyonki hamare purano me yah sab kaha gaya hai isliye

हेलो दोस्तों कुछ लोग मुझसे कुछ सवाल पूछ रहे हैं कि भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है त

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  59
WhatsApp_icon
user

Sandip Sahani

IBC, Youtuber, Teacher

1:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है क्योंकि भारत में नदियों का हम मां जैसा मानते हैं क्योंकि नदी हमें पानी देती है और हम नदी का इस्तेमाल और भी कामों के लिए करते हैं सिर्फ पानी नहीं कई अगर नदी के इस पार से उस पार जाना हो तो नाम के सहारे हम बहुत ही आसानी से इस पार से उस पार जा सकते हैं नदी के पानी हमारे बहुत काम आता है पहली बात तो पीने का काम आता है उसके बाद खेतीबाड़ी करने के काम भी आता है इसलिए हम नदी को इन साड़ी कामों में आने के लिए नदी को हम बहुत पवित्र मानते हैं उनको उनका पूजा करते यही दो मैन कराने क्योंकि हम भारतीय बहुत ही इमोशनल है हमारे अंदर इमोशन बहुत है हम किसी भी हम नदी को भी पूजा करते पीर को भी पूजा करती और छोटे छोटे जानवर को भी पूजा करते हैं नदी के पानी नदी को भी यही कारण है कि हम भारतीय नदी को पूछते हैं

bharat me nadiyon ko kyon puja jata hai kyonki bharat me nadiyon ka hum maa jaisa maante hain kyonki nadi hamein paani deti hai aur hum nadi ka istemal aur bhi kaamo ke liye karte hain sirf paani nahi kai agar nadi ke is par se us par jana ho toh naam ke sahare hum bahut hi aasani se is par se us par ja sakte hain nadi ke paani hamare bahut kaam aata hai pehli baat toh peene ka kaam aata hai uske baad khetibadi karne ke kaam bhi aata hai isliye hum nadi ko in saree kaamo me aane ke liye nadi ko hum bahut pavitra maante hain unko unka puja karte yahi do man karane kyonki hum bharatiya bahut hi emotional hai hamare andar emotion bahut hai hum kisi bhi hum nadi ko bhi puja karte pir ko bhi puja karti aur chote chote janwar ko bhi puja karte hain nadi ke paani nadi ko bhi yahi karan hai ki hum bharatiya nadi ko poochhte hain

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है क्योंकि भारत में नदियों का हम मां जैसा मानते हैं क्य

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  152
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले तेरी कोई भी सभ्यता का विकास या उद्भव नदियों के किनारे ही हुआ है इसलिए भारत में नदी को पूजा जाता है और एक कारण यह भी है कि नदी में जल है जिस जल से हमारा भरण पोषण होता है इसलिए हम उसे पूजा करते हैं

pehle teri koi bhi sabhyata ka vikas ya udbhav nadiyon ke kinare hi hua hai isliye bharat me nadi ko puja jata hai aur ek karan yah bhi hai ki nadi me jal hai jis jal se hamara bharan poshan hota hai isliye hum use puja karte hain

पहले तेरी कोई भी सभ्यता का विकास या उद्भव नदियों के किनारे ही हुआ है इसलिए भारत में नदी को

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  56
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है तो हम आपको बताना चाहते हैं कि सैकड़ों साल पहले नदी घाटियों पर ही मानव सभ्यता का उत्थान हुआ था मानव सभ्यता वहीं से अपने जीवन का आरंभ किया था जैसे कृषि पशु चरा नाम पशु रखना और अपने घरों को बनाना इत्यादि और उनका मानना था कि नदी ही उनकी अन्य जाता है और उसी के सहारे उन्हें अन्य और पानी दोनों ही मिलता है जिसके कारण वह लोग नदी को मां समझते हैं और मां के लिए मां के जैसे उसे पूज्यते थे और वही परंपराएं चलती है चलती हैं और आज भी हम उन नदियों को पूजते हैं क्योंकि वह हमारे लिए मां के समान है भारत में कृषि क्रियाएं के लिए वह महत्वपूर्ण है जल के लिए महत्वपूर्ण है इत्यादि इत्यादि वस्तुओं के लिए महत्वपूर्ण है इसलिए भारत में नदियों को पूजा जाता है और

aapka prashna hai bharat me nadiyon ko kyon puja jata hai toh hum aapko batana chahte hain ki saikadon saal pehle nadi ghatiyo par hi manav sabhyata ka utthan hua tha manav sabhyata wahi se apne jeevan ka aarambh kiya tha jaise krishi pashu chara naam pashu rakhna aur apne gharon ko banana ityadi aur unka manana tha ki nadi hi unki anya jata hai aur usi ke sahare unhe anya aur paani dono hi milta hai jiske karan vaah log nadi ko maa samajhte hain aur maa ke liye maa ke jaise use pujyate the aur wahi paramparayen chalti hai chalti hain aur aaj bhi hum un nadiyon ko pujte hain kyonki vaah hamare liye maa ke saman hai bharat me krishi kriyaen ke liye vaah mahatvapurna hai jal ke liye mahatvapurna hai ityadi ityadi vastuon ke liye mahatvapurna hai isliye bharat me nadiyon ko puja jata hai aur

आपका प्रश्न है भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है तो हम आपको बताना चाहते हैं कि सैकड़ों

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  154
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नदियों को क्यों पूजा जाता है का उत्तर होगा भारत में नदियों को निर्मल सुरक्षित तथा माता माना जाता है इसलिए इनकी पूजा की जाती है धन्यवाद

nadiyon ko kyon puja jata hai ka uttar hoga bharat me nadiyon ko nirmal surakshit tatha mata mana jata hai isliye inki puja ki jaati hai dhanyavad

नदियों को क्यों पूजा जाता है का उत्तर होगा भारत में नदियों को निर्मल सुरक्षित तथा माता मान

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  142
WhatsApp_icon
user

शशांक पाण्डेय

इंकलाब जिंदाबाद

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई हमने जो है भारत में जो है नदियों को एक पानी भंडार के रूप में नहीं देखा है उनको हमने जीवन देने के मूल मंत्र में देखा जैसे आप नहीं समझ पाएंगे इसलिए मैं ठीक से बता रहा हूं जीवन देने वाली समझते हैं इसका मतलब जैसे आप हवा पानी यह सब चीजें जो है जीवन के लिए है यह कोई वस्तु नहीं है या अपने उपयोग किया फिर नहीं उपयोग कर सकें यह जीवन देने के लिए मनुष्य के जीवन के लिए बहुत ही अत्यंत महत्वपूर्ण है निर्माण के लिए महत्वपूर्ण इंकलाब जिंदाबाद वंदे मातरम

bhai humne jo hai bharat mein jo hai nadiyon ko ek paani bhandar ke roop mein nahi dekha hai unko humne jeevan dene ke mul mantra mein dekha jaise aap nahi samajh payenge isliye main theek se bata raha hoon jeevan dene wali samajhte hain iska matlab jaise aap hawa paani yah sab cheezen jo hai jeevan ke liye hai yah koi vastu nahi hai ya apne upyog kiya phir nahi upyog kar sake yah jeevan dene ke liye manushya ke jeevan ke liye bahut hi atyant mahatvapurna hai nirmaan ke liye mahatvapurna inkalab zindabad vande mataram

भाई हमने जो है भारत में जो है नदियों को एक पानी भंडार के रूप में नहीं देखा है उनको हमने जी

Romanized Version
Likes  90  Dislikes    views  2232
WhatsApp_icon
user

Aditya Kapoor

I Am Studying B A First Year

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है क्योंकि आप अंधविश्वास है लोगों का मानना है कि हमारी गंगा मैया है हमारी यमुना मैया है मतलब जो दिखा उसको मैया मांग लिया जो दिखा उसको बाबा और जो पता दिखाई दिया उसको पता ही बाबा पधारे यह पौधा का बोल दिए हमारे इंडिया का अंधविश्वासी है जो इंडिया को पिछले कल जाएगा जहां विरार मेरिका में देख लीजिए इंग्लैंड में देख लीजिए वहां की नदियां को सिर्फ नदिया माना जाता है और वहां के नदिया नदिया है सच है हमारे देश में क्या है गंगा है साफ तो नहीं हुई

bharat mein nadiyon ko kyon puja jata hai kyonki aap andhavishvas hai logo ka manana hai ki hamari ganga maiya hai hamari yamuna maiya hai matlab jo dikha usko maiya maang liya jo dikha usko baba aur jo pata dikhai diya usko pata hi baba padhare yah paudha ka bol diye hamare india ka andhavishvasi hai jo india ko pichle kal jaega jaha virar merika mein dekh lijiye england mein dekh lijiye wahan ki nadiyan ko sirf nadiya mana jata hai aur wahan ke nadiya nadiya hai sach hai hamare desh mein kya hai ganga hai saaf toh nahi hui

भारत में नदियों को क्यों पूजा जाता है क्योंकि आप अंधविश्वास है लोगों का मानना है कि हमारी

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  159
WhatsApp_icon
user

Kesharram

Teacher

0:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जल ही जीवन है जीवन के बिना सब सून है भारत में नदियों को इसलिए पूजा जाता है क्योंकि अगर नदिया ना होती तो आज हमारा जीवन है वह हम या इस मुकाम पर आज नहीं पहुंच पाते क्योंकि हमारा जीवन नष्ट हो जाता क्योंकि जीवन में अगर आपको पता है कि जल की आवश्यकता होती है और अगर आपके शरीर को जेल नहीं मिलेगा तो आप फिर आपका जीवन बेकार होता चला जाएगा नष्ट हो जाएगा तो अगर हमारे देश के अंदर नदिया नहीं होती तो आज हम इस मुकाम पर नहीं होते तो नदियों का सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण योगदान हमारे देश के अंदर आ है जल के स्तर से पूजा-पाठ के हिसाब से यह सब क्या है इस नदियों की वजह से आज हम सारे चर्चा में लोग आते जाते रहते हैं

jal hi jeevan hai jeevan ke bina sab soon hai bharat mein nadiyon ko isliye puja jata hai kyonki agar nadiya na hoti toh aaj hamara jeevan hai vaah hum ya is mukam par aaj nahi pohch paate kyonki hamara jeevan nasht ho jata kyonki jeevan mein agar aapko pata hai ki jal ki avashyakta hoti hai aur agar aapke sharir ko jail nahi milega toh aap phir aapka jeevan bekar hota chala jaega nasht ho jaega toh agar hamare desh ke andar nadiya nahi hoti toh aaj hum is mukam par nahi hote toh nadiyon ka sabse zyada mahatvapurna yogdan hamare desh ke andar aa hai jal ke sthar se puja path ke hisab se yah sab kya hai is nadiyon ki wajah se aaj hum saare charcha mein log aate jaate rehte hain

जल ही जीवन है जीवन के बिना सब सून है भारत में नदियों को इसलिए पूजा जाता है क्योंकि अगर नदि

Romanized Version
Likes  18  Dislikes    views  458
WhatsApp_icon
user

Mangal Patel

District Collector

0:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वीडियो हमें जान के लिए जल देती है तथा जीवन के रूप में जल प्रदान करती है उसकी नदियों का पानी कभी कम ना हो और जल के स्रोत के रूप में उपलब्ध

video hamein jaan ke liye jal deti hai tatha jeevan ke roop mein jal pradan karti hai uski nadiyon ka paani kabhi kam na ho aur jal ke srot ke roop mein uplabdh

वीडियो हमें जान के लिए जल देती है तथा जीवन के रूप में जल प्रदान करती है उसकी नदियों का पान

Romanized Version
Likes  35  Dislikes    views  519
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारतवर्ष संस्कृति प्रधान देश है इसलिए हम नदियों को पूछते हैं क्योंकि नदियां हमें जीवनदायिनी होती है हमारी प्यास बुझाती हैं हमारे पापों को सुधारते हैं नदी को मां का स्वरूप माना गया है इसलिए हम नदी की पूजा अर्चना करते हैं

bharatvarsh sanskriti pradhan desh hai isliye hum nadiyon ko poochhte hain kyonki nadiyan hamein jivanadayini hoti hai hamari pyaas bujhati hain hamare paapon ko sudharte hain nadi ko maa ka swaroop mana gaya hai isliye hum nadi ki puja archna karte hain

भारतवर्ष संस्कृति प्रधान देश है इसलिए हम नदियों को पूछते हैं क्योंकि नदियां हमें जीवनदायिन

Romanized Version
Likes  14  Dislikes    views  284
WhatsApp_icon
user
0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

होटल किनारा

hotel kinara

होटल किनारा

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  167
WhatsApp_icon
user
0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में नदियों को इसलिए भी पूजा जाता है क्योंकि नदियों के किनारे सबसे पहले लोगों ने रहना शुरू किया और लोग नदियों का उपयोग अपने जीवन में बहुत ज्यादा करते हैं इसलिए उस को सम्मान देने के लिए उसका पूजा किया जाता है धन्यवाद

bharat me nadiyon ko isliye bhi puja jata hai kyonki nadiyon ke kinare sabse pehle logo ne rehna shuru kiya aur log nadiyon ka upyog apne jeevan me bahut zyada karte hain isliye us ko sammaan dene ke liye uska puja kiya jata hai dhanyavad

भारत में नदियों को इसलिए भी पूजा जाता है क्योंकि नदियों के किनारे सबसे पहले लोगों ने रहना

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  83
WhatsApp_icon
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!