क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है?...


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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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ऐसे और सवाल
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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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sulekhayoga03

Yoga Teacher & health beauty expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है क्या आप बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है तो मरने के बाद क्या होता है अभी तक इंसान सिर्फ उतना ही जान पाया है जितना उसने पढ़ा है जितना उसने सीखा है देखा है तो मरने की बाल वाली इंसान हर इंसान वह कहानियां बताता है वह चीजें बताता जो उसने अक्सर पड़ी होती है कहीं ना कहीं किसी न किसी इंसान ने वह चीजें पड़ी होती है तो उस चीज को मानता है दूसरे के पास वह चाहिए बोलता है लेकिन एक्सेल में मरने के बाद होता क्या है किसी कोई पता नहीं है जो इंसान मरता है उसको ही पता चलता होगा कि मरने के बाद एक्सेल में होता क्या है इसकी मेरी तरफ से अभी तक किसी को जानकारी नहीं है कि मरने की बात क्या होता है इंसान को सिर्फ वही जानकारी है जो उसने पढ़ा है जो उसने पढ़ा है तो वह जरूरी नहीं कि सच हो थैंक यू

aapka question hai kya aap bata sakte hain ki marne ke baad kya hota hai toh marne ke baad kya hota hai abhi tak insaan sirf utana hi jaan paya hai jitna usne padha hai jitna usne seekha hai dekha hai toh marne ki baal wali insaan har insaan vaah kahaniya batata hai vaah cheezen batata jo usne aksar padi hoti hai kahin na kahin kisi na kisi insaan ne vaah cheezen padi hoti hai toh us cheez ko maanta hai dusre ke paas vaah chahiye bolta hai lekin excel me marne ke baad hota kya hai kisi koi pata nahi hai jo insaan marta hai usko hi pata chalta hoga ki marne ke baad excel me hota kya hai iski meri taraf se abhi tak kisi ko jaankari nahi hai ki marne ki baat kya hota hai insaan ko sirf wahi jaankari hai jo usne padha hai jo usne padha hai toh vaah zaroori nahi ki sach ho thank you

आपका क्वेश्चन है क्या आप बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है तो मरने के बाद क्या होता

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मरने के बाद शरीर तो यहीं छूट जाता है और हमारी आत्मा है बिल्कुल क्योंकि ईश्वर गांव से तो ईश्वर से जा करके मुलाकात करने के लिए जाती है और उसी में उसका लोप हो जाता है ईश्वर अंश जीव अविनाशी चेतन अमल सहज सुख राशि दोनों की पहचान से जीर्णानि यथा विहाय नमामि देवी नर्मदे तो किस प्रकार से शरीर कपड़ा पुराने गाने को त्याग देता है उसी प्रकार की आत्मा शरीर पुराना होने पर ब्याज देती है और वह सभी निर्जीव हो जाता है क्योंकि आत्मा अजर अमर अविनाशी है उसका विनाश नहीं होता तो ईश्वर के पास हो जाती है और जिस प्रकार से आपने यह कर्म किया क्योंकि कर्म करने का क्षेत्र जो आप ही का होता है जिस कारण मैं आप जाते हैं उस काम के हिसाब से आप उसका प्रतिफल मिलता है किस योनि में जाना है इसका निर्धारण वहां करके फिर आपको सुनने में भेज दिया जाए

marne ke baad sharir toh yahin chhut jata hai aur hamari aatma hai bilkul kyonki ishwar gaon se toh ishwar se ja karke mulakat karne ke liye jaati hai aur usi me uska lop ho jata hai ishwar ansh jeev avinashi chetan amal sehaz sukh rashi dono ki pehchaan se jirnani yatha vihay namami devi narmade toh kis prakar se sharir kapda purane gaane ko tyag deta hai usi prakar ki aatma sharir purana hone par byaj deti hai aur vaah sabhi nirjeev ho jata hai kyonki aatma ajar amar avinashi hai uska vinash nahi hota toh ishwar ke paas ho jaati hai aur jis prakar se aapne yah karm kiya kyonki karm karne ka kshetra jo aap hi ka hota hai jis karan main aap jaate hain us kaam ke hisab se aap uska pratiphal milta hai kis yoni me jana hai iska nirdharan wahan karke phir aapko sunne me bhej diya jaaye

मरने के बाद शरीर तो यहीं छूट जाता है और हमारी आत्मा है बिल्कुल क्योंकि ईश्वर गांव से तो ईश

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Akhil

Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी तीन मुख्य शरीर है स्थूल शरीर सुख में शरीर और कारण शरीर सभी विचार मंच सूक्ष्म शरीर का हिस्सा है और स्थूल शरीर में हड्डी मां से बना शरीर आता है कारण शरीर में सभी संस्कार हैं साधारण व्यक्ति जब मरता है तो केवल स्थूल शरीर बढ़ता है सूक्ष्म शरीर और कारण शरीर हड्डी बांस के बने ढांचे को छोड़कर एक नए शरीर की तलाश करते हैं यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कर्मों के संस्कार है जो व्यक्ति अपने सत्य स्वरूप को जान लेते हैं उनके सभी संस्करण संस्कार खत्म हो जाते हैं जिससे उनका 12 बार जन्म लेना बंद हो जाता है और वह ब्रह्म ज्ञानी ईश्वरी चेतना में विलीन हो जाते हैं आदि शंकराचार्य ने भज गोविंदम में लिखा है पुनरपि जननी पुनरपि मरणं पुनरपि जननी जठरे सनम यह संसार एक अनुदेशक सारे कृपया पारे पाही मुरारी बार-बार जन्म बार-बार मृत्यु बार-बार मां के गर्भ में शायद इस संसार से पार जा पाना बहुत कठिन है ईश्वर मुझे संसार को पार करने में मदद करें

hamari teen mukhya sharir hai sthool sharir sukh me sharir aur karan sharir sabhi vichar manch sukshm sharir ka hissa hai aur sthool sharir me haddi maa se bana sharir aata hai karan sharir me sabhi sanskar hain sadhaaran vyakti jab marta hai toh keval sthool sharir badhta hai sukshm sharir aur karan sharir haddi bans ke bane dhanche ko chhodkar ek naye sharir ki talash karte hain yah prakriya tab tak chalti hai jab tak karmon ke sanskar hai jo vyakti apne satya swaroop ko jaan lete hain unke sabhi sanskaran sanskar khatam ho jaate hain jisse unka 12 baar janam lena band ho jata hai aur vaah Brahma gyani ISHWARI chetna me vileen ho jaate hain aadi shankaracharya ne bhaj govindam me likha hai punarapi janani punarapi marnan punarapi janani jathare sanam yah sansar ek anudeshak saare kripya paare pahi murari baar baar janam baar baar mrityu baar baar maa ke garbh me shayad is sansar se par ja paana bahut kathin hai ishwar mujhe sansar ko par karne me madad kare

हमारी तीन मुख्य शरीर है स्थूल शरीर सुख में शरीर और कारण शरीर सभी विचार मंच सूक्ष्म शरीर का

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका पसंद है क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है देखिए कहीं ना कहीं अध्यात्म के बहुत गहरे प्रशन है और उनके उत्तर ऐसे नहीं समझा जा सकते इसके लिए पूरी तैयारी करनी पड़ती है आप केवल यही समझे कि इससे जीने में आप कहते हैं न निभा सकते हैं मरने के बाद क्या होगा उससे पहले जीने में क्या-क्या हो सकता है हम अपने जीवन में क्या-क्या पा सकते हैं उस पर हमें ध्यान देना है धन्यवाद

namaskar aapka pasand hai kya aap bata sakte hain marne ke baad kya hota hai dekhiye kahin na kahin adhyaatm ke bahut gehre prashn hai aur unke uttar aise nahi samjha ja sakte iske liye puri taiyari karni padti hai aap keval yahi samjhe ki isse jeene me aap kehte hain na nibha sakte hain marne ke baad kya hoga usse pehle jeene me kya kya ho sakta hai hum apne jeevan me kya kya paa sakte hain us par hamein dhyan dena hai dhanyavad

नमस्कार आपका पसंद है क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है देखिए कहीं ना कहीं अध्य

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है लेकिन मृत्यु के बाद का जीवन तो मैंने अनुभव नहीं किया है और शायद ही कोई व्यक्ति संसार में हो जिसने उसका अनुभव किया होगा जो इस संसार में होता है वह जो बता सकते हैं कि आपने जो भी करने दुनिया में करें होते हैं चाहे वह अच्छे सत्कर्म हो या बुरे कर्म हो उसका कोडिंग ही लोग बाग आपको जज करते हैं आपके बारे में बातें बनाई जाती हैं अगर आपने हद कम करें होते हैं तो आपको प्रशंसा होती है लोग मरने के बाद भी आपको याद करते हैं आपको फॉलो करने की बातें करते हैं और अगर आपने बुरे कर्म कर रहे होते हैं तो लोग आपको यहां पर गालियां बक रहे होते हैं और यह कह रहे होते हैं कि ऐसे कर्म करे थे तो यही नतीजा होना था तो जो भी आप इस संसार में कार्य करते हैं जिस प्रकार के भाव से करते हैं उसी को लोग यहां पर दुनिया वाले याद करते हैं हमें शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

aapka prashna kya bata sakte hain marne ke baad kya hota hai lekin mrityu ke baad ka jeevan toh maine anubhav nahi kiya hai aur shayad hi koi vyakti sansar me ho jisne uska anubhav kiya hoga jo is sansar me hota hai vaah jo bata sakte hain ki aapne jo bhi karne duniya me kare hote hain chahen vaah acche satkarm ho ya bure karm ho uska coding hi log bagh aapko judge karte hain aapke bare me batein banai jaati hain agar aapne had kam kare hote hain toh aapko prashansa hoti hai log marne ke baad bhi aapko yaad karte hain aapko follow karne ki batein karte hain aur agar aapne bure karm kar rahe hote hain toh log aapko yahan par galiya buke rahe hote hain aur yah keh rahe hote hain ki aise karm kare the toh yahi natija hona tha toh jo bhi aap is sansar me karya karte hain jis prakar ke bhav se karte hain usi ko log yahan par duniya waale yaad karte hain hamein subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

आपका प्रश्न क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है लेकिन मृत्यु के बाद का जीवन तो मैंन

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Loan Guru

Financial Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है बहुत ही मार्मिक सवाल है क्या बन सकते हैं मरने के बाद क्या होता है वैसे तो यह सभी धर्म अलग-अलग बताया गया है हिंदू को मुसलमान बताया है लेकिन मैं इंद्र गणेश बताता हूं आपको क्या होता है मृत्यु के उपरांत हमारी आत्मा बॉडी को छोड़ देती है और कई बार मुंह के कारण वह बॉडी को नहीं छोड़ती वहीं आसपास घूमती रहती है कई बार तो शरीर में ही बैठी रहती है सही तंत्र रहती है मरने के उपरांत भी और जो अच्छी आत्मा होती हैं जो भी जानती है कि मुंह नहीं है संसार में हमारा ठिकाना नहीं है यहां पर को आत्मा पशुधन को चली जाती है आत्मा शरीर को छोड़कर अपने प्रधान के लिए अनलिमिटेड भरवा हाथ में नहीं जाती है उसको अधिक मूल्यवान लेता है और क्रिया कर्म करे जाते हैं कि उसको पूरी तरह नष्ट कर देता है उसकी जो खाली होती से जल्द समाज का रिजल्ट है जिसका मोहन राय चाहिए थी और उसका अगर बताएं बता क्या कर मुंह रहता है कोई दिन के लिए तो सुना ही होगा आपने कि घर में रहती है वह आत्महत्या दिन था उसके बाद के लिए कर्म करके पूजा पाठ करके उनको समझाया जाता है उसके अलावा भी आपने देखा होगा कि उनकी आत्मा सिद्धि के लिए हम लोग इलाहाबाद ले जाते हैं अपनी हस्तियों को प्रयागराज ले जाते हैं जिससे कि उनको मुक्ति प्राप्त हो सके उसके अलावा फिर गंगाजल पूजन वगैरह की जाती है यह हमारी प्रतिक्रिया से की आत्मा को वास्तव में लगे कि मुझे अब इन लोगों ने विदा कर दिया है अब मुझे अपने स्वभाव को चलना चाहिए तब आत्मा फिर यहां से निकलकर अपने लोगों पर भी तरफ का रास्ता तय करती है उसके द्वारा छात्रों ने जैसे कर्म करे होंगे इस चीज के द्वारा उसे आपसे उस आत्मा को शरीर में दर्द रहता है जिस प्रकार से आपने गलत काम करेंगे तो आपको हो सकता है कि रे मकोड़ों की जिंदगी जीना पड़े साथ ही जिंदगी जीना पड़े अजनबी जिंदगी जीना पड़े आपको सर भी मिल सकता है कुछ समय के लिए उसके बाद सुख भोगने के बाद आपको दोबारा फिर मनुष्य लोगों में लिख भी दिया जाता है इस प्रकार को दुनिया घूमती रहती है ऊपर नहीं चाहती है और अनंत ही अच्छे कर्म करे हैं अगर उसने अपने जीते जी आदमी के अंदर लिए पर्वतों को जान लिया है तो वह 100 धाम में चल जाती पर्वतों में जाकर मिला हो जाती है और उसका कभी दोबारा जन्म नहीं होता अगर उसने काफी गलत काम करें हैं तांत्रिक क्रिया करिए तो कई बार को भूत चुड़ैल जिंद प्रसाद जैसी योनि में भी जाना पड़ सकता है अच्छे कर्म मस्त देवयानी मिल जाती है देवियों का विटहलापुर बताई लो कर सकते हैं इस प्रकार जैसे कर्म करोगे आप इस प्रकार से आपकी आत्मा को चली आती

aapka sawaal hai bahut hi marmik sawaal hai kya ban sakte hain marne ke baad kya hota hai waise toh yah sabhi dharm alag alag bataya gaya hai hindu ko musalman bataya hai lekin main indra ganesh batata hoon aapko kya hota hai mrityu ke uprant hamari aatma body ko chhod deti hai aur kai baar mooh ke karan vaah body ko nahi chhodatee wahi aaspass ghoomti rehti hai kai baar toh sharir me hi baithi rehti hai sahi tantra rehti hai marne ke uprant bhi aur jo achi aatma hoti hain jo bhi jaanti hai ki mooh nahi hai sansar me hamara thikana nahi hai yahan par ko aatma pashudhan ko chali jaati hai aatma sharir ko chhodkar apne pradhan ke liye unlimited bharava hath me nahi jaati hai usko adhik mulyavan leta hai aur kriya karm kare jaate hain ki usko puri tarah nasht kar deta hai uski jo khaali hoti se jald samaj ka result hai jiska mohan rai chahiye thi aur uska agar bataye bata kya kar mooh rehta hai koi din ke liye toh suna hi hoga aapne ki ghar me rehti hai vaah atmahatya din tha uske baad ke liye karm karke puja path karke unko samjhaya jata hai uske alava bhi aapne dekha hoga ki unki aatma siddhi ke liye hum log allahabad le jaate hain apni hastiyon ko prayagraj le jaate hain jisse ki unko mukti prapt ho sake uske alava phir gangajal pujan vagera ki jaati hai yah hamari pratikriya se ki aatma ko vaastav me lage ki mujhe ab in logo ne vida kar diya hai ab mujhe apne swabhav ko chalna chahiye tab aatma phir yahan se nikalkar apne logo par bhi taraf ka rasta tay karti hai uske dwara chhatro ne jaise karm kare honge is cheez ke dwara use aapse us aatma ko sharir me dard rehta hai jis prakar se aapne galat kaam karenge toh aapko ho sakta hai ki ray makodo ki zindagi jeena pade saath hi zindagi jeena pade ajnabee zindagi jeena pade aapko sir bhi mil sakta hai kuch samay ke liye uske baad sukh bhogane ke baad aapko dobara phir manushya logo me likh bhi diya jata hai is prakar ko duniya ghoomti rehti hai upar nahi chahti hai aur anant hi acche karm kare hain agar usne apne jeete ji aadmi ke andar liye parwaton ko jaan liya hai toh vaah 100 dhaam me chal jaati parwaton me jaakar mila ho jaati hai aur uska kabhi dobara janam nahi hota agar usne kaafi galat kaam kare hain tantrika kriya kariye toh kai baar ko bhoot chudail jind prasad jaisi yoni me bhi jana pad sakta hai acche karm mast devayani mil jaati hai deviyon ka vitahalapur batai lo kar sakte hain is prakar jaise karm karoge aap is prakar se aapki aatma ko chali aati

आपका सवाल है बहुत ही मार्मिक सवाल है क्या बन सकते हैं मरने के बाद क्या होता है वैसे तो यह

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दीदी आपका प्रश्न है क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है तो देखो भाई मरने के बाद क्या होता है यह तो बताना बहुत मुश्किल है क्योंकि जो व्यक्ति मर जाता है उसका जीवन खत्म हो जाता है वह तो बताने के लिए शेष नहीं रहता है यह तो मरने के बाद ही मालूम पड़ता है मरने के बाद क्या होता है हां कुछ से हम लोगों ने पुनर्जन्म की कहानियां बड़ी होती है जिसमें कोई व्यक्ति को दूसरे जन्म लेने के बाद अपने पूर्व जन्म की स्मृतियां याद रहती हैं चापाकल की शक्ल कीमत याद रहती है कुछ नहीं सकता है लखनऊ में ज्योति के साथ ऐसा होता है तो वह पुनर्जन्म की कहानियां बताता है उसे मालूम पड़ता है कि मरने के बाद क्या होता है लेकिन यह जीवन में कम घटित होते ही इस तरह करना है वह व्यक्ति बताता है वह बच्चा बताता है कि मेरे सनम जगह पर संबंधी मेरे माता-पिता की जगह रहते हैं बताता है कि मैं रुक पूछते हैं तो बताता है कि मैंने प्रसंग पड़ी है कि मेरे ख्याल से मरने के बाद मेरी आत्मा जो है एक अंधेरी रास्ते में एक अंधेरी सुरंग से होकर निकल रही है निकलती है और उसके बाद में मैं बहुत देर बाद में ही प्रकाश चमकने लगता है और हमारी आत्मा तक उतर जाती है और भगवान चित्रगुप्त उसके कर्मों के हिसाब से जन्म का निर्धारण करते हैं इस तरह की कहानियां मैंने पढ़ी है

didi aapka prashna hai kya aap bata sakte hain marne ke baad kya hota hai toh dekho bhai marne ke baad kya hota hai yah toh batana bahut mushkil hai kyonki jo vyakti mar jata hai uska jeevan khatam ho jata hai vaah toh batane ke liye shesh nahi rehta hai yah toh marne ke baad hi maloom padta hai marne ke baad kya hota hai haan kuch se hum logo ne punarjanm ki kahaniya badi hoti hai jisme koi vyakti ko dusre janam lene ke baad apne purv janam ki smritiyan yaad rehti hain chapakal ki shakl kimat yaad rehti hai kuch nahi sakta hai lucknow me jyoti ke saath aisa hota hai toh vaah punarjanm ki kahaniya batata hai use maloom padta hai ki marne ke baad kya hota hai lekin yah jeevan me kam ghatit hote hi is tarah karna hai vaah vyakti batata hai vaah baccha batata hai ki mere sanam jagah par sambandhi mere mata pita ki jagah rehte hain batata hai ki main ruk poochhte hain toh batata hai ki maine prasang padi hai ki mere khayal se marne ke baad meri aatma jo hai ek andheri raste me ek andheri surang se hokar nikal rahi hai nikalti hai aur uske baad me main bahut der baad me hi prakash chamakane lagta hai aur hamari aatma tak utar jaati hai aur bhagwan chitragupt uske karmon ke hisab se janam ka nirdharan karte hain is tarah ki kahaniya maine padhi hai

दीदी आपका प्रश्न है क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है तो देखो भाई मरने के बाद

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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प्रश्न की क्या बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है मरने के बाद इंसान की जिंदगी में फिर से आत्मा के नए घर में प्रवेश करने के बाद जहां भी आत्मा जिस शरीर में प्रवेश करती है उसी प्रकार से समझ प्रथम चरण से उनके गांवों को जोड़ना चाहिए उससे पहले उसने चौराहे पर आत्मा जहां जिस घर को छोड़कर आएंगे उस घर में उस आत्मा की जाने के बाद कुछ लोग दुख में नाचे और कुछ लोग उन लोगों को भूल जाते हैं और अपनी जिंदगी को प्रतिदिन की दिनचर्या में लगा देते कुछ अच्छाइयों पर शोक मनाते हैं दुखी होते हैं कुछ लोग 5 वर्ष कुचामन आते हैं जो इस जीवन में हुआ है आत्मा शरीर त्यागने के बाद नए घर में कोशिश क्रियाओं के ज्ञान को धोना चाहिए जो उसने पहले दोनों

prashna ki kya bata sakte hain ki marne ke baad kya hota hai marne ke baad insaan ki zindagi me phir se aatma ke naye ghar me pravesh karne ke baad jaha bhi aatma jis sharir me pravesh karti hai usi prakar se samajh pratham charan se unke gaon ko jodna chahiye usse pehle usne chauraahe par aatma jaha jis ghar ko chhodkar aayenge us ghar me us aatma ki jaane ke baad kuch log dukh me nache aur kuch log un logo ko bhool jaate hain aur apni zindagi ko pratidin ki dincharya me laga dete kuch acchhaiyon par shok manate hain dukhi hote hain kuch log 5 varsh kuchaman aate hain jo is jeevan me hua hai aatma sharir tyaagane ke baad naye ghar me koshish kriyaon ke gyaan ko dhona chahiye jo usne pehle dono

प्रश्न की क्या बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है मरने के बाद इंसान की जिंदगी में फ

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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क्या बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है व्यक्ति के मरने के बाद में उसका पुनर्जन्म हुआ करता है वह किस तरीके से जन्म होगा और कैसे जन्म होगा और किस योनि में जन्म होगा इसका निर्धारण भगवान किया करते हैं

kya bata sakte hain ki marne ke baad kya hota hai vyakti ke marne ke baad me uska punarjanm hua karta hai vaah kis tarike se janam hoga aur kaise janam hoga aur kis yoni me janam hoga iska nirdharan bhagwan kiya karte hain

क्या बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है व्यक्ति के मरने के बाद में उसका पुनर्जन्म हु

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:24
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प्रकृति का अध्यान

prakriti ka adhyan

प्रकृति का अध्यान

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

1:17

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है जी हां आध्यात्मिक और धर्म के हिसाब से देखा जाए तो मरने के बाद इंसान की बॉडी जलाई दी जाती है ओके दफन की जाती है यह दो चीज होता है हिंदू मुसलमान में और खुशी और आत्मा होती है ऊपर वाले के पास जो अच्छे काम किए सॉरी बुरी कम के संदर्भ में जाती है ओके और अच्छा काम किया तो फरिश्ते ले जाते बुरा काम किया जल्लाद ले जाते हैं ऐसा भी बोला जाता है ठीक है सुमेश आता जाता है कि अच्छा काम किया है अच्छी आत्मा है पवित्र आत्मा है तू और बनती है उनको यीशु भगवान अच्छे सकते हैं अध्यात्मिक संस्कृत सब से देखा जाए तो मरने के बाद जब ट्रेन लेट हो जाता है इंसान टाइट हो जाता है और बॉडी चलाई जाती है पाठ सोते वह किसी जरूरतमंद को लगाए जाते हैं हॉस्पिटल में भी दी जाती है डोनेट करते हैं ओके गुड नाइट

kya bata sakte hain marne ke baad kya hota hai ji haan aadhyatmik aur dharm ke hisab se dekha jaaye toh marne ke baad insaan ki body jalai di jaati hai ok dafan ki jaati hai yah do cheez hota hai hindu muslim mein aur khushi aur aatma hoti hai upar waale ke paas jo acche kaam kiye sorry buri kam ke sandarbh mein jaati hai ok aur accha kaam kiya toh farishte le jaate bura kaam kiya jallad le jaate hain aisa bhi bola jata hai theek hai sumesh aata jata hai ki accha kaam kiya hai achi aatma hai pavitra aatma hai tu aur banti hai unko yeshu bhagwan acche sakte hain adhyatmik sanskrit sab se dekha jaaye toh marne ke baad jab train late ho jata hai insaan tight ho jata hai aur body chalai jaati hai path sote vaah kisi jaruratmand ko lagaye jaate hain hospital mein bhi di jaati hai donate karte hain ok good night

क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है जी हां आध्यात्मिक और धर्म के हिसाब से देखा जाए

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Vikas Singh

Political Analyst

2:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है मैं आपको बताना चाहता हूं कि दुनिया में कोई व्यक्ति नहीं बता सकता है कि मरने के बाद क्या होता है लेकिन हमारा शास्त्र कहता है हमारा गीता कहता है हमारा धर्म कहता है और स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने गीता में बोला है कि मरने के बाद आत्मा एक शरीर से निकलती है और दूसरे शरीर में प्रवेश कर जाती है आत्मा ना तो मरती है ना कोई काट सकता है उसको ना कोई जला सकता है और ना उसे कोई किसी माध्यम से खत्म कर सकता है आत्मा अमर है और आत्मा परमात्मा में विलीन भी हो जाती है अगर आपने अच्छा कर्म किया है तो भगवान श्री नारायण अपने श्री चरणों में आपको अस्थान देंगे यह जो जीव मृत्यु का सिस्टम है यह सिस्टम खत्म हो जाएगा लेकिन बहुत कम लोग ही जीवन मृत्यु के सिस्टम से बाहर निकल पाते हैं क्योंकि वह इतना गलत काम कर देते हैं कि उनकी आत्मा को लाखों करोड़ों बार जन्म लेना ही पड़ता है देखिए हम लोगों का जन्म मनुष्य का जन्म हुआ है कई लाख कई करोड़ बार हम लोगों ने कीड़े मकोड़े जानवर और भी बहुत सारे योनियों में जन्म लिया होगा उसके बाद हमें मनुष्य का जन्म मिला है अब मनुष्य का जन्म इसलिए मिला है कि हम कुछ अच्छा कर्म करें और जीवन मृत्यु के सिस्टम से बाहर निकल कर अपनी आत्मा को भगवान के श्री चरणों में स्थान दिलवा सके तो भगवान श्री नारायण अपने श्री चरणों में आपको अस्थान कब देंगे जब आप अच्छा कर्म करेंगे जब अच्छा कर्म करेंगे तो यह जीवन मृत्यु का सिस्टम ही खत्म हो जाएगा आपकी आत्मा के लिए आपको फिर दूसरा शरीर धारण नहीं करना होगा तो इसलिए आप सभी लोगों से निवेदन है आप लोग अच्छा कर्म करिए और जीवन में इतना बेहतर और इतना अच्छा कर्म करिए कि आप जीवन मृत्यु के सिस्टम से बाहर निकल सकें और भगवान के चरणों में आपको स्थान मिल सके और आपकी आत्मा अजर अमर हो सके धन्यवाद

aapka sawaal hai kya bata sakte hain marne ke baad kya hota hai aapko bataana chahta hoon ki duniya mein koi vyakti nahi bata sakta hai ki marne ke baad kya hota hai lekin hamara shastra kahata hai hamara geeta kahata hai hamara dharm kahata hai aur swayam bhagwan shri krishna ne geeta mein bola hai ki marne ke baad aatma ek sharir se nikalti hai aur dusre sharir mein pravesh kar jaati hai aatma na toh marti hai na koi kaat sakta hai usko na koi jala sakta hai aur na use koi kisi madhyam se khatam kar sakta hai aatma amar hai aur aatma paramatma mein vileen bhi ho jaati hai agar aapne accha karm kiya hai toh bhagwan shri narayan apne shri charno mein aapko asthan denge yah jo jeev mrityu ka system hai yah system khatam ho jaega lekin bahut kam log hi jeevan mrityu ke system se bahar nikal paate hain kyonki vaah itna galat kaam kar dete hain ki unki aatma ko laakhon karodo baar janam lena hi padta hai dekhiye hum logo ka janam manushya ka janam hua hai kai lakh kai crore baar hum logo ne keedein makode janwar aur bhi bahut saare yoniyon mein janam liya hoga uske baad hamein manushya ka janam mila hai ab manushya ka janam isliye mila hai ki hum kuch accha karm kare aur jeevan mrityu ke system se bahar nikal kar apni aatma ko bhagwan ke shri charno mein sthan dilwa sake toh bhagwan shri narayan apne shri charno mein aapko asthan kab denge jab aap accha karm karenge jab accha karm karenge toh yah jeevan mrityu ka system hi khatam ho jaega aapki aatma ke liye aapko phir doosra sharir dharan nahi karna hoga toh isliye aap sabhi logo se nivedan hai aap log accha karm kariye aur jeevan mein itna behtar aur itna accha karm kariye ki aap jeevan mrityu ke system se bahar nikal sake aur bhagwan ke charno mein aapko sthan mil sake aur aapki aatma ajar amar ho sake dhanyavad

आपका सवाल है क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है मैं आपको बताना चाहता हूं कि दुनिया

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

1:11
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जब से मनुष्य की प्रज्ञा का विकास हुआ है तब से मनुष्य जीवन और मृत्यु के रहस्यों को समझने की कोशिश करता आया है यह बात तो भविष्य के गर्त में ही है कि मरने के बाद क्या होगा क्योंकि बिना मरे इसे जाना नहीं जा सकता और जो जीवित है इसके बारे में केवल अनुमान ही लगा सकते हैं वैसे भिन्न भिन्न धर्मों में इस तरह की अवधारणाएं की गई हैं कि मरने के पश्चात क्या होगा हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार व्यक्ति को अपने कर्मों के आधार पर पुनर्जीवन प्राप्त होता है उसे उसके कर्मों के आधार पर दंडित किया पुरस्कृत भी किया जाता है व्यक्ति मुक्ति पा सकता है जीवन के आवागमन के चक्र से छूट जाता है इस्लाम धर्म के अनुसार सारे लोग कब्र में कयामत की प्रतीक्षा कर रहे हैं जिस दिन उनका हिसाब होगा उन्हें जीवित किया जाएगा और उन्हें उनके पापों का दंड दिया जाएगा इसी तरह से भिन्न भिन्न धर्मों में भिन्न-भिन्न अवधारणाएं हैं व्यक्ति अपने विश्वास के आधार पर उनका मन करता है चिंतन करता है उन पर विश्वास करता है

jab se manushya ki pragya ka vikas hua hai tab se manushya jeevan aur mrityu ke rahasyon ko samjhne ki koshish karta aaya hai yah baat toh bhavishya ke gart mein hi hai ki marne ke baad kya hoga kyonki bina mare ise jana nahi ja sakta aur jo jeevit hai iske bare mein keval anumaan hi laga sakte hain waise bhinn bhinn dharmon mein is tarah ki avdharnaen ki gayi hain ki marne ke pashchat kya hoga hindu dharm ki manyata ke anusaar vyakti ko apne karmon ke aadhaar par punarjeewan prapt hota hai use uske karmon ke aadhaar par dandit kiya puraskrit bhi kiya jata hai vyakti mukti paa sakta hai jeevan ke aavagaman ke chakra se chhut jata hai islam dharm ke anusaar saare log kabr mein qayaamat ki pratiksha kar rahe hain jis din unka hisab hoga unhe jeevit kiya jaega aur unhe unke paapon ka dand diya jaega isi tarah se bhinn bhinn dharmon mein bhinn bhinn avdharnaen hain vyakti apne vishwas ke aadhaar par unka man karta hai chintan karta hai un par vishwas karta hai

जब से मनुष्य की प्रज्ञा का विकास हुआ है तब से मनुष्य जीवन और मृत्यु के रहस्यों को समझने की

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Karan Janwa

Automobile Engineer

3:07
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जब इंसान मर जाता है तो सबसे पहले उसकी सारी इंडिया काम करना बंद कर देती है इसके साथ देगा वह भी बंद हो जाती फिर उसके बाद शरीर में रक्त का प्रवाह बंद रहता है फिर काम करना बंद कर देता है कि करते-करते अपना काम करना बंद कर देते हैं बड़े टेंपरेचर रहता है और जब से सभी अंगों ने काम करना बंद कर देते हैं अपने शरीर से अपनी आत्मा या फिर अपना सूक्ष्म शरीर को अपने ब्रह्मरंध्र से नाक से अपने कर्मों के अनुसार निकलता है तो अच्छे कर्म करने वालों का आत्मा नाक से या फिर अपनी आंखों से या फिर कांत से निकलती है और बुरे काम करने वालों के लिए उनकी आत्मा एक शरीर के दूसरे क्षेत्रों से नाभिक से या फिर गुप्त अंगो से जननांग से उनसे उनकी आत्मा निकलती है और जब आत्मा शरीर से निकल जाती बार मतलब सूक्ष्म शरीर आत्मा से बाहर निकल जाता है तो थोड़ा टाइम तो वह बाहरी घूमता रहता है जबकि मृत्यु हुई थी तो उसमें सभी परिजनों को देखता है वह अपने खुद की आत्मा को मतलब खुद की डेड बॉडी को देखता है डेड बॉडी को देखने के बाद उसको लगता है कि हर एक सपने की तरह जब हम मर जाते हैं तो हमारा शरीर खुद खुद खुद किए देते यार यह तो इतना ही था तुम्हारे सारे कर्म हमें एक एक करके याद आने लगते हैं मैंने किस स्टेट में फेसबुक में दिखाई देने लगती है और टाइम पास जाते हो जाती है तो आपके पास बहुत सारी एक्सपीरियंस है तो नहीं होती हम और विष्णु पुराण में और गरुड़ गरुड़ पुराण में मृत्यु के बारे में विस्तृत विस्तार से लिखा गया है कि यमराज जाते हैं उनके अच्छे बुरे कर्म के अनुसार उनको स्वर्ग और नर्क अच्छे कर्म करते हम कुछ और अधिकार होता है और जो बुरे काम करता हमको नहीं पड़ती है

jab insaan mar jata hai toh sabse pehle uski saree india kaam karna band kar deti hai iske saath dega vaah bhi band ho jaati phir uske baad sharir mein rakt ka pravah band rehta hai phir kaam karna band kar deta hai ki karte karte apna kaam karna band kar dete hain bade temperature rehta hai aur jab se sabhi angon ne kaam karna band kar dete hain apne sharir se apni aatma ya phir apna sukshm sharir ko apne brahmarandhra se nak se apne karmon ke anusaar nikalta hai toh acche karm karne walon ka aatma nak se ya phir apni aankho se ya phir kaant se nikalti hai aur bure kaam karne walon ke liye unki aatma ek sharir ke dusre kshetro se nabhik se ya phir gupt angon se jannang se unse unki aatma nikalti hai aur jab aatma sharir se nikal jaati baar matlab sukshm sharir aatma se bahar nikal jata hai toh thoda time toh vaah bahri ghoomta rehta hai jabki mrityu hui thi toh usme sabhi parijanon ko dekhta hai vaah apne khud ki aatma ko matlab khud ki dead body ko dekhta hai dead body ko dekhne ke baad usko lagta hai ki har ek sapne ki tarah jab hum mar jaate hain toh hamara sharir khud khud khud kiye dete yaar yah toh itna hi tha tumhare saare karm hamein ek ek karke yaad aane lagte hain maine kis state mein facebook mein dikhai dene lagti hai aur time paas jaate ho jaati hai toh aapke paas bahut saree experience hai toh nahi hoti hum aur vishnu puran mein aur garuda garuda puran mein mrityu ke bare mein vistrit vistaar se likha gaya hai ki yamraj jaate hain unke acche bure karm ke anusaar unko swarg aur nark acche karm karte hum kuch aur adhikaar hota hai aur jo bure kaam karta hamko nahi padti hai

जब इंसान मर जाता है तो सबसे पहले उसकी सारी इंडिया काम करना बंद कर देती है इसके साथ देगा वह

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Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

1:07
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आपका प्रश्न है कि मरने के बाद क्या होता है हमारा शरीर नष्ट हो जाता है और हमारी आत्मा बाहर आ जाती है और अपने कर्मों के हिसाब से हमें अगला जन्म मिलता है हमारी आत्मा एक नया रूप एक नया शरीर धारण करती है सबकुछ कर्मों के हिसाब से होता है कि आपने जैसे इस जन्म में कर्म किए उस हिसाब से ही आपको अगले जन्म मिलेगा तो यही चलता आ रहा है नियंत निरंतर यही साइकिल चलती आ रही हम जन्म लेते हैं कर्मों के हिसाब से हमें अगला जन्म मिलता है फिर हम अगला जन्म लेते हैं जितने अच्छे अच्छे हम कर्म करते चले जाएंगे उसके हिसाब से हमारी अगला जन्म निर्धारित होता है कि कितना अच्छा मिलेगा कितना सुकून मिलेगा कितने शांति मिलेगी और अंत मोक्ष की प्राप्ति है जिसके लिए हमें प्रयासरत रहना ही चाहिए धन्यवाद

aapka prashna hai ki marne ke baad kya hota hai hamara sharir nasht ho jata hai aur hamari aatma bahar aa jaati hai aur apne karmon ke hisab se hamein agla janam milta hai hamari aatma ek naya roop ek naya sharir dharan karti hai sabkuch karmon ke hisab se hota hai ki aapne jaise is janam mein karm kiye us hisab se hi aapko agle janam milega toh yahi chalta aa raha hai niyant nirantar yahi cycle chalti aa rahi hum janam lete hain karmon ke hisab se hamein agla janam milta hai phir hum agla janam lete hain jitne acche acche hum karm karte chale jaenge uske hisab se hamari agla janam nirdharit hota hai ki kitna accha milega kitna sukoon milega kitne shanti milegi aur ant moksha ki prapti hai jiske liye hamein prayasarat rehna hi chahiye dhanyavad

आपका प्रश्न है कि मरने के बाद क्या होता है हमारा शरीर नष्ट हो जाता है और हमारी आत्मा बाहर

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:39
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प्रश्न है कि क्या आप बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है कोई नहीं बता सकता कि मरने के बाद क्या होता है क्योंकि जो भी आपको करना है इस जिंदगी में कर ले क्योंकि जिंदगी मिले ना तुम्हारा इसीलिए क्या किया कोई बताता भी आने के बाद झूठी बातें ऐसा कुछ होता नहीं कि मरने के बाद क्या होता कोई नहीं जानता कि मरने के बाद तो जानते हैं कि मरने के बाद हमारा शरीर मिट्टी मिट्टी हमारे जीवन का रहस्य

prashna hai ki kya aap bata sakte hain ki marne ke baad kya hota hai koi nahi bata sakta ki marne ke baad kya hota hai kyonki jo bhi aapko karna hai is zindagi mein kar le kyonki zindagi mile na tumhara isliye kya kiya koi batata bhi aane ke baad jhuthi batein aisa kuch hota nahi ki marne ke baad kya hota koi nahi jaanta ki marne ke baad toh jante hain ki marne ke baad hamara sharir mitti mitti hamare jeevan ka rahasya

प्रश्न है कि क्या आप बता सकते हैं कि मरने के बाद क्या होता है कोई नहीं बता सकता कि मरने के

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Dr Sampadananda Mishra

Sanskrit scholar, Author, Director, Sri Aurobindo Foundation for Indian Culture

4:55
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मरने के बाद क्या होता है बहुत सारे लोग मृत्यु का भय करते हैं डरते हैं हमारे शास्त्रों में मृत्यु को एक का उत्सव के रूप में देखा जाता है मृत्यु महोत्सव क्या होता है हम समझे कि जो मानव शरीर है शरीर मन और आत्मा चार मुख्य तत्व हम देखते हैं मृत्यु के बाद शरीर जो है यह पांच भूतों के शरीर है वो पंचभूत में विलीन हो जाता है शरीर पंचभूत में विलीन हो जाता है प्राण जो है जो प्राणिक चेतना है प्राणिक जगत में विलीन हो जाता है यह एक सूक्ष्म प्राणी की इस में विलीन हो जाता है मन जो है मन का अपना जगत है और मन के जगत को हम स्वर्ग भी मानते हैं तो मन अपने मन की जगत में जो मेंटल वर्ल्ड उस में विलीन हो जाता है और आत्मा अपने आर्थिक जगत जो है जो साइकिक वर्ल्ड है तो उसमें जाकर रहता है तो मरने के बाद यह होता है ऐसा समझ हमको जो उपनिषदों में जो शास्त्रों में विषयों की जो उपलब्धि है जिसे वर्णन किस प्रकार का जो सवाल है यह सवाल पूछा गया था स्वयं युवराज को नचिकेता ने की मृत्यु के बाद क्या होता है तो इसका विशाल और विस्तार रूप से उत्तर है कुछ हद तक जो उत्तर है उनको कठोपनिषद में मिलता है या मन नचिकेता के संवाद जो श्रद्धालु है पाठक लोग हैं वह कठोपनिषद का थोड़ा अध्ययन करें और इस ज्ञान को बढ़ाने के लिए मैंने बताया एक सरल रूप से हम उसको अगर समझना चाहे तो इसी प्रकार यह होता है मृत्यु के बाद शरीर पंचतत्व में विलीन हो जाता है प्रांतिक जगत में जाता है मन मन के जगह पर जाता है और अपने साथ सारे और लोगों को इकट्ठा करके फिर आपने कि जगत में जाता है एक आत्मा है कितनी प्रगति हुई है वह साधना का जितना विकास हुआ है और जो कुछ अनुभवों को इकट्ठा करके साथ में लेते हैं तो उसके अंदर भी यह अभिलाषा है कि आगे इस रूप में जन्म ले सकता है कहां जन्म ले सकता है ज्यादातर होता है जो विकसित होते हैं एक काम सिर्फ एक शरीर को नया शरीर को धारण करना कहां से कर पाता है और विकसित आत्माएं होती है कहीं भी पैदा हो जाता है और किसी भी स्थिति में पैदा हो जाता है कभी पैसा आ जाते हैं तो कहते हैं तू अपने आप फिर करते इसीलिए तो बहुत सारे ऐसे महान आत्माएं हैं जो अभी भी चाहते हैं कि कहां पैदा हो सकते हैं जन्म ले सकते हैं और किस अस्तित्व उसके लिए कोई विशेष क्षेत्र की क्षेत्र को समय वह जो क्लाइमेट सही रहता है तब वह जाकर को एक शरीर को धारण करने की विशेषता वहां पर है उसको देखें और अपने जो जगत में है उसका निर्वाह करते हैं तो यह है एक साधारण रूप से हम अगर समझना चाहिए कि क्या होता है मृत्यु के बाद पुलिस पर बहुत सारे शास्त्र हमारे से और बहुत सारे लोग इस पर शोध भी किए हैं और बहुत सारे जो अध्यात्म गुरु है तो उन लोगों ने भी बहुत विचार विमर्श किया है कहां हो जिसे मैं कठोपनिषद के बारे में मुझे बताया इस उपनिषद की जितनी बचाएंगे भाषा को भी पढ़ सकते हैं उनके बारे में इस विषय के बारे में जिन लोगों ने लिखा है वह भी पढ़ सकते हैं थोड़ा बहुत जो मैंने बताया पहले तू होता है मृत्यु के बाद

marne ke baad kya hota hai bahut saare log mrityu ka bhay karte hain darte hain hamare shastron mein mrityu ko ek ka utsav ke roop mein dekha jata hai mrityu mahotsav kya hota hai hum samjhe ki jo manav sharir hai sharir man aur aatma char mukhya tatva hum dekhte hain mrityu ke baad sharir jo hai yah paanch bhooton ke sharir hai vo panchabhut mein vileen ho jata hai sharir panchabhut mein vileen ho jata hai praan jo hai jo pranika chetna hai pranika jagat mein vileen ho jata hai yah ek sukshm prani ki is mein vileen ho jata hai man jo hai man ka apna jagat hai aur man ke jagat ko hum swarg bhi maante hain toh man apne man ki jagat mein jo mental world us mein vileen ho jata hai aur aatma apne aarthik jagat jo hai jo psychic world hai toh usme jaakar rehta hai toh marne ke baad yah hota hai aisa samajh hamko jo upnishadon mein jo shastron mein vishyon ki jo upalabdhi hai jise varnan kis prakar ka jo sawaal hai yah sawaal poocha gaya tha swayam yuvraj ko nachiketa ne ki mrityu ke baad kya hota hai toh iska vishal aur vistaar roop se uttar hai kuch had tak jo uttar hai unko kathopnishad mein milta hai ya man nachiketa ke samvaad jo shraddhalu hai pathak log hain vaah kathopnishad ka thoda adhyayan kare aur is gyaan ko badhane ke liye maine bataya ek saral roop se hum usko agar samajhna chahen toh isi prakar yah hota hai mrityu ke baad sharir panchatatwa mein vileen ho jata hai prantik jagat mein jata hai man man ke jagah par jata hai aur apne saath saare aur logo ko ikattha karke phir aapne ki jagat mein jata hai ek aatma hai kitni pragati hui hai vaah sadhna ka jitna vikas hua hai aur jo kuch anubhavon ko ikattha karke saath mein lete hain toh uske andar bhi yah abhilasha hai ki aage is roop mein janam le sakta hai kahaan janam le sakta hai jyadatar hota hai jo viksit hote hain ek kaam sirf ek sharir ko naya sharir ko dharan karna kahaan se kar pata hai aur viksit aatmaen hoti hai kahin bhi paida ho jata hai aur kisi bhi sthiti mein paida ho jata hai kabhi paisa aa jaate hain toh kehte hain tu apne aap phir karte isliye toh bahut saare aise mahaan aatmaen hain jo abhi bhi chahte hain ki kahaan paida ho sakte hain janam le sakte hain aur kis astitva uske liye koi vishesh kshetra ki kshetra ko samay vaah jo climate sahi rehta hai tab vaah jaakar ko ek sharir ko dharan karne ki visheshata wahan par hai usko dekhen aur apne jo jagat mein hai uska nirvah karte hain toh yah hai ek sadhaaran roop se hum agar samajhna chahiye ki kya hota hai mrityu ke baad police par bahut saare shastra hamare se aur bahut saare log is par shodh bhi kiye hain aur bahut saare jo adhyaatm guru hai toh un logo ne bhi bahut vichar vimarsh kiya hai kahaan ho jise main kathopnishad ke bare mein mujhe bataya is upanishad ki jitni bachaenge bhasha ko bhi padh sakte hain unke bare mein is vishay ke bare mein jin logo ne likha hai vaah bhi padh sakte hain thoda bahut jo maine bataya pehle tu hota hai mrityu ke baad

मरने के बाद क्या होता है बहुत सारे लोग मृत्यु का भय करते हैं डरते हैं हमारे शास्त्रों में

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

5:11
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क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है लेकिन मरने के बाद क्या होता है वह कोई भी जिस इंसान की मृत्यु हो गई हो वही बता सकता है क्योंकि उसको वह अनुभव होता है और क्योंकि हम भी और अब भी जीवित है और आप यह एक जीवित इंसान से पूछ रहे हैं कि मरने के बाद क्या होता है एक हमारे यहां का व्हाट्सएप में की गई मर मर के खुद मर के ही खुद मरने के बाद भी हमको स्वर्ग या नर्क का अनुभव मिलता है उसके लिए खुद को मरना पड़ता है यह इसलिए कहा गया है कि कोई भी कार्य को करने के लिए हमने जब खुद कार्य करते हैं तभी हमें कार्य की इंपोर्टेंस और कार्य का अनुभव होता है यह दूसरे परिपेक्ष में क्या लेकिन आपके सवाल के अनुरूप यही जवाब होना चाहिए कि मरने के बाद क्या होता है उसके लिए खुद मरना पड़ता है जो कि आप भी नहीं कर सकते और हम भी नहीं कर सकते इसलिए कोई इस बात का जवाब देने में लगभग तो कोई सक्षम नहीं होगा क्योंकि जो जवाब देने वाला होगा वह खुद ही जीवित होगा हमारे जो पौराणिक मान्यता है उसने यह कहा गया है कि मरने के बाद जाने कि हमारी जब आत्मा शरीर में से निकलती है तो हमारा शरीर एकदम सुशील हो जाता है और हमारी जरूरत है वह पानी बनने लगती हैं और अगर दे और दिमाग सबकुछ धीमे-धीमे काम करना बंद कर देता है यानी कि पुलिस सिस्टम बंद हो जाती है जो आत्मा निकलती है वह उसी शरीफ के पास इर्द-गिर्द मंडराती रहती है इसलिए हम जब हमारे किसी भी सोजन की मृत्यु होती है तो हम दिया जलाते हैं वह दिया प्रतीकात्मक होता है कि वह आत्मा वहां पर विद्यमान है और जो जो मृत्यु हुई है उसको सामने जो हम अगरबत्ती करते हैं ताकि जब शरीर का विघटन होना शुरू होता है और उसमें बैक्टीरिया जाते हैं और उससे कोई दुर्गंध ना पहले आसपास के लोगों को उसके दुर्गंध जाएं इसके लिए हम जो अगरबत्ती करते हैं और आत्मा उस समय आसपास ही रहती है इसलिए मृत्यु जिसकी होती है उसके सामने कोई भी परिवार का सदस्य होता नहीं है जागता रहता है यह सब हमारे पौराणिक मान्यताओं और परंपराओं के अधीन होता है जब अग्नि दान दिया जाता है तो अब नींद आते समय दोनों गुटों को पैर के अंगूठे को बांधकर और खुद का उनका पुत्र अग्नि का अंगूठे में देता है यानी कि जो आत्मा जिसकी हुई है वह आसपास रहती है और जब वह देखती है कि मेरे ही पुत्र ने मुझे जलाने का मेरे शरीर को जलाया है तब उसको वैराग्य उत्पन्न होता है कि मेरे पुत्र ने जो मैंने पैदा किया इस शरीर से और वह मेरा ही पुत्र अगर मेरे को अनीता दे रहा है तो फिर बाद में यह संसार दुष्कर है अश्विन तब्बू आत्मा को गति प्राप्त होती है और 12 दिन तक तब भी वह आस-पास रहने का प्रयास करती है लेकिन जब पिंडदान हम करते हैं 12 दिन या 13 दिन तब वह शिकार होकर और आत्मा ऊपर की तरफ गति करती है जो हमारी पौराणिक मान्यताएं और परंपराएं हैं वह सब का यह हेतु हमें बताया गया है और इसका सब उल्लेख गरुड़ पुराण में किया गया है अब किसको कितना मानना यह अपनी-अपनी मती या ने अपनी-अपनी बुद्धि और समझ के ऊपर आधारित है यह सब बातें मैंने आपको इसलिए बताएं कि जो जीवित मनुष्य तो आप को मरने के जो अनुभव होते हो नहीं बता पाएगा और उसको हमें पौराणिक मान्यता जो गरुड़ पुराण में लिखी है उसी के अनुसार हम को मानना चाहिए धन्यवाद आपका जिंदगी

kya bata sakte hain marne ke baad kya hota hai lekin marne ke baad kya hota hai vaah koi bhi jis insaan ki mrityu ho gayi ho wahi bata sakta hai kyonki usko vaah anubhav hota hai aur kyonki hum bhi aur ab bhi jeevit hai aur aap yah ek jeevit insaan se puch rahe hain ki marne ke baad kya hota hai ek hamare yahan ka whatsapp mein ki gayi mar mar ke khud mar ke hi khud marne ke baad bhi hamko swarg ya nark ka anubhav milta hai uske liye khud ko marna padta hai yah isliye kaha gaya hai ki koi bhi karya ko karne ke liye humne jab khud karya karte hain tabhi hamein karya ki importance aur karya ka anubhav hota hai yah dusre paripeksh mein kya lekin aapke sawaal ke anurup yahi jawab hona chahiye ki marne ke baad kya hota hai uske liye khud marna padta hai jo ki aap bhi nahi kar sakte aur hum bhi nahi kar sakte isliye koi is baat ka jawab dene mein lagbhag toh koi saksham nahi hoga kyonki jo jawab dene vala hoga vaah khud hi jeevit hoga hamare jo pouranik manyata hai usne yah kaha gaya hai ki marne ke baad jaane ki hamari jab aatma sharir mein se nikalti hai toh hamara sharir ekdam sushil ho jata hai aur hamari zarurat hai vaah paani banne lagti hain aur agar de aur dimag sabkuch dhime dhime kaam karna band kar deta hai yani ki police system band ho jaati hai jo aatma nikalti hai vaah usi sharif ke paas ird gird mandarati rehti hai isliye hum jab hamare kisi bhi sojan ki mrityu hoti hai toh hum diya jalte hain vaah diya pratikatmak hota hai ki vaah aatma wahan par vidyaman hai aur jo jo mrityu hui hai usko saamne jo hum agarbatti karte hain taki jab sharir ka vighatan hona shuru hota hai aur usme bacteria jaate hain aur usse koi durgandh na pehle aaspass ke logo ko uske durgandh jayen iske liye hum jo agarbatti karte hain aur aatma us samay aaspass hi rehti hai isliye mrityu jiski hoti hai uske saamne koi bhi parivar ka sadasya hota nahi hai jaagta rehta hai yah sab hamare pouranik manyataon aur paramparaon ke adheen hota hai jab agni daan diya jata hai toh ab neend aate samay dono guton ko pair ke anguthe ko bandhkar aur khud ka unka putra agni ka anguthe mein deta hai yani ki jo aatma jiski hui hai vaah aaspass rehti hai aur jab vaah dekhti hai ki mere hi putra ne mujhe jalane ka mere sharir ko jalaya hai tab usko varagya utpann hota hai ki mere putra ne jo maine paida kiya is sharir se aur vaah mera hi putra agar mere ko anita de raha hai toh phir baad mein yah sansar dushkar hai ashwin tabu aatma ko gati prapt hoti hai aur 12 din tak tab bhi vaah aas paas rehne ka prayas karti hai lekin jab pindadan hum karte hain 12 din ya 13 din tab vaah shikaar hokar aur aatma upar ki taraf gati karti hai jo hamari pouranik manyatae aur paramparayen hain vaah sab ka yah hetu hamein bataya gaya hai aur iska sab ullekh garuda puran mein kiya gaya hai ab kisko kitna manana yah apni apni mati ya ne apni apni buddhi aur samajh ke upar aadharit hai yah sab batein maine aapko isliye bataye ki jo jeevit manushya toh aap ko marne ke jo anubhav hote ho nahi bata payega aur usko hamein pouranik manyata jo garuda puran mein likhi hai usi ke anusaar hum ko manana chahiye dhanyavad aapka zindagi

क्या बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है लेकिन मरने के बाद क्या होता है वह कोई भी जिस इं

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मरने के बाद में मनुष्य की आत्मा स्वर्ग को चली जाती है या दूसरा रूप धारण कर लेती है और मनुष्य के शरीर को पंचतत्व में विलीन काटते हैं

marne ke baad mein manushya ki aatma swarg ko chali jaati hai ya doosra roop dharan kar leti hai aur manushya ke sharir ko panchatatwa mein vileen katatey hain

मरने के बाद में मनुष्य की आत्मा स्वर्ग को चली जाती है या दूसरा रूप धारण कर लेती है और मनुष

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Greeshma Nataraj

Psychology Counseling, Life Coach, NLP, Cognitive Behavioral Therapist, Motivational Speaker, Handwriting Signature Analyst.

1:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुड आफ्टरनून देखिए भाई जीने के लिए जिंदगी कम पड़ती है और आप कह रहे हैं मरने के बाद क्या होगा पहले तो जीतो लीजिए दिन-ब-दिन जो वक्त निकलते जा रहा है अगर आप उसमें अच्छी तरह से ना जी पाए तो मतलब क्या है अच्छी तरह से अपने जीवन का आनंद उठाया हर एक पल जिंदगी जीने की कोशिश कीजिएगा और मरने के बाद क्या होता है मरने के बाद आत्मा कहीं और निकल जाती है जब चल निकल जाता है वह फिर से किसी और जगह पर रीबर्थ होता है और अपना जो शरीर है वह आशीष हो जाता है मिट्टी में मिल जाता है उसके बाद वह सोल कहीं नई जगह पर जाकर नया जन्म लेकर अपना आगे का चक्र में चला जाता है यह मेरे हिसाब से है बट मैं यही कहूंगी कि मरने के बाद का सोचने से ज्यादा बेहतर यह रहेगा कि आप अभी की सोचेगा जिंदगी जीने की सोचेगा और मरने के बाद जो होना है वह तो होते ही रहेगा वह आप बुरा ना माने मेरे इस जवाब था मैं आपको सिर्फ इतना ही कहना चाहती हूं मरने के बाद का सोचते मैं वक्त ना बिताते हुए अब अभी जिंदादिली से अपना जिंदगी जिएगा मरने के बाद ना आप जानो ना मैं जाने है ना थैंक यू हैव ए नाइस टाइम एंड सॉरी ई वोटेड यू

good afternoon dekhiye bhai jeene ke liye zindagi kam padti hai aur aap keh rahe hain marne ke baad kya hoga pehle toh jito lijiye din bsp din jo waqt nikalte ja raha hai agar aap usme achi tarah se na ji paye toh matlab kya hai achi tarah se apne jeevan ka anand uthaya har ek pal zindagi jeene ki koshish kijiega aur marne ke baad kya hota hai marne ke baad aatma kahin aur nikal jaati hai jab chal nikal jata hai vaah phir se kisi aur jagah par ribarth hota hai aur apna jo sharir hai vaah aashish ho jata hai mitti mein mil jata hai uske baad vaah soul kahin nayi jagah par jaakar naya janam lekar apna aage ka chakra mein chala jata hai yah mere hisab se hai but main yahi kahungi ki marne ke baad ka sochne se zyada behtar yah rahega ki aap abhi ki sochega zindagi jeene ki sochega aur marne ke baad jo hona hai vaah toh hote hi rahega vaah aap bura na maane mere is jawab tha main aapko sirf itna hi kehna chahti hoon marne ke baad ka sochte main waqt na Bitate hue ab abhi jindadili se apna zindagi dijiyega marne ke baad na aap jano na main jaane hai na thank you have a nice time and sorry ee voted you

गुड आफ्टरनून देखिए भाई जीने के लिए जिंदगी कम पड़ती है और आप कह रहे हैं मरने के बाद क्या हो

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Shubham Saini

Software Engineer

0:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जरूर बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है मरने के बाद अभी तक कोई देखा तो नहीं कि इंसान कहां जाता है पर आपसे जरूर बताऊंगा किया जीवन से मिला है उसे जिए हैप्पीनेस से भरे खुशियों से भर ले और साथ ही साथ आपको मैं बता दूं जो पुराणों के हिसाब से कहा गया है कि मरने के बाद आत्मा इस बार के पास चली जाती है और वह ईश्वर फिर कभी ना कभी एक सही समय मैं उसे खेत से पृथ्वी के भेजते हैं जीवन को जीने के लिए

haan zaroor bata sakte hain marne ke baad kya hota hai marne ke baad abhi tak koi dekha toh nahi ki insaan kaha jata hai par aapse zaroor bataunga kiya jeevan se mila hai use jiye Happiness se bhare khushiyon se bhar le aur saath hi saath aapko main bata doon jo purano ke hisab se kaha gaya hai ki marne ke baad aatma is baar ke paas chali jaati hai aur vaah ishwar phir kabhi na kabhi ek sahi samay main use khet se prithvi ke bhejate hain jeevan ko jeene ke liye

हां जरूर बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है मरने के बाद अभी तक कोई देखा तो नहीं कि इंसा

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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देखिए आत्मा तो मरती नहीं है और शरीर बदलना पड़ता है आपका पसंद है मरने के बाद क्या होता है मरता कौन है आत्मा तो और ज्यादा मन है ए के शरीर को बदलना पड़ता है जो आज आत्मा शरीर में है यह सोच दूसरा शरीर धारण कर लेती है और आत्मा कहीं भी नहीं जाती आत्मा ही रहती है हां यदि कोई ईश्वर प्राप्ति के लिए यूज करें तपस्या करें माता पिता गुरु की सेवा करें अच्छे कर्म करें और समाप्त हो जाए तो आत्मा परमात्मा में विलीन हो जाती है नहीं तो यह आत्मा तू शत-शत धारण कर कर फिर पृथ्वी में किसी भी योनि में जन्म ले लेती है मरने के बाद यह आत्मा पृथ्वीलोक में शरीर बदलती रहती है

dekhiye aatma toh marti nahi hai aur sharir badalna padta hai aapka pasand hai marne ke baad kya hota hai marta kaun hai aatma toh aur zyada man hai a ke sharir ko badalna padta hai jo aaj aatma sharir mein hai yah soch doosra sharir dharan kar leti hai aur aatma kahin bhi nahi jaati aatma hi rehti hai haan yadi koi ishwar prapti ke liye use kare tapasya kare mata pita guru ki seva kare acche karm kare aur samapt ho jaaye toh aatma paramatma mein vileen ho jaati hai nahi toh yah aatma tu shat shat dharan kar kar phir prithvi mein kisi bhi yoni mein janam le leti hai marne ke baad yah aatma prithwilok mein sharir badalti rehti hai

देखिए आत्मा तो मरती नहीं है और शरीर बदलना पड़ता है आपका पसंद है मरने के बाद क्या होता है म

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

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यह तो दोस्त एक फालतू का सवाल है कि मरने के बाद क्या होता मरने के बाद फिर से जिंदा होना पड़ता है फिर से शरीर हमको ढूंढना पड़ता है मिलता है हमको जैसे हमारे कर्म होते हैं फिर से शरीर में जाना पड़ता है इस आत्मा को तो मरने के बाद फिर जिंदा हो ना फिर जिंदा होने के बाद फिर मत लगा रहेगा जब तक इंसान जिंदा में मर नहीं जाता मतलब जब तक इंसान जिंदा है और जिंदा में उस प्रभु के चरणों में जुड़ नहीं जाता उस प्रभु के चरणों में जुड़ नहीं जाता अपने मन को शांत नहीं कर देता तब तक इंसान मरता रहेगा जिंदा होता रहेगा मरता रहेगा जिंदा होता रहेगा इस जन्म मरण के चक्र में वह कभी भी निकल नहीं सकता मैं फिर से यही कहूंगा जो इंसान जिंदा जी मर नहीं सकता अपने मन को शांत नहीं कर सकता वह इंसान इस चक्र से कभी निकल ही नहीं सकता धन्यवाद

yah toh dost ek faltu ka sawaal hai ki marne ke baad kya hota marne ke baad phir se zinda hona padta hai phir se sharir hamko dhundhana padta hai milta hai hamko jaise hamare karm hote hain phir se sharir me jana padta hai is aatma ko toh marne ke baad phir zinda ho na phir zinda hone ke baad phir mat laga rahega jab tak insaan zinda me mar nahi jata matlab jab tak insaan zinda hai aur zinda me us prabhu ke charno me jud nahi jata us prabhu ke charno me jud nahi jata apne man ko shaant nahi kar deta tab tak insaan marta rahega zinda hota rahega marta rahega zinda hota rahega is janam maran ke chakra me vaah kabhi bhi nikal nahi sakta main phir se yahi kahunga jo insaan zinda ji mar nahi sakta apne man ko shaant nahi kar sakta vaah insaan is chakra se kabhi nikal hi nahi sakta dhanyavad

यह तो दोस्त एक फालतू का सवाल है कि मरने के बाद क्या होता मरने के बाद फिर से जिंदा होना पड़

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Mr. Abhay Upadhyaya

Thinker , Mind Motivator, Psychologist

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आपने पूछा है क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है देखिए बहुत ही सिंपल उदाहरण के साथ हम समझते हैं जैसे मान लीजिए कि हमारे पास कोई कपड़ा है हमने एक नया कपड़ा पहना हमने एक नया कपड़ा खरीदा और कुछ समय के बाद से वह कपड़ा मतलब फट गया बेकार हो गया पहनने के लायक ना रहा तो हम क्या करेंगे उस कपड़े को बदलकर के नया कपड़ा पहन लेंगे उसी प्रकार से हमारे शरीर में आत्मा होती है तो जो शरीर होता है जब शरीर उस आत्मा के काबिल नहीं रह जाता है और शरीर उस तरह से कार्य नहीं कर पाता है जिस तरह से आत्मा को चाहिए तो आत्मा अपना पूरा शरीर छोड़कर के नए शरीर में प्रवेश कर जाती है पुराने शरीर से मुक्त होना और नए शरीर में जाना इस घटना को हम मरने की प्रक्रिया कह सकते हैं क्योंकि आत्मा कभी मरती नहीं वह सिर्फ शरीर बदलती है तो मरने के दौरान आत्मा अपने कर्मों के अनुसार नए शरीर में प्रवेश पाती है और कोई इसके पीछे कोई बड़ा तर्क नहीं है श्रीमद भगवत गीता में श्रीकृष्ण बहुत अच्छा समझाया है और जून को यह अर्जुन आत्मा अजर अमर अविनाशी है इसका कभी विनाश नहीं होता विनाश होता है प्रकृति के पांच तत्वों से बने शहीद का इस शरीर को छोड़कर के आत्मा दूसरे शरीर में प्रवेश कर जाती है यही है आपके प्रश्न का उत्तर

aapne poocha hai kya aap bata sakte hain marne ke baad kya hota hai dekhiye bahut hi simple udaharan ke saath hum samajhte hain jaise maan lijiye ki hamare paas koi kapda hai humne ek naya kapda pehna humne ek naya kapda kharida aur kuch samay ke baad se vaah kapda matlab phat gaya bekar ho gaya pahanne ke layak na raha toh hum kya karenge us kapde ko badalkar ke naya kapda pahan lenge usi prakar se hamare sharir me aatma hoti hai toh jo sharir hota hai jab sharir us aatma ke kaabil nahi reh jata hai aur sharir us tarah se karya nahi kar pata hai jis tarah se aatma ko chahiye toh aatma apna pura sharir chhodkar ke naye sharir me pravesh kar jaati hai purane sharir se mukt hona aur naye sharir me jana is ghatna ko hum marne ki prakriya keh sakte hain kyonki aatma kabhi marti nahi vaah sirf sharir badalti hai toh marne ke dauran aatma apne karmon ke anusaar naye sharir me pravesh pati hai aur koi iske peeche koi bada tark nahi hai srimad bhagwat geeta me shrikrishna bahut accha samjhaya hai aur june ko yah arjun aatma ajar amar avinashi hai iska kabhi vinash nahi hota vinash hota hai prakriti ke paanch tatvon se bane shaheed ka is sharir ko chhodkar ke aatma dusre sharir me pravesh kar jaati hai yahi hai aapke prashna ka uttar

आपने पूछा है क्या आप बता सकते हैं मरने के बाद क्या होता है देखिए बहुत ही सिंपल उदाहरण के स

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Damini

Study

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो तभी बता सकते हैं जब हम खुद मरेंगे

yah toh tabhi bata sakte hain jab hum khud marenge

यह तो तभी बता सकते हैं जब हम खुद मरेंगे

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