क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है?...


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Rajneesh kumar

Soft Skill Trainer, Life Coach & English Trainer And You Tuber

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देखिए आप का सवाल है कि क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया देखे हम यह नहीं कहते हैं कि भगवान है या नहीं है लेकिन हम यह जरूर मानते हैं कि एक एनर्जी एक सिस्टम है एनर्जी क्योंकि आपने एनर्जी का सिद्धांत पढ़ा होगा ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत आप जानते हैं कि उर्जा को ना तो नष्ट किया जा सकता है और ना तो उसको बनाया जा सकता है उसी तरीके से भगवान होता है एक लड़की होती है उस एनर्जी को अपना तो नष्ट कर सकते हैं ना तो आप उसको बना सकते हैं वही आपकी आत्मा है वही आपके भगवान है कि आप मना तो मरते हैं ना तो पैदा होती है उसी तरीके से भगवान भी होता है यह सारी चीजें हैं जो सिस्टम है एक सिस्टम जैसे हम अपने अपने किसी काम को चलाते हैं उसका एक सिस्टम होता है उसी तरीके से इस सिस्टम को चलाने के लिए एक प्रॉपर उसका एक मैनेजर है एक नदी है एक नेचर है एक प्रकृति प्रकृति है जो उन सारी चीजों को व्यवस्थित सही तरीके से चला रही है नीचे कभी भी कोई गलती नहीं करता है

dekhiye aap ka sawaal hai ki kya hamein vaakai bhagwan ne banaya dekhe hum yah nahi kehte hain ki bhagwan hai ya nahi hai lekin hum yah zaroor maante hain ki ek energy ek system hai energy kyonki aapne energy ka siddhant padha hoga urja sanrakshan ka siddhant aap jante hain ki urja ko na toh nasht kiya ja sakta hai aur na toh usko banaya ja sakta hai usi tarike se bhagwan hota hai ek ladki hoti hai us energy ko apna toh nasht kar sakte hain na toh aap usko bana sakte hain wahi aapki aatma hai wahi aapke bhagwan hai ki aap mana toh marte hain na toh paida hoti hai usi tarike se bhagwan bhi hota hai yah saari cheezen hain jo system hai ek system jaise hum apne apne kisi kaam ko chalte hain uska ek system hota hai usi tarike se is system ko chalane ke liye ek proper uska ek manager hai ek nadi hai ek nature hai ek prakriti prakriti hai jo un saari chijon ko vyavasthit sahi tarike se chala rahi hai niche kabhi bhi koi galti nahi karta hai

देखिए आप का सवाल है कि क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया देखे हम यह नहीं कहते हैं कि भगवान है

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RAJKUMAR

Sharp Astrology

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Siyaram Dubey

YouTuber/Spiritual Person/Thinker/Social-media Activist

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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क्या हमें वाकई में भगवान ने बनाया है इसमें अभी भी आप इस पर शंका कर रहे हैं आप अपने शरीर को नहीं देख रहे हैं शरीर को देख कर के ही कोई भी बता सकता है या कोई साधारण इंसान का काम नहीं है जो मनुष्य के शरीर की रचना है यह अद्भुत है और इस अद्भुत रचना को देख करके ही आप कैसे रखते हैं कि कोई अद्भुत इंसान है जिसने इस शरीर की रचना की है और शरीर जाओ यदि जन्म हुआ है तो वह निरंतर भी चला करता है यह भी बहुत आश्चर्यजनक घटना है इसलिए वाकई में हमें भगवान ने बनाया है इसमें किसी प्रकार का संदेह करने की आवश्यकता नहीं हुआ करती है

kya hamein vaakai me bhagwan ne banaya hai isme abhi bhi aap is par shanka kar rahe hain aap apne sharir ko nahi dekh rahe hain sharir ko dekh kar ke hi koi bhi bata sakta hai ya koi sadhaaran insaan ka kaam nahi hai jo manushya ke sharir ki rachna hai yah adbhut hai aur is adbhut rachna ko dekh karke hi aap kaise rakhte hain ki koi adbhut insaan hai jisne is sharir ki rachna ki hai aur sharir jao yadi janam hua hai toh vaah nirantar bhi chala karta hai yah bhi bahut aashcharyajanak ghatna hai isliye vaakai me hamein bhagwan ne banaya hai isme kisi prakar ka sandeh karne ki avashyakta nahi hua karti hai

क्या हमें वाकई में भगवान ने बनाया है इसमें अभी भी आप इस पर शंका कर रहे हैं आप अपने शरीर को

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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है सकते हैं क्योंकि विज्ञान में कभी भी किसी भी मानव को निर्मित नहीं कर पाया सारे मिश्रण अनुपात जानते हुए भी दूसरा मानव नहीं तैयार हुआ है इस बात का संकेत है कि वाकई हमारी रचना ईश्वर की रचना नर्वस सिस्टम को इतना शानदार 3D सिस्टम हमारा डाइजेशन सिस्टम एक्सटेंशन व्यास के बाद एक दूसरा मां की ध्वनि का प्रयोग विज्ञान

kya hamein vaakai bhagwan ne banaya hai sakte hain kyonki vigyan me kabhi bhi kisi bhi manav ko nirmit nahi kar paya saare mishran anupat jante hue bhi doosra manav nahi taiyar hua hai is baat ka sanket hai ki vaakai hamari rachna ishwar ki rachna nervous system ko itna shandar 3D system hamara digestion system extension vyas ke baad ek doosra maa ki dhwani ka prayog vigyan

क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है सकते हैं क्योंकि विज्ञान में कभी भी किसी भी मानव को निर्म

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Tanay Mishra

Head Control Clerk In Forest Department U.P.

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अगर लिखित की लिखित रूप में अगर आप मानते हैं कि कहीं लिखा हुआ है कि क्या भगवान ने वाकई मैंने बनाया है तो वेद पुराणों में हम लोग को यह मिल जाएगा कि वह मामलों को बनाने वाले पकवान ही है पर अगर अपने हिसाब से आज के समय में अगर अपने हिसाब से सोच रखते हैं तो कहना मुश्किल है कि भगवान ने हम को बनाया है पर वेद पुराणों के साथ चलेंगे तो लिखित रूप में हां भगवान नहीं हम लोगों को बनाया है धन्यवाद

agar likhit ki likhit roop me agar aap maante hain ki kahin likha hua hai ki kya bhagwan ne vaakai maine banaya hai toh ved purano me hum log ko yah mil jaega ki vaah mamlon ko banane waale pakvaan hi hai par agar apne hisab se aaj ke samay me agar apne hisab se soch rakhte hain toh kehna mushkil hai ki bhagwan ne hum ko banaya hai par ved purano ke saath chalenge toh likhit roop me haan bhagwan nahi hum logo ko banaya hai dhanyavad

अगर लिखित की लिखित रूप में अगर आप मानते हैं कि कहीं लिखा हुआ है कि क्या भगवान ने वाकई मैंन

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Sunil Kumar Pandey

Editor And Writer

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क्या हमें वाकई भगवान है तो उसके कंधे और हमारी माता है

kya hamein vaakai bhagwan hai toh uske kandhe aur hamari mata hai

क्या हमें वाकई भगवान है तो उसके कंधे और हमारी माता है

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यह संसार निश्चित रूप से भगवान के द्वारा बनाई गई है और इंसान इस संसार के सभी प्राणी सभी निवासी भगवान के द्वारा ही बनाया गया है इसमें कतई संदेह नहीं है

yah sansar nishchit roop se bhagwan ke dwara banai gayi hai aur insaan is sansar ke sabhi prani sabhi niwasi bhagwan ke dwara hi banaya gaya hai isme katai sandeh nahi hai

यह संसार निश्चित रूप से भगवान के द्वारा बनाई गई है और इंसान इस संसार के सभी प्राणी सभी निव

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

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जरूर बनाया है वह के भगवान कोई और नहीं आते मोहब्बत है आपका जो सृजन हुआ है वह उनके वजह से तो आपके जो असली मां बाप है वही उनके नीचे मां के ऊपर स्पीच

zaroor banaya hai vaah ke bhagwan koi aur nahi aate mohabbat hai aapka jo srijan hua hai vaah unke wajah se toh aapke jo asli maa baap hai wahi unke niche maa ke upar speech

जरूर बनाया है वह के भगवान कोई और नहीं आते मोहब्बत है आपका जो सृजन हुआ है वह उनके वजह से तो

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बहुत अच्छा प्रश्न है आपका कि हमें क्या वाकई भगवान ने बनाया है देखिए भगवान एक आस्था है ईश्वर जो सृष्टि का संचालन करता है पूरी सस्ती में सूर्य का उगना आज तो होना चंद्रमा का निकलना बारिश का होना धूप निकलना हवा चलना पेड़ पौधे कई प्रकार के यह सब सृष्टि भगवान ने बनाइए और भगवान ने ही आप एक बार या यूं कहें सरल भाषा में कि जिस चीज का विज्ञान में पता न लगाया हो वह सारी चीजें वह सारी वस्तुएं वह जीव जंतु वनस्पति सब भगवान ने बनाया है और यह ईश्वर चोदते हैं अब आप यह मान ले कि इस धरा पर एक महिला और एक पुरुष से यह संसार आरंभ हुआ उन्हें भी इसी ईश्वर ने प्राणी के रूप में जन्म दिया और जिस चीज जिस वस्तु को जिस जीव को जिस जंतु को ईश्वर ने बनाया कहीं ना कहीं उनमें उनका वास है वह विद्यमान हैं अब सवाल आता है हमें हमें जो इस सृष्टि में जन्मदाता है वह हमारे माता और पिता है सीधी सी बात है हमारे माता-पिता में भी वह ईश्वर विद्यमान है अब जिनमें ईश्वर विद्यमान है उन्होंने हमें जन्म दिया पाल पोसा बड़ा किया वह मां जिसने 9 महीने तक हमें गर्भ में रखा और एक चीज यहां पर और बता दो कि प्रसव पीड़ा वेदना जो होती है वह वैज्ञानिक ने वैज्ञानिकों ने माना है कि वह वेदर ना इतनी भयंकर होती है कि एक इंसान की सहने के काबिल नहीं उसके बाद जान को जोखिम में डालकर जन्म बच्चे को जन्म देना यह कोई भगवान रूपी इंसान ही कर सकता है और हमारे माता पूजनीय है उसी के साथ पिता भी पूजनीय है क्योंकि माता का बखान तो वेदों में शास्त्रों में पुराणों में किया गया है लेकिन पिता की जो महिमा है वह इतनी अनुभूति सी है इतनी अनकही सी है उसका उल्लेख बहुत कम है एक पिता अपनी सारी उम्र अपने परिवार के लिए कमाने के लिए अपने को झोंक देता है वह पुराने कपड़े पहन लेगा लेकिन वह चाहेगा कि उसके बच्चों को सब मिले भूखा रहकर भी अपने बच्चों के लिए अपने परिवार के लिए सब कुछ करता है धूप में घूमता है भटकता है रात रात भर जागता है माता जिसने 9 महीने पेट में रखकर वेदना से अगर हमको जन्म दिया है यह दोनों किसी भगवान से कम नहीं है और यकीन मानिए धरती पर भगवान माता पिता के रूप में हैं और इन्हीं भगवान ने हमें बनाया है

bahut accha prashna hai aapka ki hamein kya vaakai bhagwan ne banaya hai dekhiye bhagwan ek astha hai ishwar jo shrishti ka sanchalan karta hai puri sasti mein surya ka ugana aaj toh hona chandrama ka nikalna barish ka hona dhoop nikalna hawa chalna ped paudhe kai prakar ke yah sab shrishti bhagwan ne banaiye aur bhagwan ne hi aap ek baar ya yun kahein saral bhasha mein ki jis cheez ka vigyan mein pata na lagaya ho vaah saree cheezen vaah saree vastuyen vaah jeev jantu vanaspati sab bhagwan ne banaya hai aur yah ishwar chodte hai ab aap yah maan le ki is dhara par ek mahila aur ek purush se yah sansar aarambh hua unhe bhi isi ishwar ne prani ke roop mein janam diya aur jis cheez jis vastu ko jis jeev ko jis jantu ko ishwar ne banaya kahin na kahin unmen unka was hai vaah vidyaman hai ab sawaal aata hai hamein hamein jo is shrishti mein janmadata hai vaah hamare mata aur pita hai seedhi si baat hai hamare mata pita mein bhi vaah ishwar vidyaman hai ab jinmein ishwar vidyaman hai unhone hamein janam diya pal posa bada kiya vaah maa jisne 9 mahine tak hamein garbh mein rakha aur ek cheez yahan par aur bata do ki prasav peeda vedana jo hoti hai vaah vaigyanik ne vaigyaniko ne mana hai ki vaah Weather na itni bhayankar hoti hai ki ek insaan ki sahane ke kaabil nahi uske baad jaan ko jokhim mein dalkar janam bacche ko janam dena yah koi bhagwan rupee insaan hi kar sakta hai aur hamare mata pujaniya hai usi ke saath pita bhi pujaniya hai kyonki mata ka bakhan toh vedo mein shastron mein purano mein kiya gaya hai lekin pita ki jo mahima hai vaah itni anubhuti si hai itni anakahi si hai uska ullekh bahut kam hai ek pita apni saree umr apne parivar ke liye kamane ke liye apne ko jhonk deta hai vaah purane kapde pahan lega lekin vaah chahega ki uske baccho ko sab mile bhukha rahkar bhi apne baccho ke liye apne parivar ke liye sab kuch karta hai dhoop mein ghoomta hai bhatakta hai raat raat bhar jaagta hai mata jisne 9 mahine pet mein rakhakar vedana se agar hamko janam diya hai yah dono kisi bhagwan se kam nahi hai aur yakin maniye dharti par bhagwan mata pita ke roop mein hai aur inhin bhagwan ne hamein banaya hai

बहुत अच्छा प्रश्न है आपका कि हमें क्या वाकई भगवान ने बनाया है देखिए भगवान एक आस्था है ईश्व

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Dr Sampadananda Mishra

Sanskrit scholar, Author, Director, Sri Aurobindo Foundation for Indian Culture

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी अगर सिर्फ तो उसका सरसता होना आवश्यक है तो कोई भी नहीं है हम बनाते हैं तो हम खुद उसके प्रस्ताव पर इस विशाल जो धरती है जो विश्व में सृष्टि है और इस प्रस्ताव को हमारे धर्म में हमारे संस्कृति में भगवान का नाम दिया गया है इस भगवान शब्द है उसको समझना बहुत जरूरी है बहुत आवश्यक है तो भगवान शब्द जो भी दे दो में भगवान शब्द का प्रयोग का भगवान श्री सनातन धर्म का जो एक विशेष शब्द है महत्वपूर्ण शब्द है उसका प्रयोग का ज्यादातर उत्तर वैदिक काल में परिवर्तित वैदिक काल में हुआ है बहुत लोकप्रिय शब्द के बहुत महत्वपूर्ण शब्द है लेकिन वेदों में उसका प्रयोग नहीं है वेदों में उसका मूल वैद्य में जो आनंद के उपभोग करने का जो सामान हमारे चेतना में विकसित करता है वह भाग्य तो दूसरा भूत चेतना है इसको एक सर्वोच्च क्षेत्र का का नाम भी दिया गया है स्वच्छता को जो एक है अखंड है और सर्वशक्तिमान है तो वहां अखंड अद्वितीय सर्वोच्च एक केवल सर्वशक्तिमान को भगवान मानते हैं क्योंकि उनमें सामर्थ्य है इसका अर्थ यह है कि आनंद और आनंद को उपभोग करने का सामान आनंद को पूर्ण करने का कला और विज्ञान के अंदर इसलिए उनको भगा कहा जाता है और हमारी जो मुनि दीक्षा जो भी है उसके अनुसार विश्व के घर का भर्ता सर्व विधाता है चेतन सर्वानंद में शास्त्रों में हम जाएं हम को यह मिलेगा कि सृष्टि की रचना क्यों हुई है लीला के लिए आनंद के लिए उसका एक ही उत्तर है लीला के लिए स्वयं सृष्टिकर्ता सर्व विधाता सर्वोच्च शक्तिमान सर्वशक्तिमान सृष्टि की रचना अपनी लीला की लीला क्या है अपने आनंद को हर प्रकार करने के लिए उन्होंने रचनालू को हम कई प्रकार से उपयोग करना चाहते हैं उसमें कई प्रकार की सब्जियां बनाकर उसको उठाना चाहते पर वास्तविक रूप में एक ही लेकिन हमारे अंदर वह गुण है जिसको एक चीज को एक कान से नहीं बहुत प्रकार से उपयोग करना चाहता है बहुत दिन है और सर्वोच्च शक्तिमान सर्वशक्तिमान जो भगवान है उनका उनके खुद को आतंकवादी प्रकार से स्वयं को स्वयं उपयोग करना चाहते हैं पिछली जो सृष्टि करता है मैं भगवान हैं और भगवान आनंद आनंद भाई आनंद को स्वयं करने के लिए रखा है और रास्ता के बिना इस सृष्टि सृष्टि का सर्जन सृष्टि का पालन पोषण सृष्टि का उपभोग करना कुछ भी संभव नहीं होगा अगर वह भगवान ने हमारे सनातन धर्म के अनुसार भगवान और सृष्टि है तो रास्ता है वह प्रस्ताव सर्वानंद में सर्वशक्तिमान अखंड केवल एक चेतना ज्योति परम पूज्य संत भगवान है और उनके अंदर उनके भीतर हर प्रकार के भागवत गुण विद्यमान है क्योंकि वह भगवान स्वयं अपने सृष्टि में बसे हुए हैं इसलिए इस सृष्टि में कुछ भागवत तत्वों में पूर्ण परिपूर्ण है क्योंकि इस संसार में सर्वोच्च चेतना को धारण करने वाला विकसित करने वाला तत्व मानव है तो मानव के अंदर मानव स्वयं सारी भागवत गुणों को विकसित करके स्वयं भी भगवान जैसा रिश्ता बन सकता है तो यही है कि हम उसको हमारे अंदर उपलब्ध करते हैं कि मानव के अंदर रखने का कवि कविता भी हाल देते हैं यह नहीं हो सकता है आजकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी का डेवलपमेंट हम अगर देखें तो हमको असंभव लगता था अब लगता है उसको साइंस एंड टेक्नोलॉजी बुक करू साइंस एंड टेक्नोलॉजी को पूर्ण बनाता है मानव की बनाता है जो आज तक पहुंच गया है तो उसको हम मानव चेतना सबूत मांगते हैं इसी प्रकार सर्वोच्च चेतना अगर पूर्ण रूप से मानव के अंदर विकसित हो जाए वह पूर्ण विकसित मानव स्वयं भी भगवान बन सकता है इसलिए हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि ऐसा नहीं कि हमको भगवान को पाना है हमको स्वयं को भगवान बना है क्योंकि हम स्वयं की संसद तक तो हम स्वयं कि भगवान है जो सृष्टिकर्ता जो सर्वशक्तिमान हैं जो अखंड है परम है जो परम दयालु की है परम प्रेम अपूर्ण है परमआनंदपुर में जिस भगवान को हम जिसको हम भगवान के नाम दिए हैं वहीं के रचयिता है रास्ता है विधाता है पालन पोषण करता है शर्म विधाता है

koi bhi agar sirf toh uska sarsata hona aavashyak hai toh koi bhi nahi hai hum banate hai toh hum khud uske prastaav par is vishal jo dharti hai jo vishwa mein shrishti hai aur is prastaav ko hamare dharm mein hamare sanskriti mein bhagwan ka naam diya gaya hai is bhagwan shabd hai usko samajhna bahut zaroori hai bahut aavashyak hai toh bhagwan shabd jo bhi de do mein bhagwan shabd ka prayog ka bhagwan shri sanatan dharm ka jo ek vishesh shabd hai mahatvapurna shabd hai uska prayog ka jyadatar uttar vaidik kaal mein parivartit vaidik kaal mein hua hai bahut lokpriya shabd ke bahut mahatvapurna shabd hai lekin vedo mein uska prayog nahi hai vedo mein uska mul vaidhy mein jo anand ke upbhog karne ka jo saamaan hamare chetna mein viksit karta hai vaah bhagya toh doosra bhoot chetna hai isko ek sarvoch kshetra ka ka naam bhi diya gaya hai swachhta ko jo ek hai akhand hai aur sarvshaktimaan hai toh wahan akhand adwitiya sarvoch ek keval sarvshaktimaan ko bhagwan maante hai kyonki unmen samarthya hai iska arth yah hai ki anand aur anand ko upbhog karne ka saamaan anand ko purn karne ka kala aur vigyan ke andar isliye unko bhaga kaha jata hai aur hamari jo muni diksha jo bhi hai uske anusaar vishwa ke ghar ka bharta surv vidhata hai chetan sarvanand mein shastron mein hum jayen hum ko yah milega ki shrishti ki rachna kyon hui hai leela ke liye anand ke liye uska ek hi uttar hai leela ke liye swayam srishtikarta surv vidhata sarvoch shaktiman sarvshaktimaan shrishti ki rachna apni leela ki leela kya hai apne anand ko har prakar karne ke liye unhone rachnalu ko hum kai prakar se upyog karna chahte hai usme kai prakar ki sabjiyan banakar usko uthna chahte par vastavik roop mein ek hi lekin hamare andar vaah gun hai jisko ek cheez ko ek kaan se nahi bahut prakar se upyog karna chahta hai bahut din hai aur sarvoch shaktiman sarvshaktimaan jo bhagwan hai unka unke khud ko aatankwadi prakar se swayam ko swayam upyog karna chahte hai pichali jo shrishti karta hai bhagwan hai aur bhagwan anand anand bhai anand ko swayam karne ke liye rakha hai aur rasta ke bina is shrishti shrishti ka Surgeon shrishti ka palan poshan shrishti ka upbhog karna kuch bhi sambhav nahi hoga agar vaah bhagwan ne hamare sanatan dharm ke anusaar bhagwan aur shrishti hai toh rasta hai vaah prastaav sarvanand mein sarvshaktimaan akhand keval ek chetna jyoti param PUJYA sant bhagwan hai aur unke andar unke bheetar har prakar ke bhagwat gun vidyaman hai kyonki vaah bhagwan swayam apne shrishti mein base hue hai isliye is shrishti mein kuch bhagwat tatvon mein purn paripurna hai kyonki is sansar mein sarvoch chetna ko dharan karne vala viksit karne vala tatva manav hai toh manav ke andar manav swayam saree bhagwat gunon ko viksit karke swayam bhi bhagwan jaisa rishta ban sakta hai toh yahi hai ki hum usko hamare andar uplabdh karte hai ki manav ke andar rakhne ka kabhi kavita bhi haal dete hai yah nahi ho sakta hai aajkal science and technology ka development hum agar dekhen toh hamko asambhav lagta tha ab lagta hai usko science and technology book karu science and technology ko purn banata hai manav ki banata hai jo aaj tak pohch gaya hai toh usko hum manav chetna sabut mangate hai isi prakar sarvoch chetna agar purn roop se manav ke andar viksit ho jaaye vaah purn viksit manav swayam bhi bhagwan ban sakta hai isliye hamare shastron mein kaha gaya hai ki aisa nahi ki hamko bhagwan ko paana hai hamko swayam ko bhagwan bana hai kyonki hum swayam ki sansad tak toh hum swayam ki bhagwan hai jo srishtikarta jo sarvshaktimaan hai jo akhand hai param hai jo param dayalu ki hai param prem apurn hai paramaanandapur mein jis bhagwan ko hum jisko hum bhagwan ke naam diye hai wahi ke rachiyata hai rasta hai vidhata hai palan poshan karta hai sharm vidhata hai

कोई भी अगर सिर्फ तो उसका सरसता होना आवश्यक है तो कोई भी नहीं है हम बनाते हैं तो हम खुद उसक

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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मोदी छपा है क्या हमें वाकई बब्बर ने बनाया आध्यात्मिक के साथ धर्म के हिसाब से देखा जाए तो हमें धोखा नहीं बनाई तो हमें माता-पिता ने बनाया है माता पिता ने जन्म दिया है ठीक है मनुष्य का मेल फीमेल बॉडी बना कम करने के लिए खुश रहो पॉजिटिव आगे बढ़ता है

modi chapa hai kya hamein vaakai babbar ne banaya aadhyatmik ke saath dharm ke hisab se dekha jaaye toh hamein dhokha nahi banai toh hamein mata pita ne banaya hai mata pita ne janam diya hai theek hai manushya ka male female body bana kam karne ke liye khush raho positive aage badhta hai

मोदी छपा है क्या हमें वाकई बब्बर ने बनाया आध्यात्मिक के साथ धर्म के हिसाब से देखा जाए तो ह

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मानव बना है पंच तत्वों से और उसमें प्राण डाले हैं भगवान ने अतः वाकई में हमें भगवान विश्वरी बनाता है और वही पृथ्वी पर यह प्रक्रिया होती है कि पति-पत्नी के आपसी रिलेशनशिप से बच्चा पैदा होता है इसे वैज्ञानिक था माना जाता है लेकिन अगर आप ईश्वर में विश्वास करते हैं तो निश्चित रूप से इस सारी धरती को सारी पृथ्वी को सारे मानव को जीवो को प्राकृतिक सभी को ईश्वर नहीं पैदा किया है अन्य दूसरा कोई नहीं है

manav bana hai punch tatvon se aur usme praan dale hain bhagwan ne atah vaakai mein hamein bhagwan vishwari banata hai aur wahi prithvi par yah prakriya hoti hai ki pati patni ke aapasi Relationship se baccha paida hota hai ise vaigyanik tha mana jata hai lekin agar aap ishwar mein vishwas karte hain toh nishchit roop se is saree dharti ko saree prithvi ko saare manav ko jeevo ko prakirtik sabhi ko ishwar nahi paida kiya hai anya doosra koi nahi hai

मानव बना है पंच तत्वों से और उसमें प्राण डाले हैं भगवान ने अतः वाकई में हमें भगवान विश्वरी

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

1:42
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चलिए छोड़िए इसका जवाब मैं कुछ ऐसे शुरू करता हूं हमें और आपको भगवान ने नहीं बनाया हम सबको इंसान को भगवान ने नहीं बनाया तो किसने बनाया है भाई क्या उसकी लेने बनाए हैं उस शेर ने बनाए हैं उससे लोमड़ी ने बनाया है उस पहाड़ ने बनाया है उस फूल ने हमको बताएं उस पेड़ पौधे ने बनाया है उस नदी नाले ने हमको बनाए हैं वहीं से घूमता है उसे बनाने में रखने हमको बनाया है जिसने हमको बनाया फिर अगर भगवान ने नहीं बनाया तो और यहां पर आपका भगवान से क्या तात्पर्य है यह बताओ कि वह छोड़िए आप सिर्फ इतना देखिए कि अगर आपको कोई क्रिएशन देखती हैं कोई क्रिएटिविटी देखती है तो उसका क्रिएटर कोई ना कोई तो होगा और वह क्रिएटर हमसे देखने के लिए हजार गुना बेहतर होगा जिसने हमको बना दिया है हम इतने सोफिस्टिकेटेड सिस्टम है जिसमें अभी भी हम गॉड पार्टिकल ढूंढने की बात करें और हम समझ नहीं पाए हमारे अंदर चलता है कैसे हैं इस समय इतना भयंकर है और अब इसको बनाने वाला भी तो कोई महान ही होगा ना तो उसको आप गॉड बोलना है नहीं बोलना आपकी मर्जी है लेकिन क्रिएटर तो बोल सकते हैं ना कोई तो है ना जिसने इसकी रचना की है यह पूरे ब्रह्मांड के स्पेशल कि आपकी और मेरी रचना की है वह डेफिनेटली सुप्रीम क्रिएटर होगा यह तो बन सकते हैं ना वो ऐसा तो नहीं है कि भाई वह और अथवा में यादों के आया वह शेर और चीता है वह पेड़ है वह फूल है वह बचते हैं जिनको बनाया होगा और किसको सोच सकते हैं आंसुओं को बना सकते हैं सोच के देखेगा

chaliye chodiye iska jawab main kuch aise shuru karta hoon hamein aur aapko bhagwan ne nahi banaya hum sabko insaan ko bhagwan ne nahi banaya toh kisne banaya hai bhai kya uski lene banaye hai us sher ne banaye hai usse lomadi ne banaya hai us pahad ne banaya hai us fool ne hamko bataye us ped paudhe ne banaya hai us nadi naale ne hamko banaye hai wahi se ghoomta hai use banane mein rakhne hamko banaya hai jisne hamko banaya phir agar bhagwan ne nahi banaya toh aur yahan par aapka bhagwan se kya tatparya hai yah batao ki vaah chodiye aap sirf itna dekhiye ki agar aapko koi creation dekhti hai koi creativity dekhti hai toh uska creator koi na koi toh hoga aur vaah creator humse dekhne ke liye hazaar guna behtar hoga jisne hamko bana diya hai hum itne sofistiketed system hai jisme abhi bhi hum god particle dhundhne ki baat kare aur hum samajh nahi paye hamare andar chalta hai kaise hai is samay itna bhayankar hai aur ab isko banane vala bhi toh koi mahaan hi hoga na toh usko aap god bolna hai nahi bolna aapki marji hai lekin creator toh bol sakte hai na koi toh hai na jisne iski rachna ki hai yah poore brahmaand ke special ki aapki aur meri rachna ki hai vaah definetli supreme creator hoga yah toh ban sakte hai na vo aisa toh nahi hai ki bhai vaah aur athva mein yaadon ke aaya vaah sher aur chita hai vaah ped hai vaah fool hai vaah bachte hai jinako banaya hoga aur kisko soch sakte hai ansuon ko bana sakte hai soch ke dekhega

चलिए छोड़िए इसका जवाब मैं कुछ ऐसे शुरू करता हूं हमें और आपको भगवान ने नहीं बनाया हम सबको इ

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:21
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इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम सब को भगवान ने बनाया इंसान मध्य में क्योंकि माता-पिता की सत्संग से हम संतानों का जन्म है लेकिन भगवान की देन है मनुष्य की देनी है अगर मनुष्य की देन होती तो मनुष्य हमेशा क्या करता एक गोरा बच्चा एक मोटा बच्चा एक सुंदर बच्चा ऐसा बच्चा बजाए लड़की की लड़का उद्योग चाहता हुई कर लेता नहीं यह मनुष्य की देन है बहुत से लोग कई साल जिंदगी के गुजर जाते हैं संतान प्राप्ति के लिए तरस जाते हैं और बहुत से लोग जो परिवार के अंदर संतान को जन्म देना नहीं चाहते इस कारण है किसी भी रूप में किसी भी लेख में किसी भी प्रकार से भगवान ही हम लोगों के जन का कारण है और हम लोग भगवान किसी दिन इतनी मैं मानता हूं यह संसार में हर प्राणी को प्राणी की रचना भगवान ने की है

isme koi sandeh nahi hai ki hum sab ko bhagwan ne banaya insaan madhya mein kyonki mata pita ki satsang se hum santano ka janam hai lekin bhagwan ki then hai manushya ki deni hai agar manushya ki then hoti toh manushya hamesha kya karta ek gora baccha ek mota baccha ek sundar baccha aisa baccha bajaye ladki ki ladka udyog chahta hui kar leta nahi yah manushya ki then hai bahut se log kai saal zindagi ke gujar jaate hain santan prapti ke liye taras jaate hain aur bahut se log jo parivar ke andar santan ko janam dena nahi chahte is karan hai kisi bhi roop mein kisi bhi lekh mein kisi bhi prakar se bhagwan hi hum logo ke jan ka karan hai aur hum log bhagwan kisi din itni main manata hoon yah sansar mein har prani ko prani ki rachna bhagwan ne ki hai

इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम सब को भगवान ने बनाया इंसान मध्य में क्योंकि माता-पिता की सत्

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Sudhir Kumar

Life Coach

1:10
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क्या भगवान ने बनाया जी क्या आपको वाकई में लगता है कि आप को बनाने में आपके मां-बाप की कोई भूमिका नहीं है उनका कोई योगदान नहीं है और अगर आपके मां-बाप की कोई भूमिका है तो फिर आप सोचे कि फिर इसमें भगवान के रोल की कहां पर गुंजाइश पैदा होती है कौन नहीं होता तो आप नहीं होते आपके मां बाप नहीं होते तो क्या आपको दे मान लीजिए एक पल को भगवान नहीं होता तो भी आप के मां बाप अगर हैं तो आप हो सकते हैं उसी तरह जैसे मैं अपने मां-बाप की वजह से हूं तो कुछ चीजें बहुत तो साधारण सी है हमारे पूर्व के विचारों की वजह से पूर्वाग्रहों की वजह से हमको ऐसा वैसा सोच नहीं पाते हैं राम आपको भी सोचना चाहिए सवाल करने चाहिए हर सवाल का बहुत स्पष्ट जवाब जरूर नहीं मिल जाए लेकिन यह कि सोचना चाहिए जितेंद्र

kya bhagwan ne banaya ji kya aapko vaakai mein lagta hai ki aap ko banane mein aapke maa baap ki koi bhumika nahi hai unka koi yogdan nahi hai aur agar aapke maa baap ki koi bhumika hai toh phir aap soche ki phir isme bhagwan ke roll ki kahaan par gunjaiesh paida hoti hai kaun nahi hota toh aap nahi hote aapke maa baap nahi hote toh kya aapko de maan lijiye ek pal ko bhagwan nahi hota toh bhi aap ke maa baap agar hain toh aap ho sakte hain usi tarah jaise main apne maa baap ki wajah se hoon toh kuch cheezen bahut toh sadhaaran si hai hamare purv ke vicharon ki wajah se purvagrahon ki wajah se hamko aisa waisa soch nahi paate hain ram aapko bhi sochna chahiye sawaal karne chahiye har sawaal ka bahut spasht jawab zaroor nahi mil jaaye lekin yah ki sochna chahiye jitendra

क्या भगवान ने बनाया जी क्या आपको वाकई में लगता है कि आप को बनाने में आपके मां-बाप की कोई भ

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

4:23
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क्या मैं वाकई भगवान ने बनाया विकी साइंस साइंस देखे तो हस्बैंड एंड वाइफ जब अपने बाजार पर अपने सभी संबंध की वजह से जब गर्भ धारण करती है कोई डिस्टिक तू गर्भधारण करने के पश्चात वह पूर्ण स्वरूप में होता है बहुत ही छोटे से स्वरूप में होता है जो डेढ़ 2 महीने का माता के जो भी फ्री है उसके घर पर चलता है 3 महीना 4 महीना होने के पश्चात वह महसूस करने लगती है कि इसमें हलन चलन हो रहा है जीव आया है तू पति और पत्नी ने तो सिर्फ समागम के बाद गर्भधारण किया महिला ने उसमें जीव कहां से आया जाने की देवी से पावरफुल इंग्लिश वर्ड हिस नेम इज गॉड भगवान यह सकती है कि जब चौथे पांचवे महीने में उसके अंदर प्रवेश करती है और वह संचालन करने लगता है उसमें जीवात्मा का प्रवेश होता है कहते हैं और सातवें महीने में मिलता जुलता भी है आखिरी महीने में गति भी करता है गर्भाशय में लेकिन इंपोर्टेंट चीज़ यह है कि जब गर्म हो रहा ढूंढने से गर्भ बना तो उसमें जीव कैसे वह तो अदृश्य शक्ति है यह कि उसमें आत्मा भगवान नहीं डाली है अभी जीवित हुआ उसके पहले तो वह सिर्फ भ्रूण था भ्रूण में जीव नहीं होता डेढ़ महीने में उसमें जीव नहीं होता इसलिए भगवान ने हमें बनाया है इससे साबित होता है कि भगवान खोज सकती है वह जो हमें जीवित करता है गर्भ में माता के घर में यही वह सकती है बाकी जो शरीर में 23 जोड़ी रंगसूत्र पुरुष और स्त्री के 23 जोड़ी रंगसूत्र उसी बालक में होते हैं उसको आनुवंशिकी जो है कैसे चमड़ी होगी कैसे बाल होंगे आंखों की वैकेंसी हो इसीलिए हम को भगवान को मानना ही चाहिए कि भगवान ऐसी शक्ति है जो यह सब चमत्कारी कार्य कर रही है उसका डॉक्टर स्वीकार करते हैं और वह मानते हैं कि जीव आया है आपके घर में इसलिए भगवान हैं और हमें भगवान नहीं बनाया है हमारे को जन्म देने वाले जीवनदाता भगवान हैं और फिजिकल पर हमारे माता-पिता ही हमारे भगवान हैं यह हमें स्वीकार करना चाहिए फिर वह पंचमहाभूत हो क्योंकि उसी के द्वारा गाए गए अनाज से माता खाती है पिता खाते हैं उसी से यह गर्भधारण हुआ यह भी बातें सब सही धन्यवाद

kya main vaakai bhagwan ne banaya vicky science science dekhe toh husband and wife jab apne bazaar par apne sabhi sambandh ki wajah se jab garbh dharan karti hai koi district tu garbhadharan karne ke pashchat vaah purn swaroop mein hota hai bahut hi chote se swaroop mein hota hai jo dedh 2 mahine ka mata ke jo bhi free hai uske ghar par chalta hai 3 mahina 4 mahina hone ke pashchat vaah mehsus karne lagti hai ki isme halan chalan ho raha hai jeev aaya hai tu pati aur patni ne toh sirf samagam ke baad garbhadharan kiya mahila ne usme jeev kahaan se aaya jaane ki devi se powerful english word hiss name is god bhagwan yah sakti hai ki jab chauthe paanchve mahine mein uske andar pravesh karti hai aur vaah sanchalan karne lagta hai usme jivaatma ka pravesh hota hai kehte hain aur satve mahine mein milta julataa bhi hai aakhiri mahine mein gati bhi karta hai garbhashay mein lekin important cheez yah hai ki jab garam ho raha dhundhne se garbh bana toh usme jeev kaise vaah toh adrishya shakti hai yah ki usme aatma bhagwan nahi dali hai abhi jeevit hua uske pehle toh vaah sirf bharun tha bharun mein jeev nahi hota dedh mahine mein usme jeev nahi hota isliye bhagwan ne hamein banaya hai isse saabit hota hai ki bhagwan khoj sakti hai vaah jo hamein jeevit karta hai garbh mein mata ke ghar mein yahi vaah sakti hai baki jo sharir mein 23 jodi rangasutra purush aur stree ke 23 jodi rangasutra usi balak mein hote hain usko aanuvanshiki jo hai kaise chamadi hogi kaise baal honge aankho ki vacancy ho isliye hum ko bhagwan ko manana hi chahiye ki bhagwan aisi shakti hai jo yah sab chamatkari karya kar rahi hai uska doctor sweekar karte hain aur vaah maante hain ki jeev aaya hai aapke ghar mein isliye bhagwan hain aur hamein bhagwan nahi banaya hai hamare ko janam dene waale jivanadata bhagwan hain aur physical par hamare mata pita hi hamare bhagwan hain yah hamein sweekar karna chahiye phir vaah panchamahabhut ho kyonki usi ke dwara gaayen gaye anaaj se mata khati hai pita khate hain usi se yah garbhadharan hua yah bhi batein sab sahi dhanyavad

क्या मैं वाकई भगवान ने बनाया विकी साइंस साइंस देखे तो हस्बैंड एंड वाइफ जब अपने बाजार पर

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:48
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क्या हमें भगवान ने बनाया क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया एक भगवान क्या है यह प्रकृति भगवान है अगर हमको भगवान प्राकृतिक वाला भगवान का नाम देते हैं तो क्या सकते हैं कि भगवान ने बनाया अगर भगवान प्राकृतिक से अलग भगवान को कोई अलग अस्तित्व मानते हैं तो वैसे तो मैं यह कहूंगा कि हमें प्रकृति ने बनाया है उस सूर्य चंद्रमा हावा जल धरती आसमान यह सारे मिलकर हमारा एसआरएमए रामायण निर्माण किए हैं इसलिए ही भगवान है जो हमारी लाभदायक हो हमारा पालन-पोषण करें हमारी फिक्र करें तो वह हमारे लिए भगवान हैं और इस तरह से यह प्राकृतिक रूपी भगवान ने हमें बनाया धन्यवाद

kya hamein bhagwan ne banaya kya hamein vaakai bhagwan ne banaya ek bhagwan kya hai yah prakriti bhagwan hai agar hamko bhagwan prakirtik vala bhagwan ka naam dete hain toh kya sakte hain ki bhagwan ne banaya agar bhagwan prakirtik se alag bhagwan ko koi alag astitva maante hain toh waise toh main yah kahunga ki hamein prakriti ne banaya hai us surya chandrama HAAWA jal dharti aasman yah saare milkar hamara SRMA ramayana nirmaan kiye hain isliye hi bhagwan hai jo hamari labhdayak ho hamara palan poshan kare hamari fikra kare toh vaah hamare liye bhagwan hain aur is tarah se yah prakirtik rupee bhagwan ne hamein banaya dhanyavad

क्या हमें भगवान ने बनाया क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया एक भगवान क्या है यह प्रकृति भगवान ह

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

4:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो इसके लिए दो विचार यदि आप आस्तिक थे या नास्तिक हैं तो आप तो यह मानना चाहिए कि संसार यह समस्त संसार पंच भौतिक तत्वों से बना है आकाश जल वायु अग्नि आकाश जल वायु अग्नि और पृथ्वी के पांच महत्वपूर्ण बना है इन्हीं पंच वहां तक पहुंचे हर प्राणी बनाएं एक मत यह है दूसरा आस्तिक मत है तू हिंदुओं का मत है जो सनातन मत है कि पृथ्वी का कण-कण ब्रह्मांड में जो कुछ भी है वह सब कुछ भगवान के द्वारा निर्मित भगवान से युक्त है तभी तो तुलसीदास जी ने कहा कि सियाराम मय सब जग जानी करो राम जोरि जुग पानी अर्थात जो कुछ भी चक्कर संसार में दिखाई दे रहा है बस अभी कुछ भगवान श्री राम और सीता जी से युक्त हो मां जगजननी सीता और भगवान श्रीराम से युक्त है उनसे पूर्ण है इसलिए उनमें चिकन मात्र में उनके दर्शन करते हुए उन्हें दोनों हाथों से प्रणाम कीजिए ऐसा मानते हैं आप कहीं का नहीं बनाया उसी की रचना है यदि वह नहीं होता तो आपने देखा है कभी जब मानव मर जाता है उसके शरीर का कोई अंग कम नहीं हो जाता है फिर आप बताइए कि उसमें क्या कंपनी चली जाती है कि वह जबकि नहीं कर पाता से बोल नहीं पाता है तो चल नहीं पाता है इसका मतलब वो बोल रहा था जो चल रहा था जो पति कर रहा था उसे आप आत्मा कहिए भगवान चाहिए वह एक ही बात है आत्मा से परमात्मा बनता है आत्म ज्योति है और आप शंकराचार्य जी ने तो यहां तक कहा वे अब दीपक देशमुख के मानने वाले थे तो निकाह एम ब्रह्मास्मि मैं ही बता दो कुछ बोल रहा है जो कुछ गति कर रहा है भ्रम में है आप देखते हैं मानव की जब मृत्यु हो जाती है उसके अंतर्गत अब आप लोग कहते कि आप अंकल गई एसपी इंद्रजीत पुरानी पंच भौतिक तत्वों का बना हुआ यह शरीर पंचतत्व हो जाता है लेकिन वह चपाती कर रहा था जिसे प्राण चाहिए आत्मा करके यह सब उसी की बहन है इसलिए हम मानते हैं कि सभी ईश्वर ने बनाया है क्योंकि हम आशिक हैं क्योंकि हम लोग आध्यात्मिक और जो वास्तव में है वह देखा किसी ने नहीं लेकिन अनुभव ने किया हर जगह किया जाता है यदि ऐसा नहीं होता तो तुम सोचो हिना कश्यप ने प्रहलाद को मार रहा था उसने उसको एक गर्म लोहे के बने हुए पत्थर के बने हुए एक खंभे से बांध दिया और कहा कि प्रहलाद अप्पू पचरा चाहे बदले ईश्वर को बुला ले ओ तेरी रक्षा करने मुझे मारने जा रहा हूं उसी समय खम्मा पार करती नरसिंह अवतार हुआ और उन्होंने हरदा कश्यप को मारा और पहलाद दो बचाया इससे हम कह सकते हैं कि मैं भी ईश्वर है वह सभी कुछ उसने बनाया है वही उसका बनाने वाला है वही उसका मिटाने वाला है अभी तो देखते हैं कि कुछ पल पहले सब कुछ शांत था और कुछ ही पलों में भूकंप आ जाता है पूरी लोग मारे जाते हैं चल पड़े हो जाती है लोग मारे जाते हैं अचानक गंगोरा जाती है लोग मारे जाते हैं इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ईश्वर नहीं हम सब का निर्माण किया है वही हमारा भी जाता है

dekho iske liye do vichar yadi aap astik the ya nastik hai toh aap toh yah manana chahiye ki sansar yah samast sansar punch bhautik tatvon se bana hai akash jal vayu agni akash jal vayu agni aur prithvi ke paanch mahatvapurna bana hai inhin punch wahan tak pahuche har prani banaye ek mat yah hai doosra astik mat hai tu hinduon ka mat hai jo sanatan mat hai ki prithvi ka kan kan brahmaand mein jo kuch bhi hai vaah sab kuch bhagwan ke dwara nirmit bhagwan se yukt hai tabhi toh tulsidas ji ne kaha ki siyaram may sab jag jani karo ram jori jug paani arthat jo kuch bhi chakkar sansar mein dikhai de raha hai bus abhi kuch bhagwan shri ram aur sita ji se yukt ho maa jagajanani sita aur bhagwan shriram se yukt hai unse purn hai isliye unmen chicken matra mein unke darshan karte hue unhe dono hathon se pranam kijiye aisa maante hai aap kahin ka nahi banaya usi ki rachna hai yadi vaah nahi hota toh aapne dekha hai kabhi jab manav mar jata hai uske sharir ka koi ang kam nahi ho jata hai phir aap bataye ki usme kya company chali jaati hai ki vaah jabki nahi kar pata se bol nahi pata hai toh chal nahi pata hai iska matlab vo bol raha tha jo chal raha tha jo pati kar raha tha use aap aatma kahiye bhagwan chahiye vaah ek hi baat hai aatma se paramatma baata hai aatm jyoti hai aur aap shankaracharya ji ne toh yahan tak kaha ve ab deepak deshmukh ke manne waale the toh nikah M brahmasmi main hi bata do kuch bol raha hai jo kuch gati kar raha hai bharam mein hai aap dekhte hai manav ki jab mrityu ho jaati hai uske antargat ab aap log kehte ki aap uncle gayi SP indrajit purani punch bhautik tatvon ka bana hua yah sharir panchatatwa ho jata hai lekin vaah chapati kar raha tha jise praan chahiye aatma karke yah sab usi ki behen hai isliye hum maante hai ki sabhi ishwar ne banaya hai kyonki hum aashik hai kyonki hum log aadhyatmik aur jo vaastav mein hai vaah dekha kisi ne nahi lekin anubhav ne kiya har jagah kiya jata hai yadi aisa nahi hota toh tum socho heena kashyap ne prahlad ko maar raha tha usne usko ek garam lohe ke bane hue patthar ke bane hue ek khambhe se bandh diya aur kaha ki prahlad appu pachara chahen badle ishwar ko bula le o teri raksha karne mujhe maarne ja raha hoon usi samay khamma par karti narsingh avatar hua aur unhone harda kashyap ko mara aur pahlad do bachaya isse hum keh sakte hai ki main bhi ishwar hai vaah sabhi kuch usne banaya hai wahi uska banane vala hai wahi uska mitne vala hai abhi toh dekhte hai ki kuch pal pehle sab kuch shaant tha aur kuch hi palon mein bhukamp aa jata hai puri log maare jaate hai chal pade ho jaati hai log maare jaate hai achanak gangora jaati hai log maare jaate hai is prakar hum keh sakte hai ki ishwar nahi hum sab ka nirmaan kiya hai wahi hamara bhi jata hai

देखो इसके लिए दो विचार यदि आप आस्तिक थे या नास्तिक हैं तो आप तो यह मानना चाहिए कि संसार यह

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आपका प्रश्न है क्या हमें भक्ति भगवान ने बनाया जी आप को भगवान ने नहीं पता यह प्रकृति का नियम है परिवर्तन और आप विज्ञान की तरफ से सोचेंगे पहले कैसे आदमी पहले कैसे आदमी से बंदना आदमी आदमी से ऐसे छुपा नहीं चलता रहा है परिवर्तन होता रहा है पहले देखो कि जब भी होते थे उनके लिए बड़ी बात होती थी जांच में बच्चे खेलते थे तो कुबेर तो कैसा के लिए बड़ी मुश्किल से होती थी अब बच्चा छोटा बच्चा होते हुए भी मोबाइल कैसे मोबाइल चलाना जानता है डिप्राइव नियम भगवान सागर पहचानना है तो खुद को पहले अपना मेडिटेशन करो तो पता पड़ जाएगा कि क्या होता भगवान

aapka prashna hai kya hamein bhakti bhagwan ne banaya ji aap ko bhagwan ne nahi pata yah prakriti ka niyam hai parivartan aur aap vigyan ki taraf se sochenge pehle kaise aadmi pehle kaise aadmi se bandana aadmi aadmi se aise chupa nahi chalta raha hai parivartan hota raha hai pehle dekho ki jab bhi hote the unke liye badi baat hoti thi jaanch mein bacche khelte the toh kuber toh kaisa ke liye badi mushkil se hoti thi ab baccha chota baccha hote hue bhi mobile kaise mobile chalana jaanta hai deprive niyam bhagwan sagar pahachanana hai toh khud ko pehle apna meditation karo toh pata pad jaega ki kya hota bhagwan

आपका प्रश्न है क्या हमें भक्ति भगवान ने बनाया जी आप को भगवान ने नहीं पता यह प्रकृति का निय

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Paras

Blessing Baba

0:31
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जीना है एक अटल सत्य है क्योंकि हम मोह माया की नगरी में रहते हैं तो हम कहीं पर भी बाहर जो दर्शन करते हैं वह सब मोह माया ही है जो कि हजारों साल लाखो साल पुरानी है इसको धीरे-धीरे इतना हम कैद हो गए हैं इस मोह माया में किस से बाहर अपनी अंतरात्मा में जा कर नहीं पाते आत्मा को देख ही नहीं पाता जिसकी वजह से हम असली सच्चाई को देख नहीं पाते अंतिम लक्ष्य आत्मा को परमात्मा से मिलाना है

jeena hai ek atal satya hai kyonki hum moh maya ki nagari me rehte hain toh hum kahin par bhi bahar jo darshan karte hain vaah sab moh maya hi hai jo ki hazaro saal lakho saal purani hai isko dhire dhire itna hum kaid ho gaye hain is moh maya me kis se bahar apni antaraatma me ja kar nahi paate aatma ko dekh hi nahi pata jiski wajah se hum asli sacchai ko dekh nahi paate antim lakshya aatma ko paramatma se milana hai

जीना है एक अटल सत्य है क्योंकि हम मोह माया की नगरी में रहते हैं तो हम कहीं पर भी बाहर जो द

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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देखिए शरीर पांच तत्वों से बना है मगर शरीर बनने के बाद भी भगवान ने अपना यानी कि अपने स्वरूप को किस में प्रवाहित किया इसीलिए तो हम चलते हैं भगवान की सबकी से चलते हैं शरीर के तीन भाग हैं 5:00 तक हमें ईश्वर की कृपा से प्रकृति के द्वारा बनाया गया है

dekhiye sharir paanch tatvon se bana hai magar sharir banne ke baad bhi bhagwan ne apna yani ki apne swaroop ko kis mein pravahit kiya isliye toh hum chalte hain bhagwan ki sabki se chalte hain sharir ke teen bhag hain 5 00 tak hamein ishwar ki kripa se prakriti ke dwara banaya gaya hai

देखिए शरीर पांच तत्वों से बना है मगर शरीर बनने के बाद भी भगवान ने अपना यानी कि अपने स्वरू

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

1:28
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क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है हमें वाकई भगवान ने बनाया है कोई इंसान नहीं बना सकता किसी को कोई डॉक्टर को अगर बोल दो कि ठीक है जैसा यह इंसान है उसी तरीके से तुम एक बना दो तो नहीं बना सकता है मतलब भगवान की भगवान के बिना कुछ है ही नहीं इस पृथ्वी पर उसी ने सब को बनाया है बहुत चमत्कार करने वाली बात है कि हम किस तरह से खाते हैं हम खाना खाते हैं और किस तरह से आप पेशाब मल्लू या खून किस तरह से बनता जाता है हमारे शरीर में और हमारे शरीर की जैसे खाना खाते हैं प्रक्रिया शुरू हो जाती है कि कौन इंसान भी बना सकता है किसी भी चीज के लिए जो डॉक्टर है वह मदद कर सकते हैं एक उंगली टेढ़ी हो गई है तो उसको वह मदद कर सकते हैं सीधी लेकिन अगर उसको कोई बोल दो कि यह तीनों लिया है और दो और आप बना दो तो वह नहीं बना सकता यह जो सारा सारी प्रकृति में जो भी इंसान पशु पक्षी पेड़ पौधे हैं सब कुछ भगवान ने बनाया है भगवान के अलावा कुछ है ही नहीं पृथ्वी पर उसके अलावा किसी की सत्ता नहीं है कोई नहीं है बनाने वाला भगवान ने कि वाकई में सब कुछ बनाया है थैंक यू

kya hamein vaakai bhagwan ne banaya hai hamein vaakai bhagwan ne banaya hai koi insaan nahi bana sakta kisi ko koi doctor ko agar bol do ki theek hai jaisa yah insaan hai usi tarike se tum ek bana do toh nahi bana sakta hai matlab bhagwan ki bhagwan ke bina kuch hai hi nahi is prithvi par usi ne sab ko banaya hai bahut chamatkar karne wali baat hai ki hum kis tarah se khate hain hum khana khate hain aur kis tarah se aap peshab mallu ya khoon kis tarah se baata jata hai hamare sharir mein aur hamare sharir ki jaise khana khate hain prakriya shuru ho jaati hai ki kaun insaan bhi bana sakta hai kisi bhi cheez ke liye jo doctor hai vaah madad kar sakte hain ek ungli tedhi ho gayi hai toh usko vaah madad kar sakte hain seedhi lekin agar usko koi bol do ki yah tatvo liya hai aur do aur aap bana do toh vaah nahi bana sakta yah jo saara saree prakriti mein jo bhi insaan pashu pakshi ped paudhe hain sab kuch bhagwan ne banaya hai bhagwan ke alava kuch hai hi nahi prithvi par uske alava kisi ki satta nahi hai koi nahi hai banane vala bhagwan ne ki vaakai mein sab kuch banaya hai thank you

क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है हमें वाकई भगवान ने बनाया है कोई इंसान नहीं बना सकता किसी

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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

0:53
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हम का सवाल बहुत बढ़िया है क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है इसका मतलब कि आप माता-पिता को कोई श्रेय नहीं देना चाहते हैं माता-पिता को उस नजरिया से ही दिखता नहीं चाहते आप आपका माता-पिता जो है आज hm2 बॉडी तो है उनसे भी उनके में कोई गांठ है उनके जो उनके दृश्य और अदृश्य रहते हुए भी हम लोगों को पूरा ध्यान रखना सर्वप्रथम भगवान माता पिता ही है जिसने आप को जन्म दिया भगवान ने श्रेय दिया आपके माता-पिता को किया उसके थ्रू हुए हेतु को हमारे से भी श्रेष्ठ है आप भी उन को श्रेष्ठ माना धन्यवाद

hum ka sawaal bahut badhiya hai kya hamein vaakai bhagwan ne banaya hai iska matlab ki aap mata pita ko koi shrey nahi dena chahte hain mata pita ko us najariya se hi dikhta nahi chahte aap aapka mata pita jo hai aaj hm2 body toh hai unse bhi unke me koi ganth hai unke jo unke drishya aur adrishya rehte hue bhi hum logo ko pura dhyan rakhna sarvapratham bhagwan mata pita hi hai jisne aap ko janam diya bhagwan ne shrey diya aapke mata pita ko kiya uske through hue hetu ko hamare se bhi shreshtha hai aap bhi un ko shreshtha mana dhanyavad

हम का सवाल बहुत बढ़िया है क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है इसका मतलब कि आप माता-पिता को को

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आपका प्रश्न है क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है निश्चित रूप से हमें भगवान ने बनाया है भगवान ने हमें ही नहीं इस सारी सृष्टि को इस सारे जगत को इस सारे ब्रह्मांड को जिसके बारे में अभी तक हम सभी को पूर्ण रूप से ज्ञान नहीं हुआ इन सारी चीजों को ईश्वर ने बनाया है

aapka prashna hai kya hamein vaakai bhagwan ne banaya hai nishchit roop se hamein bhagwan ne banaya hai bhagwan ne hamein hi nahi is saari shrishti ko is saare jagat ko is saare brahmaand ko jiske bare me abhi tak hum sabhi ko purn roop se gyaan nahi hua in saari chijon ko ishwar ne banaya hai

आपका प्रश्न है क्या हमें वाकई भगवान ने बनाया है निश्चित रूप से हमें भगवान ने बनाया है भगवा

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भगवान ने बनाया नहीं भगवान ने हमारी आत्मा को डाला है घर पर बनाए पवन और सूर्य इन सब से मिलकर हमारा शरीर को लेकर भगवान हमारी आत्मा है ना बोल रहे हैं हमारा नेतृत्व

bhagwan ne banaya nahi bhagwan ne hamari aatma ko dala hai ghar par banaye pawan aur surya in sab se milkar hamara sharir ko lekar bhagwan hamari aatma hai na bol rahe hain hamara netritva

भगवान ने बनाया नहीं भगवान ने हमारी आत्मा को डाला है घर पर बनाए पवन और सूर्य इन सब से मिलकर

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