हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं?...


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Raj Yadav

Veterinary Doctor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए देकर बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उनको छोटा-छोटा काम देना चाहिए छोटे-छोटे वर्कर देना चाहिए फिर वह कंप्लीट कर देंगे उसको तो उसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा कि हम देख कर सकते हैं उन्हें नीचे करने के लिए कोशिश करने दीजिए उनका काम कंप्लीट करके उसके बाद

hum apne baccho me aatmvishvaas kaise badhae dekar baccho me aatmvishvaas badhane ke liye unko chota chota kaam dena chahiye chote chote worker dena chahiye phir vaah complete kar denge usko toh uske baad unka aatmvishvaas badhega ki hum dekh kar sakte hain unhe niche karne ke liye koshish karne dijiye unka kaam complete karke uske baad

हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए देकर बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उनको छ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बस कार आपका पसंद है हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए आत्मविश्वास होना बहुत ही जरूरी है आत्मविश्वास के बिना हम सफल नहीं हो सकते और आत्मविश्वास बचपन से ही आग यदि हम में बनना शुरू हो जाए तो कहीं ना कहीं हमें इसका बहुत लाभ होता है मां-बाप छोटी उम्र में यदि बच्चों को उनके छोटे-छोटे निर्णय खुद करने दे तो कहीं ना कहीं उनका आत्मविश्वास बढ़ता है कि कुछ निर्णय करने के बाद में कुछ गलतियां होती है और व्यक्ति सीखता है परंतु मां बाप अपने बच्चों को अपने ऊपर बहुत डिपेंडेंट बना देते हैं उनके छोटे-छोटे निर्णय भी खुद ही लेते हैं इस वजह से बच्चों में आत्मविश्वास की कमी आती है कभी अगर छोटे बच्चे को घर पर छोड़ कर जाना हो तो मां-बाप नहीं जाते यह गलत है यदि बच्चा 10 12 वर्ष का है तो उसे घर के बारे में समझा कर आपको घर से बाहर जाना चाहिए इस वजह से देखा गया है कि कुछ बच्चों के मां-बाप दोनों अगर नौकरी कर तो उन बच्चों में ज्यादा आत्मविश्वास होता है क्योंकि बच्चों को इस तरह से पालते हैं जबकि 24 घंटे मां का साथ में रहना उसके लिए फायदा भी है परंतु उसके आत्मविश्वास को कमजोर भी बनाता है इसलिए हमें जीवन में कुछ चीजों का संतुलन बनाना जरूरी है यदि हम अपने बच्चों की बहुत ज्यादा सुरक्षा करेंगे या उनको बहुत ज्यादा सुरक्षा देंगे तो कहीं ना कहीं हम उनको नुकसान भी पूछ सकते हैं इसलिए हमें अपने बच्चों की पसंद का ध्यान रखते हुए उन्हें उनका निर्णय खुद लेने देना चाहिए साथ में यदि आतम अगर कोई हमसे गलती हो जाती है तो उसको ज्यादा डांटना नहीं चाहिए उल्टा उन्हें समझाना चाहिए हमको छोटे से एग्जांपल से बताऊंगा कुछ बच्चे अपनी कटिंग कराने के लिए खुद चले जाते हैं और करवा कर आ जाते हैं परंतु आज भी कुछ बच्चों के मां-बाप उनकी कटिंग कराने साथ में जाते हैं अपनी पसंद से कटिंग करा कर आते हैं या बच्चे अकेले कोटिंग करवा कर आ गए तुम को डांटते कि तू गलत तरीके से कटिंग करा कर आए हैं अब बाल बच्चे की खुद जब तक ज्यादा जरूरत नहीं है कुछ ज्यादा वह गलत तरीके से बाल कटवाया तो अलग बात है परंतु यदि सामान्य तोड़ते हैं तो उसे उस तरह की चॉइस दीजिए यदि बच्चा 1 दिन खाना नहीं खाना चाहता तो बच्चों के पीछे पड़ जाते हैं खाओ खाओ खाओ है कहीं ना कहीं अपने और अपने विश्वास को तोड़ देता है धन्यवाद

bus car aapka pasand hai hum apne baccho me aatmvishvaas kaise badhae aatmvishvaas hona bahut hi zaroori hai aatmvishvaas ke bina hum safal nahi ho sakte aur aatmvishvaas bachpan se hi aag yadi hum me banna shuru ho jaaye toh kahin na kahin hamein iska bahut labh hota hai maa baap choti umar me yadi baccho ko unke chote chote nirnay khud karne de toh kahin na kahin unka aatmvishvaas badhta hai ki kuch nirnay karne ke baad me kuch galtiya hoti hai aur vyakti sikhata hai parantu maa baap apne baccho ko apne upar bahut dependent bana dete hain unke chote chote nirnay bhi khud hi lete hain is wajah se baccho me aatmvishvaas ki kami aati hai kabhi agar chote bacche ko ghar par chhod kar jana ho toh maa baap nahi jaate yah galat hai yadi baccha 10 12 varsh ka hai toh use ghar ke bare me samjha kar aapko ghar se bahar jana chahiye is wajah se dekha gaya hai ki kuch baccho ke maa baap dono agar naukri kar toh un baccho me zyada aatmvishvaas hota hai kyonki baccho ko is tarah se palate hain jabki 24 ghante maa ka saath me rehna uske liye fayda bhi hai parantu uske aatmvishvaas ko kamjor bhi banata hai isliye hamein jeevan me kuch chijon ka santulan banana zaroori hai yadi hum apne baccho ki bahut zyada suraksha karenge ya unko bahut zyada suraksha denge toh kahin na kahin hum unko nuksan bhi puch sakte hain isliye hamein apne baccho ki pasand ka dhyan rakhte hue unhe unka nirnay khud lene dena chahiye saath me yadi atam agar koi humse galti ho jaati hai toh usko zyada dantana nahi chahiye ulta unhe samajhana chahiye hamko chote se example se bataunga kuch bacche apni cutting karane ke liye khud chale jaate hain aur karva kar aa jaate hain parantu aaj bhi kuch baccho ke maa baap unki cutting karane saath me jaate hain apni pasand se cutting kara kar aate hain ya bacche akele coating karva kar aa gaye tum ko dantate ki tu galat tarike se cutting kara kar aaye hain ab baal bacche ki khud jab tak zyada zarurat nahi hai kuch zyada vaah galat tarike se baal katvaya toh alag baat hai parantu yadi samanya todte hain toh use us tarah ki choice dijiye yadi baccha 1 din khana nahi khana chahta toh baccho ke peeche pad jaate hain khao khao khao hai kahin na kahin apne aur apne vishwas ko tod deta hai dhanyavad

बस कार आपका पसंद है हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए आत्मविश्वास होना बहुत ही जरू

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Manish Sharma

Hypnotherapist and Founder, SecondSightIndia

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चों में सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए उन्हें मोटिवेशनल कुछ वीडियोस दिखाएं बच्चों की और साथ में ब्रेन सिंह जैसे एक्सरसाइज कराएं इडली यूट्यूब पर अवेलेबल है अब रिमझिम एक्सरसाइज कर आते हैं और साथ में उनको मोटिवेशनल वीडियोस अगर दिखाते हैं तो उनके अंदर कॉन्फिडेंस पड़ता है

bacchon mein self confidence badhane ke liye unhe Motivational kuch videos dikhaen baccho ki aur saath mein brain Singh jaise exercise karaye idli youtube par available hai ab rimjhim exercise kar aate hain aur saath mein unko Motivational videos agar dikhate hain toh unke andar confidence padta hai

बच्चों में सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए उन्हें मोटिवेशनल कुछ वीडियोस दिखाएं बच्चों की और

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Porshia Chawla Ban

Psychologist

3:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए तो आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आप बच्चों को ही यकीन दिलाएं की सही दिशा में सही प्रयास किया जाता है तो उसमें रिजल्ट जो आता है परिणाम जो आता है वह अच्छा ही आता है इतना समझाएं और यह समझाएं कि अगर कभी गलत कुछ हो भी गया कुछ हासिल आपके मन मुताबिक नहीं भी हुआ तो विचलित ना हो क्योंकि यह आपको आपके सफलता की ओर ही लेकर गया हुआ प्रयास है यह विफलता नहीं है यह सफलता की तरफ बढ़ा हुआ है कदम ही है अगले प्रयास में या उसके अगले प्रयास में आप जरूर कामयाब हो जाएंगे तो आपको अपना स्टेमिना बढ़ाते रहना है और फिर आपको कोशिश करते रहनी है इस तरह से आप उनको समझाएं और जीवन में उनको जब भी शाबाशी दे अप्रिशिएट करें अपने बच्चे को तो उसके व्यक्तिगत गुण हैं उनके लिए नहीं उसके प्रयासों के लिए उसकी सराहना करें कि तुमने अच्छा परफॉर्म किया तुमने इसमें मेहनत करी तुम्हारी मेहनत रंग लाई ना कि यह बोले कि तुम तो बहुत स्मार्ट हो तुम तो बहुत अच्छे हो तुम तो कर लोगे क्योंकि उससे क्या होता है अच्छा हुआ तो तो ठीक है वह और ज्यादा इकोस्टिक हो सकता है या ना भी हो तो वह सोचेगा कि यह मैंने हासिल किया है या यह मेरी वजह है लेकिन अगर मन मुताबिक रिजल्ट नहीं मिला तो भी वह पर्सनली ले लेगा कि जैसे ही उसकी विफलता है तू भी फलता इंसान की नहीं होती है उसके प्रयास की होती है तो वह भी देखा जाए तो सिर्फ कुछ प्रयास की कमी के कारण यह सही दिशा में सही मार्गदर्शन की कमी के कारण होता है तो अगर वो रहेगा तो फिर डेफिनेटली सफलता जो है वह आपको मिल ही जाएगी तो अगर आप इस तरह से उन को समझाते हैं यह इस कांसेप्ट फुल क्लेरिटी के साथ उनकी परवरिश कर जीवन में कभी भी वह हार या जीत को पर्सनल होकर नहीं देखेंगे तो आप बहुत सारी चीजों से बहुत सारे प्रॉब्लम से बच जाएंगे बहुत सारे जो पर्सनालिटी सो जाते हैं बहुत सारी जॉन के व्यवहार में बदलाव में कब बदलाव आ जाते हैं या कुछ कमी उनको अपने अंदर महसूस होती है आत्मविश्वास कम लगता है तो यह सारी प्रॉब्लम तो है गरोठ का जहर की पर्सनल होकर हर चीज को जब देखते हैं तो फिर यह सब प्रॉब्लम चाहते हैं या फिर ऑल ओर नथिंग थिंकिंग कि आप पूरा का पूरा या नहीं या तो हम हो गए सफल या असफल ऐसा नहीं है बीच में हमारी परफॉर्मेंस होती है भाई बीच में रिजल्ट होता है तो उनको यह बताना है हमको किस वर्ष के कौन से आप देखें सक्सेस को इस दृष्टिकोण से देखें अपने जीवन के हर पहलू को और पर्सनली ना लें अपनी किसी भी चीज सीमेंट को या फिर किसी भी शैली और को वह सिर्फ आपका उस दिशा में किया गया प्रयास था अगर वह मार्कशीट कर लेता है तो फिर हम बोलते हैं कि सक्सेसफुल हो गया कि नहीं हुआ तो हम बोलते हैं बस इतना ही है तो पर्सनल अटैचमेंट्स जो है वह कंट्रोल करना सिखाए धन्यवाद

aapka sawaal hai hum apne baccho mein aatmvishvaas kaise badhae toh aatmvishvaas badhane ke liye aap baccho ko hi yakin dilaye ki sahi disha mein sahi prayas kiya jata hai toh usme result jo aata hai parinam jo aata hai vaah accha hi aata hai itna samjhayen aur yah samjhayen ki agar kabhi galat kuch ho bhi gaya kuch hasil aapke man mutabik nahi bhi hua toh vichalit na ho kyonki yah aapko aapke safalta ki aur hi lekar gaya hua prayas hai yah vifalta nahi hai yah safalta ki taraf badha hua hai kadam hi hai agle prayas mein ya uske agle prayas mein aap zaroor kamyab ho jaenge toh aapko apna stamina badhate rehna hai aur phir aapko koshish karte rehni hai is tarah se aap unko samjhayen aur jeevan mein unko jab bhi shabashi de aprishiet kare apne bacche ko toh uske vyaktigat gun hain unke liye nahi uske prayaso ke liye uski sarahana kare ki tumne accha perform kiya tumne isme mehnat kari tumhari mehnat rang lai na ki yah bole ki tum toh bahut smart ho tum toh bahut acche ho tum toh kar loge kyonki usse kya hota hai accha hua toh toh theek hai vaah aur zyada ikostik ho sakta hai ya na bhi ho toh vaah sochega ki yah maine hasil kiya hai ya yah meri wajah hai lekin agar man mutabik result nahi mila toh bhi vaah personally le lega ki jaise hi uski vifalta hai tu bhi phalata insaan ki nahi hoti hai uske prayas ki hoti hai toh vaah bhi dekha jaaye toh sirf kuch prayas ki kami ke karan yah sahi disha mein sahi margdarshan ki kami ke karan hota hai toh agar vo rahega toh phir definetli safalta jo hai vaah aapko mil hi jayegi toh agar aap is tarah se un ko smajhate hain yah is concept full kleriti ke saath unki parvarish kar jeevan mein kabhi bhi vaah haar ya jeet ko personal hokar nahi dekhenge toh aap bahut saree chijon se bahut saare problem se bach jaenge bahut saare jo personality so jaate hain bahut saree john ke vyavhar mein badlav mein kab badlav aa jaate hain ya kuch kami unko apne andar mehsus hoti hai aatmvishvaas kam lagta hai toh yah saree problem toh hai garoth ka zehar ki personal hokar har cheez ko jab dekhte hain toh phir yah sab problem chahte hain ya phir all aur nothing thinking ki aap pura ka pura ya nahi ya toh hum ho gaye safal ya asafal aisa nahi hai beech mein hamari performance hoti hai bhai beech mein result hota hai toh unko yah bataana hai hamko kis varsh ke kaunsi aap dekhen success ko is drishtikon se dekhen apne jeevan ke har pahaloo ko aur personally na le apni kisi bhi cheez cement ko ya phir kisi bhi shaili aur ko vaah sirf aapka us disha mein kiya gaya prayas tha agar vaah marksheet kar leta hai toh phir hum bolte hain ki successful ho gaya ki nahi hua toh hum bolte hain bus itna hi hai toh personal ataichments jo hai vaah control karna sikhaye dhanyavad

आपका सवाल है हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए तो आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आप बच्

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

1:52

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप तो सवाल है कि हम बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए के बच्चे में आत्मविश्वास के लिए सबसे अहम जीत से एक बच्चा चाहता है सेफ्टी अगर आप चाहते हैं कि बच्चे में बहुत ज्यादा आत्मा विश्वास ओं कॉन्फिडेंस वह कोई भी चीज को आगे बढ़कर करें तो उसमें सबसे पहली चीज उनको यह बताइए कि उनकी हार और जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता उनको यह बताइए कि वह सिर्फ है वह जो भी काम करें आप यह देखोगे कि उन्होंने कितनी मेहनत और लगन से कि यह नहीं देखी है क्या उसमें कितने कामयाब रहे या नाकामयाब रहे इससे क्या होगा के बच्चे के मन में कोई भी काम कोई सब्जेक्ट वह पढ़ना चाहता हूं कोई स्पोर्ट्स में हो जाना चाहते हैं कोई हॉबी एक उचित सीखना चाहते हैं तो वह चीज को ऐसे अप्रोच नहीं करेंगे कि वह कंपटीशन है कि यह सोचेंगे कि यह मुझे अच्छी लगती है मेरे पर्सनल ग्रोथ डेवलपमेंट के लिए अच्छी और यह मुझे करनी चाहिए इस तरह एक बच्चे के अंदर आत्मविश्वास आता है क्योंकि जब हम बच्चे को जज करने लगते हैं और कहते हैं कि तुमने ढंग से नहीं किया और बेहतर कर सकते थे तब आत्मविश्वास की कमी पाई जाती है तब बच्चे को यह लगता है कि एक हर जीवन का एक स्टेज कंपटीशन है और हर बार उसको कहीं ना कहीं कंपटीशन में कहीं मार्क्स लाने ज्यादा कहीं एक लेवल लाना है या कहीं कोई ब्रेड लाना है तो इससे बच्चों को दूर रखें उसको कहिए की जीत हार हम नहीं है कोशिश है मैं और हर इंसान हर समय जीते यह जरूरी नहीं है हर समय हार जाए यह भी जरूरी नहीं कोशिश करते रहे मेहनत करते रहें तो अपने आप जीत उसको मिलेगी इस तरह का वातावरण बनाए सेफ्टी दे बच्चों में तो बच्चों में जितना आप विश्वास दोगे उतना उनमें आत्मविश्वास बनेगा धन्यवाद

aap toh sawaal hai ki hum baccho mein aatmvishvaas kaise badhae ke bacche mein aatmvishvaas ke liye sabse aham jeet se ek baccha chahta hai safety agar aap chahte hain ki bacche mein bahut zyada aatma vishwas on confidence vaah koi bhi cheez ko aage badhkar kare toh usme sabse pehli cheez unko yah bataye ki unki haar aur jeet se koi fark nahi padta unko yah bataye ki vaah sirf hai vaah jo bhi kaam kare aap yah dekhoge ki unhone kitni mehnat aur lagan se ki yah nahi dekhi hai kya usme kitne kamyab rahe ya nakamayab rahe isse kya hoga ke bacche ke man mein koi bhi kaam koi subject vaah padhna chahta hoon koi sports mein ho jana chahte hain koi hobby ek uchit sikhna chahte hain toh vaah cheez ko aise approach nahi karenge ki vaah competition hai ki yah sochenge ki yah mujhe achi lagti hai mere personal growth development ke liye achi aur yah mujhe karni chahiye is tarah ek bacche ke andar aatmvishvaas aata hai kyonki jab hum bacche ko judge karne lagte hain aur kehte hain ki tumne dhang se nahi kiya aur behtar kar sakte the tab aatmvishvaas ki kami payi jaati hai tab bacche ko yah lagta hai ki ek har jeevan ka ek stage competition hai aur har baar usko kahin na kahin competition mein kahin marks lane zyada kahin ek level lana hai ya kahin koi bread lana hai toh isse baccho ko dur rakhen usko kahiye ki jeet haar hum nahi hai koshish hai aur har insaan har samay jeete yah zaroori nahi hai har samay haar jaaye yah bhi zaroori nahi koshish karte rahe mehnat karte rahein toh apne aap jeet usko milegi is tarah ka vatavaran banaye safety de baccho mein toh baccho mein jitna aap vishwas doge utana unmen aatmvishvaas banega dhanyavad

आप तो सवाल है कि हम बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए के बच्चे में आत्मविश्वास के लिए सबसे

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए जब बच्चा टूट जाता है

hum apne baccho mein aatmvishvaas kaise badhae jab baccha toot jata hai

हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए जब बच्चा टूट जाता है

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Rajesh Gupta

Counselor-Career, Relationship, Depression N Psychological Issues, Soft Skill TPositive Life Coach, Hypnotherapy,

2:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है कि हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए देखो दोस्त यह एक बहुत ही सिंपल बट वेरी डिफिकल्ट चीज है हम सबसे पहले कि जैसे कि हम अपने बच्चों को डांटते हैं तो उनको डालने से पहले कुछ सोचे बच्चों की जो साइकोलॉजि है वह बचपन से ही शुरू हो जाती है जैसे कि हम क्या होती हैं कि जैसे बच्चे खाना नहीं खाते में कोई चीज नहीं मानते तो बाबा उनको माता उनको कहती हैं कि वह बिल्ली आ जाएगी तो मैं डर आएगी कुत्ता आ जाएगा चौकीदार आ जाएगा जिससे कि बच्चों को हम डराते हैं और वह क्या होता है कि उनका नाम आज से आत्मविश्वास दिखना शुरू हो जाता है डर के मारे खाना तो खा लेते हैं उनका क्या है उनका एक सेल्फ कॉन्फिडेंस होना शुरू हो जाते हैं तो बच्चों को शुरू से इस्लाम से हम जानते नहीं या सिर्फ अपनी को सिंपलीफाई करने के लिए बच्चों को इस्लाम से उनको भ्रमित करें दूसरा बच्चों को बचपन से ही आप सर्च आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश करें उनको बचपन से ही छोटी-छोटी चीजें लेने के लिए हम प्रेरित करें उनको अपने डिसीजन लेने के लिए प्रेरित करें जहां पर उनको लगेगी वह गलत है आप उनको एक दोस्त बनकर समझाइए उनको बच्चों का कभी कंप्लीशन मत कीजिए हर एक बच्चे की प्लस्पॉइंट नेगेटिव पॉइंट्स होता है एवरी चाइल्ड इज ए यूनिट उसकी लर्निंग स्टाइल उसका भी एक करने का स्टाइल अलग होता है तो अगर वह आपका बच्चा किसी और से उतना जितना इंटेलिजेंट नहीं है या अपने मार्क्स नहीं ले जाते हैं तो कभी बच्चों का कंपटीशन मत करें अपने बच्चे को हमेशा जब भी कोई गलती होती है अगर कोई गलती से सीख लेता है तो वह गलत नहीं है लेकिन अगर गलती के बाद भी दोबारा गर्ल से सीख नहीं लेता तो डेफिनिटी वह एक अच्छी चीज नहीं है तो बच्चे से जब भी कोई गलती हो जाए बच्चे को डांटे नहीं बच्चे को समझाएं कि उस गलती से उसको क्या लेनी चाहिए इससे हम बच्चे को आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं

aapka question hai ki hum apne baccho mein aatmvishvaas kaise badhae dekho dost yah ek bahut hi simple but very difficult cheez hai hum sabse pehle ki jaise ki hum apne baccho ko dantate hain toh unko dalne se pehle kuch soche baccho ki jo psycology hai vaah bachpan se hi shuru ho jaati hai jaise ki hum kya hoti hain ki jaise bacche khana nahi khate mein koi cheez nahi maante toh baba unko mata unko kehti hain ki vaah billi aa jayegi toh main dar aayegi kutta aa jaega chaukidaar aa jaega jisse ki baccho ko hum darate hain aur vaah kya hota hai ki unka naam aaj se aatmvishvaas dikhana shuru ho jata hai dar ke maare khana toh kha lete hain unka kya hai unka ek self confidence hona shuru ho jaate hain toh baccho ko shuru se islam se hum jante nahi ya sirf apni ko simpalifai karne ke liye baccho ko islam se unko bharmit kare doosra baccho ko bachpan se hi aap search aatmanirbhar banane ki koshish kare unko bachpan se hi choti choti cheezen lene ke liye hum prerit kare unko apne decision lene ke liye prerit kare jaha par unko lagegi vaah galat hai aap unko ek dost bankar samjhaiye unko baccho ka kabhi completion mat kijiye har ek bacche ki plaspaint Negative points hota hai every child is a unit uski learning style uska bhi ek karne ka style alag hota hai toh agar vaah aapka baccha kisi aur se utana jitna Intelligent nahi hai ya apne marks nahi le jaate hain toh kabhi baccho ka competition mat kare apne bacche ko hamesha jab bhi koi galti hoti hai agar koi galti se seekh leta hai toh vaah galat nahi hai lekin agar galti ke baad bhi dobara girl se seekh nahi leta toh definiti vaah ek achi cheez nahi hai toh bacche se jab bhi koi galti ho jaaye bacche ko Dante nahi bacche ko samjhayen ki us galti se usko kya leni chahiye isse hum bacche ko aatmvishvaas badha sakte hain

आपका क्वेश्चन है कि हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए देखो दोस्त यह एक बहुत ही सिं

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Veer Bhupinder Singh Ji

The Visionary, www.thelivingtreasure.org

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देखो आत्मविश्वास तो इन डीजल ने अपना आप बढ़ाना है लेकिन जो बच्चा है वह इनोसेंट है उसको मालूम नहीं है उसको जितना पेरेंट्स डोमिनेट करती है बैठ जा अब खड़ा हो जा तू जा पुन्नी सुनना बैठकर अब होमवर्क कर अब जितना पैरेट को पपीता यूज करते हैं तो उसका सेल्फ कॉन्फिडेंस है वह बिल्डर नहीं होता जिसके कारण उसकी सिम चल सकती है कि खराब हो तो आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बच्चा जो कर रहा है उसके साथ उसको ज्यादा पॉजिटिव एटीट्यूड परसेंट करे करना चैटिंग क्यों मुझको बाम से अपनी प्रेजेंट किसी को अपना लाभ दें अब हम काम करते हैं ना तो उसमें पैरंट्स हमेशा बच्चे की कंप्लेंट करते हैं हमारा बच्चा ही है वह दूसरों के साथ कंपेयर करके उसको लड्डू नाम से रिक्वेस्ट करता हूं कि अब आपका एट प्रेजेंट प्रॉब्लम क्या है तो बोलते हैं मेरा बच्चा गुस्सा बहुत करता है मेरा बच्चा कहना नहीं मानता मेरा बच्चा मेरा बच्चा बुरा भला बोलता है गालियां निकालता है शैतानी करता है खाना नहीं खाता अपना अपने बच्चे के साथ प्यार करना शुरू कर दें हम तो प्यार करते हैं तो फिर मैं आपको बोलता हूं यह तो प्यार करते हैं लेकिन आपका प्यार होने के कारण डोमिनेटिंग तो नहीं हो गया आप इस चीज को देखो और अपनी डोमिनेशन को और फिर आप क्या करोगी अगर मैं मान भी लूं कि आप हंड्रेड परसेंट प्यार करते हैं तो प्लीज अपना प्यार क्यों हंड्रेड परसेंट शुरू कर दो तो जितना पेरेंट्स की तरफ से बच्चे को प्यार मिलता है अपनापन मिलता है और डोमिनेशन नहीं मिलती है तो बच्चे का स्थल कौन मेरे को तो इतना तू समझ ले

dekho aatmvishvaas toh in diesel ne apna aap badhana hai lekin jo baccha hai vaah Innocent hai usko maloom nahi hai usko jitna parents dominet karti hai baith ja ab khada ho ja tu ja punni sunana baithkar ab homework kar ab jitna Parrot ko papita use karte hain toh uska self confidence hai vaah builder nahi hota jiske karan uski sim chal sakti hai ki kharab ho toh aatmvishvaas badhane ke liye baccha jo kar raha hai uske saath usko zyada positive attitude percent kare karna chatting kyon mujhko bam se apni present kisi ko apna labh de ab hum kaam karte hain na toh usme Parents hamesha bacche ki complaint karte hain hamara baccha hi hai vaah dusro ke saath compare karke usko laddu naam se request karta hoon ki ab aapka ate present problem kya hai toh bolte hain mera baccha gussa bahut karta hai mera baccha kehna nahi manata mera baccha mera baccha bura bhala bolta hai galiya nikalata hai shaitani karta hai khana nahi khaata apna apne bacche ke saath pyar karna shuru kar de hum toh pyar karte hain toh phir main aapko bolta hoon yah toh pyar karte hain lekin aapka pyar hone ke karan domineting toh nahi ho gaya aap is cheez ko dekho aur apni domineshan ko aur phir aap kya karogi agar main maan bhi loo ki aap hundred percent pyar karte hain toh please apna pyar kyon hundred percent shuru kar do toh jitna parents ki taraf se bacche ko pyar milta hai apnapan milta hai aur domineshan nahi milti hai toh bacche ka sthal kaun mere ko toh itna tu samajh le

देखो आत्मविश्वास तो इन डीजल ने अपना आप बढ़ाना है लेकिन जो बच्चा है वह इनोसेंट है उसको मालू

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हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए लिखी आत्मविश्वास एक शुभ शक्ति है अरे शुभ शक्ति जो है हर एक इंसान जेसीओ पैदा होता है तो उसके अंदर जो है उस व्यक्ति या सुख रूप से मौजूद होती होती है तो आगे चलकर जो है अगर पॉजिटिवली हमने चैनेलाइज किया पैसा वातावरण वैसा माहौल है हमें उसके इर्द-गिर्द जो है कराने की अगर हमने इतनी मेहनत की तो यह चीजें जो है जो शुरू में ही है तो उजागर होने लगती है बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाना है यह धारणा लेकर उस पर काम करने लगेंगे सारे के सारे घर वाले जो होते हैं परिवार वाले और यह धारणा लेकर आगे आएंगे और उसके ऊपर जो है ना काम करने लगेंगे तो फिर क्या होगा कि एक अलग ही जो है दिशा की ओर जो है ना मुंह में चल जाएगी तो काम करने लगते हैं अपनी धारणा बनी हुई होती है कि मैं यह करना है बच्चों को ऐसा बनाना है वैसा बनाना है उसका आत्मविश्वास पहले बढ़ाना होगा वगैरा-वगैरा धारणा लिए होते हैं और फिर वह उस पर जो ही सारे काम करते हैं ना तो सारा प्यार उसी चीज पर रहता है तो तेरी एक करो या ना करो या ना करो एकदम का नहीं करना हिंदुस्तानी करना है आपको तो यह सारी जो बच्चा जो है ना करो तो मुझे करना कि है तो फिर उसको जो है ना फिर वह आत्मा थोड़ी पड़ेगा जो है ना मतलब जो है देखो कभी कभी अपने अनुभव किया होगा अभी मारुति मारुति उसको ले थोड़ी सेवा करते हैं यह फल फूल आते हैं फिर यह जो मतलब वह दवाई दवाई वगैरह देते थे यह सब ठीक है लेकिन उन्हें कुछ और करते कभी कभी जिसकी जो उसको शांति की जरूरत होती है तो हम जहां जरूरत नहीं है वह उस पर चर्चा में लगे रहते हैं कांति बिगाड़ देते हैं तो हम फिर अंदर ही अंदर चिड़चिड़ापन जाता है ठीक उसी तरह होता है वह बच्चे के बारे में अगर ऐसा करें तो अपनी सुभाष जो है हमें तो देखिए बचपन में है जब हम वहां बच्चों को हो आजकल की जो है ना खास करके महिला भगिनी माताएं तो सभी नहीं लेकिन एक लहंगा है क्या मतलब जो है नहीं देते बच्चा रोने लगा ना ज्यादा कुत्ता है यह देखा जाएगा देखो वहां वहां बहुत है सो जा पता इसका परिणाम क्या होता है वह आगे चलकर जो है जिंदगी वह जिंदगी भर वह छिपकली को जो है ना जब बड़ा भी हो गए ना 40 साल का तो फिर भी वह चुप के लिए आगे अगर देखी ना तो वह डर जाता है कुत्ते को देखा तो डर जाता है कोई आवाज आ गई अंधेरी में तू चल जाता है तो इसके बारे में तो फिर हमें शुरू से ही जो है ना अपने अंदर चिंतन करना चाहिए कि हम क्या बोलना है उनके सामने देखो मेरी अपनी मेरी खुद की जो है ना बच्ची की मैं बात कर रहा हूं तो उनको कहां गए थे बचपन में कि मैं कोई छिपकली है सो जा यह मत करना नहीं तो देखो यह छिपकली आ जाएगी और ज्यादा करो रोने लगी परेशान हो गई तो फिर उसको सुनाने के लिए फिर क्या कहते थे कि वही देखो सामने कुत्ता है वह आएगा तो अभी योग 20 साल की हो गई है तो पिछले हफ्ते में उन्होंने एक एक्टिवा ले ली और उनको सिखाने के लिए मैं मर गया और सिखाने लगा तो सामने से कुत्ते आ गए तो वह इतनी डर गई थी बोली अपने कुत्तों को हटाओ कुत्तों को हटाओ मैं बोला ऐसा नहीं होता है कुत्तों को फिर अगर सीखी भी तू एक्टिवा कर गाड़ी चलाना भी सीख गई तो मैं कैसे भेज दूं तुमको अकेली रास्ते में कहीं कुत्ता दिख गए तो गाड़ी छोड़ देगी और बाकी की तो फिर यह कैसे विश्वास तो है ना अपने आप बढ़ता है हमें सिर्फ क्या करना होता है कि हमको उसी तरह हमें सोचना चाहिए थोड़ा चिंतन मनन करके हमें क्या बोलना है यहां से शुरुआत करनी चाहिए आत्मविश्वास आने कि यहां आत्मा एक लखन से देखिए यह बहुत जरूरी चीज है आपको विश्वास और आत्मा आप को बढ़ाना मतलब यहां सवाल में जो है उसकी शारीरिक क्षमता कैसे बढ़ाई जाए यह नहीं पूछा गया आत्मा आत्मा आत्मा विश्वास अब देखिए मैंने अभी शुरू में जो मैंने कहा आत्मा है आत्मा तो स्वयं प्रकाशित है वह स्वयं शक्तिशाली है वह स्वयं जो है सभी विवेकशील है अच्छाई बुराई जो है वह सब जानती है आत्मा का मूल स्वरूप होता क्या है कि जैसे-जैसे बच्चा बड़ा हो जाता है तो फिर उसके ऊपर जो है ना पर्दे आ जाते हैं अज्ञानता के हमारे आस-पास जैसा भी माहौल है तो उस हिसाब से जो है या तो पॉजिटिव पर दिया जाएंगे या नेगेटिव आ जाएंगे तुम खुद का बड़ा महत्व है तो हमें इसकी खबर नारी लेनी चाहिए कि मैं ही उसका जो विश्वास बढ़ाना है वह तो प्रक्रिया होती रहेगी बस हमें जो है उसका आत्मविश्वास बढ़ते हुए हम कारण ना बनेगी उसका जो है विश्वास कम हो जाए ऐसा हमारे जरिए कुछ ऐसा ना बोल बेटे की उसके दिमाग में पूरी गहराई तक उपाद बैठ जाए जिंदगी भर नहीं होती फिर वह पूरे टी रहती है तू आत्मविश्वास बढ़ाना है तो अच्छी चीजें सामने रखनी चाहिए लेकिन कोई भी ना बात करनी होती है ना वैसा माहौल बनाना होता है अपने आप पढ़ने वाली बढ़ती रहती है हम सिर्फ उसको जो है अच्छी तरह से हम हम कारण न बने उसका जो है आत्मविश्वास जो है कम करने के लिए या उसको अलग दिशा में ले जाने के लिए क्योंकि लेकिन ऐसे ही होता है ना मिट्टी का जो गोला होता है तो उसको हम जैसे उसकी उसको उड़ाएंगे जैसा हम उसकी मूर्ति बनाने की सोचेंगे प्रेत करेंगे तो फिर वही से बनती है यानी कि हमारे हाथ में है हमें उसको क्या बनाना है लेकिन क्या बनाना है हम तय कर सकते हैं लेकिन एक ही नहीं होता कि अगर आपने सोच लिया कि इनको एक बनाना है यह होना है तो यह जो है ना अगर ऐसे सोच लेकर अगर हम उसके ऊपर जो है काम करने के लिए हम सारा जो है कौन से स्टेशन लगा देंगे तो फिर तो उसकी घुस मेड बढ़ेगी बच्चे की हमें सिर्फ एक करना है कि कोई ऐसी बात कोई ऐसा लफ्ज हम उसके सामने ना दोहराए है जिसकी वजह से जो है उसके अंदर का जो है इसकी चिंता पड़े उसके अंदर टावर पैदा हो ऐसा कुछ नहीं होना चिंता कब बढ़ेगी इसी कारण बढ़ेगी ना चिंता की भाई देखो तुमको ज्यादा मार्क जो है लाने हैं तुमको एक करना है वह करना है आईएएस बनना है तो बहुत पढ़ाई करनी होती है टीवी मत देखो ज्यादा खेलों में क्या करते हैं हम इसका मतलब यह होगा कि उसको जो है हम चिंता का कारण क्रिएट कर रहे हैं हमें यह नहीं करना है तो फिर आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जितना हो सके उतना उसकी जो उम्र होती है बचपन की अच्छी चीजें ही हम तो रहा है हम कारण ना बोले उसका आत्मविश्वास कम करने के लिए

hum apne baccho mein aatmvishvaas kaise badhae likhi aatmvishvaas ek shubha shakti hai are shubha shakti jo hai har ek insaan JCO paida hota hai toh uske andar jo hai us vyakti ya sukh roop se maujud hoti hoti hai toh aage chalkar jo hai agar positively humne chainelaij kiya paisa vatavaran waisa maahaul hai hamein uske ird gird jo hai karane ki agar humne itni mehnat ki toh yah cheezen jo hai jo shuru mein hi hai toh ujagar hone lagti hai baccho mein aatmvishvaas ko badhana hai yah dharana lekar us par kaam karne lagenge saare ke saare ghar waale jo hote hai parivar waale aur yah dharana lekar aage aayenge aur uske upar jo hai na kaam karne lagenge toh phir kya hoga ki ek alag hi jo hai disha ki aur jo hai na mooh mein chal jayegi toh kaam karne lagte hai apni dharana bani hui hoti hai ki main yah karna hai baccho ko aisa banana hai waisa banana hai uska aatmvishvaas pehle badhana hoga vagera vagaira dharana liye hote hai aur phir vaah us par jo hi saare kaam karte hai na toh saara pyar usi cheez par rehta hai toh teri ek karo ya na karo ya na karo ekdam ka nahi karna hindustani karna hai aapko toh yah saari jo baccha jo hai na karo toh mujhe karna ki hai toh phir usko jo hai na phir vaah aatma thodi padega jo hai na matlab jo hai dekho kabhi kabhi apne anubhav kiya hoga abhi maaruti maaruti usko le thodi seva karte hai yah fal fool aate hai phir yah jo matlab vaah dawai dawai vagera dete the yah sab theek hai lekin unhe kuch aur karte kabhi kabhi jiski jo usko shanti ki zarurat hoti hai toh hum jaha zarurat nahi hai vaah us par charcha mein lage rehte hai kanti bigad dete hai toh hum phir andar hi andar chidchidapan jata hai theek usi tarah hota hai vaah bacche ke bare mein agar aisa kare toh apni subhash jo hai hamein toh dekhiye bachpan mein hai jab hum wahan baccho ko ho aajkal ki jo hai na khaas karke mahila bhagini matayein toh sabhi nahi lekin ek lahanga hai kya matlab jo hai nahi dete baccha rone laga na zyada kutta hai yah dekha jaega dekho wahan wahan 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bola aisa nahi hota hai kutto ko phir agar sikhi bhi tu activa kar gaadi chalana bhi seekh gayi toh main kaise bhej doon tumko akeli raste mein kahin kutta dikh gaye toh gaadi chod degi aur baki ki toh phir yah kaise vishwas toh hai na apne aap badhta hai hamein sirf kya karna hota hai ki hamko usi tarah hamein sochna chahiye thoda chintan manan karke hamein kya bolna hai yahan se shuruat karni chahiye aatmvishvaas aane ki yahan aatma ek lakhan se dekhiye yah bahut zaroori cheez hai aapko vishwas aur aatma aap ko badhana matlab yahan sawaal mein jo hai uski sharirik kshamta kaise badhai jaaye yah nahi poocha gaya aatma aatma aatma vishwas ab dekhiye maine abhi shuru mein jo maine kaha aatma hai aatma toh swayam prakashit hai vaah swayam shaktishali hai vaah swayam jo hai sabhi vivekshil hai acchai burayi jo hai vaah sab jaanti hai aatma ka mul swaroop hota kya hai ki jaise jaise baccha bada ho jata hai toh phir uske upar jo hai na parde aa jaate hai agyanata ke hamare aas paas jaisa 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aatmvishvaas kam karne ke liye

हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए लिखी आत्मविश्वास एक शुभ शक्ति है अरे शुभ शक्ति ज

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नमस्कार दोस्तों जैसा कि आपका प्रश्न है कि हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए तो देखिए कोई भी चीज या कोई भी तो इंसान है या बच्चे को चालू भी हो उसका आत्मविश्वास तभी बहुत ज्यादा बढ़ता है जब आप उसके छोटे-छोटे कामों को ले करके उसकी तारीख को मोटिवेट करेंगे एक छोटी सी चीज को लेकर के तारीफ की जाए तो इंसान को कहीं ना कहीं इस बात से दिल पर लगती है इतनी तारीफ हो रही है मतलब इन छोटी सी चीजों को लेकर जब मेरी कितनी लगती है बड़ा काम करूंगा तो मेरी कितनी तारीफ होंगी और मैं किस लेवल पर पहुंच जाऊंगा तो उस समय उसका आत्मविश्वास उस काम को लेकर के शहीद बढ़ जाता है तो इस प्रकार से आप अपने बच्चों की तारीफ करके उनके आत्मविश्वास को उनके आत्मसम्मान को बढ़ा सकते हैं अगर उस इंसान या तो सफलता के शिखर तक जाएगा उसको कोई रोक नहीं पायेगा धन्यवाद

namaskar doston jaisa ki aapka prashna hai ki hum apne baccho me aatmvishvaas kaise badhae toh dekhiye koi bhi cheez ya koi bhi toh insaan hai ya bacche ko chaalu bhi ho uska aatmvishvaas tabhi bahut zyada badhta hai jab aap uske chote chote kaamo ko le karke uski tarikh ko motivate karenge ek choti si cheez ko lekar ke tareef ki jaaye toh insaan ko kahin na kahin is baat se dil par lagti hai itni tareef ho rahi hai matlab in choti si chijon ko lekar jab meri kitni lagti hai bada kaam karunga toh meri kitni tareef hongi aur main kis level par pohch jaunga toh us samay uska aatmvishvaas us kaam ko lekar ke shaheed badh jata hai toh is prakar se aap apne baccho ki tareef karke unke aatmvishvaas ko unke atmasamman ko badha sakte hain agar us insaan ya toh safalta ke shikhar tak jaega usko koi rok nahi payega dhanyavad

नमस्कार दोस्तों जैसा कि आपका प्रश्न है कि हम अपने बच्चों में आत्मविश्वास कैसे बढ़ाए तो दे

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अशोक अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने के कई तरीके हो सकते हैं लेकिन मेरा जो एक आपके लिए उपाय हो सकता है वह यह है कि बच्चों के अंदर बच्चों की सेल्फ इस्टीम को ज्यादा बढ़ाइए उनकी खुद की नजर में उनको अच्छा बनाइए और उसके लिए शुरुआत बहुत आसान है घर से हो सकती है जैसे कुछ अच्छी आदतें जैसे बुक रीडिंग अब शायद बच्चा मालिया का छोटा है उसका सर बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता तो आपको शायद किताब उठानी पड़ेगी बच्चा देखेगा बच्चा भी पड़ेगा उसके लिए छोटे छोटे गोल सेट करिए जब वह गोल पूरा कर ले तो उसके साथ सेलिब्रेट लेकिन हां देखेगा जब वह गोला पूरा कर लेगा उसके काजल पड़ेगी किसी कॉल को एक्टिव करने की आप उसको दूसरों के लिए सोसाइटी के लिए सर्विस करने में आगे बढ़ाइए तू अपनी नजर में अपने आप को महसूस करेगा जैसे किसी जगह गरीबों को ध्यान देना या किसी गरीब लोगों से अच्छे से बात करना कोई आदमी क्या किसी के लिए रेस्टोरेंट में अगर वह जा रहा है दरवाजा पहले उसे कहीं एक बटे आप खोल दो किसी आप दरवाजा खोल दो अपने घर में कोई बुजुर्ग है तो उसकी हालत हराने के लिए इन तरीकों भर्ती नई नई चीजें x4 कराने किसको आदत डालिए और मैं यकीन मानता हूं अगर उसे 40 टीम बढ़ती चली जाती है उस पर फोन उठा था अपने आप बढ़ जाएगा यह मेरा धन्यवाद

ashok andar aatmvishvaas badhane ke kai tarike ho sakte hain lekin mera jo ek aapke liye upay ho sakta hai vaah yah hai ki baccho ke andar baccho ki self esteem ko zyada badhaiye unki khud ki nazar me unko accha banaiye aur uske liye shuruat bahut aasaan hai ghar se ho sakti hai jaise kuch achi aadatein jaise book reading ab shayad baccha maliya ka chota hai uska sir bacche ka man padhai me nahi lagta toh aapko shayad kitab uthani padegi baccha dekhega baccha bhi padega uske liye chote chote gol set kariye jab vaah gol pura kar le toh uske saath celebrate lekin haan dekhega jab vaah gola pura kar lega uske kajal padegi kisi call ko active karne ki aap usko dusro ke liye society ke liye service karne me aage badhaiye tu apni nazar me apne aap ko mehsus karega jaise kisi jagah garibon ko dhyan dena ya kisi garib logo se acche se baat karna koi aadmi kya kisi ke liye restaurant me agar vaah ja raha hai darwaja pehle use kahin ek bate aap khol do kisi aap darwaja khol do apne ghar me koi bujurg hai toh uski halat harane ke liye in trikon bharti nayi nayi cheezen x4 karane kisko aadat daaliye aur main yakin maanta hoon agar use 40 team badhti chali jaati hai us par phone utha tha apne aap badh jaega yah mera dhanyavad

अशोक अंदर आत्मविश्वास बढ़ाने के कई तरीके हो सकते हैं लेकिन मेरा जो एक आपके लिए उपाय हो सकत

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Sourabhsingh

Sports Coach

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अगर आपको आपके बच्चे की आत्मविश्वास बढ़ाना है तो उसके सारे कार में जो सही कार्य हो उसके हर कार में उसको ज्यादा ज्यादा मोटिवेट करें कि तारीफ करें और आप तारीफ करते हैं तो खुद ब खुद उसके आत्मविश्वास बढ़ेगी और आगे कार्य में को सफल होगा

agar aapko aapke bacche ki aatmvishvaas badhana hai toh uske saare car me jo sahi karya ho uske har car me usko zyada zyada motivate kare ki tareef kare aur aap tareef karte hain toh khud bsp khud uske aatmvishvaas badhegi aur aage karya me ko safal hoga

अगर आपको आपके बच्चे की आत्मविश्वास बढ़ाना है तो उसके सारे कार में जो सही कार्य हो उसके हर

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हां जाजमऊ निशांत सिंह राजपूत और आज का सवाल आपका है कि हम अपने बच्चों के आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाएं लाइट बच्चों का हाथ विश्वास निर्भर करता है उनके सर कमेंट पर कि बच्चों को हमने कैसा इंवॉल्वमेंट दिया या उनके इंवॉल्वमेंट को हम कैसे बिल्ड कर रहे हैं तो उनकी आप विश्वास भी उसके अनुसार फील्ड होती है और दूसरी बात का इज़हर बच्चे अपने मां बाप को अपना सुपर हीरो मानते हैं तो यह भी डिपेंड करता है कि हमारा मेहनत कैसा है हमारा आचरण कैसा है हमारी डिसिप्लिन क्या है तो हमारी डिसिप्लिन और मैंने उसमें थोड़ी बहुत बदलाव तब्दीलियां लानी पड़ेगी जो इंटर करेगा बच्चों के विश्वास को बंद करने में

haan jajamaoo nishant Singh rajput aur aaj ka sawaal aapka hai ki hum apne baccho ke aatmvishvaas ko kaise badhaye light baccho ka hath vishwas nirbhar karta hai unke sir comment par ki baccho ko humne kaisa invalwament diya ya unke invalwament ko hum kaise build kar rahe hain toh unki aap vishwas bhi uske anusaar field hoti hai aur dusri baat ka izahar bacche apne maa baap ko apna super hero maante hain toh yah bhi depend karta hai ki hamara mehnat kaisa hai hamara aacharan kaisa hai hamari discipline kya hai toh hamari discipline aur maine usme thodi bahut badlav tabdiliyan lani padegi jo inter karega baccho ke vishwas ko band karne mein

हां जाजमऊ निशांत सिंह राजपूत और आज का सवाल आपका है कि हम अपने बच्चों के आत्मविश्वास को कैस

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